ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, पत्नी को गुजारा भत्ता न देने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से कटेगा पैसा

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है जो कोर्ट के आदेश के बाद भी अपनी पत्नी या बच्चों को गुजारा भत्ता नहीं देते। अब ऐसे कर्मचारियों की सैलरी से सीधे पैसे काटकर उनकी पत्नी और बच्चों के खाते में भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, सीएम मोहन चरण माझी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य स्तरीय शिकायत सुनवाई के दौरान हर बार दो से तीन ऐसी शिकायतें आ रही थीं, जिनमें महिलाएं और बच्चे सरकारी कर्मचारियों द्वारा गुजारा भत्ता या एलिमनी न देने से परेशान थे। सरकार के अनुसार, कई पुरुष कर्मचारियों ने अदालतों के स्पष्ट आदेश के बावजूद अपनी पत्नी या बच्चों को भरण-पोषण की राशि नहीं दी। तलाक से जुड़े मामलों में एलिमनी न देने की भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं। इस मामले को गंभीरता से देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि कोर्ट द्वारा तय की गई राशि को संबंधित कर्मचारी की सैलरी से सीधे काटकर पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य का सरकारी कर्मचारी होते हुए कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना और अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ऐसा अन्याय करना राज्य सरकार के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है।” मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जारी नई गाइडलाइन के तहत विभागीय ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) को कटौती की जिम्मेदारी दी गई है। जैसे ही भरण-पोषण के भुगतान का कोर्ट का आदेश मिलेगा, डीडीओ संबंधित कर्मचारी का मासिक वेतन बिल बनाते समय कोर्ट द्वारा तय राशि काट लेगा और उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से उसकी पत्नी और बच्चों के बैंक खातों में जमा कर देगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कोर्ट द्वारा निर्देशित भरण-पोषण से जुड़े मामलों को ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) से जोड़ने का भी निर्देश दिया है। इसका मकसद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और ऑटोमेटेड बनाना और न्यायिक आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करना है।
बिन्नू ढिल्लों के बर्थडे पार्टी पर सजी सितारों से भरी महफिल, पार्टी में बी प्राक से जानी तक ने लगाए ठुमके

मुंबई। पंजाबी सिनेमा के लोकप्रिय कॉमेडियन और अभिनेता बिन्नू ढिल्लों ने अपना जन्मदिन इस बार बेहद खास अंदाज में मनाया। उनके बर्थडे सेलिब्रेशन में पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने-माने चेहरे एक साथ नजर आए। पार्टी में ऐसा माहौल बना कि गाने, डांस और दोस्तों की मस्ती ने पूरे जश्न को यादगार बना दिया। मशहूर पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी ने अब सोशल मीडिया पर इस खास सेलिब्रेशन की झलक शेयर की है, जिसमें बिन्नू ढिल्लों के साथ कई बड़े कलाकार जमकर मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं। जसबीर जस्सी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बिन्नू ढिल्लों के जन्मदिन की तस्वीरें और वीडियो शेयर की हैं। इन झलकियों में वह बिन्नू ढिल्लों और दूसरे दोस्तों के साथ पार्टी को एन्जॉय करते नजर आए। तस्वीरों से लेकर वीडियो तक, हर जगह सेलिब्रेशन का माहौल काफी खुशनुमा दिखाई दे रहा है। जसबीर जस्सी की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वह खुद गाना गाते नजर आ रहे हैं। उनके गाने की धुन पर बी प्राक, कुलविंदर बिल्ला, जानी, निर्मल ऋषि और सुनीता धीर डांस करते और मस्ती करते दिखाई दिए। जसबीर जस्सी ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, ”बिन्नू वीर के जन्मदिन पर बॉलीवुड और पॉलीवुड की कई हस्तियों की मौजूदगी से महफिल में खूब रौनक रही।” बिन्नू ढिल्लों और जसबीर जस्सी के बीच काफी अच्छा बॉन्ड देखने को मिलता है। पार्टी की तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे के साथ मस्ती करते और कैमरे के लिए पोज देते नजर आए। बिन्नू ढिल्लों को उनके दोस्तों और इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। बिन्नू ढिल्लों पंजाबी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी एक्टर्स में से एक हैं। उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग और खास अंदाज से लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। ‘नौकर वाइफ दा’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले बिन्नू ने धीरे-धीरे पंजाबी सिनेमा में अपनी अलग जगह बनाई। उनकी खासियत यह रही कि कॉमेडी के साथ-साथ उन्होंने अलग तरह के किरदारों में भी खुद को साबित किया। बिन्नू ने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। वह ‘शहीद-ए-आजम’ और ‘देव डी’ जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग रोल में नजर आए। इसके अलावा, साल 2010 में उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। उन्होंने ‘नॉटी बाबा इन टाउन’ नाम के प्ले का निर्देशन किया, जिसका मंचन अमेरिका और कनाडा में किया गया था। इसके बाद बिन्नू ढिल्लों ने पंजाबी फिल्मों में लगातार काम किया और अपनी कॉमेडी के दम पर दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाई। ‘कैरी ऑन जट्टा’, ‘सिरफिरे’, ‘रौला पै गया’, ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’, ‘लकी दी अनलकी स्टोरी’, ‘रंगली’ और ‘वेख बरातां चलियां’ जैसी फिल्मों में उनके काम को खूब पसंद किया गया।
आइसलैंड: ईयू से जुड़ने की बहस पर जनमत संग्रह, वोटों की गिनती में कांटे की टक्कर

नई दिल्ली। आइसलैंड में यूरोपीय संघ (ईयू) से जुड़ने की दिशा में अगला कदम उठाने को लेकर हुए जनमत संग्रह के वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में दोनों पक्षों के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस जनमत संग्रह में लोगों से सीधे ईयू की सदस्यता पर फैसला करने के लिए नहीं कहा गया है। सवाल यह है कि क्या आइसलैंड को यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए लंबे समय से रुकी बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए। यानी ‘हां’ की जीत होने पर भी आइसलैंड तुरंत ईयू का सदस्य नहीं बनेगा, बल्कि ब्रसेल्स के साथ सदस्यता वार्ता का नया दौर शुरू होगा। शुरुआती मतगणना में ‘हां’ और ‘नहीं’ के बीच अंतर बेहद कम रहा। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 1.52 लाख वोटों की गिनती के बाद ‘नहीं’ पक्ष को 50.1 प्रतिशत और ईयू सदस्यता वार्ता दोबारा शुरू करने के पक्ष में पड़े वोटों को 49.9 प्रतिशत समर्थन मिला। ऐसे में अंतिम नतीजे को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। अपना वोट डालने के बाद प्रधानमंत्री क्रिस्त्रून फ्रॉस्टाडॉटिर ने मीडिया वेबसाइट ‘एमबीएल डॉट आईएस’ से बात की। उन्होंने कहा, “यह एक अच्छा दिन है। अब हम उस मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां यह फैसला देश के हाथ में है। या तो हम इन बातचीत में शामिल हों, एक अच्छा समझौता करने की कोशिश करें और फिर देखें कि क्या होता है, या फिर यूरोपीय संघ के बारे में चर्चा को कुछ समय के लिए एक तरफ रख दें। मैं बस यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि देश का क्या कहना है, मुझे पता है कि देश सही फैसला करेगा।” आइसलैंड ने 2009 के वित्तीय संकट के बाद ईयू की सदस्यता के लिए आवेदन किया था। उस समय देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही थी। हालांकि, बाद में राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और 2013 के बाद सदस्यता को लेकर बातचीत ठंडे बस्ते में चली गई। अब एक बार फिर यह मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में है। समर्थकों का मानना है कि यूरोपीय संघ के साथ गहरे संबंध आइसलैंड को आर्थिक स्थिरता और बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में मजबूती दे सकते हैं। वहीं विरोधी पक्ष का कहना है कि ईयू की सदस्यता से देश की स्वतंत्र आर्थिक नीतियों और महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों पर उसका नियंत्रण कमजोर हो सकता है। इस बहस में मछली पालन सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा है। आइसलैंड की अर्थव्यवस्था और पहचान में मत्स्य उद्योग की अहम भूमिका है। ईयू में शामिल होने के विरोधियों को आशंका है कि यूरोपीय संघ की साझा मत्स्य नीति लागू होने से देश को अपने समुद्री संसाधनों और मछली पकड़ने के अधिकारों पर समझौता करना पड़ सकता है। मतदान से पहले हुए सर्वेक्षणों में भी देश की जनता बंटी हुई नजर आई थी। कुछ सर्वेक्षणों में बातचीत दोबारा शुरू करने के विरोध में मामूली बढ़त दिखी, जबकि कुछ में समर्थक पक्ष आगे था। यही वजह है कि जनमत संग्रह के नतीजों को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री क्रिस्त्रून फ्रॉस्टाडॉटिर की सरकार ने कहा है कि वह जनता के फैसले का सम्मान करेगी। अगर ‘हां’ पक्ष जीतता है तो आइसलैंड और यूरोपीय संघ के रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। वहीं ‘नहीं’ की जीत देश के ईयू से दूरी बनाए रखने के मौजूदा रुख को मजबूती देगी।
तमिलनाडु सरकार राशन की दुकानों से रियायती दरों पर प्याज बेचने की योजना बना रही

चेन्नई। खुदरा कीमतों में वृद्धि के कारण राज्य भर में आम लोगों के बजट पर दबाव पड़ने के बाद, तमिलनाडु का सहकारी क्षेत्र राशन की दुकानों के माध्यम से रियायती कीमतों पर प्याज बेचने की तैयारी कर रहा है। रसोई में इस्तेमाल होने वाली एक आम सामग्री, प्याज, पिछले कुछ हफ्तों में महंगी हो गई है। बड़ी प्याज, जो पिछले महीने के अंत में लगभग 30 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, अब कई खुदरा बाजारों में लगभग 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है। छोटी प्याज, या शैलोट, की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है, जो पिछले महीने लगभग 40-50 रुपये प्रति किलो थी, अब बढ़कर लगभग 70 रुपये प्रति किलो हो गई है। इस वृद्धि से उन उपभोक्ताओं पर और भी बुरा असर पड़ा है जो पहले से ही कई आवश्यक सब्जियों की ऊंची कीमतों से परेशान हैं। बाजार दरों के स्थिर बने रहने के कारण, सहकारी क्षेत्र ने थोक में प्याज की खरीद करके और प्रचलित खुदरा स्तरों से काफी कम कीमतों पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उनकी आपूर्ति करके हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, राज्य ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से संपर्क किया है और 70,000 किलोग्राम प्याज के आवंटन की मांग की है। केंद्रीय एजेंसी से प्याज मिलने के बाद, प्याज को तमिलनाडु भर के राशन दुकानों में वितरित किया जाएगा। इनके 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिकने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ताओं को खुले बाजार की कीमतों की तुलना में 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक की राहत मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि पहली खेप से आगे की मात्रा मंगाने से पहले मांग का आकलन करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित हस्तक्षेप का उद्देश्य परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करना और अचानक हुई मूल्य वृद्धि के प्रभाव को कम करना है। पहले भी सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं और राशन की दुकानों का उपयोग आवश्यक वस्तुओं को नियंत्रित कीमतों पर बेचने के लिए किया जाता रहा है, जब भी आपूर्ति की कमी या मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण खुदरा कीमतों में तेजी से वृद्धि होती थी। रियायती बिक्री कार्यक्रम शुरू होने के दौरान अधिकारियों से थोक और खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतों और उपलब्धता पर नजर रखने की उम्मीद की जाती है।
शीर्ष 10 में से 7 कंपनियों का मार्केटकैप 1.13 लाख करोड़ रुपए घटा, एयरटेल टॉप लूजर

मुंबई। देश की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों का मार्केटकैप बीते हफ्ते 1.13 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार के मुख्य सूचकांकों में गिरावट होना था। शीर्ष कंपनियों में भारतीय एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एलआईसी और एचयूएल लूजर्स में शामिल थे। वहीं, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई हरे निशान में बंद हुए। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 40,500.85 करोड़ रुपए कम होकर 11,74,462.30 करोड़ रुपए हो गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 40,056.32 करोड़ रुपए घटकर 17,38,119.27 करोड़ रुपए पहुंच गया है। एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 11,558.35 करोड़ रुपए घटकर 11,09,600.70 करोड़ रुपए, बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 10,086.05 करोड़ रुपए कम होकर 6,70,535.57 करोड़ रुपए, एलएंडटी का बाजार मूल्यांकन 6,473.45 करोड़ रुपए कम होकर 5,55,987.49 करोड़ रुपए, एलआईसी का मार्केटकैप 3,162.50 करोड़ रुपए कम होकर 5,32,817.81 करोड़ रुपए और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एलयूएल) का मार्केटकैप 1,550.73 करोड़ रुपए कम होकर 4,72,361.83 करोड़ रुपए हो गया है। दूसरी तरफ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केटकैप 16,643.20 करोड़ रुपए बढ़कर 8,48,079.71 करोड़ रुपए, आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 4,475.28 करोड़ रुपए बढ़कर 10,22,805.73 करोड़ रुपए और एसबीआई का मार्केटकैप 599.99 करोड़ रुपए बढ़कर 9,65,568.75 करोड़ रुपए हो गया है। साप्ताहिक गिरावट के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के हिसाब से भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही, इसके बाद एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, टीसीएस, बजाज फ़ाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। पिछले हफ्ते बेंचमार्क सेंसेक्स 276.32 अंक या 0.35 प्रतिशत गिरकर 77,264 जबकि निफ्टी में 76.35 अंक या 0.31 प्रतिशत की गिरावट 24,175 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 102.25 अंक या 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,080 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 333.75 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64,069 पर बंद हुआ।
राहुल को दलितों की नहीं सत्ता की चिंता’, चाय वाले बयान पर गिरिराज सिंह का पलटवार

पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चाय की दुकान वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर दलित समुदाय की चिंताओं को दूर करने के बजाय सत्ता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने और राजनीतिक लाभ के लिए समाज में फूट डालने का आरोप लगाया। दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि चाय की दुकान पर दो तरह के कप होते हैं। एक कप दलितों को दिया जाता है, जिसे इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है और दूसरा सवर्ण समाज का कप होता है, जो फिर से इस्तेमाल किया जाता है। उनके इस बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “मुझे लगता है कि आजकल राहुल गांधी के मन में यही चल रहा है। उन्हें शायद चाय की दुकान खोल लेनी चाहिए। मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी वहां मौजूद थे। खड़गे उन्हें पानी दे रहे थे। उन्होंने उनका दिया पानी नहीं पिया। तो वे खुद ही छुआछूत को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि पूरा देश और समाज छुआछूत के विरोध में है।” गिरिराज सिंह ने आगे कहा, “मैंने देखा कि जिस चाय की दुकान का फोटो वो दे रहे थे, खुद शीशे के गिलास में पी रहे थे और सब कागज के गिलास में। तो मुझे लगता है ये नौटंकी उन्हीं के दिमाग का खुराफात है। अभी वो कैसे देश में सामाजिक स्तर पर समाज को एक दूसरे से लड़ावें, यही उनके दिमाग में चल रहा है। चाहे विद्यार्थी के नाम पर हो या चाहे किसी और के नाम पर हो।” गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी को दलित समुदाय की कोई चिंता नहीं है। उन्हें देश पर शासन करने की चिंता है। और सत्ता पाने की इस होड़ में, चाहे पूरा देश आग की लपटों में घिर जाए या दलितों और गैर-दलितों के बीच फूट पड़ जाए, उन्हें कोई परवाह नहीं है।” केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “पूरा देश यह जानता है कि खड़गे सिर्फ एक मुखौटा हैं। राहुल गांधी जो कुछ भी कहेंगे, वही वे कहेंगे और वे उससे आगे कुछ नहीं बोल सकते। अगर वे बोलेंगे, तो उन्हें सीताराम केसरी याद आ जाएंगे और यह भी कि कैसे उनके कपड़े उतरवाकर उन्हें बाहर निकाला गया था।
सीएम योगी बोले- लखनऊ छावनी बनेगी ‘मॉडल छावनी’, राजधानी में विरासत के साथ आधुनिकता का संगम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी को ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा, सुशासन और विकास की नई यात्रा तय की है। आज उत्तर प्रदेश देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस विकसित और सशक्त भारत का सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और लखनऊ इसका जीवंत उदाहरण है। सीएम योगी ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर बोर्ड लगा होता था-‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं।’ लेकिन उस समय शहर के जाम, संकरी गलियों और गंदगी को देखकर लोगों को मुस्कुराने के बजाय परेशान होना पड़ता था। आज लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। आज लखनऊ में पुरानी गलियां भी हैं और स्मार्ट रोड तथा सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें भी हैं। शहर की संकरी गलियों के साथ किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। एक तरफ ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी महान विभूतियों की ऐतिहासिक विरासत है तो दूसरी ओर रक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी लखनऊ बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अपनी चिकनकारी और हस्तशिल्प के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखता है। शहर की खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिली है। विरासत और आधुनिक विकास का यह संगम लखनऊ को देश के प्रमुख शहरों में अलग पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और प्रयासों से लखनऊ छावनी में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन की एआई आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत जैसी पहल भी की जा रही है। इससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। इस दिशा में सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। प्रदेश अभाव, अराजकता और उपद्रव की स्थिति से गुजर रहा था, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश अब इन समस्याओं से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके कार्य को भी जल्द आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क विकसित हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। सैनिक स्कूलों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में सैनिक 24 घंटे तत्पर रहते हैं। ऐसे में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। लखनऊ छावनी को आदर्श छावनी परिषद के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम करेगी। छावनी क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों और सैन्य परिवारों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, शिक्षा, कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ आज अपनी पुरानी पहचान और आधुनिक विकास, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस से लेकर स्मार्ट रोड और विरासत से लेकर आधुनिक बुनियादी ढांचे तक, राजधानी बदलते उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश कर रही है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए भारत से भेजी गई चौथी 11 टन सहायता सामग्री नेपाल पहुंची

काठमांडू। नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत की ओर से भेजी गई चौथी सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया, “11 टन राहत सामग्री लेकर पहुंची चौथी उड़ान नेपाल पहुंच गई है। विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी सहायता अभियान के तहत यह सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।” इस राहत खेप में खोज और बचाव कार्यों के लिए उपकरणों से लैस टनल टेक्निकल टीम और डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट शामिल हैं। इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी थी कि भारत की चौथी राहत उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। उन्होंने लिखा, “यह उड़ान नेपाल के जारी राहत और बचाव कार्यों को सहयोग देने के लिए जरूरी सामग्री और तकनीकी सहायता लेकर पहुंची है।” नेपाल के लिए भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के रवाना होने से पहले भी जयशंकर ने ‘एक्स’ पर बताया था कि विमान में खोज एवं बचाव उपकरणों के साथ सुरंग विशेषज्ञों की टीम, डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ और फोरेंसिक उपकरण भेजे जा रहे हैं। साथ ही विमान में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी राहत सामग्री भी भेजी गई। जयशंकर ने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए जरूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि सात और बेली पुलों की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे, जबकि इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें आवश्यक दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी को शुद्ध करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। जयशंकर ने कहा, “नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों को हमारा समर्थन लगातार जारी है।” उधर, नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
राहुल गांधी के पास कोई मुद्दे नहीं, जो उठाते हैं उसी पर मात खाते हैं : रविशंकर प्रसाद

पटना। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई मुद्दा नहीं है और वे जिस मुद्दे को उठाते हैं, उसी पर मात खा जाते हैं। पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”राहुल गांधी के पास मुद्दे नहीं हैं। वे जो भी मुद्दा उठाते हैं, उस पर पिट जाते हैं। उन्होंने वंदे मातरम का मुद्दा उठाया तो उस पर भी पिट गए।” उन्होंने कहा कि राजेंद्र प्रसाद और सरदार पटेल समेत देश के प्रमुख नेताओं ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और उसकी पूरी रचना के गायन की बात कही थी। उन्होंने कहा कि संविधान सभा के अध्यक्ष के तौर पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी ‘वंदे मातरम’ को देश का राष्ट्रगीत और ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान बताया था। भाजपा नेता ने राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर उठाए गए सवालों पर भी निशाना साधा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ‘होमवर्क नहीं करते’ और कोई उन्हें जो चिट पकड़ा देता है, वह वही बोलने लगते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भी जवाब दे चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित व्यक्तित्व से जुड़े सवाल पर भी रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, ”यह पार्टी का कोई कार्यक्रम नहीं था। क्या कांग्रेस पार्टी का अब यह हाल हो गया है कि वह अपनी हैसियत के लिए अपने अध्यक्ष के दलित व्यक्तित्व को लेकर लड़ रही है?” उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि जनता न उनकी बात सुनती है और जनता न उनका सम्मान करती है। अपने जन्मदिन को लेकर पूछे गए सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह जन्मदिन मनाते नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वह नेपाल में थे और वहीं से लौटकर शनिवार को पटना आए हैं। रविवार को वह प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के लिए भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से विनय केसरी द्वारा जन्मदिन पर दी गई शुभकामनाओं के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शुभकामनाओं से भीतर से और मजबूती के साथ काम करने की हिम्मत मिलती है।
जयपुर में बिजली गुल होने से नीट पीजी परीक्षा प्रभावित, 5 सितंबर को फिर होगा एग्जाम

जयपुर। जयपुर के सीतापुरा स्थित आईऑन डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर रविवार को आयोजित नीट पीजी 2026 परीक्षा के दौरान बिजली सप्लाई बाधित होने से अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा के बीच बिजली गुल होने से नाराज अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा किया और केंद्र प्रशासन से बिजली व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रभावित होने की आपत्ति भी दर्ज कराई गई। मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया है। एडीएम सिटी के अनुसार, सीतापुरा स्थित इसी परीक्षा केंद्र पर प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे फिर से आयोजित की जाएगी। इसके लिए संबंधित अभ्यर्थियों को नए री-एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से केंद्र अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और मामले की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जा रही है। देशभर में रविवार को नीट पीजी 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 72 हजार 183 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। जयपुर जिले में परीक्षा के लिए 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे। प्रशासन के आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में कई तरह की पाबंदियां लागू की गईं थी। यह आदेश सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रभावी था। इस दौरान ई-मित्र, फोटोकॉपी सेंटर और साइबर कैफे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई थी। इसके अलावा 300 मीटर के दायरे में कोचिंग संस्थानों के संचालन के साथ लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया। परीक्षा केंद्रों पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रशासन की ओर से संदिग्ध गतिविधियों और अनावश्यक भीड़ पर विशेष निगरानी रखी गई। परीक्षा से संबंधित अफवाहों को सोशल मीडिया पर फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, सीतापुरा केंद्र पर बिजली व्यवस्था बाधित होने की घटना ने परीक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए। अब प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे दोबारा होने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।