सप्ताह में पांच कार्य दिवस को लेकर बैंक यूनियन की हड़ताल, बैंकिंग सेवाओं पर असर

नई दिल्ली। सप्ताह में पांच कार्य दिवस को लागू करने और अन्य समस्याओं के लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने शुक्रवार को हड़ताल की और इससे बैंकिंग सेवाओं विशेषकर सरकारी बैंकों पर असर हुआ है। यूएफबीयू में कुल सात बैंकिंग यूनियन शामिल हैं और इसमें सरकारी बैंकों के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, इस हड़ताल का निजी बैंकों की सेवाओं पर असर नहीं हुआ है। हड़ताल में कई सरकारी बैंक कर्मचारियों के शामिल होने के कारण सरकारी बैंकों की ब्रांच या तो पूरी तरह से बंद हैं या फिर आंशिक रूप से कामकाज कर रही हैं। कई शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। हालांकि, सरकारी बैंकों की डिजिटल सेवाओं पर इस हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ है। इंटरनेट बैंकिंग के साथ-साथ यूपीआई सेवाएं भी सामान्य बनी हुई है। इसे लेकर कई सरकारी बैंक ग्राहकों को एडवाइजरी भी जारी कर चुके हैं और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं को उपयोग करने की सलाह दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि यूएफबीयू की 11 सितंबर को हड़ताल के कारण बैंकिंग ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं। हम इस दौरान सभी जरूरी सेवाओं को देना का प्रयास करेंगे। साथ ही, ग्राहकों को सलाह दी कि इस स्थिति में वे वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम एवं अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कहा कि यूएफबीयू की 11 सितंबर, 2026 को एक दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। बैंकिंग सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। ग्राहकों से अनुरोध है कि अपनी बैंकिंग आवश्यकताओं के लिए वैकल्पिक माध्यमों जैसे पीएनबी वन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें।
हम एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार हैं: अविनाश साबले

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। भारतीय एथलीट इस बड़े मंच पर यादगार प्रदर्शन करने और देश के लिए पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीटों की तैयारी को परखने के दृष्टिकोण से शुक्रवार को नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम (जेएलएन स्टेडियम) में इंडियन एथलेटिक्स चैंपियंस फाइनल सीरीज 2026 का आयोजन किया गया। इसमें एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जा रहे एथलीटों के अलावा देशभर के प्रतिभाशाली एथलीटों ने हिस्सा लिया। प्रतिस्पर्धा ने एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जा रहे प्रतियोगियों को न सिर्फ अभ्यास का बेहतरीन मंच दिया, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया। स्टीपलचेज के अविनाश साबले ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, “हम एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैं इंजरी से वापसी कर रहा हूं। रिकवरी के बाद यह मेरी पहली रेस थी। ट्रेनिंग अच्छी है, हमारा आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। उम्मीद है कि एशियन गेम्स 2026 में पहले के मुकाबले हमारा प्रदर्शन अच्छा रहेगा।” उन्होंने कहा, “एशियन गेम्स में अब बहुत कम दिन बचे हैं। ऐसे में उसकी तैयारी को जांचने के दृष्टिकोण से इस प्रतिस्पर्धा को आयोजित किया गया था। यहां आकर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।” अविनाश ने यहां पहला स्थान हासिल किया। अविनाश ने 2023 एशियन गेम्स में पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। एक अन्य एथलीट ने कहा, “मैं एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार हूं और बहुत रोमांचित हूं। मुझे दर्शकों के सामने प्रदर्शन करते हुए आनंद आता है। मैं इंतजार कर रहा हूं। इस प्रतिस्पर्धा में मुझे मेरे कोच ने समय की परवाह किए बिना दौड़ने को कहा था।” उन्होंने कहा, “मैं सभी एथलीटों से चाहे वे जिस प्रतिस्पर्धा से हों, उनसे कड़ी मेहनत करने और अपने राज्य और देश के लिए पदक जीतने की अपील करूंगा।
सागर शराब कांड के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली

सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के जहरीली शराब कांड के एक आरोपी रवि लखेरा का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया है। रवि लखेरा के पैर में गोली लगी है और उसका उपचार बंडा के अस्पताल में चल रहा है । मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को रवि लखेरा की तलाश थी वह छतरपुर जिले के गढ़ी मलहरा में शराब दुकान का ठेकेदार भी है। आरोपी के बरायठा के जंगल में होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और उसे पकड़ने का प्रयास किया मगर आरोपी ने पुलिस पर ही गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की तो वह रवि लखेरा के पैर में लगी।घायल अवस्था में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बंडा के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है। दरअसल सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब पीने से 15 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।इस मामले में सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी प्रभावितों के बीच पहुंचे थे और उन्होंने जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, इस मामले में गिरफ्तारियों का दौर जारी है और उसी क्रम में अब रवि लखेरा पुलिस की गिरफ्त में आया है । मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के तहत गुरुवार को तीन आरोपियों के पांच अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया था और इस तरह की कार्रवाई आगे भी प्रस्तावित है। बताया गया है कि सागर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में पड़ोसी राज्यों से शराब की सप्लाई की जाती है और इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है जिस पर प्रशासन की नजर है। वहीं, रवि केउत्तर प्रदेश से संपर्क होने की बात कही जा रही है।
पंजाब में भाजपा और अकाली दल साथ आए तो सत्ता तक पहुंचना मुश्किल नहीं’, रामदास आठवले बोले- गठबंधन पर चल रही बातचीत

अमृतसर। पंजाब में विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच फिर से गठबंधन की वकालत करते हुए कहा है कि इससे राज्य में एनडीए मजबूत होगा। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “आम आदमी पार्टी का जाना तय है और यहां एनडीए की सरकार बन सकती है। मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि भाजपा और अकाली दल को साथ आना चाहिए।” आठवले ने कहा, “अनेक सालों तक प्रकाश सिंह बादल और भाजपा एक साथ रहे हैं। दोनों की सत्ता पंजाब में रही। इसलिए मुझे लगता है कि कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा, अकाली दल और आरपीआई (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले) का गठबंधन जरूरी है।” उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत चल रही है। आठवले ने कहा, “अगर दोनों (भाजपा और अकाली दल) साथ आते हैं तो सत्ता तक पहुंचने में मुश्किल नहीं होगी। इसलिए चर्चा चल रही है। आगे देखते हैं कि क्या होगा।” रामदास आठवले शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचे। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वह अमृतसर में संत निरंजन दास महाराज से मुलाकात करेंगे और इसके बाद लुधियाना के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “लुधियाना में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का एक कार्यक्रम है और आने वाले विधानसभा चुनावों के सिलसिले में कई लोग मुझसे यहां मिलने वाले हैं। लुधियाना में इंडस्ट्रियल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी एक मिलन समारोह आयोजित किया है। मैं अभी अमृतसर से आया हूं। यहां संत निरंजन दास महाराज करने जा रहा हूं।” वहीं, लुधियाना में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के अपमान की घटना पर रामदास आठवले ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ असामाजिक तत्व समाज में बंटवारा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। बाबासाहेब अंबेडकर का कद बहुत ऊंचा है। उनकी मूर्ति का अपमान करने से उनका सम्मान कम नहीं होगा। ये लोग गलत कदम उठा रहे हैं। बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति का अपमान करना पूरी तरह से गलत है।” आठवले ने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। आम आदमी पार्टी और भगवंत मान को लोगों ने सत्ता सौंपी थी, लेकिन इन पांच सालों में वे पंजाब की जनता को न्याय नहीं दिला पाए हैं। यहां के किसान, गरीब, युवा, महिलाएं, दलित, सिख समुदाय और हिंदू समुदाय- सभी नाखुश हैं।
निसंतानता का इलाज़ करा रहे 26 वर्षीय पुरुष के शरीर में मिला गर्भाशय, RG हॉस्पिटल्स, दिल्ली ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से किया इलाज

नई दिल्ली। राजौरी गार्डन स्थित आरजी हॉस्पिटल्स में एक 26 साल का व्यक्ति बांझपन (इनफर्टिलिटी) का इलाज़ कराने आया था। यहां जांच में पता चला कि उसके शरीर के अंदर गर्भाशय जैसी और फैलोपियन ट्यूब जैसी संरचनाएं मौजूद थीं। यह एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी है, जिसका पता मरीज़ में अब तक नहीं चल पाया था। जांच में यह भी सामने आया कि उनके दोनों टेस्टिस (अंडकोष) पेट के अंदर ही रह गए थे और नीचे नहीं उतरे थे। इनमें से एक टेस्टिस में कैंसर से पहले की स्थिति (प्री-कैंसरस बदलाव) भी देखने को मिला। पूरी जांच के बाद डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी यानी दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया और शरीर की असामान्य प्रजनन संरचनाओं के साथ-साथ दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त टेस्टिस को भी निकाला।मरीज़ अपनी निसंतानता का इलाज़ करा रहा था और उसे एजुस्पर्मिया नाम की बीमारी का पता चला। इस बीमारी में वीर्य में शुक्राणु नहीं होते हैं। चूंकि दोनों टेस्टिस नीचे नहीं थे, इसलिए डॉक्टरों ने असली वजह पता करने के लिए आगे और इमेजिंग और जेनेटिक टेस्ट किए।MRI स्कैन से पेल्विस में गर्भाशय (यूट्रस) और फैलोपियन ट्यूब जैसी संरचना का पता चला। जेनेटिक टेस्टिंग में 46,XY क्रोमोसोम पैटर्न दिखा, जिससे डॉक्टरों ने परसिस्टेंट म्यूलेरियन डक्ट सिंड्रोम (PMDS) नाम की एक दुर्लभ बीमारी की संभावना की जांच की। आसान शब्दों में कहा जाए तो PMDS एक जन्मजात बीमारी होती है जिसमें गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब जैसी संरचना उस व्यक्ति में बनी रहती हैं जिसके क्रोमोसोम आमतौर पर पुरुष वाले होते हैं और शारीरिक विकास भी पुरुष जैसा होता है। यह एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसके 300 से भी कम मामले चिकित्सा साहित्य में दर्ज किए गए हैं। इसका निदान आमतौर पर बचपन में हो जाता है, इसलिए बांझपन की जाँच के दौरान वयस्क अवस्था में पहली बार इसका पता चलना विशेष रूप से असामान्य है।लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से पता चला कि गर्भाशय छोटा और कम विकसित था, साथ ही ट्यूब जैसे म्यूलेरियन संरचनाएं भी थी जो दोनों टेस्टिस से जुड़े थे, जो स्क्रोटम के बजाय पेट के अंदर थे। मरीज़ की उम्र, टेस्टिस का इतने लंबे समय से अपने सही स्थान पर न होना, टेस्टिस को हुए गंभीर नुकसान और कैंसर के बढ़ते खतरे की वजह से सर्जिकल टीम ने लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया के दौरान म्यूलेरियन संरचना और दोनों टेस्टिस को हटा दिया। यह सर्जरी राजौरी गार्डन के RG हॉस्पिटल्स के चीफ यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुशील खरबंदा ने की। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए डॉ सुशील खरबंदा ने कहा, “यह एक बहुत ही असामान्य केस था क्योंकि मरीज हमारे पास बांझपन का इलाज कराने आया था। उसमें कुछ दुर्लभ बीमारियां थी जिसका डायग्नोसिस नहीं हो पाया था। जांच से पता चला कि उसके पेट के अंदर दोनों टेस्टिस के साथ-साथ लगातार म्यूलेरियन संरचनाएं थी। टेस्टिस भी बुरी तरह से खराब हो गए थे, जो एक बड़ी चिंता की बात थी क्योंकि नीचे न उतरने वाले टेस्टिस से टेस्टिकुलर कैंसर का खतरा ज़्यादा होता है। इसलिए हमें सर्जरी को ध्यान से करना पड़ा। सर्जरी के दौरान असामान्य संरचनाओं और लंबे समय तक सेहत को होने वाले खतरों, दोनों को ध्यान में रखा गया।सबसे अजीब बात सर्जरी के बाद पता चली, जब टिशू को माइक्रोस्कोप से देखा गया। दोनों टेस्टिकल्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और बहुत छोटे हो गए थे। बाएं टेस्टिकल में जर्म सेल नियोप्लासिया इन सिटू (GCNIS) दिखा। यह एक प्री-कैंसरस स्थिति होती है जो टेस्टिकुलर कैंसर में बदल सकती है। दायां टेस्टिकल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त था लेकिन उसमें GCNIS के कोई लक्षण नहीं दिखे।मरीज़ के ब्लड टेस्ट में टेस्टिस के कैंसर से जुड़े आम मार्कर (जो शरीर में मौजूद होने पर कैंसर का संकेत देते हैं) सामान्य पाए गए। इससे यह पता चलता है कि अगर ब्लड टेस्ट में ये मार्कर नॉर्मल भी आएं, तो इसका मतलब यह नहीं कि टेस्टिस में शुरुआती या कैंसर से पहले वाले बदलाव नहीं हो सकते। यह बात खासतौर पर उन मरीज़ों पर लागू होती है जिनके टेस्टिस लंबे समय से अपनी सही जगह (स्क्रोटम) में नहीं उतरे होते।PMDS का पता आमतौर पर बचपन में ही चल जाता है, खासकर जब बच्चे के अंडकोष नीचे न उतरने की समस्या की जांच या इलाज किया जाता है। लेकिन इस मामले में बांझपन की जांच के दौरान पहली बार वयस्क उम्र में PMDS का पता चलना काफी दुर्लभ था। शुरुआत में मामला सिर्फ पुरुष बांझपन का लगा, लेकिन जांच में डॉक्टरों को एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी के साथ-साथ कैंसर के संभावित खतरे का भी पता चला।इस मामले से यह भी पता चलता है कि अगर किसी पुरुष में बांझपन की वजह स्पष्ट न हो और दोनों अंडकोष अपनी सही जगह पर न हों, तो इसकी गहराई से जांच जरूरी है। डॉक्टरों ने स्कैन, जेनेटिक टेस्ट, लैप्रोस्कोपिक जांच और ऊतकों की बारीकी से जांच की। इन सभी जांचों की मदद से बीमारी के साथ-साथ कैंसर से पहले होने वाले बदलाव का भी पता चला।इस मामले का सफल इलाज जटिल यूरोलॉजिकल समस्याओं के इलाज में RG हॉस्पिटल की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की भूमिका को दिखाता है। इसमें यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, रिप्रोडक्टिव मेडिसिन और एंडोक्राइनोलॉजी के एक्सपर्ट शामिल थे। स्कैन, जेनेटिक जांच, बिना बड़े चीरे वाली सर्जरी और टिश्यू (ऊतकों) की जांच को एक साथ उपयोग कर डॉक्टरों ने बीमारी का पता लगाने के साथ-साथ कैंसर के संभावित खतरे को भी पहचानकर उसका इलाज किया।
मुरादनगर क्षेत्र में 11000 वर्ग मी0 में विकसित की जा रही अवैध कालोनी को जीडीए ने किया ध्वस्त

गाजियाबाद। प्रभारी प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में अनुराग गर्ग एवं पंकज चौधरी द्वारा खसरा सं0-322, ग्राम-मोहद्दीनपुर हिसाली कनौजा रोड़ मुरादनगर, गाजियाबाद पर प्रश्नगत निर्माण लगभग 11000 वर्ग मी0 पर अवैध प्लाटिंग की गई है, साथ में नालों की भूमि को अपनी अवैध प्लाटिंग में मिला लिया है। स्थल पर कोई स्वीकृति/भू अभिलेख नहीं दिखाये गये। स्थल पर कार्य को रूकवा दिया गया है। उपरोक्त के विरूद्व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पादित की गयी। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय स्थानीय निर्माणकर्ताओं/कालोनाईजरों द्वारा काफी विरोध किया गया, परन्तु प्राधिकरण पुलिस बल द्वारा उन्हे नियन्त्रित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जारी रखी गयी। स्थल पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता एवं प्रवर्तन जोन-2 के समस्त स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल व प्राधिकरण प्रवर्तन दस्ते की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। आगामी माह में भी ध्वस्तीकरण/सील की कार्यवाही किये जाने का अभियान जारी रहेगा।
फेडरल बैंक और पैसाबाजार ने मिलकर लॉन्च किया पैसाबैक क्रेडिट कार्ड

नई दिल्ली। भारत के प्रमुख फिनटेक प्लैटफॉर्म पैसाबाजार ने फेडरल बैंक के साथ साझेदारी में फेडरल बैंक पैसाबाजार पैसाबैक क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक कैशबैक क्रेडिट कार्ड है, जिसे खासतौर पर घर के सबसे जरूरी और नियमित खर्चों में से एक यानी ग्रोसरी शॉपिंग पर बेहतर रिवॉड्र्स देने के लिए तैयार किया गया है। इस कार्ड को पैसाबाजार, फेडरल बैंक और एनपीसीआई द्वारा मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल में लॉन्च किया गया है। इस कार्ड पर ग्राहकों को योग्य ऑनलाइन और ऑफलाइन ग्रोसरी शॉपिंग पर 7.5 प्रतिशत का कैशबैक मिलेगा। यह कैशबैक रिलायंस फ्रेश, डीमार्ट, स्टार बाजार और नेचर्स बास्केट जैसे प्रमुख सुपरमार्केट्स के साथ-साथ ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉम्र्स पर की गई खरीदारी पर भी मिलेगा। पैसाबाजार की सीईओ संतोष अग्रवाल ने कहा क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड तब सबसे ज्यादा उपयोगी साबित होते हैं, जब वे मासिक खर्चों पर बचत करने का मौका देते हैं। घरों में ग्रोसरी शॉपिंग एक बड़ा और महत्वपूर्ण नियमित खर्च है, लेकिन आमतौर पर इस पर मिलने वाले क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड अब तक सीमित रहे हैं। पैसाबैक क्रेडिट कार्ड रोजमर्रा की खरीदारी को अधिक फायदेमंद बनाता है। फेडरल बैंक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड रिटेल काड्र्स और पर्सनल लोन सौगत बसु ने कहा फेडरल बैंक में हमारा मानना है कि सबसे प्रभावी फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स वही होते हैं, जो ग्राहकों की रोजमर्रा की जिंदगी का सहज हिस्सा बन जाएं। पैसाबैक क्रेडिट कार्ड को खासतौर पर उन खर्चों पर रिवॉर्ड देने के लिए तैयार किया गया है जहां वो सबसे ज्यादा खर्च करते हैं जैसे कि ग्रोसरी शॉपिंग। इसके साथ ही यह कार्ड रोजमर्रा के दूसरे ट्रांजैक्शन्स पर भी बचत का अवसर देता है। पैसाबाजार के साथ मिलकर हम ग्राहकों के लिए एक ऐसा प्रोडक्ट लाए हैं जो सुविधाए उपयोगिता और महत्वपूर्ण बचत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
साहित्य अकादेमी ने प्रख्यात ओड़िया लेखिका प्रतिभा राय को फेलोशिप प्रदान की

भुवनेश्वर।साहित्य अकादेमी ने प्रख्यात ओड़िया लेखिका एवं विदुषी डॉ. प्रतिभा राय को आज भुवनेश्वर के संस्कृति भवन सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह में साहित्य अकादेमी फेलोशिप से सम्मानित किया।समारोह का शुभारंभ डॉ. अद्याशा दास द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण गीत से हुआ। साहित्य अकादेमी के सचिव डॉ. वरुण गुलाटी ने स्वागत वक्तव्य दिया और डॉ. प्रतिभा राय को प्रदान की जाने वाली फेलोशिप का प्रशस्ति-पत्र पढ़कर सुनाया।साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने डॉ. प्रतिभा राय को फेलोशिप की पट्टिका प्रदान की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने डॉ. राय को “भारतीय साहित्य की जीवंत किंवदंती” बताते हुए उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की।इस अवसर पर एक विशेष ‘संवाद’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके पश्चात फेलोशिप प्रदान करने का औपचारिक समारोह हुआ, जिसकी अध्यक्षता डॉ. गौरहरि दास ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रतिभा राय ओडिशा की पहली महिला लेखिका हैं, जिन्हें साहित्य अकादेमी की फेलोशिप से सम्मानित किया गया है।समारोह में प्रख्यात लेखक देबप्रसाद दास, प्रोफेसर संघमित्रा मिश्रा तथा प्रोफेसर प्रफुल्ल कुमार महंती ने डॉ. प्रतिभा राय के जीवन, व्यक्तित्व और साहित्यिक कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए तथा भारतीय साहित्य में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।इस अवसर पर डॉ. प्रतिभा राय ने साहित्य अकादेमी की फेलोशिप प्राप्त करने पर अपना स्वीकृति वक्तव्य दिया।कार्यक्रम के अंत में साहित्य अकादेमी के उप सचिव डॉ. एन. सुरेश बाबु ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, लेखक, विद्वान और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
महापौर ने स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए 176 नए स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

नई दिल्ली।दिल्ली के महापौर,प्रवेश वाही ने दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर से दक्षिण क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण एवं कचरा परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से 176 नए स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दक्षिण क्षेत्र में 176 नए स्वच्छता वाहनों की तैनाती दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हम स्वच्छता संसाधन बढ़ाने और सफाई के कार्य में निरंतर व तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली की सफाई व्यवस्था बेहतर होने लगी है।महापौर, वाही ने कहा कि इन स्वच्छता वाहनों की तैनाती दक्षिण क्षेत्र के पांच वार्डों वसंत विहार, वसंत कुंज, ग्रीन पार्क, ग्रेटर कैलाश और सी.आर. पार्क में की जा रही है। इनमें 150 प्राथमिक कचरा संग्रहण वाहन शामिल हैं, जिनमें 112 टिपर तथा 38 ई-रिक्शा/थ्री-व्हीलर हैं। इन वाहनों के माध्यम से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 26 द्वितीयक वाहन रिफ्यूज कलेक्टर, हुक लोडर, टाटा-407, जेसीबी और बॉबकैट कचरे के परिवहन, उठान और प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।महापौर ने कहा कि वर्तमान में इन वार्डों में प्रत्येक वार्ड के लिए औसतन लगभग 10 प्राथमिक कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध हैं। नए वाहनों की तैनाती के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 30 वाहन प्रति वार्ड हो जाएगी। इससे घर-घर कचरा संग्रहण की आवृत्ति और कवरेज में उल्लेखनीय सुधार होने के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या को रोकने में भी मदद मिलेगी। हमें उम्मीद है कि इन वाहनों की तैनाती से संबंधित वार्डों में कचरा संग्रहण क्षमता लगभग 2.5 गुना तक बढ़ेगी।महापौर, प्रवेश वाही ने कहा कि एमसीडी का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और प्रभावी घर-घर कचरा संग्रहण की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में प्राथमिक कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या में वृद्धि से न केवल कवरेज बेहतर होगा, बल्कि कचरा संग्रहण की आवृत्ति भी बढ़ेगी। महापौर ने कहा कि स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में निगम के साथ-साथ नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी नागरिकों से कचरे का उचित पृथक्करण एवं निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा सौंपने की अपील की।स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन एमसीडी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। दक्षिण क्षेत्र के पांच महत्वपूर्ण वार्डों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की तैनाती से जमीनी स्तर पर स्वच्छता सेवाओं की कार्यक्षमता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और द्वितीयक वाहनों की उपलब्धता बढ़ने से कचरे के संग्रहण से लेकर परिवहन तक की पूरी व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि एमसीडी का प्रयास है कि नागरिकों को बेहतर, नियमित और जवाबदेह स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।नेता सदन जय भगवान यादव ने कहा कि घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करना स्वच्छ एवं स्वस्थ दिल्ली के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 176 नए वाहनों की तैनाती से पांच वार्डों में सफाई व्यवस्था की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन वाहनों की नियमित और प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि नागरिक निगम की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि एमसीडी स्वच्छता सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है।
असुरक्षित एवं जर्जर इमारतों को लेकर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

नई दिल्ली। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सभी 12 जोन के उपायुक्तों एवं एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों के साथ असुरक्षित, जर्जर एवं असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह एवं सदन के नेता जयभगवान यादव भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के विरुद्ध सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थायी समिति के सदस्यों एवं अन्य पार्षदों ने भी अवैध निर्माण तथा जर्जर एवं असुरक्षित इमारतों से संबंधित अपने सुझाव रखे।सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्य निकेतन की घटना से सबक लेते हुए सभी 12 जोन में असुरक्षित एवं जर्जर इमारतों का समयबद्ध सर्वे कर अत्यधिक जोखिम वाली इमारतों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाए। उन्होंने चिन्हित असुरक्षित इमारतों की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसमें सर्वे, नोटिस, सीलिंग, आंशिक/पूर्ण ध्वस्तीकरण तथा लंबित मामलों की जानकारी शामिल हो।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पुराने बाजारों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों के आसपास स्थित असुरक्षित इमारतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। जिन इमारतों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, उनमें नियमानुसार सीलिंग, खाली कराने तथा आंशिक अथवा पूर्ण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए।सत्य निकेतन भवन हादसे का संज्ञान लेते हुए उन्होंने भवन की अवैध पाँचवीं मंजिल के संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के कारण भवन की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। असुरक्षित एवं जर्जर इमारतों में संचालित पेइंग गेस्ट पीजी आवासों की भी होगी जांच दिल्ली में संचालित पीजी आवासों के चल रहे सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी PG असुरक्षित अथवा जर्जर इमारत में संचालित न हो। ऐसे मामलों में भवन की सुरक्षा स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एमसीडी के अपने स्ट्रक्चरल इंजीनियर होने चाहिए सत्या शर्मा ने कहा कि भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एमसीडी में अपने स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया, ताकि निगम स्तर पर ही भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का प्रभावी आकलन किया जा सके।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता, पार्षदों, आरडब्ल्यूए एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त असुरक्षित इमारतों संबंधी शिकायतों का समयबद्ध सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोकना है। सभी जोन को कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।