शिकायतों के बाद एक्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग, बेंगलुरु क्लब और ब्लिंकिट सुविधा केंद्र का किया निरीक्षण

बेंगलुरु। फूड सेफ्टी को लेकर शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पिछले 24 घंटों में बेंगलुरु के एक क्लब और मेंगलुरु में एक ऑनलाइन ग्रॉसरी रिटेल फैसिलिटी पर छापेमारी की है। इस दौरान एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स जब्त किए गए और स्टोरेज एरिया को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया। बेंगलुरु में अधिकारियों ने 3 सितंबर को डॉलर्स कॉलोनी के पास सहकारनगर स्थित चेयरमैन्स क्लब में स्पेशल इंस्पेक्शन किया। जांच में कई गड़बड़ियां मिलीं। क्लब में 40 किलो एक्सपायर्ड मिर्च और बिना सही लेबल वाले फूड प्रोडक्ट्स पाए गए। अधिकारियों को किचन में अनधिकृत आर्टिफिशियल कलर भी मिले और किचन की हालत बेहद अस्वच्छ पाई गई। साथ ही वेज और नॉन-वेज फूड प्रोडक्ट्स को एक साथ स्टोर किया जा रहा था, जिससे फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई। एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स को जब्त कर लिया गया और क्लब की किचन को बंद कर सील कर दिया गया। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं मेंगलुरु में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने फलनीर स्क्वायर में चल रही ब्लिंकिट की ऑनलाइन रिटेल फैसिलिटी का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई, जिसमें कहा गया था कि प्लेटफॉर्म से खरीदे गए अंडे टूटे हुए थे और एक अंडे के अंदर कथित तौर पर कीड़ा मिला था। शिकायत स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर को सौंपी गई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने फैसिलिटी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को वहां टूटे हुए अंडों वाले पैकेट मिले। संबंधित कर्मचारियों को तुरंत उन प्रभावित अंडों के पैकेट को हटाने और नष्ट करने का निर्देश दिया गया। एहतियात के तौर पर और फूड स्टोरेज एरिया की पूरी तरह से सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करने के लिए स्टोरेज रूम को अस्थायी रूप से बंद कर सील कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ब्लिंकिट फैसिलिटी को नोटिस जारी करेगा और इस घटना के बारे में मैनेजमेंट से जवाब मांगेगा। इंस्पेक्शन के निष्कर्षों और कंपनी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और तय हाइजीन और स्टोरेज नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक्शन लेने के प्रयासों के तहत की गई है।
नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद बचावकर्मियों को सुरंग से दो लोगों को सुरक्षित निकाला

काठमांडू। नेपाल में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचावकर्मियों ने शुक्रवार को त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा निकाला। इसके बाद यह उम्मीद जगी है कि अंदर अभी और लोग भी फंसे हो सकते हैं। त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ को नौ दिन बीत चुके हैं। बाढ़ अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गई थी। इस दौरान दर्जनों जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा। इसी बीच, त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले दो कर्मचारियों को जिंदा बचा लिया गया। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने बताया कि बचाए गए लोगों में काठमांडू के रहने वाले 45 वर्षीय कबीर महर्जन और सप्तरी जिले के 30 वर्षीय संजय साह शामिल हैं। महर्जन अपर त्रिशूली 3-ए की हाइड्रोपावर ऑटोमेशन परियोजना में सुपरवाइजर हैं, जबकि साह फोरमैन के रूप में काम कर रहे थे। सचिवालय के अनुसार, दोनों को हेलिकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया। शुक्रवार को सबसे पहले संजय साह को बचाया गया और उसके बाद कबीर महर्जन को सुरक्षित निकाला गया। इस सफल बचाव अभियान से पहले बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद अंदर फंसे लोगों से संपर्क भी स्थापित कर लिया गया था। आवाज सुनने के बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने उन्हें निकालने की कोशिशें और तेज कर दीं। लगातार की गई मेहनत के बाद आखिरकार यह प्रयास सफल रहा। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने त्रिशूली नदी घाटी में भारी तबाही मचाई थी। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुरुवार शाम तक 5,053 लोग लापता थे। बाढ़ की वजह से 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली 3ए परियोजना समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा। तब से बचाव दल कठिन परिस्थितियों में उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जो सुरंगों और अन्य ढांचों के भीतर फंस गए हो सकते हैं। मंत्री के सचिवालय के अनुसार, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और चीनी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। बचाव कार्य में पांच खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर), कंप्रेसर और ब्रेकर लगाए गए हैं। सुरंग तक पहुंच बनाने के लिए ड्रिलिंग और अन्य खुदाई का काम भी तेज कर दिया गया है। सुरंग के अंदर एक बड़ी चट्टान मिली थी, जिसे हटाने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, ताकि रास्ता साफ हो सके और खोज एवं बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा सके।
पीएम मोदी ने इटली की सबसे लंबे समय तक पीएम रहने पर मेलोनी को दी बधाई, बोले-यह बहुत बड़ी उपलब्धि

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। मेलोनी हाल ही में इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बन गई हैं। मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए बेहतर और समृद्ध भविष्य बनाने के लिए सहयोग जारी रखने की बात भी कही। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।” उन्होंने कहा, “उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।” गौरतलब है कि जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इटली गणराज्य के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार का दर्जा हासिल किया है। मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। शुक्रवार को उनकी सरकार ने सत्ता में 1,413 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर मेलोनी ने लिखा था, “पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।” मई में प्रधानमंत्री मोदी दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर इटली गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात की थी। बैठक के दौरान मोदी और मेलोनी ने दोनों देशों के रिश्तों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। दोनों नेताओं ने उच्च स्तरीय संपर्कों में आई तेजी का स्वागत किया और बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान भी नेताओं की वार्षिक बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई। साथ ही, मंत्रिस्तरीय और संस्थागत स्तर पर नियमित बैठकों को जारी रखने का भी फैसला किया गया। इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को एक हल्का-फुल्का और अनोखा उपहार भी दिया था। उन्होंने उन्हें “मेलोडी” टॉफी का एक पैकेट भेंट किया था। दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक भरा यह पल बाद में मेलोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया। उन्होंने वहां इस उपहार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया। वीडियो साझा करते हुए मेलोनी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक उपहार लाए हैं, एक बहुत ही अच्छी टॉफी, मेलोडी। इस उपहार के लिए धन्यवाद।
बाराबंकी में पांच मरीज मिलने के बाद स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वाइन फ्लू के पांच मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इनमें एक जेल अधिकारी भी शामिल हैं। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज लखनऊ में चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। मामले सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। बाराबंकी के डिप्टी सीएमओ डॉ. लव गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से तैयार हैं और सभी सीएचसी पर दवाइयां उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में बच्चों के टीकाकरण के लिए भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और सभी जरूरी एडवाइजरी जारी कर दी गई है।” डॉ. गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, यह सामान्य फ्लू जैसे लक्षण वाला बुखार है जो ठीक हो जाता है। उन्होंने बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, रुमाल और मास्क का इस्तेमाल करें, खास तौर पर जिन लोगों को खांसी या जुकाम हो रहा है, वे विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने जिले में मिले मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि बाराबंकी में अभी दो मरीज बिंदौरा और अर्बन बाराबंकी क्षेत्र में मिले हैं, जिनका निरीक्षण किया जा चुका है और उनका उपचार किया जा रहा है। उनकी स्थिति सामान्य है और ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन उन्हें पूरी निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा दो मरीज हैदरगढ़ और दरियाबाद में मिले हैं, जो लखनऊ में ही रहते थे, उनका भी इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है। आज एक नया मामला मसौली में सामने आया है, जिसकी टीम जांच कर रही है और उसके आसपास के संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाएगी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी सभी को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। जिला चिकित्सालय और सभी सीएचसी पर स्वाइन फ्लू के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। जिन लोगों में बुखार, खांसी, जुकाम जैसे सामान्य लक्षण दिख रहे हैं, अगर उनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलते हैं तो उनकी टेस्टिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
एडोब ने अनिल चक्रवर्ती को नया सीईओ नियुक्त किया, शांतनु नारायण संभालेगें एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद

नई दिल्ली। सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब ने अपने नए प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अनिल चक्रवर्ती को नियुक्त करने का ऐलान किया है। वे शांतनु नारायण की जगह लेंगे। वर्तमान में अनिल चक्रवर्ती एडोब के कस्टमर एक्सपीरियंस ऑर्केस्ट्रेशन बिजनेस और वर्ल्डवाइड फील्ड ऑपरेशंस के प्रेसिडेंट हैं। वे 1 दिसंबर 2026 से निदेशक मंडल में भी शामिल होंगे। वहीं शांतनु नारायण अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में जाएंगे। वे चक्रवर्ती के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि ट्रांजिशन सुचारू रूप से हो सके और एडोब के ट्रांसफॉर्मेशन को सपोर्ट मिल सके। इस नियुक्ति पर शांतनु नारायण ने कहा, “एडोब के सामने असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि हमारा नए मार्केट कैटेगरी और वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्ट बनाने का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अनिल एक अनुभवी ट्रांसफॉर्मेशनल लीडर हैं जो मूल्यों, ईमानदारी और बिजनेस की गहरी समझ के साथ नेतृत्व करते हैं। उनका व्यापक ग्राहकों के लिए कैटेगरी-डिफाइनिंग प्रोडक्ट बनाने का सिद्ध रिकॉर्ड रहा है।” उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि एआई के इस युग में एडोब की ग्रोथ के लिए अनिल ही सही व्यक्ति हैं। मैं एग्जीक्यूटिव चेयर के रूप में उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।” नए सीईओ अनिल चक्रवर्ती ने कहा कि वे क्रिएटिविटी, प्रोडक्टिविटी और कस्टमर एक्सपीरियंस के लिए एजेंटिक सॉफ्टवेयर के अगले युग में एडोब के नेतृत्व को बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “एडोब का इतिहास भविष्य को बनाने का रहा है, न सिर्फ अपनी टेक्नोलॉजी के जरिए बल्कि अपने लोगों और ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए भी। शांतनु के असाधारण नेतृत्व में बीते दशकों में एडोब के बिजनेस मॉडल में बदलाव आया है, जिससे हम ग्रोथ के अगले अध्याय के लिए अच्छी स्थिति में हैं।” बता दें कि अनिल चक्रवर्ती जनवरी 2020 में एडोब से जुड़े थे। तब वे एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और डिजिटल एक्सपीरियंस बिजनेस के जनरल मैनेजर बने थे। सितंबर 2020 में उन्हें वर्ल्डवाइड फील्ड ऑपरेशंस की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई। दिसंबर 2021 में उन्हें डिजिटल एक्सपीरियंस और वर्ल्डवाइड फील्ड ऑपरेशंस का प्रेसिडेंट बनाया गया। इससे पहले अनिल चक्रवर्ती चार साल तक इनफॉर्मैटिका में सीईओ के रूप में काम कर चुके हैं, जो एंटरप्राइज क्लाउड डेटा मैनेजमेंट की एक बड़ी कंपनी है।
नोएडा : जन्माष्टमी पर 600 से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्था, इस्कॉन मंदिर के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन

नोएडा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को नोएडा के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जन्माष्टमी पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। खासतौर पर सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जन्माष्टमी के मद्देनजर शहर के प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। इनमें करीब डेढ़ कंपनी पीएसी, 20 निरीक्षक और 300 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। मंदिरों के आसपास पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर सबसे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने मंदिर के आसपास वाहनों के आवागमन में बदलाव किया है। एटीपीसी अंडरपास की ओर से गिझौड़ चौराहे और गिझौड़ चौक से एटीपीसी की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। गिझौड़ से अट्टा अंडरपास की ओर जाने वाले वाहन होशियारपुर तिराहे और संबंधित वैकल्पिक मार्गों से होकर निकल सकेंगे। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एडोबी बिल्डिंग के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, वीवीआईपी वाहनों के लिए सेक्टर-33/34 तिराहे से प्रवेश कर शिल्प हाट की पार्किंग में वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर-31/25 चौराहे से सेक्टर-60, सेक्टर-62 और इंदिरापुरम की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। ऐसे वाहन स्पाइस मॉल, एडोबी चौक और सेक्टर-22, 23 व 54 होते हुए गिझौड़ की ओर जा सकेंगे। इससे मंदिर के आसपास यातायात का दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी। जन्माष्टमी के दौरान इस्कॉन मंदिर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की संभावना है। पुलिस ने सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसरों के आसपास पुलिस बल तैनात रहेगा और आवश्यकता के अनुसार वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा। सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर के आसपास भी जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। डीएम चौक से राय रेजीडेंसी और टेलीफोन एक्सचेंज की ओर जाने वाले यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। इसी तरह सेक्टर-2 स्थित मंदिर के आसपास संदीप पेपर मिल चौराहे से गोलचक्कर चौक के बीच जरूरत के अनुसार वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों के आसपास अनावश्यक रूप से वाहन न ले जाएं और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें।
ऑस्ट्रेलिया: सिडनी में मिला बर्ड फ्लू के खतरनाक एच5एन1 स्ट्रेन का पहला मामला

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बर्ड फ्लू के खतरनाक एच5एन1 स्ट्रेन का पहला कन्फर्म केस रिपोर्ट किया गया है। न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) की कृषि मंत्री तारा मोरियार्टी ने पत्रकारों को बताया कि अगस्त के आखिर में सिडनी के नॉर्दर्न बीच में मिले एक ‘ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न’ (एक तरह का समुद्री पक्षी) में टेस्टिंग के दौरान एच5एन1 स्ट्रेन का पता चला। जून में इस खतरनाक स्ट्रेन के ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर पहुंचने के बाद सिडनी में यह पहला कन्फर्म केस है। मोरियार्टी ने कहा कि जिन सिडनी निवासियों के पास पालतू पक्षी या मुर्गियां हैं, उन्हें जंगली पक्षियों के संपर्क में आने से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए और जिनके पास कुत्ते हैं, उन्हें यह निश्चित करना चाहिए कि वे मरे हुए जानवरों के शव न खाएं या जंगली पक्षियों का पीछा न करें। नॉर्दर्न बीचेस काउंसिल की स्थानीय मेयर, सू हीन्स ने कहा कि यह केस शायद कई केसों में से पहला होगा और इस इलाके को इस खतरनाक स्ट्रेन के संभावित विनाशकारी असर के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसने दुनिया भर में लाखों पक्षियों की जान ली है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय सरकार के ताजा डेटा के मुताबिक, बुधवार तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 बर्ड फ्लू के 468 कन्फर्म मामले सामने आए हैं, जिनमें से 20 मामले एनएसडब्ल्यू में हैं। एनएसडब्ल्यू सरकार ने कहा कि राज्य में कमर्शियल पोल्ट्री झुंडों, कैद में रखे गए पक्षियों या मवेशियों में इसका कोई मामला नहीं मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एच5एन1 कई इन्फ्लूएंजा वायरस में से एक है जो पक्षियों में ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ (या बर्ड फ्लू) नाम की बहुत तेजी से फैलने वाली सांस की बीमारी का कारण बनता है। इंसानों सहित स्तनधारी जीवों में भी इसके संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। एच5एन1 इन्फ्लूएंजा वायरस का संक्रमण इंसानों में कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकता है, जो हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकती हैं और कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके मुख्य लक्षण सांस से जुड़े होते हैं, लेकिन कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) और सांस से न जुड़े अन्य लक्षण भी देखे गए हैं। ऐसे लोगों में भी ए(एच5एन1) वायरस का पता चला है जो संक्रमित जानवरों या उनके वातावरण के संपर्क में आए थे, लेकिन जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखे थे। एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस का ‘गूज/ग्वांगडोंग-लीनिएज’ (वंश) सबसे पहले 1996 में सामने आया था और तब से यह पक्षियों में बीमारी फैला रहा है। 2020 के बाद से, इन वायरस के एक वैरिएंट के कारण कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री की बहुत बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। यह वायरस सबसे पहले अफ्रीका, एशिया और यूरोप में फैला, फिर 2021 में उत्तरी अमेरिका और 2022 में मध्य और दक्षिण अमेरिका तक पहुंच गया। 2021 से 2022 के बीच, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में एवियन इन्फ्लूएंजा का सबसे बड़ा और सबसे लंबा प्रकोप देखा गया, जिसमें जंगली पक्षियों में यह वायरस असामान्य रूप से लंबे समय तक बना रहा। 2022 से, इन्फ्लूएंजा ए(एच5) – जिसमें इन्फ्लूएंजा ए(एच5एन1) भी शामिल है – वायरस के कारण स्तनधारी जीवों में भी जानलेवा प्रकोप की खबरें बढ़ रही हैं। संभावना है कि ऐसे और भी प्रकोप हुए हों जिनका पता नहीं चला या जिनकी रिपोर्ट नहीं की गई। जमीन और समुद्र, दोनों जगह रहने वाले स्तनधारी जीव इससे प्रभावित हुए हैं। इनमें फर के लिए पाले जाने वाले जानवर, सील और सी लायन शामिल हैं। साथ ही, लोमड़ी, भालू, ऊदबिलाव, रैकून, बिल्ली, कुत्ते, गाय, बकरी और अन्य जंगली व पालतू जानवरों में भी इसका पता चला है।
अभिनेत्री होने के नाते हर प्रोजेक्ट में बेस्ट देने की कोशिश करती हूं : अश्मेता बख्शी

मुंबई। अभिनेत्री अश्मेता बख्शी इन दिनों टेलीविजन सीरीज ‘108 बेस हॉस्पिटल- उरी’ में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि उनकी अभिनय की दुनिया में उनका सफर रोलर-कोस्टर राइड की तरह रहा है। अभिनेत्री का मानना है कि जब आप किसी भी फील्ड में काम करते हैं, तो उतार-चढ़ाव होना आम बात है। उन्होंने बताया, “मैंने बहुत सारे रोल किए हैं और एक एक्टर के तौर पर, मैं इतने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर खुद को खुशकिस्मत महसूस करती हूं। यह एक खूबसूरत सफर रहा है।” अभिनेत्री से आईएएनएस ने सवाल किया, “आपने फिल्म, वेब सीरीज और टेलीविजन में काम किया है, तो आपको इन मीडिया में क्या फर्क लगता है और आपको कौन सा माध्यम ज्यादा सही लगता है?” अभिनेत्री ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, “मीडिया कोई भी हो करनी तो आपको एक्टिंग ही है, हमें जो लिखा मिलता है बस उसी में बेस्ट देने की कोशिश करते हैं। ऐसा कभी नहीं होता कि अगर आप कोई फिल्म कर रहे हैं, तो आप ज्यादा मेहनत करेंगे और अगर आप कोई सीरियल कर रहे हैं, तो आप कम मेहनत करेंगे।” अभिनेत्री ने आगे कहा, ” मुझे लगता है कि मेकर्स को फर्क पता होता है। यह मेकिंग से आता है, चाहे वह डायलॉग्स में हो, किसी चीज को लिखने के तरीके में या खुद मीडियम में, लेकिन एक आर्टिस्ट के लिए, यह बस वह काम है जो वे कर रहे हैं।” अभिनेत्री का कहना है कि वह अभिनेत्री होने के नाते किसी भी प्रोजेक्ट में अपना बेस्ट देने की कोशिश करती हैं। फिर, चाहे वह फिल्म, सीरियल हो या वेब सीरीज। अभिनेत्री अश्मिता बख्शी टेलीविजन सीरीज ‘108 बेस हॉस्पिटल – उरी’ में आर्मी मेजर/नर्स अनीता सोलंकी के किरदार में नजर आ रही हैं, जो युद्ध या संघर्ष वाले क्षेत्र में तैनात सैन्य डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का हिस्सा हैं। उनके साथ स्मिता बंसल भी शो में नर्स की भूमिका निभा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में उनके साथ एरिका फर्नांडिस और शहीर शेख जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं। यह शो कलर्स टीवी और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होता है।
सिर्फ पूजा ही नहीं, राम मंदिर से हो समाज सेवा; सीईओ से ईमानदारी की उम्मीद : अनिरुद्धाचार्य

मथुरा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने राम मंदिर के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है और अब उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उम्मीद है कि वह पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान से भी यही प्रार्थना है कि वह अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मंदिर केवल पूजा-पाठ के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि इनके माध्यम से समाज के लिए कई तरह के काम किए जाते हैं। मंदिरों से गुरुकुल चलें, वेदों का प्रचार हो, गौशालाएं संचालित हों, गायों की रक्षा हो और सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो, यही मंदिरों के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा है। उन्होंने अपने गौरी गोपाल मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक छोटा-सा मंदिर है, लेकिन यहां से कई सामाजिक सेवाएं संचालित हो रही हैं। उनके अनुसार, मंदिर से 175 बच्चे पढ़ रहे हैं, गौशाला में करीब 400 गायें हैं और 150 से ज्यादा नंदी हैं। इसके अलावा रोजाना हजारों लोगों के लिए अखंड रसोई के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि यहां कक्षा एक से 12वीं तक सीबीएसआई बोर्ड का एक विद्यालय भी बनाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की योजना है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि अगर एक छोटे से मंदिर के माध्यम से इतने बड़े स्तर पर सामाजिक कार्य किए जा सकते हैं, तो राम मंदिर के माध्यम से इससे कहीं बड़े स्तर पर समाज के हित में काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंदिर से मिलने वाले धन का इस्तेमाल वेदों के प्रचार, गुरुकुलों के निर्माण, गौसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े सामाजिक कार्यों में किया जाना चाहिए। उन्होंने मंदिर के धन से सेना को आर्थिक रूप से मजबूत करने की बात पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि अगर मंदिर के माध्यम से सेना को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए या राष्ट्रहित में उसकी मदद की जाए, तो यह भी एक अच्छा कार्य हो सकता है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि समय के साथ मंदिरों के उद्देश्य और उनकी भूमिका में बदलाव आया है और अब इनके उद्देश्य क्या रह गए हैं, यह भगवान ही जाने। चंपत राय को ट्रस्ट से बाहर किए जाने और उनकी जगह गोविंद देव गिरी को नया महासचिव बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि वह उस बैठक में मौजूद नहीं थे, जिसमें किसी को रखने या हटाने का फैसला लिया गया। इसलिए इस मामले में वह किसी के बारे में कुछ नहीं कह सकते। उनसे इस फैसले को लेकर कोई राय नहीं ली गई थी। अगर उनसे राय मांगी जाती, तो वह जरूर बताते कि किसी को हटाने या रखने की वजह क्या होनी चाहिए। वहीं, इस दौरान जन्माष्टमी को लेकर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि यह भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव है और इस दिन हर किसी को खुशी मनानी चाहिए। भगवान के आगमन के अवसर पर लोगों को अपने घरों में तैयारी करनी चाहिए, सुबह स्नान करके पूजा करनी चाहिए और शाम को भगवान का अभिषेक कर प्रेम और श्रद्धा के साथ जन्माष्टमी मनानी चाहिए। उन्होंने कीर्तन और भगवान के नाम का जाप करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके जरूर बदले हैं, लेकिन जन्माष्टमी का महत्व नहीं बदला। आज लोगों के पास जितना समय होता है, वे उसी के अनुसार उत्सव में शामिल होते हैं। किसी के पास ज्यादा समय है तो वह भव्य आयोजन करता है और किसी के पास कम समय है तो वह अपने घर में ही पूजा करके भगवान का जन्मोत्सव मनाता है। आरक्षण के मुद्दे पर भी अनिरुद्धाचार्य ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति को जरूरत है, तब तक उसे सहायता मिलनी चाहिए। लेकिन अगर कोई व्यक्ति पढ़-लिखकर आगे बढ़ गया है, कमाने लगा है और आर्थिक रूप से सक्षम हो गया है, तो उसे मिलने वाली सहायता ऐसे लोगों तक पहुंचनी चाहिए जिन्हें वास्तव में उसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ गया है और उसे अब उस सहायता की आवश्यकता नहीं है, तो उसका लाभ गरीबों को दिया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश: इंदौर में पानी की टंकी में नवविवाहित महिला का शव मिला, हिरासत में पति

इंदौर। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि प्रेम विवाह के महज 25 दिन बाद इंदौर में एक नवविवाहित महिला अपने घर के बाहर पानी की टंकी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पुलिस रिकॉर्ड में मृतक की पहचान वंदना कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार को राउ पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नेहरू नगर इलाके में एक पानी की टंकी में मृतक का शव मिला था। पड़ोसियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। उसके पति उपेंद्र पटेल और देवर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एसीपी निधि सक्सेना ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।” पुलिस के मुताबिक, वंदना और पटेल पहले नेहरू नगर में रहते थे। बाद में उनका परिवार राजनगर में एक किराए के मकान में शिफ्ट हो गया। बताया जाता है कि पटेल की नशे की लत की समस्या के कारण ऐसा हुआ। इसके बाद 11 अगस्त को दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया और वंदना पटेल के घर में उनके साथ रहने लगीं। पुलिस ने बताया कि वंदना के परिवार ने चंदन नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में उसका बयान दर्ज किया गया और चूंकि वह बालिग थी, उसने पटेल के साथ रहने की इच्छा जताई। उसके परिवार ने पुलिस को यह भी बताया कि पटेल की नशे की लत को लेकर दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते थे। यह घटना गुरुवार दोपहर को तब सामने आई जब पड़ोसियों ने कथित तौर पर वंदना के घर के अंदर से चीखने की आवाज सुनी। पुलिस ने बताया कि कुछ ही देर बाद पटेल बाहर आया और पड़ोसियों ने उसकी कमीज पर खून के धब्बे देखे। जब घर में लंबे समय तक कोई गतिविधि नहीं हुई, तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सक्सेना ने बताया, “पुलिस मौके पर पहुंची और घर के बाहर पानी की टंकी से वंदना का शव बरामद किया। पति और उसके भाई से पूछताछ की जा रही है और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।” पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम से मौत के कारण के संबंध में महत्वपूर्ण सबूत मिलने की उम्मीद है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।