कानपुर में प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त, दोनों पायलटों की मौत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे स्थित एक खेत में गुरुवार को दो इंजन वाला प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले संभवतः नियंत्रण खो बैठा था। कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पायलट और सह-पायलट दोनों की मौत की पुष्टि की। पुलिस और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल को घेर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पायलट सचिन गुजरात के निवासी थे और उनके पास 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था। सह-पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक के रहने वाले थे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, चार सीटों वाला दो इंजन का टेकनम प्रशिक्षण विमान सुबह करीब 11:50 बजे ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्थापुरवा गांव स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को दे दी गई है और उसकी टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचने की संभावना है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। जांच जारी है और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों की प्रतीक्षा की जा रही है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में प्रशिक्षण विमानों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। जून में उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक दो सीटों वाला प्रशिक्षण विमान खेत में गिर गया था, जिसमें महिला पायलट मामूली रूप से घायल हुई थीं। वहीं मई में महाराष्ट्र के बारामती के पास गोजुबावी गांव के निकट रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी के एक प्रशिक्षण विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी।

‘बालकृष्णन ने अपना जीवन विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया’, पीएम मोदी ने निधन पर जताया दुख

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवेकानंद शिला स्मारक एवं विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष रहे ए. बालकृष्णन के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने बालकृष्णन के समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के पांच दशक से अधिक स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा को समर्पित किए। पीएम मोदी ने कहा, “पूर्वोत्तर से उनका विशेष जुड़ाव था। उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ए. बालकृष्णन के साथ मुलाकात की पुरानी फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष के रूप में सेवा करने वाले ए. बालकृष्णन जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। बालकृष्णन ने अपने जीवन के पांच दशकों से अधिक स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और समाज सेवा में समर्पित किए। विवेकानंद केंद्र के प्रारंभिक जीवनव्रतियों में से एक के रूप में उन्होंने पूरे देश में अथक परिश्रम किया। पूर्वोत्तर से उनका विशेष जुड़ाव था। उन्होंने आगे लिखा, “उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवेकानंद केंद्र के संपूर्ण परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।” पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ए. बालकृष्णन के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”विवेकानंद शिला स्मारक और विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनकी नि:स्वार्थ सेवा, और खासकर अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उनके अहम योगदान को अरुणाचल प्रदेश के लोग और पूरा देश हमेशा याद रखेगा। वे एक सच्चे कर्मयोगी थे, जिनका जीवन सेवा की भावना का प्रतीक था। उनके परिजनों और करीबियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा, ”स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन का ध्येय बनाकर राष्ट्रसेवा में समर्पित विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय अध्यक्ष रहे ए. बालकृष्णन के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवनधर्म मानकर उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रकार्य, समाज जागरण, शिक्षा और संगठन निर्माण में स्वयं को समर्पित रखा। विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में उनका योगदान राष्ट्रसेवा की एक प्रेरक परंपरा के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं विवेकानंद केंद्र परिवार, कार्यकर्ताओं और उनके असंख्य शुभचिंतकों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।” असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी ए. बालकृष्णन के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा, ”विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्रद्धेय ए. बालकृष्णन के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। एक सच्चे कर्मयोगी और जीवनव्रती कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने कन्याकुमारी के समुद्र तट से लेकर असम में ब्रह्मपुत्र के तट तक, देशभर में विवेकानंद केंद्रों को नई ऊर्जा से संचालित किया। असम सहित पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा। एक सच्चे राष्ट्रभक्त को भावभीनी श्रद्धांजलि।

नेपाल बाढ़: 177 की मौत, 800 से ज्यादा लापता; टिमुरे में 21 भारतीयों को बचाया गया

काठमांडू। नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 177 हो गई है, जबकि 800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने मृतकों की संख्या को लेकर अपडेट दिया। बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक 177 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चीन के तिब्बती इलाके से शुरू हुई भीषण बाढ़, सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में तबाही मचाती हुई आगे बढ़ी। ये शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे कई जिलों से बरामद किए गए, जिनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर शव नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाके चितवन से बरामद किए गए। नेपाल की सरकार ने कहा कि गुरुवार सुबह से ही बचाव कार्य जारी है, क्योंकि बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम ऑफिस और बिजली के बुनियादी ढांचे समेत कई जगहों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, 800 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान चलाया और बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक, टिमुरे से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इनमें से 579 पर्यटक थे, हालांकि अथॉरिटी ने यह साफ नहीं किया कि वे विदेशी पर्यटक थे, घरेलू पर्यटक थे या दोनों। इसी तरह, रसुवा और नुवाकोट जिलों से नेपाली सेना के 48 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के 13 जवान और 162 अन्य लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि प्रधानमंत्री शाह गुरुवार सुबह नुवाकोट जिले की बाढ़ प्रभावित बिदुर नगर पालिका आपदा ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान का आकलन करेंगे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ राहत, पुनर्वास और बाधित बुनियादी ढांचा सेवाओं को फिर से शुरू करने पर चर्चा करेंगे। पीएमओ ने कहा कि उनसे यह भी उम्मीद की जाती है कि वे सभी बाढ़ पीड़ित इलाकों में तेजी से राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के लिए जरूरी निर्देश जारी करेंगे।

नेपाल बाढ़ त्रासदी पर गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने जताया दुख, कहा- प्रभावित परिवार को दें हिम्मत

नई दिल्ली। नेपाल में आई भारी प्राकृतिक आपदा पर भारतीय आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस समय नेपाल बड़ी आपदा का सामना कर रहा है। लापता यात्रियों और भारी क्षति के बीच, हमें उन परिवारों के साथ खड़ा होना है। सब मिलकर प्रार्थना करें कि उन्हें शक्ति मिले। गुरुदेव ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है। उन्होंने वीडियो में कहा, “प्रकृति का प्रकोप और इतनी बड़ी आपदा से इस वक्त नेपाल जूझ रहा है। इसमें कई यात्री जो मानसरोवर के लिए गए हुए थे, वे लापता हैं और बहुत सारे जान-माल का भी नुकसान हुआ है। इस कठिन परिस्थिति में हम सब वहां की जनता के साथ, नेपाल सरकार के साथ खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जो प्रभावित परिवार हैं, उनको हिम्मत दें और प्रार्थना करें ताकि उनको इस कष्ट की परिस्थिति से गुजरने के लिए आत्मबल और सहन करने की क्षमता मिले। हम सब लोग उनके काम आएं और यह प्रार्थना करें कि इस क्लिष्ट परिस्थिति में इस दुख को सहने की शक्ति उनको मिले।” बता दें कि नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 162 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 81 से अधिक लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय यात्री भी इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे कई गांव, होटल और सड़कें बह गईं। नेपाल प्रशासन और सेना की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन दुर्गम इलाका और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल सरकार ने इस आपदा को राष्ट्रीय संकट बताते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। लापता लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद ली जा रही है। भारत सरकार भी लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है और भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

चमोली के बैरासकुंड महादेव मंदिर का क्या है इतिहास? जहां रावण ने शिव की कठोर तपस्या की थी

चमोली। देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में मंदिर और उनसे जुड़ी पौराणिक कहानियां समाहित हैं। ऐसी ही एक पावन और रहस्यमयी भूमि है चमोली जिला, जिसकी गोद में श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर स्थापित है। यह मंदिर अलकनंदा और नंदाकिनी के संगम नंदप्रयाग से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रकृति की गोद में बसा यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है, जहां हर भक्त को सुकून और शिव के आशीर्वाद की अनुभूति होती है। मंदिर की भव्यता पर प्रकाश डालते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक खास वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “चमोली जिले में मौजूद श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर, भगवान शिव को समर्पित एक पुराना और मशहूर शिव धाम है। माना जाता है कि लंका के राजा रावण ने यहां भगवान शिव की बहुत कड़ी तपस्या की थी। इस पवित्र जगह का जिक्र स्कंद पुराण में भी मिलता है। चमोली आने पर श्री बैरासकुंड महादेव के दिव्य दर्शन जरूर करें।” उत्तराखंड के चमोली जिले के घाट विकासखंड (दशोली गढ़) में स्थित श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और पौराणिक स्थल है। मंदिर के ठीक सामने एक पवित्र कुंड स्थित है, जिसके जल से भक्तगण भगवान महादेव का जलाभिषेक करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही पवित्र स्थान है जहां लंकापति रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हजारों वर्षों तक घोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि अपनी तपस्या के दौरान रावण ने महादेव को आहुति देने के लिए इसी स्थान पर अपने नौ (या दस) सिर अर्पित किए थे, जिसके बाद भोलेनाथ ने उसे दर्शन दिए थे। इसी प्रसंग के कारण इस क्षेत्र का नाम ‘दशोली’ भी पड़ा। मंदिर परिसर के पास आज भी रावण का विशाल हवन कुंड और ‘रावण शिला’ मौजूद है, जिस पर रावण की उंगलियों के निशान बताए जाते हैं। यहां भगवान शिव के स्वयंभू शिवलिंग के साथ-साथ रावण की भी पूजा की जाती है। इस क्षेत्र और मंदिर का ऐतिहासिक वर्णन ‘स्कंद पुराण’ के केदार खंड में ‘दश मलेश्वर’ के रूप में मिलता है। फागुन मास की शिवरात्रि और श्रावण मास (सावन) के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा भव्य मेलों और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। गर्भगृह में नंदीश्वर महाराज के साथ भगवान शिव विराजमान हैं। इसके अलावा परिसर में माता दुर्गा, गणेश जी, हनुमान जी और शनिदेव की प्राचीन प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के लंबे समय बाद दिग्गज बल्लेबाज ने लिया पेशेवर क्रिकेट से पूरी तरह अलग होने का फैसला

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डीन एल्गर ने मौजूदा सीजन की समाप्ति के बाद पेशेवर क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कहने की घोषणा की है। एल्गर ने कहा है कि 2026 काउंटी चैंपियनशिप सीजन खत्म होने पर वह रिटायर हो जाएंगे। ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक एल्गर ने कहा, “मुझे लगता है कि पेशेवर क्रिकेट को अंतिम रूप से अलविदा कहने का मेरे लिए यह सही समय है। मैं अब जवान नहीं रहा, 39 साल का हो गया हूं। घर पर मेरे पास एक युवा लेकिन बहुत तेजी से बड़े हो रहे परिवार के लिए बहुत सारी चीजें चल रही हैं। मेरे लिए यह समय घर पर अपने पार्टनर और बच्चों के लिए मौजूद रहने का है।” एल्गर ने कहा, “अब तक का सफर बहुत अच्छा रहा है। यह अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सीजन के आखिर में, मैं रिटायर हो जाऊंगा। मैं खुशकिस्मत था कि मुझे बारह साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करने का मौका मिलना मेरे करियर के सबसे गर्व के पलों में से एक है।” डीन एल्गर ने जनवरी 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। उनकी आखिरी सीरीज भारत के खिलाफ थी। एल्गर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद काउंटी चैंपियनशिप में एसेक्स के साथ करार किया था। टीम के साथ तीन साल के बेहतरीन सफर के बाद एल्गर ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कहने की घोषणा कर दी है। डीन एल्गर के अंतरराष्ट्रीय करियर पर गौर करें, तो दक्षिण अफ्रीका के लिए उन्होंने 86 टेस्ट मैचों की 152 पारियों में 14 शतक और 23 अर्धशतक लगाते हुए 5,347 रन बनाए। इसके अलावा, 8 वनडे की 7 पारियों में 104 रन उनके नाम दर्ज हैं। उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी भी की है।

नेपाल हादसे के बाद मंत्री दिलीप घोष ने दी सलाह, ‘जुलाई-अगस्त में पहाड़ों पर जाने से बचें’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने नेपाल बाढ़ त्रासदी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। यह घटना एक प्राकृतिक आपदा थी और इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, हम अक्सर देखते हैं कि लोग जोखिमों को पूरी तरह समझे बिना पहाड़ों की यात्रा करते हैं।” उन्होंने मानसरोवर यात्रा और पहाड़ी क्षेत्रों में जा रहे यात्रियों को लेकर चेतावनी भी दी। मंत्री ने कहा, “हालांकि प्राकृतिक घटनाएं किसी के नियंत्रण में नहीं होतीं, फिर भी हम बार-बार देखते हैं कि लोग जोखिमों को पूरी तरह समझे बिना पहाड़ों पर चले जाते हैं। हमने ऐसे मामले देखे हैं जहां लोगों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात करने पड़े, जबकि कुछ लोग लापता हो गए। अतीत की ऐसी घटनाएं वास्तव में भयावह रही हैं और उनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए, जुलाई और अगस्त के महीनों में पहाड़ों पर जाने से बचना चाहिए।” दिलीप घोष ने कहा, “चूंकि ऐसी घटनाओं का सटीक स्वरूप अप्रत्याशित होता है, इसलिए सरकार वहां गए लोगों को बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है, चाहे वे जीवित मिलें या मृत।” उन्होंने कहा, “दुनिया में कहीं भी कोई आपदा आने पर भारत हमेशा सबसे पहले मदद करने वाले देशों में से एक रहा है। हम प्रभावित देशों में डॉक्टर, दवाएं, एनडीआरएफ की टीमें और यहां तक ​​कि खोज और बचाव कार्य में मदद करने वाले कुत्ते भी भेजते हैं। चाहे ग्रीस में भूकंप हो या पाकिस्तान में, हमने मदद पहुंचाई है। आपदाओं के समय हमने अफ्रीका और अमेरिका को भी सहायता भेजी है। सेवा को हम सर्वोपरि मानते हैं।” वहीं, घुसपैठियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान ‘भारत कोई धर्मशाला नहीं है’ पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दिलीप घोष ने उनके बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “देश में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने वालों के खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। करोड़ों विदेशी लोग कथित तौर पर देश में घुस गए हैं और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। कुछ राजनीतिक दलों जिनमें टीएमसी भी शामिल है, ने कथित तौर पर उन्हें आश्रय दिया। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में सपा सरकार और दिल्ली में केजरीवाल सरकार पर भी ऐसे लोगों को आश्रय देने का आरोप है। ऐसे में घुसपैठियों को रोकने के लिए सीमाओं को मुस्तैद किया जा रहा है, ताकि कोई भी अवैध रूप से देश में प्रवेश न कर पाए। साथ ही, घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर मंत्री दिलीप घोष ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सुपारी ली है कि अब कांग्रेस को खत्म करके ही जाएंगे। उन्होंने कहा, “वे जिस तरीके से बार-बार सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते हैं, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि हिंदू धर्म का अपमान करके यहां कोई राज नहीं कर सकता।

तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र फिर से शुरू, आज से प्रश्नकाल की शुरुआत

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार से फिर से शुरू हो गया। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार इसमें ‘प्रश्नकाल’ होगा। विधानसभा में 5 अगस्त को 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया गया था। सदस्यों ने 7, 10 और 11 अगस्त को इन दोनों वित्तीय ब्योरों पर चर्चा की थी। वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने 12 अगस्त को चर्चा का जवाब दिया और सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और कृषि योजनाओं के बारे में बताया। अनुदान की मांगों पर विभाग-वार चर्चा 17 अगस्त को शुरू हुई थी। सदन ने अब तक 27 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा पूरी कर ली है। बुधवार को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की सरकारी छुट्टी के कारण कार्यवाही रोक दी गई थी। गुरुवार सुबह से कार्यवाही फिर शुरू हो रही है। दिन की कार्यवाही ‘प्रश्नकाल’ से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, विधानसभा आमतौर पर तय समय में लगभग 10 सवाल लेती है, लेकिन अभी केवल पांच सवाल ही लिस्ट किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सवालों की संख्या कम होने का कारण विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों पर संबंधित विभागों से पूरे जवाब मिलने में देरी है। प्रश्नकाल के बाद, भाजपा विधायक भोजराजन की ओर से सरकार का ध्यान ऊटी बोट हाउस को एक प्राइवेट ऑपरेटर को सौंपने के प्रस्ताव की ओर दिलाया जा सकता है। इस मुद्दे पर पब्लिक टूरिज्म एसेट्स (सार्वजनिक पर्यटन संपत्तियों) के मैनेजमेंट और किसी भी प्राइवेट भागीदारी व्यवस्था में जरूरी सुरक्षा उपायों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद सदन सामाजिक न्याय विभाग और पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़े विभागों की अनुदान मांगों पर विचार करेगा। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों के सदस्यों के चर्चा में भाग लेने की उम्मीद है, जो कल्याणकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन, फंड के आवंटन और पात्र समुदायों तक लाभ पहुंचाने के बारे में सवाल उठाएंगे। सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारसु और पिछड़े वर्ग, अति पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री वी. संपतकुमार विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों का जवाब देंगे। अनुदान मांगों पर सदन में वोटिंग से पहले दोनों मंत्रियों की ओर से अपने-अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं और नीतिगत उपायों की घोषणा करने की भी उम्मीद है।

नेपाल बाढ़ की वजह से कई लोगों से टूटा संपर्क, हरसंभव मदद जारी: कीर्ति वर्धन सिंह

गोंडा। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच भारत सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि नेपाल में करीब 130-132 भारतीय लोग लापता हैं, जिनसे संपर्क टूट गया है। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय राहत टीमें मौके पर मौजूद हैं और खोज एवं बचाव अभियान में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रही हैं। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत नेपाल सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और सहायता पहुंचनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का मित्र देश है और दोनों देशों के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध बेहद गहरे हैं। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से भाइयों जैसा रिश्ता रहा है और संकट की घड़ी में भारत हमेशा नेपाल की मदद के लिए आगे आया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत की ओर से नेपाल को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे। इस दौरान कीर्ति वर्धन सिंह ने नेपाल की बाढ़ को लेकर भारत की प्राथमिकता भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य लापता लोगों का पता लगाना, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और अधिक से अधिक जान बचाना है। भारत और नेपाल की टीमें इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि इससे अधिक मजबूत और सही बयान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत घुसपैठियों के लिए कोई ‘शेल्टर होम’ नहीं है। देश की सुरक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं, वे देश की व्यवस्थाओं पर दबाव डालते हैं, इसलिए सीमाओं को सुरक्षित और मजबूत करना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा जरूरतमंद शरणार्थियों को आश्रय दिया है, लेकिन इसके लिए उचित व्यवस्था और निर्धारित प्रक्रिया होनी चाहिए।

अंकित बालियान हत्याकांड पर बोले पिता- हत्यारे को सामने लाओ, नहीं तो तब तक धरना जारी रहेगा

शामली। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में उनके पिता सत्यवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके बेटे के हत्यारे को उनके सामने लाया जाए। अंकित बालियान के पिता सत्यवीर सिंह प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, “मेरे सामने उस व्यक्ति को लेकर आओ, जिसने मेरे बेटे की हत्या की। हमारी बस यही मांग है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं चाहते हैं, हमारा धरना प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा। सत्यवीर सिंह ने बताया कि उनके बेटे का न तो किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत थी और न ही उठना-बैठना। उन्होंने कहा, “उसका किसी से कोई मतलब नहीं था और न ही किसी प्रकार की बातचीत। हरियाणा में ही वह रह रहा था और यहीं पर संपर्क था और बाहर उसका कोई संपर्क नहीं था। हां, एक कमेटी है, जो इससे बात करती थी। हालांकि, हमें उसके बारे में कुछ नहीं पता है।” बता दें कि बुधवार शाम अंकित बालियान अपने जिम से निकल रहे थे कि तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। सूचना मिलते ही शामली कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची थी, शव को कब्जे में लिया और पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया, “शाम करीब 7 बजे सूचना प्राप्त हुई कि अंकित बालियान कोतवाली शहर में एक जिम में एक्सरसाइज करने आते थे, जैसे ही वह वहां से निकले, उन्हें गोली मारी गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार लड़के थे, जो दो बाइक पर आए थे। हम मामले की जांच कर रहे हैं। मौके से हमें दो-तीन खोखे मिले थे। पूरी टीम मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान की जा रही है।” पुलिस के अनुसार, पूछताछ में जानकारी मिली है कि गायक सोनीपत में रहकर गाने बनाता था, लेकिन वहां पर विवाद होने के बाद यहां भाग कर आ गया था। ऐसे में संभावना है कि यह पूरा मामला हरियाणा और सोनीपत से जुड़ा हुआ है। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है और हरियाणा पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। घटना के जल्द खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।