दिशा सालियान की मौत के मामले में आज फैसला सुनाएगा बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुनाएगा। कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया था। बुधवार सुबह 11 बजे कोर्ट अपना आदेश सुनाएगा। यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर की गई याचिका से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर दर्ज करने और नए सिरे से जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इससे पहले 28 अगस्त को इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी। सतीश सालियान की ओर से एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सतीश सालियान ने अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी दिशा के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या की गई है। इसी आधार पर उन्होंने केस दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिशा सालियान सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर उनकी मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या माना था और एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। हालांकि, दिशा के पिता इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या और सामूहिक दुष्कर्म का मामला है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई या एनआईए जैसी एजेंसी से जांच कराई जाए। अब सबकी नजर बुधवार को आने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर है कि कोर्ट एफआईआर और नई जांच को लेकर क्या आदेश देता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की अयोध्या में अहम बैठक, सीईओ पद पर फैसले की संभावना

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अयोध्या में एक अहम बैठक करेगा। इस बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा और ट्रस्टी-स्तर के अन्य पदों पर चर्चा होगी, क्योंकि मंदिर समिति बड़े प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी बदलावों की ओर बढ़ रही है। मणिराम दास छावनी में होने वाली इस अहम बैठक के दो सत्र होंगे। इसमें ट्रस्ट की प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक राम मंदिर के पहले सीईओ के पद के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी द्वारा तीन नामों की सिफारिश किए जाने के एक दिन बाद हो रही है। इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड), पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। समिति ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रस्ट बोर्ड की बैठक से पहले उनकी सिफारिशों पर विचार करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रस्ट की बैठक के बाद सीईओ के नाम की घोषणा की जाएगी, तो स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि यह मंदिर समिति के फैसले पर निर्भर करता है। इस बीच, जस्टिस कोहली (रिटायर्ड) ने कहा कि वह और समिति के अन्य सदस्य इस अवसर के लिए भगवान राम के प्रति आभारी और खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा काम है जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता की बहुत ज्यादा जरूरत है।” चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए पूर्व जज ने कहा, “11 से 18 जुलाई के बीच हमें 5,585 आवेदन मिले। हर आवेदन की जांच करना एक बहुत बड़ा काम था, इसलिए हमने 19 जुलाई को एक बैठक की और एक गूगल फॉर्म बनाने का फैसला किया, जिसमें हमने आवेदकों को उनकी योग्यता के आधार पर अंक दिए।” उन्होंने बताया, “600 अंकों का एक गूगल फ़ॉर्म तैयार किया गया और सभी उम्मीदवारों को भेजा गया, जिनमें से 3,570 लोगों ने जवाब दिया। इसके बाद, हर जवाब की बारीकी से जांच की गई। जिन लोगों के 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक थे, उन्हीं पर विचार किया गया।” पूर्व जज ने बताया कि 108 लोगों को और कैटेगरी में बांटा गया, जिन्होंने 600 में से 470 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए थे। चार दिनों तक इन 108 लोगों से वर्चुअल बातचीत की गई और फिर 17 लोगों को अयोध्या धाम में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया, जिनमें से 16 लोग शामिल हुए।” उन्होंने यह भी बताया कि सभी इंटरव्यू देने वालों को अलग-अलग पैमानों के आधार पर अंक दिए गए। उन्होंने कहा, “हमने तीन नामों की सिफारिश की है, जो हमें उनकी सोच, मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण के आधार पर सबसे उपयुक्त लगे।
एक पैर पर खड़े होकर करें ये आसान योगासन, शरीर के साथ मन भी रहेगा स्थिर

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और एकाग्र रखना भी जरूरी है। योग इस दिशा में काफी मददगार हो सकता है। योग के अलग-अलग आसनों में वृक्षासन एक ऐसा सरल आसन है, जो शरीर के संतुलन के साथ एकाग्रता और जागरूकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक स्थिरता की ओर कदम बढ़ा सकता है। वृक्षासन का नाम वृक्ष (पेड़) से लिया गया है। जिस तरह एक पेड़ अपनी जड़ों के सहारे मजबूती से खड़ा रहता है, उसी तरह इस आसन में शरीर को स्थिर रखते हुए संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। इसका अभ्यास करते समय एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर के तलवे को सहारे के अनुसार जांघ के पास रखा जाता है। इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा में रखा जा सकता है। आसन के दौरान सामने किसी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। वृक्षासन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास तंत्रिका से संबंधित स्नायुओं के समन्वय में मदद कर सकता है। शरीर को एक स्थिति में स्थिर रखने के प्रयास से संतुलन और शरीर की जागरूकता पर ध्यान जाता है। इसके साथ ही यह आसन सहनशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है। शुरुआत में संतुलन बनाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास के साथ शरीर इस स्थिति के अनुकूल होने लगता है। इस आसन का एक महत्वपूर्ण लाभ एकाग्रता और जागरूकता से जुड़ा है। वृक्षासन करते समय शरीर को स्थिर रखने के लिए मन को भी एक बिंदु पर केंद्रित करना पड़ता है। इस वजह से अभ्यास के दौरान ध्यान भटकने से बचने और वर्तमान क्षण पर ध्यान लगाने का प्रयास किया जाता है। इससे शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है। वृक्षासन का अभ्यास हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। शुरुआत में जरूरत पड़ने पर दीवार या किसी मजबूत सहारे का उपयोग किया जा सकता है। शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या लंबे समय तक जबरदस्ती मुद्रा बनाए रखने से बचना चाहिए।
यूएस ओपन: कोको गॉफ और मीरा एंड्रीवा ने दूसरे राउंड में जगह बनाई

न्यूयॉर्क। कोको गॉफ ने यूएस ओपन के दूसरे राउंड में जगह बना ली है। गॉफ ने जेनेप सोनमेज को 6-3, 6-4 से हराकर यूएस ओपन के दूसरे दौर में जगह बनाई। हाल में विंबलडन और टोरंटो में सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली और सिनसिनाटी ओपन जीतने वाली कोको यूएस ओपन एकल के खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी हैं। गॉफ ने अपने पहले सर्विस गेम में दो ऐस और एक सर्विस विनर पोस्ट किया, अपने अगले दो सर्विस गेम में सर्व पर हावी रहीं, सोनमेज को 4-2 की बढ़त के लिए ब्रेक किया और 32 मिनट में शुरुआती सेट का दावा करने के लिए मजबूत पकड़ बनाए रखी। सोनमेज ने दूसरे सेट में अपने खेल को बेहतर बनाया, गति बदलने के लिए नेट पर चार्ज किया और शुरुआती ब्रेक से रैली करके इसे दिलचस्प बना दिया। दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी ने तीन ब्रेक प्वाइंट बनाए, लेकिन गॉफ ने तीनों को बचा लिया, खेल के 16वें अंक पर कब्जा किया और तुरंत अपने प्रतिद्वंद्वी को ब्रेक करके 4-3 की बढ़त ले ली। जीत के साथ, गॉफ ने टूर्नामेंट को दुनिया की नंबर 1 एकल खिलाड़ी के रूप में समाप्त करने का अपना मौका जीवित रखा है। उनका पिछला हाई नंबर 2 था, जो उन्होंने जून 2024 में हासिल किया था। अगर वह यह उपलब्धि हासिल कर लेती हैं, तो गॉफ एकल और डबल्स दोनों में दुनिया में नंबर 1 पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी। गॉफ का अगला मुकाबला एक मार्की सेकंड-राउंडर है, जिसमें उनका सामना या तो पाउला बडोसा, जो पहले दुनिया की नंबर 2 और 2024 यूएस ओपन क्वार्टर फाइनलिस्ट थीं, या डारिया कसाटकिना, जो पहले दुनिया की नंबर 8 और 2022 फ्रेंच ओपन सेमीफाइनलिस्ट थीं, से होगा। इससे पहले, नंबर 5 सीड मीरा एंड्रीवा ने फ्लशिंग मीडोज में अपने कैंपेन की शानदार शुरुआत की। उन्होंने दुनिया की नंबर 36 जेनिस त्जेन को 6-2 से हराया। 6-2 से हराकर, लगातार चौथे साल दूसरे राउंड में पहुंच गईं। एंड्रीवा अब दुनिया की 98 नंबर की खिलाड़ी ईवा लिस से खेलेंगी।
मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर निजी बस की रोडवेज बस से टक्कर, 35 नेपाली तीर्थयात्री घायल

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर कांठ थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से अयोध्या जा रही नेपाली तीर्थयात्रियों से भरी निजी बस गढ़ी बस स्टॉप के पास आगे चल रही राज्य परिवहन की बस से टकरा गई। टक्कर के बाद निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी एक कोठरी में जा घुसी। हादसे में 35 से अधिक तीर्थयात्री घायल हो गए। इनमें आठ की हालत गंभीर बताई गई है। जानकारी के अनुसार निजी बस में कुल 53 नेपाली तीर्थयात्री सवार थे। सभी एक टूर कार्यक्रम के तहत हरिद्वार से अयोध्या जा रहे थे। हादसा कांठ के गढ़ी अड्डे के पास हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के अंदर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कांठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को तत्काल कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल आठ यात्रियों को मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज यादव ने बताया कि सुबह 8 से 8:30 बजे तक आठ घायल अस्पताल पहुंच चुके थे। इनमें करीब छह से सात लोगों का एक्स-रे किया गया। एक व्यक्ति की हड्डी में फ्रैक्चर की आशंका है जबकि अन्य घायलों को सूजन और दर्द की शिकायत है। सभी को भर्ती कर शुरुआती उपचार दिया गया है और जरूरी एक्स-रे समेत अन्य जांच की जा रही है। डॉक्टर के मुताबिक अभी और घायल भी अस्पताल पहुंच सकते हैं। एक घायल तीर्थयात्री ने बताया कि बस में 53 लोग सवार थे और वे हरिद्वार से अयोध्या की यात्रा कर रहे थे। घायल के मुताबिक, बस का नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रही बस से पीछे से टकरा गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर बस के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आ रही है।
भारत की नेपाल को मदद जारी, 11 सदस्यों वाली बचाव टीम और 5.5 टन मानवीय सहायता लेकर पांचवां विमान रवाना

नई दिल्ली। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मदद लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान रवाना हो गया है। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नेपाल के लिए भारत का पांचवां विमान रवाना हो गया है। इसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी जा रही हैं।” नेपाल की मदद के लिए भारत अब तक 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं। इससे पहले मंगलवार को नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। अलग-अलग जिलों में नदियों के किनारे लगातार शव मिलने के कारण यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक 1003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 321 शव चितवन जिले में मिले हैं, जबकि 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले में बरामद हुए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, 4,606 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इससे आशंका है कि मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। नेपाल सरकार ने बताया कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन ने जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज और बचाव में मदद के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। इस बीच, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाल की मदद करना है, ताकि प्रभावित परिवारों को सही जानकारी दी जा सके और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
मेरी कोशिश ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की नहीं, उस स्थिति को टालने की है जो आखिरकार होने ही वाली है: ट्रंप

वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ उस स्थिति को टालने की कोशिश कर रहा हूं जो आखिरकार होने ही वाली है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका बेहतर स्थिति में है। होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा नियंत्रण है, जबकि उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में लिखा, ”मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि एबीसी न्यूज ने बताया है। अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए भी बेकार है, तो मुझे उसकी बिल्कुल परवाह नहीं है। मुझे लगता है कि इस समय हमारी स्थिति कहीं बेहतर है। होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा लगभग पूरा नियंत्रण है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह गिरावट की ओर है। वे सिर्फ उस स्थिति को टालने की कोशिश कर रहे हैं जो आखिरकार होने ही वाली है। आखिर ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ाई लड़ेंगे?” अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को एक बड़े हमले की चेतावनी दी है। उनके अनुसार इस हमले के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास उसका कुछ हिस्सा ही शेष रह जाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है। आज का हमला बहुत बड़ा था। हमने उनके काफी रडार सिस्टम नष्ट कर दिए, जिनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। ट्रंप ने कहा कि अगर तीसरी बार भी ऐसा करना पड़ा, तो एक देश के रूप में उनका पूरी तरह सफाया हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन का जिक्र करते हुए कहा कि यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन पूरी तरह तैयार है। हम हर तरह से तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि ताजा हमलों से पहले खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को बताया कि उसने दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान में आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर नए हमले किए। सेंटकॉम के अनुसार, ये कार्रवाई हाल ही में आईआरजीसी की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर कथित हमलों की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के जवाब में की गई।
ओडोनिल ने भारत में एयर फ्रेशनर के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नया क्षेत्रीय अभियान लॉन्च किया

नई दिल्ली।डाबर इंडिया लिमिटेड के हाउस से आने वाले भारत के नंबर 1 एयर फ्रेशनर ब्रांड ओडोनिल ने अपना नया अभियान “बाथरूम में ओडोनिल नहीं, तो आपकी बदनामी हो रही होगी कहीं” लॉन्च किया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपने घरों में एयर फ्रेशनर के उपयोग के लिए प्रेरित करना है।इस अभियान की खास बात यह है कि एक ही विज्ञापन को अलग-अलग भाषाओं में दिखाने के बजाय, ओडोनिल ने 7 राज्यों के लिए 7 अलग-अलग स्थानीय कहानियां बनाई हैं। ये सभी कहानियां अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति और बोलचाल को दर्शाती हैं, लेकिन एक समान सोच पर आधारित हैं कि बाथरूम की ताजगी भी घर के बारे में लोगों की राय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग डायरेक्टर अभिषेक जुगरण ने कहा:”ओडोनिल लगातार नए उत्पादों और उपभोक्ताओं से जुड़ने वाले अभियानों के माध्यम से अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत कर रहा है। यह अभियान एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता समझ पर आधारित है और क्षेत्रीय स्तर पर लोगों से बेहतर जुड़ाव बनाने का प्रयास करता है। हमारा उद्देश्य बाथरूम की ताजगी को भारतीय घरों की देखभाल और मेहमाननवाजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।यह अभियान “नोज ब्लाइंडनेस” की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें लोग अपने घर के वातावरण के इतने आदी हो जाते हैं कि उन्हें कुछ बातें महसूस नहीं होतीं, लेकिन मेहमान उन्हें आसानी से नोटिस कर लेते हैं।अभियान में बाथरूम की दुर्गंध पर अतिरंजित प्रतिक्रिया दिखाने के बजाय यह दिखाया गया है कि मेहमान के जाने के बाद लोग आपस में क्या बातें करते हैं। हास्य और मजेदार बातचीत के जरिए यह संदेश दिया गया है कि बाथरूम की ताजगी भी घर की अच्छी छवि बनाने में अहम भूमिका निभाती है।इस बारे में डाबर इंडिया लिमिटेड के होम केयर मार्केटिंग हेड वैभव राठी ने कहा:”भारतीय परिवार अपने घर और मेहमानों के स्वागत पर काफी ध्यान देते हैं। लेकिन कई बार लोग अपने आसपास की कुछ ऐसी चीजें नहीं देख पाते जो मेहमानों को तुरंत दिखाई देती हैं। यह अभियान उसी व्यवहार को हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में दिखाता है तथा बाथरूम की ताजगी के महत्व को सामने लाता है।यह अभियान दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना, पंजाब और पश्चिम बंगाल में चलाया जाएगा। इसके साथ ही ओडोनिल विभिन्न क्षेत्रों के कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के साथ मिलकर स्थानीय भाषा और हास्य से जुड़ी डिजिटल सामग्री भी प्रस्तुत करेगा।इस अभियान के जरिए ओडोनिल न केवल अपनी बाजार नेतृत्व की स्थिति को और मजबूत करना चाहता है, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं के बीच बाथरूम फ्रेशनर के नियमित उपयोग की आदत को भी बढ़ावा देना चाहता है।
व्हर्लपूल ने 360° ट्रिपल कूलिंग टेक्नोलॉजी संचालित प्रीमियम 4-डोर रेफ्रिजरेटर की लक्ज़ूरियम रेंज का अनावरण किया

नई दिल्ली। भारत की अग्रणी होम अप्लायंसेज निर्माता कंपनियों में से एक, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड ने आज अपनी प्रीमियम 4-डोर रेफ्रिजरेटर रेंज लक्ज़ूरियम लॉन्च करने की घोषणा की। समझदार और आधुनिक भारतीय उपभोक्ताओं, जो शानदार सौंदर्य, स्मार्ट क्षमता और रोजमर्रा की उपयोगिता का सही संतुलन चाहते हैं, के लिए डिज़ाइन किया गया प्रमुख 654L रेफ्रिजरेटर व्हर्लपूल का अब तक का सबसे उन्नत रेफ्रिजरेशन प्लेटफॉर्म पेश करता है।खाद्य संरक्षण के स्वर्ण मानक, वास्तुशिल्प रूप से बेहतर प्रारूप और उद्योग तथा भारत में पहली बार किए गए नवाचारों Tको एक साथ लाते हुए, 4-डोर रेफ्रिजरेटर की लक्ज़ूरियम रेंज को प्रीमियम भारतीय घरों की विकसित होती जरूरतों को पूरा करने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। बेहतरीन कूलिंग तकनीक और स्मार्ट स्टोरेज फ्लेक्सिबिलिटी से लेकर शानदार फिनिश और सोच-समझकर तैयार किए गए इंटीरियर तक, हर एलिमेंट को प्रीमियम रेफ्रिजरेशन के भविष्य को फिर से परिभाषित करते हुए एक उन्नत ओनरशिप अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।लॉन्च पर बात करते हुए, नकुल तिवारी, वाइस प्रेसिडेंट – मार्केटिंग, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने कहा: “जब हम बड़ी क्षमता वाले रेफ्रिजरेटर के मौजूदा उपयोगकर्ताओं से मिले, तो बाजार में उपलब्ध वर्तमान उत्पादों के संबंध में कुछ समस्याएँ सामने आईं – भारतीय खाना पकाने के लिए आवश्यक बड़े और चौड़े बर्तनों को रखने के लिए पर्याप्त जगह का न होना, एक अक्षम कन्वर्टिबल समाधान और एक फल/सब्जी स्टॉकिंग ज़ोन जिसके लिए बार-बार झुकना पड़ता है। हमने महसूस किया कि आज देश में उपलब्ध अधिकांश बड़ी क्षमता वाले रेफ्रिजरेटर भारतीय कुकिंग और स्टोरेज आदतों के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं।व्हर्लपूल लक्ज़ूरियम 4-डोर रेफ्रिजरेटर रेंज इन सभी उपभोक्ता चिंताओं को दूर करती है। यह एक विचारपूर्वक तैयार किए गए उत्पाद प्रारूप को एकीकृत करती है जो बेहतर संरक्षण, अधिक स्टोरेज लचीलापन, परिष्कृत डिज़ाइन और अत्याधुनिक तकनीक को जोड़ती है, जो उपभोक्ताओं की प्रीमियम रेफ्रिजरेशन से उम्मीदों को फिर से परिभाषित करती है।4-डोर रेफ्रिजरेटर की लक्ज़ूरियम रेंज के केंद्र में व्हर्लपूल की 360° ट्रिपल कूलिंग टेक्नोलॉजी है, जो एक उन्नत ट्रिपल इवेपोरेटर आर्किटेक्चर है। इसमें रेफ्रिजरेटर, कन्वर्टिबल और फ्रीजर डिब्बों में तीन स्वतंत्र इवेपोरेटर, तीन समर्पित कूलिंग सिस्टम और तीन समर्पित एयरफ्लो शामिल हैं।खाद्य संरक्षण की बेहतरीन अभिव्यक्ति के रूप में निर्मित, यह तकनीक तीन पूरी तरह से स्वतंत्र कूलिंग वातावरण बनाती है जो ताजे भोजन, जमे हुए भोजन और कन्वर्टिबल स्टोरेज में गंध को आपस में मिलने से रोकते हुए प्रत्येक डिब्बे के लिए सटीक तापमान और आर्द्रता का स्तर बनाए रखती है। विभिन्न खाद्य श्रेणियों के लिए समर्पित कूलिंग वातावरण प्रदान करके, लक्ज़ूरियम 4-डोर रेफ्रिजरेटर रेंज स्वाद, बनावट और गुणवत्ता को सुरक्षित रखती है जबकि फलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और कुरकुरा बनाए रखने में मदद करती है।इसके पूरक के रूप में भारत का सबसे तेज कन्वर्टिबल है, जो कन्वर्टिबल डिब्बे को 30 मिनट से भी कम समय में फ्रीजर से रेफ्रिजरेटर मोड में बदलने में सक्षम बनाता है, जबकि समर्पित फ्रीजर स्पेस को बनाए रखता है। यह लचीलापन Lउपभोक्ताओं को बदलती जरूरतों के आधार पर अपने स्टोरेज को अनुकूलित करने की अनुमति देता है, चाहे मेहमानों की मेजबानी करते समय पार्टी प्लैटर्स और पेय पदार्थों के लिए अतिरिक्त रेफ्रिजरेटर स्थान बनाना हो, किराने की खरीदारी के बाद अधिक मात्रा में ताजे उत्पादों को रखना हो, या आइस-क्यूब्स और डेसर्ट को स्टोर करने के लिए फ्रीजर स्पेस को बनाए रखते हुए मौसमी आवश्यकताओं के आधार पर स्थान का पुनर्आवंटन करना हो। 30 मिनट से कम समय का रूपांतरण इस लचीलेपनSa को अंतिम समय की जरूरतों के लिए वास्तव में व्यावहारिक बनाता है, जिससे उपभोक्ताओं को अचानक आए मेहमानों या बदलती योजनाओं के लिए वांछित तापमान तक पहुँचने के लिए कई घंटों तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। 100+ कस्टमाइज़ेबल स्टोरेज मोड के साथ, लक्ज़ूरियम जरूरत पड़ने पर घर की आवश्यकताओं के अनुसार रेफ्रिजरेटर स्पेस को कॉन्फ़िगर करना संभव बनाता है। लक्ज़ूरियम रेंज को 4-डोर आर्किटेक्चर के इर्द-गिर्द उद्देश्यपूर्ण ढंग से डिज़ाइन किया गया है, जो प्रीमियम रेफ्रिजरेशन के अगले विकास को दर्शाता है।पारंपरिक साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर के विपरीत, इस सोच-समझकर तैयार किए गए 4-डोर फॉर्मेट को भारतीय रसोई की विशिष्ट स्टोरेज जरूरतों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है, जहाँ रोजमर्रा के खाना पकाने में अक्सर कई व्यंजन, बड़े बर्तन, सर्विंग प्लैटर्स और थोक किराने का स्टोरेज शामिल होता है। बड़ा रेफ्रिजरेटर सेक्शन बड़े कुकवेयर और सर्विंग डिश को आराम से समायोजित करता है, जबकि बड़े वाइड-एक्सेस शेल्फ अधिक उपयोग करने योग्य स्थान और आसान पहुंच प्रदान करते हैं। यह फॉर्मेट विभिन्न खाद्य श्रेणियों को अलग-अलग व्यवस्थित करना भी आसान बनाता है, जिससे रोजमर्रा के भारतीय घरों में अधिक लचीलापन और सुविधा आती है।एर्गोनोमिक रूप से स्थित ज़ीरो-बेंडिंग क्रिस्पर ड्रॉर्स (बिना झुके उपयोग होने वाले दराज) फलों और सब्जियों तक आसान पहुँच प्रदान करते हैं, जबकि समर्पित स्टोरेज ज़ोन उपभोक्ताओं को ताजे उत्पाद, डेयरी, फ्रोजन खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को अधिक कुशलता से अलग करने में सक्षम बनाते हैं।चार-दरवाजे वाला आर्किटेक्चर कूलिंग लॉस को कम करने में भी मदद करता है, जिससे उपयोगकर्ता पूरे रेफ्रिजरेटर कैविटी को परिवेशी हवा में उजागर करने के बजाय केवल आवश्यक डिब्बे को खोल सकते हैं, जिससे इष्टतम संरक्षण स्थितियों को बनाए रखने और रोजमर्रा की उपयोगिता में सुधार करने में मदद मिलती है।भारतीय घरों के इंटीरियर में भारी बदलाव आया है – वे अधिक समकालीन हो गए हैं। यह आधुनिकीकरण केवल रहने की जगह तक ही सीमित नहीं है बल्कि रसोई में भी देखा जाता है। 4-डोर रेफ्रिजरेटर की लक्ज़ूरियम रेंज को आधुनिक इंटीरियर के पूरक के रूप में सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है।यह रेंज प्रीमियम सामग्रियों के सहज संलयन के माध्यम से एक बोल्ड लेकिन सुरुचिपूर्ण अभिव्यक्ति बनाते हुए, भारत की पहली ग्लास और मेटल डुअल फिनिश (डुओ नोयर) पेश करती है। एक्सटीरियर के पूरक के रूप में भारत का पहला ओब्सीडियन इंटीरियर्स है, जिसे क्वाड थिएटर लाइटिंगद्वारा बढ़ाया गया है, जो एक परिष्कृत, प्रीमियम माहौल के साथ दृश्यता और समग्र स्वामित्व अनुभव दोनों को बेहतर बनाता है।डुओ नोयर, नीरो क्वार्ट्ज, डार्क क्वांटम, रोडियम स्टील और कॉसमॉस ब्लैक (मॉडल की उपलब्धता के अधीन) सहित प्रीमियम फिनिश में उपलब्ध, लक्ज़ूरियम को परिष्कृत, डिज़ाइन-आधारित रसोई में सहजता से एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।संरक्षण और सौंदर्यशास्त्र से परे, 4-डोर रेफ्रिजरेटर की लक्ज़ूरियम
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अनुराग गर्ग ने युवाओं में संस्कारों को बढ़ावा देने पर की चर्चा

नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुराग गर्ग ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान युवा पीढ़ी को शिक्षा और रोजगार के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों से जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। युवाओं में संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श हुआ।अनुराग गर्ग ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश और समाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज मिलकर युवाओं को अच्छे संस्कार देने की दिशा में निरंतर प्रयास करें।मुलाकात के दौरान रितु गर्ग, सक्षम गर्ग और अनुभव गर्ग भी मौजूद रहे।