संबित पात्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- वंदे मातरम को लेकर कोई समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा के बाद शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पहली पदाधिकारी बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने बताया कि अभी भी बैठकों का सिलसिला जारी है। संबित पात्रा ने कहा कि पहली पदाधिकारी बैठक में पहला प्रस्ताव भारत के गौरव और सम्मान, वंदे मातरम के महामंत्र के सम्मान में पारित हुआ है। पिछले कुछ महीनों में वंदे मातरम को लेकर कुछ ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के रूप में मनाया जा रहा है। हिंदुस्तान के कोने-कोने में वंदे मातरम के प्रति सम्मान, भाव और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।” संबित पात्रा ने कहा, “मैंने वंदे मातरम को मंत्र इसलिए कहा, क्योंकि इस मंत्र के मूल में देश है, देशभक्ति है। भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में वंदे मातरम के सभी 6 पदों का गायन लाल किले के परिसर में हुआ।” उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2026 को भारत के इतिहास में पहली बार पूरे वंदे मातरम, जिसमें सभी 6 छंद शामिल हैं, को गाया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सूर्योदय के साथ हमने संपूर्ण वंदे मातरम को सुना, सराहा और नमन किया, वहीं सूर्य अस्त होते-होते 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यालय का एक वीडियो सामने आया, जहां सोनिया गांधी को वंदे मातरम को दो छंदों के बाद रोकने के लिए कहते देखा गया।” संबित पात्रा ने कहा, “हमने देखा कि किस प्रकार कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी की मौजूदगी में जब तिरंगा लहराया जा रहा था, उस समय जब वंदे मातरम शुरू हुआ तो 2 छंदों के बाद सोनिया गांधी को ‘स्टॉप-स्टॉप’ कहते हुए सुना गया, जैसे कोई गलत शब्द बोल दिए गए हों।” उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जो 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अक्टूबर में कलकत्ता में पारित किया था। वह प्रस्ताव था कि हम 6 छंदों के वंदे मातरम को नहीं मानेंगे, हम इसका विभाजन करेंगे और काट-छांट कर वंदे मातरम के केवल 2 ही छंद गाएंगे। संबित पात्रा ने कहा, “राष्ट्र भक्ति का लबादा ओढ़कर आखिर कांग्रेस अपने आप को कब तक छुपाए रखेगी, आज कांग्रेस के ऊपर से राष्ट्र भक्ति का लबादा पूरी तरह गिर चुका है और उसके अंदर की तुष्टिकरण की राजनीति पूरा देश देख रहा है। मगर भारतीय जनता पार्टी ये होने नहीं देगी।” उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। संबित पात्रा ने आरोप लगाए कि राहुल गांधी ने खुद एक बंद कमरे की बैठक में कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप देश को इस तरह से बांट दें। महात्मा गांधी ने वंदे मातरम गाने की बात कही थी। यह कभी हिंदू और मुसलमानों को बांटने का साधन नहीं था।
बंधन कोन्नगर ने सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर राष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाने के लिए SETU 2026 का शुभारंभ किया

नई दिल्ली। बंधन कोन्नगर ने आज सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर भारत के प्रथम राष्ट्रीय नेतृत्व शिखर सम्मेलन ‘SETU – India’s National Leadership Summit on Collaborative Social Development’ का आयोजन किया। ‘नीति से व्यवहार तक: व्यापक सामाजिक प्रभाव के लिए साझेदारियों का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस शिखर सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, कॉर्पोरेट CSR एवं ESG विशेषज्ञों, परोपकार क्षेत्र के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग, नागरिक समाज, समुदायों तथा अन्य हितधारकों के बीच विकास लक्ष्यों के समन्वय से जुड़ी संभावनाओं एवं चुनौतियों पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कार्रवाई के लिए एक मंच स्थापित करना था, ताकि व्यापक, मापनीय एवं टिकाऊ समाधानों को विकसित किया जा सके। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर में आयोजित यह शिखर सम्मेलन समावेशी एवं सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर राष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जिसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय में माननीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान को इस उद्घाटन शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के CEO श्री अरुण के.आर. पिल्लई, बंधन समूह के चेयरमैन श्री चंद्र शेखर घोष तथा बंधन कोन्नगर के CEO श्री संजीब कुमार दास सहित वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि, CSR एवं ESG क्षेत्र के नेतृत्वकर्ता, विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ, परोपकारी संस्थाएं, शिक्षाविद तथा कार्यान्वयन साझेदार उपस्थित रहे।SETU राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर केंद्रित एक सतत संवाद का मंच है। इसका उद्देश्य नीति, संसाधनों, कार्यान्वयन तथा समुदायों की आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद, जमीनी स्तर के अनुभवों का आदान-प्रदान, साक्ष्य-आधारित प्रभाव अध्ययन, साझेदारी घोषणाएं तथा समावेशी विकास में योगदान देने वाले संगठनों को सम्मानित करने जैसे प्रयासों को प्रमुखता दी जाएगी। सरकार, कॉर्पोरेट क्षेत्र, नागरिक समाज, परोपकार, शिक्षा जगत और समुदायों के बीच समन्वय के माध्यम से SETU ऐसे समाधानों को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा, जो नीति से व्यवहार, पायलट परियोजना से व्यापक स्तर, हस्तक्षेप से प्रभाव तथा गतिविधि से मापनीय परिणाम की दिशा में आगे बढ़ें। इसका उद्देश्य ऐसे विकास प्रतिमान में योगदान देना है, जिसमें आर्थिक एवं सामाजिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ें और भारत की समग्र प्रगति में योगदान दें।बंधन समूह के चेयरमैन श्री चंद्र शेखर घोष ने कहा,“2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का हमारा दृष्टिकोण तभी सार्थक रूप से पूरा होगा, जब विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। ग्रामीण समुदाय, महिलाएं, युवा तथा वंचित समुदाय केवल विकास के निष्क्रिय लाभार्थी नहीं हो सकते; उन्हें भारत में आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और योगदानकर्ता बनना होगा। CSR का अगला चरण केवल व्यय और गतिविधियों तक सीमित न रहकर मापनीय एवं दीर्घकालिक प्रभाव की दिशा में आगे बढ़ना है। SETU एक आह्वान है—कल्याण से सशक्तीकरण की ओर, अलग-अलग हस्तक्षेपों से साझेदारी की ओर और अल्पकालिक गतिविधियों से दीर्घकालिक सामाजिक मूल्य की ओर बढ़ने का।शिखर सम्मेलन के प्रथम सत्र का उद्घाटन श्री कमलेश पासवान और श्री अरुण कुमार पिल्लई द्वारा किया गया। सत्र में समावेशी विकास के लिए नीति, कौशल विकास तथा संस्थागत साझेदारी के महत्व पर चर्चा की गई। श्री चंद्र शेखर घोष ने ‘समावेशन से संस्थान तक: जमीनी स्तर से विकास मॉडल का निर्माण’ विषय पर नेतृत्व संबोधन दिया। उन्होंने ऐसे विकास मॉडलों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जो केवल व्यक्तिगत हस्तक्षेप तक सीमित न रहकर टिकाऊ संस्थानों और प्रणालियों का स्वरूप ग्रहण कर सकें। शिखर सम्मेलन में कौशल विकास, टिकाऊ आजीविका एवं उद्यमिता, ऋण एवं बाजार,
रियल ने ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के साथ इस रक्षाबंधन भाई-बहन के खूबसूरत रिश्ते का जश्न मनाया

नई दिल्ली। इस रक्षाबंधन, डाबर इंडिया लिमिटेड के भारत के अग्रणी पैकेज्ड फ्रूट जूस एवं बेवरेज ब्रांड रियल ने अपने नवीनतम अभियान ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से भाई-बहनों के उस खूबसूरत और अक्सर शब्दों में न व्यक्त हो पाने वाले रिश्ते का जश्न मनाया है।इस अभियान के केंद्र में एक भावनात्मक डिजिटल फिल्म है, जो एक भाई और बहन के रिश्ते को उन छोटे-छोटे पलों के माध्यम से जीवंत करती है जो उनके बंधन को वास्तव में खास बनाते हैं। रोजमर्रा की नोक-झोंक, शरारतों और हंसी-मजाक से लेकर चिंता, स्नेह और हर परिस्थिति में साथ निभाने तक, यह फिल्म दिखाती है कि भाई-बहन भले ही अपने प्यार को हमेशा शब्दों में व्यक्त न करें, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। फिल्म भाई-बहन के रिश्ते को बेहद सहज और वास्तविक तरीके से प्रस्तुत करती है, जहां तकरार और शरारतों के साथ-साथ अपनापन और साथ भी होता है। यह याद दिलाती है कि हर छोटी-मोटी लड़ाई, हर मजाक और हर छोटे से भाव के पीछे गहरा प्यार और मजबूत रिश्ता छिपा होता है।अभियान के बारे में बात करते हुए, डाबर इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग, श्री मयंक कुमार ने कहा, “रक्षाबंधन उस रिश्ते का उत्सव है, जो अनगिनत छोटे-छोटे पलों से बना होता है। इसमें नोक-झोंक है, लड़ाई है, हंसी है और सबसे बढ़कर हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ है। ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से हम ऐसे रिश्ते का जश्न मनाना चाहते थे, जिसे केवल शब्दों से नहीं, बल्कि एक नजर, एक मुस्कान, एक इशारे और उस प्यार से महसूस किया जाता है जो बिना कहे सब कुछ समझ लेता है। यह अभियान इस बात को दर्शाता है कि भाई-बहन हमेशा अपने मन की बात नहीं कहते, लेकिन उनके कर्म ही उनकी भावनाओं को व्यक्त कर देते हैं।रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से रियल उपभोक्ताओं को पारंपरिक राखी बांधने की रस्म से आगे बढ़कर अपने भाई-बहनों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है। यह पहल लोगों को उन भावनाओं को सार्थक शुभकामनाओं और संदेशों के रूप में साझा करने का अवसर प्रदान करती है, जो अक्सर अनकही रह जाती हैं, जिससे यह अवसर और भी व्यक्तिगत तथा यादगार बन जाता है।डाबर इंडिया लिमिटेड में जी.एम. मार्केटिंग, फूड्स एंड बेवरेजेज, सुश्री मोनिशा प्रशर ने कहा, “भाई-बहन का रिश्ता उन छोटे-छोटे पलों से बनता है जो जीवनभर याद रहते हैं। एक-दूसरे की टांग खींचने से लेकर चुपचाप एक-दूसरे का ख्याल रखने तक, यही पल इस रिश्ते को खास बनाते हैं। ‘रियल ग्रीटिंग्स’ इन्हीं सच्ची भावनाओं और प्यार के खूबसूरत अभिव्यक्तियों का उत्सव है। इस अभियान के माध्यम से हम लोगों को अपने भाई-बहनों की अहमियत समझने, उनकी सराहना करने और उन भावनाओं को शब्द देने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं जो अक्सर अनकही रह जाती हैं।यह अभियान फिल्म विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों से जुड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें ऐसे दृश्य और परिस्थितियां दिखाई गई हैं जो लगभग हर भाई-बहन के लिए परिचित और जुड़ाव महसूस कराने वाली हैं। फिल्म इस सार्वभौमिक सत्य को उजागर करती है कि भाई-बहन भले ही अपने स्नेह को खुलकर व्यक्त न करें, लेकिन वे हमेशा एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साथी और मजबूत सहारा बने रहते हैं।रियल ग्रीटिंग्स’ अभियान फिल्म को डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई-बहनों के लिए संदेश, यादें और प्यार से भरे खास पल साझा करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया ने तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य बीमा बाजार में परिचालन शुरू किया
नोएडा।प्रुडेंशियल एचसीएल हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड (प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया), प्रुडेंशियल पीएलसी (यूके) और एचसीएल ग्रुप के 70:30 संयुक्त उद्यम द्वारा समर्थित स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनी ने भारत में अपना व्यावसायिक परिचालन शुरू कर दिया है। कंपनी को 1 जुलाई 2026 को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था।तेजी से विस्तार कर रहे भारतीय स्वास्थ्य बीमा बाजार को ध्यान में रखते हुए कंपनी का लक्ष्य तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा को अधिक सरल, व्यक्तिगत और सुलभ बनाना है। कंपनी के नेटवर्क में 12,000 से अधिक अस्पताल शामिल हैं। इसका ओम्नीचैनल मॉडल एजेंसी नेटवर्क के माध्यम से व्यक्तिगत सलाह और एआई-सक्षम डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म को एक साथ लाता है।प्रुडेंशियल पीएलसी के रीजनल सीईओ नवीन ताहिलियानी ने कहा, “भारत प्रुडेंशियल के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार है। प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया के माध्यम से हमारा उद्देश्य सरल, सुलभ और सहज ग्राहक अनुभव वाला एक अलग स्वास्थ्य बीमा व्यवसाय तैयार करना है। प्रुडेंशियल की बीमा विशेषज्ञता को एचसीएल ग्रुप की तकनीक और स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं से जोड़कर हम स्वास्थ्य सुरक्षा को अधिक भारतीय परिवारों तक पहुंचाना चाहते हैं।प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया के एमडी एवं सीईओ डिज़िग्नेट अमित दवे ने कहा, “हमारा प्रयास केवल वित्तीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्राहकों की स्वास्थ्य यात्रा के हर महत्वपूर्ण चरण में सही सहायता उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में हम ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल बाय 2047’ के विज़न में योगदान देना चाहते हैं।यह साझेदारी प्रुडेंशियल की बीमा विशेषज्ञता और एचसीएल की तकनीकी एवं स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को एक मंच पर लाकर अगली पीढ़ी के ग्राहक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य बीमा इकोसिस्टम के निर्माण पर केंद्रित है।
पीएनजी ज्वेलर्स ने गुरुग्राम में नए स्टोअर के साथ एनसीआर में किया प्रवेश

गुरुग्राम। पीएनजी ज्वेलर्स ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आर2, ग्राउंड फ्लोर, एम3एम रूट 65, सेक्टर-65 में एक नया कंपनी स्वामित्व और कंपनी संचालित स्टोर शुरू किया। 3,500 सक्वेअर फुट में विस्तारित यह नया शोरूम ग्राहकों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है और प्रमुख बाजारों में ब्रांड के लगातार रिटेल विस्तार का हिस्सा है। स्टोअर के उद्घाटन अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के हाथों और पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगील, कर्मचारियों और शुभचिंतकों की उपस्थिति में किया। नया शोरूम ग्राहकों के लिए सोने, हीरे और चांदी के ज्वेलरी की पीएनजी ज्वेलर्स की श्रृंखला उपलब्ध है। यहां ब्रांड के सभी कलेक्शन और श्रेणियों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह स्टोअर गुरुग्राम के ग्राहकों की विविध ज्वेलरी संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिझाईन किया गया है,जिसमें रोज की ज्वेलरी,त्योहारों की खरीदारी,शादीयों उपहार और जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों के लिए ज्वेलरी शामिल हैं। स्टोअर के उद्घाटन पर चित्रांगदा सिंह ने कहा पीएनजी ज्वेलर्स अपने साथ विश्वास,उत्कृष्ट कारीगरी और ग्राहकों की पसंद की समझ पर आधारित समृद्ध विरासत लेकर आया है। ब्रांड के इस नए बाजार में प्रवेश के साथ यहां के ग्राहकों को इसकी सोच-समझकर तैयार की गई ज्वेलरी और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से इस विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने का अवसर मिलेगा मैं इस परिसर में पीएनजी ज्वेलर्स का स्वागत करते हुए नए सफर के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं देती हूं। पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगील ने कहा गुरुग्राम यह हमारे राष्ट्रीय विस्तार के सफर में एक महत्वपूर्ण बाजारपेठ है और सेक्टर 65 में नए स्टोअर की शुरुआत इस परिसर से ग्राहकों की बढ़ती मांग के प्रति हमारा प्रतिसाद है, सोने, हीरे और चांदी की ज्वेलरी की व्यापक श्रृंखला के साथ यह स्टोअर हमें ग्राहकों के और करीब पहुंचकर उनकी सेवा करने का अवसर देगा, साथ ही पीएनजी ज्वेलर्स से जुड़े विश्वास, उत्कृष्ट कारीगरी और अनुभव को भी कायम रखेगा। हम स्थानीय समुदाय का हिस्सा बनने और गुरुग्राम के समझदार ग्राहकों की पसंद के अनुरूप तैयार किए गए पीएनजी ज्वेलर्स के विशिष्ट डिजाइनों के माध्यम से उनके साथ दीर्घकालिक दृढ़ रिश्ता बनाने के लिए उत्साहित हैं। गुरुग्राम में यह नया स्टोअर पीएनजी ज्वेलर्स के रिटेल नेटवर्क को और मजबूत करता है। ब्रांड लगातार ऐसे बाजारों में विस्तार कर रहा है जहां ब्रांड के उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ रही है। कंपनी-स्वामित्व और कंपनी-संचालित मॉडल के माध्यम से पीएनजी ज्वेलर्स अपने उत्पादों की विविधता ग्राहक अनुभव और सेवा मानकों में एकरूपता बनाए रखने के साथ स्थानीय ग्राहकों के साथ अधिक मजबूत संबंध स्थापित करने में मदद कर सकता है।
नोएडा में राजनाथ सिंह ने किया अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन, बोले- मेडिकल तकनीक से बीमारियों की पहचान अब ज्यादा सटीक

नोएडा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के नए इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के साथ लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी उपस्थित रहीं। यह केंद्र उत्तर प्रदेश में कंपनी का पहला सेंटर है, जो दिल्ली और हरियाणा के बाद यूपी में अपने विस्तार की शुरुआत नोएडा से कर रही है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जिन बीमारियों का पता लगाना काफी मुश्किल होता था, अब आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से उनकी पहचान जल्द और अधिक सटीक तरीके से संभव हो पा रही है। अच्छी जांच व्यवस्था का उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना नहीं, बल्कि मरीज को अनावश्यक जांच और गलत निदान से बचाना भी होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एकीकृत दृष्टिकोण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाएं एक ही केंद्र पर उपलब्ध होने से मरीजों को बार-बार अलग-अलग स्थानों पर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। साथ ही, डॉक्टरों को भी सभी जांच रिपोर्ट एक साथ मिल जाने से उपचार संबंधी निर्णय लेने में काफी आसानी होती है। उन्होंने मेडिकल साइंस और रक्षा क्षेत्र के बीच पुराने और महत्वपूर्ण संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि रेडियोलॉजी जैसी तकनीकों का विकास और उनका इस्तेमाल सैन्य क्षेत्र में भी अहम रहा है। अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग सैनिकों की चिकित्सा जांच और युद्धक्षेत्र में घायल जवानों की स्थिति का आकलन करने में किया जाता रहा है। सैन्य क्षेत्र में मजबूत चिकित्सा व्यवस्था अत्यंत जरूरी है और भविष्य में मेडिकल विज्ञान को नई तकनीकों के साथ निरंतर जोड़ना होगा। रक्षा मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से करीब 45 करोड़ लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बनी है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में करीब 5 करोड़ लोग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आए हैं और लगभग 80 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में जहां करीब 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 45 हो गई है। साथ ही, प्रदेश के करीब 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो गुर्दा रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। भविष्य की चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज युवा आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले दशकों में जनसंख्या की उम्र बढ़ेगी। वर्ष 2050 तक बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ेगा। इससे निपटने के लिए बीमारी होने के बाद इलाज करने की बजाय प्रिवेंटिव हेल्थ केयर (रोग निवारण) को प्राथमिकता देना अत्यंत जरूरी है। बता दें कि महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के इस नए केंद्र में एआई आधारित अल्ट्रा-फास्ट 3.0 टेस्ला एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एक ही छत के नीचे रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं होने से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
विदेश मंत्री का दो दिवसीय रूस दौरा, आईआरआईजीसी-टीईसी के 27वें सत्र की करेंगे सह-अध्यक्षता

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूस के आधिकारिक दौरे पर होंगे। इस दौरान आईआरआईजीसी-टीईसी के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे और अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात भी प्रस्तावित है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 23-24 अगस्त को रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, जयशंकर रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जुलाई 2026 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान बैठकों के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी। बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।” चर्चा में भारत-रूस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और गतिशीलता शामिल हैं। जयशंकर ने आगे कहा, “हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।” एमईए के अनुसार, इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन एक ऐसा सिस्टम है जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखता है। इसे मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के समझौते के तहत बनाया गया था। आईआरआईजीसी का पहला सत्र 13 और 14 सितंबर 1994 को हुआ था। अब तक आईआरआईजीसी की 26 बैठकें हो चुकी हैं। आईआरआईजीसी का 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था। वहीं 25वां नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और संबंधों की समीक्षा करने वाला एक प्रमुख शीर्ष मंच है। इस आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री (या नामित मंत्री) और रूसी संघ के उप प्रधानमंत्री करते हैं।
रोज 5 मिनट करें पूर्वोत्तानासन, कमर-कंधे होंगे मजबूत और तनाव होगा दूर

नई दिल्ली। योग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का रामबाण उपाय है। यह शरीर को स्ट्रेच करके सभी तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात पाने में मदद भी करता है। इन्हीं आसनों में एक पूर्वोत्तानास भी है, जो बाजुओं, कंधों, कमर और पैरों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। पूर्वोतानासन का नाम दो शब्दों के मेल से बना है ‘पूर्व’, और ‘उत्तान’। ‘पूर्व’ यानी ‘पूर्व दिशा’ या ‘शरीर का अगला हिस्सा’, और ‘उत्तान’ का मतलब है ‘खिंचा हुआ’। इस आसन से आपका स्वास्थ्य अच्छा होता है और तनाव से भी मुक्त रहते हैं। आयुष मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण योगासन बताया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा योगासन है, जो शरीर के पूरे भार को हाथों और पैरों पर संतुलित करके, मुख्य रूप से हाथों, कलाई, पीठ, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और पेट की मांसपेशियों को बेहतर बनाता है। पूर्वोत्तानासन का अभ्यास करने से पेट में दबाव पड़ता है, जिससे पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती है और पेट के आसपास जमी चर्बी भी कम होने लगती है। इसी के साथ ही, पूर्वोत्तानासन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, जिससे ऊर्जा का संचार होता है। इसके रोजाना अभ्यास करने से पीठ दर्द और सिरदर्द में आराम मिलता है, पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और कमर दर्द में राहत बनी रहती है। साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन की वजह से सिरदर्द भी कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में लचीलापन बढ़ाता है। साथ ही, यह शरीर की मांसपेशियों में भी लचीलापन लाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार भरता है, तथा दिमाग भी तेज चलता है। आसन को करने के दौरान शरीर का भार हाथों और कलाइयों पर होता है। इसलिए कलाई में चोट वाले लोगों को इस आसन से बचना चाहिए। इसके अलावा, गर्दन की किसी भी चोट से पीड़ित लोगों को या तो इस आसन को करने से पूरी तरह बचना चाहिए या आसन का अभ्यास करते समय कुर्सी का सहारा लेना चाहिए।
पीडीए पर योगी के बयान से गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- घबराई भाजपा बदल रही परिभाषा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच पीडीए को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीडीए में ‘पी’ का मतलब पाकिस्तान बताए जाने वाले बयान पर सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है, इसलिए उसकी परिभाषा बदल रही है। अखिलेश ने कहा कि ‘एकरंगी क्या जानें पीडीए के बहुरंग’। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और सरकारी बजट की कथित लूट को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है और पीडीए में ‘पी’ का मतलब एक दिन पाकिस्तान कर देगी। उन्होंने कहा था कि सपा का ‘पी’ पहले पिछड़ा था और बाद में पंडित हो गया। अखिलेश ने कहा, ‘‘पी का मतलब पाकिस्तान-भाजपा का मतलब भाग जाओ पाकिस्तान।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है और इसी वजह से इसकी परिभाषा बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए मजबूत होगा। सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर विपक्ष और पीडीए समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ हो रही हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसमें शामिल बड़े लोगों को बचाने का काम किया गया। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के कथित षड्यंत्र को विफल करने की ताकत केवल समाजवादी पार्टी के पास है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज हर चीज महंगी हो गई है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने और चीनी की कीमतों को लेकर उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया। अखिलेश ने सरकार से सवाल किया कि यदि करीब 15 करोड़ लोगों को गरीब माना जा रहा है और उन्हें आयुष्मान कार्ड मिला है तो उनकी प्रति व्यक्ति आय कितनी है। उन्होंने कहा कि सपा और उसके सहयोगी दल प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे हैं और इस बार दोहरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सपा किसी को छोड़कर नहीं जाती, सपा को लोग छोड़कर जाते हैं।’’ प्रयागराज और लखनऊ में जलभराव का जिक्र करते हुए अखिलेश ने सरकार पर विकास कार्यों के नाम पर खर्च के बावजूद बुनियादी समस्याएं दूर नहीं कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में भारी रकम विकास कार्यों पर खर्च होने के बावजूद हालात देखे जा सकते हैं और लखनऊ में भी जलभराव की स्थिति सामने आई है। बुलेटप्रूफ जैकेट के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी जैकेट नहीं मिली है और उन्हें इसकी जरूरत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है, उनसे जाकर पूछा जाना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर पशुपालन और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के हित में नई नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी डेयरी नीति बनाई जाएगी जिससे पशुपालकों और इस कारोबार से जुड़े लोगों को जानवरों और व्यापार दोनों में लाभ मिल सके। उन्होंने भाजपा के सहयोगी दलों को सीट बंटवारे को लेकर भी निशाना बनाया और कहा कि यदि सपा अपने सहयोगियों को पर्याप्त सीटें देती है तो सहयोगी दलों को भी उसी भावना के साथ सीटें देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों का सम्मान किया जाना चाहिए और चौधरी चरण सिंह तथा अजित सिंह जैसे नेताओं की विरासत का भी सम्मान होना चाहिए। दिव्यांगों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर दिव्यांगजनों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए अलग घोषणापत्र तैयार किया जाएगा और जरूरतमंद दिव्यांग साथियों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अखिलेश ने महिलाओं और गरीबों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़े वादों को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सपा ने 40 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, तब भाजपा ने इसे हवाहवाई बताया था, जबकि अब 50 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार की योजनाओं का भी संदर्भ देते हुए लाभार्थियों के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। गौमूत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि उनके पार्टी कार्यालय में 200 लीटर गौमूत्र रखा हुआ है और सवाल यह है कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा।
विक्टोरिया में लेबर पार्टी का बड़ा चुनावी वादा, सत्ता में लौटने पर सभी को मुफ्त दंत चिकित्सा

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी ने नवंबर में होने वाले राज्य चुनाव से पहले बड़ा चुनावी वादा किया है। ऐसा वादा जो चर्चा में है। विपक्ष हमलावर है। प्रीमियर बेन कैरोल ने घोषणा की है कि अगर लेबर दोबारा सत्ता में आती है तो राज्य में सभी विक्टोरियाई नागरिकों के लिए मुफ्त दंत चिकित्सा सेवा शुरू की जाएगी। इसे ऑस्ट्रेलिया में किसी राज्य सरकार की ओर से अपनी तरह की अनूठी पहल बताया गया है। कैरोल ने एक बयान में कहा, “मैं उन हजारों कामकाजी लोगों के लिए लड़ रहा हूं जो डेंटिस्ट के पास जाने का खर्च नहीं उठा सकते।” उन्होंने अपने कैंपेन के शुरुआत इसी वायदे के साथ की है और शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी झलक भी दिखाई। इस योजना पर लेबर सरकार 230 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च करेगी और तीन साल में राज्यभर में 10 सार्वजनिक दंत चिकित्सा क्लीनिक खोलेगी। इनमें से सात क्लीनिक मेलबर्न और तीन रीजनल विक्टोरिया में स्थापित किए जाएंगे। इन क्लीनिकों में लोगों को बिना पूर्व अपॉइंटमेंट के चेकअप, फिलिंग, रूट कैनाल और दांत निकालने जैसी सेवाएं मुफ्त मिलेंगी। स्वास्थ्य मंत्री इंग्रिड स्टिट ने एबीसी न्यूज को बताया कि कुछ क्लीनिक जुलाई 2027 से काम करना शुरू कर सकते हैं। क्लीनिक सप्ताह के दिनों में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक और सप्ताहांत में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। सरकार का दावा है कि पूरी तरह शुरू होने के बाद ये केंद्र हर साल एक लाख से अधिक लोगों को उपचार उपलब्ध करा सकेंगे। दांत में तेज दर्द, सूजन या दुर्घटना के कारण लगी चोट जैसे तत्काल मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कैरोल ने इसे महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से निपटने के लिए ‘संरचनात्मक सहायता’ बताया है। उनका कहना है कि लोगों को दंत चिकित्सा इसलिए नहीं टालनी चाहिए क्योंकि उनके पास इलाज का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में अधिकांश वयस्कों की दंत चिकित्सा सेवाएं मेडिकेयर के दायरे में नहीं आतीं। मुफ्त या कम लागत वाली सेवाएं मुख्य रूप से बच्चों, युवाओं, आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदायों तथा कुछ रियायती कार्डधारकों के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि विपक्ष ने इस घोषणा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि विक्टोरिया में मौजूदा सार्वजनिक दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रतीक्षा अवधि पहले ही काफी लंबी है और सरकार के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होगी। विपक्ष के अनुसार, सार्वजनिक दंत चिकित्सा के लिए राज्य में औसत प्रतीक्षा अवधि करीब सात महीने है। ग्रीन्स ने भी योजना का स्वागत करने के बजाय इसके सीमित पैमाने पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि केवल 10 क्लीनिक राज्य की जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं। दूसरी ओर, विक्टोरियन काउंसिल ऑफ सोशल सर्विस ने योजना का स्वागत करते हुए कहा है कि इन सेवाओं तक कम आय वाले लोगों की प्राथमिक पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह घोषणा 28 नवंबर के विक्टोरिया विधानसभा चुनाव से करीब 100 दिन पहले लेबर का पहला बड़ा चुनावी वादा है। कैरोल जुलाई में जैसिंटा एलन के बाद प्रीमियर बने थे और अब पार्टी को लगातार चुनावी दबाव के बीच सत्ता में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।