जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई

गाजियाबाद। कलैक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ की अध्यक्षता एवं नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस दौरान जिलाधिकारी महोदय द्वारा महात्मा गांधी के चित्र का अनावरण किया गया तथा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर एडीएम ई ज्योति मौर्या, एडीएम एफ/आर अंजनी कुमार सिंह, एडीएम एल/ए अवनीश सिंह, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एडीएम जे अंजली गंगवार, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी, एसडीएम राजेन्द्र, डीआईओ योगेन्द्र प्रताप सिंह, आबकारी अधिकारी संजय सिंह, डीएसओ अमित तिवारी सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रमोद कुमार द्वारा किया गया। महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात शासनादेश के क्रम में श्रीराम भजन प्रस्तुत किया गया। तदुपरांत आबकारी अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम ई सहित अन्य अधिकारियों द्वारा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन परिचय एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उनसे सीख लेने तथा उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। जिलाधिकारी ने महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों को आत्मसात करने का किया आह्वान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ द्वारा सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती की सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। उन्होंने गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों एवं सिद्धांतों को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि वर्तमान में हमारा देश महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है, जिसका परिणाम यह है कि आज देश में शांति एवं खुशहाली है और देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को महापुरुषों के विचारों का अनुसरण करते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। हमें अपने आस-पास स्वच्छता एवं शुद्धता का वातावरण बनाए रखना चाहिए तथा दूसरों को भी इसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम सभी को देशहित, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जनहित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण सहित अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में अपना सक्रिय सहयोग देना चाहिए। जिलाधिकारी ने दिलाई स्वच्छता की शपथ जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन के उपरान्त सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि महात्मा गाँधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनैतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना भी थी। महात्मा गाँधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर माँ भारती को आजाद कराया। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें। मैं शपथ लेता हूँ कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूँगा और उसके लिये समय दूँगा। हर वर्ष 100 घण्टे यानी हर सप्ताह 2 घण्टे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूँगा। मैं न गन्दगी करूँगा न किसी को करने दूँगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मुहल्ले से, मेरे गाँव से एवं मेरे कार्य स्थल से शुरूआत करूँगा। मैं मानता हूँ कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहाँ के नागरिक गन्दगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस विचार के साथ मैं गाँव-गाँव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूँगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूँ, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाऊँगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घण्टे दें, इसके लिए प्रयास करूँगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।

जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में मनाई गई शास्त्री वह महात्मा गांधी की जयंती

गाजियाबाद। 2 अक्टूबर गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर जिला सूचना अधिकारी गाजियाबाद योगेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सूचना विभाग के समस्त कर्मचारियों द्वारा महात्मा गांधी जी व लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। जिला सूचना अधिकारी ने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए उनसे प्रेरणा लेने हेतु सभी कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए उन महापुरुषों को याद किया।इस अवसर पर कार्यालय कनिष्ठ बाबू मोहम्मद इदरीश, राकेश कुमार, रवि कुमार, दीपांशु कुमार एवं धन सिंह उपस्थित रहे।

भाजपा ओबीसी मोर्चा के वार्ड-55 के मंडल अध्यक्ष बने उमेश साहू, शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार

नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी जिला केशवपुरम ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष लोकेश चंदेला ने उमेश साहू की संगठन के प्रति निष्ठा और बेहतरीन कार्यों को देखते हुए उन्हें वार्ड नंबर-55 का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है।अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए नवनियुक्त ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष उमेश साहू ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का सहृदय धन्यवाद किया। उन्होंने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सीएम रेखा गुप्ता एवं जिला अध्यक्ष अजय खटाना का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर उमेश साहू ने कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास जताते हुए यह नई जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाऊंगा। मेरा मुख्य लक्ष्य भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों, विचारधारा और कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा।उमेश साहू के मंडल अध्यक्ष बनने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है तथा सभी ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

श्रम और सेवा से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी : योगिता सिंह

नई दिल्ली।भाजपा की प्रदेश महामंत्री और सेवा संकल्प अभियान की प्रदेश संयोजक योगिता सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत देशबंधु अपार्टमेंट, कालकाजी में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों स्वच्छाग्रहियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने अपने श्रम और सेवा के माध्यम से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। निगम पार्षद योगिता सिंह ने एकजुटता, सहभागिता और संकल्प के साथ कालकाजी और दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में निरंतर योगदान देने की अपील किया । इस मौके पर कालकाजी मंडल भाजपा अध्यक्ष विनीता नवल, प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा आईटी प्रमुख प्रदीप जैन, मंडल महामंत्री विक्की सिंह फौगाट, राजेश गोयल, रेणु मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने WCOG 2026 का उद्घाटन किया, पाचन स्वास्थ्य पर वैश्विक ध्यान केंद्रित

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस (WCOG) 2026 का उद्घाटन किया। यह पहला अवसर है जब वैश्विक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस भारत में आयोजित की जा रही है। चार दिवसीय इस कांग्रेस में 61 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिसमें चिकित्सक और शोधकर्ता जठरांत्र (जीआई) एवं यकृत रोगों के बढ़ते और बदलते बोझ से निपटने के लिए एक साथ आए हैं।उद्घाटन दिवस पर “जीआई स्वास्थ्य के 10 सूत्र” (10 Commandments for GI Health) जारी किए गए। यह भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई साक्ष्य-आधारित सिफारिशों का एक समूह है। ये सिफारिशें रोकथाम, जोखिम कारकों और लक्षणों की पहचान तथा समय पर चिकित्सकीय जांच पर केंद्रित हैं। विशेषज्ञों ने आह्वान किया कि ये संदेश सभी देशों और समुदायों के लोगों तक पहुंचें, ताकि जठरांत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता मजबूत हो और समय पर उपचार को प्रोत्साहन मिले।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा: “जठरांत्र स्वास्थ्य पोषण, चयापचय (मेटाबोलिक) स्वास्थ्य, संक्रमण और कैंसर से निकटता से जुड़ा है, इसलिए यह व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत ने स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय क्षमताएं विकसित की हैं। WCOG 2026 की मेजबानी हमें यह अनुभव वैश्विक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी समुदाय के साथ साझा करने और अनुसंधान, नैदानिक अभ्यास तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के अवसर देती है।जठरांत्र रोग संक्रामक, चयापचयी, सूजन संबंधी और घातक (कैंसर) स्थितियों तक फैले हुए हैं, और ये जीवन के विभिन्न चरणों में तथा स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न परिवेशों में लोगों को प्रभावित करते हैं। जहां एच. पाइलोरी जैसे संक्रमण और परजीवी रोग रोग के महत्वपूर्ण कारण बने हुए हैं, वहीं चयापचयी यकृत रोग, सूजन आंत्र रोग (IBD) और जठरांत्र कैंसर नैदानिक तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंता के तेजी से महत्वपूर्ण क्षेत्र बनते जा रहे हैं। इनके प्रभाव को कम करने के लिए शीघ्र पहचान, उचित जांच (स्क्रीनिंग) और प्रभावी उपचार तक पहुंच केंद्रीय महत्व रखते हैं।भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निदान प्रौद्योगिकियों, जैव-चिकित्सा अनुसंधान और डेटा विज्ञान में हो रही प्रगति स्वास्थ्य सेवा के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। अब प्राथमिकता इन प्रगतियों को नैदानिक रूप से प्रमाणित समाधानों में बदलने की है, जिन्हें जनसंख्या के स्तर पर लागू किया जा सके। इसे हासिल करने में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी समुदायों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण होगा।निदान और उपचार में हो रही प्रगति जठरांत्र एवं यकृत रोगों के प्रबंधन को नया रूप दे रही हैअग्न्याशय (पैंक्रियास) और जठरांत्र कैंसर की पहले पहचान से लेकर अग्नाशयशोथ, MASLD, IBD, सीलिएक रोग और यकृत विफलता के लिए नए उपायों तक। एच. पाइलोरी उन्मूलन, सटीक जोखिम मूल्यांकन, उन्नत एंडोस्कोपी और आंत के माइक्रोबायोम की बढ़ती समझ भी नैदानिक अभ्यास को बदल रही है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंडोस्कोपी, EUS, अग्नाशय रोग, IBD और जठरांत्र गतिशीलता (मोटिलिटी) में नई संभावनाएं खोल रहा है, साथ ही नैदानिक सत्यापन, सुरक्षा और विनियमन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठा रहा है। IBD, कोलोरेक्टल कैंसर, MASLD, दीर्घकालिक (क्रोनिक) अग्नाशयशोथ और मानव माइक्रोबायोम पर भारत से हो रहे शोध वैश्विक साक्ष्य आधार में योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन और अति-प्रसंस्कृत (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड) खाद्य पदार्थों जैसे पर्यावरणीय कारकों के जठरांत्र स्वास्थ्य पर प्रभाव की समझ भी बढ़ रही है।डॉ. प्रमोद कुमार गर्ग, सह-अध्यक्ष, संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी), WCOG 2026 एवं अध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, तथा डॉ. गोविंद मखारिया, अध्यक्ष, स्थानीय आयोजन समिति, WCOG 2026 ने कहा: “जठरांत्र स्वास्थ्य एक वैश्विक चिंता का विषय है, जिसमें संक्रमण, चयापचयी और सूजन संबंधी रोग, कैंसर तथा दीर्घकालिक पाचन संबंधी स्थितियां शामिल हैं। भारत इस वैश्विक चर्चा में एक बड़ी और विविध रोगी आबादी, महत्वपूर्ण नैदानिक अनुभव और निरंतर बढ़ते शोध-आधार लेकर आता है। WCOG 2026 इस अनुभव को साझा करने के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों की प्रगति से सीखने का अवसर देती है, जिसका साझा उद्देश्य रोकथाम, शीघ्र निदान और रोगियों के लिए बेहतर परिणाम है।WCOG 2026 का आयोजन 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसका विषय है “जठरांत्र स्वास्थ्य में परिवर्तन, प्रकृति का संरक्षण” (Transforming Gastrointestinal Health, Preserving Nature)। इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और वर्ल्ड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ऑर्गनाइजेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तथा भारत के प्रमुख गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी संघों के सहयोग से हो रही यह कांग्रेस जठरांत्र एवं यकृत रोगों की रोकथाम, निदान और प्रबंधन पर वैश्विक तथा भारतीय दृष्टिकोण एक मंच पर ला रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला स्वच्छता अभियान

नई दिल्ली। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत  दिल्ली विश्वविद्यालय में स्वच्छता एवं जनभागीदारी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अन्य सहभागियों के साथ स्वच्छता अभियान में भागीदारी की। कार्यक्रम का संयोजन स्वच्छता ही सेवा 2026 के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह द्वारा किया गया। अभियान के तहत सुबह ग्वायर हॉल से दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय तक स्वच्छता गतिविधि एवं श्रमदान किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। स्वच्छता शपथ के साथ अभियान की शुरुआत कार्यक्रम के प्रारंभ में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) की निदेशक प्रो. पायल मागो ने उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की सहभागिता में विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप दिया। अभियान के दौरान स्वच्छ परिसर, स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों तथा नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ना है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर केवल श्रमदान ही नहीं किया बल्कि कमला नेहरू रिज क्षेत्र में सफाई एवं रखरखाव संबंधी कार्यों का भी जायजा लिया और स्वच्छता को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित नागरिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कमला नेहरू रिज क्षेत्र में वृक्षारोपण भी किया। स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण का संदेश भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वच्छता को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी के बजाय सामूहिक सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित करने का संदेश दिया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से यह संदेश सामने आया कि शैक्षणिक संस्थान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभियान में दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रंजन त्रिपाठी, प्रो. अनिल राय आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे|

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मालचा मार्केट में एनडीएमसी के स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लिया

नई दिल्ली।गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत मिशन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान के अंतर्गत मालचा मार्केट परिसर में विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, नित्यानंद राय ने इस स्वच्छता अभियान में भाग लिया और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हुए।विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), भारत सरकार, आनंद स्वरूप, एनडीएमसी अध्यक्ष, मनोज कुमार द्विवेदी, पालिका परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, मालचा मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता एवं नागरिक दायित्व के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।स्वच्छता अभियान में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन में स्वच्छता, अनुशासन और सार्वजनिक दायित्व को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया था। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 में इसी दिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था, जो आज एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।गृह राज्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण में व्यापक एवं दृश्यमान परिवर्तन लाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता का अभियान केवल घरों या व्यक्तिगत परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को अपने पड़ोस, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और व्यापक सामुदायिक क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।राय ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि व्यवहार एवं सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक जन आंदोलन है। उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया तथा प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम दस अन्य लोगों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में स्थायी और दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए जन भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राय ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में वृक्षारोपण की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पारिस्थितिक संरक्षण में योगदान देते हैं, बल्कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मालचा मार्केट परिसर में एक पौधा रोपित किया। गृह राज्यमंत्री  राय ने स्वच्छता कर्मियों के समर्पण और योगदान की भी सराहना की तथा उन्हें देश के स्वच्छता मिशन के अग्रिम पंक्ति के कर्मी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी प्रतिदिन अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन स्वच्छता बनाए रखने की व्यापक जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की भी है। उन्होंने आम जनता से स्वच्छता कर्मियों के प्रति अधिक सम्मान, सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया।इस अवसर पर श्री नित्यानंद राय ने स्वच्छता सेवकों एवं पालिका सहायकों को उनके उत्कृष्ट योगदान तथा BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान की गई समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया और उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें उपहार प्रदान किए।कार्यक्रम के दौरान नित्यानंद राय एवं आनंद स्वरूप ने नागरिकों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। स्वच्छता शपथ ने सामूहिक जिम्मेदारी और स्वच्छता आंदोलन में नागरिक भागीदारी की भावना को और मजबूत किया।यह कार्यक्रम स्वच्छता, जन भागीदारी, पर्यावरणीय स्थिरता एवं नागरिक दायित्व को सुदृढ़ करने के प्रति एनडीएमसी की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है तथा एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ नई दिल्ली के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता है।

जापान मेरे लिए लकी है, मुझे जन्मदिन पर खुद को गिफ्ट देना था: लवलीना बोरगोहेन

निशियो। लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह गोल्ड मेडल बोरगोहेन के लिए यादगार है, क्योंकि यह उनके 29वें जन्मदिन पर आया है। लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं। लवलीना ने चीन की मुक्केबाज को 5-0 के सर्वसम्मत स्कोर से हराया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि मुझे अपने जन्मदिन पर खुद को गोल्ड मेडल गिफ्ट करना चाहिए। हार के बारे में एक सेकंड के लिए भी नहीं सोचा। यह बहुत मुश्किल फाइट थी। लेकिन मैं हमेशा सोच रही थी कि मुझे जीतना है।” उन्होंने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ऐसा नहीं था। मैं सिल्वर मेडल जीतकर बहुत खुश थी। एक एथलीट की जिंदगी में बहुत सी चीजें होती हैं—हार और चोटें, जिन्हें हमें संभालना होता है और आगे बढ़ना होता है। यह गोल्ड मेडल मेरे लिए बहुत जरूरी था।” लवलीना ने 3-2 से करीबी शुरुआती राउंड जीतने के बाद बाउट में दबदबा बनाया। उन्होंने अगले दो राउंड 4-1 के समान अंतर से जीते और हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अपना दूसरा एशियन गेम्स मेडल जीता। पहले दो राउंड में आगे रहने के बाद 2026 एशियाड फाइनल में वह आखिरी राउंड में सावधान थीं। उन्होंने कहा, “आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। विरोधी बहुत मजबूत थी। मैं उसके साथ पहली बार खेल रही थी। इसलिए मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि वह कैसे खेलेगी। मैं खुद को मोटिवेट कर रही थी कि मुझे जीतना है। मैं हारना नहीं चाहती, चाहे कुछ भी हो जाए। आखिरी राउंड भी ऐसा ही था। मैंने पहले दो राउंड जीते और मैं सोच रही थी कि मुझे तीसरा राउंड भी जीतना है।” लवलीना ने कहा, “मैं एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने आई थी। मैंने खुद को मोटिवेट किया कि मुझे मजबूत रहना है और जीतना है। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत लकी है। मैं हर समय यही सोच रही थी। यह मेरा जन्मदिन था, और मैंने फाइट जीत ली। यह मुश्किल था, लेकिन मैंने मजबूती से जीत हासिल की।” बता दें कि टोक्यो ओलंपिक (जापान) 2020 में लवलीना ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बोरगोहेन ने कहा, “मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि मैं अपना गोल्ड कैसे सेलिब्रेट करूं। यह अभी-अभी खत्म हुआ है। मुझे यह मानने के लिए कुछ समय चाहिए कि मैं जीत गई हूं। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट स्मित मच्छार से की बात, कैप्टन ने साझा किए अपने अनुभव

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई प्लेन की घटना के बाद भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव और उस घटना के दौरान उन्हें हिम्मत कैसे मिली, इसके बारे में बताया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्मित मच्छार के परिजनों से बातचीत की थी। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट स्मित मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से बात की थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ‘भारतीय मिशन’ हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। घटना के बाद प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा था, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” बता दें कि मूल रूप से गुजराती स्मित मच्छार पर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने उड़ान के दौरान हमला किया था। चाकू से हुए हमले में घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू के साथ-साथ विमान को सुरक्षित रखा। विमान में अधिकतर इजरायली नागरिक थे, जिन्होंने को-पायलट को पकड़ा और बाद में तबुक एयरपोर्ट पर विमान को सुरक्षित उतारा गया। इजराइली प्रधानमंत्री के अनुसार, घटना के दौरान पायलट मच्छार को चाकू मारा गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। पायलट स्मित मच्छार अभी उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ने जांबाज भारतीय पायलट स्मित मच्छार से की बात, बोले- ‘आप पर पूरे देश को गर्व’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात की है। उन्होंने स्मित मच्छार से उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। पीएम मोदी ने स्मित से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने लोगों की जान बचाई है। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा, “आपके शरीर पर इतना बड़ा घाव हुआ और स्वयं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूं।” स्मित के परिजनों से बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे कल भूपेंद्र भाई और गीताबेन से बात करने का अवसर मिला। मैंने गीताबेन को बोला कि आपका नाम गीता है, लेकिन आपने कृष्ण की गीता को पूरी तरह बचा दिया। आपने साक्षात गीता के संस्कारों से स्मित का जीवन बनाया।” इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी से बात करते हुए पायलट स्मित भावुक हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सबसे बड़ा ‘आइडल’ बताया। स्मित मच्छार ने कहा, “आप मेरे सबसे बड़े ‘आइडल’ हैं। आप कॉल करके मेरी हौसला अफजाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व हो रहा है।” स्मित ने पीएम मोदी से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।” स्मित के भावुक होने पर पीएम मोदी ने कहा, “आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया लोग आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रौशन किया है।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा (आप सभी की जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। सभी पायलटों को किस तरह से देखा जाता। आपने सभी को बचा लिया है।” इस दौरान, पीएम मोदी ने सऊदी और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने स्मित की बहुत देखभाल की। मैं उनका बहुत आभारी हूं।