अक्षय खन्ना की ‘महाकाली’ की पहली झलक रिलीज, शुक्राचार्य के अवतार में दिखे अभिनेता

मुंबई। अभिनेता अक्षय खन्ना की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म ‘महाकाली’ का फर्स्ट लुक सोमवार को मेकर्स ने रिवील कर दिया गया है। यह फिल्म मां काली की शक्तियों और पौराणिक कथाओं पर आधारित है, जिसमें शुक्राचार्य और देवताओं के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। यह फिल्म प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स (पीवीसीयू) का अगला चैप्टर है। मेकर्स ने सोमवार को शुक्राचार्य से किरदार से जुड़ी पहली वीडियो पोस्ट की, जिसमें उनके बारे में बताया गया है। पहली झलक का टाइटल ‘शुक्राचार्य का युद्धघोष’ रखा गया है। वीडियो में धर्म और अधर्म के बीच एक बड़ी लड़ाई दिखाई गई है। इसमें असुरों के गुरु शुक्राचार्य के नेतृत्व में दिव्य शक्तियों के बीच एक बड़ा युद्ध होने के संकेत देखने को मिलता हैं, जो अच्छाई और बुराई की लड़ाई से कहीं बड़ा है। अपनी दमदार टोन और युद्ध की शानदार झलकियों के साथ यह टीजर इशारा करता है कि ‘अंत की शुरुआत’ हो चुकी है। इस झलक का सबसे खास हिस्सा अक्षय खन्ना है, जो शुक्राचार्य के अवतार में नजर आ रहे हैं। उनकी आंखों में गुस्सा और दमदार मौजूदगी इस किरदार को और भी ताकतवर बना रही है। उनके फर्स्ट लुक के बाद दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता थी, अब इस झलक ने उनकी एक्टिंग की पहली झलक दिखाकर दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।झलक में ‘महाकाली’ की भव्य दुनिया की पहली बड़ी झलक भी देखने को मिलती है। शानदार विजुअल्स, बड़ी दुनिया और बेहतरीन वीएफएक्स मिलकर फिल्म को एक बड़े पर्दे का अनुभव बनाते हैं। इसमें श्रिया रेड्डी की भी दमदार मौजूदगी है, जो कहानी में एक और दिलचस्प परत जोड़ती हैं। दो मिनट और 53 सेकंड का यह वीडियो प्रशांत वर्मा के बड़े सिनेमैटिक विजन की पहली झलक दिखाता है, जो एक ऐसे यूनिवर्स की ओर इशारा करता है जो स्केल, स्टोरीटेलिंग और शानदार तरीके से लगातार बढ़ रहा है। आरके दुग्गल द्वारा प्रेजेंट और आरकेडी स्टूडियोज के बैनर तले रिवाज रमेश दुग्गल द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘महाकाली’ को पूजा अपर्णा कोल्लुरु ने डायरेक्ट किया है और यह सिनेमैटिक यूनिवर्स का अगला इंस्टॉलमेंट है। इस फिल्म में भूमि शेट्टी ‘महाकाली’ के रोल में हैं और अक्षय खन्ना, श्रीया रेड्डी के साथ रोहित सराफ भी एक अहम रोल में नजर आएंगे।
परिसीमन और जनगणना के पीछे छिप रही सरकार, खानपान खुद की पसंद पर निर्भर : पवन खेड़ा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने सोमवार को दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या में मछली भोज विवाद, महिला आरक्षण, एनएसए अजित डोभाल के चीन दौरे और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को रद्द करने के मामले पर अपनी बात रखी। अयोध्या में कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय के स्वागत के दौरान हुए मछली भोज पर पवन खेड़ा ने कहा कि जिस निषाद जी ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की है, वह हाल ही में भाजपा से आए हैं। अगर कोई अपने घर या कार्यक्रम में किसी को बुलाता है तो क्या आप तय करेंगे कि क्या पकाना है और क्या नहीं? उन्होंने कहा, “अजय राय शाकाहारी हैं, वो अलग बात है। किसी को भी ये हक नहीं होना चाहिए कि कोई क्या खाएगा और क्या नहीं खाएगा। लेकिन अगर निषाद समुदाय मछली नहीं खाएगा तो क्या आरएसएस तय करेगा कि निषाद समुदाय को क्या और कब खाना चाहिए? वो खुद को समझते क्या हैं? हम आज तक नहीं समझ पाए कि ये कौन होते हैं यह तय करने वाले कि मुसलमान हिजाब पहनें या निषाद मछली खाएं। आप होते कौन हैं और क्यों? इसीलिए राहुल गांधी बार-बार आरएसएस को निशाना बनाते हैं और कहते हैं कि वे सबकी निजी जिंदगी में घुसकर यह तय करना चाहते हैं कि कौन क्या खाए, कब खाए, क्या पहने और कौन सी भाषा बोले। यह नहीं चल सकता।” इस मामले पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि पूरे भाजपा के लोग होटल खोले हुए हैं और मछली खा रहे हैं। ये सब बकवास की बातें हैं। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा कांग्रेस से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के समर्थन की अपील पर पवन खेड़ा ने कहा कि यह बिल 2023 में पास हुआ था। लोकसभा में 20 सितंबर को, राज्यसभा में 21 सितंबर को और राष्ट्रपति ने 24-25 सितंबर के आसपास इसे मंजूरी दी थी। पवन खेड़ा ने सवाल उठाया, “अगर सरकार गंभीर थी, तो अप्रैल 2026 तक बिल के साथ क्या कर रही थी? एक कानून बना, लेकिन तीन साल तक उसे नोटिफाई तक नहीं होने दिया। अब वे परिसीमन और जनगणना के पीछे छिप रहे हैं। हम फिर से कहते हैं कि इसे मौजूदा सीटों पर तुरंत लागू किया जाए।” राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए चीन जाने पर पवन खेड़ा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में जो विशेष प्रतिनिधि तंत्र बनाया गया था, वह सीमा के समाधान के लिए था। शब्द पर ध्यान दीजिए- ‘समाधान’। लेकिन समय के साथ इसे सीमा प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। विवाद को सुलझाना नहीं, बल्कि सिर्फ उसका प्रबंधन करना तक सीमित कर दिया गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा केंद्र द्वारा मानदंडों के अनुरूप न होने के कारण अनुमति न मिलने के बाद अपना अमेरिका दौरा रद्द करने पर पवन खेड़ा ने कहा कि यह बहुत अजीब है। उन्हें बताना चाहिए कि पिछले 12 सालों में भाजपा के मुख्यमंत्रियों के कितने विदेशी दौरों पर विदेश मंत्रालय ने ऐसी टिप्पणी की है। यह सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जीनियस’ को रिलीज हुए 8 साल पूरे, निर्देशक अनिल शर्मा ने शेयर किया खास पोस्ट

मुंबई। अभिनेता उत्कर्ष शर्मा की भारतीय हिंदी एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘जीनियस’ ने अपनी रिलीज के 8 साल पूरे कर लिए हैं। सोमवार को फिल्म के निर्देशक अनिल कपूर ने फिल्म के 8 साल पूरे होने का जश्न मनाया। निर्देशक अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर शेयर किया, जिसमें अभिनेता उत्कर्ष शर्मा नजर आ रहे हैं। निर्देशक ने लिखा, “तेरा फितूर चढ़ गया रे” – 8 साल हो गए फिल्म जीनियस को इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया।” निर्देशक ने अपनी पोस्ट के जरिए फिल्म के सभी मुख्य कलाकार और टीम को टैग करते हुए बधाई दी। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जीनियस’ साल 2018 में रिलीज की गई थी। यह फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे उत्कर्ष शर्मा की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म थी। हालांकि, उत्कर्ष ने पहले भी फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में ‘जीते’ का किरदार निभाकर बाल कलाकार के रूप में काम किया है, लेकिन बतौर मुख्य भूमिका में यह फिल्म उनकी पहली थी। फिल्म में उत्कर्ष शर्मा के अलावा, इशिता चौहान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और मिथुन चक्रवर्ती भी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की कहानी वासुदेव शास्त्री (उत्कर्ष शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बेहद बुद्धिमान आईआईटी छात्र है और सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग व एथिकल हैकिंग में माहिर होता है। वह अपनी प्रतिभा के दम पर वासु रॉ और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के संपर्क में आता है। फिल्म में उसकी भिड़ंत एक खतरनाक और विद्रोही माइंडसेट वाले विलेन (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से होती है, जो देश के खिलाफ साजिश रचता है। इसके बाद देशभक्ति, बुद्धिमत्ता और एक्शन से भरपूर संघर्ष की कहानी शुरू होती है। फिल्म में उसकी मुलाकात कॉलेज में दूसरी रैंक लाने वाली नंदिनी (इशिता चौहान) से होती है, जो उसे चुनौती देती है और उसके जीवन को मुश्किल बनाने की कोशिश करती है। वासुदेव अपनी बुद्धिमानी से नंदिनी को प्रभावित करता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच तकरार प्यार में बदल जाती है। फिल्म के गाने (जैसे ‘तेरा फितूर’ और ‘दिल मेरी ना सुने’) बहुत लोकप्रिय हुए थे। इसके अलावा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अभिनय को कुछ हद तक सराहा गया, हालांकि उन्हें एक औसत फिल्म में उपजाऊ मंच नहीं मिला।
भारत बनाम श्रीलंका: ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, एमएस धोनी का तोड़ा रिकॉर्ड

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर खेला जा रहा है। टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट के दूसरे दिन इतिहास रच दिया है। पंत विदेशी धरती या न्यूट्रल वेन्यू पर भारत की ओर से बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर बन गए हैं। पंत ने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धोनी ने घर से बाहर खेलते हुए 2,496 रन बनाए। इस लिस्ट में 1209 रनों के साथ फारुख इंजीनियर तीसरे नंबर पर काबिज हैं। टेस्ट के दूसरे दिन सारांश जैन के पवेलियन लौटने के बाद पंत दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। गौरतलब है कि टेस्ट के पहले दिन पंत बल्लेबाजी करते हुए चोटिल हो गए थे और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था। भारतीय पारी के 58वें ओवर में लाहिरू कुमारा की एक उछाल लेती हुई गेंद सीधा पंत की कलाई पर आकर लगी थी, जिसके बाद वह काफी दर्द में दिखाई दिए थे। थोड़ी देर चले इलाज के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। पंत पहले टेस्ट में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके थे और उनकी फॉर्म को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने टॉस जीतने के बाद शानदार शुरुआत की है। टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए लगातार दूसरा शतक लगाया। उन्होंने 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 12 चौके लगाए। वहीं, कप्तान शुभमन गिल भी अच्छी लय में दिखाई दिए और उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली। यशस्वी जायसवाल (45) और रवींद्र जडेजा (43) अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे। केएल राहुल सिर्फ 18 रन ही बना सके थे। दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही और सारांश जैन महज 6 रन बनाकर असिथा फर्नांडो का शिकार बने। हालांकि, पंत और ध्रुव जुरेल सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभा चुके हैं और क्रीज पर डटे हुए हैं।
केंद्र ने जून तिमाही का सर्विस पीपीआई अनुमान जारी किया, इंश्योरेंस सर्विस में महंगाई दर एक प्रतिशत से कम रही

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (एसपीपीआई-प्रोविजनल) का डेटा जारी कर दिया है। इसमें इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स में महंगाई दर सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत और टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी डेटा में कहा गया कि इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स वित्त वर्ष 27 की जून तिमाही में 102.9 रहा है और यह सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत बढ़ा है। टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 0.72 प्रतिशत बढ़कर 112.2 पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सर्विस प्राइस इंडेक्स 89.9 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर -1.32 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, बैंकिंग सर्विस प्राइस इंडेक्स 100.9 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर -3.35 प्रतिशत गिरावट देखी गई है, जबकि बैंकिंग सर्विस कॉन्ट्रिब्यूशन इंडेक्स 134.8 पर रहा है और यह सालाना आधार पर 6.90 प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा, मैनेजमेंट ऑफ पेंशन फंड्स सर्विस प्राइस इंडेक्स 113.3 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर 5.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जून तिमाही में एयर (पैसेंजर) सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 31.94 प्रतिशत बढ़कर 126.4 पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रेलवे सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.4 पर रहा है और इसमें सालाना आधार पर 1.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके घटक रेलवे फ्रेट सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 0.10 प्रतिशत बढ़कर 103.3 पर और रेलवे पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 3.50 प्रतिशत बढ़कर 103.5 पहुंच गया है। सर्विस पीपीआई में सात तरह की सर्विस शामिल हैं और इनका बेस ईयर 2022-23 है। हालांकि, सरकार के अनुसार, इन इंडेक्स में सेवाओं के लिए वेटेज (भारांक) को शामिल नहीं किया जाता है क्योंकि ये पूरे सर्विस सेक्टर को कवर नहीं करते हैं। वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सर्विस पीपीआई डेटा 25 नवंबर, 2026 को जारी किया जाएगा।
प्रशांत महासागर में ‘डीप-सी माइनिंग’ की ट्रंप योजना का विरोध

वाशिंगटन। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने प्रशांत महासागर में गहरे खनन का प्रस्ताव रखा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस विचार का विरोध भी शुरू हो गया है। प्रशांत महासागर में गहरे समुद्र के तल से खनिज निकालने की योजना को लेकर उत्तरी मारियाना द्वीप समूह, गुआम और अमेरिकी समोआ के नेतृत्व ने फिक्र जाहिर की है। उनके मुताबिक इससे पर्यावरण और स्थानीय मछली उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ेगा। 18 अगस्त को ये प्रस्ताव रखा गया। अमेरिकी गृह मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसी, मरीन मिनरल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएमए) ने नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स और गुआम तट के पास समुद्र की सतह के 2.8 करोड़ हेक्टेयर (6.9 करोड़ एकड़) हिस्से में डीप-सी माइनिंग लीज की नीलामी का प्रस्ताव जारी किया। ट्रंप प्रशासन ने महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से मारियाना ट्रेंच को लेकर ये फैसला लिया। इन समुद्री तलछटों में निकल, कोबाल्ट और मैंगनीज जैसे खनिज पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में किया जाता है। उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के गवर्नर डेविड अपाटांग ने द गार्डियन से कहा कि उनका प्रशासन प्रस्ताव की बेहद सावधानी से समीक्षा करेगा। उन्होंने खनन शुरू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, पारदर्शिता और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। गुआम के लेफ्टिनेंट गवर्नर जोशुआ टेनोरियो ने भी योजना का स्पष्ट विरोध किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा या महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत के नाम पर प्रशांत क्षेत्र के लोगों को ऐसे पर्यावरणीय जोखिम स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिनका अभी पर्याप्त अध्ययन ही नहीं हुआ है। अमेरिकी समोआ के गवर्नर प्यूला निकोलाओ ने भी समुद्री खनन का विरोध किया है। उनकी सबसे बड़ी चिंता क्षेत्र के महत्वपूर्ण टूना मछली उद्योग पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है। अमेरिकी समोआ और हवाई के पर्यावरण समूहों ने भी ट्रंप प्रशासन की योजना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। उनका आरोप है कि सरकार ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले संभावित गंभीर प्रभावों का पर्याप्त आकलन नहीं किया है। इनमें समुद्री जीवों के आवास को नुकसान, समुद्र तल की तलछट और खनन गतिविधियों से पैदा होने वाले तेज शोर जैसे खतरे शामिल हैं। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाना राष्ट्रीय हित में है और समुद्र तल के खनिजों से इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी तथा रक्षा उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है। यह कदम चीन पर खनिज आपूर्ति के मामले में निर्भरता घटाने की ट्रंप प्रशासन की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
कोलकाता: शोरूम में आग लगने से 22 कारें जलकर खाक, कोई हताहत नहीं

कोलकाता। कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में सोमवार तड़के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बांकरा में एक कार शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसमें 22 नई कारें जलकर खाक हो गईं और आठ अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन, कार शोरूम में लगी आग ने सोमवार सुबह तड़के ही भयावह रूप ले लिया था। कुल आठ दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रिपोर्ट लिखे जाने के तक आग बुझाने की प्रक्रिया जारी थी और दमकलकर्मी पूरी तरह से जलकर खाक हो चुके शोरूम में अगर कोई छिपे हुए आग के स्रोत थे, तो उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। राज्य अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग सबसे पहले सोमवार सुबह 5 बजे स्थानीय लोगों ने देखी। उन्होंने कहा, “निकटतम अग्निशमन केंद्र को तुरंत सूचना दी गई और पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू किया। बाद में तीन और गाड़ियां भी शामिल हो गईं। शुरुआत में हमारा काम मुश्किल था, क्योंकि हमें एक तरफ शोरूम की आग बुझाने पर ध्यान देना था और दूसरी तरफ आग को आसपास की इमारतों में फैलने से रोकना था। शोरूम में प्रवेश द्वार काफी संकरा होने के कारण हमारे कर्मचारियों को शुरू में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब स्थिति नियंत्रण में है।” अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या शोरूम में आग बुझाने की कोई व्यवस्था थी या नहीं। दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के पूरे अभियान के दौरान सर्विस सेंटर का कोई भी व्यक्ति घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। अग्निशमन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, “आग लगने के कारण की जांच चल रही है। शोरूम के अधिकारियों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि शोरूम में आग से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए थे या नहीं।” पश्चिम बंगाल में इस महीने की शुरुआत में होटल में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं हुईं, जिनमें प्रत्येक घटना में नौ-नौ लोगों की जान गई। कुल मिलाकर, 18 लोगों की मौत हुई। पहली घटना बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित होटल बिदेशिनी में हुई, जो वहां के प्रसिद्ध देवी तारा मंदिर के पास है। दूसरी आग लगने की घटना मध्य कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन में हुई, जिसमें सात बांग्लादेशी नागरिकों सहित नौ लोगों की मौत हो गई थी।
कर्नाटक: भाजपा नेताओं ने विधान सौधा का किया घेराव; नागेंद्र के इस्तीफे की मांग, हिरासत में कई लोग

बेंगलुरु। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सोमवार को कथित आदिवासी कल्याण घोटाले को लेकर योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विधान सौधा का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी कार, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो से विधान सौधा के चारों प्रवेश द्वारों पर इकट्ठा हुए। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए और प्रदर्शनकारियों को विधान सौधा परिसर में घुसने से रोका। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में फ्रीडम पार्क में भी एक समानांतर विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विकास सौधा की तरफ से विधान सौधा में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया, जिसके बाद टकराव की स्थिति बन गई; प्रदर्शनकारी केसरिया शॉल लहराते हुए जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। वरिष्ठ भाजपा नेता और एमएलसी एन. रविकुमार ने इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। इसमें एमएलसी सी.टी. रवि और पार्टी के कई अन्य नेता भी शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला और महिलाओं समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बीएमटीसी बसों और अन्य गाड़ियों में बिठाया। प्रदर्शनकारियों ने नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और कहा, ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘इस्तीफा जरूरी है’ और ‘पैसा कहां गया? पैसा राहुल गांधी के घर गया।’ कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दलित कल्याण के लिए रखा गया पैसा दूसरी जगह इस्तेमाल कर लिया गया। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक की अगुवाई में एक और समूह ने भी विधान सौधा परिसर में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोका और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। अशोक और विजयेंद्र को पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती उठाकर गाड़ियों में बैठा लिया। पुलिस की गाड़ी के अंदर से पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कांग्रेस सरकार पर दलित कल्याण के लिए रखे गए फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। अशोक ने आरोप लगाया, “सरकार ने दलितों का पैसा हड़प लिया है। दलित कल्याण योजनाओं के लिए अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह पैसा अपने नेताओं में बांट दिया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने फंड के कथित गलत इस्तेमाल की ओर जनता का ध्यान खींचने के लिए यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है और नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया, “हम मंत्री नागेंद्र के कारण विरोध कर रहे हैं। उन्होंने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से लगभग 180 करोड़ रुपये लूटे हैं। यह पैसा लोगों को वापस मिलना चाहिए। इसीलिए हम विधान सौधा के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।” अशोक ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा, “अगर सरकार इस तरह की कार्रवाई करती है, तो यह ठीक नहीं है। हम शांति से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार हम पर हमला कर रही है। यह अच्छी बात नहीं है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हैं।” विजयेंद्र ने कहा, “यह विरोध कांग्रेस सरकार के खिलाफ है, जो मंत्री नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने में हिचकिचा रही है और भ्रष्टाचार का समर्थन करती दिख रही है। इसी वजह से हम विधान सौधा का घेराव कर रहे हैं।” जब उनसे कांग्रेस के इस आरोप के बारे में पूछा गया कि भाजपा गुंडागर्दी कर रही है, तो विजयेंद्र ने कहा, “पूरा राज्य जानता है कि राजनीति में कौन गुंडागर्दी के दम पर आगे बढ़ा है। उन्होंने गुंडागर्दी के जरिए अपना राजनीतिक करियर बनाया है। जो मुख्यमंत्री हमें गुंडा कह रहे हैं, उन्होंने खुद गुंडागर्दी की है और राज्य की जनता यह बात जानती है। बेंगलुरु के लोग भी यह सच्चाई जानते हैं।” विजयेंद्र ने कहा, “आज भाजपा और जेडी(एस) ईमानदारी से दलितों के हितों के लिए लड़ रहे हैं और जिनकी आवाज नहीं सुनी जाती, उनकी तरफ से आंदोलन कर रहे हैं। सीएम ने हमें गुंडा कहा है। मिस्टर डी.के. शिवकुमार, आप खुद गुंडा हैं। आप हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।” भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने कहा कि जांच से पता चला है कि दूसरे राज्यों में चुनावों पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा और बल्लारी चुनाव में 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार इस घोटाले को हल्के में नहीं ले सकती। भाजपा ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है। वे जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए बनी योजनाओं से कथित तौर पर हटाए गए फंड की वापसी की मांग कर रहे हैं।
गाजा से आने वाले गुब्बारे या पतंग को ड्रोन मानकर करें कार्रवाई, रक्षा मंत्री काट्ज ने आईडीएफ को दिए निर्देश

यरुशलम। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बताया कि इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) को किसी भी गुब्बारे या पतंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि गाजा से आने वाले किसी भी गुब्बारे या पतंग को ड्रोन ही माना जाएगा, फिर चाहे उसमें विस्फोट हो या न हो। इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) को निर्देश दिया है कि गाजा से नेगेव क्षेत्र की बस्तियों की ओर छोड़ी जाने वाली पतंगों और गुब्बारों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। ऐसे मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अगर यह गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इन्हें पूरी तरह रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। किसी भी गुब्बारे या पतंग को ड्रोन की तरह ही माना जाएगा, चाहे उसमें विस्फोटक हो या न हो।” उन्होंने कहा कि मैं योआव गैलेंट नहीं हूं। मैं छह अक्टूबर जैसी नीति को दोबारा लागू नहीं होने दूंगा, न आसमान से आने वाले खतरों को और न ही सीमा बाड़ के आसपास होने वाली गतिविधियों को। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान बार-बार छापेमारी की जिस रणनीति के कारण हमास को एक ही इलाकों में दोबारा लौटने का मौका मिलता रहा, उसके बजाय हमने सेना के साथ मिलकर एक मजबूत और स्पष्ट सुरक्षा क्षेत्र तैयार किया है। यह क्षेत्र नागरिक आबादी और आतंकवादी ढांचे से मुक्त है और इसकी निगरानी तथा नियंत्रण इजरायली सेना के हाथ में है, ताकि सैनिकों और बस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। काट्ज ने कहा कि इस सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी तरह से कमजोर या दरकिनार नहीं होने दिया जाएगा। संभावित खतरों को देखते हुए इस मुद्दे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी कर चुके हैं। बैठक में सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और इजरायली सेना (आईडीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इजरायल ने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गाजा से ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों के जरिए हमले तुरंत नहीं रुके, तो आईडीएफ इन हमलों के जिम्मेदार लोगों पर लक्षित हमले और तेज करेगी। बयान में कहा गया कि जिन इलाकों का इस्तेमाल ड्रोन, पतंग और गुब्बारे लॉन्च करने के लिए किया जा रहा है, वहां की आबादी को भी खाली कराया जाएगा ताकि आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
चिराग पासवान के बयान का सांसद अरुण भारती ने किया समर्थन, कहा-आरक्षण कोई दान या खैरात नहीं बल्कि भरपाई है

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने चिराग पासवान के आरक्षण वाले बयान और बिहार सरकार के पेपर लीक रोकने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठन पर प्रतिक्रिया दी। सांसद अरुण भारती ने आरक्षण पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर आईएएनएस से कहा, “यह पहली बार है जब हम ऐसा आंदोलन देख रहे हैं, जो किसी के अधिकार छीनने की बात करता है। हमारे नेता सही कहते हैं, आरक्षण कोई दान या खैरात नहीं है, भीख नहीं है बल्कि यह भरपाई है। यह अधिकार बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान में निहित है। यह पहली बार है जब हम आरक्षण के मामले में किसी के अधिकार छीनने की बात हो रही है। “युवाओं की समस्याएं असली है, अवसर की कमी है। इसलिए लड़ाई अवसर बढ़ाने की बात होनी चाहिए, किसी को मिले हुए अवसर और अधिकार को छीनने की नहीं। चिराग पासवान ने रविवार को एक्स पोस्ट में कहा था, “मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है। मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है। आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है। सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।” आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मंत्री ब्रजेश पाठक की मुलाकात पर अरुण भारती ने कहा, “ब्रजेश पाठक ने आरक्षण हटाओ को अपने एक्स पोस्ट में आरक्षण सुधार कर गलत आंदोलन का समर्थन किया है। संवैधानिक पद पर रहते हुए ब्रजेश पाठक आरक्षण हटाओ जैसे आंदोलन का समर्थन करना पूरी तरह गलत है। यह वही ब्रजेश पाठक हैं, जब बहुजन समाज का वोट लेकर बसपा से सांसद चुने गए थे।” ब्रजेश पाठक ने 22 अगस्त को एक्स पर लिखा था, “नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे के साथ लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों एवं उनकी चिंताओं की गंभीरता के दृष्टिगत उन्हें पूर्ण रूप से आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। किसी भी छात्र के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर चलेगी।” बिहार सरकार के पेपर लीक रोकने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठन करने पर सांसद ने कहा, “यह स्वागत योग्य कदम है। हम लोग छात्रों के अधिकारों, मांगों और परीक्षा में सुधारों को लेकर लगातार बात कर रहे हैं। सरकार अगर कमेटी के माध्यम से इस मुद्दे को सुनती है और कानून बनाती है तो यह एक अच्छा कदम है।