एमसीडी ने 41 ध्वस्तीकरण कार्रवाई, 61 संपत्तियां सील, 32 कारण बताओ नोटिस और 03 ध्वस्तीकरण आदेश जारी

नई दिल्ली।नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने शहर के सभी 12 जोनों में खतरनाक भवनों, अनधिकृत निर्माण तथा मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (एमपीडी) और भवन उपविधियों के उल्लंघन के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान को और तेज कर दिया है।आज चलाए गए व्यापक प्रवर्तन अभियान के तहत एमसीडी के सभी 12 जोनों में 41 ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गईं। इसके अलावा, 61 संपत्तियों को सील किया गया, 32 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 3 ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए। एमसीडी द्वारा कल भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई थी, जिसके दौरान मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली और भवन उपविधियों के उल्लंघन के कारण 46 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया तथा 20 अन्य संपत्तियों को सील किया गया।

प्रमुख ध्वस्तीकरण कार्रवाई

आज के अभियान के दौरान ईस्ट जोन के खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर क्षेत्रों में कई स्थानों पर प्रमुख ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई।

वेस्ट जोन में पश्चिम पुरी, मादीपुर में कार्रवाई के दौरान पहली से तीसरी मंजिल तक एक-एक रूफ पैनल को ध्वस्त/काट दिया गया। सुभाष नगर में एक रूफ पैनल काटने के साथ-साथ चौथी मंजिल की छत पर बने टॉयलेट ब्लॉक को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। सोम बाजार रोड, विपिन गार्डन, उत्तम नगर में भूतल के एक रूफ पैनल को ध्वस्त किया गया। आकाश विहार, बक्करवाला रोड के समीप स्थित एक संपत्ति को पूरी तरह ध्वस्त किया गया, जबकि नांगली विहार में पहली मंजिल के एक रूफ पैनल और दो दीवारों को ध्वस्त किया गया। निहाल विहार, नांगलोई में चौथी मंजिल के दो स्लैब पैनल ध्वस्त किए गए।

सेंट्रल जोन में मदनपुर खादर एक्सटेंशन स्थित G+5 भवन के विरुद्ध भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जहां पांचवीं मंजिल के चार पैनल काटे गए और इसके बाद भवन को सील कर दिया गया।

एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण, संपत्तियों के दुरुपयोग और खतरनाक संरचनाओं के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। कई अन्य संपत्तियों की भी पहचान कर ली गई है, जिनके विरुद्ध बड़े पैमाने पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघनों के विरुद्ध लागू कानूनों और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

दिल्लीभर में पीजी भवनों का व्यापक सर्वेक्षण

अपने निरंतर प्रवर्तन एवं नियामक अभियान के तहत एमसीडी ने दिल्लीभर में पेइंग गेस्ट आवासीय भवनों का व्यापक फील्ड सर्वेक्षण किया है। इसका उद्देश्य एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करना तथा आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करना है। अब तक किए गए सर्वेक्षण के दौरान लगभग 1,355 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में लगभग 27,000 लोग रह रहे हैं।

चांदनी चौक में बेसमेंट में संचालित 54 अवैध दुकानें सील

मॉनिटरिंग कमेटी/सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में एमसीडी ने आज, 10 सितंबर 2026 को चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी में संपत्ति संख्या 1167/1094, 1165/1103, 1153 और 1167/1095 के बेसमेंट में संचालित 54 अवैध दुकानों के विरुद्ध सीलिंग कार्रवाई की।यह कार्रवाई यूबीबीएल -2016 और एमपीडी -2021 के उल्लंघन में संचालित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध की गई, जिसमें अग्निशमन विभाग तथा अन्य सक्षम वैधानिक प्राधिकरणों से अनिवार्य स्वीकृतियां/अनापत्तियां प्राप्त न किया जाना भी शामिल है। किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। डीएमसी Act की धारा 345-A को धारा 347 के साथ पढ़ते हुए सीलिंग आदेश जारी किए गए, जिसके तहत सभी 54 अवैध दुकानों को सील कर दिया गया।एमसीडी ने दोहराया है कि अनधिकृत निर्माण, परिसरों के दुरुपयोग, खतरनाक संरचनाओं तथा अन्य उल्लंघनों के विरुद्ध दिल्लीभर में सख्त एवं निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। जनसुरक्षा तथा वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन एमसीडी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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