ताशकंद में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच वार्ता, भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति जताई। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश मंत्रालय के पश्चिम विभाग के सचिव सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में हुए सम्‍मान और स्‍वागत की तारीफ की। पीएम ने कहा, “कल आपने स्‍वाग में मैंने भोजन के दौरान जो अनुभव क‍िया उसमें आपका प्‍यार साफ द‍िखाई द‍िया। उसके लिए मैं विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।” पीएम मोदी ने कहा, स्वादिष्ट भोजन के साथ-साथ, मुझे प्रतिभाशाली बच्चों का गाना और नृत्य भी देखने को मिला। ऐसा लग रहा था मानो आपने मेरे सामने ह‍िंदुस्‍तान ही खड़ा कर द‍िया हो। मुझे ऐसा लगा क‍ि मेरा गुजरात यहीं है। इसके अलावा, आपने पूरे शहर को भारत के तिरंगे के रंगों से रंग द‍िया। इस दृश्य ने मेरे द‍िल को छू ल‍िया। यह सब दिखाता है क‍ि आप भारत को अपने दिल के करीब रखते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “दो द‍िन आप अपने स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। मैं इस अवसर पर आपको और उज्बेकिस्तान के सभी लोगों को अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।” खुशी का संयोग यह है क‍ि इस वर्ष हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। मुझे खुशी है कि इस विशेष अवसर पर हम अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने जा रहे हैं। हम इसके अंतर्गत ठोस लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ेंगे। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी का ताशकंद में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 52 उज्बेक योग साधकों की भागीदारी वाले एक विशेष योग सत्र को भी देखा। उन्होंने इस योग सत्र की झलकियां अपने ‘एक्‍स’ अकाउंट पर साझा करते हुए कहा, “नमस्ते, आप सभी ने आज बहुत शानदार योग प्रदर्शन किया है। यहां हर उम्र के लोग मौजूद हैं। उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ने के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।” वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “उज्बेकिस्तान को योग पसंद है!” इस योग सत्र ने उनकी यात्रा में एक खास सांस्कृतिक पहलू जोड़ा और यह दिखाया कि उज्बेकिस्तान में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सत्र में शामिल प्रतिभागियों में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान के छह सदस्य भी थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। ताशकंद हवाई अड्डे पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उन्होंने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का धन्यवाद भी किया। ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके इस विशेष सम्मान के लिए मैं उनका आभारी हूं। यह मेरी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और लगातार बढ़ती गति को दर्शाती है।” उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने ‘मोदी मोदी’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के स्वागत पर खुशी जताते हुए ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर लिखा, “ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बना रहा है।

स्विट्जरलैंड में रेव पार्टी के दौरान चली गोलियां, 1 की मौत और 5 घायल

बर्न। स्विट्जरलैंड का आरौ रविवार तड़के गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक रेव पार्टी को निशाना बनाया गया। इस वारदात में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 5 घायल हो गए। गोलीबारी की घटना आरौ के शाचेन इलाके में रात करीब 2:30 बजे (स्थानीय समय) हुई। स्विट्जरलैंड के अखबार ‘ब्लिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी के बाद पुलिस ने हॉर्स रेसिंग ट्रैक के पास घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने गोलीबारी की घटना में हताहतों की पुष्टि की है। पुलिस ने कहा, “शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आराऊ के शाचेन इलाके में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।” पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है और शहर के केंद्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने एक्स पोस्ट में कहा, “हॉर्स रेसिंग ट्रैक, स्विमिंग पूल और स्पोर्ट्स फील्ड के आसपास के इलाके की बड़े पैमाने पर घेराबंदी की गई है। पुलिस लोगों से इस इलाके से दूर रहने को कह रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस आरौ के बाहर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।” पुलिस ने आगे कहा, “बड़े पुलिस ऑपरेशन के कारण, आरौ स्विमिंग पूल अगली सूचना तक बंद रहेगा। लोगों से अनुरोध है कि वे शाचेन से दूर रहें।” ‘ब्लिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, आर्गौ कैंटोनल पुलिस की मीडिया प्रवक्ता वैनेसा रम्पोल्ड ने कहा कि गोलीबारी हॉर्स रेसिंग ट्रैक पर हुई और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या हुआ था। पुलिस ने पुष्टि की है कि लोगों के एक बड़े समूह ने कई राउंड फायरिंग की। आर्गौ कैंटोनल डिजास्टर रिस्पॉन्स यूनिट (केकेई) और सेना का सुपर पूमा हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने एक्स पर कहा, “अज्ञात हमलावर की तलाश जारी है। अपराध के संभावित मकसद और घटना के सही हालात अभी स्पष्ट नहीं हैं। आर्गौ कैंटोनल पुलिस भारी बल के साथ तैनात है और उसने जांच शुरू कर दी है।

‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत अमृतसर में सफाई अभियान, ‘आप’ विधायक बोले- ये हम सबकी जिम्मेदारी

अमृतसर। आम आदमी पार्टी (आप) विधायक अजय गुप्ता ने रविवार को अमृतसर के ऐतिहासिक जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत सफाई अभियान की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आप विधायक अजय गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पंजाब में, पंजाब के बेटे भगवंत सिंह मान और हमारे राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आज हमने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया है।” उन्होंने कहा कि उनका निर्वाचन क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां सचखंड श्री हरमंदर साहिब और श्री दुर्ग्याणा तीर्थ जैसे पवित्र स्थल आते हैं। यह गुरुओं, पीरों, पैगंबरों, वीरों और शहीदों की धरती है। यहां रोजाना 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए शहर का साफ-सुथरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “हम सब मिलकर इस पवित्र शहर को साफ-सुथरा रखें। क्योंकि कोई भी मुहिम तब तक कामयाब नहीं होती जब तक लोगों का सहयोग न मिले। मैं चाहता हूं कि सभी लोग अपने आसपास गंदगी न फैलाएं, खुद भी न डालें और किसी और को भी न डालने दें।” वहीं, नगर निगम के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि अमृतसर गुरुओं की नगरी है। यह पीरों-पैगंबरों की धरती है। निगम और आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी तरफ से सफाई के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि एक जन जागरूकता अभियान है, जिसमें लोगों को जोड़ना जरूरी है। मेयर ने कहा, “हमने जो यह जागरूकता अभियान शुरू किया है, इसके साथ लोगों को भी जोड़ना चाहते हैं ताकि हम मिलकर अपने इस पवित्र शहर को खूबसूरत और साफ-सुथरा बनाएं। इसके तहत हमने पहले भी जो जागरूकता अभियान चलाए थे, उसमें हमें बहुत बड़ी सफलता मिली है। हमारे शहरवासी बहुत सुलझे हुए लोग हैं और काफी ज्यादा इन्होंने साथ देना शुरू किया है, लेकिन अभी भी काफी कमी है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में निगम, सरकार और लोगों के सहयोग से अमृतसर को देश का सबसे खूबसूरत और साफ-सुथरा शहर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सफाई अभियान लगातार चलते रहेंगे और हर वार्ड में लोगों को जागरूक किया जाएगा।

लखनऊ में राजनाथ सिंह बोले, अंतरराष्ट्रीय मंच पर अब भारत की बात पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है

लखनऊ। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है। उन्होंने कहा कि यह भारत के बढ़ते कद और बदलती वैश्विक हैसियत का प्रमाण है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी परियोजनाओं और आधुनिक इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को अवसर और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। रक्षा मंत्री ने रविवार को लखनऊ छावनी परिषद में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को वह केवल निर्माण कार्य के तौर पर नहीं देखते। ये लखनऊ छावनी के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता हैं और वास्तव में ’12 परियोजनाएं नहीं, 12 संकल्प’ हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिशा में पूरी निष्ठा और लगन से काम कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत जब अपनी बात रखता था तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितनी वह हकदार थी। आज स्थिति बदल गई है। अब जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह भारत की बढ़ती हुई हैसियत और कद का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का मतलब केवल बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और आधुनिक इमारतें खड़ी करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ तब होगा, जब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलकूद के अवसर मिलें तथा कोई दिव्यांग बच्चा खुद को समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। रक्षा मंत्री ने कहा कि समय बदलने के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें भी बदलती हैं। ऐसे में विकास के अनुरूप नियमों में बदलाव जरूरी है। इसी क्रम में लखनऊ छावनी क्षेत्र में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले छावनी क्षेत्र में जी प्लस-2 यानी ग्राउंड प्लस दो मंजिल तक निर्माण की व्यवस्था थी। अब इसे बढ़ाकर जी प्लस-3 किया गया है। पार्किंग को शामिल करने पर अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लखनऊ छावनी को उसकी समृद्ध विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए तेजी से विकसित करना है। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारी पहचान और स्मृतियों में भी होना चाहिए। इसी भावना के तहत लखनऊ छावनी परिषद में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े भारतीय महापुरुषों एवं विभूतियों के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम अब एकता बाजार, ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम वीरांगना ऊदा देवी बाजार और ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम माता दीन वाल्मीकि बाजार किया गया है। एक अन्य ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम मंगल पांडे बाजार रखा गया है। वहीं कैनेडी मार्केट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट किया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि बाजारों के नाम बदलना केवल औपचारिकता नहीं है। इन नामों के जरिए नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और समाज के लिए योगदान देने वाली महान विभूतियों से परिचित कराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि नए नाम केवल बाजारों और सड़कों के पते नहीं बदलेंगे, बल्कि लोगों की स्मृतियों और नई पीढ़ी की सोच में भी भारतीय इतिहास की छाप छोड़ेंगे। राजनाथ सिंह ने लखनऊ में हो रहे तेज विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति, शिक्षा, खेलकूद, बाढ़ नियंत्रण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी में विकास परियोजनाओं के माध्यम से सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। छावनी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को भी संरक्षित रखा जाएगा। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास का उद्देश्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और बेहतर जीवन की नींव तैयार करना है।

हिंदू-मुस्लिम एकता पर मोहन भागवत के बयान पर अयोध्या के संत बोले- यह उनकी निजी सोच

अयोध्या। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर संतों की प्रतिक्रिया सामने आई है। महंत राजू दास ने कहा कि मुस्लिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन कट्टरपंथ को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए महंत राजू दास ने कहा, “संघ प्रमुख की ओर से सही कहा गया है कि मुसलमान के बिना देश अधूरा है। जिन मुसलमानों को राष्ट्र से प्रेम है और संविधान से लगाव है, उन्होंने उनके लिए कहा है। लेकिन ये बात उन लोगों के लिए नहीं कही जा सकती है, जो भारत के टुकड़े होने की बात करते हैं और जिनको संविधान से लगाव नहीं है। मेरा मानना है कि धर्म के आधार पर देश का बंटवारा करके कांग्रेस ने महापाप किया था। कांग्रेस ने हिंदुस्तान को धर्मशाला बना दिया। भारत में रहने वाले सभी हिंदुस्तानी हैं।” हिंदू-मुस्लिम एकता पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आईएएनएस से कहा, “आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि यह सोचना कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए, हिंदू धर्म नहीं है। भगवान राम की पवित्र जन्मभूमि अयोध्या धाम से, मैं, तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य, यह कहना चाहता हूं कि यह बयान आरएसएस का नहीं, बल्कि मोहन भागवत का निजी बयान है। यह सनातन धर्म, राष्ट्र और मानवता के खिलाफ है।” हिंदू-मुस्लिम एकता पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मोहन भागवत ने कहा है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहने की बात करने वाला हिंदू धर्म का अनुयायी नहीं हो सकता है। मैं भगवान राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या धाम से, तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर के तौर पर कहना चाहता हूं कि यह संघ का नहीं, बल्कि मोहन भागवत का निजी विचार है।” जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि कोई हमारी संस्कृति को मिटाए, यह बर्दाश्त नहीं है। अगर ऐसा न होता तो देश का बंटवारा न हुआ होता। मोहन भागवत का यह व्यक्तिगत बयान है, इसको संगठन का बयान न समझा जाए। एक और संत ने कहा कि यह मोहन भागवत का भावनात्मक बयान है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। भारतीय सनातन परंपरा मानवता को अपना अभिन्न हिस्सा मानती है और मानव कल्याण के लिए कामना करती है। भारत धर्मनिरपेक्ष इसलिए है कि देश का मूलभूत मानव, मूलभूत संस्कृति, और मूलभूत परंपरा सनातन से प्रेरित है। हिंदुत्व अपनी विचारधारा पर काम करता है और ऐसा किया जाना चाहिए।

टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल फेंकना चिंताजनक, गेंदबाजों को बहाना नहीं करना चाहिए: सुनील गावस्कर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल में संपन्न 2 टेस्ट मैचों की श्रीलंका सीरीज 1-0 से अपने नाम की। गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम को 165 रन से जीत मिली थी। कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में जीत की स्थिति में होने के बावजूद भारतीय टीम को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। कोलंबो में भारतीय गेंदबाज श्रीलंका की दूसरी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट नहीं कर सके और टेस्ट ड्रा रहा। भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में देवदत्त पड्डिकल और मानव सुथार के रूप में 2 स्टार मिले। देवदत्त पड्डिकल ने बल्लेबाजी और सुथार ने गेंदबाजी में असाधारण प्रदर्शन किया। गेंदबाजी भारत के लिए चिंता का विषय रही। दूसरे टेस्ट में भारत की तरफ से 13 नो बॉल फेंके गए। यह किसी भी टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है। भारतीय टीम द्वारा फेंके गए नो बॉल की संख्या पर सुनील गावस्कर ने कहा, “भारतीय गेंदबाजों को नो-बॉल पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इससे खेल प्रभावित होता है। खेल के बहुत कम पहलू ऐसे होते हैं जो पूरी तरह से खिलाड़ियों के नियंत्रण में होते हैं, और एक बल्लेबाज का गार्ड लेना और एक बॉलर का नो-बॉल न करना, ऐसे ही दो पहलू हैं। खिलाड़ी इंटरव्यू के दौरान कंट्रोल में काम करने की बात करते हैं। आज के दौर में रन-अप को मार्क करने के लिए एक टेप मेजर मौजूद है। इस वजह से गेंदबाजों के पास नो बॉल फेंकने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए।” श्रीलंका सीरीज के बाद भारतीय टीम की अगली सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ है। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैच 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम अफगान सीरीज में अपना दबदबा कायम रखने के लिए उतरेगी।

नेपाल पहुंचा भारतीय फोरेंसिक दल, नेपाली टीम संग मिलकर करेगा काम

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने काठमांडू पहुंचे भारतीय फोरेंसिक टीम से मुलाकात की। ये दल नेपाल की टीम संग मिलकर त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में मदद करेगी। इस आपदा के बाद भारत सहित कई देशों के परिवार अपने लापता परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल पहुंचे भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। ये टीम अपने नेपाली समकक्षों के साथ मिलकर फ्लैश फ्लड का शिकार हुए लोगों के शवों की पहचान में मदद करने के लिए डीएनए नमूनों का मिलान करेगी। वहीं, राजदूत श्रीवास्तव की एक्स पोस्ट के मुताबिक, “राहत सामग्री लेकर पहुंची चौथी फ्लाइट में आए भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से काठमांडू में मुलाकात की। वे अपने नेपाली समकक्षों संग मिलकर रसुवा में आई भयानक बाढ़ के दौरान जान गंवाने वालों के डीएनए सैंपल का मिलान करेंगे। भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट रविवार को नेपाल पहुंची। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान राहत सामग्री के साथ नेपाल पहुंच गया है। इस विमान में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करने वाली एक टनल टेक्निकल टीम और जरूरी उपकरण भेजे गए हैं। यह मिशन भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की संयुक्त निगरानी में संचालित किया जा रहा है। नेपाल में 26 अगस्त को मध्य नेपाल और नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़े स्तर पर खोज और राहत अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार तक मृतकों की संख्या 700 पार पहुंच गई है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को हुए नुकसान के कारण आपदा ग्रस्त क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयां आ रही हैं।

पीएम स्वनिधि योजना की सहायता से 35 लाख महिलाएं जुड़कर बढ़ा रहीं अपना कारोबारः पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 137वें एपिसोड में पीएम स्वनिधि योजना का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश भर में 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे शहरों और कस्बों की सड़कों पर प्रतिदिन सुबह से शाम तक लाखों महिलाएं अपने-अपने काम में जुटी रहती हैं। कोई सब्जी बेचती है तो कोई फल और कोई चाय का ठेला लगाती है। कोई फूल, दीये और पूजा की सामग्री बेचती है। बस थोड़ी सी पूंजी की कमी है, जो इनके कारोबार को आगे बढ़ने से रोक देती है। लेकिन अब ऐसी लाखों बहनों और माताओं को पीएम स्वनिधि योजना से नई ताकत मिल रही है। महिला सशक्तीकरण के इस पहलू की उतनी चर्चा नहीं होती है, जितनी होनी चाहिए। पीएम स्वनिधि योजना की लाभार्थियों में करीब 46 फीसदी महिलाएं हैं, यानी देश भर में 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “गाजियाबाद की बबिता शर्मा इसका एक अच्छा उदाहरण हैं। बबिता शर्मा पूजा सामग्री का एक छोटा सा स्टाल लगाती थीं। फूल, दीये, आगरबत्ती और नारियल जैसी चीजें बेचकर अपने परिवार की आजीविका में हाथ बंटाती थीं। बबिता मेहनत खूब करती थीं, लेकिन कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। इसके बाद बबिता को पीएम स्वनिधि योजना से आर्थिक मदद मिली, जिससे उन्होंने अपने स्टाल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। इससे ग्राहक बढ़े और आमदनी भी बढ़ी। धीरे-धीरे सड़क के किनारे उनका छोटा सा स्टाल एक दुकान में बदल गया।” पीएम मोदी ने कहा, “इसी तरह बेंगलुरु की टीएस निंगम्मा की मिशाल भी बहुत प्रेरक है। निगम्मा और उनके पति ने मिलकर इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा सा कारोबार शुरू किया। काम चल पड़ा लेकिन इसे बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। निग्गमा को भी पीएम स्वनिधि से सहयोग मिला। उन्होंने अपनी कार्ट बेहतर की, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू में कई चीजें जोड़ी। इससे ग्राहक बढ़े, आमदनी बढ़ी और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई। आज निंगम्मा अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हुई हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “जब एक महिला का कारोबार बढ़ता है तो पूरे परिवार का भविष्य आगे बढ़ता है। बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है और घर की जरूरतें पूरी होती हैं। इससे महिला के भीतर आत्मविश्वास मजबूत होता है। यही तो है महिला सशक्तीकरण का एक जीवंत रूप। मैं रेहड़ी-पटरी के काम से जुड़ी सभी महिलाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देता हूं।” बता दें कि पीएम स्वनिधि केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना है, जो रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूंजी, वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है। पीएम स्वनिधि योजना को कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया था, ताकि उन रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जा सके, जिनके व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए थे। यह रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के लिए पहली समर्पित सूक्ष्म-ऋण योजना है, जो अनौपचारिक कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा हैं और औपचारिक ऋण तक अक्सर उनकी पहुंच सीमित होती है। इसका उद्देश्य उनके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए उनके व्यवसायों के विकास को समर्थन देना है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को क्रमिक ऋण किश्तों के माध्यम से 15,000 रुपये, 25,000 रुपये और 50,000 रुपये तक के बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी, क्रेडिट गारंटी सहायता और पात्र विक्रेताओं के लिए 30,000 रुपये तक का यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए जाते हैं।

मोहन भागवत के ‘हिंदू-मुस्लिम’ वाले बयान का भाजपा नेताओं ने किया समर्थन, कहा- यही भारत की असली पहचान

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम से जुड़े दिए गए बयानों पर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन सहित भाजपा के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी। मोहन भागवत ने ‘एक दुनिया, एक मानवता’ कार्यक्रम में कहा कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। भागवत के बयान पर भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने आईएएनएस से कहा, “हिंदू सबको साथ लेकर चलने वाला है। ‘हिंदू’ न तो किसी पंथ का नाम है, न ही किसी धर्म का, और न ही ‘हिंदू’ को पूजा के किसी खास तरीके से बांधा जा सकता है। हिंदू होना जीवन जीने का एक तरीका है। इसलिए, जो व्यक्ति हिंदू है, या हिंदुत्व या हिंदू धर्म में विश्वास रखता है, वह सबको साथ लेकर चलने वाला होता है। उनके लिए सभी पंथों, धर्मों और अलग-अलग रास्तों को मानने वाले लोग बराबर होते हैं। इसीलिए मोहन भागवत ने सही कहा कि कोई व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता अगर वह मुसलमानों के खिलाफ हो या मुसलमानों को अपना हिस्सा न मानता हो।” भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “अमेरिका में सरसंघचालक ने जो संदेश दिया, वह उन्होंने पहले भी दिया है। कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग हो सकते हैं जो ऐसा सोचते हों। भारत में रहने वाले किसी भी भारतीय नागरिक की पूजा-पद्धति चाहे जो भी हो, वह भारत में ही रहेगा। हिंदुत्व की अवधारणा में भी मुस्लिम समुदाय को कहीं भी अलग-थलग या बाहर नहीं माना जाता है। हम ‘वसुधैव कुटुंबकम’ में विश्वास रखते हैं। लेकिन संघ और भाजपा के बारे में गलतफहमियां और गलत राय बनाकर, कई लोग इसका शिकार हो जाते हैं। मुसलमानों के बिना देश नहीं चल सकता। प्रधानमंत्री भी कहते हैं सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास। सरसंघचालक ने भी कहा है कि मुसलमानों के बिना इस देश की कोई कल्पना नहीं हो सकती।” भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कहा, “मोहन भागवत ने बहुत सही बात कही है। यहां मुद्दा तुष्टीकरण के खिलाफ था, न कि किसी धर्म के खिलाफ। हर धर्म के व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। जब राजनीतिक पार्टियां तुष्टीकरण के लिए इसका गलत इस्तेमाल करती हैं और उससे पैदा हुई स्थिति से निपटना होता है, तो मोहन भागवत की बात बिल्कुल सही थी। यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं था।” भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा, “अमेरिका में उन्होंने (मोहन भागवत) नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने भारत की असली पहचान दिखाई है और दुनिया भर के लोगों को भारत की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराया है। मोहन भागवत ने अमेरिका में जो कहा, वही भारत की असलियत है। यही भारत की पहचान है, यही भारत की मिट्टी और संस्कृति का हिस्सा है। यह बात उन लोगों को समझनी चाहिए जो पिछले एक हफ्ते से नफरत और झूठ के आधार पर उनके खिलाफ बोल रहे हैं, चाहे वो न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हों या यहां बैठे विपक्ष के सदस्य, जिन्हें लगता है कि आरएसएस का विरोध करके वे आगे बढ़ सकते हैं या कुछ हासिल कर सकते हैं।” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा, “अमेरिका में मोहन भागवत ने जो बातें कहीं, वे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जो भी हिंदू चाहता है कि भारत ‘मुस्लिम-मुक्त’ हो, वह असल में हिंदू नहीं है। यह उनकी समावेशी सोच और देश-निर्माण व सामाजिक विकास के प्रति आरएसएस की हमेशा से रही प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि राहुल गांधी भारत के जोहरान ममदानी बनते जा रहे हैं। आरएसएस के प्रति जोहरान ममदानी के मन में जैसी नफरत है, वैसी ही राहुल गांधी के मन में भी है और पवन खेड़ा व प्रियांक खड़गे के मन में भी है।” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, “पूरा विश्व एक परिवार है। जन्म-आधारित भेदभाव हमारे समाज और सोच का हिस्सा हो ही नहीं सकता। मोहन भागवत ने जो कहा, वह सटीक है।

टिम कुक के साथ समाप्त होगा एप्पल में एक युग, कंपनी का मार्केटकैप 350 अरब डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर के पार

नई दिल्ली। एप्पल के मौजूदा सीईओ टिम कुक का कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त हो रहा है और उनकी जगह अब जॉन टर्नस कार्यभार संभालेंगे। हालांकि, कुक कंपनी के बोर्ड एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में कार्य करते रहेंगे। कुक का सीईओ के रूप में कार्यकाल काफी हद तक सफल रहा है। उन्होंने यह जिम्मेदारी अगस्त 2011 में स्टीव जॉब की खराब सेहत के बाद दी गई थी। कुक के 15 वर्षों के कार्यकाल में कंपनी का मार्केटकैप 350 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। इस दौरान एप्पल के शेयर की कीमत 13 डॉलर से बढ़कर 320 डॉलर के करीब पहुंच गई है, जो कि करीब 25 गुना की बढ़ोतरी को दिखाता है। कुक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक एप्पल को एक ऐसे बिजनेस में बदलना है जो सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। ऐप स्टोर, एप्पल म्यूजिक और एप्पल पे जैसी सर्विसेज ने कंपनी को तेज ग्रोथ हासिल करने में मदद की है। सर्विसेज सेगमेंट से अब सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई होती है और इसमें एप्पल के हार्डवेयर बिजनेस के मुकाबले ज्यादा मार्जिन मिलता है। कुक ने एप्पल की चिप स्ट्रैटेजी में भी एक बड़ा बदलाव किया। कंपनी ने इंटेल पर अपनी निर्भरता खत्म की और एप्पल सिलीकॉन प्लेटफॉर्म के तहत मैक कंप्यूटर के लिए अपने प्रोसेसर डिजाइन करना शुरू किया। इस बदलाव से एप्पल को परफॉर्मेंस, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और अपने बड़े हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम पर ज्यादा कंट्रोल मिला। उनके कार्यकाल में नए तरह के प्रोडक्ट्स भी आए। एप्पल ने 2015 में एप्पल वॉच लॉन्च की, जिसमें हेल्थ, फिटनेस और रोजमर्रा की कनेक्टिविटी पर फोकस किया गया था। एक साल बाद, कंपनी ने एयरपॉड्स लॉन्च किए, जिससे वायरलेस ईयरबड्स एक आम कंज्यूमर कैटेगरी बन गए और एप्पल के लिए कमाई का एक और बड़ा जरिया तैयार हुआ। हालांकि, कुक का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2012 में लॉन्च हुए एप्पल मैप्स को शुरुआती दिनों में गलत और अधूरी जानकारी के कारण काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। हाल ही में, 2023 में लॉन्च किए गए विजन प्रो मिक्स्ड-रियलिटी हेडसेट को बड़े पैमाने पर अपनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, क्योंकि इसकी ज्यादा कीमत ग्राहकों के लिए एक बड़ी रुकावट बन गई है। आखिरकार एप्पल ने अपने महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस व्हीकल प्रोग्राम, जिसे ‘प्रोजेक्ट टाइटन’ के नाम से जाना जाता था, को भी बंद कर दिया। कई सालों के डेवलपमेंट, ज्यादा लागत और कमर्शियल सफलता को लेकर अनिश्चितता के कारण कंपनी को इस प्रोजेक्ट को रोकना पड़ा। शायद एप्पल के अगले दौर से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है। जहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ओपनएआई ने कंज्यूमर और एंटरप्राइज प्रोडक्ट्स में एआई को शामिल करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं, वहीं एप्पल ने ज्यादा सोच-समझकर और नपे-तुले तरीके से काम किया है, जिसमें प्राइवेसी, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और ऑन-डिवाइस कंप्यूटिंग पर जोर दिया गया है। यह रणनीति कुक के उत्तराधिकारी, जॉन टर्नस के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है। एप्पल ने अपने इकोसिस्टम में एआई क्षमताएं लाने में प्रगति की है, लेकिन कंपनी पर प्रतिद्वंद्वियों की रफ्तार का मुकाबला करने का दबाव बढ़ रहा है। कुक की एप्पल यात्रा असाधारण फाइनेंशियल ग्रोथ, सफल नए बिजनेस और प्रोडक्ट्स, और साथ ही ऐसी कोशिशों का मिला-जुला अनुभव रही है जो उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। फिर भी, एप्पल के विस्तार और बदलाव में उनके योगदान को नजरअंदाज करना मुश्किल है।