हर घर तिरंगा अभियान: जेपी नड्डा ने आवास पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज, राम मोहन नायडू ने लिया तिरंगा रैली में हिस्सा

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि आज हमारा संकल्प ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण का है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के प्रति समर्पण, राष्ट्रभक्ति और एकता बेहद जरूरी है। जेपी नड्डा ने कहा, “हम सब जानते हैं कि भाजपा की ओर से 9 अगस्त से 15 अगस्त तक पूरे देश में ‘तिरंगा यात्रा’ और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत देश के हर शहर और गांव में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिनमें लोग देशभक्ति के गानों के साथ अपने आप को समावेश कर रहे हैं। सब जानते हैं कि देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में यह आह्वान किया था कि यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनना चाहिए।” उन्होंने कहा, “आज हर घर पर तिरंगा फहराया जाता है। आज मुझे भी अपने निवास पर परिवार के साथ तिरंगा फहराने का सौभाग्य मिला। मेरे साथ ही देश के करोड़ों लोग अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर भारत को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं।” नड्डा ने यह भी कहा कि आज हमारा संकल्प ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण का है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के प्रति समर्पण, राष्ट्रभक्ति और एकता बेहद जरूरी है। इसलिए मैं भी इस तिरंगा यात्रा और हर घर तिरंगा अभियान के जनआंदोलन में स्वयं को सहभागी मानता हूं और देशवासियों को इसकी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आइए, हर घर तिरंगा फहराएं और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ‘विकसित व आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण का संकल्प लें। वहीं, दिल्ली में गुरुवार को नागर विमानन मंत्रालय ने ‘हर घर तिरंगा’ पहल के तहत तिरंगा रैली निकाली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राजीव गांधी भवन से इस रैली को झंडी दिखाई और इसका नेतृत्व किया। केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “पिछले 12 सालों में हमारे देश ने जिस तरह से विकास किया है और हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री के विजन से आगे बढ़ा है, उसी तरह हमने अपने मंत्रालय में भी कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। आज एक आम नागरिक भी गर्व के साथ हवाई यात्रा कर सकता है। हम इस सेक्टर को अधिक मजबूत बनाएंगे और इसे आगे ले जाएंगे। हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” राम मोहन नायडू ने कहा, “आजादी की लड़ाई के दौरान हमारे पूर्वजों के संघर्ष का सम्मान करना और उससे प्रेरणा लेना हमारी जिम्मेदारी है। हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत के बारे में भी एक अच्छा फैसला लिया था और संसद ने इसे उचित सम्मान दिलाने के लिए एक कानून पास किया था। सभी ने इसे स्वीकार किया है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोग राष्ट्रगीत से जुड़े हुए हैं। यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात है।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सीएम भूपेंद्र पटेल ने लिया हिस्सा, लिखा-‘राष्ट्रीय यज्ञ में शामिल होने का संकल्प लें’

गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को घर की छत पर तिरंगा फहराकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में हिस्सा लिया। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस और वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ की थीम पर आयोजित किया गया है। इस अभियान के तहत पूरे गुजरात में 70 लाख से ज्यादा घरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के मार्गदर्शन में 9 से 17 अगस्त तक पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किया जा रहा है। देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ और ‘वंदे मातरम’ के 150वें उत्सव के इस पावन अवसर पर, आज सुबह गांधीनगर स्थित अपने आवास पर मैंने तिरंगा फहराया और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया। उन्होंने लिखा, “सीमावर्ती गांवों से लेकर महानगरों तक, आइए हम गुजरात में ज़्यादा से ज़्यादा घरों पर तिरंगा फहराएं; आइए हम सब उत्साह के साथ इस महान राष्ट्रीय यज्ञ में शामिल होने का संकल्प लें।” उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी अहमदाबाद में बुधवार को निकाले गए तिरंगा यात्रा में शामिल हुए थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा था, “देशभक्ति की भव्य यात्रा-तिरंगा यात्रा! आजादी के 80वें जश्न के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत हमें अहमदाबाद में भारी जनसमूह के साथ आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होने का मौका मिला। हर्ष संघवी ने लिखा था, “प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को स्वीकार करते हुए, सभी के सहयोग और देशभक्ति की भावना से, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, जो भारत माता की महिमा का गुणगान करता है, पूरे देश में फैल गया है। भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, “दिल्ली की धरती पर निकली भव्य तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संदेश दे रही है। आइए, स्वतंत्रता के इस पावन पर्व पर हर घर तिरंगा लहराएं और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करें। हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा!

अमेरिकी सीनेटरों ने ‘स्पेस फोर्स’ की तैयारी मजबूत करने को पेश किया बिल, गार्डियंस की ट्रेनिंग बढ़ेगी

वॉशिंगटन। अमेरिका के दो सीनेटरों ने दोनों पार्टियों के समर्थन वाला एक बिल पेश किया, जिसका उद्देश्य ‘स्पेस फोर्स’ की तैयारियों को मजबूत करना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चीन अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी सैन्य और व्यावसायिक क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है। अलबामा की रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट और नेवादा की डेमोक्रेटिक सीनेटर कैथरीन कॉर्टेज मास्टो ने बुधवार को ‘स्पेस सुपीरियोरिटी रेडीनेस एक्ट 2026’ पेश किया। इस विधेयक के तहत ‘स्पेस फोर्स’ के सदस्यों, जिन्हें गार्डियंस कहा जाता है, के लिए वॉरगेमिंग, मॉडलिंग, सिमुलेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी अंतरिक्ष ऑपरेटर अंतरिक्ष में बढ़त कायम रख सकें और उसे बनाए रख सकें। अमेरिकी सैन्य बल काफी हद तक अंतरिक्ष आधारित प्रणालियों पर निर्भर हैं। ये प्रणालियां मिसाइल चेतावनी, नेविगेशन, संचार, खुफिया जानकारी, निगरानी, टोही और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण कामों में मदद करती हैं। यदि ये सेवाएं बाधित होती हैं, तो किसी संघर्ष की शुरुआत में अमेरिकी सैन्य अभियानों पर गंभीर असर पड़ सकता है। सीनेटर केटी ब्रिट ने कहा, “यह अच्छी तरह दर्ज है कि चीन अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रभुत्व हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह वाणिज्यिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करके अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है।” उन्होंने कहा, “स्पेस सुपीरियोरिटी रेडीनेस एक्ट 2026 यह दिखाता है कि युद्ध संचालन के क्षेत्र के रूप में अंतरिक्ष कितना महत्वपूर्ण हो चुका है।” ब्रिट के अनुसार, चीन के साथ किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में अमेरिका को अंतरिक्ष पर नियंत्रण बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए। साथ ही उसके पास उभरते खतरों का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधन और क्षमताएं भी होनी चाहिए। इस प्रस्तावित कानून के तहत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य किए जाएंगे जो अंतरिक्ष अभियानों में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने के लिए जरूरी रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर केंद्रित होंगे। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि प्रशासन कांग्रेस को चीन की वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमताओं और उनके संभावित सैन्य उपयोगों पर एक सार्वजनिक रिपोर्ट सौंपे। कानून बनने के 180 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट पेश करनी होगी। दोनों सीनेटरों ने अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की उन चेतावनियों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि बीजिंग तेजी से अपनी अंतरिक्ष और काउंटरस्पेस क्षमताओं का विकास कर रहा है। सीनेटर कैथरीन कॉर्टेज ने कहा, “अंतरिक्ष एक अत्याधुनिक क्षेत्र है जिसे हमें गंभीरता से लेना होगा। कम्युनिस्ट चीन अंतरिक्ष में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है और अमेरिका पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता।” हाल ही में दोनों सीनेटरों ने ग्रीनलैंड स्थित पिटुफिक स्पेस बेस का दौरा किया था, जो मिसाइल चेतावनी, मिसाइल रक्षा और अंतरिक्ष निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कॉर्टेज मास्टो ने कहा, “सीनेटर ब्रिट और मैंने हाल ही में पिटुफिक स्पेस बेस में अमेरिकी स्पेस फोर्स के शानदार काम को करीब से देखा। मुझे विश्वास है कि यदि गार्डियंस को आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षण और संसाधन मिलते रहे, तो वे किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहेंगे।” ब्रिट ने अमेरिकी स्पेस कमांड के मुख्यालय को हंट्सविल, अलाबामा स्थानांतरित करने के प्रयासों का भी समर्थन किया है। उन्होंने मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर और स्पेस लॉन्च सिस्टम का भी समर्थन किया है, जिसने हाल ही में आर्टेमिस-II मिशन को शक्ति प्रदान की थी। अमेरिकी स्पेस फोर्स की स्थापना दिसंबर 2019 में अमेरिकी सशस्त्र बलों की छठी शाखा के रूप में की गई थी। यह वायु सेना विभाग के अंतर्गत काम करती है और अंतरिक्ष में सैन्य अभियानों के लिए बलों को संगठित करने, प्रशिक्षित करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाती है।

कोलंबिया में भूकंप में बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता

नई द‍िल्‍ली। पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बताया क‍ि इस विनाशकारी भूकंप में अब तक 265 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं 496 लोग अभी भी लापता हैं। रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ की र‍िपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति अबेलार्डो ने बताया क‍ि कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है। 3,494 लोग घायल हुए हैं और लापता लोगों की संख्या बढ़कर 496 हो गई है। राष्ट्रपति के मुताबिक, इस आपदा में 11,347 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 53,526 घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 140 इमारतें ढह गई हैं। वहीं 179 स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों को भी संरचनात्मक नुकसान हुआ है। समाचार एजेंसी ‘टास’ के अनुसार, दस अगस्त को चोको विभाग के सैन जोस देल पाल्मार शहर के पास 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई। राष्ट्रपति ने बताया क‍ि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं, जबकि अधिकारियों की कोशिश है कि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। दुनियाभर के कई नेताओं ने कोलंबिया के लोगों के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया है। यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हर संभव मदद की बात कही। प्रेसिडेंट उर्सुला ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, ”कोलंबिया में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी हैं, और ऐसे समय में यूरोपीय संघ (ईयू) हर संभव तरीके से देश की मदद कर रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सहायता के लिए 20 लाख यूरो की मदद उपलब्ध कराई जा रही है।” उन्‍होंने कहा क‍ि कोलंबिया की ओर से सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म सक्रिय किए जाने के बाद, यूरोपीय संघ स्थानीय जरूरतों के अनुसार सहायता पहुंचाने और उसे जमीनी आवश्यकताओं से मेल कराने के लिए काम कर रहा है। यही है यूरोपीय एकजुटता और सहयोग की भावना।

पीएसजी ने लगातार दूसरी बार जीता यूईएफए सुपर कप, फाइनल में एस्टन विला को हराया

साल्जबर्ग। ख्विचा क्वारात्शेलिया और डिजायर डोए के गोल की मदद से पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने यूरोपा लीग विजेता एस्टन विला को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार यूईएफए सुपर कप का खिताब जीता। मैच के दौरान कभी-कभी एस्टन विला के दबाव में दिखी पीएसजी ने अपने अनुभव, रणनीतिक समझ और व्यक्तिगत प्रदर्शनों की बदौलत जीत हासिल की। पिछले सीजन में पीएसजी के हीरो रहे क्वारात्शेलिया ने स्टेडियन साल्जबर्ग में धूम मचा दी। जॉर्जियाई स्टार ने डूए का पास लिया और फिर अंदर कट करके मार्को बिजोट के ऊपर से एक जोरदार शॉट लगाते हुए गोल का सिलसिला शुरू किया। विला ने भी जोरदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कई बार पीएसजी के डिफेंस को भेदने में कामयाबी हासिल की। विला के 17 साल और 212 दिन के खिलाड़ी ब्रायन मैडजो पीएसजी डिफेंस के लिए सबसे मुश्किल साबित हुए। ब्रायन मैडजो ने विला की तरफ से एकमात्र गोल मारा और सबसे कम उम्र के सुपर कप स्कोरर के तौर पर अपना नाम दर्ज करा लिया। खेल के 61वें मिनट में पीएसजी ने बढ़त बनाई। डोए ने सब्सटीट्यूट ओस्मान डेम्बेले की सटीक थ्रू बॉल पर बिजोट को छकाते हुए शानदार गोल किया। उनाई एमरी ने विला के लिए टैमी अब्राहम और रॉस बार्कले जैसे अटैकिंग खिलाड़ियों को भेजा ताकि एक और बराबरी का गोल किया जा सके, लेकिन वे पीएसजी के डिफेंस को तोड़ नहीं सके। पीएसजी ने 2-1 से जीत हासिल की। खिताबी जीत के बाद पीएसजी के कोच लुइस एनरिक ने कहा, “हमें पहले से पता था कि यह मैच मुश्किल होने वाला है। मेरे खिलाड़ियों ने दिखाया कि वे किस मिट्टी के बने हैं। हो सकता है कि हम सबसे अच्छी फिजिकल कंडीशन में न हों, लेकिन एक बार फिर यह हमारे डीएनए और हमारे फैंस का असली प्रदर्शन है, जिसने हमें ट्रॉफी जीतने और स्टैंडर्ड ऊंचा रखने में मदद की है।” पीएसजी ने अपने शानदार 2024–25 और 2025–26 कैंपेन की रफ्तार को जारी रखते हुए एक और ट्रॉफी जीती और अपने इतिहास का दूसरा सुपर कप जीतकर अपना खिताब अपने पास बरकरार रखा। पीएसजी तीसरा क्लब है जिसने लगातार 2 बार यूईएफए का खिताब जीता है। इससे पहले ये उपलब्धि एसी मिलान (1989, 1990) और रियल मैड्रिड सीएफ (2016, 2017) में हासिल की थी।

स्थिर रोजगार बाजार ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के पीछे की सच्चाई को किया उजागर : शिवसेना

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को दावा किया कि सत्तारूढ़ प्रशासन वैश्विक अस्थिरता के बावजूद मजबूत आर्थिक और औद्योगिक विकास को बनाए रखने का बार-बार दावा करता है लेकिन संसद में पेश किए गए सरकार के आधिकारिक आंकड़ों ने इन दावों को गंभीर चुनौती दी है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में रोजगार के अवसरों में पिछले एक वर्ष के दौरान न तो बढ़ोतरी हुई और न ही कमी आई। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के आंकड़े बताते हैं कि देश का रोजगार बाजार पूरी तरह स्थिर बना हुआ है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि मंत्रालय की रिपोर्ट देश में रोजगार की मौजूदा स्थिति से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतक सामने रखती है। मौजूदा तिमाही में बेरोजगारी दर 5.5 प्रतिशत है जबकि एक साल पहले यह 5.6 प्रतिशत थी। वेतनभोगी कर्मचारियों की हिस्सेदारी जून में 51.4 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष जून में दर्ज 51.2 प्रतिशत से मामूली अधिक है। महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी भी 32 प्रतिशत से बढ़कर 32.7 प्रतिशत हुई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में लगातार गिरावट जारी है। संपादकीय में कहा गया कि सरकार के समर्थक जहां स्थिर बेरोजगारी दर को अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन का संकेत बता रहे हैं, वहीं आलोचक शिक्षित युवाओं के बीच गहराते संकट की ओर ध्यान दिला रहे हैं। इसमें कहा गया कि भारत में स्नातक युवाओं की संख्या बढ़कर 6.30 करोड़ हो गई है। चार दशकों में यह संख्या 13 गुना बढ़ी है, जबकि बेरोजगार स्नातकों की संख्या इसी अवधि में 16 गुना बढ़ गई है। संपादकीय के अनुसार, वर्तमान में हर 10 स्नातक युवाओं में से छह बेरोजगार हैं। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए संपादकीय में कहा गया कि बेरोजगार युवाओं में से हर तीन में दो के पास डिग्री है। यानी उनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता तो है लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। इसमें दावा किया गया कि नौकरी की तलाश कर रहे हर 1,000 युवाओं में केवल 12 को स्थायी रोजगार मिल पाता है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़े केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के हालिया दावे से सीधे तौर पर विरोधाभास पैदा करते हैं। मांडविया ने कहा था कि सरकार ने अपने 12 साल के कार्यकाल में हर साल 1.7 करोड़ नए रोजगार पैदा किए हैं। पार्टी ने कहा कि ताजा आंकड़े प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से युवाओं में बेरोजगारी को लेकर उठाई गई चिंताओं को भी सही ठहराते हैं। ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि जो सरकार ‘पांच ट्रिलियन’ की अर्थव्यवस्था का दावा करती है, वह पिछले एक वर्ष में एक भी नया रोजगार पैदा करने में विफल रही है। पार्टी ने कहा कि सरकार हर साल दो करोड़ रोजगार पैदा करने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है और इसके कारण लाखों योग्य स्नातकों का भविष्य अनिश्चितता में है। संपादकीय में कहा गया, “यह मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का ‘आईना’ है और इसे उसी के एक मंत्रालय ने दिखाया है।” संपादकीय में केंद्रीय गृह मंत्री के उस कथित सुझाव पर भी निशाना साधा गया, जिसमें रोजगार नहीं मिलने पर पकौड़े तलने की बात कही गई थी। साथ ही प्रधानमंत्री की युवाओं को संबोधित करने वाली “हैलो फ्रेंड्स” रील का जिक्र करते हुए कहा गया कि सरकार को इस आईने में खुद को देखना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि आर्थिक विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद रोजगार सृजन के मोर्चे पर जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बनी हुई है और शिक्षित युवाओं के लिए पर्याप्त तथा स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की चुनौती लगातार गहरी होती जा रही है।

एमएससीआई इंडिया इंडेक्स में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस सहित शामिल हुए 4 नए शेयर, 3 बाहर

नई दिल्ली। वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई (मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल) ने अपनी अगस्त 2026 की आवधिक समीक्षा के तहत अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस समेत चार कंपनियों को एमएससीआई इंडिया इंडेक्स में शामिल किया है, जबकि तीन कंपनियों को इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। ये बदलाव 31 अगस्त 2026 के कारोबार समाप्त होने के बाद प्रभावी होंगे। एमएससीआई के अनुसार, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के अलावा जिन अन्य कंपनियों को इंडेक्स में शामिल किया गया है, वे पूंजी बाजार (कैपिटल मार्केट) और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। हालांकि इंडेक्स से बाहर की गई कंपनियों के नाम इस घोषणा में नहीं बताए गए। एमएससीआई की यह समीक्षा बाजार पूंजीकरण, लिक्विडिटी और फ्री-फ्लोट जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर की जाती है। इसी आधार पर तय किया जाता है कि कौन-सी कंपनियां इंडेक्स का हिस्सा बनी रहेंगी और किन्हें इसमें शामिल या बाहर किया जाएगा। इस समीक्षा के साथ एमएससीआई इंडिया डोमेस्टिक स्मॉल कैप इंडेक्स में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। इस इंडेक्स में 12 नए शेयर जोड़े गए हैं, जबकि 19 शेयरों को हटाया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर इंडेक्स में सात कंपनियों की शुद्ध कमी हुई है। एमएससीआई इंडेक्स को दुनिया भर के बड़े संस्थागत निवेशक और पैसिव फंड बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि इंडेक्स में शामिल होने या बाहर होने वाली कंपनियों के शेयरों में अक्सर निवेशकों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इंडेक्स में बदलाव के बाद कई वैश्विक फंड अपने पोर्टफोलियो को नए भार के अनुसार पुनर्संतुलित करते हैं, जिससे संबंधित शेयरों में निवेश प्रवाह देखने को मिलता है। एमएससीआई के मुताबिक, उसका भारत केंद्रित सूचकांक भारतीय शेयर बाजार के लगभग 85 प्रतिशत इक्विटी यूनिवर्स का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में निवेश करने वाले कई अंतरराष्ट्रीय निवेशक और वैश्विक फंड इसी सूचकांक को प्रमुख मानक के रूप में देखते हैं। इससे पहले जून में आई एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि एमएससीआई समीक्षा के बाद भारतीय शेयर बाजार में लगभग 30,214 करोड़ रुपए का पैसिव निवेश प्रवाह आ सकता है। उस रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई थी कि कुछ फार्मा कंपनियां एमएससीआई इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से आगे बढ़कर एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल हो सकती हैं। एमएससीआई की घोषणा के बाद अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 2.24 प्रतिशत तक उछलकर 1,638 रुपए के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गए। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के शेयर ने पिछले 52 सप्ताह में 1,789 रुपए का उच्चतम स्तर और 745.45 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है। लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न देता रहा है। पिछले 5 वर्षों में शेयर करीब 64 प्रतिशत, जबकि पिछले 3 वर्षों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं बीते एक वर्ष में इसने निवेशकों की पूंजी लगभग दोगुनी कर दी है, और करीब 100 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

कोयंबटूर में 824 करोड़ की मेगा ड्रेनेज योजना, तीन इलाकों को मिलेगा भूमिगत सीवर नेटवर्क

कोयंबटूर। कोयंबटूर नगर निगम (सीसीएमसी) ने कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती के कुछ हिस्सों को कवर करने वाले भूमिगत जल निकासी नेटवर्क के लिए 824 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए नगर प्रशासन निदेशालय को प्रस्तुत कर दिया गया है। नगर निगम परियोजना के लिए लागत अनुमान को अंतिम रूप दे रहा है और प्रारंभिक कार्य पूरा कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के कई नवनिर्मित और विकासशील क्षेत्रों में स्वच्छता में सुधार करना है। प्रस्तावित नेटवर्क उत्तर और पूर्व क्षेत्रों के उन इलाकों को कवर करेगा जो मौजूदा भूमिगत जल निकासी योजनाओं से बाहर हैं। वर्तमान में, तमिलनाडु जल आपूर्ति और ड्रेनेज बोर्ड सरवनमपट्टी, थुदियालुर, कवुंडमपालयम, वडावल्ली, वीरकेरलम और वेल्लाकिनार में जल निकासी कार्य कर रहा है। इस परियोजना की योजना दीर्घकालिक जनसंख्या और सीवेज उत्पादन के अनुमानों के आधार पर बनाई गई है। प्रस्तावित सेवा क्षेत्र में जनसंख्या 2030 तक 1,30,264, 2045 तक बढ़कर 1,72,132 और 2060 तक 2,24,999 होने का अनुमान है। प्रतिदिन सीवेज उत्पादन 2030 में 13.37 मिलियन लीटर, 2045 में 17.66 मिलियन लीटर और 2060 तक 23.09 मिलियन लीटर होने का अनुमान है। अधिकारियों ने कहा कि अपशिष्ट जल के व्यवस्थित संग्रहण और परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए सीवर नेटवर्क को भूभाग के अनुसार डिजाइन किया गया था। इस योजना में 10 सीवेज पंपिंग स्टेशन और पांच सीवेज लिफ्टिंग स्टेशन शामिल हैं। नेटवर्क के माध्यम से एकत्रित सीवेज को ओंडीपुदुर में प्रस्तावित उपचार संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस संयंत्र की उपचार क्षमता 17.66 मिलियन लीटर प्रति दिन होगी, और उपचारित अपशिष्ट जल को पास की नोय्याल नदी में छोड़ने का प्रस्ताव है। इस योजना में लगभग 411 किलोमीटर सीवर पाइपलाइन बिछाना और 15,777 मैनहोल का निर्माण करना शामिल है। लगभग 33,637 घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है। एक बार चालू होने के बाद, यह नेटवर्क वार्ड 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 21, 22 और 23 के निवासियों को लाभ पहुंचाएगा। सीसीएमसी आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने कहा कि पूरी डीपीआर नगरपालिका प्रशासन निदेशालय को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में मौजूदा भूमिगत जल निकासी परियोजनाओं से बाहर रह गए अधिकांश क्षेत्रों को कवर करेगी। निगम केंद्रीय वित्त आयोग के राज्य प्रोत्साहन अनुदान घटक के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य की स्वच्छता आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती में आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की दी चेतावनी

जयपुर। राजस्थान के कई हिस्सों में गुरुवार को मानसून के सक्रिय रहने की संभावनाएं है। जयपुर स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर डिवीजन के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम की स्थितियों में अचानक बदलाव और तेज बारिश की संभावना भी है। भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी और आसपास के इलाकों के लिए मौसम की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण टोंक, सवाई माधोपुर, जयपुर, करौली, धौलपुर, बारां, कोटा, दौसा और झालावाड़ सहित कई जिलों में जलभराव की सूचना मिली है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर डिवीजन के अधिकतर हिस्सों में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम हो जाएगी। हालांकि, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजन के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। 15 अगस्त से, पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों को छोड़कर राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधि कम होने की उम्मीद है। 16 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर डिवीजन के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश जारी रह सकती है। वहीं, लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान सावधानी बरतें। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, अकेले खड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। साथ ही, ड्राइवरों को अचानक भारी बारिश से दृश्यता कम होने पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रांची में छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी, सीएम आवास के घेराव की तैयारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

रांची। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी की है। हालांकि आंदोलित छात्रों ने औपचारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया है, लेकिन खुफिया इनपुट के मद्देनजर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में 100 से अधिक अतिरिक्त सशस्त्र जवानों को लगाया गया है। इनमें झारखंड जगुआर और झारखंड आर्म्ड पुलिस के जवान शामिल हैं। सूचना भवन चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री आवास के आसपास करीब 500 मीटर के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। सुरक्षा कारणों से सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाले मार्ग को भी बंद किया गया है। पूरे इलाके पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखे जाने की जानकारी है। सुरक्षा इंतजामों के कारण कांके रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। मोराबादी और कचहरी चौक की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। छात्रों का आंदोलन करीब 20 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। आंदोलनकारी जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच समेत परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में जेपीएससी सिविल सेवा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की सीबीआई जांच शामिल है। 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। बाद में लाठीचार्ज भी हुआ। इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया था। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा समेत विपक्षी दल छात्रों के समर्थन में सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। भाजपा नेताओं ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया था और उन्हें हिरासत में लिया गया था।