ताशकंद में योग सत्र में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी, प्रतिभागियों से भी की मुलाकात

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान की ओर से आयोजित एक योग सत्र में हिस्सा लिया। योग सत्र के दौरान उन्होंने वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचे। उन्होंने ताशकंद हवाई अड्डे पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव का धन्यवाद किया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ का दौरा किया और कहा कि यह उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “ताशकंद पहुंचने के बाद मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गया। यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। अपनी यात्रा की शुरुआत यहां से करके खुशी हुई।” यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने वहां उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। ताशकंद में भारतीय समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों ने भी प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की तरह हैं। उन्होंने शनिवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बना रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत समारोह के दौरान प्रस्तुत भारतीय और उज्बेक संस्कृति के मिश्रण वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर तबला प्रस्तुति की एक झलक साझा करते हुए लिखा, “भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं का मनमोहक संगम! तबला, डोइरा और चांग के साथ बेहद खूबसूरती से मेल खाता है, जो भारत और उज्बेकिस्तान के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दिखाता है।” भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें राखी भी बांधी।
कड़े सुरक्षा व्यवस्था के बीच जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा की जा रही आयोजित

प्रयागराज। यूपीपीएससी जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उम्मीदवारों को गहन सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 1516 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आईएएनएस से बातचीत करते हुए अभ्यर्थी आशीष कुमार वर्मा ने कहा, “आज जीआईसी लेक्चरर की मुख्य परीक्षा हो रही है। तैयारी काफी अच्छी चल रही है। हम पिछले दो से ढाई साल से इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। सरकार की ओर से काफी टाइट व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मी लगे हुए हैं।” अभ्यर्थी बलजीत राम ने कहा, “जीआईसी की परीक्षा आयोजित की जा रही है। हम लोगों का विषय इतिहास है, इसलिए इतिहास की परीक्षा के लिए यहां सेंटर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि देखा जा सकता है कि एसडीएम दौरे पर आए हैं, पुलिस की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है।” अभ्यर्थी शिवम मौर्या ने कहा कि व्यवस्था अच्छी की गई है। जैसे हर परीक्षा में होता है, वैसे ही इस परीक्षा में भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। जरूरी कागज के अलावा बाकी चीजें बाहर ही रखवा दी जा रही हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जीआईसी लेक्चरर मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड 21/22 अगस्त को जारी किया गया था। 1516 पदों में 777 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 694 पद महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि लेक्चरर के लिए 43 पद और प्रिंसिपल के लिए कुल 2 पद आरक्षित हैं।
पटना : टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल अवनीश की गिरफ्तारी के बाद उसके गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस

पटना। बिहार की राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह सोन नदी के किनारे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। नाविकों से रंगदारी वसूलने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 62 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की गोली से एक अपराधी घायल हुआ है, जबकि पुलिस के भी एक-दो जवानों के घायल होने की सूचना है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बिहटा थाना क्षेत्र में सोन नदी के बीच नाविकों से अपराधी रंगदारी वसूल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। उन्होंने बताया कि अपराधियों की ओर से करीब 40 राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में करीब 22 राउंड गोलियां चलाईं। इस तरह दोनों ओर से करीब 62 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी अवनीश कुमार के पैर में गोली लगी। उसे मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उसके साथ मौजूद अन्य अपराधियों के संबंध में पूछताछ और जांच कर रही है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मौके से एक देसी राइफल, एक देसी कार्बाइन, दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और करीब 25 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अपराधियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक नाव को भी पुलिस ने जब्त किया है। एसएसपी ने बताया कि घायल अपराधी अवनीश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व के कई मामलों में शामिल रहा है। पिछले साल भी उसके खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवनीश कुमार पटना पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। उसके खिलाफ एके-47 से जुड़े मामले में भी फरार रहने की बात सामने आई है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ ही उसके गिरोह और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फायरिंग के दौरान बिहटा थाना के एसआई राजू कुमार सिंह भी घायल हो गए। बताया गया है कि गोली उनकी बांह को छूकर निकल गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार के भी घायल होने की सूचना है। हालांकि, उनकी चोट की प्रकृति को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पटना पश्चिमी के सिटी एसपी संकेत कुमार और डीएसपी अमरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम से मुठभेड़ की पूरी जानकारी ली। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सोन नदी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवनीश के साथ कितने अन्य अपराधी मौजूद थे और फायरिंग के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही सोन नदी में आने-जाने वाली नावों की भी जांच की जा रही है।
राहत सामग्री लेकर चौथा विमान भी पहुंचा काठमांडू, नेपाल के साथ खड़ा है भारत: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। नेपाल के कठिन समय में भारत अपनी ओर से मदद का हाथ लगातार बढ़ाए हुए है। नेपाल के लिए 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथा भारतीय विमान काठमांडू पहुंच गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। नेपाल के लिए राहत सामग्री लेकर गया चौथा विमान 11 टन सहायता के साथ नेपाल पहुंच गया है और राहत सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।” उन्होंने बताया कि इस सहायता में खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों के साथ सुरंग तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम शामिल है। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी भेजी गई है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता (हाइजीन) किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। जिस दिन (26 अगस्त, 2026) अचानक बाढ़ आई, उसी दिन आईएएफ के सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने 10 टन आपातकालीन राहत सामग्री जैसे कि अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाइयां पहुंचाईं। अगले दिन सुबह, 27 अगस्त, 2026 को, आईएएफ के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 37.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें 28.5 टन तंबू, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, जल निकासी पंप, रसोई सेट और जेनरेटर शामिल थे। आठ टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री। इसके बाद, 28 अगस्त 2026 को, एक सी-130जे हरक्यूलिस विमान ने भारतीय सेना की 5 सदस्यीय सुरंग बचाव दल और 6 सदस्यीय चिकित्सा दल को एयरलिफ्ट किया; साथ ही पोर्टेबल जेनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन, जल शोधन की गोलियां और दवाइयां सहित 10 टन अतिरिक्त सामग्री भी भेजी। प्रभावित क्षेत्र में सुरंग बचाव कार्य में सहायता के लिए तकनीकी दल ने आज से काम शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त भारत नेपाल में क्षतिग्रस्त पुलों के निर्माण में भी मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे। इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी।
साप्ताहिक राशिफल 31 अगस्त से 06 सितंबर 2026 तक

लग्नराशि पर आधारित कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल में जानिए इस सप्ताह आपका पारिवारिक जीवन, आर्थिक दशा, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति कैसी रहेगी, इस सप्ताह आपको क्या-कुछ मिलने वाला है, आपके लिए क्या-क्या करना फायदेमंद रहेगा और परेशानियों से बचने के लिए आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। मेष : हफ्ते की शुरुआत अच्छी होगी। किये जा रहे प्रयासों में सफलता मिलने के संकेत है। नौकरी कर रहे जातकों को कार्यस्थल में थोड़ी परेशानी हो सकती है। हफ्ते के मध्य में स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। किसी से भी बहस बाज़ी से बचे। प्रेम सम्बन्धों के लिए ये हफ्ता मिलाजुला रहनेवाला है। आसपास की किसी यात्रा के योग बन सकते है। खर्चा थोड़ा बढ़ सकता है। किसी के द्वारा दिया गया व्यापारिक सुझाव आपको फायदा दे सकता है। वृषभ : सुखों में वृद्धि के योग है। अपने रहन-सहन पर खर्च कर सकते हैं। नौकरी तथा व्यापार में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। किसी भी कार्य को जल्दबाजी से करने से बचें। पारिवारिक माहौल अच्छा बना रहेगा। पुराने लोगों से मुलाकात हो सकती है। ये हफ्ता विद्यार्थी वर्ग के लिए बहुत अच्छा जाएगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। मन ना होने पर भी किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मिथुन : इस हफ्ते आप अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देंगे। नौकरी तथा व्यापार की तलाश में भटक रहे लोगों को शुभ अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उधार दिया पैसा वापस मिल सकता है। परिवार के साथ घूमने का प्रोग्राम बना सकते हैं। वार्तालाप करते समय शब्दों का ध्यान रखें। अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं। बुजुर्ग लोगों और सरकारी कार्यों में अड़चन आ सकती है। कर्क : हफ्ते की शुरुआत से ही लाभ के योग बनेंगे। बैंकों तथा किसी पालिसी से लाभ मिलने के योग है। इस हफ्ते आपको स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान देना पड़ सकता है। पति पत्नी और व्यापारिक साझेदारों के मध्य मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नौकरी कर रहे लोगों को उच्च अधिकारियों का साथ न मिलने से मन खिन्न हो सकता है। माता तथा भूमि से आपको लाभ संभव है। सिंह: हफ्ते की शुरुआत में स्वास्थ्य से सम्बंधित कोई विकार परेशान कर सकता है। खर्चो में वृद्धि से आर्थिक पक्ष कमजोर बन सकता है। कार्य के सिलसिले में व्यर्थ की भागदौड़ परेशान कर सकती है। इस हफ्ते विदेश यात्रा के योग भी बनेंगे। हफ्ते के मध्य भाग से आर्थिक पक्ष मजबूत हो सकता है तथा व्यवसाय में लाभ सम्भव है। पारिवारिक लोगों का साथ रहने से कई परेशानियों पर विजय प्राप्त करेंगे। कन्या: हफ्ते की शुरुआत में आप अपने अटके हुए कार्यों को पूरा करने में समय देंगे। भावनाओं में बह कर कोई भी कार्य न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है। लाभ की स्थिति बनी रहेगी। पारिवारिक वातावरण अच्छा बना रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को थोड़ी परेशानी हो सकती है। माता की तबीयत बिगड़ सकती है। अचानक कोई लाभ होने से मन खुश होगा। तुला: हफ्ते की शुरुआत से ही आप अपने रुके हुए कार्यों में गति देने के लिए ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। भाइयों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी तथा व्यवसाय में आपका रुतबा बढ़ेगा और नौकरी में पदोन्नति भी सम्भव है। आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी और लाभ की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी तथा संतान के साथ खुशियों भरा समय व्यतीत करेंगे। वृश्चिक : हफ्ते की शुरुआत में आप अपने कार्य पर बहुत ध्यान देंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सहकर्मियों का भरपूर साथ मिलेगा। भाइयों का साथ देंगे तथा उनके कार्यों में मदद भी करेंगे। अचानक लाभ की स्थिति बनी रहेगी। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपका लोगों से मिलना जुलना बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन मधुरता वाला रहेगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। धनु : इस हफ्ते किये जा रहे प्रयासों में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। मान सम्मान में वृद्धि के योग है। पिता तथा सरकारी कार्यों में अवरोध आ सकते हैं। पूजा पाठ में ध्यान बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति में वृद्धि के योग है। यात्राएं लाभकारी सिद्ध होगी। नौकरी कर रहे जातकों को उच्च अधिकारियों द्वारा प्रशंसा प्राप्त होगी। माता की सेवा कर सकते हैं। मकर : इस हफ्ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। यात्राओं के बनेंगे जो शारीरिक और मानसिक रूप से थकाने वाली हो सकती है। व्यर्थ के वार्तालाप से दूर रहें अन्यथा मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा खर्चा भी बहुत रहेगा। पति पत्नी तथा संतान के मध्य तालमेल बिगड़ सकता है। किसी के द्वारा गिफ्ट प्राप्त हो सकता है। कुंभ : इस हफ्ते आप कई कार्यों में व्यस्त रह सकते है। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को सफलता प्राप्त हो सकती है। आपका पराक्रम और आत्मविश्वास बड़ा चढ़ा रहेगा। ऑफिस में आप उत्तम समय व्यतीत करेंगे। यात्रा के योग बन सकते है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें थकावट तथा सिरदर्द की परेशानी हो सकती है। रुका पैसा मिलने के योग बन सकते है। भाग्य का साथ बन रहेगा। मीन : इस हफ्ते आपका स्वास्थ्य कुछ नरम रह सकता है। पेट से सम्बंधित कोई विकार उत्पन्न हो सकता है। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में अवरोध आ सकते है। हफ्ते के मध्य में जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त हो सकता है। वरिष्ठ लोगों से मतभेद हो सकता है। मित्रों के साथ समय व्यतीत कर सकते है। नौकरी के लिए किए आवेदन में सफलता पए आवेदन में सफलता प्राप्त हो सकती है। (साप्ताहिक राशिफल आपकी लग्न राशि के आधार पर आधारित है। ये समस्त राशिफल सामान्य हैं। किसी भी निश्चित परिणाम पर पहुंचने के लिए ज्योतिषी से दशा-अंतर दशा तथा जन्मपत्री का पूर्ण रूप से अध्ययन कराना उचित रहता है।) प्रस्तुति: कलाशांति ज्योतिष मोबाइल नं: 91-6261231618 मेल: कलाशांतिज्योतिष@.जीमेल.जीमेल.कॉम
‘पर्यावरण बचाना इंसानों की जिम्मेदारी’, अमेरिका में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पर्यावरण और दुनिया को बचाए रखना इंसानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित सार्वभौमिक एकता समारोह में विकास के ऐसे मॉडल की वकालत की है, जो प्रकृति को नष्ट किए बिना लोगों को समृद्ध होने की अनुमति दे। समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को अक्सर एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्यों के तौर पर पेश किया जाता है। उन्होंने कहा, “दुनिया कई समस्याओं का सामना कर रही है। विकास से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। पर्यावरण बचाने का मतलब विकास रोकना माना जाता है। तो इसका क्या रास्ता है?” मोहन भागवत ने आगे कहा, “हमें रास्ता दिखाना होगा और हमारे पूर्वजों ने अपने त्याग व संयम के जरिए यह रास्ता दिखाया है।” भागवत ने कहा कि भारत की सभ्यतागत सोच मानव जीवन के केंद्र में उत्तरदायित्व को रखती है। लोगों को यह विचार करना चाहिए कि उनके कार्यों से सिर्फ केवल उनका अपना जीवन बल्कि समाज और प्रकृति का भी कल्याण होता है या नहीं। उन्होंने कहा, “हम प्रकृति से जुड़े हैं। हमें यह देखना होगा कि हम जो भी करें, उससे न सिर्फ हमारा, बल्कि हर चीज का भला हो।” उन्होंने तर्क दिया कि इंसानी समझ का इस्तेमाल प्राकृतिक दुनिया पर हावी होने या उसे खत्म करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि, इससे लोगों पर जीवन के दूसरे रूपों की रक्षा करने की बड़ी जिम्मेदारी आती है। भागवत ने कहा, “मनुष्य दुनिया के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्हें सोचने-समझने की खास काबिलियत मिली है। उन्हें सही और गलत की समझ भी दी गई है।” खाद्य श्रृंखला में मनुष्यों के बढ़ते महत्व का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि उनकी प्रगति की कीमत पर्यावरण को भारी नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी है। उन्होंने कहा, “इस खाद्य श्रृंखला में मनुष्य का आगमन बहुत देर से हुआ और वह सबसे निचले पायदान पर था, लेकिन 3,000 वर्षों के भीतर वह मध्य में आ गया और 7,000 वर्षों में वह शीर्ष पर पहुंच गया और 8,000 पौधों की प्रजातियों और लगभग 5,000 जानवरों की प्रजातियों को नष्ट कर दिया।” संघ प्रमुख ने आगे कहा, “जानवर भाग सकते थे। इसलिए वे बच गए। पौधे नहीं भाग सकते थे। यह इंसानों के जीने का तरीका नहीं है।” भागवत ने कहा कि बेहतर समझ होने का मतलब यह नहीं है कि इंसान पूरी सृष्टि के मालिक बन गए हैं। इसके बजाय उन्हें दूसरों के अस्तित्व को बचाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आप सबसे अधिक समझदार हैं। आप प्रकृति की सीमाओं से आगे निकल चुके हैं और बहुत अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। इसलिए, सबको बचाए रखना आपकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ दूसरों को जीने देने की सोच से आगे बढ़ें और इसके बजाय सक्रिय रूप से उन्हें जीने में मदद करें। भागवत ने कहा, “हमें एक-दूसरे का ख्याल रखना होगा। हमें इस तरह ख्याल रखना होगा कि मेरी जिंदगी से किसी और की जिंदगी बनी रहे। मैं दूसरों को सहारा दूं। मैं सिर्फ दूसरों को जीने न दूं, बल्कि खुद भी जीऊं और दूसरों को भी जीने में मदद करूं। यही संदेश है।” उन्होंने कहा कि व्यापक परिवर्तन की प्रतीक्षा करने के बजाय रोजमर्रा के व्यवहार में मामूली समायोजन के माध्यम से बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। मोहन भागवत ने आरएसएस के ‘पंच परिवर्तन’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया और कहा कि इसके सिद्धांतों को पहले व्यक्ति को अपनाना होगा और फिर समाज में फैलाना होगा। उन्होंने कहा, “ये सिद्धांत मानवता को बचाए रखेंगे। ये पर्यावरण को बचाए रखेंगे। ये सृष्टि और अस्तित्व को बचाए रखेंगे। यही लक्ष्य है।