एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली और दमन में की सख्त कार्रवाई, लाइसेंस भी किया निलंबित

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को कहा कि निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन और अनुपालन में कमी पाए जाने के बाद उसने दिल्ली और दमन की दो खाद्य कारोबार इकाइयों के खिलाफ कड़ी नियामकीय कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा नियामक ने नई दिल्ली स्थित मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। वहीं, दमन के रिंगनवाड़ा स्थित एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मानकों का पालन न करने वाले घी उत्पादों और मिलावट की आशंका को लेकर प्रतिबंध का आदेश जारी किया गया है। एफएसएसएआई ने कहा, “गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों का पता चलने के बाद एफएसएसएआई ने नई दिल्ली की मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित किया है और दमन की एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रतिबंध का आदेश जारी किया है।” मार्शे रिटेल के मामले में निरीक्षण और उसके बाद किए गए फॉलो-अप निरीक्षण में प्रतिष्ठान के डिजाइन, संचालन संबंधी नियंत्रण, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, खाद्य संचालकों के प्रशिक्षण और अनिवार्य रिकॉर्ड रखने में कमियां पाई गईं। खाद्य उत्पाद संभालने वालों के आवश्यक मेडिकल रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, निर्धारित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी दस्तावेज भी पर्याप्त रूप से व्यवस्थित नहीं रखे गए थे। इसके चलते, मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का एफएसएसएआई लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। खाद्य कारोबार संचालक को निर्देश दिया गया है कि जब तक पहचानी गई कमियों को दूर नहीं किया जाता और सक्षम प्राधिकरण द्वारा अनुपालन की पुष्टि नहीं कर दी जाती, तब तक वह तत्काल सभी खाद्य कारोबार गतिविधियां बंद रखे। वहीं, खाद्य नियामक ने दमन के रिंगनवाड़ा स्थित एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा निर्मित कई घी उत्पादों के निरीक्षण और नमूने लिए जाने के बाद की गई। “श्रद्धा”, “श्री सरस” और “गोकुल” जैसे ब्रांड नामों से बेचे जाने वाले इन उत्पादों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाया गया। घी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में बीटा-सिटोस्टेरॉल पाया गया। यह एक पौधों में पाया जाने वाला स्टेरॉल है, जिसकी घी में मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, फैटी एसिड की संरचना में भी मानकों के अनुरूप न होने की बात सामने आई। नियामक के अनुसार, ये निष्कर्ष बाहरी या वनस्पति वसा की मौजूदगी के संकेत थे और इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुईं। खाद्य कारोबार संचालक ने शुरुआती प्रयोगशाला जांच के निष्कर्षों के खिलाफ कानून के तहत अपील करने का अधिकार इस्तेमाल किया। इसके बाद अपील किए गए नमूनों को दोबारा जांच के लिए रेफरल फूड लैबोरेटरी भेजा गया। वहां दोबारा जांच में भी परीक्षण किए गए नमूनों में मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिससे नियामकीय कार्रवाई का आधार और मजबूत हो गया। एफएसएसएआई ने कहा कि कई नमूनों, अलग-अलग अवधियों और विभिन्न उत्पाद वेरिएंट में बार-बार और लगातार अनुपालन न किए जाने की स्थिति को देखते हुए इस समस्या को किसी एक खास बैच या उत्पाद तक सीमित नहीं माना जा सकता।
देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, अब सच्चाई छिपाने का दौर खत्म हो चुका : मनोज झा

पटना। युवाओं से जुड़ने के लिए भाजपा के प्रस्ताव, महिलाओं के बराबर अधिकारों पर राहुल गांधी की टिप्पणी और अभिजीत दिपके के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर राजद सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा की ओर से ‘वंदे मातरम’ पर प्रस्ताव पास करने को लेकर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “इसे उस नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। आप उनसे सवाल करने वाले कौन होते हैं? इस प्रस्ताव पर सदन में भी विस्तार से चर्चा हुई थी। आप किस पर उंगली उठा रहे हैं? रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस पर? क्या आपने कभी उनके कद के बारे में सोचा है?” मनोज झा ने कहा, “आप उनकी समझ पर सवाल उठा रहे हैं? और हां, आपके इस प्रस्ताव से बेरोजगारी कितनी जल्दी खत्म होगी? स्कूल कैसे बेहतर होंगे? अस्पताल और पब्लिक हेल्थ सिस्टम कैसे बेहतर होंगे? क्या आपकी चिंता यही है? क्या इन मुद्दों पर कोई प्रस्ताव लाया गया है?” जेन-जी तक पहुंचने के लिए भाजपा की ओर से स्पेशल टीम बनाने पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “कई कमेटियां बनाई गई हैं। कमेटी बनाना बहुत आसान है। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एक कहावत है; कमेटी बनाने का मतलब ही यह है कि आप मुद्दे को टालने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं के संदेश को समझें। वे बेहतर शिक्षा व्यवस्था और ढांचा चाहते हैं। उन्हें रोजगार के लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट और भरोसे की जरूरत है।” अभिजीत दिपके पर एफआईआर को लेकर मनोज झा ने कहा, “देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, अब सच्चाई छिपाने का दौर खत्म हो चुका है। कुछ जगहों पर एक ही कमरे में दो क्लास चल रही हैं, तो कहीं-कहीं तीन क्लास भी एक साथ हो रही हैं। जो टीचर इंग्लिश पढ़ाते हैं, वे ही मैथ और सोशल साइंस भी पढ़ा रहे हो सकते हैं। अगर कोई प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक की इन सच्चाइयों और जमीनी समस्याओं को सामने लाने की कोशिश कर रहा है, तो सरकार को ऐसे प्रयासों को दबाने या लोगों को डराने-धमकाने के बजाय उन्हें बढ़ावा देना चाहिए।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम कर खांसी से पाएं राहत, तनाव व चिंता कम करने में भी मददगार

नई दिल्ली। बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी आम है। खांसी लगातार बनी रहे तो काफी परेशानी होती है। आमतौर पर लोग राहत के लिए दवाएं लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से भी खांसी में आराम मिल सकता है? इसके अलावा यह एकाग्रता बढ़ाने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मददगार है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, अनुलोम-विलोम प्राणायाम खांसी से जुड़ी समस्याओं में राहत दिला सकता है। मंत्रालय का कहना है कि नियमित अभ्यास से एकाग्रता और ऊर्जा बढ़ती है, साथ ही तनाव और चिंता का स्तर कम करने में मदद मिलती है। अभ्यास के दौरान कुछ समय गहरी सांस लेने और अपनी गति धीमी रखने पर ध्यान देना चाहिए। अनुलोम-विलोम के लिए बारी-बारी से दोनों नथुनों से सांस लें। बीते दिन आयुष मंत्रालय की ओर से बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी गई थी। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था, “मौसम बदलने से आपकी सेहत पर अनपेक्षित असर पड़ सकता है। ऐसे चेतावनी वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें, जिनके लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत हो सकती है। आयुष मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर बताया गया था, “तेज बुखार के साथ उलझन, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में पानी की भारी कमी या लगातार उल्टी होना ऐसे संकेत हैं जिनके लिए बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मेडिकल मदद मिलने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और जान भी बचाई जा सकती है।” आयुष मंत्रालय की ओर से एक स्वस्थ हृदय के बारे में जानकारी साझा की गई थी। सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था, “एक स्वस्थ, अधिक संतुलित जीवन की कुंजी है। रक्तचाप, रक्त ग्लूकोज, रक्त लिपिड और शरीर के वजन के प्रति सचेत रहने से हृदय संबंधी जोखिम कारकों को जल्दी पहचानने में मदद मिल सकती है। जागरूकता, रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली विकल्पों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य की दिशा में सक्रिय कदम उठाएं।
सफदरजंग अस्पताल में बड़ी कामयाबी, पहला रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सफल

नई दिल्ली। दिल्ली में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स (सीआईओ) ने आधुनिक इलाज की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की। अस्पताल ने 22 अगस्त को अपना पहला रोबोट-असिस्टेड टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) सफलतापूर्वक किया। सीआईओ में रोबोट-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक सर्जरी की शुरुआत वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व, समर्थन और प्रोत्साहन से हुई है। इस पहल से सरकारी हेल्थ सिस्टम में एडवांस और टेक्नोलॉजी-आधारित ऑर्थोपेडिक देखभाल को और मजबूती मिलेगी। यह सर्जरी सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स के निदेशक प्रो. डॉ. सुमित सुरल के मार्गदर्शन में की गई। सर्जरी करने वाली टीम का नेतृत्व डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा, कंसल्टेंट प्रोफेसर और यूनिट हेड ने किया। यह ऐतिहासिक सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह से मुफ्त की गई। यह ऑपरेशन इस केंद्रीय सरकारी अस्पताल में 75 साल के एक आर्थिक रूप से कमजोर पुरुष मरीज पर किया गया। ऑर्थोपेडिक टीम का नेतृत्व डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा ने किया, उनके साथ डॉ. ध्रुवे मैनी और डॉ. कार्तिक यादव थे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुशील गुरिया ने किया। ऑपरेशन थिएटर की नर्सिंग स्टाफ सिस्टर रेखा और रितिका और टेक्निकल स्टाफ विजेंदर की टीम ने भी जरूरी सहयोग दिया। नए रोबोटिक सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि यह अपग्रेडेबल प्लेटफॉर्म है, जिससे सीआईओ में रोबोट-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक सर्जरी की रेंज बढ़ाने की गुंजाइश है। यह प्लेटफॉर्म इन सर्जरी में टोटल नी रिप्लेसमेंट, पार्शियल नी रिप्लेसमेंट और हिप जॉइंट रिप्लेसमेंट मदद कर सकता है भविष्य में टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के साथ इसी प्लेटफॉर्म से रोबोट-असिस्टेड स्पाइन सर्जरी भी संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों के लिए एडवांस सर्जिकल सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। रोबोट-असिस्टेड सर्जरी से सटीक प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग और सर्जरी के दौरान सटीकता मिलती है, खासकर इम्प्लांट की पोजीशन और अलाइनमेंट में। सीआईओ में इस तकनीक के आने से भविष्य के मरीजों के लिए एडवांस ऑर्थोपेडिक सर्जरी की पहुंच बढ़ेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्रीय सरकारी अस्पताल में आयुष्मान भारत के तहत इस तकनीक की उपलब्धता से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को भी एडवांस रोबोटिक ऑर्थोपेडिक देखभाल मिल सकेगी, जिससे समान स्वास्थ्य सेवा और मजबूत होगी। पहली रोबोट-असिस्टेड टीकेआर का सफल होना वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में टेक्नोलॉजी-सक्षम ऑर्थोपेडिक सेवाओं को आगे बढ़ाने में एक अहम कदम है।
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश: दूसरे टेस्ट में मिली शर्मनाक हार से निराश कप्तान शांतो, गेंदबाजों के प्रदर्शन को सराहा

मैके। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने माना कि उनकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज उन्हें कीमती अनुभव देगी, क्योंकि वे विदेशों में मुश्किल हालात में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। रविवार को मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इससे ऑस्ट्रेलिया ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में 9 विकेट से मिली हार के बाद सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। यह मैच सिर्फ 750 गेंदों तक चला और दो दिन के अंदर खत्म हो गया। बांग्लादेश पहली पारी में 64 और दूसरी पारी में 95 रनों पर ऑलआउट हो गया। मिचेल स्टार्क ने मैच में 10 विकेट लिए, जबकि पैट कमिंस और नाथन लायन ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लिए। शांतो ने ऑस्ट्रेलिया के अनुभव और काबिलियत को माना, लेकिन उन्हें लगा कि बांग्लादेश अपनी उम्मीदों के मुताबिक नहीं खेल पाया। हार के बाद शांतो ने कहा, “हां, जाहिर है हम सभी जानते हैं कि वे कितने अच्छे हैं और जैसा कि मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, उनके पास बहुत ज्यादा वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अच्छा खेला, अपना जज्बा दिखाया, और बांग्लादेश टेस्ट टीम के तौर पर हमने अपना सबसे अच्छा मैच नहीं खेला।” मैके में हालात डार्विन से काफी अलग थे। वहां अतिरिक्त बाउंस और मूवमेंट की वजह से पूरे टेस्ट के दौरान बल्लेबाजी करना मुश्किल रहा। शांतो ने कहा, “हां, जाहिर है कि ये हालात अलग हैं, और हवा में थोड़ा ज्यादा बाउंस और स्विंग है। इसी वजह से यह हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, एक टीम के तौर पर अगर हम आगे बढ़ना चाहते हैं, तो हमें इन हालात के हिसाब से खुद को ढालना होगा, और मुझे उम्मीद है कि यह अनुभव आगे काम आएगा।” बांग्लादेश के लिए मैच में कुछ सकारात्मक पल भी रहे। शोरिफुल इस्लाम ने 48 रन देकर 7 विकेट लिए, जो 1993 में पर्थ में कर्टली एम्ब्रोस के 7/25 के बाद ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी गेंदबाज का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। शांतो ने कहा कि पिच दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल थी और उन्होंने शोरिफुल, तस्कीन अहमद और हसन महमूद की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा, “सभी बल्लेबाजों के लिए यह काफी मुश्किल है। अगर आप उनकी बल्लेबाजी को भी देखें, तो उन्हें भी संघर्ष करना पड़ा। शोरिफुल, तस्कीन और हसन ने जिस तरह से गेंदबाजी की, उसे देखकर बहुत खुशी हुई। सच कहूं तो, इस विकेट पर बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल है।” बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऐतिहासिक 9 विकेट से जीत हासिल की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने मैके में जोरदार वापसी करते हुए सीरीज ड्रॉ करा ली। हार के बावजूद, शांतो ने कहा कि इस दौरे से महत्वपूर्ण सीख मिली है और उन्होंने इसी तरह की परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के और मौकों की मांग की। उन्होंने कहा, “एक टीम के तौर पर यह बहुत गर्व का क्षण है। हमने अपना जज्बा दिखाया और जैसा कि आपने कहा पहले टेस्ट में हम अनुशासित रहे, हमें इसी निरंतरता को बनाए रखने की जरूरत है। मेरा मानना है कि अगर हमें यहां इसी तरह की परिस्थितियों में और मौके मिलते हैं, तो इससे हमें मदद मिलेगी और हम यही चाहते हैं।” शांतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि बांग्लादेश के विकास को गति देने के लिए उन्हें विदेशों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के और अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं कि बहुत लंबे समय बाद, जैसे कि 23 साल में एक बार यहां आकर दो टेस्ट मैच खेलना। यह आसान नहीं है। इसी वजह से अगर हमें हर साल खेलने का मौका मिले, तो इससे हमें अपने खेल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बिहार : कुमारसार नदी में उतरते ही कांवड़ियों की थकान होती है दूर, आस्था के सफर में प्रकृति का खूबसूरत संगम

मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में चल रहे श्रावणी मेले के दौरान आस्था के साथ प्रकृति का खूबसूरत नजारा भी कांवड़ियों को आकर्षित कर रहा है। करीब 26 किलोमीटर लंबे कच्चे कांवड़िया पथ के अंतिम छोर पर मुंगेर-बांका सीमा के पास स्थित कुमारसार नदी इन दिनों कांवरियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बहते पानी के बीच कांवड़िया नदी पार कर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले कांवरियों के कदम जैसे-जैसे कुमारसार नदी के पास पहुंचते हैं, उनकी थकान भी कम होती दिखाई देती है। रंग-बिरंगे कांवड़, कंधे पर आस्था का भार और जुबां पर ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा कांवड़िया पथ गुंजायमान है। नदी के ठंडे पानी में उतरते ही कई कांवड़िया कुछ देर रुककर स्नान करते हैं और राहत महसूस करते हैं। फिलहाल कुमारसार नदी में करीब एक से ढाई फीट पानी है। ऐसे में कांवड़िया आसानी से पानी के बीच से होकर नदी पार कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु नदी के पानी में स्नान कर रहे हैं, तो कई अपने साथियों के साथ तस्वीरें लेकर इस सफर के यादगार पलों को कैमरे में कैद कर रहे हैं। नदी का पानी कांवड़ियों के लिए सफर के बीच किसी प्राकृतिक उपचार से कम नहीं है। लंबे रास्ते तक पैदल चलने के बाद नदी की ठंडी धार पैरों की थकान को कम करने का काम कर रही है। हालांकि, पिछले एक-दो दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ा था। प्रशासन की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कांवड़ियों को नदी के रास्ते से नहीं, बल्कि पुल के रास्ते सुरक्षित तरीके से आगे भेजा जाता है। कांवड़ियों ने बताया कि कुमारसार नदी से होकर गुजरना यात्रा का सुखद अनुभव है। पानी में स्नान करने से शरीर की थकान दूर होती है और बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए नया उत्साह मिलता है। कई कांवड़ियों का कहना है कि दिनभर पैदल चलने के बाद नदी की ठंडी धार उन्हें कुछ पल सुकून देती है। यही वजह है कि यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान के बजाय उत्साह नजर आने लगता है। कांवड़ियों ने यह भी कहा कि इस बार जिला प्रशासन की ओर से कांवड़िया पथ पर बेहतर इंतजाम किए गए हैं। रास्ते में पेयजल, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। अब तक उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है। कांवड़िया जयद्रथ कुमार ने कहा कि कुमारसार नदी में उतरकर काफी अच्छा लगता है। पानी में स्नान करने से यात्रा की थकान दूर हो जाती है और आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा मिलती है। कांवड़िया रौशन कुमार ने कहा कि प्रशासन की ओर से इस बार रास्ते में अच्छी व्यवस्था की गई है। पानी और सुरक्षा समेत अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे यात्रा सुखद हो रही है। कुल मिलाकर कुमारसार नदी इस समय श्रावणी मेले में आस्था, रोमांच और प्रकृति का ऐसा संगम बनी हुई है, जहां कांवड़ियों के दर्द में बहता पानी दवा का काम कर रहा है और नदी की ठंडी धार में पैर रखते ही उनकी थकान मानो मिट जा रही है।
मुंबई में 15 साल की लड़की के हिट-एंड-रन मामले में इंजीनियरिंग का छात्र गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के विले पार्ले में हिट-एंड-रन मामले के आरोपी को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विले पार्ले में मिठीबाई कॉलेज के पास एनएस रोड नंबर 1 पर सड़क पार करते समय 15 साल की एक लड़की ‘हिट-एंड-रन’ हादसे में घायल हो गई। यह लड़की भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक है। हादसे के बाद मोटरसाइकिल सवार मौके से भाग गया था। मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बाइकर को पकड़ा। बाइकर की पहचान इंजीनियरिंग के छात्र दिवित अमित मेहता के तौर पर हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, जब लड़की सड़क पार कर रही थी, तो तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसे टक्कर मार दी और मौके से भाग गया। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर काफी ट्रैफिक था। लड़की सड़क पार कर रही थी तभी अचानक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल आई और उसे टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल लड़की को पास के अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया। अस्पताल में अभी उसका इलाज चल रहा है। जुहू पुलिस स्टेशन ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया और घटना की जांच शुरू की। जांचकर्ताओं ने मोटरसाइकिल और उसके सवार की पहचान करने के लिए दुर्घटना स्थल के पास लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। अधिकारियों ने एनएस रोड नंबर 1 और मिठीबाई कॉलेज के आस-पास की दुकानों, इमारतों, जंक्शनों और दूसरी जगहों की फुटेज की जांच की। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी खाने और दिखाने के दांत अलग रखते हैं : सीएम फडणवीस

नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जेन-जी और महाराष्ट्र के युवाओं की भारी भागीदारी रही। सीएम फडणवीस ने कहा, “सबसे पहले आप सबने आज देखा होगा कि जेन-जी और महाराष्ट्र के युवा (25,000 लोग) यहां मौजूद थे। किसी के लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं की गई और किसी को पैसा नहीं दिया गया। सभी लोग खुद से आए थे। कुल 1.25 लाख लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। खास तौर पर महाराष्ट्र की ढोल की परंपरा को दिखाते हुए 585 ध्वजधारकों की टीम ने हिस्सा लेकर यहां एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। शिक्षा हो, कौशल हो, स्टार्टअप हो, स्पोर्ट्स हो, कला हो हर चीज में एक बड़ी सहभागिता, हमारे जेन-जी की दिशा क्या है, यह दिखाने वाला यह कार्यक्रम था।” मुख्यमंत्री फडणवीस ने लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जहां तक राहुल गांधी का सवाल है, वे स्टेज पर आकर तो महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन महिलाओं को अधिकार देने का सबसे क्रांतिकारी कदम महिला आरक्षण बिल है, जिसका राहुल गांधी विरोध कर रहे हैं। जिसके खिलाफ वोट कर रहे हैं। वे महिलाओं को अधिकार देना नहीं चाहते, मेरा ऐसा मानना है, उनके खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के दांत अलग हैं।” बता दें कि राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पितृसत्तात्मक सोच पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को दूसरों पर निर्भर बनाकर रखना ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ का हिस्सा है और महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा शहर से की थी। इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बेरोजगारी जैसे युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना है। कोटा के बाद इसके अन्य कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून, 8 अगस्त को प्रयागराज और 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किए गए।
बोनी कपूर ने बेटी जाह्नवी कपूर के साथ अपने सिग्नेचर लुक्स के ‘पिछले कुछ हफ्तों’ की झलक साझा की

मुंबई। फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने अपनी बेटी और अभिनेत्री जाह्नवी कपूर के साथ अपने सिग्नेचर लुक्स की झलक साझा की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर जाह्नवी कपूर के साथ पोज देते हुए तस्वीरों की एक श्रृंखला साझा की और कैप्शन में लिखा, “फॉर्मल्स, कैजुअल्स और अचकन के ट्विस्ट वाले सेल्फ-स्टाइल्ड पायजामा-कुर्तों में बिताए पिछले कुछ हफ्ते।” तस्वीरों में बोनी और जाह्नवी साथ में पोज देते नजर आ रहे हैं, जो उनके सहज और स्टाइलिश पलों की झलक दिखाती हैं। इन तस्वीरों के साथ बोनी कपूर ने अपने हालिया फैशन विकल्पों पर एक मजेदार टिप्पणी भी साझा की। यह पोस्ट पिता-पुत्री की गर्मजोशी और आत्मीयता भरे रिश्ते को दर्शाती है। पहली तस्वीर में बोनी कपूर अपनी बेटी के साथ पोज देते हुए खुशी से मुस्कुराते नजर आए। दूसरी तस्वीर में फिल्म निर्माता नीले रंग के कोट और काली पैंट में दिखाई दिए, जबकि ‘धड़क’ अभिनेत्री फ्लोरल आउटफिट में बेहद स्टाइलिश लग रही थीं। तीसरी तस्वीर में बोनी कपूर ऑल-ब्लैक सूट में आकर्षक अंदाज में नजर आए। अन्य तस्वीरों में निर्देशक को कैजुअल परिधानों में देखा जा सकता है। पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओरी (ओरहान अवात्रामणि) ने लिखा, “यह हैंडसम आदमी कौन है?” जाह्नवी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर और दिवंगत दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की बड़ी बेटी हैं। उनकी छोटी बहन खुशी कपूर भी अभिनेत्री हैं। इससे पहले फादर्स डे के अवसर पर ‘मिली’ अभिनेत्री ने अपने पिता बोनी कपूर के लिए एक भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने बचपन की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वह अपने पिता की गोद में बैठी नजर आ रही थीं। जाह्नवी ने लिखा था, “फादर्स डे की शुभकामनाएं उस सबसे बेहतरीन इंसान को जिसे मैं जानती हूं। सबसे अच्छा दिल, सबसे अच्छी सोच, सबसे प्यार करने वाले, सबसे ज्यादा ख्याल रखने वाले, सबसे मजेदार और सबसे कूल, मेरे सबसे अच्छे दोस्त, जो हर किसी के लिए सब कुछ करते हैं और बदले में कुछ भी उम्मीद नहीं रखते। आप मेरा सहारा हैं। मैं आपको दुनिया का सबसे खुश और सबसे गर्वित पापा बनाना चाहती हूं और मैं वादा करती हूं कि इसके लिए हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। जिन दिनों मैं आपको परेशान करती हूं, उसके लिए माफ कीजिए। आई लव यू पापा।
देश की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 87,000 करोड़ रुपए से अधिक घटा

मुंबई। देश की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप बीते हफ्ते 87,960.29 करोड़ रुपए घट गया है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार में व्यापक आधार पर बिकवाली थी। इस दौरान सेंसेक्स में 468.42 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरावट के साथ 77,540.83 और निफ्टी में 114 अंक या 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,252 पर था। जिन कंपनियों के मार्केटकैप में कमी आई है, उनमें भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का नाम शामिल हैं। दूसरी तरफ लाइफ इंश्योरेंस कॉपरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी), रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के मार्केटकैप में कमी देखी गई। 17-21 अगस्त के कारोबारी सत्र में भारती एयरटेल का मार्केटकैप 28,052.96 करोड़ रुपए घटकर 12,14,963.15 करोड़ रुपए हो गया है। टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 22,070.34 करोड़ रुपए घटकर 8,31,436.51 करोड़ रुपए, एसबीआई का मार्केटकैप 20,861.20 करोड़ रुपए घटकर 9,64,968.76 करोड़ रुपए और हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्यांकन 16,975.79 करोड़ रुपए कम होकर 4,73,912.56 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एलआईसी का मार्केटकैप 12,650 करोड़ रुपए बढ़कर 5,35,980.31 करोड़ रुपए, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 8,119.53 करोड़ रुपए बढ़कर 17,78,175.59 करोड़ रुपए, एलएंडटी का बाजार मूल्यांकन 3,487.83 करोड़ रुपए बढ़कर 5,62,460.94 करोड़ रुपए और बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 3,424.28 करोड़ रुपए बढ़कर 6,80,621.62 करोड़ रुपए हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्यांकन 752.47 करोड़ रुपए बढ़कर 10,18,330.45 करोड़ रुपए और एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 356.95 करोड़ रुपए बढ़कर 11,21,159.05 करोड़ रुपए हो गया है। बाजार मूल्यांकन के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर शीर्ष 10 में शामिल थे।