भाजपा का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से, देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा : अमित शाह

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी, उसके सहयोगी दलों, समग्र एनडीए परिवार, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और देश की जनता के सहयोग से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। भाजपा पहले गुजरात और बाद में पूरे देश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा सप्ताह के रूप में उनका जन्मदिन मनाती रही है। हालांकि इस वर्ष अभियान का विशेष महत्व है, क्योंकि 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे बहुत कम नेता हैं, जिन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा का इतना लंबा रिकॉर्ड बनाया हो। गृह मंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान देश के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके तहत हर जिले, लोकसभा क्षेत्र, विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर तक पहुंचकर जनता से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने स्वयं को हमेशा “प्रधान सेवक” के रूप में प्रस्तुत किया है और उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनसेवा को समर्पित रहा है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने संवैधानिक शक्तियों का उपयोग गरीबों के कल्याण, देश को मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर देश आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने जनता में इस संकल्प को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2026 के बीच देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद जैसी बुराइयों की जगह अब प्रदर्शन आधारित राजनीति ने ली है। शाह ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने पहली बार मजबूत और स्पष्ट विदेश नीति का अनुभव किया है, जिसमें भारत के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवादी हमलों का करारा जवाब देने की नीति से भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने कहा कि धारा 370 को हटाने, नक्सलवाद पर नियंत्रण और पूर्वोत्तर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के जरिए देश को तीन बड़े संकटों से राहत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जा चुकी है और भाजपा-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले भारत को “फ्रेजाइल फाइव” अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में जारी पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे है। सेवा संकल्प अभियान के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेवा दिवस, मेरे सपनों का भारत चित्र, नमो सेवा की अनकही कहानियां, स्थानीय भाषाओं में संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा ज्योति कलश यात्रा, वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग, सेवा फॉर इनोवेशन चैलेंज और सुशासन सेवा संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रिकॉर्ड छठी बार जीता जूनियर एशिया कप, फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से हराया

मोकी (चीन)। भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को मोकी ट्रेनिंग बेस पर खेले गए फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारतीय पुरुष टीम ने लगातार चौथी बार यह महाद्वीपीय खिताब जीता और एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई किया। एशियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा रहा। भारत के लिए अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने गोल किए, जबकि कोरियाई टीम के लिए एकमात्र गोल ली मिनह्योक ने किया। यादव ने 9वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल किया, जिसके बाद एक्का ने 13वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत 2-0 से आगे हो गया। प्रभदीप ने 21वें मिनट में भारत के लिए तीसरा गोल किया। भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा और हाफ-टाइम ब्रेक तक कोरियाई टीम पर 3-0 की बड़ी बढ़त बना ली। साल 2000 की चैंपियन टीम को वापसी के लिए कुछ खास करने की जरूरत थी, लेकिन वे वापसी करने में नाकाम रहे। मौर्य ने 50वें मिनट में भारत के लिए एक और गोल करके टीम की बढ़त को 4-0 कर दिया। इसके बाद मिनह्योक ने 54वें मिनट में कोरियाई टीम के लिए गोल किया, लेकिन उनका यह एकमात्र गोल कोई खास असर नहीं डाल सका और भारत ने 4-1 से मुकाबला जीतकर छठी बार यह महाद्वीपीय खिताब अपने नाम किया। भारत ने अब लगातार चौथी बार जूनियर हॉकी एशिया कप जीता है और लगातार तीन खिताब जीतने के मामले में पाकिस्तान के साथ बराबरी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस हालिया जीत से पहले भारतीय टीम ने 2015, 2023 और 2024 में खिताब जीते थे। भारत पहले से ही इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम रही है। पाकिस्तान इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, जिसने 1988 से 1996 के बीच तीन खिताब जीते थे। कोरिया ने 2000 में एक बार ट्रॉफी को अपने नाम किया था, जबकि मलेशिया ने 2012 में खिताब जीता था।

तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों को हथियार बनाने से बचना होगा, समावेशी विकास पर पड़ सकता है असर: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में वैश्विक नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) का हथियार के रूप में इस्तेमाल वैश्विक विकास, साझा समृद्धि और समावेशी आर्थिक प्रगति के मार्ग में बड़ी बाधा बन सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया को सहयोग, नवाचार और साझेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा, न कि रणनीतिक संसाधनों और तकनीक को दबाव के साधन के रूप में उपयोग करना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ब्रिक्स विभिन्न महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को एक मंच पर जोड़ रहा है। यह संगठन की बढ़ती शक्ति, स्वीकार्यता और सदस्य देशों के आपसी विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता” रहा और सभी सदस्य देशों के सहयोग से इसे व्यवहारिक परिणामों में बदलने का प्रयास किया गया। वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाएं और आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों ने यह साबित कर दिया है कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसी कारण भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स देशों की सामूहिक लचीलापन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक विश्वसनीय और मजबूत बनाने में मदद करेगा। इसके साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क सदस्य देशों के स्टार्टअप और इन्क्यूबेटरों को एक-दूसरे से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने नवाचार-आधारित और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का भी प्रस्ताव रखा है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिक्स डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क किसानों के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा। इस पहल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप उपयोग में लाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों को हथियार बनाने की प्रवृत्ति साझा विकास के रास्ते में बाधाएं पैदा कर सकती है। इसलिए हमने प्रौद्योगिकी के उपयोग में समावेशिता को विशेष महत्व दिया है।” उनका संकेत उन वैश्विक परिस्थितियों की ओर माना जा रहा है जहां तकनीक, डेटा और रणनीतिक संसाधनों को भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साधन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए समय रहते जोखिमों की पहचान करना और तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना आवश्यक है। इसी दिशा में भारत ने संक्रामक रोगों के लिए ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम) और आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच संक्रामक रोगों की रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एक साझा प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली पर सहमति बनी है। उनका मानना है कि इससे भविष्य की महामारियों और स्वास्थ्य आपात स्थितियों का मुकाबला करने की क्षमता मजबूत होगी। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने ब्रिक्स के माध्यम से मित्रता, साझेदारी और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

लुधियाना: पुलिस मुठभेड़ में डोनी बल गैंग के दो गुर्गे ढेर, बड़ी वारदात टली

चंडीगढ़। पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को एक संभावित गोलीबारी की साजिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान लुधियाना के आतम पार्क इलाके के पास हुई मुठभेड़ में डोनी बल गैंग के दो सशस्त्र गुर्गे मारे गए। लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने मारे गए आरोपियों की पहचान करनजोत सिंह उर्फ नोनो और संदीप सिंह के रूप में की है। दोनों अमृतसर के रहने वाले थे। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्तौल और करीब 50 कारतूस बरामद किए हैं। स्वपन शर्मा ने बताया कि पुलिस को एक संभावित हमले की योजना के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद एजीटीएफ और लुधियाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आतम पार्क के पास अंडरब्रिज क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, रुकने का संकेत मिलने पर दोनों आरोपी भागने लगे और उन्होंने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। पीछा करने के दौरान आरोपियों ने लगातार कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि उनकी दो गोलियां सरकारी पुलिस वाहन में भी लगीं। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों हमलावर मौके पर ही मारे गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी गैंगस्टर डोनी बाल और शगनप्रीत सिंह के सीधे संपर्क में थे। उन्हें रविवार को लुधियाना के दुगरी रोड स्थित मैरीलैंड पैलेस में आयोजित रक्तदान शिविर पर सामूहिक गोलीबारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि करनजोत सिंह एक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, लूटपाट और एनडीपीएस एक्ट के तहत दो आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं संदीप सिंह के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस संबंध में लुधियाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 221, 132, 62 और 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

भारत की रणनीति ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिलाई बड़ी कूटनीतिक जीत: रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत की व्यापक रणनीति (ग्रैंड स्ट्रैटेजी) ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बड़ी कूटनीतिक सफलता दिलाई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने सदस्य देशों के विविध हितों के बीच संतुलन बनाते हुए बहुपक्षवाद को व्यावहारिक दिशा दी और दुनिया को अपने रणनीतिक उभार का स्पष्ट संदेश दिया। ‘इंडिया नैरेटिव’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसी रणनीति अपनाई, जिससे यह मंच भू-राजनीतिक टकराव या रूस और चीन जैसी बड़ी शक्तियों के प्रभाव की प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा बनने से बचा रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की रणनीति तीन प्रमुख बदलावों पर आधारित रही। पहला, बहुपक्षवाद को व्यावहारिक बनाते हुए वैश्विक शासन संस्थाओं और ढांचों में सुधार को आगे बढ़ाना। दूसरा, ब्रिक्स को सहयोग और लचीलापन बढ़ाने वाले रणनीतिक मंच के रूप में मजबूत करना। तीसरा, वैश्विक संकटों से निपटने के लिए भारत को टिकाऊ और रणनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने वाले प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक सुरक्षा को विविधीकरण तथा समावेशिता के जरिए मजबूत करना शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्दे के पीछे चली गहन बातचीत ने भारत की “स्ट्रैटेजिक डी-हाइफनेशन” और “स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी” की नीति को प्रभावी ढंग से सामने रखा। भारत ने डी-हाइफनेशन के जरिए ब्रिक्स को संघर्षों और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक एजेंडे पर केंद्रित रखा, जबकि रणनीतिक स्वायत्तता के माध्यम से विभिन्न देशों के हितों में सामंजस्य स्थापित करते हुए आर्थिक सहयोग को केंद्र में रखा। रिपोर्ट के अनुसार, इसी रणनीतिक संतुलन ने राजनीतिक मतभेदों के बीच भी आम सहमति बनाने में मदद की और ग्लोबल साउथ की आवाज को संयुक्त घोषणा पत्र में प्रमुखता दिलाई। इससे पहले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में इसी रणनीति का सफल इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिखर सम्मेलन से पहले आशंका जताई जा रही थी कि संयुक्त घोषणा पत्र पर सहमति नहीं बन पाएगी, लेकिन भारत ने राष्ट्रीय और वैश्विक हितों के बीच संतुलन बनाते हुए सहमति सुनिश्चित की। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल में भारत द्वारा एससीओ घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद ब्रिक्स घोषणा पत्र में ईरान पर सैन्य हमलों की कड़ी निंदा और एकतरफा पश्चिमी आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना भी शामिल की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता आतंकवाद के मुद्दे पर रही। ब्रिक्स घोषणा पत्र में आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों की कड़े शब्दों में निंदा की गई और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि घोषणा पत्र में पहलगाम हमले की “सबसे कड़े शब्दों में” निंदा करते हुए सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों की आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों पर भी चिंता जताई गई। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों को खारिज करते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई गई।

2029 से पहले एनडीए शासित 21 राज्यों में लागू होगा यूसीसी: अमित शाह

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में वर्ष 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुंबई में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कहा कि कई राज्यों में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है और अब भाजपा-एनडीए शासित सभी राज्यों में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि 2029 से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। गृह मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों ने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले देश की राजनीति भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद जैसी समस्याओं से प्रभावित थी, लेकिन अब देश प्रदर्शन आधारित राजनीति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति और रक्षा नीति आज पहले से अधिक मजबूत हुई है और सरकार की हर रणनीति का आधार “इंडिया फर्स्ट” है। अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश में रह रहे सभी अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है, हालांकि इस प्रक्रिया के तौर-तरीकों का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि प्रत्येक अवैध घुसपैठिये की पहचान कर उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाषाई विवादों से जुड़े सवाल पर अमित शाह ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मातृभाषा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान संबंधित राज्यों का नेतृत्व करेगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस विषय पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा, सुशासन और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है तथा देशहित सर्वोपरि रखने की नीति के साथ आगे बढ़ रही है।

पश्चिम बंगाल: हुगली में पूर्व मंत्री बेचाराम मन्ना के करीबी ठेकेदार गिरफ्तार, जमीन फर्जीवाड़े का आरोप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना के करीबी सहयोगी और ठेकेदार अर्नब सिन्हा रॉय को जमीन की कथित फर्जी बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को उन्हें चंदननगर उप-मंडल अदालत में पेश किया। मामला गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अदालत ले जाते समय अर्नब सिन्हा रॉय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। शिकायत के अनुसार, सिंगूर थाना क्षेत्र के बड़ा इलाके के झांकरी गांव निवासी तारापद मंडल की वर्ष 2001 में मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति को धोखाधड़ी के जरिए बेच दिया गया। इस संबंध में मृतक के बेटों ने वर्ष 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि उन्होंने उस समय के विधायक और मंत्री बेचाराम मन्ना से भी इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वर्ष राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तारापद मंडल के बेटे विश्वनाथ मंडल ने पुलिस में नई शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने पहले दो लोगों को गिरफ्तार किया और बाद में उनसे मिली जानकारी के आधार पर अर्नब सिन्हा रॉय को भी हिरासत में ले लिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अर्नब सिन्हा रॉय के पूर्व मंत्री बेचाराम मन्ना और उनकी पत्नी करबी मन्ना से अच्छे संबंध रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने प्रभावशाली लोगों से नजदीकियों का फायदा उठाकर कई अनैतिक कार्य किए। शिकायतकर्ता विश्वनाथ मंडल ने दावा किया कि उनके परिवार की करीब 90 प्रतिशत जमीन धोखाधड़ी के जरिए बेच दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे कई और मामले भी हैं, जिनमें आम लोगों की जमीन कथित तौर पर गलत तरीके से कब्जा कर ली गई। उन्होंने प्रशासन से अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि अर्नब सिन्हा रॉय तृणमूल कांग्रेस में किसी पद पर नहीं थे, लेकिन बेचाराम मन्ना के करीबी होने के कारण उन्हें जिला परिषद के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ठेकेदार संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं। भाजपा का आरोप है कि उस समय मंत्री के प्रभाव के कारण उनके खिलाफ शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

एसबीआई भर्ती 2026: स्पेशलिस्ट कैडर अधिकारियों के 207 पदों पर भर्ती, 25 सितंबर तक करें आवेदन

मुंबई। देश की सबसे बड़ी और पुरानी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर स्पेशलिस्ट कैडर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करके विभिन्न 207 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। एसबीआई की ओर से जारी 207 रिक्तियों में जोनल हेड (रिटेल) का 1, रीजनल हेड (आरएच) के 5, रिलेशनशिप मैनेजर-टीम लीड के 24, इन्वेस्टमेंट स्पेशलिस्ट (आईएस) के 9, इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (आईओ) के 4, वीपी वेल्थ के 91 और एवीपी वेल्थ के 73 पद शामिल हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 4 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से पद के अनुसार ग्रेजुएशन की डिग्री; फाइनेंस/अकाउंटेंसी/बिजनेस मैनेजमेंट/कॉमर्स/इकोनॉमिक्स/कैपिटल मार्केट्स/बैंकिंग/इंश्योरेंस/एक्चुअरियल साइंस में पीजी डिग्री या पीजी डिप्लोमा या सीए/सीएफए की प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास प्रासंगिक क्षेत्र में पद के अनुसार निर्धारित 3 से 15 वर्षों का अनुभव और अन्य निर्धारित पात्रता व कौशल का होना भी अनिवार्य है। आवेदकों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 23 से 35 वर्ष के बीच और अधिकतम आयु 35 से 50 वर्ष के बीच तय की गई है, जिसकी गणना 31 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन जमा किए हुए आवेदन पत्र की जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, व्यक्तिगत/फोन पर/वीडियो इंटरव्यू, सीटीसी पर बातचीत और अंतिम मेरिट सूची के आधार पर की जाएगी, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सीटीसी पोस्ट के अनुसार 30.20 से 97.00 लाख रुपए होगी। आवेदन पत्र भरते समय अभ्यर्थियों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी के लिए 750 रुपए तय किया गया है। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है। अभ्यर्थियों को भर्ती, योग्यता, चयन प्रक्रिया, आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पोस्ट के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।

पहला टी20: उमरजई-नबी ने संभाली अफगानिस्तान की डूबती नैया, भारत को 157 रन का टारगेट

नई दिल्ली। अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ रविवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टी20 मैच में जीत के लिए 157 रन का टारगेट रखा है। अजमतुल्लाह उमरजई और मोहम्मद नबी की जोड़ी ने अफगानिस्तान को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। मुकाबले की दूसरी गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज (0) पवेलियन लौट गए। उस समय तक टीम के खाते में सिर्फ 5 रन थे। इसके बाद सेदिकुल्लाह अटल ने कप्तान इब्राहिम जादरान के साथ मोर्चा संभाला। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 32 रन की साझेदारी की। टीम ने 38 के स्कोर पर जादरान के रूप में दूसरा विकेट गंवाया, जो 10 गेंदों में 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद 43 रन तक सेदिकुल्लाह अटल (13), गुलबदीन नायब (2) और दरवेश रसूली (2) भी अपना विकेट गंवा बैठे। यहां से मोहम्मद नबी ने अजमतुल्लाह उमरजई के साथ छठे विकेट के लिए 56 गेंदों में 83 रन की साझेदारी करते हुए टीम को शतक के पार पहुंचा दिया। मोहम्मद नबी 27 गेंदों में 2 छक्कों और 2 चौकों के साथ 33 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद अजमत शाह ने मोर्चा संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर पर बल्लेबाज टिक नहीं सके। अजमतुल्लाह 44 गेंदों में 4 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 64 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह ने 4 ओवरों में 19 रन देकर 3 विकेट झटके, जबकि जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को 1-1 सफलता हाथ लगी। भारत की प्लेइंग इलेवन: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती। अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी।

विमेंस एशिया कप: शेफाली-मंधाना की तूफानी पारी, फाइनल में भारत ने 5 विकेट खोकर बनाए 183 रन

दुबई। विमेंस एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में भारत की भिड़ंत श्रीलंका के साथ हो रही है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मिलकर पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 129 रन जोड़े। इस साझेदारी के साथ ही शेफाली-मंधाना ने विमेंस टी20 एशिया कप के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी निभाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। शेफाली ने अपना अर्धशतक महज 24 गेंदों में पूरा किया। वह विमेंस टी20 एशिया कप में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाली बल्लेबाज बनीं। उन्होंने 39 गेदों की अपनी पारी में 68 रन बनाए। अपनी इस पारी में शेफाली ने 9 चौके और 2 छक्के लगाए। स्मृति मंधाना भी बेहतरीन लय में नजर आईं और उन्होंने 5 चौके और 3 छक्कों की मदद से 59 रन बनाए। हालांकि, नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरी कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और 14 रन बनाकर आउट हुईं। ऋचा घोष भी बड़े शॉट लगाने के लिए संघर्ष करती दिखाई दीं और उन्होंने 13 गेंदों में 17 रन बनाए। दीप्ति शर्मा का बल्ला भी खामोश रहा और वह 7 गेंदों का सामना करने के बाद 5 रन बनाकर आउट हुईं। भारती फुलमाली 2 और प्रतिका रावल की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल हुईं गुनालन कमलिनी ने 5 गेंदों में 15 रन बनाकर नाबाद रहीं। कमलिनी ने पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाते हुए भारतीय टीम को 20 ओवर में 183 रनों के टोटल तक पहुंचाया। श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में कप्तान चमारी अटापट्टू ने 4 ओवर में 34 रन देकर एक विकेट चटकाया। वहीं, मिताली अयोध्या ने 33 और चमुदी प्रबोधा ने 40 रन देकर एक-एक विकेट निकाला। भारतीय टीम ने खिताबी मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है। रनों के लिए संघर्ष कर रहीं प्रतिका रावल की जगह पर कमलिनी को मौका दिया गया है। वहीं, श्रीलंका ने एक बदलाव के साथ मैदान पर उतरी है। टीम ने कविंदी के स्थान पर विष्मी गुणरत्ने को मौका दिया है।