गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में दो और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई

भावनगर। भावनगर जिले में मेथनॉल मिश्रित नकली शराब पीने से दो और लोगों की मौत हो गई है, जिससे गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि तीन से पांच मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। भावनगर जिला कलेक्टर मनीष कुमार बंसल ने बताया कि 36 वर्षीय मुकेश मनीलाल दामोर की शनिवार देर रात मौत हो गई, जबकि 42 वर्षीय भार्गव उपाध्याय को आज सुबह मृत घोषित कर दिया गया। ये मौतें ऐसे समय हुई हैं जब राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) जहरीली शराब के निर्माण और वितरण की जांच जारी रखे हुए है। एसएमसी ने वर्तेज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआरआई) में आरोपी बनाए गए 21 लोगों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया है। एक स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 1 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांचकर्ता उन संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे अवैध शराब बनाने के लिए मध्य प्रदेश से भावनगर आए थे। सूत्रों के अनुसार, 47 वर्षीय नरेंद्रसिंह यादव उर्फ डॉक्टर ने शराब बनाने में मदद की थी। उनकी भी शराब पीने से मौत हो गई। यादव इंदौर के निवासी थे। जांच में संदिग्ध शराब की जब्त की गई बोतल में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, एसएमसी मध्य प्रदेश के अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है और वहां से हिरासत में लिए गए लोगों को गुजरात लाने के लिए ट्रांजिट वारंट जारी करने की मांग कर रही है। आगे और गिरफ्तारियां होने की आशंका है। एसएमसी के महानिरीक्षक गगनदीप गंभीर शनिवार को चल रही जांच के सिलसिले में भावनगर पहुंचे। यह घटना अगस्त के मध्य में घोघा तालुका के खरकड़ी गांव और आसपास के इलाकों में आयोजित समारोहों में शराब पीने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद सामने आई। पुलिस ने बाद में पाया कि शराब ‘रॉयल स्टैग’ ब्रांड से मिलते-जुलते स्टिकर वाली बोतलों में बेची जा रही थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया है कि शराब गुजरात के बाहर से लाई गई थी, उसमें मिलावट की गई थी और एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से वितरित की गई थी। एसएमसी ने नकली शराब की बोतलें, रसायन और रंग जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नकली शराब बनाने में किया जाता था, साथ ही स्टिकर, ढक्कन, स्टिकर रोल, कार्डबोर्ड और अन्य सामग्री भी जब्त की है। एफआईआर में नामजद 21 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही भाजपा: अवधेश प्रसाद

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप, सीएम की पीडीए वाली टिप्पणी, अखिलेश यादव के बयान और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। अयोध्या में अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “हालात ये हैं कि सीएम योगी पीडीए से परेशान हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पीडीए मजबूत हो रहा है और वही उन्हें बुरी तरह हराएगा। पीडीए अखिलेश यादव को अगला मुख्यमंत्री बना सकता है, इसलिए वे पीडीए को लेकर चिंतित हैं। इसकी बढ़ती ताकत, बढ़ता जोश और बढ़ता आत्मविश्वास उन्हें परेशान कर रहा है। सीएम योगी जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वह संविधान के खिलाफ है।” सपा सांसद ने आरोप लगाया, “भाजपा पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वे इन कोशिशों को और तेज करेंगे। वे लोगों को डराने-धमकाने, उन्हें अपने पाले में लाने और चुनावों में समर्थन हासिल करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।” चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर अवधेश प्रसाद ने कहा, “चीनी पहले 45 रुपए प्रति किलो थी, अब 65 रुपए हो गई है और कहीं-कहीं तो 70 रुपए तक बिक रही है। बहुत बड़े पैमाने पर दामों में वृद्धि से साबित होता है कि सरकार उद्योगपतियों के हिसाब से काम कर रही है। सरकार को प्रदेश के उपभोक्ताओं, युवाओं, किसानों या छात्रों से कोई मतलब नहीं है।” उन्होंने कहा, “सरकार महंगाई पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि केवल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है। उद्योगपतियों को साधा जा रहा है और उन्हें फायदा पहुंचाया जा रहा है। तमाम चीजों के दाम बढ़े हैं, लेकिन चीनी का दाम रातों-रात बढ़ गया है। यह आम जनता के साथ अन्याय है।
रविदास मेहरोत्रा ने अखिलेश यादव के बयान का किया समर्थन, परिवारवाद को लेकर किया पलटवार

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवारवाद संबंधी बयान का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्षों की कोख से पैदा हुई है और पार्टी के जिन नेताओं के परिजन सांसद बने हैं, वे चुनाव जीतकर जनता के समर्थन से सदन पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भी परिवारवाद से अछूती नहीं है और उसके कई शीर्ष नेताओं के परिवार के सदस्य राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के कई नेताओं के परिवार के सदस्य विधायक, सांसद और संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर हैं। ऐसे में भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को 120 सीटें देने संबंधी अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के समर्थन से जीतकर आए थे। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी को भी समाजवादी पार्टी के समर्थन का लाभ मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ राजनीतिक समझौता कर लिया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को आरएलडी का इतना सम्मान करना है तो उसे विधानसभा चुनाव में 120 सीटें देकर दिखाना चाहिए। चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में चीनी के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई है। उनका आरोप था कि बड़ी मात्रा में गन्ने का उपयोग इथेनॉल उत्पादन के लिए किए जाने के कारण चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम लोगों को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन चालकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बाद युद्धविराम की घोषणा से कई सवाल खड़े होते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से कही गई ‘भाग जाओ पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए भाजपा की आलोचना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्कूलों के भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और बड़ी संख्या में विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में बिजली, पंखे, फर्नीचर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उनके अनुसार भाजपा सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है और छात्रों की समस्याओं को हल करने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं। जाति आधारित आरक्षण में उपवर्गीकरण को लेकर चल रहे आंदोलन और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के साथ-साथ महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पीडीए का अर्थ केवल सामाजिक वर्ग नहीं, बल्कि उन सभी लोगों से है जो पीड़ित, उपेक्षित और सम्मान से वंचित हैं।
ईरान पूरी तरह से आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को कहा कि देश दुश्मनों के साथ सर्वव्यापी आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है। आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए की तरफ से प्रसारित एक टेलीविजन भाषण में पेजेश्कियन ने कहा, “अमेरिका के दबाव के बावजूद हम इस युद्ध के सामने खड़े हैं और लोगों की सेवा के लिए प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई कम करने और लोगों की आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए पूरे दिल से प्रयास कर रही है। आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका के पास ईरानी लोगों से सम्मानपूर्वक बात करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दावा किया गया ईरान विरोधी आर्थिक ऑपरेशन एक दोहराया जाने वाला परिदृश्य है और वही धौंस है, जो हमेशा अमेरिकी नीतियों में होती है। एक मायने में यह एक दोहराई जाने वाली फिल्म है जिसे हमने बार-बार देखा है और हम जानते हैं कि इससे कैसे निपटना है।” दरअसल, बुधवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जीवन रेखा प्रदान करने वाले किसी भी देश के खिलाफ अब तक के सबसे कठोर आर्थिक ऑपरेशन की घोषणा की थी। इस कदम को एक आर्थिक डी-डे बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा।” अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दोनों देशों ने 18 जून को लेबनान समेत सभी मोर्चों पर क्षेत्रीय युद्ध खत्म करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत 60 दिन के अंदर अंतिम डील पर बातचीत पूरी होनी थी, जिसकी डेडलाइन सोमवार को खत्म हो गई, लेकिन पिछले महीने दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने से इस पूरी बातचीत पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं और समझौते का भविष्य अधर में लटक गया है। एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने शनिवार को पड़ोसी देशों और अन्य देशों को अपने देश के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि तेहरान ऐसे देशों को दुश्मन मानेगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान पहले संबंधित देशों के साथ बातचीत करने की कोशिश करेगा और उनसे आग्रह करेगा कि वे अपने देश के खिलाफ अमेरिका के इस आर्थिक युद्ध में भाग न लें।
यूएस ओपन में रोजर फेडरर और एंडी रॉडिक के बीच प्रदर्शनी मुकाबला

नई दिल्ली। 20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरर बुधवार को ‘यूएस ओपन’ में आयोजित एक प्रदर्शनी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यूएस ओपन आयोजकों ने पुष्टि की है कि न्यूयॉर्क में पांच बार खिताब जीत चुके फेडरर का मुकाबला 2003 यूएस ओपन चैंपियन एंडी रॉडिक से होगा। फेडरर और रॉडिक का यह मुकाबला एक सेट का होगा, क्योंकि फ्लशिंग मीडोज में इस एक रात के इवेंट में कई और दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। फेडरर, चार बार के यूएस ओपन चैंपियन जॉन मैकेनरो के साथ मिलकर रॉडिक और दो बार के विजेता आंद्रे अगासी के खिलाफ डबल्स मैच खेलेंगे; न्यूयॉर्क में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। यूएस ओपन की संस्था ने एक बयान में कहा, “सिर्फ एक रात के लिए, लगातार पांच बार यूएस ओपन चैंपियन रहे और टेनिस के दिग्गज रोजर फेडरर न्यूयॉर्क लौट रहे हैं। वे मंगलवार, 25 अगस्त को आर्थर ऐश स्टेडियम में फ्लडलाइट्स में एक खास एग्जीबिशन इवेंट में हिस्सा लेंगे। वे 2003 के यूएस ओपन चैंपियन और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी एंडी रॉडिक के साथ-साथ टेनिस के अन्य दिग्गजों और यूएस ओपन चैंपियन आंद्रे अगासी और जॉन मैकेनरो के साथ खेलेंगे।” 2022 में संन्यास लेने वाले फेडरर न्यूयॉर्क के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने पांच यूएस ओपन खिताब जीते, जो ‘ओपन एरा’ में पीट सम्प्रास और जिमी कॉनर्स के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड है। फ्लशिंग मीडोज पर उनका जबरदस्त दबदबा था; उन्होंने 2004 से 2008 तक लगातार अपने सभी 5 खिताब जीते। रॉडिक एक बार के यूएस ओपन चैंपियन हैं; उन्होंने 2003 में जुआन कार्लोस फेरेरो को हराकर यह खिताब जीता था। ग्रैंड स्लैम में उनका सामना आठ बार फेडरर से हुआ और वे स्विस दिग्गज को हरा नहीं पाए, लेकिन प्रदर्शनी कार्यक्रम में यह मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। मैकेनरो भी टेनिस के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं; उन्होंने सात मेजर खिताब जीते हैं। उन्होंने 1979, 1980, 1981 और 1984 में न्यूयॉर्क में जीत हासिल की। इस अमेरिकी खिलाड़ी की अगासी के साथ दिलचस्प टक्कर रही है; अपने करियर में उनका अगासी से चार बार सामना हुआ और दोनों के बीच ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड 2-2 का रहा। अगासी ने अपने शानदार करियर में आठ मेजर खिताब जीते, जिनमें 1994 और 1999 में न्यूयॉर्क में जीते गए दो खिताब भी शामिल हैं। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत सोमवार को क्वालीफाइंग राउंड और मिक्स्ड डबल्स के साथ होगी। मुख्य ड्रॉ 30 अगस्त को थोड़ा बाद में शुरू होगा।
कांग्रेस सरकार के ‘1,000 दिन विश्वासघात’ को उजागर करने के लिए बीआरएस चलाएगी सप्ताहभर का अभियान

हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने रविवार को घोषणा की कि वह तेलंगाना में 2 सितंबर से सप्ताहभर का राज्यव्यापी अभियान चलाएगी। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में 1,000 दिन पूरे होने पर वह जनता के साथ किए गए कथित “विश्वासघात” और अधूरे वादों को उजागर करेगी। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव और हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान 420 वादे, 13 घोषणाएं और छह गारंटी दी थीं और इन्हें 100 दिनों के भीतर लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 1,000 दिन बाद भी कोई वादा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ। केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कथित प्रशासनिक विफलताओं, भ्रष्टाचार और कुशासन से तेलंगाना की जनता नाराज है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को सरकार की नीतियों, प्रशासनिक कमियों और कथित अनियमितताओं के बारे में जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि अभियान केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार बनने के बाद विभिन्न वर्गों को हो रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके तहत बीआरएस “बाकी कार्ड” अभियान चलाएगी, जिसमें विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित वित्तीय सहायता और बकाया भुगतान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। केटीआर ने आरोप लगाया कि कृषि मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं को वादा की गई मासिक वित्तीय सहायता अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों से लेकर महिलाओं तक सभी वर्गों को कांग्रेस सरकार ने निराश किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की फीस प्रतिपूर्ति (फी रिइम्बर्समेंट) की बकाया राशि जारी नहीं की है। इस मुद्दे को कॉलेजों और छात्रों के बीच व्यापक रूप से उठाने के निर्देश दिए गए हैं। केटीआर ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का वादा भी सरकार पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने ऑटो चालकों, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ा वर्ग, सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग की समस्याओं के अनुरूप अभियान तैयार किया जाएगा और सोशल मीडिया के जरिए भी युवाओं तक कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं को पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
डूरंड कप: एडमंड लालरिंडिका की शानदार हैट्रिक, ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को रौंदकर 22 साल बाद जीता खिताब

कोलकाता। 135वें डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी ने रविवार को मोहन बागान सुपर जायंट के खिलाफ 4-1 के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद ‘डूरंड कप’ का टाइटल अपने नाम किया है। इससे पहले टीम ने साल 2004 में यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाई थी। इस जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप खिताबों की संख्या में मोहन बागान की बराबरी कर ली। दोनों के नाम अब 17-17 खिताब हैं। कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी के लिए इस ऐतिहासिक जीत के नायक एडमंड लालरिंडिका रहे, जिन्होंने पहले ही हाफ के शुरुआती 44 मिनट में बेहतरीन हैट्रिक लगाकर टीम को शानदार बढ़त दिलाई दी थी। मैच के पहले हाफ में ईस्ट बंगाल एफसी का दबदबा देखने को मिला। मुकाबले की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक खेल दिखाया। खेल के 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने गोल दागकर मैच का खाता खोला। इसके ठीक एक मिनट बाद (11′) एडमंड लालरिंडिका ने गोल किया और फिर 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। मोहन बागान की तरफ से 33वें मिनट में मनवीर सिंह ने एक गोल करते हुए अपनी टीम के लिए उम्मीद जगाने की कोशिश की, लेकिन हाफ-टाइम से ठीक पहले 44वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने अपना तीसरा गोल करते हुए ‘हैट्रिक’ पूरी की। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 4-1 के स्कोर के साथ पहले हाफ का समापन किया। पहले हाफ के 29वें मिनट ईस्ट बंगाल एफसी के दानी रामिरेज और मोहन बागान सुपर जायंट के लालेंगमाविया राल्टे (42वें मिनट) को ‘येलो कार्ड’ दिखाए गए। पहले हाफ में 5 गोल देखने को मिले, लेकिन अगला हाफ गोलरहित रहा। इस दौरान कई फाउल, येलो कार्ड और आक्रामकता देखने को मिली। 58वें मिनट में मोहन बागान सुपर जायंट के टेकचम अभिषेक सिंह को येलो कार्ड दिखाया गया, जबकि 59वें मिनट में ईस्ट बंगाल एफसी के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह को ‘येलो कार्ड’ मिला। अंतिम पलों में जायंट के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन (90+5वें मिनट) को येलो कार्ड मिला। फुल-टाइम की सीटी बजने तक स्कोर 4-1 ही रहा, जिसके साथ ईस्ट बंगाल एफसी ने इस मुकाबले को एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया। व्यक्तिगत पुरस्कार: गोल्डन ग्लव: विशाल कैथ (मोहन बागान एसजी) गोल्डन बूट: अलाएद्दीन अजराई (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी) गोल्डन बॉल: एडमंड लालरिंडिका (ईस्ट बंगाल एफसी) सभी पुरस्कार विजेताओं को 3 लाख रुपए का चेक भी दिया गया, जबकि गोल्डन बॉल विजेता को एक एसयूवी की चाबी भी मिली।
श्रीनगर सेंट्रल जेल से पॉक्सो के दो आरोपी फरार, पूरे जम्मू-कश्मीर में अलर्ट जारी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से पॉक्सो अधिनियम के दो आरोपी रविवार को फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी अलग-अलग पॉक्सो मामलों में श्रीनगर सेंट्रल जेल में बंद थे। जेल से फरार होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। कश्मीर ज़ोन पुलिस द्वारा जारी नोटिस के अनुसार पहला आरोपी मुख्तार अहमद गुज्जर है, जो अनंतनाग जिले के संगलान चिटरगुल का निवासी है। उसके खिलाफ सौरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 20/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 137(2) और 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है। दूसरा आरोपी फरमान खान है, जो सदनपोरा रागिस्तान का निवासी है। उसके खिलाफ लार थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 19/2026 में बीएनएस की धाराओं 137(2) और 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों के अलावा जेल से फरार होने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर निकटतम पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।
जेपीएससी मेधा घोटाला: रांची-हजारीबाग के कोचिंग संस्थानों पर सीआईडी की दबिश, कई दस्तावेज जब्त

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने रविवार को रांची और हजारीबाग में कई ठिकानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने दो कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी लेकर मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। इन संस्थानों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर सेटिंग कराने और परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर कराने में भूमिका होने का संदेह है। सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत चल रही जांच के क्रम में टीम ने रांची के लालपुर स्थित ‘शिवांगन की पाठशाला’ में तलाशी ली। इसके अलावा संस्थान के निदेशक-संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास की भी जांच की गई। हजारीबाग में ‘मेघा कोचिंग सेंटर’ के परिसर में भी सीआईडी टीम ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। तलाशी के दौरान मिले कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किए जाने की जानकारी है। जांच एजेंसी को गिरफ्तार किए गए कुछ कथित एजेंटों और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संस्थानों के संचालकों और घोटाले के लिए बनाए गए कथित नेटवर्क के बीच किस तरह का संपर्क था और परीक्षा में हेरफेर के लिए किस स्तर पर मदद उपलब्ध कराई गई। जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के मुताबिक जेपीएससी की कुछ परीक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने, परीक्षा के दौरान या परीक्षा केंद्र से बाहर प्रश्नों के उत्तर तैयार कराने और ओएमआर शीट में हेरफेर किए जाने के आरोपों की भी जांच चल रही है। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन गतिविधियों में कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों, अभ्यर्थियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की क्या भूमिका थी। इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित हेराफेरी के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मुख्य आरोपित अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी समेत तीन आरोपितों से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। अभय तिवारी परीक्षा संचालन के लिए काम करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है। उसके साथ उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की पूछताछ का फोकस इस बात पर है कि कथित परीक्षा सिंडिकेट किस तरह काम करता था। आरोपितों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में हेरफेर के लिए अभ्यर्थियों का चयन कैसे होता था, उनके संपर्क में कौन-कौन लोग रहते थे, कितनी रकम तय की जाती थी और उसका भुगतान किस माध्यम से किया जाता था। जांच अधिकारी यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रश्नपत्र या प्रश्नों से संबंधित जानकारी अभ्यर्थियों तक किस रास्ते से पहुंचती थी और परीक्षा से पहले उन्हें प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की व्यवस्था कैसे की जाती थी। इसके अलावा परीक्षा के बाद ओएमआर शीट या अन्य रिकॉर्ड में कथित बदलाव की प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
चीन में ग्रीन कंप्यूटिंग को बढ़ावा, शुरुआती नतीजे सामने आए

बीजिंग। वर्तमान में चीन की कंप्यूटिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है। कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक ऊर्जा दक्ष बनाया जा रहा है, जबकि कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे को हरित बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। साथ ही, कंप्यूटिंग और बिजली के बीच बेहतर तालमेल बढ़ रहा है। इसके अलावा, कंप्यूटिंग नेटवर्क, वैश्विक स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार और कंप्यूटिंग पावर के नए व्यावसायिक मॉडल विकास के नए क्षेत्र बन रहे हैं। यह जानकारी 22 अगस्त को चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश की राजधानी होहोट में आयोजित 2026 ग्रीन कंप्यूटिंग पावर सम्मेलन में सामने आई। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अकादमी के उपाध्यक्ष आओ ली ने “ग्रीन कंप्यूटिंग पावर के विकास पर शोध रिपोर्ट 2026” जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटिंग उपकरणों को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के मामले में चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में कंप्यूटिंग उपकरणों की ऊर्जा दक्षता लगातार बेहतर हो रही है। जून 2026 के अंत तक चीन की बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता 2185 ईएफएलओपीएस तक पहुंच गई थी। लिक्विड कूलिंग, हाई-स्पीड ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट और नई स्टोरेज आर्किटेक्चर जैसी नई तकनीकें अब उच्च घनत्व वाले बुद्धिमान कंप्यूटिंग केंद्रों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार बन गई हैं। इससे कंप्यूटिंग क्षमता के पैमाने, प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता में एक साथ सुधार को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही, चीन में कंप्यूटिंग पावर के बुनियादी ढांचे के विस्तार और उसके हरित रूपांतरण में भी लगातार प्रगति हो रही है। 2025 के अंत तक देशभर में संचालित मानक रैक की संख्या 1.373 करोड़ से अधिक हो गई थी। वहीं, 10 हजार जीपीयू स्तर के 42 बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्लस्टर तैयार किए जा चुके थे। देश के आठ प्रमुख राष्ट्रीय हब नोड्स में मौजूद बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता का हिस्सा कुल क्षमता का 80 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, कंप्यूटिंग क्षेत्र में हरित और कम कार्बन विकास की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति हुई है। देशभर में 160 से अधिक डेटा सेंटरों को 4ए स्तर या उससे ऊपर के हरित डेटा सेंटर का दर्जा दिया गया है।