नेपाल में लापता 37 तीर्थयात्रियों को लेकर तमिलनाडु विधानसभा ने मांगी स्पष्ट जानकारी

चेन्नई। बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 37 तीर्थयात्रियों का अब तक कोई स्पष्ट पता नहीं चल सका है। गुरुवार को तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सदस्यों ने सरकार से लापता श्रद्धालुओं की खोज और बचाव प्रयासों पर विस्तृत जानकारी देने की मांग की। वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट 5 अगस्त को विधानसभा में पेश किया गया था, जबकि 6 अगस्त को कृषि बजट प्रस्तुत किया गया। 7, 10 और 11 अगस्त को दोनों बजटों पर चर्चा हुई, जिसके बाद 12 अगस्त को वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने जवाब दिया। विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा 17 अगस्त से शुरू हुई। अब तक 27 विभागों से संबंधित चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। मिलाद-उन-नबी के अवसर पर बुधवार को सदन की कार्यवाही स्थगित रहने के बाद गुरुवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा की बैठक फिर शुरू हुई। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इस दौरान नेपाल में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा और सदस्यों ने संकट की वास्तविक स्थिति तथा राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर स्पष्ट जानकारी मांगी। विधायकों ने सवाल उठाया कि क्या बचाव अभियान के समन्वय के लिए किसी विशेष अधिकारी की नियुक्ति की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर अब तक कितने कॉल प्राप्त हुए हैं, राज्य के कितने लोग अभी भी नेपाल में फंसे हुए हैं और क्या अधिकारियों का उनसे संपर्क हो पाया है। सदन में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिवगणनम भी कथित रूप से फंसे हुए लोगों में शामिल हैं। विधायकों ने कहा कि तीर्थयात्रियों के परिजन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से फंसे लोगों की स्थिति और ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा पहले जारी जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद करीब 500 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 32 सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए थे। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय और भारतीय मूल के 37 प्रवासी नागरिक शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार, फंसे हुए भारतीयों में 57 लोग तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से थे। ये सभी लोग तंजावुर जिले के कुंभकोणम स्थित निजी टूर ऑपरेटर ‘सुपर यात्रा ट्रैवल्स’ के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। सूत्रों के अनुसार, इस समूह के 20 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन शेष 37 तीर्थयात्रियों के बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विधानसभा ने उनके बारे में तत्काल स्पष्टीकरण और जारी बचाव अभियान की जानकारी देने की मांग की है।

आशा भोसले के जन्मदिन पर उनका आखिरी रिकॉर्डेड गाना सुनेंगे फैंस, अंशुमन झा ने याद किया खास किस्सा

मुंबई। मशहूर गायिका आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को अपने गीतों से जोड़ा है। अब उनकी आवाज एक बार फिर पर्दे पर सुनाई देने वाली है। खास बात यह है कि यह गाना उनके आखिरी रिकॉर्ड किए गए फिल्मी गानों में से एक है। दरअसल, आने वाली ड्रामा-कॉमेडी फिल्म ‘ओम का हरि’ में आशा भोसले का गाना ‘ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां’ शामिल किया गया है। इस गाने से जुड़ी यादें फिल्म के अभिनेता और फिल्ममेकर अंशुमन झा ने साझा की हैं। अंशुमन झा ने आईएएनएस से बात करते हुए आशा भोसले के साथ काम करने के अपने अनुभव को बताया। उन्होंने कहा, ”उनसे मिली एक सीख मेरे दिल में हमेशा रहेगी। वह गाना रिकॉर्ड करने आईं और उन्हें लगा कि इसे और बेहतर किया जा सकता है, तो उन्होंने उसे दोबारा और फिर तीसरी बार रिकॉर्ड किया।” उन्होंने कहा, ”आशा भोसले ने फिल्म की शूटिंग के कुछ सीन देखे थे और उन्हें वह फुटेज बहुत पसंद आया था। इसी वजह से वह गाने को दोबारा महसूस करना और उसके हर हिस्से को सही भाव के साथ पेश करना चाहती थीं। हर सुर को इमोशन्स के साथ सही तरीके से पेश करने की उनकी कोशिश और उनका प्यार भरा व्यवहार मुझे हमेशा याद रहेगा। मेरे लिए यह अनुभव सिर्फ एक महान गायिका के साथ काम करने का नहीं, बल्कि उनसे सीखने का भी था।” अंशुमन ने आशा भोसले से जुड़ा एक और खास किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, ”आशा जी ने मेरी फिल्म ‘लकड़बग्घा’ का ट्रेलर देखा था। ट्रेलर देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा था, ‘इसका बहुत आशीर्वाद मिलेगा तुम्हें।’ मुझे आशा जी के साथ अपने पसंदीदा कलाकारों में से एक किशोर कुमार के बारे में बात करने का भी मौका मिला था। यह बातचीत भी मेरे लिए एक खास याद बन गई।” अंशुमन ने कहा, ”मैंने आशा भोसले से ‘ओम का हरि’ के एल्बम के लिए पुराने जमाने की तरह म्यूजिक लॉन्च करने का वादा किया था। मेरा प्लान था कि इस मौके पर आशा जी खुद मंच पर लाइव गाना गाएंगी। वह भी इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित थीं। हालांकि यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। यह एक ऐसा अफसोस है, जिसके साथ मुझे जिंदगीभर रहना होगा, लेकिन समय के अपने नियम होते हैं।” ‘ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां’ गाने में जिंदगी की खुशी, प्यार की खूबसूरती और अपनी भावनाओं को समय रहते जाहिर करने की बात कही गई है। इस गाने की रिकॉर्डिंग साल 2023 के आखिर में हुई थी। उस समय आशा भोसले की उम्र 90 साल से ज्यादा थी। फिल्ममेकर्स ने इस गाने को आशा भोसले को श्रद्धांजलि के रूप में भी खास तरीके से तैयार किया है। यह गाना आशा भोसले के जन्मदिन के दिन 8 सितंबर को रिलीज किया जाएगा। ‘ओम का हरि’ एक ड्रामा-कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन हरीश व्यास ने किया है। फिल्म में अंशुमन झा के साथ रघुबीर यादव, सोनी राजदान और आयशा कपूर अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी एक पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित है। इसमें दो अलग पीढ़ियों के बीच सोच के फर्क को दिखाया गया है।

गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से एयरफोर्स का विमान 40 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल रवाना

गाजियाबाद। त्रासदी के बाद नेपाल के लिए गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से लगभग 40 टन राहत सामग्री रवाना की गई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए एयरक्राफ्ट के कैप्टन विंग कमांडर लग्नजीत नायक ने कहा, “बुधवार को हमें नेपाल एचएडीआर मिशन के लिए निर्देश मिले। रात में हमें एनडीआरएफ का सामान और मेडिकल सप्लाई मिली जिसकी हमने रात भर पैलेटाइजिंग की और अभी लोडिंग की। नेपाल पहुंचने में लगभग 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे। हम लगभग 35 से 40 टन सामान ले जा रहे हैं, जिसमें मेडिकल राहत सामग्री, डिग्निटी किट और नेपाल के लिए अन्य जरूरी सामान शामिल है।” हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर राजीव डोभाल ने आईएएनएस से कहा, “हम ऐसे कामों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमें इसके लिए पहले से ही जिम्मेदारी दी गई है और हमारे पास इसका अनुभव भी है; हमने ऐसा कई बार किया है। अगर आप पहले की बात करें, तो हमने न सिर्फ नेपाल, म्यांमार और श्रीलंका में बल्कि ‘अमिस्टाड’ (जो अब वेनेजुएला में है) में भी मदद की है। इसलिए हम ऐसे कामों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जैसे ही हमें जानकारी मिली, हमने तुरंत अपना काम शुरू कर दिया।” चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने आईएएनएस से कहा, “एचएडीआर ऑपरेशन्स की बात करें तो मैं हिंडन को ‘भाले की नोक’ (सबसे आगे रहने वाला) मानता हूं। इसलिए, जब नेपाल में बाढ़ आई, तो हमें बुधवार दोपहर जानकारी मिली कि बाढ़ राहत सामग्री को हमारे बेस से एयरलिफ्ट करने की जरूरत होगी। हम आम तौर पर ऐसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहते हैं और हमारा सिस्टम ऐसा है कि हम ऐसी स्थितियों को बहुत अच्छे से संभाल सकते हैं। इसलिए, जब हमें जानकारी मिली, तो हमने सी-130 और सी-17 एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा है।

राहुल गांधी ने हिमाचल के युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदेश के युवाओं को 5 लाख नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब स्थिति ऐसी हो चुकी है कि युवा बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं और उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। सुखविंदर सरकार ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि राज्य में बहनों के खाते में 1500 रुपए आएंगे। चार साल बीत गए, लेकिन अब तक बहनों के खाते में 1500 रुपए नहीं आए हैं। इन लोगों ने हिमाचल प्रदेश को 1 लाख 10 हजार करोड़ के कर्ज में डूबा दिया। देश में प्रति व्यक्ति कर्ज आज हिमाचल प्रदेश के ऊपर है। मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि आज की तारीख में हिमाचल प्रदेश में राहुल गांधी का खटारा मॉडल लागू हो चुका है, जिसे जनता बिल्कुल भी स्वीकार करने वाली नहीं है। प्रदेश का विकास पूरी तरह से थम चुका है। विकास से संबंधित काम राज्य में बिल्कुल भी नहीं हो रहे हैं। भाजपा सांसद के मुताबिक, राज्य में कांग्रेस की सरकार ने खजाने को खाली करने का काम किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू अब राहुल गांधी के इशारे पर लॉटरी का लालच दिखाकर अपनी जेब गर्म करने जा रहे हैं। यह स्थिति हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। हम इस लॉटरी के खिलाफ हैं। हम इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे। मैं सुखविंदर सिंह सुक्खू को याद दिलाना चाहता हूं कि पूर्व की सरकारों ने भी लॉटरी पर पाबंदी लगाई। इस तरह की व्यवस्था को राज्य में किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां तक कि वीरभद्र सिंह ने भी लॉटरी के विरोध में ही बात की थी। इसके बाद उन्होंने इस पर पाबंदी लगाई थी। ऐसी स्थिति में मेरा सवाल यही है कि ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि इन लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करना जरूरी हो चुका है। मुझे लगता है कि अब समय आ चुका है कि जब मौजूदा सरकार को खुलकर इसका जवाब देना होगा। तभी जाकर आगे चलकर पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। साथ ही, उन्होंने तेज गति से विकसित हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मौजूदा समय में भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है, जिसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। विकास से संबंधित कामों की भी गति तेज हो रही है। मेरा राहुल गांधी से यही कहना है कि वो झूठ बोलना बंद करें। विदेशों से प्राप्त होने वाले नोटों पर अपनी बात रखना बंद रखें और हिमाचल प्रदेश में जिस तरह से उन्होंने 5 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, उसे पूरा करें। वहीं, जो 1500 रुपए महिलाओं के खाते में आने थे, उसका जवाब भी राहुल गांधी को देना होगा। दो रुपए किलो गोबर और 100 रुपए लीटर दूध खरीदना था, उसका भी जवाब दें। कुल मिलाकर राज्य सरकार को सामने आकर इस बात का जवाब देना होगा कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि लॉटरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मैं इस बात को साफ कर देना चाहता हूं कि इस तरह की स्थिति को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस सरकार में प्रदेश के युवाओं को अंधकार में डूबोने का काम हम नहीं करने देंगे।

गणेश चतुर्थी पर ऐसे करें बप्पा की स्थापना और पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश को समर्पित सबसे खास पर्वों में से एक है। इस दिन भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी कब है, बप्पा की स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और पूजा की सही विधि क्या है। पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को पड़ रही है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को ही मनाया जाएगा। गणपति स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न का समय विशेष शुभ माना जाता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के आधार पर समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। बप्पा की स्थापना करने से पहले पूजा वाली जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा स्थापित करने के बाद सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें और भगवान को जल, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें। गणेश जी को रोली, सिंदूर, दूर्वा और फूल चढ़ाएं। गणेश पूजा में दुर्वा का खास महत्व माना गया है। इसके बाद धूप और दीप जलाकर पूजा करें। भगवान गणेश को मोदक और लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और अन्य प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं। पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें और अंत में भगवान गणेश की आरती करें। गणेश उत्सव कई परिवारों और स्थानों पर अलग-अलग अवधि तक मनाया जाता है। घर में स्थापित गणपति का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें या दसवें दिन परिवार की परंपरा के अनुसार किया जा सकता है। वहीं, इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है और इसी दिन बड़े स्तर पर गणपति विसर्जन किया जाएगा।

लापता जहाज के चालक दल की तलाश जारी, दो चीनी नागरिकों को पारादीप लाया गया

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में व्यापारी जहाज एमवी ओशन विनर के डूबने के बाद से उसके क्रू मेंबर की तलाश जारी है। 24 सदस्यीय चालक दल वाला यह बल्क कैरियर बंगाल की खाड़ी में डूब गया था। जहाज के 24 क्रू मेंबर्स में से 2 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। जहाज पर 20 चीनी, 3 म्यांमार और 1 बांग्लादेशी नागरिक सवार थे। बचाए गए दो क्रू मेंबर्स को अब स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है। एमवी ओशन विनर हादसे में भारतीय तटरक्षक बल का बचाव अभियान अभी जारी है। भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस वरद ने समुद्र से बचाए गए दो चीनी नागरिकों को गुरुवार को सुरक्षित पारादीप पहुंचाया। दोनों को अब अधिकृत कंपनी प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया है। तटरक्षक बल के मुताबिक पैन टोंगलाई और चेन जियानहे को 22 अगस्त को समुद्र में एक लाइफराफ्ट से बचाया गया था। बचाव के बाद दोनों को आईसीजीएस वरद पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और समुद्र के रास्ते भारत में पारादीप लाया गया। पारादीप पहुंचने के बाद दोनों बचे हुए चालक दल सदस्यों को आव्रजन ब्यूरो और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अधिकृत कंपनी प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया। लापता सदस्यों की तलाश में समुद्र और आसमान दोनों ओर से अभियान चलाया जा रहा है। दरअसल, दो लोगों के सुरक्षित मिलने के बावजूद राहत और बचाव अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। एमवी ओशन विनर के अन्य लापता चालक दल सदस्यों की तलाश के लिए समुद्र और हवाई क्षेत्र में व्यापक खोज अभियान लगातार जारी है। भारतीय तटरक्षक बल के विभिन्न संसाधन इस अभियान में जुटे हुए हैं। समुद्री बचाव समन्वय केंद्र, श्री विजय पुरम सभी संबंधित संसाधनों और एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि लापता चालक दल के सदस्यों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। हादसे के तुरंत बाद 22 अगस्त को समुद्र में लाइफराफ्ट से दो लोगों को जीवित बचाना इस अभियान में अब तक की महत्वपूर्ण कामयाबी मानी जा रही है। अब तटरक्षक बल का पूरा ध्यान बाकी लापता लोगों तक पहुंचने और उन्हें वापस लाने पर है।

गायक अंकित के घर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कहा- आरोपियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई

शामली। पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने गुरुवार को दिवंगत कलाकार अंकित बालियान के आवास पर जाकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में पुलिस-प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रशासन को जनता के रोष का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक ऐसा कलाकार जो बहुमुखी प्रतिभा का धनी था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अपनी अद्भुत प्रतिभा की वजह से लोकप्रिय था। उसकी इस तरह से निर्मम हत्या कर देना, दुर्भाग्यपूर्ण है। शाम के समय शहर के बीच में उसकी हत्या कर दी गई, इससे बड़े दुख की बात और क्या हो सकती है। इतनी बड़ी घटना हो जाती है और मौके पर पुलिस-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति नहीं पहुंचता है। ऐसी स्थिति में आप क्या ही उम्मीद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी हमारे मित्र हैं। हम उनसे बात करेंगे और यहां के पुलिस-प्रशासन से भी हम इस घटना का जिक्र करके उनसे बात करेंगे। हम पुलिस-प्रशासन से मांग करेंगे कि जिसने भी इस कृत्य को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उसे कठोर सजा मिले। इस तरह की स्थिति को प्रदेश में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जैसा सिद्धू मूसेवाला के प्रकरण में हुआ था, ठीक उसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों के बीच यह संदेश जाए कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब इस घटना के पीछे की वजह क्या है। इस पर हम किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। यह तो पुलिस जांच का विषय है। पुलिस अपनी जांच में ही यह पता चलेगा कि आखिर इसका घटना के पीछे की वजह क्या है। आखिर किन लोगों ने उसे अंजाम दिया है। इस घटना में शामिल लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही देखने को मिलेगी, तो जनता मोर्चा खोलने के लिए तैयार बैठी है, क्योंकि इस घटना के बाद लोगों में बहुत रोष है। लोग अब रूकेंगे नहीं। पुलिस-प्रशासन को फिर जनता के रोष का सामना करना पड़ेगा। वहीं, अंकित बालियान के पिता ने भी अपने बेटे की हत्या पर दुख जाहिर किया। उनके मुताबिक, अभी तक पुलिस की तरफ से कोई जानकारी दी गई है। वहीं, खबर है कि गोगा गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली है, जिस पर अंकित बालियान के पिता ने कहा कि यह सब बकवास की बातें हैं, जिस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था, वो तो कलाकार था। अगर इस मामले में पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हमारा कानून-व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। एसपी साहब ने हमसे चार दिन मांगे थे, हमने उन्हें पांच दिन दे दिए। हालांकि, अभी तक कोई संतुष्टिजनक कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, अंकित बालियान की मां ने अपने बेटे की हत्या में शामिल आरोपियों का एनकाउंटर करने की मांग की है। इस पर अंकित बालियान के पिता ने कहा कि हम भी यही चाहते हैं कि इसमें शामिल आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमारा कानून-व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाएगा।

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- ‘9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी’

नई दिल्ली। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। आईजी नरेंद्र बुंदेला ने कहा, “गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों को प्रभावित करती है। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और बिहार में वे जिले, जिनसे होकर गंडक नदी गुजरती है और अंत में गंगा में मिल जाती है, प्रभावित हो सकते हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और एनडीआरएफ की टीमें वहां तैनात हैं।” उन्होंने कहा कि जब बरसात का मौसम आता है, उस समय केंद्रीय स्तर पर एक बैठक होती है। इसमें राज्यों के अंदर एनडीआरएफ की तैनाती को प्लान के तहत पहले ही कर दिया जाता है। अभी जो घटना घटी है, उसके कारण निगरानी और तैनाती बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति को देखते हुए बिहार के कई इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है, इसलिए कुल 9 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से दो टीमें खासतौर पर गंडक नदी वाले इलाके के लिए तैनात की गई हैं। नरेंद्र बुंदेला ने यह भी कहा कि भारत सरकार ने नेपाल को व्यापक तौर पर मानवीय सहायता और आपदा राहत पहुंचाई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रभावित देश मदद मांगता है तो एनडीआरएफ सहायता देने के लिए तैयार है। बुंदेला ने कहा कि चीन और नेपाल में अभूतपूर्व बाढ़ की स्थिति के बाद तैनाती बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार को बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद राज्य सरकार ने बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की संभावना का आकलन करने के लिए केंद्रीय जल आयोग के साथ समन्वय किया।” उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की, जिसके बाद दो और एनडीआरएफ टीमों की मांग की गई और उन्हें दो जगहों पर तैनात किया गया। ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 177 तक पहुंच गई है।

‘मुझे देश के युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य पर भरोसा’, खेलो इंडिया डायलॉग में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत देश भर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, “आप सभी ने शानदार तरीके से खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया है। इसके लिए सभी को बधाई। तकनीक के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े केंद्रीय मंत्रीमंडल के मेरे साथी, राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, संसद में मेरे साथी। ‘माय भारत’ के लाखों स्वंयसेवकों का मैं अभनिंदन करता हूं।” उन्होंने कहा, “29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है। मैं खेल जगत से जुड़े साथियों और युवाओं को खेल दिवस की शुभकामना देता हूं। यह दिन मां भारती की एक महान संतान मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर होता है। सौ वर्ष पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड दौरे पर थी। उस दौरे पर ध्यानचंद भी गए थे। वो दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंध के सौ वर्ष पूरे होने का आधार है। कुछ दिन पहले मैं न्यूजीलैंड की यात्रा पर था और उस समय भी मैंने मेजर ध्यानचंद को याद किया था। उन्होंने जिन रिश्तों की नीवं रखी थी, आज भारत उन्हीं रिश्तों को समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रहा है।” पीएम ने कहा, “मैंने 15 अगस्त को लालकिले से भारत का स्पोर्ट्स विजन देश के सामने रखा था। मैं जब खेल की बात करता हूं, तो यह केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। यह विकसित भारत के निर्माण में, भारत की खेल शक्ति और भारत की युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है। मैं हमेशा कहता आया हूं कि जो खेले वो खिले। खेल में खिलना सिर्फ मैदान पर जीतना नहीं है। खेल में खिलना मतलब व्यक्तित्व का खिलना है, परिवार का खिलना है और देश का गौरव बढ़ाना है।” उन्होंने कहा, “जब कोई खिलाड़ी सफल होता है, तो उसकी सफलता से उसके परिवार की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ती है। जिस स्कूल और कॉलेज में वह पढ़ता है, उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है। उस जिले और राज्य की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ती है। दुनिया उस खिलाड़ी की वजह से उसके जिले और राज्य को पहचानने लगती है। ऐसी अनेक सफलताएं लेकर कोई क्षेत्र वैश्विक खेल मानचित्र पर चमकता है, तो दुनिया का उस शहर को देखने का नजरिया बदलता है।” पीएम मोदी ने कहा, “इस कार्यक्रम में देश के सैकड़ों जिलों के खिलाड़ी जुड़े हुए हैं। हर जिले में दुनिया के मानचित्र पर चमकने की ताकत है। इस ताकत को समझते हुए ही, हमें इस संवाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाना है। इस बार लाल किले से खेलों से जुड़ी एक बहुत बड़ी चुनौती पर भी देश का ध्यान दिलाया था। यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है। ओलंपिक में जितने भी खेल होते हैं, उसमें से आधे खेलों में हिस्सा नहीं लेती। पदक के एक बड़े हिस्से के लिए हम प्रतियोगिता ही नहीं करते। दशकों से ऐसा ही चला आ रहा है। 2012 ओलंपिक में भारत ने सिर्फ 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से ज्यादा खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी। इनमें ऐसे कई खेल हैं जिनका नाम भी हमारे देश में लोगों ने नहीं सुना। दुनिया के देश जिन खेलों में पदक जीतते हैं उसमें हम हिस्सा ही नहीं लेते। पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में महारत हासिल करनी होगी।” उन्होंने कहा, “सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, हमारे पास ऐसे क्षेत्र हैं जहां इन खेलों में स्वभाविक रूचि हो सकती है। हमारे पास वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स के लिए डेमोग्राफी भी है और भूगोल भी है। इसके बावजूद हम इन खेलों में कहीं नहीं हैं। हमें अलग-अलग जिलों में खास खेल की संभावनाओं को तलाशना होगा। इसमें इस कार्यक्रम की बड़ी भूमिका है।” 2036 ओलंपिक की तैयारी की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस यह होना चाहिए कि हमें आज से ही वे खिलाड़ी तैयार करने हैं, जो 2036 में अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे। इसलिए लालकिले से मैंने 5 से 15 साल की प्रतिभाओं को तलाशने के लिए मैंने बड़े टैलैंट हंट अभियान का ऐलान किया है। इसमें हमें केवल यह नहीं देखना कि किस बच्चे की किस खेल में रुचि है, बल्कि यह भी देखना है कि कौना सा बच्चा किस खेल के लिए फिट है। हम उसी हिसाब से उस बच्चे को प्रशिक्षण देंगे। मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि इसके लिए सरकार हर तरह का सहयोग देगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार भारत में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल विश्वविद्यालय से लेकर खेल प्रशिक्षण केंद्र तक एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसमें प्रतिभा को पहचानने से लेकर उसे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने तक हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा। हम दुनिया के दूसरे देशों के साथ खेल के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। यह कार्यक्रम खेलों को लेकर हमारी गंभीरता का प्रतीक है।” नरेंद्र मोदी ने कहा, “खेलो इंडिया संवाद सिर्फ खेल की बात करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जिसका एक-एक विचार देश के स्पोर्ट्स विजन को एक नई दिशा दे सकता है। संवाद युवाओं के विचार और देश की उम्मीदों को एक साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा। इस कार्यक्रम में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, प्रतिभा विकास, गवर्नेंस और विकसित भारत को लेकर युवा क्या सोचते हैं, उनके सुझाव क्या हैं, उसे सुना जाएगा और नीतियों में शामिल किया जाएगा। इसलिए सभी इस मंच का सार्थक उपयोग करें। नए विचार आने चाहिए। नए विचार ही विकसित भारत की शक्ति की ताकत बनेंगे।” उन्होंने कहा, “हम अक्सर सुनते हैं कि एक स्वस्थ समाज, पारिवारिक व्यवस्था और बेहतर कार्य संस्कृति के लिए खिलाड़ियों की तरह खेल भावना बहुत जरूरी है। खेल भावना बिना खेल के मैदान में गए नहीं आ सकती। खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनाना नहीं, ब्लकि हमें प्रतियोगी बनाना भी सिखाता है। उठना, गिरना, गिरकर फिर से उठना, खेल हमारे भीतर यह जज्बा लाता है। खेलों से जीवन बदलने का सबसे बड़ा उदाहरण हमारे पैरा एथलीट हैं। इन्हें मैदान में देखने के बाद जीवन के बारे में हमारी सोच पूरी तरह बदल जाती है। पैरा एथलीट की उपलब्धि उसके पूरे परिवार

नेपाल त्रासदी: सैकड़ों विदेशी लापता, दुनिया भर के नेताओं ने मदद का दिलाया भरोसा

काठमांडू। नेपाल में बुधवार आई अचानक बाढ़ के बाद 170 ज्यादा लोगों की मौत हो गई और विदेशी नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। गुरुवार को दुनिया के कई नेताओं ने दुख जताया और मदद व सहयोग का भरोसा दिलाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा के बाद 391 विदेशी और 93 नेपाली पर्यटकों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने विनाशकारी बाढ़ पीड़ित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का पता लगाने की कोशिश जारी है। लापता लोगों में करीब 34 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी शामिल हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अल्बनीज ने कहा, “आपदाग्रस्त इलाके में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से मैं अपील करता हूं कि वो स्थानीय तौर पर जारी किए जा रहे निर्देशों का पालन करें। हमें इलाके में कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के होने की जानकारी है और वहां मौजूद दल उनकी सुरक्षा और संबंधित मदद के लिए तत्पर है। हम स्थानीय अधिकारियों और टूर ऑपरेटरों के संपर्क में हैं। हम कांसुलर सहायता देने के लिए तैयार हैं। जिन ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को आपातकालीन कांसुलर सहायता की जरूरत है, वे डीएफएटी के कांसुलर इमरजेंसी सेंटर से 1300 555 135 या +61 2 6261 3305 (विदेश से कॉल करने पर) नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।” कनाडा के भी 24 नागरिकों के लापता होने की भी खबर है। इसे लेकर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और प्रभावित इलाके में मौजूद कनाडाई नागरिकों से ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ कैनेडियन्स अब्रॉड’ (आरओसीए) सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराने का आग्रह किया। कार्नी ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ विनाशकारी है। कनाडाई जनता उन सभी लोगों की स्थिति को लेकर चिंतित है जो अभी मुश्किल में हैं, जिन्होंने अपनों को खो दिया है और जो अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। हमारी सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और इलाके में मौजूद कनाडाई नागरिकों से जल्द से जल्द आरओसीए सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराने को कह रही है। बचाव कार्य जारी रहने के साथ ही, कनाडा मदद देने के लिए तैयार है।” स्थिति को “दिल तोड़ने वाला” बताते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि उनकी सरकार अपने पीड़ित नागरिकों से जुड़ी जानकारी के लिए नेपाल के संबंधित विभाग के संपर्क में है। खबरों के मुताबिक, विनाशकारी बाढ़ के बाद न्यूजीलैंड के पांच लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। लक्सन ने एक्स पोस्ट में इमरजेंसी नंबर जारी करते हुए कहा, “नेपाल और चीन में अचानक आई बाढ़ के बाद जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। पीड़ित लोगों और समुदायों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। न्यूजीलैंड सरकार नेपाल के संपर्क में है ताकि न्यूजीलैंड के उन नागरिकों के बारे में पता लगाया जा सके जो शायद इसका शिकार हुए हैं। आपदाग्रस्त इलाकों में मौजूद न्यूजीलैंड के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे जब भी संभव हो, अपने परिवार और दोस्तों को अपनी सुरक्षा के बारे में सूचित करें। यदि उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता हो, तो वे 24/7 चलने वाली कांसुलर इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +64 99 20 20 20 पर कॉल कर सकते हैं,” वहीं, 19 मलेशियाई नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि काठमांडू स्थित मलेशियाई दूतावास प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैंने निर्देश दिया है कि हमारे मिशन को आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। सरकार तब तक पूरी तरह से सक्रिय रहेगी जब तक कि पीड़ित मलेशियाई नागरिकों का पता नहीं चल जाता और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता नहीं मिल जाती।