नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सभी 12 जोन के उपायुक्तों एवं एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों के साथ असुरक्षित, जर्जर एवं असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह एवं सदन के नेता जयभगवान यादव भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के विरुद्ध सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थायी समिति के सदस्यों एवं अन्य पार्षदों ने भी अवैध निर्माण तथा जर्जर एवं असुरक्षित इमारतों से संबंधित अपने सुझाव रखे।सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्य निकेतन की घटना से सबक लेते हुए सभी 12 जोन में असुरक्षित एवं जर्जर इमारतों का समयबद्ध सर्वे कर अत्यधिक जोखिम वाली इमारतों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाए। उन्होंने चिन्हित असुरक्षित इमारतों की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसमें सर्वे, नोटिस, सीलिंग, आंशिक/पूर्ण ध्वस्तीकरण तथा लंबित मामलों की जानकारी शामिल हो।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पुराने बाजारों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों के आसपास स्थित असुरक्षित इमारतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। जिन इमारतों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, उनमें नियमानुसार सीलिंग, खाली कराने तथा आंशिक अथवा पूर्ण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए।सत्य निकेतन भवन हादसे का संज्ञान लेते हुए उन्होंने भवन की अवैध पाँचवीं मंजिल के संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के कारण भवन की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
असुरक्षित एवं जर्जर इमारतों में संचालित पेइंग गेस्ट पीजी आवासों की भी होगी जांच
दिल्ली में संचालित पीजी आवासों के चल रहे सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी PG असुरक्षित अथवा जर्जर इमारत में संचालित न हो। ऐसे मामलों में भवन की सुरक्षा स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एमसीडी के अपने स्ट्रक्चरल इंजीनियर होने चाहिए
सत्या शर्मा ने कहा कि भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एमसीडी में अपने स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया, ताकि निगम स्तर पर ही भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का प्रभावी आकलन किया जा सके।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता, पार्षदों, आरडब्ल्यूए एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त असुरक्षित इमारतों संबंधी शिकायतों का समयबद्ध सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोकना है। सभी जोन को कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।