प्रो. ओम प्रकाश कोहली जी की जन्म-जयन्ती के अवसर पर हवन, भंडारा एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

नई दिल्ली। श्रद्धेय प्रो. ओम प्रकाश कोहली की जन्म-जयन्ती के शुभ अवसर पर शनि साईं परशुराम धाम मंदिर, आई.पी. एक्सटेंशन में हवन एवं नि:शुल्क सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना करते हुए धार्मिक कार्यक्रम के साथ जनसेवा की भावना से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष तेजपाल सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया गया। शिविर में क्षेत्र के नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं एवं चिकित्सकीय परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।शिविर के दौरान लोगों की आंखों की जांच, ब्लड प्रेशर (BP) की जांच, ब्लड शुगर एवं कोलेस्ट्रॉल की जांच तथा बोन हेल्थ (हड्डियों) की जांच की गई। इसके साथ ही श्यामा आई हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया तथा निशुल्क दवाईयाँ भी दी गईं।कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। हवन के पश्चात श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों के लिए खीर प्रसाद का वितरण भी किया गया। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य शिविरों में भाग लें और उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए समय-समय पर इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच कार्यक्रम आयोजित किए जाना आवश्यक है।कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र सचदेवा, जिला अध्यक्ष  विजेंद्र धामा, ओबीसी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सन्तोष पाल, विधायक  रविन्द्र सिंह नेगी, रविकान्त, निगम पार्षद देवेन्द्र कुमार,  शशि चांदना, पूर्व जिला अध्यक्ष रामचरण गुजराती, महान्त्री भावना जैन,नीरज शर्मा, महावीर गोयल, चौ. सुन्दर सिंह, अनेक मण्डल अध्यक्ष, राष्ट्र प्रकाश , कृष्णानन्द शास्त्री, कपिल प्रभाकर, अग्रिम ट्रस्ट की अध्यक्ष निकिता गुप्ता, प्रो. ऋतु कोहली, सुपर्णा खुराना, विशु कोहली,  कुणाल कुमार मिश्रा, अजय गुप्ता, मोहिनी शर्मा, तरुण गोयल, योगेन्द्र उपाध्याय, सरदार नरेन्द्र सिंह, सोनू कनोजिया, सुनील नागर, मनी बंसल, पीडी जोशी, जगदीश गौतम, साधना गुप्ता, राम अवतार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं क्षेत्रवासियों की सहभागिता रही। आयोजकों ने सभी सहयोगियों, चिकित्सकों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी जनहित एवं समाजसेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

नैनी झील के पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन

नई दिल्ली।दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा मॉडल टाउन स्थित वार्ड संख्या-68, सेंट्रल नार्थ (केशव पुरम) क्षेत्र में नैनी झील के पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अमृत 2.0 योजना के तहत 9.73 करोड़ रुपये की संविदात्मक लागत से होगा। इस विकास कार्य का आज उद्घाटन कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक अशोक गोयल, क्षेत्रीय पार्षद विकेश सेठी तथा उपायुक्त  मोहित बंसल की उपस्थिति में किया गया।इस परियोजना का उद्देश्य झील के पर्यावरणीय, सौंदर्यात्मक एवं मनोरंजक महत्व को बढ़ाने के साथ-साथ सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देना तथा आगंतुकों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाना है।परियोजना के तहत कोरोनेशन पिलर एसटीपी से उपचारित एसटीपी जल को नैनी झील तक पहुंचाया जाएगा। उपचारित जल की अतिरिक्त मात्रा का उपयोग आसपास के नगर निगम पार्कों की सिंचाई के लिए भी किया जाएगा, जिससे उपचारित जल के प्रभावी पुन: उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।परियोजना के प्रमुख कार्यों में सजावटी प्रकाश व्यवस्था, उद्यान एवं हरित क्षेत्र का विकास, परिधीय आरसीसी नाले की री-मॉडलिंग, दो म्यूजिकल फाउंटेन की स्थापना तथा मौजूदा ग्रिल एवं चारदीवारी की मरम्मत शामिल है।इस पुनरुद्धार परियोजना से नैनी झील एक स्वच्छ, हरित एवं अधिक आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगी, जिससे नागरिकों को बेहतर मनोरंजक एवं पर्यावरणीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के जुलाई 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

दिल्ली की न्याय व्यवस्था को भविष्य के लिए किया जा रहा तैयार: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार नई पीढ़ी की प्रतिभा और आधुनिक न्यायिक बुनियादी ढांचे को मिलाकर राष्ट्रीय राजधानी की न्याय व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित एक प्रतियोगिता में युवा प्रतिभागियों से बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि आज, मैंने दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘थिंक इंडिया’ के सहयोग से आयोजित पहली ‘नेशनल ट्रायल एडवोकेसी प्रतियोगिता’ के समापन समारोह में युवा साथियों के साथ बातचीत की। भारत की न्याय परंपरा ने हमेशा तर्क को प्राथमिकता, संविधान को पवित्रता और न्याय को सर्वोच्च स्थान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी की प्रतिभा और आधुनिक न्यायिक बुनियादी ढांचे के मेल से यह विरासत और मजबूत होगी। दिल्ली सरकार इसी सोच के साथ राष्ट्रीय राजधानी की न्याय व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री गुप्ता ने पीतमपुरा के दिल्ली हाट में तीज समारोह में हिस्सा लिया, महिलाओं के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें इस अवसर पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम, प्रकृति और नारी शक्ति का उत्सव है। मानसून की हरियाली और त्योहारों के रंगों के बीच, यह त्योहार देवी पार्वती और भगवान शिव के अटूट प्रेम और उनके मिलन की पवित्र कथा को याद करने का मौका देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहार न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे सांस्कृतिक मंचों को लगातार बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, जहां लोक परंपराओं और कला को युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके और साथ ही कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके। दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा 8 और 9 अगस्त को पीतमपुरा के दिल्ली हाट में आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव में महिलाओं के लिए मेहंदी, बिंदी, रंगोली, ‘तीज क्वीन-मिस तीज 2026’ और ‘बेस्ट ड्रेस फीमेल’ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

सरकारी लागत को कम करने में आईसीएएस अहम भूमिका निभा रही: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह

नई दिल्ली। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रविवार को सरकारी विभागों, खासकर रक्षा क्षेत्र में लागत को बेहतर बनाने, संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करने और मजबूत वित्तीय निगरानी सुनिश्चित करने में इंडियन कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस (आईसीएएस) की भूमिका पर जोर दिया। आईसीएएस के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिंह ने सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन के तरीकों को मजबूत करने में आईसीएएस अधिकारियों की पेशेवर कुशलता, विश्लेषणात्मक समझ और अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सेवा ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में लगातार एक अहम भूमिका निभाई है। इस साल का समारोह ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीएएस अधिकारियों की भूमिका’ थीम के तहत मनाया गया। यह थीम ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ने के लिए भारत की आत्मनिर्भरता की कोशिशों में लागत और वित्तीय दक्षता के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। इस मौके पर रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने कहा कि देश में ही मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने में कॉस्ट अकाउंटिंग की विशेषज्ञता का महत्व बढ़ रहा है। इससे न केवल आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि भारत एक्सपोर्ट मार्केट में भी प्रतिस्पर्धी बनेगा। उन्होंने रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम में आईसीएएस अधिकारियों की खास और रणनीतिक भूमिका की तारीफ की। साथ ही, उन्होंने रक्षा खरीद के बदलते हालात में इस सेवा और इसके कामकाज को नए सिरे से ढालने और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने के लिए आईसीएएस अधिकारियों और रणनीतिक क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का आह्वान किया। व्यय विभाग के सचिव वी. वुअलनाम ने केंद्र सरकार में प्रभावी लागत प्रबंधन की दिशा में आईसीएएस अधिकारियों के बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) को तेजी से अपनाए जाने के साथ, आईसीएएस अधिकारी लागत दक्षता, जोखिम का सही बंटवारा और प्रोजेक्ट की बेहतर संरचना सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस मौके पर आईसीएएस का एक यादगार ई-ब्रोशर जारी किया गया, जिसमें इस सेवा के विकास, मुख्य कार्यों, उल्लेखनीय उपलब्धियों और क्षमता-निर्माण की पहलों का विवरण दिया गया है। बेहतरीन योगदान के लिए, रक्षा सचिव ने छह युवा आईसीएएस अधिकारियों को ‘सर्वोत्तम’, ‘अति उत्तम’, ‘उत्तम’ और ‘प्रोत्साहन’ प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। ये पुरस्कार सेवा के युवा अधिकारियों के सराहनीय प्रयासों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मान्यता देने के लिए शुरू किए गए हैं। उद्घाटन सत्र के बाद दो दिलचस्प तकनीकी सत्र हुए, जो इनोवेशन, लगातार सीखने और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति आईसीएएस की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। “पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल” पर चर्चा हुई। इसमें सरकारी स्तर पर लागत और वित्तीय प्रबंधन कार्यों के लिए पब्लिक फाइनेंस वैल्यू चेन में दक्षता बढ़ाने और एआई के इस्तेमाल से होने वाले बड़े बदलावों की संभावनाओं पर विस्तार से बात की गई।

बंगाल में ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को मिली नई सौगात, भत्ता और फ्री बस सेवा शुरू

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को ‘लोकतंत्र सेनानियों’ के लिए 10,000 रुपए का मासिक भत्ता, सरकारी बसों में मुफ्त सफर और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देने का ऐलान किया। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन 325 ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में राज्य के उद्योग और वाणिज्य मंत्री तापस रॉय भी मौजूद थे। उनमें से हर एक को तांबे का मेडल दिया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके लिए 10,000 रुपए का मासिक भत्ता, सरकारी बसों में मुफ्त सफर और सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा का ऐलान किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगर आज सम्मानित किए गए व्यक्ति अब जीवित नहीं हैं, तो उनकी पत्नी या पति को ये सभी सुविधाएं मिलेंगी। ‘लोकतंत्र सेनानी’ (लोकतंत्र के लिए लड़ने वाले) उन लोगों को कहा जाता है जिन्हें 1975 और 1977 के बीच लगी आंतरिक इमरजेंसी के दौरान मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) या डीआईआर (डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स) जैसे कानूनों के तहत जेल में डाला गया था। इमरजेंसी के मुश्किल दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में एक लाख लोगों को जेल में डाला गया था। अकेले बंगाल में कम से कम 5,000 लोग जेल गए थे। उस समय जेल के अंधेरे में अपनी जिंदगी बिताने वाले लोगों के त्याग की वजह से ही आज देश में लोकतंत्र, संसदीय लोकतंत्र और वोटिंग के अधिकार की आवाज को दबाने की बुरी कोशिशों के बावजूद ये चीजें सुरक्षित हैं। इस मौके पर अधिकारी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राष्ट्रवाद, देशभक्ति और पारंपरिक संस्कृति को मिटाने की कोशिशें की गई थीं। अधिकारी ने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके योगदान के बारे में बताया जाना चाहिए। इसलिए, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर, 13 अगस्त को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस समिति के जरिए श्यामा प्रसाद की विचारधारा और बंगाल के बंटवारे का सही इतिहास स्कूली किताबों के सिलेबस में शामिल किया जाएगा।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश पर केजरीवाल ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है। इस सिफारिश के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यायाधीशों की पदोन्नति प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट जाने की बहुत जल्दी है। क्या जजों को सीनियरिटी को नजरअंदाज करके, बिना बारी के सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया जाना चाहिए? इससे ‘लेनदेन’ की गुंजाइश बन सकती है। अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा कि किसी जज को सुप्रीम कोर्ट भेजने से पहले किन चीजों की जांच की जाती है? क्या शासक के प्रति वफादारी देखी जाती है? क्या लोगों को यह पता नहीं होना चाहिए? वे युवा पीढ़ी को क्या मुंह दिखाएंगे? पूर्व सीएम केजरीवाल ने आगे लिखा कि बिना बारी के और अपारदर्शी तरीके से प्रमोशन की इजाजत नहीं होनी चाहिए। खासकर उन मामलों में जहां कानून को ताक पर रखकर सरकार को खुश करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि हमें अदालतों के हथियार की तरह इस्तेमाल होने से सावधान रहना चाहिए। लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए अदालतों की ईमानदारी सबसे जरूरी है। बता दें कि जून में ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था। 16 नवंबर 1968 को जन्मे न्यायमूर्ति मिश्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से अर्थशास्त्र में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 8 मई 1993 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और मुख्य रूप से दीवानी, संवैधानिक और सेवा कानून के क्षेत्र में वकालत की। उन्होंने नोएडा, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण, आईएफएफसीओ, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और उत्तर प्रदेश विद्युत निगम सहित कई वैधानिक और सार्वजनिक निकायों के लिए पैरवी की। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों में वरिष्ठ वकील के रूप में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व भी किया। न्यायमूर्ति मिश्रा को 2013 में वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था। 3 फरवरी 2014 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और 1 फरवरी 2016 को स्थायी न्यायाधीश बन गए। 20 जुलाई 2025 तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी सेवाएं दीं, जिसके बाद उनका तबादला पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में हो गया।

मेडिकल छात्रा की मौत पर आंध्र सरकार का फैसला, परिवार को मिलेंगे 20 लाख रुपए

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को मेडिकल छात्रा के. प्रियंका के परिवार के लिए 20 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया। 3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में शराब के नशे में धुत एक युवक की कार ने उन्हें कुचल दिया था। मुख्यमंत्री ने मेडिकल छात्रा की मौत पर गहरा दुख जताया। छात्रा ने हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। युवा मेडिकल छात्रा की मौत को बेहद दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक होनहार युवा जीवन, जिसका भविष्य उज्ज्वल था… उसका इस तरह दुखद अंत होना बहुत पीड़ादायक है। राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में जब युवक की कार ने प्रियंका को टक्कर मारी, तो उन्हें गंभीर चोटें आईं। शुरू में उनका इलाज शहर के अस्पताल में हुआ और बाद में बेहतर इलाज के लिए उनके परिवार वाले उन्हें हैदराबाद ले गए। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की और मामले की जानकारी लेने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की। एसपी ने मुख्यमंत्री को बताया कि घटना के लिए ज़िम्मेदार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। लापरवाही की वजह से एक बेगुनाह की जान जाने पर चिंता जताते हुए चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पक्का करें कि आरोपी के खिलाफ कानून की उचित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रियंका के शोक-संतप्त परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दें। उन्होंने परिवार को सरकार की ओर से लगातार मदद का भरोसा दिलाया और अधिकारियों से कहा कि वे इस मुश्किल समय में उन्हें हर संभव मदद दें। प्रियंका के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक युवा मेडिकल छात्रा की मौत एक ऐसी त्रासदी है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अपने किए की सजा मिलनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि डॉ. प्रियंका की मौत बहुत दुखद है। राजामहेंद्रवरम में नशे में धुत युवकों की तेज और लापरवाह ड्राइविंग की वजह से कार की टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि यह दिल तोड़ने वाली बात है कि इतनी कम उम्र में ही उनकी मौत हो गई, जिससे उनका वह भविष्य खत्म हो गया जिसमें वह एक डॉक्टर के तौर पर कई लोगों की सेवा करने वाली थीं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार यह पक्का करने के लिए कदम उठाएगी कि आरोपी, जिसकी लापरवाह ड्राइविंग ने एक कीमती जान ले ली, उसे कड़ी सजा मिले। उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में रविवार को डॉक्टर्स ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट प्रियंका को मृत घोषित कर दिया।

मध्य प्रदेश: धार के पास भीषण सड़क हादसा, गुजरात के छह युवकों की मौत

भोपाल/धार। मध्य प्रदेश में रविवार को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में गुजरात के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई। पीड़ित उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 1:00 बजे हुआ, जब सात युवकों को ले जा रही वैन (रजिस्ट्रेशन नंबर जीजे17सीके6134) गुजरात की ओर जा रही थी। लोहे का सामान लदा एक ट्रेलर (रजिस्ट्रेशन नंबर जीजे39टीबी9248) बड़नगर-उज्जैन मार्ग पर गलत दिशा में तेज गति से उज्जैन की ओर आ रहा था और सामने से आ रही वैन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। वैन में सवार छह लोगों में से पांच की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छठा युवक, जो गंभीर रूप से घायल था, अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। धार के एएसपी विजय डाबुर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “हादसे में मारे गए लोगों की पहचान नितेश भाई, पिता प्रकाश भाई (गोधरा); मयूर कुमार चौहान, पिता प्रकाश भाई (गोधरा); विशाल कुमार, पिता रमेश भाई परमार (पंचमहल); राकेश, पिता भूपत भाई (गोधरा) के रूप में हुई है और दो अन्य लोगों की पहचान अभी बाकी है।” हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक मौके से भाग गया। सूचना मिलने पर बड़नगर थाना प्रभारी अमित सिंह कुशवाहा, तहसीलदार सुरेश नगर और एसडीएम प्रियंका मिमरोद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, चालक का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने वैन की खिड़कियां तोड़ीं और काफी मशक्कत के बाद शवों और घायल युवक को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए एम्बुलेंस से बड़नगर सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सका। पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा (औपचारिक जांच कार्यवाही) किया। सभी छह मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस ने गुजरात में पहचाने गए पीड़ितों के परिवारों को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है। ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन हाईवे पर यातायात बाधित रहा, लेकिन पुलिस ने मलबे को हटाकर यातायात सामान्य कर दिया।

तेल-गैस पर निर्भरता घटाएगा ईरान! राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने नई तकनीक और युवा प्रतिभाओं पर दिया जोर

नई द‍िल्‍ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) की स्थापना की 46वीं वर्षगांठ पर देश की तरक्की के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की जरूरत बताई, ताकि तेल-गैस पर निर्भरता कम की जा सके। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को समर्थन देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि देश के अधिकतम विकास और प्रगति के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) एक सार्वजनिक गैर-लाभकारी संस्था है, जो रक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में शोध और प्रशिक्षण का काम करती है। आईआरएनए की र‍िपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि आवश्यक तकनीकी ढांचे के विकास से ईरान के युवा, प्रतिभाशाली लोग और वैज्ञानिक देश की प्रगति का रास्ता तैयार कर सकेंगे। इससे ईरान को तेल और गैस संसाधनों पर अपनी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। राष्ट्रपति ने नई तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को ईरान की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक बताते हुए कहा कि इससे देश विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, विरोधी देशों को अवैध प्रतिबंधों और दबाव के जरिए ईरान की प्रगति को रोकने का अवसर भी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए वैज्ञानिकों और आगे की सोच रखने वाले लोगों की जरूरत है। उन्होंने ईरानी जनता से युवाओं पर भरोसा करने की अपील की, ताकि देश की प्रगति को कोई बाधा रोक न सके। आईआरएनए के अनुसार, पेजेशकियन ने इस्लामी गणराज्य ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के द‍िवंगत नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अली लारिजानी सहित अन्य सभी शहीदों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। राष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों और प्रमुख हस्तियों की हत्याओं तथा ईरान के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और शोध केंद्रों पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुश्मनों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं और उन लोगों को निशाना बनाना था जो देश की समस्याओं को सुलझाने में भूमिका निभा रहे थे। राष्ट्रपति ने घोषणा की कि उनकी सरकार जिहाद-ए-दानेशगाही की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने संस्था के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया कि वे अपने सामने आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करें और सुझाव साझा करें। समारोह के अंत में पेजेशकियन ने ‘राष्ट्रीय जिहाद-ए-दानेशगाही पुरस्कार’ शहीद अली लारिजानी के परिवार को प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें ईरान के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में उनके जीवनभर के योगदान के लिए दिया गया।

जेपी नड्डा जयपुर में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी

जयपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को जयपुर में तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित कार्यक्रमों के तहत उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता सेनानियों से मुलाकात की। नड्डा ने अमर जवान ज्योति स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। बाद में, उन्होंने राज्य भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रवीण चंद छाबड़ा के आवास पर जाकर उन्हें सम्मानित किया। जयपुर में, उन्होंने राज्य की रक्त संग्रह प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 नई रक्त संग्रह और परिवहन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्य भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, राज्य प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ, नड्डा ने अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक तिरंगा यात्रा को संबोधित किया। ‘भारत माता की जय’ के नारे के साथ शुरुआत करते हुए नड्डा ने राजस्थान को बहादुर नायकों और राष्ट्र-निर्माताओं की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा लाखों भारतीयों के खून, पसीने और जीवन के बलिदान से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन देशभक्तों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदानों से प्रेरणा लेने का एक मौका है। भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए उन्होंने जोर दिया कि तिरंगा यात्रा भावनाओं की एक अभिव्यक्ति है जो 140 करोड़ भारतीयों को देशभक्ति और देश के प्रति पूर्ण समर्पण की दिशा दिखाती है। राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास को याद करते हुए नड्डा ने कहा कि भारत ने 22 जुलाई, 1947 को संवैधानिक रूप से ‘तिरंगे’ को अपनाया था। उन्होंने 1906 के स्वदेशी आंदोलन के झंडे से लेकर 1921 में महात्मा गांधी को सौंपे गए पिंगली वेंकय्या के डिजाइन और 1947 में अशोक चक्र वाले अंतिम स्वरूप तक इसके विकासक्रम का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग सच्चाई और शांति का, और हरा रंग समृद्धि का। और अशोक चक्र निरंतर प्रगति का प्रतीक है। नड्डा ने 2022 में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए तिरंगे को सरकारी प्रतीक से जन-आंदोलन में बदलने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। तब से देश भर में करोड़ों झंडे फहराए जा चुके हैं।