बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, एनडीए नेताओं ने कहा- ‘राहत और बचाव कार्य में जुटी है सरकार’

पटना। बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और सोन जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश और भीषण बाढ़ के बाद वहां से आने वाली नदियों का दबाव भी बिहार पर बढ़ रहा है। इसको लेकर सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर बाढ़ प्रभावित लोगों के जीवन की सुरक्षा और राहत की व्यवस्था कर रही है। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “पानी लगातार बढ़ रहा है। कई जिले प्रभावित हैं। पटना जिला भी प्रभावित है। कई निचली इलाकों में पानी आया है और आवासीय व्यवस्था चरमराई है। राज्य सरकार लगातार इस पर नजर रख रही है। हर स्तर पर बाढ़ प्रभावित लोगों के जीवन की सुरक्षा और राहत की व्यवस्था सरकार कर रही है।” उन्होंने कहा, “पटना के दानापुर और मनेर इलाका भी बाढ़ के पानी से प्रभावित है। मैं स्वयं दानापुर जा रहा हूं। वहां की स्थिति नाजुक है। सरकार के स्तर पर प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।” मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि तत्काल राहत की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर बनाए जाएंगे। उनके लिए राशन और खान-पीन के सामान की व्यवस्था होगी। कोई असुविधा न हो इसके लिए सरकार पूरी तत्परता के साथ लगी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं, एनडीए में शामिल जदयू पार्टी के नेता श्याम रजक ने कहा, “पटना में पुनपुन और दरधा नदियों का जल खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। कई गांवों में पानी घुस गया है। अब उस तटबंध की सुरक्षा का काम अभियंताओं के द्वारा चल रहा है। मैं भी वहां आज निरीक्षण करने के लिए जा रहा हूं। हमारे साथ कई पदाधिकारी हैं।” उन्होंने बताया कि लखना पूर्वी, लखना पश्चिमी, लखना उत्तरी, चंदासी और फतेहपुर इन सभी गांवों में जल्द पानी पहुंच सकता है। स्थिति बहुत खतरनाक है। सरकार लगातार बचाव प्रयास में लगी हुई है।

कोलकाता में मेरे ऑफिस में तोड़फोड़ के लिए भाजपा जिम्मेदार: अभिषेक बनर्जी

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित उनके पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की है। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक वीडियो जारी कर पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगाया और इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तोड़फोड़ गुरुवार सुबह करीब 4 बजे हुई और आरोपियों ने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। उन्होंने मांग की है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज सुबह-सुबह भाजपा ने मेरे पार्टी ऑफिस में यही किया है। क्या पश्चिम बंगाल के राज्यपाल कार्रवाई करेंगे? क्या केंद्रीय गृह मंत्री कार्रवाई करेंगे? क्या पीएमओ कार्रवाई करेगा? या वे दूसरी तरफ देखते रहेंगे?” उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि न्यायपालिका, विशेष रूप से कलकत्ता हाईकोर्ट इस बात पर गंभीरता से ध्यान दे कि पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए कार्रवाई करे। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोला। अभिषेक बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “सुवेंदु अधिकारी के लिए एक साधारण सा सवाल यह है कि आप तृणमूल कांग्रेस और मुझसे इतने डरे हुए क्यों हैं कि आपको इस तरह की धमकी का सहारा लेना पड़ रहा है? अगर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के साथ इस तरह से व्यवहार किया जा रहा है, हिंसा, बर्बरता और धमकी के जरिए, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में चुप रहने वालों की भी निंदा की जानी चाहिए। डायमंड हार्बर सांसद ने कहा, “यह लोकतंत्र नहीं है। यह राजनीतिक गुंडागर्दी है। जिम्मेदार लोगों को शर्म आनी चाहिए और जो चुप रहना चुनते हैं उन्हें भी शर्म आनी चाहिए। इस तरह की हर हरकत को याद रखा जाएगा। हर हमला, धमकी का हर कृत्य, सत्ता का हर दुरुपयोग। कुछ भी भुलाया नहीं जाएगा।” पिछले हफ्ते ऑफिस बिल्डिंग की छत से तृणमूल कांग्रेस के एक अवैध होर्डिंग को हटाने के दौरान हुए विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद पिछले कुछ दिनों में अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट पार्टी ऑफिस को लेकर काफी विवाद हुआ है। इस मामले में पिछले कुछ दिनों में अभिषेक बनर्जी, उनके निजी सहायक सुमित रॉय और पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन से कोलकाता पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘हर पीढ़ी को जोड़ती है उनकी सदाबहार अदाकारी’

नई दिल्ली। महानायक उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने कहा कि महानायक उत्तम कुमार की सदाबहार अदाकारी हर पीढ़ी के लोगों को जोड़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महानायक उत्तम कुमार, एक ऐसे दिग्गज कलाकार जिनकी सदाबहार अदाकारी आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को जोड़ती है। उनकी जन्म-शताब्दी पर श्रद्धांजलि।” इस दौरान, पीएम मोदी ने पिछले रविवार (30 अगस्त) ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उनके बारे में जो कहा था, उसे भी शेयर किया। ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 137वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तम कुमार को याद किया था। उन्होंने कहा, “उत्तम कुमार एक बहुमुखी प्रतिभा वाले अभिनेता थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रच-बस गए। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि सत्यजीत रे ने फिल्म ‘नायक- द हीरो’ की पूरी स्क्रिप्ट महानायक उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। सत्यजीत रे ने कहा था कि उनमें प्रतिष्ठा के साथ-साथ अद्भुत भावनात्मक गहराई भी था। किरदार को वो जीवंत बनाने के लिए बहुत मेहनत करते थे।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “उत्तम कुमार के जीवन से कभी भी हार न मानने की एक और बड़ी सीख भी मिलती है। उनकी शुरुआती फिल्में बहुत नहीं चलीं, लेकिन उन्होंने अपने काम पर फोकस बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की।” एक वाकया बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मुझे ध्यान है कि जब मैं कोलकाता में रोड शो कर रहा था, तो मैं उत्तम कुमार के घर के सामने से भी गुजरा था। वहां मुझे एक व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर भी भेंट की थी। मैं एक बार फिर महानायक उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे हमेशा हम सब के दिलों पर राज करते रहेंगे।

यूएस ओपन: आर्यना सबालेंका ने पोलिना इयात्सेंको को हराकर तीसरे राउंड में जगह बनाई

न्यूयॉर्क। दुनिया की नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने यूएस ओपन 2026 के महिला एकल के तीसरे राउंड में जगह बना ली है। आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सबालेंका ने रूस की पोलिना इयात्सेंको को 6-1, 6-1 से हराया। लगातार तीसरा यूएस ओपन खिताब जीतने की कोशिश कर रही आर्यना सबालेंका को पोलिना इयात्सेंको पर जीत हासिल करने में कोई खास परेशानी नहीं हुई। सबालेंका ने 54 मिनट तक चले मुकाबले में 24 विनर लगाए। इस जीत के साथ सबालेंका ने यूएस ओपन में अपनी लगातार जीत का सिलसिला 15 मैचों तक पहुंचाया है। उन्होंने ग्रैंड स्लैम इवेंट्स में लगातार 22 दूसरे राउंड के मैच जीते हैं। सबालेंका अब यूएस ओपन में उन मैचों में 30-2 से आगे हैं जहां वह पहला सेट जीतती हैं। पिछली बार जब वह न्यूयॉर्क में पहला सेट जीतने के बाद कोई मैच हारी थीं, तो वह 2023 का फाइनल था। बेलारूस की खिलाड़ी का अगला मुकाबला कामिला राखिमोवा से है। सबालेंका, राखिमोवा के खिलाफ हेड टू हेड में 3-0 से आगे हैं। इन मैचों में राखिमोवा दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी के खिलाफ सिर्फ एक सेट जीत पाई हैं। अगर सबालेंका अपना एकल खिताब सफलतापूर्वक बचा पाती हैं और लगातार तीसरी बार यूएस ओपन जीत जाती हैं, तो वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं की सूची में शामिल हो जाएंगी। ऐसा करने वाली वह अकेली गैर-अमेरिकी खिलाड़ी होंगी। सेरेना विलियम्स ने 2012-14 तक लगातार तीन टूर्नामेंट जीते, और क्रिस एवर्ट ने 1975-78 तक लगातार चार टूर्नामेंट जीते। सात दूसरी महिलाएं तीन बार जीतने की उपलब्धि हासिल करने से चूक गई हैं। अगर सबालेंका खिताब जीतती हैं, तो एलेना रायबाकिना, कोको गॉफ और जेसिका पेगुला के नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने की उम्मीद खत्म हो जाएगी। सबालेंका ने 2023 और 2024 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2024, 2025 में यूएस ओपन जीता है।

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ‘शिफ्टेड’ दिखाने पर राघव चड्ढा ने उठाए सवाल, बोले- यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई

नई दिल्ली। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अब अपनी बदले की राजनीति को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक ले गई है। राघव चड्ढा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सदस्य हूं। मेरा वोटर आईडी मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरे नाम को ‘शिफ्टेड’ के तौर पर दिखाया गया है। अच्छी बात है कि ये सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं। ‘दावे और आपत्तियां’ की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है, जो अभी चल रही है। फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी। मैं पहले से ही एसआईआर गाइडलाइंस के तहत मिले उपायों का इस्तेमाल कर रहा हूं।” राघव चड्ढा ने कहा कि ये सिर्फ लिपिकीय गलती जैसा नहीं लगता, बल्कि राजनीतिक बदले का साफ मामला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “मुझे ‘शिफ्टेड’ के तौर पर किसने चिह्नित किया? ‘आप’ की पंजाब सरकार का एक अधिकारी। इस वर्गीकरण को किसने वेरिफाई किया? फिर से ‘आप’ की पंजाब सरकार का ही एक अधिकारी। इसे उच्च स्तर पर किसने प्रोसेस किया? एक बार फिर वही ‘आप’ की पंजाब सरकार का अधिकारी।” राघव चड्ढा ने कहा कि जमीन पर बीएलओ से लेकर पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी तक, इस पूरी प्रक्रिया का हर ऑपरेशनल स्तर पंजाब सरकार के अधिकारियों से भरा हुआ है। बीएलओ आमतौर पर पंजाब सरकार का एक जूनियर कर्मचारी होता है। बीच में एईआरओ, ईआरओ और डीईओ भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं। सबसे ऊपर पंजाब कैडर का एक आईएएस अधिकारी है जो मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब के रूप में कार्यरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी जानते हैं कि ‘आप’ सरकार उनकी ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर को कंट्रोल करती है, जब उनकी चुनावी ड्यूटी खत्म हो जाती है। वे जानते हैं कि कौन उनका ट्रांसफर कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी मुश्किल बना सकता है। इसी तरह ‘आप’ सरकार राजनीतिक बदला लेने के लिए सरकारी अधिकारियों के जरिए राजनीतिक दबाव डालती है। राघव चड्ढा ने कहा, “जब से मैंने आम आदमी पार्टी छोड़ी है, तब से उसका नेतृत्व गुस्से में जल रहा है। उसने पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार की प्रशासनिक मशीनरी को हम लोगों के खिलाफ छोड़ दिया है, जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया। ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अन्य सांसदों को भी पंजाब सरकार ने निशाना बनाया है। यह गलत वर्गीकरण उसी राजनीतिक प्रतिशोध की ताजा कार्रवाई है।” राघव चड्ढा ने ईसीआई की गाइडलाइन का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के लिए ईसीआई की विस्तृत गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(डी) में जन प्रतिनिधियों के लिए ‘सुरक्षित सूची’ बनाई गई है, जिनके नामों की पहचान की गई है। इसमें जज, सांसद और विधायक शामिल हैं। गाइडलाइन में कहा गया है, “न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, घोषित पदों के धारकों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और सार्वजनिक सेवाओं आदि के क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों के सभी नाम, (जो पहले से ही मतदाता डेटाबेस में चिह्नित हैं) को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाना है, ताकि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए जा सकें।” उन्होंने कहा, “मैं पंजाब से मौजूदा संसद सदस्य हूं। अगर मेरे नाम को चिह्नित भी किया गया था, तो पैराग्राफ 4(डी) के तहत मेरे नाम को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल करना जरूरी था। निर्देश को अनदेखा नहीं किया गया, बल्कि मेरे मामले में जानबूझकर इसका उल्लंघन किया गया।” आखिर में राघव चड्ढा ने कहा, ” आम आदमी पार्टी भले ही पंजाब सरकार चला रही हो, लेकिन पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उसकी निजी संपत्ति नहीं है।

इस वर्ष के 18वें तूफान से चीन का सामना, फुजि‍यान प्रांत से तीन बार टकराया ‘साउडेल’ टाइफून

बीजिंग। चीन में इस वर्ष का 18वां तूफान ‘साउडेल’ गुरुवार सुबह पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत के तट पर तीसरी बार टकराया। प्रांतीय मौसम विज्ञान वेधशाला के अनुसार, तूफान के केंद्र के निकट अधिकतम निरंतर हवा की गति 23 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई। तूफान गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे फुजि‍यान के झांगझोउ शहर के झांगपु काउंटी के तट से टकराया। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त को साउडेल ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के तट पर दो बार दस्तक दी थी। मौसम विभाग के मुताबिक, पहली बार यह सुबह करीब 8:05 बजे तट से टकराया था, तब इसके केंद्र के पास हवा की अधिकतम रफ्तार 35 मीटर प्रति सेकंड थी। इसके कुछ ही देर बाद सुबह करीब 9:10 बजे, तूफान ने झेजियांग के वेनझोउ शहर के तट पर दूसरी बार लैंडफॉल किया। उस समय हवा की अधिकतम रफ्तार 33 मीटर प्रति सेकंड थी। झेजियांग प्रांत ने 27 अगस्त को तूफान को देखते हुए आपातकालीन प्रतिक्रिया स्तर को बढ़ाकर लेवल-1 कर दिया था, जो सबसे उच्च स्तर होता है। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए थे कि समुद्र में कोई व्यक्ति, जहाज या अन्य गतिविधि न रहे। फुजि‍यान प्रांत के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय के अनुसार, 28 अगस्त सुबह 7 बजे तक लगभग 2,47,700 लोगों को जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। इसके अलावा, 80 हजार से अधिक आपातकालीन कर्मी और 80 हजार से ज्यादा उपकरण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखे गए थे। टाइफून की तैयारी के लिए झेजियांग ने व्यापक जोखिम निरीक्षण किए थे। 4,000 से अधिक निगरानी कर्मियों ने 7,200 से अधिक भू-वैज्ञानिक खतरों वाली संभावित जगहों और जोखिम वाले क्षेत्रों में 19,000 से अधिक बार गश्त की थी, जबकि जोखिम की पहचान में मदद के लिए 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को 73 काउंटियों में भेजा गया था। चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने 28 अगस्त की सुबह तूफान को लेकर चेतावनी जारी की थी। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा।

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हरे निशान में हुई। इस दौरान सेंसेक्स 154.60 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,724.95 और निफ्टी 83.50 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.95 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व बैंकिंग और वित्तीय शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंजप्शन लाल निशान में थे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,165 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 168 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,981 पर था। सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट गेनर्स थे। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स लूजर्स थे। ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे। केवल हांगकांग लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट से भारत के साथ वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना है। एफसीएनआर (बी) जमा में रिकॉर्ड 136 अरब डॉलर का निवेश आने के डॉलर के मुकाबले रुपए को सपोर्ट मिलेगा और विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ेगा। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की 9,500 करोड़ रुपए की खरीदारी से भी इसकी पुष्टि होती है।

स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, ये आयुर्वेदिक सावधानियां बरतें: डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), दिल्ली के डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बदलते मौसम के साथ बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले को लेकर आयुर्वेदिक सावधानियां बताईं। उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि डॉक्टर की सलाह के बाद ही गर्म पानी और सुदर्शन घनवटी एवं दशमूलारिष्ट जैसी दवाएं लें। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले बदलते मौसम की वजह से बढ़ रहे हैं। बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बैक्टीरिया और वायरस भी पनपता है। हमारे खान-पान में भी गड़बड़ी होती है और वर्षा ऋतु में हमारी इम्यूनिटी भी सबसे कम होती है, इसलिए इस मौसम में बैक्टीरिया का प्रभाव हमारे शरीर पर ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जो स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं, इससे बहुत लोग परेशान हो रहे हैं। इसी को लेकर हमने 10 केस पर स्टडी की है। उन्होंने कहा कि मैं और मेरे परिवारवालों को भी स्वाइन फ्लू हुआ। इसके अलावा हमारे जानने वाले भी इस वायरस से संक्रमित हुए। स्वाइन फ्लू के केसेज को स्टडी करने के दौरान हमने देखा कि इसमें 4 दिन बुखार नहीं उतरता। 4 दिनों तक लोगों को 100 डिग्री फारेनहाइट के ऊपर बुखार रहता है। हालांकि, इसको लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस दौरान हमें गरम पानी पीना है। डॉक्टरों की सलाह के बाद ही दवाइयां लेनी हैं। डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिमाण बहुत अच्छे सामने आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू होने पर लोगों को भूख-प्यास कम लगती है और सिर में दर्द रहता है। ऐसी स्थिति में हमें काम से थोड़ा आराम लेने की जरूरत है। गर्म-गर्म हल्का-फुल्का खाना खाएं और खुद की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। उन्होंने कहा कि 4 दिन के बाद धीरे-धीरे बुखार खुद कम होता जाएगा और आपका स्वास्थ्य बेहतर हो जाएगा। डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने साफ किया कि यह कोरोना वायरस जैसा नहीं है, इसलिए बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी है तो आप 3 दिन में भी इस वायरस से रिकवर कर सकते हैं। वहीं, अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी नहीं है, तो रिकवर करने में आपको 5 दिन या उससे ज्यादा लग सकता है। बुखार उतरने के बाद की कंप्लीकेशन की बात करें तो उसमें सिर दर्द, सर्दी और जुकाम जैसी समस्या होती है। इसके लिए हमें ध्यान देने की जरूरत है। खान-पान पर ध्यान देने के साथ अच्छी नींद, साफ-सफाई और स्टीम लेने की जरूरत है।

जी20 सम्मेलन: आरबीआई गवर्नर ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व और आईएमएफ अधिकारियों से की मुलाकात

एशविले । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित जी20 बैठक के दौरान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की। इसकी जानकारी आरबीआई ने दी। मल्होत्रा ने जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वरिष्ठ आर्थिक नीति निर्माता शामिल हुए। बैठक के दौरान गवर्नर मल्होत्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ चर्चा की। हालांकि आरबीआई ने इन बैठकों में हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा या उठाए गए विशेष मुद्दों की जानकारी साझा नहीं की। बैठक से इतर संजय मल्होत्रा ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दुनिया के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय व्यवस्था के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा कर रहे थे। मल्होत्रा ने आईएमएफ के फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डैन कैट्ज से भी मुलाकात की। इन बैठकों के जरिए भारत के केंद्रीय बैंक के प्रमुख का संपर्क उन दो प्रमुख वैश्विक संस्थानों से हुआ, जिनका अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय नीतियों पर बड़ा प्रभाव माना जाता है। फेडरल रिजर्व के फैसलों का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है। वहीं, आईएमएफ वैश्विक अर्थव्यवस्था की निगरानी और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक, जी20 ढांचे की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और वित्तीय प्रक्रिया मानी जाती है। इन बैठकों में सदस्य देश वैश्विक आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, विकास के लिए वित्तीय संसाधन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत वाले अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हैं। एशविले में आयोजित इस बैठक में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों ने एक मंच पर आकर साझा आर्थिक और वित्तीय प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया। संजय मल्होत्रा ने इन चर्चाओं में भारत के केंद्रीय बैंक का प्रतिनिधित्व किया और औपचारिक बैठकों के साथ-साथ कई द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं।

वैष्णव तिलक और बेल पत्रों से सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि, गुरुवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गुरुवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। वैष्णव तिलक और राम नाम के बेल पत्र से बाबा को सजाया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।