ईरान के साथ शांति समझौता बरकरार रखने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाना जरूरी है: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए शांति समझौते (एमओयू) पर कायम रहने के लिए मजबूर करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एमओयू पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों के बीच एक राय है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि उनका मानना है कि यह एमओयू भविष्य में ईरान के विदेशी संबंधों का केंद्र बिंदु होगा। उन्होंने कहा, “हमें दुश्मन को उस बात पर मजबूर करने की कोशिश करनी चाहिए जिस पर उसने हस्ताक्षर किया है। इस एमओयू से देश, इलाके और हमारे साथियों की सुरक्षा बेहतर होगी।” इस बीच, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद इब्न अल-रजा ने रविवार को कहा कि तेहरान हर दुश्मन की धमकी को वास्तविक और गंभीर मानता है। उन्होंने इसे महज मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिए जाने को खारिज कर दिया। अल-रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम न तो आश्चर्यचकित होंगे और न ही निष्क्रिय रहेंगे। हम धमकियों को अपनी तैयारी बढ़ाने, अपनी रोकथाम क्षमता मजबूत करने और अपनी ताकत विकसित करने के आधार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ नए हमले टालने की बात कहने के बाद आया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ सैन्य आतंक, ताकत और शक्ति के उस स्तर पर कार्रवाई के लिए तैयार है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखा गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों के अनुरोध पर उन्होंने हमला टाल दिया है। उन्होंने एक आगामी समझौते का हवाला दिया जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा। इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अमेरिका और इजरायल ईरानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हफ्ते के अंत में हमले शुरू कर सकते हैं। 18 जून को, ईरान और अमेरिका ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत दोनों देशों को आखिरी समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के अंदर बातचीत करनी थी। हालांकि, उनके बीच हाल ही में हुए तनाव के कारण बातचीत का नतीजा अधर में लटका हुआ है। अमेरिकी सेना ने पिछले महीने ईरानी ठिकानों पर कई हमले किए। उनका कहना था कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे और इनका मकसद कमर्शियल शिपिंग को धमकाने की ईरान की क्षमता को कम करना था। ईरान ने इस इलाके में अमेरिकी सैन्य बेस और जगहों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इजरायल में अब से तंबाकू उत्पादों के 75 प्रतिशत हिस्से पर ग्राफिक चेतावनी तस्वीरें अनिवार्य, कैंसर संस्थान ने बताई वजह

यरुशलम। इजरायल में हर महीने करीब एक हजार लोगों की मौत की वजह तंबाकू होता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसकी जानकारी दी। बहुत सोच विचार के बाद आखिरकार इजरायल में रविवार से नए तंबाकू नियंत्रण नियम लागू हो गए हैं, जिनके तहत सभी तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की पैकेजिंग पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्प्रभाव दिखाने वाली ग्राफिक चेतावनी तस्वीरें लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम पारंपरिक सिगरेट, ई-सिगरेट, रोलिंग तंबाकू, हुक्का उत्पादों और निकोटीन पाउच सहित सभी धूम्रपान उत्पादों पर लागू होगा। नए नियमों के अनुसार, तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग का कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा ऐसी तस्वीरों से ढका होगा, जिनमें धूम्रपान और निकोटीन के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा। पैकेजिंग का शेष 25 प्रतिशत हिस्सा उसी सादे रंग में रहेगा, जिसे इजरायल ने वर्ष 2020 में ब्रांड के लोगो और आकर्षक डिजाइन को समाप्त करने के लिए अनिवार्य किया था। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि चेतावनी तस्वीरों को तैयार करते समय स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलताओं का ध्यान रखा गया है, जबकि उनका प्रभाव सभी आयु और सामाजिक वर्गों के लोगों पर समान रूप से पड़े, यह भी सुनिश्चित किया गया है। सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया है। जो कंपनियां या आयातक निर्धारित मानकों के अनुरूप पैकेजिंग के बिना तंबाकू उत्पादों का वितरण करेंगे, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, कॉरपोरेट संस्थाओं पर 4,52,000 इजरायली शेकेल (लगभग 1.23 लाख अमेरिकी डॉलर) और निजी कारोबारियों पर 2,26,000 शेकेल (करीब 61,400 अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इजरायल ने वर्ष 2003 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण रूपरेखा सम्मेलन (एफसीटीसी) पर हस्ताक्षर किए थे और 2005 में इसकी पुष्टि (रैटिफिकेशन) की थी। इन नए नियमों के लागू होने के साथ इजराइल उन लगभग 140 देशों में शामिल हो गया है, जहां तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग पर पूर्ण ग्राफिक चेतावनी तस्वीरें अनिवार्य हैं। ट टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल कैंसर एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोशे बार-हैम ने कहा कि ऐसी तस्वीरें लोगों को तंबाकू सेवन और उससे होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बीच तत्काल संबंध स्थापित करने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल में तंबाकू के कारण हर महीने 1,000 से अधिक लोगों की जान जाती है, ऐसे में यह कदम धूम्रपान की आदत को हतोत्साहित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव पहुंचे नई दिल्ली, दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर फोकस

नई दिल्ली। उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव, भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए सोमवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनके आने का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव का नई दिल्ली में आधिकारिक दौरे पर आने पर बहुत गर्मजोशी से स्वागत है।” सैदोव भारत सरकार के निमंत्रण पर तीन से पांच अगस्त तक भारत में रहेंगे। अपने दौरे के दौरान, उज्बेक के विदेश मंत्री राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी बातचीत करेंगे। वह नई दिल्ली में एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक और कमर्शियल सहयोग बढ़ाने के मौकों पर बात करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और उज्बेकिस्तान व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना चाहते हैं। दौरे से पहले, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 20 जुलाई को सैदोव के साथ टेलीफोन पर बात की, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत के बाद, विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि बातचीत व्यापार, निवेश और दूसरे क्षेत्र में हमारे द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर केंद्रित थी। सैदोव ने भी बातचीत को अहम बताया और कहा कि दोनों पक्ष अपने विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित और भरोसे पर आधारित बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए। भारत और उज्बेकिस्तान ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के तहत करीबी डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट बनाए रखा है। दोनों देशों ने मई में नई दिल्ली में फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन का 17वां राउंड आयोजित किया, जहां अधिकारियों ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रोग्रेस की समीक्षा की और आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। सैदोव के दौरे से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, खासकर आर्थिक साझेदारी बढ़ाने और मध्य एशिया में दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने में।
पूर्व ‘आप’ विधायक नरेश बाल्यान को मकोका मामले में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस मनोज जैन ने यह आदेश पारित किया। यह मामला कथित गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है। नरेश बाल्यान पर फरार गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू की ओर से कथित तौर पर चलाए जा रहे एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है। यह आरोप मुख्य रूप से बाल्यान और सांगवान के बीच कथित मोबाइल बातचीत की एक ऑडियो क्लिप पर आधारित है। नरेश बाल्यान को इस मामले में दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरेश बाल्यान और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले, 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने 13 जुलाई को इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था। सजा पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला फरवरी 2020 का है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनका शव चांदबाग इलाके में एक नाले से बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे। इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे। कोर्ट ने इनमें से छह आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी करार दिए गए पांच लोगों में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का नाम भी शामिल है। उनके अलावा नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी माना गया।
बिना भोजन नली के पैदा हुए बच्चे की सफल सर्जरी, अहमदाबाद सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को मिली सफलता

अहमदाबाद। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में एक ढाई साल के बच्चे की सफल सर्जरी हुई है, जिसका जन्म एक दुर्लभ बीमारी के साथ हुआ था। बच्चे की भोजन नली ठीक से बनी ही नहीं थी। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में जटिल सर्जरी के बाद अब वह बच्चा मुंह से खाना खाने लगा है। अस्पताल के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह बाल रोग सर्जरी विभाग की एक और सफल उपलब्धि है। बच्चे का नाम मंतव्य है। वह अहमदाबाद जिले के सानंद निवासी शैलेश पटेल का बेटा है। उसका जन्म 7 नवंबर 2023 को हुआ था। उसे ‘प्योर ओसोफेगल एट्रेसिया’ नाम की दुर्लभ जन्मजात बीमारी थी। इसमें भोजन नली के दोनों सिरे इतने दूर होते हैं कि एक पूरी नली नहीं बन पाती। इस वजह से जन्म से ही वह मुंह से दूध या खाना नहीं पी/खा पा रहा था। उसकी जान बचाने के लिए जन्म के दूसरे दिन ही सर्जनों ने गले में एक छेद कर ‘ओसोफेगोस्टोमी’ और पेट में सीधे नली डालकर ‘गैस्ट्रोस्टोमी’ की थी। इसके बाद उसे नली के जरिए तरल आहार दिया जा रहा था और नियमित जांच भी होती थी। जब उसकी पोषण स्थिति, वजन और शारीरिक विकास ठीक हो गया तो डॉक्टरों ने भोजन नली की पक्की सर्जरी करने का फैसला किया। यह ऑपरेशन 3 जुलाई को ‘एडवांस्ड गैस्ट्रिक पुल-अप’ तकनीक से किया गया। इसमें पेट के हिस्से का इस्तेमाल करके नई भोजन नली बनाई जाती है। सर्जरी अहमदाबाद सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और बाल रोग सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राकेश जोशी के नेतृत्व वाली टीम ने की। टीम में डॉ. जयश्री रामजी और एनेस्थीसिया डॉक्टर अदिति और सोनल भलावत भी शामिल थे। ऑपरेशन के 23 दिन बाद मंतव्य ने पहली बार मुंह से खाना खाया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा बिना किसी परेशानी के ठीक हो गया है और अब उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मेडिकल आंकड़ों के अनुसार, ‘ट्रेको-ओसोफेगल फिस्टुला’, यानी टीओएफ, हर 2500 से 4000 में से 1 बच्चे में होता है, लेकिन ‘प्योर ओसोफेगल एट्रेसिया’ के मामलों में, जहां भोजन नली के सिरे बहुत दूर होते हैं, वहां ‘गैस्ट्रिक पुल-अप’ सर्जरी ही सबसे कारगर इलाज मानी जाती है। इसकी सफलता दर 85 से 90 प्रतिशत बताई जाती है। डॉ. राकेश जोशी ने कहा, “इस तरह की सर्जरी के लिए बहुत विशेष तकनीकी दक्षता और अनुभवी टीम चाहिए। बच्चे का पोषण बनाए रखना और सही समय पर ऑपरेशन करना ही सफलता की कुंजी है। यह एडवांस सर्जरी जो निजी अस्पतालों में बहुत महंगी मानी जाती है, वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध है। पिछले एक साल में हमारी टीम ने ऐसे 7 जटिल केस सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।” बच्चे के माता-पिता ने कहा कि वे अपने बेटे को पहली बार मुंह से खाते देखकर बहुत भावुक हो गए। उन्होंने इलाज में शामिल सभी डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ का आभार जताया।
इस सीरीज के डायरेक्टर के साथ मैं 10 साल पहले भी काम कर चुका हूं : अर्नव भसीन

मुंबई। अभिनेता अर्नव भसीन आगामी सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमित गुप्ता की भूमिका में नजर आएंगे। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने अपने इस रोल को बखूबी से निभाने के लिए फाइटर पायलटों के अनगिनत यूट्यूब वीडियो देखे थे। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में बताया कि उनके लिए यह एक बड़ा प्रोजेक्ट था, जिसके लिए मैं चाहता था कि कुछ अच्छा करूं। उन्होंने बताया, “इसमें कोई शक नहीं है कि ये मेरे अब तक के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है। इस फिल्म के डायरेक्टर के साथ मैंने 10 साल पहले काम किया था, जब मैं 16 साल का था। उन्होंने स्नैपड्रीम के एक कमर्शियल में मुझे डायरेक्ट किया था और फिर, जब मैंने इसके लिए ऑडिशन दिया तो डायरेक्टर ने मुझे पहचान लिया। यही इस इंडस्ट्री की बात है, आपको कभी नहीं पता होता कि आपको क्या चीज कहां पहुंचा देगी। देखिए, मैंने इस भूमिका के लिए ऑडिशन दिया और मुझे रोल भी मिल गया। उन्होंने आगे बताया कि इस रोल के बारे में उन्हें कुछ पता नहीं था, जिसके लिए उन्होंने यूट्यूब वीडियोज देखे थे। उन्होंने कहा, “मुझे इस रोल के बारे में कुछ भी नहीं पता था, तो इसके लिए मैंने काफी रिसर्च भी की थी क्योंकि मैं चाहता था कि इस प्रोजेक्ट में मैं कुछ अच्छा करूं। मैंने सारे यूट्यूब वीडियो देखे, लेकिन मेरे लिए इस कास्ट के साथ काम करना बिना सोचे-समझे हां कहने वाली बात थी।” सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण हवाई अभियानों पर आधारित एक मिलिट्री ड्रामा वेब सीरीज है। यह केवल युद्ध के मैदान की कार्रवाई या हवाई संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन युवा अधिकारियों और उनके परिवारों के मानवीय पहलुओं व संघर्षों को भी गहराई से दिखाती है। इसमें सिद्धार्थ (स्कवाड्रन लीडर अजय आहूजा की भूमिका में), जिमी शेरगिल, अभय वर्मा और मिहिर आहूजा जैसे प्रमुख कलाकार नजर आएंगे। यह सीरीज 7 अगस्त को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है।
कमजोर डॉलर से सोने और चांदी में तेजी, कीमतें करीब एक प्रतिशत तक बढ़ीं

मुंबई। सोने और चांदी की शुरुआत सोमवार को तेजी के साथ हुई। इस दौरान दोनों कीमती धातुओं में करीब एक प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,41,511 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,42,002 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 10:20 पर यह 403 रुपए या 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,41,914 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,41,550 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,42,002 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है। सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखने को मिली है। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,17,198 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,17,995 रुपए प्रति किलो पर खुला। अब तक के कारोबार में चांदी 2,149 रुपए या 0.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,19,347 रुपए प्रति किलो पर थी। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,17,683 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,19,399 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,120 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 58.51 डॉलर प्रति औंस पर थी। जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह डॉलर इंडेक्स का कमजोर होना है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध रुकने से कच्चे तेल की कीमत नीचे आई है, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग घट गई है और डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है। डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल में भी कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक, कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83.20 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.06 डॉलर प्रति बैरल पर था।
देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़; रांची के पहाड़ी बाबा, भागलपुर के भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे श्रद्धालु

रांची। सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। रांची के पहाड़ी बाबा मंदिर, देवघर और बिहार के भूतनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पहाड़ी बाबा मंदिर में मैनेजमेंट कमेटी के राजकुमार शर्मा ने आईएएनएस से बताया कि देवघर के बाद पूरे झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय यही (पहाड़ी बाबा मंदिर) है। यह ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर है। जिला प्रशासन और रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति की ओर से व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की ओर से 120 सीसीटीवी कैमरे अतिरिक्त लगाए गए हैं। सीसीटीवी के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। बाबा को सोमवार का दिन सबसे प्रिय है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने आईएएनएस से कहा कि पहाड़ी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु आकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। व्यवस्था अच्छी की गई है। सावन के महीने में श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के लिए बाबा के दर्शन करेंगे और जलाभिषेक करेंगे। पहाड़ी बाबा के दर्शन करने आए श्रद्धालु अभिषेक यादव ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बाबा से प्रार्थना की है, सभी कुछ सही से चले और माता-पिता स्वस्थ रहें और समाज सकारात्मक दिशा की ओर बढ़े। एक और श्रद्धालु अमन कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य अच्छा रहे और परिवार के लोग भी स्वस्थ रहें, बाबा से यही प्रार्थना की है। वहीं, बिहार के भागलपुर जिले में पवित्र श्रावण महीने के पहले सोमवार को ऐतिहासिक 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों भक्त उमड़े। तिरुपति नाथ के भूतनाथ महादेव मंदिर के महंत ने आईएएनएस से कहा, “भूतनाथ मंदिर 700 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसे पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था।” महंत ने आगे बताया, “जब गंगा इस क्षेत्र में आईं और यहां श्मशान घाट स्थापित हुआ, तब से इस मंदिर को भूतनाथ के नाम से जाना जाने लगा। श्रावण का महीना विशेष महत्व रखता है। हिंदू मान्यता के अनुसार इसी महीने में समुद्र मंथन के दौरान विष निकला था।
एनसीआर में सावन के पहले सोमवार पर बारिश के आसार, 4 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी

नई दिल्ली। सावन के पहले सोमवार पर दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को मौसम राहत देने वाला रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार, 4 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि पूरे सप्ताह आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 3 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा और हल्की बारिश हो सकती है। इस दिन किसी प्रकार की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, 4 अगस्त को भी अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हालांकि इस दिन मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वाह्न, अपराह्न और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम आर्द्रता 90 प्रतिशत और न्यूनतम 75 प्रतिशत रह सकती है, जिससे उमस का असर अधिक महसूस होगा। इसके बाद 5 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 6 अगस्त को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के आसार हैं। 7 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम आर्द्रता 95 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि न्यूनतम आर्द्रता 70 प्रतिशत रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। सप्ताह के अंतिम दिन 8 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। इस दिन भी सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर होने वाली बारिश से दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप निकलने पर सावधानी बरतने और बारिश के दौरान यातायात संबंधी सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
चार दिन का सत्र औपचारिकता न बने, जनहित के मुद्दों पर हो गंभीर चर्चा : मायावती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के सोमवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय मानसून सत्र को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उम्मीद जताई है कि सदन की कार्यवाही जनहित और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सत्र संकीर्ण दलगत राजनीति, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए, बल्कि प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर चर्चा का मंच बनना चाहिए। बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का मानसून सत्र आज दिनांक 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन दिनांक 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी। उन्होंने कहा कि हालांकि यह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर भी लोगों की यही अपेक्षा है कि यूपी विधानमंडल का यह सत्र, संसद के वर्तमान सत्र की तरह ही, देश व जनहित, जनकल्याण एवं जव्लन्त जन समस्याओं के प्रति समर्पित होने के बजाय, संकीर्ण दलगत राजनीति, खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप व हंगामा आदि की पूरी तरह से भेंट ना चढ़ जाए। मायावती ने कहा कि वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिंता भी स्वाभाविक ही है कि अफसरशाही (ब्यूरोक्रेसी) को संविधान के शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए यूपी के विधानमंडल का लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पायेगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जायेगी? बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के संविधान व यहां लोकतंत्र की मजबूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिए विधायिका की मजबूती अति-महत्वपूर्ण और इसके लिए सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण जरूरी है।