संयुक्त राष्ट्र में ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव का भारत ने किया समर्थन

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव पारित कर दिया। दुनिया के नक्शों में देशों और महाद्वीपों के वास्तविक आकार को अधिक सटीक तरीके से दर्शाने के उद्देश्य को भारी बहुमत से मंजूरी दी। पक्ष में 164 देशों ने मतदान किया, जबकि अमेरिका ने इसके विरोध में वोट किया और छह देश मतदान से दूर रहे। भारत ने कहा कि वो इस मुद्दे पर तकनीकी और पद्धतिगत रूप से तटस्थ रुख का समर्थक है। भारत ने कहा कि इस समर्थन को किसी एक खास नक्शा प्रणाली, जैसे इक्वल-एरिया मैप प्रोजेक्शन्स, के समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने कहा, “भारत का मानना है कि प्रस्ताव को समान क्षेत्रफल वाले नक्शा प्रोजेक्शन्स के व्यापक इस्तेमाल और विचार को बढ़ावा देने के रूप में समझा जाना चाहिए, न कि इक्वल अर्थ या किसी अन्य विशेष प्रोजेक्शन के समर्थन के तौर पर।” उन्होंने कहा, “अलग-अलग मैप प्रोजेक्शन का इस्तेमाल अलग-अलग भौगोलिक विशेषताओं जैसे आकार, दिशा या दूरी को बेहतर तरीके से दर्शाने के लिए किया जाता है। ऐसे में भारत इस मुद्दे पर तकनीकी और पद्धतिगत रूप से तटस्थ रुख का समर्थक है।” पुरी के अनुसार, जब उद्देश्य महाद्वीपों के वास्तविक सापेक्ष क्षेत्रफल को दिखाना हो, तब इक्वल एरिया अप्रोच उपयोगी हो सकता है। इससे नक्शों में भूमि के आकार को लेकर पैदा होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकता है। भारत ने इसी सिद्धांत के आधार पर प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन किसी एक कार्टोग्राफिक मेथेडोलॉजी या प्रोजेक्शन को अनिवार्य बनाने का समर्थन नहीं किया है। अफ्रीकी देशों की अगुवाई में लाए गए इस प्रस्ताव का मकसद खास तौर पर अफ्रीका के आकार को दुनिया के नक्शों में अधिक वास्तविक रूप में दिखाना है। प्रस्ताव में समान क्षेत्रफल दर्शाने वाले यानी इक्वल-एरिया मैप प्रोजेक्शन्स के व्यापक इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया गया है। मामला मुख्य रूप से सदियों से व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जा रहे ‘मर्केटर प्रोजेक्शन’ से जुड़ा है। वर्ष 1569 में तैयार यह प्रक्षेपण नौवहन के लिए बेहद उपयोगी रहा है, लेकिन इसमें भूमध्य रेखा से दूर स्थित क्षेत्रों का आकार वास्तविकता की तुलना में काफी बड़ा दिखाई देता है। इसका असर खास तौर पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों पर पड़ता है, जबकि अफ्रीका अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। अफ्रीकी देशों का तर्क है कि नक्शे पर लंबे समय से चली आ रही यह विकृति केवल भौगोलिक गलती नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की सामूहिक सोच में अफ्रीका के आकार और महत्व को लेकर गलत धारणा भी बनी है। इसी वजह से ‘करेक्ट द मैप’ अभियान को ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व दिया जा रहा है। यह महासभा का प्रस्ताव गैर-बाध्यकारी है। इसका अर्थ यह है कि दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले सभी नक्शों को तत्काल मर्केटर से बदलना अनिवार्य नहीं होगा। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य अधिक सटीक और समानुपातिक कार्टोग्राफिक मेथेडोलॉजी को प्रोत्साहित करना है।

शुद्धिकरण विवाद पर बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस को घेरा, कहा- यह तुष्टिकरण की राजनीति

गोंडा। बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “एक एफआईआर उत्तराखंड में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ लिखी गई थी। अब कांग्रेस पार्टी की ओर से बेंगलुरु में एफआईआर लिखी गई है। यह वोट की राजनीति है। उन्होंने ये भी कहा कि जब चुनाव पास आएगा तो राहुल गांधी हिंदू भी बनेंगे। अभी वे हिंदू विरोध दर्शाने का काम कर रहे हैं। विवाद शुरू होने की वजह यह है कि पहले वहां कांग्रेस का कार्यक्रम किया गया था। बाद में भाजपा का कार्यक्रम किया गया।” बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भाजपा के जो भी कार्यक्रम होते हैं, वो विधि-विधान से किए जाते हैं। ऐसा केवल उत्तराखंड में ही नहीं, भाजपा की कहीं भी बड़ी रैली और बैठक में भी किया जाता है। कुछ भी नहीं होता तो एक अगरबत्ती ही जला दी जाती है। जैसे विद्यालय में कार्यक्रम किए जाते हैं तो मां सरस्वती की पूजा की जाती है। अब उसको उन्होंने ‘शुद्धिकरण’ के रूप में ले लिया। इसको कांग्रेस की ओर से गलत दिशा दी गई और उसी का परिणाम है कि बेंगलुरु में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह तुष्टिकरण की राजनीति है और इससे कांग्रेस का कोई फायदा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश करती हैं, लेकिन आज की तारीख में भाजपा के पास दलित मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ मामले में बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता की ओर से बताया गया कि 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा के बाद 10 अगस्त को ‘शुद्धिकरण’ किया गया था।

शिक्षकों के सम्मान में योगी बोले ‘ठेके पर नकल’ वाले यूपी की बदली तस्वीर, शिक्षक बने परिवर्तन के वाहक

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित समारोह में प्रदेश की बदली तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार ही किसी राष्ट्र को सशक्त बनाने की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि उन्हें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते थे और नकल तक ठेके पर होने की चर्चा होती थी। प्रदेश की पहचान को लेकर युवाओं और शिक्षकों को दूसरे राज्यों में भी संशय की नजर से देखा जाता था। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में व्यवस्था बदली है और अब उत्तर प्रदेश के लोगों को बाहर सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस बदलाव के वाहक प्रदेश के शिक्षक भी हैं। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में कर्फ्यू और दंगे आम बात माने जाते थे। उन्होंने जन्माष्टमी के आयोजन का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस लाइनों, थानों, मोहल्लों और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं से दंगे या उपद्रव की खबर नहीं आई। उन्होंने कहा कि जिस माहौल में पहले स्कूल-कॉलेज चलाना भी मुश्किल था, आज वहां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा व्यवस्था आगे बढ़ रही है। योगी ने कहा कि भारत आदिकाल से ही ज्ञान की उपासना करने वाला देश रहा है। समय के साथ ज्ञान की परंपरा के स्वरूप में बदलाव आया, लेकिन शिक्षा और संस्कार का महत्व हमेशा बना रहा। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी मजबूत और समर्थ बन सकता है, जब उसकी भावनाओं और मूल्यों के अनुरूप शिक्षा और संस्कार नई पीढ़ी को मिलें। यह जिम्मेदारी शिक्षक से बेहतर कोई नहीं निभा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में ज्ञान और गुरु परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। मां सरस्वती की आराधना से जुड़े वसंत पंचमी और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व इसी परंपरा के प्रतीक हैं। शिक्षक दिवस शिक्षकों को देश की इसी समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ने और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराने का अवसर देता है। गोरखपुर के योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल से अलग हटकर सभी 81 सम्मानित शिक्षकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि केवल 10 शिक्षक मंच पर आएंगे, लेकिन वह जानते थे कि सम्मान पाने वाले शिक्षक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लंबी दूरी तय करके यहां पहुंचे हैं। इसलिए सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित करना जरूरी समझा। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को संस्कारित करते हैं और इसके लिए उनका स्वयं संस्कारित होना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मौजूदगी और उनका उत्साह इस समारोह को नई ऊर्जा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में उस परंपरा का सम्मान है, जो पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध से जोड़ती है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया। समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग के और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

मध्य प्रदेश के शिक्षक टीईटी देंगे ऑफलाइन : मोहन यादव

भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के शिक्षकों के लिए शिक्षक दिवस पर बड़ा ऐलान किया है और कहा है कि शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) ऑफलाइन देनी होगी। दरअसल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर देश के सभी राज्यों में शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की जा रही है। मध्य प्रदेश में यह परीक्षा ऑनलाइन प्रस्तावित थी। शिक्षक इस परीक्षा का ही विरोध कर रहे हैं। शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राजधानी स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित किया गया। इसका राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने टीईटी के माध्यम से ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। हमारा संकल्प है कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, हमारे शिक्षकों को सम्मान और बेहतर अवसर मिले तथा प्रदेश का हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सके। मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि आज दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वहीं, आज शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नमन करता हूं। गुरु की महिमा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा जाता है कि जहां “गुरुर” समाप्त होता है, वहीं “गुरु” की प्राप्ति होती है। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। हम सभी जानते हैं कि देश की किस्मत स्कूल की कक्षाओं में बनती है और उन कक्षाओं के अधिपति हमारे शिक्षक होते हैं। एक सच्चा शिक्षक उस समय सबसे अधिक आनंदित होता है, जब उसका शिष्य उससे भी आगे बढ़कर सफलता प्राप्त करता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में हमारे सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपने समर्पण और मेहनत से इस भावना को निरंतर साकार कर रहे हैं। जब मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सामने आते हैं, तो मेरिट सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों से होते हैं। यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में हम निरंतर नए कदम उठा रहे हैं।

केएन नेहरू पर छापेमारी को लेकर भड़के एमके स्टालिन, बोले-डीएमके डरने वाली नहीं

चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को पार्टी महासचिव और पूर्व मंत्री केएन नेहरू से जुड़ी संपत्तियों पर की गई तलाशी का कड़ा विरोध किया और राज्य सरकार पर विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान चलाने का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि न तो के. एन नेहरू और न ही डीएमके नई सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों को डराने के प्रयासों से भयभीत होंगे। पार्टी कानूनी माध्यमों से इस कार्रवाई का सामना करेगी और सफल होगी। भ्रष्टाचार विरोधी विभाग के अधिकारियों ने शनिवार सुबह के. एन नेहरू और उनके भाई रविचंद्रन से जुड़े परिसरों पर तलाशी शुरू की। इस कार्रवाई से डीएमके की ओर से तत्काल राजनीतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई, जिसने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल उसके वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। स्टालिन ने तलाशी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित मामले उच्च न्यायालय में लंबित थे जबकि राज्य विधानसभा का सत्र भी चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि केएन नेहरू के खिलाफ की गई कार्रवाई भ्रष्टाचार से निपटने के वास्तविक प्रयास के बजाय पूरी तरह से राजनीतिक विचारों से प्रेरित थी। सरकार पर निशाना साधते हुए डीएमके नेता ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दलबदल और विधायकों को कथित रूप से रिश्वत देने से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि अन्य पार्टियों से संबंधित विधायकों पर इस्तीफा देने के लिए दबाव डाला गया और बाद में उन्हें सत्ताधारी पार्टी में शामिल कर लिया गया, जबकि विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों की अभी भी जांच नहीं हुई है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि इस तरह के घटनाक्रमों को लेकर शिकायतों के बावजूद, भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफडी) तक दर्ज नहीं की थी और उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग भ्रष्टाचार के आरोपों के प्रति सरकार के चयनात्मक दृष्टिकोण से अवगत थे। स्टालिन ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि जब भी उसे असहज राजनीतिक सवालों का सामना करना पड़ता है, तो वह ध्यान भटकाने वाली रणनीति का सहारा लेता है। उन्होंने केएन नेहरू के खिलाफ की गई तलाशी को सरकार के सामने मौजूद मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का एक और प्रयास बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमके अपने पदाधिकारियों को निशाना बनाकर की जाने वाली छापेमारी या जांच से डरने वाली नहीं है। स्टालिन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “के एन नेहरू और पार्टी नई सरकार के ऐसे डरावने धमकाने वालों से नहीं डरेंगे और जोर देकर कहा कि डीएमके कानून के दायरे में इस कार्रवाई को चुनौती देगी। इन तलाशी अभियानों से सरकार और प्रमुख विपक्षी दल के बीच राजनीतिक टकराव के और तेज होने की आशंका है और डीएमके इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों तरह से उठाने की तैयारी कर रही है।

फिल्म में डरावने, लेकिन असल जिंदगी में बेहद अच्छे थे शाहरुख खान, ‘अंजाम’ की पिंकी ने सुनाया किस्सा

मुंबई। 1994 में आई फिल्म ‘अंजाम’ में माधुरी दीक्षित की ऑन-स्क्रीन बेटी पिंकी चोपड़ा का किरदार निभाने वाली गजाला सलमीन ने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे सुपरस्टार शाहरुख खान सेट पर जब भी मिलते थे तो उन्हें कंफर्टेबल फील कराते थे। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने शाहरुख खान से जुड़ा पर्दे के पीछे का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया, “फिल्म ‘अंजाम’ में शाहरुख खान के साथ मेरा एक सीन था। उस समय में बहुत छोटी थी और हम मॉरीशस में शूटिंग कर रहे थे। वैसे, फिल्म में मेरे बर्थडे वाले सारे सीन मॉरीशस के ही शूट हुए हैं। मुझे अभी भी याद है, शाहरुख खान मेरे पास आते थे, मुझे गले लगा लेते थे। कैमरे के पीछे वो बहुत अच्छे इंसान थे। फिल्म में वो डरावने लगते थे। एक बच्चे के तौर पर मुझे डर लगता था, लेकिन कैमरे के पीछे वो हमेशा मुझे कंफर्टेबल महसूस कराते थे।” गजाला सलमीन ने बताया कि फिल्म में अभिनेता शाहरुख खान ने बिना हार्नेस के सारे स्टंट सीन शूट किए थे। उन्होंने कहा, “यह मेरा पहला स्टंट सीन था, जहां शाहरुख खान अपनी कार लेकर आते हैं और हम टकराते हैं तभी मैं कार से गिर जाती हूं। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक शूटिंग चली। मैं रात में वहां थी और मुझे चोट नहीं लग रही थी, लेकिन मैं कभी देख ही नहीं पाई कि मैं कितनी ऊंची उछली। मुझे बहुत डर लग रहा था, क्योंकि कोई हार्नेस नहीं था लेकिन मैं सेफ थी लेकिन मैं कई बार यहां से वहां उछली थी।” अभिनेत्री गजाला सलमीन ने 1994 की मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म ‘अंजाम’ में पिंकी चोपड़ा का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी में पिंकी का किरदार बहुत भावुक और महत्वपूर्ण मोड़ लाता है। फिल्म के विलेन विजय अग्निहोत्री (शाहरुख खान) के जुनून और नफरत की वजह से मासूम बच्ची की जान चली जाती है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही औसत या मध्यम सफलता हासिल कर पाई हो, लेकिन इसका गाना ‘चने के खेत में’ बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ था, जो आज भी पसंद किया जाता है।

अफगान सीरीज में हार की डर से युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया गया: श्रीकांत

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मुख्य चयनकर्ता रहे कृष्णमाचारी श्रीकांत का मानना ​​है कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज का इस्तेमाल भारत के युवा खिलाड़ियों के पूल को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हाल में मिली हार की वजह से चयनकर्ताओं ने अफगान सीरीज में टीम के साथ प्रयोग नहीं किया। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “आयरलैंड और इंग्लैंड में सीरीज हारने के बाद, चयनकर्ताओं ने कोई रिस्क न लेने का फैसला किया और अफगानिस्तान के खिलाफ एक मजबूत टीम चुनी। वे पूरी ताकत लगा रहे हैं, लेकिन यह एक गलती है। अफगानिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ आपको युवाओं को आजमाना चाहिए था। हार के डर से ताकतवर टीम चुनी गई है। आयरलैंड और इंग्लैंड में हार के बाद यह एक डेस्परेशन मूव जैसा लगता है। यह टीम लगभग वैसी ही है जैसी उन्होंने इंग्लैंड के लिए चुनी थी।” भारत को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हाल में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सभी छह टी20 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद दूसरी क्लास की भारतीय टीम ने जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीता। अफगान सीरीज के लिए घोषित टीम में 4 इंजर्ड खिलाड़ी हैं। इस पर श्रीकांत ने कहा, “सिर्फ बेंगलुरु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार नहीं किया जा सकता। इन चारों ने मैच-फिटनेस साबित नहीं की है। वे किस आधार पर फिटनेस के दायरे में आते हैं? सिर्फ इसलिए कि आप बेंगलुरु सीओई में अपनी फिटनेस साबित कर देते हैं, क्या आप फिट हैं? इसी तरह हर्षित राणा इंग्लैंड गए थे, और फिर वहां उनके साथ क्या हुआ? इसलिए मैच-फिटनेस जरूरी है।” अफगानिस्तान के खिलाफ चुनी गई भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर को जगह मिली है, लेकिन ये खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं हैं। भारत और अफगानिस्तान सीरीज 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जाएगी।

बिहार में बाढ़ की स्थिति पर सीएम लगातार कर रहे निगरानी, सरकार जनता के साथ खड़ी : नितिन नवीन

पटना। बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और आपदा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सरकार का पूरा ध्यान प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने पर है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आपदा की इस घड़ी में लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा, “हम सबका प्रयास है कि लोगों को इस आपदा के समय में भी कम से कम समस्या हो। सरकार पूरी तरह से जनता के लिए खड़ी रहे, यही हमारा प्रयास है।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार भी बिहार में उत्पन्न स्थिति को लेकर गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर विषय का संज्ञान लेते हैं और आपदा से जुड़े मामलों पर भी लगातार नजर रखी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। नितिन नवीन ने कहा कि नेपाल में हुई घटनाओं के बाद से बिहार में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। इसके बाद बारिश के कारण भी कई इलाकों में स्थिति और प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता लोगों को राहत और सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत और बचाव से जुड़े कार्य लगातार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को मुश्किल परिस्थितियों में भी राहत मिले और उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान दिखाई दे। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री की निगरानी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत के मुताबिक उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाए।

दिल्ली में भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित, इंडिगो और एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली। दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं और इंडिगो एवं एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन में देरी हो सकती है। एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की। साथ ही यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी, क्योंकि जलभराव और सड़कों पर धीमी आवाजाही से एयरपोर्ट पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने भी यात्रियों को चेतावनी दी कि खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास खराब मौसम की संभावना है, लेकिन फिलहाल एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी है। एयरपोर्ट संचालक ने कहा कि यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए उसकी ग्राउंड टीमें सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रही हैं। यात्रियों को उड़ान की ताजा जानकारी के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों, जिनमें नोएडा और गाजियाबाद भी शामिल हैं, में सुबह मध्यम बारिश हुई। इससे हाल की गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई। पालम एयरपोर्ट टनल, गीता कॉलोनी, मंडी हाउस और सुब्रतो पार्क समेत कई इलाकों में जलभराव की सूचना मिली, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ। बारिश के कारण दिल्ली का न्यूनतम तापमान गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 3.4 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात 11:30 बजे से शनिवार सुबह 5:30 बजे के बीच सफदरजंग में 0.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद सुबह 8:30 बजे तक अगले तीन घंटों में स्टेशन पर 1.3 मिलीमीटर और बारिश दर्ज हुई। आईएमजी ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और दिन के दौरान पूरे क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

एफसीएनआर (बी) के जरिए डॉलर आकर्षित करने में आईसीआईसीआई बैंक, आरबीएल बैंक और एचएसबीसी रहे सबसे आगे

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से डॉलर आकर्षित करने के लिए शुरू की गई विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और इसमें 127.22 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया है। मैक्वेरी, जेफरीज और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (एमओएसएल) की ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कीम के तहत इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए बैंकों ने निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरें ऑफर की हैं। इन इनफ्लो में बैंकों की हिस्सेदारी उनके घरेलू कारोबार के हिसाब से निर्धारित नहीं है। कई बैंकों ने अपने आकार के मुकाबले बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। आईसीआईसीआई बैंक निजी बैंकों में अग्रणी रहा है। मैक्वेरी के मुताबिक, निजी बैंक ने एफसीएनआर (बी) जमा में 17.88 अरब डॉलर या 1.70 लाख करोड़ रुपए का इनफ्लो आकर्षित किया है। फंड जुटाने में 70 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान बैंक की अपनी बैलेंस शीट से आया, जिसमें उसकी इंटरनेशनल ब्रांच से लिए गए लगभग 9 अरब डॉलर के लोन और दूसरे बैंकों को जारी किए गए 3.6 अरब डॉलर के स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट शामिल हैं। एमओएसएल का अनुमान है कि आईसीआईसीआई बैंक का हिस्सा लगभग 14 प्रतिशत है, जो अभी भी उसके सामान्य डिपॉजिट-मार्केट हिस्सेदारी से दोगुना है। बैंक की इस मजबूत फंड जुटाने की क्षमता में उसकी इंटरनेशनल बैलेंस शीट का बड़ा योगदान रहा। छोटे निजी बैंक आरबीएल बैंक ने भी अपनी क्षमता से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। एमओएसएल के अनुसार, बैंक ने लगभग 3.4 अरब डॉलर (करीब 32,000 करोड़ रुपए) जुटाए, जो कुल एफसीएनआर (बी) जमा का लगभग 2.7 प्रतिशत था। यह बैंक के सामान्य डिपॉजिट मार्केट शेयर 0.5 प्रतिशत से काफी ज्यादा था। इस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा विदेशी बैंकों को हुआ। जेफरीज ने बताया कि एफसीएनआर (बी) जमा में उनकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है जून की शुरुआत में यह लगभग 1-2 प्रतिशत थी, जो जुलाई के अंत तक नए डिपॉजिट का 15 से 30 प्रतिशत हो गई। एमओएसएल का अनुमान है कि 30 जुलाई तक एचएसबीसी बैंक ने कुल नए डिपॉजिट का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और 6.1 अरब डॉलर ( करीब 58,000 करोड़ रुपए) जुटाए। जेफरीज के डेटा से पता चला कि अगस्त के अंत तक एचएसबीसी के नए डिपॉजिट लगभग 6.14 अरब डॉलर तक पहुंच गए थे। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने भी नए डिपॉजिट का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।