तमिलनाडु : सीएम विजय छठी से आठवीं कक्षा के लिए विस्तारित ‘कामराज नाश्ता योजना’ शुरू करेंगे

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार को थिरुवनमियूर के गांधीग्राम स्थित ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल में ‘पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम’ (नाश्ता योजना) के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन से पहले पूरे राज्य में तैयारियां चल रही थीं और सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कर्मचारी नाश्ता बना रहे थे। इस विस्तार से छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्र भी इस योजना के दायरे में आ जाएंगे, जिससे इसका लाभ केवल प्राथमिक स्कूल के बच्चों तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह नाश्ता कार्यक्रम मूल रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 2022 में सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए शुरू किया था। इसका उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटना, स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना और छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने के बजाय अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना था। बाद में इस योजना का विस्तार सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक किया गया। इस हालिया विस्तार से पहले, इसमें तमिलनाडु भर के 37,447 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 19.34 लाख छात्र शामिल थे। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद, इस कार्यक्रम का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री कामराज नाश्ता योजना’ कर दिया गया। बाद में विजय ने घोषणा की कि इसे छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं तक बढ़ाया जाएगा, जिससे 15.30 लाख और छात्र इसके दायरे में आ जाएंगे। इस विस्तार के बाद, कार्यक्रम से कुल 34.64 लाख छात्रों को लाभ होगा जो 44,984 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे हैं। राज्य सरकार ने विस्तारित योजना को लागू करने के लिए अतिरिक्त 217.63 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। शुरुआत में इसे 17 सितंबर को लॉन्च किया जाना था, जो समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती है। हालांकि, इसे टाल दिया गया क्योंकि मुख्यमंत्री तमिलनाडु में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए लंदन गए हुए थे। यह योजना मंगलवार से पूरे राज्य में लागू की जाएगी, सिवाय चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों के, जहां क्रमशः मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं। तय साप्ताहिक मेनू के अनुसार, छात्रों को सोमवार को उपमा, मंगलवार को खिचड़ी, बुधवार को पोंगल और गुरुवार को फिर से उपमा परोसा जाएगा। शुक्रवार को मीठा व्यंजन परोसा जाएगा। स्कूल अधिकारियों और खाना बनाने वाले कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि भोजन साफ-सुथरे तरीके से पकाया जाए और समय पर परोसा जाए। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस व्यापक दायरे से मिडिल स्कूल के छात्रों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के पोषण, उपस्थिति और सीखने के परिणामों में सुधार होगा।
डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी रहे समर्थ बेनीवाल बोले-हर कमजोरी और कमी को दूर किया जाएगा

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव नतीजों, एनएसयूआई में टिकट बंटवारे की प्रक्रिया और कन्हैया कुमार को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार समर्थ बेनीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए एनएसयूआई के खराब प्रदर्शन पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “जैसे कि एनएसयूआई ने कहा है, कई वजहें थीं जिन पर हम चर्चा करेंगे, सोच-विचार करेंगे और समाधान खोजने के लिए उनका विश्लेषण करेंगे। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर होगा कि भविष्य में ऐसी कमियां दोबारा न हों। चुनाव में हार-जीत तो होती रहती है लेकिन एनएसयूआई यह पक्का करेगा कि आगे बढ़ते हुए हर कमजोरी और कमी को दूर किया जाए।” समर्थ बेनीवाल ने मद्दों पर बातचीत करते हुए कहा, “सबसे पहले तो जवाबदेही की बात है। चाहे सत्य निकेतन हो या कोई और जगह, हमने हर जगह दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। हालांकि, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई जवाबदेही दिखाई। इसके अलावा, हॉस्टल की उपलब्धता और छात्रों के लिए साफ पीने के पानी की कमी भी बड़े मुद्दे रहे। ये वे मुख्य मुद्दे थे जिन्हें हम सीधे छात्रों के पास ले गए।” एनएसयूआई की हार पर उन्होंने कहा, “हम लोगों ने पूरी कोशिश की और लड़ना सबसे जरूरी है। एनएसयूआई विद्यार्थियों के लिए पहले भी लड़ रही थी, अब भी लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। छात्र हितों के लिए लड़ना सबसे जरूरी चीज है। हम लोगों ने चुनाव भी बड़े जोर-शोर से लड़ा और एनएसयूआई ने यह एक उदाहरण सेट किया कि पहली बार डूसू में अध्यक्ष पद के लिए एक आदिवासी समाज के लड़के को टिकट दिया गया। चुनाव परिणाम कुछ भी रहा हो, लेकिन एनएसयूआई की विचारधारा दिन ब दिन मजबूत हो रही है। कन्हैया कुमार पर एनएसयूआई को ‘चौपट’ करने वाले आरोप पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “अगर किसी भी आरोप से सबूत नहीं हैं तो वे झूठे आरोप हैं। हमको हवा में बातें नहीं करनी चाहिए कि उनकी वजह से ऐसा हुआ है। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कहा, “इस कार्यक्रम का जमीन पर असर दिख रहा है। इसको लेकर किसी को कोई बयान देने की जरूरत नहीं है। इसको लेकर भाजपा और उनके संगठन भी चुप हो चुके हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोगों का सैलाब उमड़ा है। राहुल गांधी सुनने लायक मुद्दा उठा रहे हैं।
बांग्लादेश : डेंगू से सितंबर में सबसे ज्यादा मौतें, 87 ने तोड़ा दम

ढाका। बांग्लादेश में सितंबर में अब तक डेंगू से 87 लोगों की मौत हो चुकी है, जो इस साल डेंगू से होने वाली मौतों का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है। बांग्लादेश में रविवार सुबह 8:00 बजे तक पिछले 24 घंटों में डेंगू से छह और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही, इस साल देश में डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या 184 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के डीजीएचएस आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,593 नए मामले सामने आने के बाद, जनवरी से अब तक डेंगू के कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 61,972 हो गई है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल हुई मौतों में सितंबर में अब तक 87, अगस्त में 43, जुलाई में 36 और जून में 13 मौतें शामिल हैं। डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी से 20,536 लोग संक्रमित हुए थे, जबकि सितंबर के पहले 20 दिनों में डेंगू के 26,126 और मामले दर्ज किए गए। बांग्लादेश सरकार ने इस बीमारी को रोकने के लिए इस महीने की शुरुआत में तीन महीने का अभियान शुरू किया था। डेंगू बुखार, जो एडीज मच्छरों से फैलने वाली एक वायरल बीमारी है, एक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इसके लक्षणों में आमतौर पर सिरदर्द, तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, ग्रंथियों में सूजन, उल्टी और रैशेज (त्वचा पर चकत्ते) शामिल हैं। इस बीच, बांग्लादेश के दैनिक समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू देश के सभी 64 जिलों में फैल चुका है। मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी की चपेट में आने के बाद हर दिन सैकड़ों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस बीमारी से, जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है, लगभग हर दिन मौतें भी हो रही हैं। 9 सितंबर को ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री एमए मुहित ने कहा कि डेंगू के संक्रमण पहले ही बढ़ने लगे हैं और सितंबर के आखिरी हफ्ते और अक्टूबर की शुरुआत में इसके चरम पर पहुंचने की उम्मीद है। डेंगू के बढ़ते संक्रमण और मौतों पर सालों से मीडिया रिपोर्ट और चर्चाओं के बावजूद, डेंगू की रोकथाम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की कमी साफ दिखाई देती रही है। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी कमजोरी तालमेल की कमी रही है।
यूपी का विभाजन एक दिन होना निश्चित, राजभर का बेटा होगा पूर्वांचल में पहला सीएम : ओम प्रकाश राजभर

अंबेडकर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। अंबेडकर नगर में आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के बंटवारे को तय बताया और दावा किया कि पूर्वांचल राज्य बनने पर पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बातचीत में उत्तर प्रदेश के विभाजन और नेतृत्व को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी विशाल आबादी को देखते हुए आज नहीं तो कल, इसका विभाजन होना निश्चित है। जिस दिन उत्तर प्रदेश चार भागों में बंटेगा, उस दिन पूर्वांचल की आबादी के आधार पर यह तय हो जाएगा कि हमारा गठबंधन जिससे भी होगा, उसमें पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज का ही बेटा बनेगा।” इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राहुल गांधी पर महिलाओं का सम्मान न करने के आरोप का समर्थन करते हुए राजभर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “उन्होंने सही कहा है कि अगर राहुल गांधी महिलाओं का सम्मान करते तो जो महिलाओं के लिए बिल आया था कि 33 प्रतिशत रिजर्वेशन महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में सीटें सुरक्षित कर दी जाएं, तो उसका विरोध नहीं करते, समर्थन में रहते। चाहे अखिलेश यादव हों, चाहे राहुल गांधी हों, ये सारे लोग महिलाओं के अधिकार के विरोधी हैं।” अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन की अटकलों पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “वो गठबंधन नहीं करेंगे, वो भ्रम में न रहें। मुसलमानों के नेता अखिलेश यादव और राहुल यादव अपने को मानते हैं। ओवैसी तो चाह रहे हैं कि मुसलमान का बेटा मुख्यमंत्री बने। ये न तो अखिलेश यादव को पसंद है, न तो राहुल को पसंद है, तो कैसे ये लोग गठबंधन करेंगे।” वहीं, समाजवादी पार्टी को निशाना बनाने वाले पोस्टरों का समर्थन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा ने अपने शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे अपराधियों को बढ़ावा दिया। राजभर ने कहा कि सपा की सरकार में अपराध और माफियाराज चरम पर था।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटर्स का दमदार प्रदर्शन जारी, हिमांशु ने सिल्वर और रुद्राक्ष ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत ने दो पदक हासिल किए। एक कड़े मुकाबले के बाद हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल और रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हिमांशु ने कुल 252.4 प्वाइंट्स अर्जित किए और वह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रुद्राक्ष 230.9 प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे। चीन के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 के गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता और सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव किया। आठ खिलाड़ियों के फाइनल में भारतीय जोड़ी शुरू से ही मेडल की दौड़ में बनी हुई थी, जिसमें रुद्राक्ष ने बहुत अच्छी शुरुआत की। शुरुआती 10 शॉट्स के बाद वह 106.0 प्वाइंट्स के साथ सबसे आगे थे, उनके बाद शेंग 104.9 प्वाइंट्स और हिमांशु 104.8 प्वाइंट्स के साथ थे। एलिमिनेशन राउंड शुरू होने पर भी भारतीय खिलाड़ी टॉप दो स्थानों पर काबिज रहे। रुद्राक्ष आगे बने रहे, जबकि हिमांशु ने लगातार अच्छे स्कोर किए, जिसमें लगातार 10.9 प्वाइंट्स के स्कोर भी शामिल थे, जिससे वह दूसरे स्थान पर आ गए। शेंग ने जैसे-जैसे अंतर कम किया, बढ़त बार-बार बदलती रही। दूसरे एलिमिनेशन के बाद भी रुद्राक्ष टॉप पर थे और हिमांशु तीसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरकार चीनी शूटर पहले स्थान पर आने में सफल रहा। जब मुकाबले में सिर्फ चार शूटर बचे थे, तब मंगोलिया के बयारा न्यंतई के बाहर होने के साथ ही भारत का डबल पोडियम स्थान पक्का हो गया। उस समय चीन के शेंग 211.6 अंकों के साथ पहले स्थान पर थे, जबकि भारत के रुद्राक्ष 210.6 और हिमांशु 210.0 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रहे थे। इससे भारत के दो पदक सुनिश्चित हो गए। इसके बाद सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला शेंग के पीछे पूरी तरह से भारतीयों के बीच सिमट गया। हिमांशु ने रुद्राक्ष से बढ़त बना ली, जब उन्होंने 10.8 प्वाइंट्स का स्कोर किया और रुद्राक्ष ने 9.7 प्वाइंट्स का स्कोर किया, जिससे रुद्राक्ष तीसरे स्थान पर खिसक गए। रुद्राक्ष ने एलिमिनेशन शॉट पर 10.6 प्वाइंट्स के साथ वापसी की कोशिश की, लेकिन हिमांशु ने 10.4 प्वाइंट्स के साथ अपनी स्थिति बनाए रखी। शेंग ने आखिरी शॉट में 10.6 का स्कोर करके गोल्ड मेडल पक्का किया और 254.2 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ मुकाबला खत्म किया। हिमांशु, जिन्होंने अपने दूसरे आखिरी शॉट से शेंग की बढ़त को 1.8 प्वाइंट तक कम कर दिया था, 252.4 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष ने कुल 230.9 का स्कोर करके ब्रॉन्ज मेडल जीता।
दिल्ली के सदर बाजार इलाके में नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। सदर बाजार इलाके में एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो और बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 16 सितंबर की रात को एक दुकानदार के नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न की घटना के बारे में पीसीआर कॉल मिली थी। तुरंत ही सदर बाजार थाने की टीम और सदर बाजार व महिला पुलिस स्टेशन के एसीपी मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि नाबालिग पीड़िता रात करीब 11 बजे स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए घर से निकली थी, तभी पड़ोस की दुकान में मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर दुकान के अंदर बुलाया। इसके बाद उसने नाबालिग लड़की के हाथ-पैर बांधे और उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उत्तरी जिले के महिला पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई और 56 वर्षीय आरोपी मकसूद को उसी दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को बहुत संवेदनशीलता के साथ संभाला गया और उत्तरी जिले का महिला थाना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की किसी भी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले, दिल्ली में एक 17 साल की लड़की के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया। यह मामला 13 सितंबर को सामने आया, जब उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक बुरी तरह सड़ी-गली लाश मिली। हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का। जांच में पीड़िता की पहचान की गई। बाद में पता चला कि इस वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया, जिनमें तीन नाबालिग हैं। आरोपियों ने बाद में लड़की के शव को खुले इलाके में फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई थी।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भड़की भाजपा, तरुण चुघ बोले- हताशा में अपना स्तर गिरा रहे हैं

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया और इसे हताशा व वैचारिक दिवालियापन की पराकाष्ठा करार दिया। भाजपा सांसद तरुण चुघ से लेकर प्रवक्ता शाजिया इल्मी तक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हार से वह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और अब स्तरहीन राजनीति पर उतर आए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा, “हताशा, निराशा और गुस्से में राहुल गांधी दिन-ब-दिन अपनी राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं। मेरा मानना है कि बार-बार हारने की वजह से राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।” वहीं, आध्यात्मिक गुरु, ज्योतिषी और श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर परमहंस दाती महाराज ने कहा, “यह भारत है, और भारत रिश्तों का बरगद है। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि सनातन हमेशा इस सिद्धांत पर कायम है कि मां तो मां होती है, और जो भी इंसान अपनी मां का सम्मान करता है, वह बहुत खुशकिस्मत है। सनातन में ऐसी बातों के लिए कोई जगह नहीं है। जो इंसान ऐसी बातें करता है, वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।” भाजपा नेता सुनील देवधर ने कहा कि मां सबसे महान होती हैं। यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी किसी से पूछो तो मां को सबसे महान माना जाता है। कोई भी अपनी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा, यहां तक कि इटली में भी, जहां से उसकी मां आई है। बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि शराफत की सारी हदें पार हो गई हैं। यह बचकाना बर्ताव है और हमारा मानना है कि इससे प्रधानमंत्री की भावनाओं को ठेस पहुंची है, जो पूरे देश और इसके 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उनके कामों से देश को शर्मिंदगी हुई है। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह एक कॉमेडियन था। वह सिर्फ कॉमेडी कर रहा था। किसी ने मां का मजाक नहीं उड़ाया। भाजपा नेताओं में अक्ल की कमी है। वे कॉमेडी और गंभीरता के बीच का फर्क नहीं समझ पा रहे हैं। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि झूठ की आवाज ज्यादा दिन नहीं टिकती। जो लोग हमारे सांस्कृतिक मूल्यों से सहमत नहीं हैं, उन्हें हमारे वेजिटेरियनिज्म से दिक्कत है। उन्हें हमारे दीयों से दिक्कत है। उन्हें हमारी दीपावली से दिक्कत है। उन्हें दीपावली के पटाखों से दिक्कत है, लेकिन उन्हें सालों तक दुनिया भर में गिरने वाली मिसाइलों से दिक्कत नहीं है। उन्हें हमसे ज्यादा दिक्कत है। उन्हें दीयों से दिक्कत है, लेकिन शराब से नहीं। उन्हें शराब से दिक्कत नहीं है, लेकिन शाकाहारी भोजन से दिक्कत है। लोगों को पता चल गया है कि राहुल गांधी असल में क्या चाहते हैं। जो भाषा बोली जा रही है, उसे देश और दुनिया सुन रही है, और वे सही एक्शन भी लेंगे। भाजपा की प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि राहुल गांधी क्या चाहते हैं? क्या वे लोकतंत्र खत्म करना चाहते हैं? क्या वे कानून का राज हटाना चाहते हैं? क्या वे संविधान खत्म करना चाहते हैं? सिस्टम क्या है? सिस्टम लोकतंत्र है। यह एक रिपब्लिक है, जहां लोग वोट करते हैं, और हर एक इंसान के वोट का बराबर महत्व होता है तो वह क्या चाहते हैं? क्या वह सिस्टम को खत्म करके नेपाल जैसे हालात बनाना चाहते हैं? वह क्या बनाना चाहते हैं? नेपाल या पाकिस्तान। इस देश को कौन चलाएगा? उनके दिमाग में क्या है? क्या हमें देश चलाने के लिए जॉर्ज सोरोस को यहां लाना चाहिए? शाजिया इल्मी ने आगे कहा कि मां राजनीति का मुद्दा नहीं है। जब भी आप किसी बुजुर्ग औरत या किसी की मां के बारे में बात करते हैं तो आपको उन्हें कभी भी मनोरंजन के लिए एक कैरेक्टर के तौर पर नहीं देखना चाहिए। मुझे लगता है कि यह भद्दे और ओछे व्यवहार का एक नया स्तर है, और स्टैंडर्ड्स लगातार गिर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी स्टूडेंट इससे कभी सहमत हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक बुजुर्ग, कमजोर औरत की बेइज्जती करना, बार-बार मां की बेइज्जती करना और उन्हें टारगेट करना, बहुत अफसोस की बात है। मुझे ऐसी सोच के लिए बहुत दुख होता है। वहीं, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जेन-जी और जेन अल्फा के सम्मान के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया। राहुल गांधी के साथ भाजपा की बी टीम, जो कांग्रेस के भीतर है, हमेशा विश्वासघात करती है। राहुल गांधी को ऐसे लोगों को तवज्जो नहीं देना चाहिए और उन्हें पद से हटाना चाहिए। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह मिमिक्री का विषय हो सकता है, यह हंसी का विषय हो सकता है, एक बार वीडियो देखें और ध्यान दें। बस अपनी मां को याद करें, और अगर कोई किसी मां को कुर्सी पर बैठने के लिए कहे तो क्या यह हंसी का विषय भी हो सकता है? मेरा मतलब है, मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे क्या कहना चाहते हैं। भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने कहा कि एक बुजुर्ग महिला, एक बुजुर्ग मां की नकल करके राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की माताओं समेत देश की सभी माताओं का अपमान किया है। सच तो यह है कि राहुल गांधी को बचपन में उनके माता-पिता ने सही संस्कार नहीं दिए। अगर उन्हें एक-दो थप्पड़ मारकर अनुशासन सिखाया गया होता, तो आज वे इतने बेशर्म नहीं होते। यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि ऐसा इंसान विपक्ष का नेता बन गया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अल नीनो से एक चुनौती के तौर पर निपटने का आह्वान किया

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को अल नीनो की स्थिति से एक चुनौती के तौर पर निपटने का आह्वान किया। उन्होंने अल नीनो के असर से निपटने के लिए कम समय और मध्यम अवधि की योजनाएं अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने अल नीनो के असर, स्थिति से निपटने के लिए जरूरी उपायों और कार्य योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, कर्मचारियों और रायथु सेवा केंद्रों के कर्मियों के साथ टेलीकांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में बारिश में 50.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बारिश में सबसे ज्यादा कमी प्रकाशम, अन्नमय्या और सत्य साईं जिलों में देखी गई है। खरीफ सीजन के दौरान 30.84 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती की योजना बनाई गई थी, लेकिन अल नीनो के असर के कारण 79 प्रतिशत जमीन पर खेती का काम शुरू हो पाया है। हालांकि दालों की खेती संतोषजनक है, लेकिन तिलहन की खेती कम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे किसानों की मदद करने और कीमतों को काबू में रखने पर ध्यान दें। अधिकारियों को चावल, प्याज, पाम ऑयल और अरहर दाल की कीमतों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हमने अल-नीनो की स्थिति का पहले ही अंदाजा लगा लिया था। सभी को पहले से तैयार एक्शन प्लान के मुताबिक काम करना चाहिए। अल-नीनो का असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं, बल्कि सभी सेक्टर पर पड़ता है। किसानों को अल-नीनो के असर से बचाने की कोशिश करते हुए, कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के उपाय भी किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने ज्यादा जोखिम वाले आरएसके इलाकों में बागवानी फसलों की मदद के लिए आवंटित फंड का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने बाजार की मांग के आधार पर फसलें उगाने पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हमने फसल बीमा का इंतजाम किया है। अगर फसल का नुकसान होता है, तो हमें यह पक्का करना होगा कि बीमा का पैसा किसानों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को चावल के स्टॉक की जांच करने और कीमतों को काबू में रखने के लिए चावल का स्टॉक बाजार में जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हम अभी प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए अलग-अलग इलाकों से प्याज खरीद रहे हैं। भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए प्याज की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। पाम ऑयल और अरहर दाल की कीमतों को काबू में रखने के लिए जो फैसले पहले ही लिए जा चुके हैं, उन्हें तेजी से लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे किचन गार्डन को बढ़ावा दें और यह पक्का करें कि सब्जियां सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (स्वयं-सहायता समूहों) द्वारा चलाए जा रहे किचन गार्डन में उगाई जाएं। उनका मानना है कि इससे सब्जियों की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी। यह बताते हुए कि केंद्र सरकार कुछ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देती है, उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में केंद्र के साथ तालमेल बिठाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह पक्का करे कि आपदाओं के समय जनता पर बुरा असर न पड़े। ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए जिनमें अधिकारियों की लापरवाही की वजह से किसानों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़े।
विदेश में भारतीय मिशनों ने सेवा पखवाड़ा के तहत ‘विकसित भारत रन 2026’ का आयोजन किया

फ्रैंकफर्ट। यूरोप भर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा के तहत भारतीय मिशनों ने रविवार को ‘विकसित भारत रन 2026’ का आयोजन किया। इसी कड़ी में फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने जर्मन फुटबॉल की शासी निकाय के मुख्यालय में दौड़ का आयोजन किया। भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जर्मनी में भारत (महावाणिज्य दूतावास फ्रैंकफर्ट) ने 20 सितंबर 2026 को जर्मनी के ड्यूशर फुसबॉल बुंड (डीएफबी) ईवी में ‘विकसित भारत रन 2026’ का आयोजन किया। भारतीय प्रवासियों के सदस्यों ने विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का जश्न मनाने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। महावाणिज्य दूत शुचिता किशोर ने बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद किया और उन्हें 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।” वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दौड़ की शुरुआत विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रयास करने और योगदान देने की प्रतिज्ञा के साथ हुई, जबकि भारत की परंपराओं, संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाया गया और इसके बाद मानव सदाना द्वारा चोट-मुक्त रन के लिए टिप्स और वार्म-अप प्रथाओं पर एक छोटा सत्र आयोजित किया गया।” दूतावास ने कहा, “फिटनेस, समुदाय और विकसित भारत की भावना ज्यूरिख में एक साथ आई जब दूतावास ने युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से सेवा पखवाड़ा के तहत विकसित भारत रन का आयोजन किया। भारतीय प्रवासियों के सदस्यों, छात्रों और भारत के मित्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे यह आयोजन सक्रिय जीवन और सामुदायिक जुड़ाव का एक जीवंत उत्सव बन गया।” इसमें कहा गया, “ज्यूरिख में विकसित भारत रन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई, जिसने प्रतिभागियों को एकता, गर्व और समुदाय की साझा भावना में एक साथ लाया। सेवा पखवाड़ा के हिस्से के रूप में आयोजित, इस कार्यक्रम ने स्विट्जरलैंड में भारतीय समुदाय की ऊर्जा और उत्साह को दर्शाया।” स्कॉटलैंड में महावाणिज्य दूतावास ने ग्लासगो में दौड़ का आयोजन किया, जिससे भारतीय समुदाय एक साथ आया। स्कॉटलैंड में भारत के महावाणिज्यदूत ने कहा, “सेवा पखवाड़ा 2026 के हिस्से के रूप में, ‘विकसित भारत रन- राष्ट्र की सेवा के लिए सामुदायिक दौड़’ का सफलतापूर्वक आयोजन रूकेन ग्लेन पार्क, ग्लासगो में किया गया, जिसमें भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारत के मित्रों को फिटनेस, एकता और राष्ट्र-निर्माण के जोशपूर्ण उत्सव में एक साथ लाया गया।
भाजपा मुख्यालय में ‘प्रकोष्ठ–संकुल राष्ट्रीय कार्यशाला’, नितिन नवीन ने संगठन को मजबूत करने की समीक्षा की

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में हुई एक संगठनात्मक बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा मुख्यालय में ‘प्रकोष्ठ–संकुल राष्ट्रीय कार्यशाला’ में संगठनात्मक गतिविधियों, प्रकोष्ठों की भूमिका और आगे की कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया कि भाजपा मुख्यालय में ‘प्रकोष्ठ–संकुल राष्ट्रीय कार्यशाला’ में संगठनात्मक गतिविधियों, प्रकोष्ठों की भूमिका और आगे की कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बताया गया कि चर्चा का मुख्य उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठन को मजबूत करना था। इसमें अलग-अलग प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियों को समझने और उनके बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पार्टी की पहुंच और आंतरिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला भाजपा की संगठनात्मक व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। ऐसी बैठकों का उद्देश्य विशेष प्रकोष्ठों की गतिविधियों को पार्टी के व्यापक लक्ष्यों के साथ जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि पार्टी के कार्यक्रम जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचें। नितिन नवीन की पोस्ट से पता चलता है कि पार्टी नेतृत्व योजनाबद्ध तरीके से काम करने और मिलकर विचार-विमर्श करने पर जोर दे रहा है। अलग-अलग प्रकोष्ठों की भूमिका की समीक्षा करके पार्टी अपने संगठन में जिम्मेदारियों और जवाबदेही को बेहतर बनाना चाहती है। भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी आने वाली राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के लिए पहले से तैयारी कर रही है। भाजपा परंपरागत रूप से अपने कार्यकर्ता आधारित संगठन और समाज के अलग-अलग वर्गों तथा विभिन्न विषयों से जुड़े विशेष प्रकोष्ठों के कामकाज पर विशेष जोर देती रही है। इस तरह की कार्यशालाएं कामकाज की समीक्षा करने, कमियों की पहचान करने और आने वाले महीनों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने का मंच प्रदान करती हैं। नितिन नवीन ने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद से वह देशभर में पार्टी की विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों के साथ लगातार संपर्क और चर्चा कर रहे हैं। सेल-क्लस्टर राष्ट्रीय कार्यशाला के लिए पार्टी मुख्यालय में उनकी मौजूदगी से संगठन को अंदरूनी तौर पर मजबूत करने और पार्टी की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल पर दिए जा रहे जोर का पता चलता है।