नोएडा सेक्टर 79 के निवासियों ने बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सिक्का बिल्डर्स के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर 79 स्थित सिक्का किमांतरा ग्रीन्स सोसाइटी के निवासियों ने शनिवार को सिक्का बिल्डर्स के खिलाफ बड़ा आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों ने सिक्का बिल्डर्स पर आरोप लगाया कि फ्लैट खरीदने के बाद से उन्हें बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए एक निवासी ने कहा, “नोएडा के सेक्टर 79 स्थित सिक्का किमांतरा ग्रीन्स सोसाइटी में पानी इतना खारा है कि इसे पीने से लोग बीमार पड़ जाते हैं। खारे पानी की वजह से हमारे बाल झड़ने लगे हैं। बिजली दिन में 10 से 25 बार गुल हो जाती है और 10-10 मिनट बाद आती है।” निवासी ने आगे कहा कि सोसाइटी बने तीन साल होने जा रहे हैं तब से ये समस्याएं लगातार बनी हुई हैं और सिक्का बिल्डर्स बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे शिकायत करने के बाद वह ‘बस अगले महीने हो जाएगा’ कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर्स का काम करने का कोई इंटेंशन ही नहीं दिखता। निवासियों ने आईएएनएस को बताया कि सोसाइटी में साफ-सफाई की भी व्यवस्था नहीं है, एक फव्वारे के लिए बनाया तो उसमें पानी भर गया है और वह सड़ गया है, जिससे डेंगू पैदा हो रहा है, जिससे आए दिन लोग बीमार हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। एक निवासी ने कहा कि सिक्का बिल्डर्स ने हमने पूरा पैसा ले लिया है; इतना ही नहीं, उन्होंने हमसे अतिरिक्त पैसा भी ले रखा है, फिर भी इन समस्याओं को समाधान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस सोसाइटी में तकरीबन 250 लोग रहते हैं और सभी इन बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर हमने बहुत बार शिकायत की, और उनके ऑफिस जाकर मीटिंग करने के लिए भी कहा, लेकिन उनकी तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे हम सभी लोग बहुत परेशान हैं। इसीलिए हम सभी प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं।
इस सप्ताह निफ्टी में गिरावट के बीच एफआईआई ने निकाले 1,602 करोड़ रुपए, घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह दबाव देखने को मिला। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजार से 1,602 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने खरीदारी जारी रखते हुए बाजार को सहारा दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एफआईआई तीन सप्ताह की लगातार खरीदारी के बाद फिर से बिकवाली के रुख में लौट आए। पूरे सप्ताह के दौरान उनका निवेश व्यवहार मिश्रित रहा। सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में उन्होंने बिकवाली की, इसके बाद अगले दो सत्रों में खरीदारी की और फिर अंतिम दो कारोबारी दिनों में दोबारा बिकवाली शुरू कर दी। यदि 20 जुलाई से 21 अगस्त की अवधि को देखा जाए, तो एफआईआई पहले सप्ताह में विक्रेता रहे, उसके बाद लगातार तीन सप्ताह खरीदार बने और इस सप्ताह में फिर से बिकवाली की। इसके बावजूद पिछले एक महीने में उनकी कुल गतिविधि का परिणाम 1,282 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी के रूप में सामने आया। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार मजबूती से खरीदारी करते रहे। उन्होंने पिछले एक महीने के दौरान हर सप्ताह शुद्ध निवेश किया और कुल मिलाकर 48,390 करोड़ रुपए का निवेश किया। केवल इस सप्ताह ही डीआईआई ने 17,320 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। अगस्त महीने के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों श्रेणियों के निवेशक कुल मिलाकर खरीदार बने हुए हैं। इस अवधि में एफआईआई ने 2,510 करोड़ रुपए और डीआईआई ने 34,370 करोड़ रुपए का निवेश किया है। सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांकों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की और मध्य सप्ताह में 24,026 का निचला स्तर छुआ। हालांकि अंतिम दो कारोबारी सत्रों में रिकवरी देखने को मिली, जिससे सूचकांक निचले स्तरों से उबर गया। इसके बावजूद सप्ताह के अंत में निफ्टी 24,252 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर छूते हुए सप्ताह में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि तेल कीमतों में और तेजी आती है, तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को समर्थन देती रह सकती है।
तमिलनाडु ने स्टार 3.0 सॉफ्टवेयर के तहत पांच-चरणीय ऑनलाइन प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुरू किया

चेन्नई। तमिलनाडु रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने एक पांच-चरण वाली प्रणाली शुरू की है, जिससे खरीदार और विक्रेता सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस जाए बिना या कतार का टोकन लिए बिना प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स रजिस्टर करवा सकते हैं। यह सुविधा विभाग के स्टार 3.0 सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है और शुरुआत में इसमें नए बने अपार्टमेंट, घरों और रिहायशी प्लॉट की सेल डीड (बिक्री विलेख) शामिल हैं। होम लोन के लिए टाइटल डीड (मालिकाना हक के दस्तावेज) जमा करने का मेमोरेंडम, मॉर्गेज डीड और लोन बंद होने की पुष्टि करने वाली रसीदें भी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए रजिस्टर की जा सकती हैं, चूंकि लोगों के घरों में बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध नहीं हो सकते हैं, इसलिए प्रॉपर्टी डेवलपर्स और घर या प्लॉट बेचने वाली कंपनियों के ऑफिस में बनी तय जगहों पर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा सकता है। पहले चरण में खरीदारों को रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर एक अकाउंट बनाना होगा और उस डॉक्यूमेंट को चुनना होगा, जिसका रजिस्ट्रेशन कराना है। उन्हें एक ऐसा रजिस्ट्रेशन सेंटर भी चुनना होगा जहां फिंगरप्रिंट, आइरिस-स्कैनिंग और वेबकैम की सुविधाएं हों। आवेदकों को प्रॉपर्टी के पिछले टाइटल डीड की जानकारी देनी होगी और उसकी डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। खरीदार, विक्रेता और गवाहों के नाम, पते और पहचान से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। आवेदक को यह बताना होगा कि प्रॉपर्टी घर है या प्लॉट और संबंधित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस, गांव, सर्वे नंबर, एरिया, सीमाएं और दूसरी जरूरी जानकारी देनी होगी। प्रॉपर्टी के ट्रांसफर की कीमत, पेमेंट का तरीका, अभी किसके कब्जे में है और कानूनी स्थिति (जिसमें चल रहे कानूनी मामले भी शामिल हैं) के बारे में जानकारी भी देनी होगी। इन जानकारियों के आधार पर, सिस्टम अपने-आप एक ड्राफ्ट डीड तैयार कर लेगा। यह पोर्टल प्रॉपर्टी की कीमत, स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, कंप्यूटर चार्ज और डॉक्यूमेंट राइटर वेलफेयर फंड में योगदान की गणना करके उन्हें दिखाएगा। ड्राफ्ट की समीक्षा करने और उसे अपलोड करने के बाद, वह “माय डॉक्यूमेंट” सेक्शन में सेव हो जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्षों को पहचान का प्रमाण, साइट प्लान और प्रॉपर्टी की फोटो जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। दूसरे चरण में सेव किए गए डॉक्यूमेंट को “माय डॉक्यूमेंट्स” सेक्शन से सबमिट करना होगा। इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा और फिर संबंधित लोगों के फिंगरप्रिंट, फोटो और आइरिस की जानकारी रिकॉर्ड करनी होगी। तीसरे चरण में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होता है। चौथे चरण में भुगतान के बाद आवेदक को रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज जमा करने के लिए ऑनलाइन सहमति देनी होती है। इससे आवेदक की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। पांचवें और आखिरी चरण में संबंधित अधिकार क्षेत्र के रजिस्ट्रार 24 घंटे के भीतर डीड, सहायक रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों की जांच करेंगे। अगर दस्तावेज सभी जरूरतों को पूरा करते हैं, तो रजिस्ट्रार डीड पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करेंगे और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद रजिस्टर्ड दस्तावेज आवेदक के लॉगिन के जरिए डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा, जिससे फिजिकल रूप से जाने या टोकन लेने की जरूरत नहीं रहेगी।
भारत बनाम श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट पर बारिश का साया, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे टेस्ट मैच के पांचों दिन बारिश होने की आशंका है। टेस्ट के पहले दिन बारिश होने के 64 प्रतिशत चांस हैं। सुबह और दिन के समय में बारिश होने की आशंका ज्यादा है। कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन बारिश होने की संभावना सबसे ज्यादा 96 प्रतिशत है। टेस्ट मैच के तीसरे दिन बारिश होने की आशंका 91 प्रतिशत है। चौथे दिन भी बारिश मैच का मजा किरकिरा करेगी, जबकि टेस्ट के आखिरी दिन भी इंद्र देव मुकाबले में लगातार खलल डाल सकते हैं। टेस्ट के पांचवें दिन बारिश होने की आशंका 91 प्रतिशत है। भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे है। गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 165 रनों से जीत दर्ज की थी। भारत की ओर से बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 167 रनों की दमदार पारी खेली थी। वहीं, केएल राहुल ने 82 रनों का योगदान दिया था। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतकीय पारी खेली थी। वहीं, गेंदबाजी में मानव सुथार का जादू खूब चला था और उन्होंने पहली पारी में 4 और दूसरी इनिंग में 6 विकेट चटकाए थे। श्रीलंका के बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनर्स के आगे आसानी से घुटने टेक दिए थे। चौथी पारी में 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम 202 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 47 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। इनमें भारत ने 23 मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका ने 7 मुकाबलों में बाजी मारी है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। वहीं, कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर भारत का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। इस मैदान पर टीम इंडिया ने 9 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 3 में जीत, 2 में हार और 4 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
‘मेरे हाथ साफ हैं’, बेटी वीणा के मामले में पिनराई विजयन ने ईडी को दिया जवाब

त्रिशूर। केरल में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शनिवार को अपनी बेटी वीना विजयन और खुद का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि न तो वे और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य हवाला लेन-देन में शामिल रहा है। उन्होंने यह बात अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही, जो इस हफ्ते की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा वीना से जुड़ी जांच के सिलसिले में हवाला लेन-देन का आरोप लगाते हुए बयान जारी करने के बाद हुई थी। विजयन ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे परिवार में से कोई भी, जिसमें मैं भी शामिल हूं, किसी भी तरह के हवाला लेन-देन में शामिल नहीं रहा है।” विजयन ने ईडी की कार्यवाही में अपना नाम घसीटने की कोशिशों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने इस मामले में ईडी के सार्वजनिक प्रेस बयान जारी करने के फैसले पर सवाल उठाए खासकर इसमें उन्हें “पी. विजयन पूर्व मुख्यमंत्री” बताए जाने पर। उन्होंने पूछा, “आम तौर पर ऐसे मामलों में इस तरह के प्रेस बयान जारी नहीं किए जाते। उन्हें वेबसाइट पर डाला जाता है। मेरा नाम इस तरह क्यों लिया गया?” विजयन के अनुसार, उनका जिक्र इसलिए किया गया था, ताकि यह धारणा बनाई जा सके कि वे भी इन आरोपों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह इसलिए किया गया था, ताकि यह देखा जा सके कि मेरा नाम भी कैसे शामिल किया जा सकता है।” विपक्ष के नेता ने याद दिलाया कि 1996 में उन्हें सीबीआई जांच का सामना करना पड़ा था, जब एक व्यक्ति एजेंसी के सामने पेश हुआ और दावा किया कि उसने उन्हें 1 या 2 करोड़ रुपये दिए थे। कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि विजयन अगले बिजली मंत्री बनेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया था और बाद में उन्हें बरी कर दिया गया। वीणा का बचाव करते हुए विजयन ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही जांच में सहयोग किया है और आगे भी ऐसा करती रहेंगी। उन्होंने कहा, “वीणा ने शुरू से ही जांच में सहयोग किया है और आगे भी ऐसा ही करेंगी।” विपक्ष के नेता ने जोर देकर कहा कि उन्हें जांच एजेंसी से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, उन्होंने कहा कि वीणा का उनकी बेटी होना इस मामले को एक अलग पहलू देता है। विजयन ने मलयाला मनोरमा मीडिया संगठन पर बार-बार उन्हें निशाना बनाने और मनगढ़ंत खबरें गढ़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बेबुनियाद खबरें छापी जा रही हैं और सवाल उठाया कि ऐसा अभियान कब तक चल सकता है। उन्होंने कहा, “अगर मामला पिनराई विजयन के खिलाफ हो, तो उन्हें लगता है कि कुछ भी लिखा जा सकता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के बारे में विवाद पैदा करने की जान-बूझकर कोशिश की जा रही है। विजयन की ये बातें ईडी के हालिया सार्वजनिक बयान पर उनकी पहली सीधी प्रतिक्रिया हैं। उम्मीद है कि इससे एजेंसी की जांच के नतीजों और उनकी बेटी से जुड़े आरोपों को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई और तेज हो जाएगी।
आईआईटी दिल्ली के छात्र ने छठी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली। दिल्ली के आईआईटी कैंपस में एक छात्र ने कथित तौर पर छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र की पहचान ऋषिकेश कुमार के रूप में हुई है, जो आईआईटी दिल्ली से एमएससी (फिजिक्स) की पढ़ाई कर रहा है। वह सेकेंड ईयर का छात्र था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर आईआईटी दिल्ली के शैक्षणिक परिसर में लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से छलांग लगाई। पुलिस ने बताया कि बताया गया कि सुबह लगभग 8.33 बजे किशनगढ़ थाने को एक पीसीआर कॉल मिली कि आईआईटी दिल्ली कैंपस में एक छात्र इमारत से कूद गया है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को आईआईटी दिल्ली कैंपस के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, छात्र ऋषिकेश सुबह लगभग 8 बजे वह मुख्य गेट से आईआईटी दिल्ली कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया, लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुंचा और इमारत के सामने की तरफ से (लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की ओर) कूद गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि छात्र ऋषिकेश शालीमार स्थित शिवालिक हॉस्टल में रहता था। वह अपनी मां के साथ कैंपस के बाहर रह रहा था। जांच और सबूत इकट्ठा करने के लिए क्राइम टीम और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, गिरने से लगी चोटों के अलावा शरीर पर चोट का कोई और स्पष्ट निशान नहीं मिला है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसकी जांच तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। पुलिस संस्थान से काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है। साथ ही, तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल ने शहीदों को किया नमन, शहीद स्मारक पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

ढाका। बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद शनिवार को सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पहुंचकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्हें तीनों सेनाओं की टुकड़ी ने राजकीय सलामी दी। बांग्लादेश की समाचार एजेंसी यूएनबी की रिपोर्ट के अनुसार, मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार शाम बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल ने शाम 7:37 बजे राष्ट्रपति को पद की शपथ दिलाई। बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने शनिवार सुबह 10 बजे सावर स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर जाकर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान तीनों सेनाओं की एक सुसज्जित टुकड़ी ने उन्हें राजकीय सलामी दी, जबकि बिगुल पर ‘लास्ट पोस्ट’ धुन बजाई गई। इस अवसर पर मुक्ति संग्राम मामलों के राज्य मंत्री इशराक हुसैन, सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान, रियर एडमिरल खोंडकार मिसबह उल अजीम तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। यूएनबी के अनुसार, इससे पहले स्मारक पहुंचने पर राष्ट्रपति ने राज्य मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और वहां उपस्थित अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। औपचारिक समारोह के बाद राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल ने आगंतुक पुस्तिका में अपने हस्ताक्षर किए और स्मारक परिसर में एक पौधा भी लगाया। इसके बाद वह वहां से रवाना हो गए। बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल राष्ट्रपति चुनाव में अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हराकर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। यह चुनाव गुरुवार को आयोजित किया गया था। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल को गुरुवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में संसद सदस्यों ने देश का 23वां राष्ट्रपति चुना। उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र थे, जिनमें से 343 ने मतदान किया। यह बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव था, जिसमें एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हुआ था। उसके बाद लगातार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे। फखरुल का राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक पुराना है। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षक और वामपंथी विचारों से प्रभावित छात्र कार्यकर्ता रहे। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान वह विपक्ष के प्रमुख चेहरों में रहे और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर बीएनपी के आंदोलनों में अग्रिम पंक्ति में दिखाई दिए।
पेरिस में भव्य बीएपीएस हिंदू मंदिर तैयार, सितंबर को खुलेंगे कपाट

पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस के उपनगर ‘बूसी-सेंट-जॉर्जेस’ में भव्य बीएपीएस स्वामीनारायण हिंदू मंदिर अब अपने ऐतिहासिक उद्घाटन के समीप पहुंच गया है। मंदिर के शिखरों और केंद्रीय गुंबद पर कलश एवं ध्वजा दंड पूजन जैसी पारंपरिक वैदिक रस्में पूरी की जा रही हैं। मंदिर परिसर में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने शांति, सद्भाव और जनकल्याण के लिए वैदिक मंत्रोच्चार और प्रार्थनाएं भी कर रहे हैं। कुछ ऐसे परिवार भी हैं जो अपने बच्चों और नाती-पोतों के साथ भव्य उत्सव के साक्षी बनेंगे। बीएपीएस की आधिकारिक साइट के अनुसार, इस मंदिर का उद्घाटन 2 से 14 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 13 दिवसीय ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ यानी ‘पेरिस मंदिर महोत्सव’ के दौरान किया जाएगा। यह आयोजन बीएपीएस स्वामीनारायण हिंदू मंदिर के उद्घाटन को समर्पित होगा और इसमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और शुभचिंतक शामिल होंगे। महोत्सव के दौरान जल यात्रा, पेरिस में नगर यात्रा, बूसी-सेंट-जॉर्जेस में पालखी यात्रा, प्रतिदिन वैदिक महायज्ञ, मूर्ति-प्रतिष्ठा समारोह, समर्पण सभा और कीर्तन आराधना जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीएपीएस के मुताबिक, पेरिस का यह मंदिर फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है। इसका निर्माण बूसी-सेंट-जॉर्जेस स्थित एस्पलेनैड डेस रिलिजन्स एट डेस कल्चर्स में किया गया है, जहां विभिन्न धर्मों के उपासना स्थल मौजूद हैं। इस स्थान को धार्मिक विविधता और अंतरधार्मिक सद्भाव के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया है। मंदिर की वास्तुकला में सदियों पुरानी भारतीय शिल्प परंपरा का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के पत्थरों को भारत में तराशकर तैयार किया गया और फिर उन्हें फ्रांस ले जाकर भारतीय शिल्पकारों तथा फ्रांसीसी विशेषज्ञों की मदद से मंदिर में स्थापित किया गया। इस मंदिर की नींव रखने का ऐतिहासिक समारोह सितंबर 2022 में हुआ था। इसके बाद जून 2024 में मंदिर की आधारभूत संरचना के निर्माण का महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। बीएपीएस पेरिस की सोशल मीडिया पोस्ट में महंत स्वामी महाराज से लेकर वरिष्ठ संतों और दुनियाभर के श्रद्धालुओं के एक स्वर में “पेरिस मंदिर महोत्सव नी जय!” के उद्घोष का उल्लेख किया गया है। इसका भाव मंदिर के उद्घाटन को लेकर सामूहिक उत्साह और आध्यात्मिक एकता से जुड़ा है। इन पोस्ट्स में एक परिवार ऐसा भी है जिसकी तीन पीढ़ियां मिलकर सपना साकार होते एक साथ देखेंगी। पहली पीढ़ी 80 के दशक में पहुंची। गुजराती मूल के परिवार के मुताबिक वो दौर ऐसा था जब एक-दो ही हिंदू परिवार रहते थे। फिर दूसरी पीढ़ी ने वो सहा जो विदेशी जमीन पर अक्सर अनजाने लोगों के साथ होता है। लोगों को हिंदू धर्म के बारे में बताते थे तो वो हंसते थे या मजाक उड़ाते थे लेकिन अपने बड़ों से जो सीखा उसे छोड़ा नहीं। हिंदू संस्कृति, संस्कारों और अध्यात्म की मशाल तीसरी पीढ़ी तक पहुंची। ऐसी पीढ़ी जो फ्रेंच तो बोलती है लेकिन विशुद्ध हिंदू रंग में रंगी है। बच्चे बोलते हैं कि अपने बड़ों के साथ सत्संग में जाते थे, अपने धर्म को समझते थे। अब विश्वास नहीं हो रहा कि यहां भी हमारा मंदिर होगा, वाकई हम खुद को भाग्यवान मानते हैं। बच्चे खुश हैं, कहते हैं, “हमारे दोस्त, जब अपनी आंखों के सामने भव्य मंदिर बनते देख रहे हैं तो हमसे हमारे धर्म के बारे में जानने की कोशिश करते हैं और ये हमें बहुत अच्छा लगता है।” मंदिर महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा। बीएपीएस ने इसे भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, कला और विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव को सामने लाने वाले वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया है। पेरिस जैसे वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र में भारतीय पारंपरिक वास्तुकला और हिंदू आध्यात्मिक परंपरा का यह नया केंद्र निश्चित तौर पर भारतीय समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। सितंबर में होने वाला मंदिर महोत्सव इस लंबे निर्माण सफर के समापन और एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।
बिहार : नीतीश की विरासत पर उपेंद्र कुशवाहा का दावा, जदयू बोला- निशांत ही संभालेंगे नेतृत्व

पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की इच्छा जताकर बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। राजगीर में आयोजित आरएलएम के विमर्श शिविर में कुशवाहा ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस विरासत को संभालने के लिए तैयार है। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर बेहतर सेवा दी और अब उन्होंने खुद राजनीति से विश्राम लेने का निर्णय लिया है। उनके सक्रिय राजनीति से पीछे हटने के बाद बिहार की एक बड़ी जमात के सामने यह सवाल है कि उनकी राजनीतिक विरासत को आगे कौन बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस विरासत पर दावा करने वाले कई लोग सामने आएंगे, लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा का मानना है कि बिहार की जनता के एक बड़े वर्ग की अपेक्षा है कि यह जिम्मेदारी आरएलएम को दी जानी चाहिए। कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का दावा है और भविष्य में वह इसमें कितनी सफल होगी, यह समय बताएगा। कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में बिहार की लंबे समय तक सेवा की और अब उन्होंने स्वयं फुर्सत लेने का निर्णय किया है। उनके अनुसार, नीतीश के राजनीतिक सक्रियता से हटने के बाद उनकी विरासत को लेकर स्वाभाविक रूप से चर्चा शुरू हुई है और कई राजनीतिक दल इस भूमिका को निभाने का दावा करेंगे। कुशवाहा के इस बयान पर जदयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता मदन सहनी ने इसे कुशवाहा की व्यक्तिगत इच्छा करार दिया। उन्होंने कहा कि जदयू में नेतृत्व और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सक्षम नेताओं की कोई कमी नहीं है। मदन सहनी ने कहा कि जदयू के भीतर यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की क्षमता निशांत कुमार में है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय चौधरी समेत तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता इस दिशा में अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि जदयू को किसी बाहरी व्यक्ति या दूसरे दल के नेता की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट है और निशांत कुमार पार्टी की जिम्मेदारी संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। कुशवाहा के दावे और जदयू की प्रतिक्रिया ने बिहार में नीतीश कुमार के बाद नेतृत्व और राजनीतिक विरासत को लेकर नई सियासी चर्चा को जन्म दे दिया है।
पैसे ही नहीं हैं हमारे पास’, भीड़ जुटाने के आरोप पर कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार

पुणे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में शनिवार को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा द्वारा पैसे देकर भीड़ जुटाने के आरोपों पर कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने भाजपा के पैसे देकर भीड़ इकट्ठा करने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, “हमारे पास पैसे ही नहीं हैं। भाजपा के अकाउंट देखो और हमारे अकाउंट देखो। हम कहां से देंगे पैसे? पैसे ही नहीं हैं हमारे पास। कांग्रेस एक दम उत्साह में है, बच्चे उत्साह में है।” कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम ने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के साथ सीधा संवाद है। उन्होंने कहा, “100 प्रतिशत पक्का है। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह युवाओं के साथ बातचीत है। भाजपा एक साधारण बातचीत से क्यों डरती है? उन्हें ही इसका मतलब समझना चाहिए। 30,000 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। तो 30,000 का आंकड़ा क्या होगा?” वहीं कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने दावा किया कि कार्यक्रम को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा, “माहौल ये है कि पंडाल का सवाल नहीं है, ये मैदान का सवाल नहीं है, पूरा पुणे लोगों से भर रहा है।” कांग्रेस नेता सतीश उर्फ बंटी पाटिल ने कहा, “यह छत्रपति शिवाजी महाराज जी की भूमि है, सावित्रीबाई फुले जी की भूमि है और इसमें महिलाओं के लिए, लड़कियों के लिए एक कार्यक्रम हो रहा है, इसके लिए हमें, महाराष्ट्रवासियों को बहुत खुशी है कि आज पूरे देश में युवा वर्ग की जो आवाज है, वो सिर्फ राहुल गांधी हैं। ये पिछले अनेक सालों से सिद्ध हुआ है और ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से, उनकी समस्या पूरे देश के सामने लाकर उसको सुलझाने की कोशिश करेंगे।