मायावती का ऐलान, यूपी समेत तीन राज्यों में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी बसपा

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और उत्तराखंड में भी किसी दल से गठबंधन या समझौता किए बिना अपने बलबूते चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कर्मठ व ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर विशेष जोर दिया। मायावती ने लखनऊ में आयोजित बैठक में पंजाब में पार्टी के जनाधार और संगठन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा को बेहतर परिणाम के लिए पूरी ताकत से तैयारी करनी होगी। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए। बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनावी गठबंधन से पार्टी को सीट और वोट प्रतिशत, दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बसपा अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बसपा प्रमुख मायावती ने कार्यकर्ताओं से विरोधियों के सभी साम-दाम-दंड-भेद के हथकंडों का सामना करते हुए बेहतर परिणाम के लिए जुटने का आह्वान किया। बैठक में मायावती ने आगामी 9 अक्टूबर को पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों को पिछले वर्ष के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करने को कहा। साथ ही, 15 जनवरी 2027 को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के अवसर पर बसपा की ओर से किए जाने वाले आर्थिक सहयोग को पिछली बार से बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए अंबेडकरवादी विचारधारा और बसपा आंदोलन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मायावती ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य गरीब, बेरोजगार और वंचित वर्गों को गरीबी व बेरोजगारी से मुक्ति तथा आत्मसम्मान के साथ जीवन का अवसर दिलाने वाली नीतियों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने पार्टी संगठन को आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह सक्रिय और तैयार रखने के निर्देश दिए।

टीआरई-4 की एकल परीक्षा समेत मांगों को लेकर पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, वाटर कैनन का प्रयोग

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। गांधी मैदान से शुरू हुआ छात्रों का मार्च डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी इन बाधाओं को पार करते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। वाटर कैनन के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र तिरंगा लेकर सड़क पर नारे लगाते और डांस करते नजर आए। छात्रों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार तथा बिहार लोक सेवा आयोग को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा भी डाकबंगला चौराहे पहुंचे। अधिकारियों ने पुलिस बल से स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि छात्र अपना अधिकार मांग रहे हैं, किसी से भीख नहीं मांग रहे। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में देरी और कथित पेपर लीक की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीएसएससी का नोटिफिकेशन वर्षों पहले जारी होने के बावजूद परीक्षा नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी समय पर काम करती है, लेकिन छात्रों की परीक्षाओं के मामले में लगातार देरी और अव्यवस्था देखने को मिलती है। उन्होंने वाटर कैनन और बैरिकेडिंग पर भी सवाल उठाए। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे हैं और उनकी कोशिश है कि उनका प्रतिनिधिमंडल सरकार तक अपनी बात पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि बड़े से बड़ा बैरिकेड भी छात्रों के हौसले को नहीं रोक सकता। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनके आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और बल प्रयोग का सहारा लिया। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने से जुड़ी है। इसके अलावा छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंगलवार को पटना की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और पुलिस-प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सलमान खान को धमकी देकर वसूली की साजिश का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी ने खुद रची थी फर्जी कहानी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को किसी संगठित अपराध गिरोह से धमकी मिलने और उनके नाम पर पैसे वसूलने की साजिश का दावा करने वाले एक मामले में पुलिस ने कथित फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद ही पूरी कहानी तैयार की थी। उसने फर्जी पहचान के जरिए व्हॉट्सऐप चैट बनाई और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि किसी आपराधिक गिरोह की ओर से सलमान खान को जान से मारने या शारीरिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। मामला मुंबई के बांद्रा इलाके का है। इस मामले में पुलिस ने आसिफ मोहम्मद मुस्लिम राजा, जिसकी उम्र 25 साल है, को आरोपी बनाया है। पुलिस ने बताया, आसिफ फिलहाल बांद्रा में रह रहा था, जबकि वह मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला है। मामले को लेकर बांद्रा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आसिफ ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे पैसे और मोबाइल फोन दिए थे। उसने आरोप लगाया कि इन लोगों की ओर से सलमान खान को धमकी देने और उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने उसके दावे को लेकर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की। इसी दौरान व्हॉट्सऐप चैट में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को उसकी कहानी पर संदेह हुआ। पुलिस का दावा है कि चैट में जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर मैसेज भेजे थे और जिस व्यक्ति ने उनका जवाब दिया था, दोनों के लिखने के तरीके और शब्दों में काफी समानता थी। इससे पुलिस को शक हुआ कि चैट किसी दूसरे व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद आरोपी ने तैयार की हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से उन जगहों के बारे में पूछताछ की, जहां उसके दावे के मुताबिक उसकी मुलाकात कुछ अज्ञात लोगों से हुई थी। पुलिस टीम ने इन जगहों पर जाकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी जांच की, लेकिन आरोपी के उन लोगों से मुलाकात का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को उसकी कहानी में कई विरोधाभास नजर आए। पुलिस ने आरोपी से दोबारा विस्तार से पूछताछ की। इसी पूछताछ में आसिफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सलमान खान को डराने और उनसे पैसे ऐंठने के इरादे से यह पूरी कहानी तैयार की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी पहचान बनाई और अलग-अलग नंबरों के जरिए फर्जी व्हॉट्सऐप चैट तैयार की, ताकि पूरी कहानी असली लगे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने चैट तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए एक मोबाइल फोन और अपने पुराने मोबाइल को बांद्रा के समुद्र किनारे छिपा दिया था। बाद में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पंचनामा की कार्रवाई के दौरान इन फोन को जब्त किया गया। इसके अलावा आरोपी के पास मिले मोबाइल फोन में मौजूद कथित फर्जी व्हॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए गए। पुलिस ने जांच में करीब 1.30 लाख रुपए की रकम का भी पता लगाया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह रकम बिहार के सीवान से फोन-पे के जरिए मंगवाई थी। इसके बाद बांद्रा में एक मनी ट्रांसफर एजेंट के जरिए उसने कथित तौर पर यह पैसा नकद हासिल किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(3), 351(3), 353(2), 271, 340 और 248 के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित फर्जी धमकी और वसूली की यह साजिश आरोपी ने अकेले तैयार की थी या इसमें किसी और व्यक्ति की भी भूमिका थी।

आसिम रियाज से विवाद के बीच हिमांशी खुराना का नया पोस्ट, बोलीं- ‘सॉरी, मैं लो मेंटेनेंस वाली नहीं हूं’

मुंबई। हिमांशी खुराना और आसिम रियाज का भले ही ब्रेकअप हो चुका है, लेकिन दोनों के बीच की पुरानी बातें एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। हाल ही में दोनों ने अपने रिश्ते और उससे जुड़े विवादों को लेकर अलग-अलग बातें सामने रखी हैं। मामला धर्म से जुड़े मतभेदों से शुरू हुआ और अब हिमांशी के उन दावों तक पहुंच गया है, जिनमें उन्होंने सबूत होने की बात कही है। इसी बीच मंगलवार सुबह हिमांशी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीरों के बीच एक मैसेज ने लोगों का ध्यान खींच लिया, जिसे उनके हालिया विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हिमांशी ने इंस्टाग्राम पर अपनी कई तस्वीरों से भरा एक पोस्ट शेयर किया। इनमें एक तस्वीर ऐसी भी थी, जिसमें दीवार पर लिखा था, ‘सॉरी, मैं लो मेंटेनेंस वाली नहीं हूं।’ यानी ‘मैं ऐसे व्यवहार का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, जिसमें मुझे कम अहमियत दी जाए।’ हिमांशी ने इस पोस्ट के साथ कैप्शन में व्हाइट हार्ट वाली इमोजी लगाई। फैंस उनके इस पोस्ट को आसिम रियाज से चल रहे विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, यह पूरा मामला तब फिर चर्चा में आया जब हिमांशी ने पारस छाबड़ा के साथ एक पॉडकास्ट में अपने पुराने रिश्ते और धर्म से जुड़े मतभेदों पर बात की। इसके बाद आसिम रियाज ने हिमांशी की बातों पर प्रतिक्रिया दी। आसिम ने कहा, ”मैंने कभी किसी से धर्म बदलने के लिए नहीं कहा। एक बार भी नहीं। बल्कि, मैं ही तुम्हें फिटनेस की ओर लेकर गया था। मुझसे मिलने के बाद ही तुम इस शेप में आई हो, उससे पहले तुम कैसी दिखती थीं, यह सभी जानते थे। इसलिए धर्म को हथियार की तरह इस्तेमाल मत करो। यह बहुत संवेदनशील विषय है। किसी निजी बात को लोगों के मन में मेरे लिए नफरत पैदा करने की वजह बनाना नासमझी है और इससे सिर्फ यह पता चलता है कि ध्यान खींचने के लिए तुम कितनी नीचे जा सकती हो।” आसिम के इस बयान के बाद हिमांशी ने सोशल मीडिया पर लंबा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ”मैंने हमेशा अपनी निजी जिंदगी के बारे में ईमानदारी से बात की है। चाहे वह मेरा बिग बॉस का अनुभव हो, मेरी आध्यात्मिक यात्रा हो या मेरी सेहत से जुड़ी बातें। मैंने अपनी जिंदगी के इन हिस्सों के बारे में हमेशा समझदारी से बात की है। मैंने कभी किसी को नीचा दिखाने या बदनाम करने के लिए अपनी कहानी का इस्तेमाल नहीं किया।” हिमांशी ने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी ‘जबरन धर्म परिवर्तन’ का दावा नहीं किया था। उन्होंने कहा, ”मैंने कभी नहीं कहा कि जबरदस्ती धर्म परिवर्तन हुआ था। यह बात लोगों और मीडिया ने अपने हिसाब से बनाई, लेकिन जब मेरी सेहत का मजाक उड़ाया जाता है और मेरी परेशानियों पर सवाल उठाए जाते हैं, तो मुझे लगता है कि अब मुझे अपनी सीमा तय करनी होगी।” उन्होंने कहा, “अगर बात सबूतों की हो रही है, तो पूरी बात करते हैं। मैं धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले के तथ्य और सबूत दिखाने के लिए तैयार हूं। इसमें सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्डिंग भी शामिल हैं। उम्मीद है, आपको 27 नवंबर 2023 की सुबह की बात याद होगी। मैं अपने साथ हुई हिंसा के सबूत भी सामने रख सकती हूं। अगर आप मेरी छवि खराब करना चाहते हैं, तो अब मैं आपकी इमेज बचाने के लिए हर बात छिपाती नहीं रहूंगी। बार-बार मेरा अपमान और बेइज्जती होगी, तो मैं चुप भी नहीं रहूंगी।” हिमांशी ने कहा, ”अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस और चैनलों के लोगों ने आपकी हरकतों को छिपाया है, लेकिन अब मैं ऐसा नहीं करूंगी। मैंने हमेशा अपनी इज्जत बनाए रखी और दूसरों को सम्मान दिया। बदले में मैं भी यही सम्मान चाहती हूं। अगर मुझे सम्मान नहीं मिलेगा, तो अब चुप रहने की कोई वजह नहीं है। अगर आप सबूत की बात करना चाहते हैं, तो फिर इसे ईमानदारी से करते हैं। पूरी सच्चाई, तथ्यों और जवाबदेही के साथ।

शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद रोना, तनाव घटाने से लेकर आंखों की सफाई तक, जानें आंसुओं के फायदे

नई दिल्ली। रोते हुए किसी को देखकर हम अक्सर मान लेते हैं कि वह बहुत कमजोर है या अपनी इमोशन्स को संभाल नहीं पा रहा। खासकर बचपन से हमें कई बार कहा जाता है कि ‘रोओ मत, मजबूत बनो’, लेकिन सच यह है कि रोने से शरीर और मन पर इसके कुछ अच्छे असर भी हो सकते हैं। जब इंसान बहुत ज्यादा परेशान या तनाव में होता है, तो उसका शरीर भी इसका असर महसूस करता है। दिल तेजी से धड़कता है, बेचैनी बढ़ती है और दिमाग में एक ही बात बार-बार घूमती रहती है। ऐसे समय में रो लेने के बाद कई लोगों को कुछ राहत महसूस होती है। इसका एक कारण यह है कि रोने के दौरान हम अपने अंदर छिपी भावनाओं को बाहर आने देते हैं। इससे मन पर बना दबाव कुछ कम महसूस हो सकता है। तनाव के बाद शरीर को शांत करने में मदद करता है रोना- वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर का ‘स्ट्रेस सिस्टम’ सक्रिय हो जाता है। दिल की धड़कन बढ़ सकती है, मांसपेशियों में खिंचाव आता है और दिमाग लगातार परेशान करने वाली बातों के बारे में सोचता रहता है। भावनात्मक रूप से रोने के बाद कुछ लोगों में शरीर के शांत होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम शरीर को आराम की स्थिति में वापस लाने में भूमिका निभाता है। इमोशन्स को बाहर निकालने का तरीका हैं आंसू- कई बार हम किसी बात से बहुत परेशान होते हैं, लेकिन उसे शब्दों में समझा नहीं पाते। ऐसी स्थिति में रोना इमोशन्स को जाहिर करने का एक स्वाभाविक तरीका बन जाता है। किसी भरोसेमंद व्यक्ति के सामने रोने से बातचीत शुरू हो सकती है और सामने वाला यह समझ सकता है कि हम अंदर से परेशान हैं। इस तरह आंसू कभी-कभी लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने का काम भी करते हैं। अब सवाल आता है कि रोने के बाद मन हल्का क्यों लगता है?, दरअसल, भावनात्मक रोने के दौरान शरीर में कई तरह की प्रक्रियाएं चलती हैं। कुछ शोधों में पाया गया है कि रोने के बाद लोगों को शांत और भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस होता है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि व्यक्ति कुछ देर के लिए अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें स्वीकार करता है। आंसुओं में तनाव के हार्मोन निकलते हैं और इसी वजह से तनाव खत्म हो जाता है, जिससे नींद आसानी से आ जाती है। आंखों के लिए आंसू बेहद जरूरी हैं। वे आंखों की सतह को नम रखते हैं और पलक झपकने के साथ आंखों पर एक पतली परत बनाए रखते हैं। यही परत आंखों को सूखने से बचाने और बाहरी कणों को हटाने में मदद करती है। धूल या किसी जलन पैदा करने वाली चीज के आंख में जाने पर अचानक आंसू आना भी शरीर की सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि लगातार आंखों से पानी आना किसी दूसरी समस्या का संकेत भी हो सकता है। कभी-कभार रोना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को रोज या बहुत बार रोने का मन करता है, वह खुद को रोक नहीं पाता और इसका असर उसके काम, रिश्तों या रोज की जिंदगी पर पड़ने लगा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को तीन और एफआईआर में दी अंतरिम राहत, गिरफ्तारी पर रोक

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन और एफआईआर में गिरफ्तारी सहित सख्त पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत दी है। अभिषेक बनर्जी को अब राज्य के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 16 एफआईआर में से 11 मामलों में अंतरिम सुरक्षा मिल गई है। जिन तीन एफआईआर में हाईकोर्ट के सिंगल जज बेंच जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा दी है, उनमें से एक दक्षिण कोलकाता में कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र वाले भवानीपुर थाने में दर्ज है। वहीं, दो अन्य एफआईआर दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले कालीतला और विष्णुपुर थानों में दर्ज हैं। यह अंतरिम सुरक्षा 30 नवंबर तक लागू रहेगी। अंतरिम सुरक्षा देते हुए जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच ने यह भी कहा कि डायमंड हार्बर सांसद को इन तीन एफआईआर में जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करना होगा। जस्टिस भट्टाचार्य ने टिप्पणी की कि इन तीन एफआईआर के संबंध में हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। फैसले के मुताबिक, अगर जांच एजेंसी समन भेजती है तो अभिषेक बनर्जी को पेश होना होगा। ऐसे में सिंगल बेंच ने कहा कि डायमंड हार्बर सांसद को पेशी से 48 घंटे पहले सूचित करना होगा। अगर वह जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो राज्य सरकार इस बारे में अदालत का ध्यान आकर्षित कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को तय की गई है। जस्टिस भट्टाचार्य ने आदेश में यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अब तक दर्ज सभी एफआईआर की कॉपी उनके वकील को दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी कोर्ट की इजाजत के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। हालांकि, जस्टिस भट्टाचार्य ने जोड़ा कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे रखी है, इसलिए यह आदेश उस विदेश यात्रा में बाधा नहीं बनेगा।

कांग्रेस ने बंगाल इकाई को तृणमूल नेताओं को शामिल करने के मामले में सावधानी बरतने का दिया निर्देश

कोलकाता। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डब्ल्यूबीपीसीसी) को निर्देश दिया है कि वे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने को लेकर बहुत सावधानी बरतें। पश्चिम बंगाल के लिए एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार को भेजे एक पत्र में कहा कि भले ही देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी को राज्य के बदले हुए राजनीतिक माहौल में अपना संगठन बढ़ाना है लेकिन इस विस्तार में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। जोशी ने सरकार को भेजे पत्र में कहा, “मौजूदा हालात में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि जहां भी जरूरत हो, दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं या समाज सेवकों को कांग्रेस में शामिल किया जाए। हालांकि, ऐसे मामलों में यह भी उतना ही जरूरी है कि पार्टी में शामिल होने के लिए प्रस्तावित लोगों के नाम या सूची सबसे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजे जाएं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संबंधित व्यक्तियों की योग्यता, खूबियों और कमियों की जांच करने और एआईसीसी से सूची को मंजूरी मिलने के बाद ही ऐसे लोगों को औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी में शामिल किया जाना चाहिए। उम्मीद है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता ऐसी सभी नियुक्तियों के मामले में ऊपर बताई गई प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।” वैसे, यह बयान इस हफ्ते हुई एक घटना के बाद आया है, जब राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के पांच बार लोकसभा सदस्य रहे अधीर रंजन चौधरी ने अपने गृह जिले मुर्शिदाबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया था। वहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से जिले के तृणमूल कांग्रेस के पांच पूर्व नेताओं को कांग्रेस में शामिल किया था। 23 अगस्त को कांग्रेस में शामिल होने वाले जिलास्तरीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं में मुर्शिदाबाद जिले की धुलियान नगरपालिका के चेयरमैन मोहम्मद इंजमुल इस्लाम भी शामिल थे। शुभंकर सरकार को लिखे पत्र में जोशी ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी स्पष्ट किया है कि 23 अगस्त की घटना के कारण ही एआईसीसी को बदले हुए राजनीतिक हालात में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल करने पर रोक लगानी पड़ी। एआईसीसी ने मुर्शिदाबाद के उन पांच तृणमूल कांग्रेस नेताओं को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल करने की प्रक्रिया को भी फिलहाल रोक दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि इस बयान के जरिए एआईसीसी ने चौधरी को यह अप्रत्यक्ष संदेश भी दिया है कि पार्टी आलाकमान उनकी किसी भी कार्रवाई को बिना सहमति के स्वीकार नहीं करेगा, जैसा कि तब होता था जब वे राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के लोकसभा सदस्य थे।

ईटीपीएल में मेरी भूमिका अलग और रोमांचक: राहुल द्रविड़

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में अलग भूमिका में हैं। वह इस लीग की फ्रेंचाइजी डबलिन गार्डियंस के को-ओनर हैं। द्रविड़ ने कहा है कि वह अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जो उन्हें रोमांचक लगता है। राहुल द्रविड़ ने जियोस्टार पर कहा, “लीग के साथ काम करने और जुड़ने के लिए कुछ बहुत अच्छे लोग हैं। एम्स्टर्डम फ्लेम्स में स्टीव वॉ हैं, जिनकी मैं हमेशा तारीफ करता रहा हूं, और जेमी ड्वायर उस टीम को बना रहे हैं। ग्लेन मैक्सवेल एक टीम का हिस्सा हैं, और लीग के मालिक भी। अभिषेक बच्चन जैसे किसी का खेल के लिए जो जुनून है और जिस टीम को उन्होंने लीग बनाने के लिए बनाया है, उससे लगा कि ये अच्छे लोग कुछ बहुत अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने सोचा, ‘क्यों न इसमें शामिल हुआ जाए, कुछ थोड़ा अलग किया जाए?’ मैं हमेशा एक कोच या एक खिलाड़ी के तौर पर शामिल रहा हूं, लेकिन चीजों को सेट अप करने और कोच और खिलाड़ी और मार्केटिंग और फाइनेंस को नियुक्त करने की कोशिश करना, ये चीजें मेरे कम्फर्ट जोन से थोड़ी बाहर हैं, फिर भी रोमांचक हैं।” द्रविड़ ने कहा, “मुझे हमेशा लगता है कि यूरोप में इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए बहुत प्रतिभा है और बहुत मौके हैं। यूरोप में इस खेल को आगे बढ़ाने और एक पुराने क्रिकेटर के तौर पर इस खेल में ज्यादा लोगों को शामिल करने की कोशिश करने के लिए यह सही मंच है। क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा लड़कों और लड़कियों तक यह खेल उपलब्ध कराने की जरूरत है।” टी20 क्रिकेट से क्रिकेट के अन्य फॉर्मेट पर पड़ने वाले असर पर द्रविड़ ने कहा, “निजी तौर पर मुझे टेस्ट क्रिकेट बहुत पसंद है। यह हमेशा खेल का नंबर वन फॉर्मेट रहेगा। लेकिन, आपको यह समझने के लिए काफी वास्तविक होना होगा कि अगर आप क्रिकेट के गेम को बढ़ाना चाहते हैं, इसे सिर्फ कुछ देशों द्वारा खेला जाने वाला एक खास गेम नहीं बनाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि अगली पीढ़ी गेम का आनंद ले सके। उसे फॉलो कर सके और खेल सके, तो टी20 गेम को प्रमोट करने के लिए एक बेहतरीन फॉर्मेट है, खासकर दुनिया के इस हिस्से में, जहां आप गेम को परिचित कराने और ज्यादा लोगों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “एक बार जब आप लोगों को गेम में शामिल कर लेते हैं, तो आप यह देखने के लिए चीजों को लागू करने के बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं कि क्या दुनिया के इस हिस्से में गेम के लंबे फॉर्मेट को बढ़ाने का कोई मौका है। लेकिन जब आप शुरू कर रहे होते हैं, जब आप अपने शुरुआती कदम उठाने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो मुझे लगता है कि टी20 फॉर्मेट सबसे सही फॉर्मेट है।” ईटीपीएल का पहला संस्करण 26 अगस्त से शुरू हो रहा है। भारतीय फैंस की इस लीग में दिलचस्पी है। राहुल द्रविड़ एक फ्रेंचाइजी के को-ओनर हैं। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन इस लीग के को-फाउंडर हैं। रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्य रहाणे और विजय शंकर भी अलग-अलग टीमों का हिस्सा हैं।

ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज में 68 घटनाएं, 20 नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की मौत: आईएमओ

लंदन। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज में नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की मौत को लेकर एक आंकड़ा जारी किया है। इसके अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए संयुक्त हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस दौरान करीब 68 घटनाओं में 20 नाविकों या बंदरगाह कर्मियों की मौत हुई है। आईएमओ ने बताया कि इन घटनाओं में 35 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। संगठन के अनुसार, इस अवधि में औसतन हर 2.6 दिन में एक घटना दर्ज की गई। इनमें अधिकांश घटनाओं को ‘हमले’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति के लिए इसका विशेष महत्व है। यहां बढ़ते हमलों ने व्यापारिक जहाजों, नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। आईएमओ के आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित जहाजों में तेल टैंकरों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा कंटेनर जहाज और बल्क कैरियर भी घटनाओं की चपेट में आए। विभिन्न देशों के झंडे वाले जहाज इन घटनाओं में शामिल रहे हैं। संकट के दौरान घटनाओं की रफ्तार में भी बदलाव आया। शांति वार्ता के दौरान घटनाओं की संख्या में कमी देखी गई, लेकिन वार्ता के बाद समुद्री मार्ग में फिर से हमलों की आवृत्ति बढ़ गई। आईएमओ के मुताबिक, इस संकट से क्षेत्र में काम कर रहे करीब 20,000 नाविक, बंदरगाह कर्मचारी और ऑफशोर कर्मी प्रभावित हुए हैं। संगठन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान भी चलाया। जून में इस अभियान के तहत 136 जहाजों के जरिये करीब 2,900 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया। आईएमओ ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित आवाजाही की विश्वसनीय गारंटी नहीं है। संगठन ने जोर दिया कि संघर्ष के बीच नाविकों की सुरक्षा और जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। होर्मुज दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां लंबे समय तक असुरक्षा रहने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है।

भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा आगे: पीयूष गोयल

टोक्यो। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को जापान के प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थानों के टॉप लीडर्स के साथ चर्चा के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने पिछले साल 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है। इस दौरान चर्चा का मुख्य विषय दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह को मजबूत करना, निवेश साझेदारी को गहरा करना और भारत की विकास यात्रा में जापान की भागीदारी को बढ़ाना रहा। बैठक में एमयूएफजी, डेवलपमेंट बैंक ऑफ जापान (डीबीजे), मिजुहो, मॉर्गन स्टेनली, नोमुरा और निप्पॉन लाइफ के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती, मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी, एनपीए के निम्न स्तर, बढ़ते मध्यम वर्ग और बढ़ती खर्च योग्य आय को निरंतर आर्थिक विकास के प्रमुख कारकों के रूप में बताया। गोयल ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में जापानी निवेशकों के लिए मौजूद महत्वपूर्ण अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल वाले डिजिटल उद्योगों के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। वहीं, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहा है। भारत वैश्विक विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश केंद्र बनने की अपनी यात्रा में जापान को एक भरोसेमंद साझेदार मानता है। बैठक में भारत में अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रवेश के लिए गिफ्ट सिटी की क्षमता और जापान तथा भारत के बीच सीमा-पार निवेश प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए इसे एक मंच के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब भारत और जापान ने अगले दशक में भारत में जापानी निजी निवेश को 10 ट्रिलियन येन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।