सीजेपी का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, सौरव दास बोले-2800 अपराधियों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर दिल्ली में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है। उन्होंने कहा, “ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।” सौरव दास ने कहा कि आज वे इसलिए आए हैं क्योंकि उस घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पहले दिन से वे सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उनकी मांग है कि जो 2,800 गुंडे आए थे, उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वही, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया। यह घटना खुलेआम हुई। आशुतोष रांका ने कहा, “लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी।” उन्होंने कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया। आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने दावा किया है कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। साथ ही, उसने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही। इसी वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
ट्रंप दावा: ईरान की सैन्य क्षमता बहुत कमजोर, युद्ध जल्द खत्म होगा

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। उनके परमाणु ठिकानों पर नजर रखी जा रही है और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण है। जीबी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हम पहले ही जीत चुके हैं क्योंकि अब वे परमाणु हथियार नहीं बना सकते।” ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में इसलिए शामिल हुआ क्योंकि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहता। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की ओर से तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किए जाने से पहले ईरान परमाणु हथियार बनाने से केवल दो से चार सप्ताह दूर था। उन्होंने कहा कि वे ठिकाने पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका अपनी अंतरिक्ष निगरानी क्षमता का इस्तेमाल करके उन परमाणु स्थलों और ‘पिकएक्स माउंटेन’ नामक एक अन्य स्थान पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि वहां कौन अंदर जा रहा है और कौन बाहर आ रहा है। अंतरिक्ष से आप किसी व्यक्ति के नाम वाले बैज तक पढ़ सकते हैं। ट्रंप का कहना है कि इन तीन परमाणु स्थलों पर मौजूद सामग्री अब पहाड़ों के लाखों टन मलबे के नीचे दब चुकी है, जिससे उसे निकालना बेहद कठिन होगा। उन्होंने यूरोपीय देशों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो उसका खतरा अमेरिका की तुलना में यूरोप के लिए ज्यादा होता। ब्रिटिश पत्रकार बेव टर्नर से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं आपके देश को भी इस खतरे से बचा रहा हूं, क्योंकि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो उसके यूरोप के खिलाफ इस्तेमाल होने की संभावना अमेरिका से ज्यादा होती।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को परास्त कर दिया है तथा हाल ही में उसके रडार सिस्टमों को भी निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, हम होर्मुज स्ट्रेट को नियंत्रित करते हैं। वहां हमारा मजबूत नियंत्रण है। हम हर रात 30 से 40 नौकाओं को निष्क्रिय कर रहे हैं और वहां से काफी मात्रा में तेल बाहर आ रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से कमजोर हो रही है और वहां महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं दिया। राष्ट्रपति ने युद्ध का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी मतदाताओं को इसका उद्देश्य समझाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैंने सही काम किया है। अमेरिकी लोग पहले वेनेजुएला में मेरे कदम का भी विरोध कर रहे थे, लेकिन जब हम सफल हुए तो सभी ने कहा कि यह अच्छा फैसला था। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को जो नुकसान पहुंचा है, उसका असर कई दशकों तक रहेगा।
एयरफोर्स और आईआईटी की पहल, फ्लाइट टेस्ट क्रू के लिए मास्टर्स डिग्री प्रोग्राम

नई दिल्ली। कॉकपिट में बैठे वायुसेना के जांबाज पायलटों की भूमिका काफी अहम होती है। आसमान के इन रखवालों को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इसके तहत वायुसेना के ‘एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल’ ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी संस्थान के साथ हाथ मिलाया है। इस पहल के अंतर्गत वायु योद्धाओं के लिए एक खास मास्टर्स डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इस नई पहल के अंतर्गत भारतीय वायुसेना और आईआईटी बॉम्बे ने सैन्य विमानन के क्षेत्र में एक सहयोगात्मक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य फ्लाइट टेस्ट क्रू (टेस्ट पायलट और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर) के लिए एक विशेष मास्टर्स डिग्री प्रोग्राम शुरू करना है। इस फ्रेमवर्क के तहत भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट स्थित एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल और आईआईटी बॉम्बे मिलकर काम करेंगे। इस समझौते के दौरान पर वायुसेना के सहायक प्रमुख (प्रोजेक्ट्स) एयर वाइस मार्शल आशीष श्रीवास्तव और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे उपस्थित रहे। गौरतलब है कि विभिन्न आईआईटी संस्थान सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण शोध व शैक्षणिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। सैन्य यूनिफॉर्म से लेकर आधुनिक टेक्नोलॉजी तक आईआईटी के शोधकर्ताओं द्वारा कई शोध किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य सैन्य उड़ान परीक्षण के व्यावहारिक अनुभव को आईआईटी बॉम्बे की उन्नत शैक्षणिक, तकनीकी और अनुसंधान क्षमताओं के साथ जोड़ना है। यह प्रोग्राम टेस्ट पायलटों और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों को उच्चस्तरीय तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा, जिससे वे सैन्य विमानों और एविएशन प्रणालियों का सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे। साथ ही यह कदम देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के विजन को गति देगा और स्वदेशी मिलिट्री एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। सैन्य विमानन में किसी भी नए एयरक्राफ्ट या एविएशन सिस्टम को बेड़े में शामिल करने से पहले उसकी उड़ान परीक्षण प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह अकादमिक साझेदारी रक्षा क्षेत्र की तकनीकी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करेगी तथा भारत को एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में स्वायत्त बनाने में मदद करेगी।
पार्क बिल वापस लेने पर कर्नाटक भाजपा ने किया पलटावार, कहा- दिल्ली से कंट्रोल हो रहे हैं डीके शिवकुमार

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार हर कन्नड़ भाषी की बात सुनती है। अशोक ने आरोप लगाया कि पार्क की पांच प्रतिशत जमीन का इस्तेमाल दूसरे विकास कार्यों के लिए करने की इजाजत देने वाले बिल को वापस लेने से मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की असलियत सामने आ गई है कि वे एक “रिमोट-कंट्रोल्ड” मुख्यमंत्री हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर सरकार का बचाव करने वाले सुरजेवाला के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि शिवकुमार राज्य सरकार को स्वतंत्र रूप से नहीं चला रहे हैं, बल्कि दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से निर्देश ले रहे हैं। अशोक ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “सुरजेवाला जी, उस बात की पुष्टि करने के लिए धन्यवाद जो सात करोड़ कन्नड़ लोग पहले से ही जानते थे कि डी.के. शिवकुमार एक रिमोट-कंट्रोल्ड मुख्यमंत्री हैं और कर्नाटक ने अब तक जितने भी मुख्यमंत्री देखे हैं, उनमें वे सबसे कमजोर हैं।” सुरजेवाला के इस दावे पर तंज कसते हुए कि सरकार हर कन्नड़ व्यक्ति की बात सुनती है, अशोक ने कहा कि बिल को वापस लेने से यह साबित होता है कि कांग्रेस सरकार ने शुरू में बेंगलुरु की हरियाली वाली जगहों को लेकर जनता की चिंताओं को नजरअंदाज किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के विरोध और नागरिकों की चिंताओं के बावजूद सरकार ने पार्क की जमीन के पांच प्रतिशत हिस्से को दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाले प्रावधान को लागू करने की कोशिश की थी। अशोक ने आरोप लगाया, “बिल वापस ले लिया गया। दिल्ली ने सख्ती दिखाई। सीएम शिवकुमार ने घुटने टेक दिए।” उन्होंने दावा किया कि इस प्रावधान के खिलाफ भाजपा के विरोध और जनता के बढ़ते विरोध के कारण सरकार को बिल वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। अशोका ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक में सुरजेवाला की मौजूदगी मुख्यमंत्री के पीछे हटने के फैसले को समझाने की कोशिश थी, न कि राज्य सरकार का जनता की राय पर स्वतंत्र रूप से प्रतिक्रिया देना। कांग्रेस नेता के इस दावे का मजाक उड़ाते हुए कि सरकार कन्नड़ लोगों की बात सुनती है, अशोक ने कहा कि सरकार ने लगातार विरोध का सामना करने के बाद ही बात सुनी। उन्होंने कहा, “भाजपा ने इस प्रावधान का विरोध किया और जनता के विरोध ने सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर किया। इसे झूठ कहने से तथ्य नहीं बदलेंगे।” अशोक ने आगे आरोप लगाया कि शिवकुमार कर्नाटक के हित में स्वतंत्र रूप से फैसले लेने के बजाय दिल्ली में राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे। अशोका ने कहा, “यह नेतृत्व नहीं था। यह रिमोट-कंट्रोल से किया गया सरेंडर था।” उन्होंने अपना यह आरोप दोहराया कि शिवकुमार एक “डमी सीएम” हैं, जिनकी सरकार दिल्ली से नियंत्रित होती है।
पंजाब के सीधे-साधे गांववालों के साथ आतंकियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा : हरसिमरत कौर बादल

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में एक युवक के साथ हुई मारपीट के मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को एक और पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, “पंजाब में आखिर हो क्या रहा है? सीधे-सादे पंजाबी गांववालों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है?” उन्होंने कहा कि यह वही लड़का है, जिसने गुरुवार को ही भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की नाकामी के खिलाफ खुलकर विरोध किया था। हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया, “आप जानते हैं उन्होंने उसे कैसे चुप कराने की कोशिश की? उसे करंट लगाकर, उसे बुरी तरह पीटकर, उसकी पगड़ी उतारकर और उसकी दाढ़ी के साथ बदसलूकी करके।” उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के आदेश पर उनके सिख भाई की गरिमा पर हमला किया गया। यह अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि अकाली दल इस लड़के और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और उसके ठीक होने के लिए हरसंभव मदद करेगा। हम इस मामले को कोर्ट में भी ले जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम पंजाब हैं और हम इस तरह की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे।” दरअसल, गुरुवार को हरसिमरत कौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पंजाब के एक गांव में जब सीएम भगवंत मान एक सभा में बोल रहे थे, तभी छत के ऊपर एक पंजाबी युवक उनका विरोध करने लगा। इसके बाद पुलिसवाले जल्दी से छत पर जाकर उसे हिरासत में ले लेते हैं। हरसिमरत कौर बादल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि आम आदमी पार्टी के राज में पंजाबियों की आवाज इस तरह दबाई जा रही है। उन्होंने कहा था कि यह वीडियो इस बात का सबूत है कि कैसे 4 साल की पूर्ण सत्ता ने इस कॉमेडियन को पूरी तरह से भ्रष्ट कर दिया है और उसे तानाशाह में बदल दिया है। उन्होंने कहा था, “आज आम आदमी पार्टी के राज में कोई भी पंजाबी जो अपनी आवाज उठाता है या जवाबदेही मांगता है, उसे दबा दिया जाता है। पंजाब सब कुछ ध्यान से देख रहा है और पंजाब इन सभी अन्यायों का बदला लेगा।” हरसिमरत कौर बादल ने बताया था कि यह घटना सुनाम के शेरो गांव की है। वहां मुख्यमंत्री की एक फर्जी पीआर ‘मिलनी’ चल रही थी, तभी एक युवक ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ खुलकर विरोध किया। इसके कुछ मिनटों के भीतर ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और बेरहमी से पीटा।
जन्माष्टमी पर राधा बनीं हेमा मालिनी, ‘राधा रास बिहारी’ में दिखा ड्रीम गर्ल का खूबसूरत अंदाज

मुंबई। बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने जन्माष्टमी के खास मौके पर अपने डांस बैले ‘राधा रास बिहारी’ की खूबसूरत झलक दिखाई। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह राधा के रूप में नजर आ रही हैं। उन्होंने पारंपरिक पोशाक और खूबसूरत गहनें पहने हुए हैं। शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं में हेमा मालिनी का अंदाज बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा है। वीडियो में हेमा मालिनी मंच पर अपनी नृत्य मंडली के साथ प्रस्तुति देती नजर आ रही हैं। इस दौरान एक अन्य कलाकार कृष्ण की भूमिका में दिखाई देता है। शास्त्रीय नृत्य के जरिए राधा और कृष्ण के प्रेम और भक्ति को पेश करती यह प्रस्तुति बेहद खास है। इस वीडियो को शेयर करते हुए हेमा मालिनी ने लिखा, ”जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अपने डांस बैले ‘राधा रास बिहारी’ की एक झलक साझा कर रही हूं। यह जन्माष्टमी सभी के जीवन में शांति, खुशियां और समृद्धि लेकर आए। राधे-राधे… जय श्री कृष्ण।” ‘राधा रास बिहारी’ हेमा मालिनी की चर्चित नृत्य प्रस्तुतियों में से एक है। इसमें राधा और कृष्ण के रिश्ते, प्रेम और भक्ति को शास्त्रीय नृत्य के जरिए मंच पर दिखाया जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई बार इस बैले को पेश किया है। उनके लिए यह भारतीय संस्कृति और कृष्ण भक्ति से जुड़ा एक भावनात्मक सफर है। बता दें कि हेमा मालिनी ने महज पांच साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखना शुरू कर दिया था। उनकी मां जया चक्रवर्ती ने बेटी के इस हुनर को पहचान लिया था और उनके नृत्य करियर को आगे बढ़ाने में पूरी तरह साथ दिया। हेमा का बचपन दिल्ली में बीता और छोटी उम्र से ही उन्होंने मंच पर नृत्य प्रस्तुतियां देना शुरू कर दिया था। भरतनाट्यम की ट्रेनिंग के बाद हेमा मालिनी ने कुचिपुड़ी भी सीखा। उन्होंने चेन्नई में मशहूर गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से प्रशिक्षण लिया। हेमा मालिनी की डांस जर्नी से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस रेखा से भी जुड़ी है। हाल ही में ‘इंडियन आइडल’ में हेमा ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि जब वह चेन्नई में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग ले रही थीं और गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से कुचिपुड़ी सीख रही थीं, तब रेखा भी उन्हीं डांस क्लासेज में आया करती थीं। उन्होंने बताया कि रेखा बचपन में काफी शरारती थीं और कई बार रिहर्सल के बीच से भाग जाया करती थीं। ऐसे में गुरुजी के लिए उन्हें पकड़ना भी आसान नहीं होता था। समय के साथ हेमा मालिनी ने नृत्य को बड़े मंच तक पहुंचाया और कई यादगार डांस बैले तैयार किए। उन्होंने ‘दुर्गा’, ‘मीरा’, ‘रामायण’, ‘सावित्री’, ‘राधा कृष्ण’ और ‘राधा रास बिहारी’ जैसी प्रस्तुतियों के जरिए पौराणिक और आध्यात्मिक कहानियों को शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से पेश किया।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से मिलेगा

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर भर के इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर इंटर्नशिप स्टाइपेंड में संशोधन की अपनी लंबे समय से लंबित मांग पर चर्चा करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) के नेता डॉ. तसदुक कर रहे हैं। इनके साथ संयुक्त सचिव डॉ. आकिब, डॉ. शाहनवाज़, डॉ. तनिष मनसोत्रा और डॉ. फराज भी मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इंटर्न अपने स्टाइपेंड में तुरंत संशोधन की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिल जाती और लिखित सरकारी आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा। एआईएमएसए के राज्य प्रभारी डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने बताया कि उन्हें कल (गुरुवार) रात सरकारी अधिकारियों का फोन आया था, जिसमें बातचीत के लिए इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था। डॉ. खान ने कहा, “कल रात मुझे सरकार की ओर से फ़ोन आया था जिसमें बातचीत के लिए इंटर्न प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था। हम इस पहल का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार स्टाइपेंड के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर ठोस फ़ैसला लेगी।” उन्होंने कहा कि इंटर्न सरकार के सामने अपनी चिंताएं और मांगें मजबूती से रखेंगे और जल्द से जल्द ठोस समाधान की मांग करेंगे। डॉ. खान ने दोहराया कि मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और विरोध तभी वापस लिया जाएगा जब स्टाइपेंड बढ़ाने को औपचारिक मंज़ूरी मिल जाएगी और लिखित सरकारी आदेश जारी हो जाएगा। उम्मीद है कि प्रतिनिधिमंडल पूरे जम्मू-कश्मीर के इंटर्न डॉक्टरों की चिंताओं को मजबूती से रखेगा और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग करेगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के मेडिकल इंटर्न ने सोमवार को मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। इंटर्न अपने स्टाइपेंड को मौजूदा 12,300 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि महंगाई और काम के भारी बोझ के बावजूद यह राशि लगभग छह साल से नहीं बढ़ाई गई है। विरोध कर रहे इंटर्न का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड सबसे कम है। यह हड़ताल पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हो रही है, जिसमें एसकेआईएमएस बेमिना, जीएमसी जम्मू, जीएमसी अनंतनाग और जीएमसी बारामूला के इंटर्न भी शामिल हुए हैं।
बाबर-औरंगजेब में विश्वास रखने वाले आपकी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते : सीएम योगी

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वे सनातन और देश की आस्था का सम्मान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज में जहर घोलने और युवाओं, बहन-बेटियों, किसानों तथा उद्यमियों के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन डबल इंजन की सरकार उनके मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। करीब 30 मिनट तक जन्मस्थान परिसर में रहने के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह सरकार श्रीकृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में आस्था रखती है, लेकिन जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की आदत समाज में विष घोलने की रही है, जिससे समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें। ऐसे तत्व युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने, किसानों की खुशहाली पर डकैती डालने और कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार उनके इन मंसूबों पर पानी फेर देगी और उन्हें कभी सफल नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में करीब 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। जो लोग स्वयं को अविजित मानते थे, वे आज समाप्त हो चुके हैं। सनातन की आस्था को मिटाने का अनेक बार प्रयास हुआ, लेकिन कोई इसे समाप्त नहीं कर पाया। जिन्होंने ऐसा दुस्साहस किया, वे स्वयं मिट्टी में मिल गए और आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं है। सीएम योगी ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा है और ऐसे लोग अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि अयोध्या और काशी की तरह मथुरा-वृंदावन में भी भव्य परिसर विकसित हो और पूरे ब्रज क्षेत्र का विकास लोगों की भावनाओं के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा, “मथुरा हो, नंदगांव हो, बरसाना हो, गोवर्धन हो या वृंदावन, पूरा ब्रज आपकी भावनाओं के अनुरूप विकसित होगा। इसमें कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।” उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैठक कर अधिकारियों के सामने भी सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों को अपने वोट बैंक की चिंता रहती थी। वे ब्रज में आने से डरते थे कि कहीं उनका वोट बैंक न खिसक जाए। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि उनके शासनकाल में जवाहरबाग जैसी घटनाएं हुईं, जबकि अब ब्रज में ऐसे कांड नहीं बल्कि रंगोत्सव और ब्रजराज उत्सव होते हैं। उन्होंने कहा कि हर जन्माष्टमी पर मथुरा आकर ब्रजवासियों को सम्मान देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, कर्तव्य के पथ पर चलते हुए देश, सनातन और मानवता के लिए काम करना। सीएम योगी ने कहा कि करीब 5,200 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन भूमि पर प्रकट होकर धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था। भारत ने अनेक आक्रमणों और चुनौतियों का सामना किया, लेकिन सनातन की आस्था को कोई समाप्त नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा है। सरकार का प्रयास है कि आस्था के प्रमुख केंद्रों को भव्य स्वरूप देने के साथ ही विकास की गति को भी आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगमाया के प्रति आस्था के कारण विंध्यवासिनी धाम को भव्य परिसर मिला है और इसी तरह ब्रजभूमि के विकास के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को कर्तव्य, सत्य और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
प्रियंका चोपड़ा ने फेमिनिस्ट आइकन ग्लोरिया स्टीनम को दी श्रद्धांजलि, कहा- रास्ता रोशन करने के लिए शुक्रिया

मुंबई। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने फेमिनिस्ट आइकॉन और लीडर ग्लोरिया स्टीनम को श्रद्धांजलि दी। साथ ही, अभिनेत्री ने उनके द्वारा बताए रास्ते और महिलाओं की कई पीढ़ियों पर पड़े असर के लिए याद किया। प्रियंका चोपड़ा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर ग्लोरिया स्टीनम की वीडियो पोस्ट कर लिखा, “रास्ता रोशन करने के लिए धन्यवाद। ग्लोरिया स्टीनम को शांति मिले।” 1960 के दशक के अंत से नारीवादी आंदोलन का समर्थन करने वाली स्टीनम का 92 साल की उम्र में अपने घर पर अपनों के बीच शांतिपूर्वक निधन हो गया। स्टीनम 1960 के दशक के अंत और 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में सेकंड-वेव फेमिनिज्म की राष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाने वाली नेता के रूप में उभरीं है। करियर के शुरुआत उन्होंने पत्रकारिता से की थी। यह पहली ऐसी राष्ट्रीय पत्रिका थी जिसे महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए संपादित किया गया था और जिसने नारीवादी मुद्दों को मुख्यधारा की मीडिया में प्रमुखता से उठाया। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की बात करें, तो हाल ही में उन्होंने हॉलीवुड स्टार रसेल क्रो के साथ अपनी अगली फिल्म अनाउंस की है। यह पहली बार होगा जब प्रियंका रसेल क्रो के साथ काम करती नजर आएंगी, जिन्हें एक एकेडमी अवॉर्ड, एक बाफ्टा अवॉर्ड और दो गोल्डन ग्लोब्स अवार्ड मिल चुके हैं। इसके साथ ही अभिनेत्री निर्देशक एस.एस. राजामौली की आगामी पैन इंडिया फिल्म ‘वाराणसी’ से तमिल सिनेमा में डेब्यू करने जा रही हैं। यह फिल्म भारतीय के जरिए वे भारतीय सिनेमा में वापसी भी कर रही हैं। एक्शन-एडवेंचर फिल्म वाराणसी में अभिनेत्री ‘मंदाकिनी’ नाम की एक मुख्य भूमिका निभा रही हैं और उनके साथ सुपरस्टार महेश बाबू भी मुख्य किरदार (रुद्र) में हैं। पृथ्वीराज सुकुमारन भी फिल्म में कुंभा नाम के व्यक्ति का अहम रोल निभाते नजर आएंगे। यह एक समय यात्रा (टाइम-ट्रैवल) और ग्लोबल एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसकी कहानी वाराणसी शहर और एक आसन्न संकट के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
भारत की अंतरिक्ष यात्रा में ऐतिहासिक छलांग; केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च पर जताया गर्व

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च पर केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने गर्व जताते हुए देशवासियों को बधाई दी है। नेताओं ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक शानदार उपलब्धि हासिल हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, “ईओएस-05 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक और अहम कदम है। जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट के तौर पर, ईओएस-05 हमारी पृथ्वी-निरीक्षण क्षमताओं को मज़बूत करता है और हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती आधुनिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत लगातार एक प्रगतिशील, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अंतरिक्ष इकोसिस्टम बना रहा है। इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी इनोवेशन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है, स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत कर रही है और हमारी अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए नए रास्ते खोल रही है।” पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा, भारत का अंतरिक्ष अभियान नई ऊंचाइयों पर। जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 के सफल लॉन्च पर इसरो की टीम को बधाई। यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जो विज़िबल, इन्फ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग के ज़रिए हमारी पृथ्वी की निगरानी करने की क्षमताओं को काफी बढ़ाएगा। यह उपलब्धि अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में विश्व-स्तरीय क्षमताएं विकसित करने की दिशा में भारत की लगातार प्रगति को दर्शाती है। साथ ही, यह उस उद्देश्य और महत्वाकांक्षा को भी दिखाती है जिसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है।” केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक और गर्व का पल! जीएसएलवी-एफ17 ने ईओएस-05 को सफलतापूर्वक उसकी तय कक्षा (ऑर्बिट) में स्थापित कर दिया है। यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है। भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करने वाली इस शानदार उपलब्धि के लिए हमारे बेहतरीन इसरो वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बहुत-बहुत बधाई।” वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा, “भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक शानदार उपलब्धि! इसरो के जीएसएलवी-एफ17 ने देश के पहले इमेजिंग सैटेलाइट, ईओएस -05 को सफलतापूर्वक जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है। यह कामयाबी हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की प्रतिभा, सूझ-बूझ और लगातार बढ़ती क्षमताओं का सबूत है। इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ता सहयोग हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रहा है, जिससे पूरे अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमताएं और मजबूत हो रही हैं।” पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक्स पर लिखा, “इसरो का हर लॉन्च हमें गर्व से भर देता है। तकनीक के क्षेत्र में हासिल की गई हर नई कामयाबी भारत की रणनीतिक आजादी को मजबूत करती है। ईओएस-05 को ले जाने वाले सफल जीएसएलवी-एफ17 मिशन के लिए इसरो की टीम को बहुत-बहुत बधाई। यह भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हर सफल लॉन्च के पीछे एक ऐसी टीम होती है जिसने सालों तक कल्पना करने, डिज़ाइन करने, टेस्टिंग करने, नाकामियों का सामना करने, सीखने और फिर से कोशिश करने में अपना समय लगाया है। आज का दिन उन्हीं का है।” स्मृति ईरानी ने कहा, “बेहतर अर्थ ऑब्जर्वेशन (पृथ्वी पर नज़र रखने की क्षमता) से आपदा के समय प्रतिक्रिया, संसाधनों और पर्यावरण का प्रबंधन, मौसम से जुड़ी प्लानिंग और देश की स्थिति की जानकारी बेहतर हो सकती है, साथ ही बाहरी क्षमताओं पर निर्भरता भी कम हो सकती है। यह इंडस्ट्री और निवेशकों के लिए भी एक मज़बूत संकेत है: भारत अपनी खुद की तकनीक, मज़बूत घरेलू क्षमताएं और दुनिया भर में मुकाबला करने लायक स्पेस इकोसिस्टम बना रहा है। हमारे वैज्ञानिकों के लिए यह एक शानदार उपलब्धि है। भारत के लिए, यह बेहतर क्षमता, मजबूती और रणनीतिक आज़ादी की बात है।” कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नए एक्स पोस्ट में कहा, “सफल जीएसएलवी-एफ17 ने ईओएस-05 मिशन के लिए पूरी इसरो टीम को बधाई! भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट, ईओएस -05, जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से हमारी पृथ्वी को देखने और समझने की क्षमताओं को और मजबूत करेगा, जिन्हें हम सालों से विकसित कर रहे हैं। हमें अपने वैज्ञानिकों, स्पेस इंजीनियरों और रिसर्चर्स पर बहुत गर्व है, जिनकी लगन और काबिलियत भारत के स्पेस प्रोग्राम को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से वैज्ञानिक सोच और स्पेस रिसर्च के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रही है। आधुनिक भारत के निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ हमारे स्पेस प्रोग्राम की नींव रखी थी, और हमारे वैज्ञानिकों की पीढ़ियों ने शानदार उपलब्धियों के साथ उस विरासत को आगे बढ़ाया है।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, “देश के लिए गर्व का पल! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल प्रक्षेपण, हमारी बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए इसरो की टीम को हार्दिक बधाई!” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक और ऐतिहासिक छलांग। टीम इसरो को जीएसएलवी-एफ17 ने ईओएस-05 के सफल प्रक्षेपण की हार्दिक बधाई। अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन क्षमता से युक्त ईओएस-05, जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में देश की पहचान और सशक्त हो रही है।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा, “हर भारतीय के लिए गर्व का पल! जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, हमारी अंतरिक्ष यात्रा में एक और ऐतिहासिक कदम है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसरो और भारतीय उद्योग भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट किया, “अंतरिक्ष में भारत की