तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज, ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी को आयोग से झटका, 18 सितंबर तक मांगा विकल्प

नई दिल्ली। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) पर दावे को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा अंतरिम फैसला सुनाते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह दोनों को फ्रीज कर दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि न तो ममता बनर्जी गुट और न ही अरूप रॉय गुट फिलहाल ‘एआईटीएमसी’ नाम का अकेले इस्तेमाल कर सकेगा। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों गुटों को पार्टी के मूल नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘फूल-घास’ के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि दोनों गुट अपने-अपने लिए अलग नाम चुन सकते हैं। यदि वे चाहें तो अपने नाम के साथ मूल पार्टी ‘एआईटीएमसी’ से संबंध का उल्लेख भी कर सकते हैं। साथ ही दोनों गुटों को चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित मुक्त चुनाव चिन्हों (फ्री सिंबल्स) की सूची में से अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि दोनों गुट 18 सितंबर की सुबह 11 बजे तक अपने नए नाम और पसंदीदा चुनाव चिन्हों के विकल्प आयोग को उपलब्ध कराएं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने गुरुवार को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात कर अंतिम दौर की सुनवाई की। पार्टी से बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधियों को दोपहर 3 बजे बुलाया गया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की सुनवाई शाम 4 बजे हुई। इससे पहले 12 सितंबर को भी आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थीं। हालांकि उस समय कोई फैसला नहीं लिया गया था और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए थे। उन्हीं दस्तावेजों और अंतिम दलीलों के आधार पर आयोग ने अब यह अंतरिम निर्णय लिया है। तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर दोनों गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बता रहे हैं और पार्टी के संगठन तथा चुनाव चिन्ह पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब आगामी उपचुनावों में दोनों गुट अलग-अलग नाम और अलग-अलग चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरेंगे। फिलहाल आयोग के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों गुट नए नाम और चुनाव चिन्ह के रूप में क्या विकल्प चुनते हैं?
सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है, जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं: अभिषेक शर्मा

नई दिल्ली। भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच तूफानी शतक लगाया। अभिषेक ने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन कूटे। 26 वर्षीय बल्लेबाज का मानना है कि टॉप ऑर्डर में उनकी जबरदस्त फॉर्म, गेंदबाजों के हिसाब से की गई बारीकी से तैयारी का नतीजा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि एक या दो खराब सीरीज से टीम की आक्रामक बल्लेबाजी शैली में कोई बदलाव नहीं आएगा। अभिषेक ने गुरुवार को 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज टी20 अर्धशतक और ‘फुल मेंबर’ देश के बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है, उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीतने (जिसमें 127 रनों की बड़ी जीत भी शामिल थी) में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ दोनों चुना गया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अभिषेक ने कहा, “सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं। मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूं और कौन-से गेंदबाज होंगे। इसलिए, एक बल्लेबाज के तौर पर मेरे लिए हमेशा प्रक्रिया ही अहम रही है। मैं पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करूंगा, पावरप्ले में मुझे कौन गेंदबाजी करेगा, और फिर सातवें या आठवें ओवर में क्या होगा? ये चीजें मेरे लिए बहुत खास होती हैं।” कभी-कभी मिलने वाली हार या खराब प्रदर्शन की चिंताओं को दरकिनार करते हुए, अभिषेक ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों में विरोधियों पर हावी होने के अपने लंबे समय के लक्ष्य को लेकर एकजुट है। उन्होंने कहा, “हम बीते 2 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। एक या दो खराब सीरीज से बैटिंग यूनिट के तौर पर हमारी पहचान तय नहीं होगी, क्योंकि हम वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल दबदबा बनाए रखना चाहते थे, चाहे हम किसी के भी खिलाफ खेल रहे हों, लेकिन मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज और क्रिकेटर के तौर पर, कभी-कभी उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और हम सब जिस तरह से सोचते हैं, वह मायने रखता है। मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि उस समय हमें एक साथ मिलकर सिर्फ अगले गेम पर ध्यान देना होता है और अपना दबदबा बनाए रखना होता है।” टीम मैनेजमेंट से मिली स्पष्टता और आजादी का श्रेय देते हुए, अभिषेक ने हाई-रिस्क वाले खेल को लगातार जारी रखने के लिए टीम लीडरशिप से साफ बातचीत के महत्व पर उन्होंने कहा, “जब आप किसी खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो यह बहुत जरूरी है कि कप्तान और कोच आपके साथ हों, क्योंकि आपको मैनेजमेंट, कोच और कप्तान से भी भरोसा मिलना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हीं की वजह से हम कई वर्षों से ऐसा कर रहे हैं, और उम्मीद है कि हम इसे आगे भी जारी रखेंगे।” मैदान के हर कोने में रन बनाने की अपनी काबिलियत पर अभिषेक ने कहा, “मेरे लिए, मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी खास एरिया तक सीमित रहना चाहिए। बस गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो। मेरे लिए यह पहले दिन से ही बहुत आसान रहा है। मैं बस जाकर खुलकर खेलना चाहता हूं, और गेंद पर जबरदस्ती शॉट नहीं मारना चाहता। मैं बस गेंद को देखकर उस पर शॉट मारना चाहता हूं, और आने वाले सभी मुकाबलों में भी मेरे लिए यही आसान तरीका रहेगा, लेकिन आप हमेशा यह नहीं कह सकते कि आप बहुत अच्छा ही खेलेंगे। हमारी टीम में जो संस्कृति बन रहा है, उसमें हमें दबदबा बनाना है और पावरप्ले का फायदा उठाना है, इसलिए सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है।
यूजीसी-नेट जून 2026 की फाइनल आंसर-की जारी, एनटीए ने दी जानकारी

नई दिल्ली। यूजीसी-नेट जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है। इन विषयों की पुनर्परीक्षा 9 और 10 सितंबर को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी संबंधित फाइनल आंसर-की जाकर देख सकते हैं। एनटीए ने एक बयान जारी कर बताया कि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है, जिसे वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को आयोजित की गई थी। इंग्लिश का पेपर पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि कॉमर्स का पेपर दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक हुआ था। वहीं, सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में कई गलतियां होने की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। समिति की सिफारिश के बाद एनटीए ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला किया था। पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया था। साथ ही एनटीए ने स्पष्ट किया था कि इससे सीटों की संख्या पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा कुल 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी में शिकायतें सामने आने के बाद इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया, जबकि अन्य 84 विषयों की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रखी गई। यूजीसी-नेट परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता, पीएचडी में प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करने के उद्देश्य से किया जाता है। अब इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की उपलब्ध होने के बाद उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकते हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर और भूटान के राजा ने थिम्पू के ताशिचो द्जोंग में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया

थिम्पू। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ थिम्पू के प्रतिष्ठित ताशिचो जोंग में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ताशिचो जोंग में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की गरिमामयी उपस्थिति में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया गया। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के समर्पित जनसेवा को सम्मान दिया, जिसने दुनियाभर में अनगिनत जिंदगियों पर प्रभाव डाला है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भूटान के विदेश मंत्री डीएन धुंग्येल, भूटान में भारत के मित्र और भारतीय समुदाय के लोग भी शामिल हुए।” इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री तोबगे के साथ अपनी बैठक के दौरान हिमालयी देश को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे। विदेश मंत्री जयशंकर ने पीएम तोबगे को पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं और भूटान की प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मिलकर खुशी हुई। पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हमारी दोस्ती और सहयोग के अनोखे संबंधों के लिए उनकी भावनाओं की गहराई से कद्र करता हूं। भारत भूटान की प्रगति और समृद्धि के लिए मजबूती से प्रतिबद्ध है।” वहीं, भूटान को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन सौंपते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत ई-मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का समर्थन कर रहा है। इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष ल्योनपो डी एन धुंग्येल ने मोंगर में 65 बेड वाले ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण, विशेष मातृ एवं शिशु देखभाल तक पहुंच को मजबूत करेगी।
दुनिया संकट में भी भारत सुरक्षित: मुख्तार अब्बास नकवी

रामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भारतीय जनता पार्टी सेवा दिवस के रूप में मना रही है। इस मौके पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पीएम मोदी के 25 साल के सुशासन के सफर को कांटों का ताज बताया तो वहीं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने अमृतसर में दिव्यांग बच्चों के साथ खास अंदाज में जश्न मनाया, जहां नेत्रहीन बच्चों ने दीये जलाकर पीएम को बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को हम सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने चाहे बाहरी मुश्किलों का सामना किया हो या अंदरूनी चुनौतियों का, उन पर जीत हासिल की है और गवर्नेंस और सबको साथ लेकर चलने वाले एम्पावरमेंट के ग्लोबल ब्रांड के तौर पर उभरे हैं।” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के सुशासन और समावेशी सशक्तिकरण का वैश्विक ब्रांड संयोग से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी पसंद का नतीजा है। ये उनकी तपस्या और परिश्रम का परिणाम भी है। आज पूरी दुनिया संकट और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। युद्ध की विभीषिका को झेल रही है, ऐसे हालात में भी भारत और इसकी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की शक्ति का नतीजा है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 25 साल उनके सुशासन के रहे हैं। उनके सुशासन का सफल सफर फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज रहा है। जितना वो राजनीतिक असहिष्णुता के शिकार रहे हैं, उतना कोई भी नहीं रहा है। इसलिए पीएम मोदी का वैश्विक ब्रांड सुशासन, स्थिरता और बदलाव का बना है। वो देश जो भारत को फूटी आंख भी नहीं देखते थे, वो भी इस बात को कहने लगे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात को साबित कर दिया कि लोकतंत्र सबकुछ कर सकता है। भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा, “आज अमृतसर में नेत्रहीन बच्चों के स्कूल में, दिव्यांग बच्चों ने दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी, आपने हमें ‘दिव्यांग’ शब्द दिया, आपने हमें सम्मान दिया। आपने देश का नाम रोशन किया है और देश की तरक्की में मदद की है। ये बच्चे, जो देख नहीं सकते, प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद देने के लिए दीये जला रहे हैं। मैं बहुत भावुक हूं। जो देख नहीं सकते, वे भी दीये जला रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दे रहे हैं।
पासपोर्ट पर नया नियम लागू : 15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट अब 5 साल तक रहेगा वैध

नई दिल्ली। 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी होने वाले साधारण भारतीय पासपोर्ट अब पांच साल या बच्चे के 18 साल का होने तक, जो भी पहले हो, तक वैध रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए नियमों के तहत यह बदलाव किया गया है। पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026, गुरुवार को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जो पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधित करता है। संशोधित नियम 12(1ए) के तहत, 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों वाला साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि तक, या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा। 15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी संशोधन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आवेदन की प्रत्येक श्रेणी के लिए देय शुल्क नियमों की अनुसूची IV में निर्दिष्ट के अनुसार होगा। संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की थी। बढ़ा हुआ शुल्क नए पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण, तत्काल सेवाओं, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नए पासपोर्ट, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) और अन्य पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं पर लागू है। आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के पुनः जारी आवेदनों पर लागू नहीं होगी। वयस्कों के मामले में, 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या नवीनीकरण के लिए सामान्य आवेदन पर शुल्क मौजूदा 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों वाले पासपोर्ट (वयस्क, सामान्य) के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के लिए शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस श्रेणी में 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए शुल्क 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए शुल्क 5,500 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दिया गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट सेवाएं महंगी हो गई हैं। नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दिया। तत्काल श्रेणी में नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 3,000 रुपये से 4,250 रुपये किया गया।
अहमदाबाद में गणेशोत्सव की महाआरती में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह, बची राशि गर्भवती महिलाओं के कल्याण पर होगी खर्च

अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद में आयोजित ‘वस्त्रापुर ना महागणपति’ गणेशोत्सव की महाआरती में हिस्सा लिया। यहां काशी के घाटों की थीम पर बनाए गए पंडाल में भगवान गणेश की आठ फुट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की गई है। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वस्त्रापुर झील के पास बनाए गए पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन किए और नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। दोनों नेताओं ने महाआरती में भी हिस्सा लिया और गणेशोत्सव के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस गणेशोत्सव का आयोजन सरदार पटेल सेवादल की ओर से पिछले 41 वर्षों से वस्त्रापुर झील के पास किया जा रहा है। हर साल यहां अलग-अलग थीम और सजावट के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। बड़ी संख्या में अहमदाबाद के लोग उत्सव में शामिल होते हैं। आयोजकों के अनुसार, गणेशोत्सव के बाद बचने वाली राशि का इस्तेमाल ‘रिद्धि-सिद्धि गर्भवती महिला योजना’ के लिए किया जाता है। इस पहल के तहत अब तक गर्भवती महिलाओं को 15 हजार से अधिक पौष्टिक आहार किट वितरित की जा चुकी हैं। इस सहायता पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह और भूपेंद्र पटेल ने काशी घाट की थीम पर तैयार किए गए पंडाल और उसकी सजावट की सराहना भी की। इस दौरान अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, शहर भाजपा अध्यक्ष प्रेरक शाह, नगर निगम जल समिति के अध्यक्ष धरमशी देसाई समेत अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने मेमनगर के तरुण नगर-2 स्थित गणेश पंडाल में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पंडाल की थीम, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना की। पंडाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके चेहरे की विशेष रंगोली बनाई गई थी। इसके साथ ही दीप जलाकर भी जन्मदिन मनाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी की रंगोली को देखा और इसकी प्रशंसा की। उन्होंने गणेश दर्शन के लिए पहुंचे लोगों का अभिवादन किया और बच्चों से भी बातचीत की। मेमनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, शहर भाजपा अध्यक्ष प्रेरक शाह सहित कई सामाजिक और राजनीतिक नेता भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए कई कार्यक्रम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत देश के कोने-कोने में लोगों ने दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही सेवा, स्वास्थ्य, संस्कृति और विकास से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। ओडिशा के सुबर्णपुर जिले के बीरमहाराजपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और सुभद्रा योजना के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष बेनुधर दास, स्थानीय लोगों और महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने भाग लिया। जम्मू-कश्मीर के सांबा में भी प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा संकल्प अभियान के तहत मनाया गया। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रशपाल वर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन पूरे देश में मनाया जा रहा है और मतदान केंद्रों से लेकर घरों तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली विधानसभा परिसर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर विधानसभा परिसर में दीये जलाए गए। वहीं, दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयुष्मान भारत पीएम-जय और जन औषधि परियोजना के लाभार्थियों से मुलाकात और बातचीत की। चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से सेक्टर-17 प्लाजा में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए हजारों दीये शहर में रहने वाले कुम्हार परिवारों से सीधे खरीदे गए। उन्होंने कहा कि आयोजन के माध्यम से प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के साथ कुम्हार परिवारों को रोजगार और आजीविका का अवसर देने की कोशिश की गई। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने गरीबों तक पानी, बिजली, आवास, खाद्यान्न, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। महाराष्ट्र के नागपुर में प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर युवक गणेश मंडल ने उनकी तस्वीर वाली आकर्षक रंगोली बनाई और 76 दीये जलाए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी समारोह में शामिल हुए। फडणवीस ने रंगोली की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन पर 76 दीये जलाकर लोगों की ओर से उन्हें आशीर्वाद और शुभकामनाएं दी गई हैं। गुजरात के जामनगर स्थित डीकेवी कॉलेज में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर युवाओं के लिए ‘भजन जैमिंग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा मौजूद रहीं। छात्रों ने गरबा और कई सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। जामनगर के अलग-अलग इलाकों में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ समारोह भी आयोजित किए गए। गुजरात के गिर सोमनाथ में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर सोमनाथ मंदिर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम और महाआरती आयोजित की गई। मंदिर परिसर को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। महाआरती के दौरान शंख और डमरू की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश के झांसी में मंत्री जयवीर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ और 15 दिवसीय विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा की यात्रा, सरकार की विभिन्न योजनाओं और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के विजन को प्रदर्शित किया गया है। बिहार की राजधानी पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर दीया जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ‘यात्री सेवा अभियान’ के तहत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीया जलाकर की। पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर करीब 25,000 मिट्टी के दीये जलाए गए और कई मंत्री, सांसद और नेता भी वहां मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेलीबांधा तालाब पर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें शामिल हुए। विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी को आधुनिक भारत का ‘विश्वकर्मा’ बताते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने तक उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लगातार 25 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के लोग इस अवसर पर प्रधानमंत्री को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में मंत्री शंकर घोष ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर कहा कि उनके नेतृत्व में भारत मजबूत, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर देश के रूप में आगे बढ़ा है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सपने को साकार करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इन कार्यक्रमों में ‘सेवा संकल्प’, जनभागीदारी, सामाजिक सेवा और ‘विकसित भारत 2047’ के संदेश पर जोर दिया गया। कई राज्यों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए लोगों ने दीप जलाकर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
‘मोदी कथा’ प्रधानमंत्री के मानवीय और प्रेरक व्यक्तित्व को समझने का नया नजरिया : लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार और लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने कहा कि ‘मोदी कथा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को देखने और समझने का एक अलग नजरिया पेश करती है। अगर आप अपनी जिंदगी के सबसे बुरे पल में हैं, घोर निराशा हो और सकारात्मकता खोजना चाहते हैं, तो बस प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व को देखिए, उनकी बातें सुनिए और उनके काम करने के तरीके को देखिए। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को नई दिल्ली में लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल की नई पुस्तक ‘मोदी कथा’ का लोकार्पण किया गया। उन्होंने आईएनएस से खास बातचीत के दौरान इस पुस्तक के बारे में जानकारी साझा की। लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल कहते हैं, “यह ‘मोदी कथा’ किताब है, जिसे आज लॉन्च किया गया है। लोग प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक व्यक्तित्व से वाकिफ हैं, क्योंकि वे पिछले 25 सालों से सत्ता में हैं। लेकिन, उनका एक मानवीय पहलू भी है, और ‘मोदी कथा’ में उसी पहलू को उजागर करने की कोशिश की गई है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों की दिलचस्पी बढ़ती है। मुख्यमंत्री बनने के पहले के काल को अगर देखा जाए तब भी उनके व्यक्तित्व में संवेदनशीलता और संजीदगी दिखती है। ऐसी घटनाएं दिखाई पड़ती हैं, जिसके बाद पता चलता है कि उनका व्यक्तित्व इतना विराट क्यों है। उन्होंने 1990 की एक कहानी का जिक्र करते हुए बताया कि दो महिलाएं ट्रेन में सफर करती हैं। उनके मन की धारणा थी कि नेता गुंडे टाइप के होते हैं। लेकिन, उनसे मिलने के बाद उनके विचार बदल जाते हैं। मैंने इसी तरह की 10 कहानियों का संकलन किया है। यह किताब प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व को देखने का एक अलग नजरिया और संदर्भ है। उन्होंने कहा, “अगर आप अपनी जिंदगी के सबसे बुरे पल में जब घोर निराश हैं, सकारात्मकता खोजना चाहते हैं, तो बस प्रधानमंत्री की ओर देखिए। सिर्फ प्रधानमंत्री को ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व को देखिए, उनकी बातें सुनिए और उनके काम करने के तरीके को देखिए। आप समझ जाएंगे। यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी है: नकारात्मकता के चरम पर भी, आप उनमें सकारात्मकता पैदा होते हुए देख सकते हैं।” लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल ने कहा, “अगर आपको किसी भी पैमाने पर प्रधानमंत्री मोदी का आकलन करना हो, तो देश का हित सबसे ऊपर है। इसमें कोई शक नहीं है। देशभक्ति। दूसरी बात, सनातन संस्कृति के प्रति उनका समर्पण, उनका विजन और उसके बारे में उनकी सोच, एक अहम मुद्दा है। ये दो बहुत महत्वपूर्ण बातें हैं। तीसरी बात, देशभक्ति और सनातन संस्कृति का मेल। आप उनके सभी कामों को इसी नजरिए से देख सकते हैं, परख सकते हैं और उनका आकलन कर सकते हैं।” आज की जेनजी के लिए उनके जीवन से सबसे बड़ी सीख क्या हो सकती है? इस पर लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल कहते हैं, “आज की ‘जेनजी’ बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। यह अच्छी बात है, और समय का तकाजा भी यही है कि लोग तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। लेकिन अगर आप प्रधानमंत्री से कुछ सीखना चाहते हैं, तो आप तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, पर अनुभव कहां से लाएंगे? इसलिए, संयम, समर्पण और प्रतिबद्धता के बिना सब कुछ अधूरा रहता है। यह एकतरफा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी जेनजी से बहुत कुछ सीखते हैं और अपने में समाहित करते हैं। जेनजी प्रधानमंत्री को अपना आदर्श मानता ही है।” उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं, लेकिन यह हमारा सौभाग्य भी है कि देश को आप जैसे व्यक्ति मिले। आप प्रधानमंत्री बने, जिसकी वजह से देश को एक नई दिशा मिली। इसलिए, मैं चाहता हूं कि आप इस पद पर बने रहें और कई सालों तक, यहां तक कि कई कार्यकाल तक प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा करते रहें। मान लीजिए आप किसी चीज को पसंद या नापसंद करते हैं। इसे ऐसे समझिए, अगर कोई आपके साथ वैसा ही व्यवहार करे जैसा आप दूसरों के साथ करते हैं, तो क्या आपको यह अच्छा लगेगा या बुरा? अब प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व को इसी नजरिए से समझिए। भले ही कोई कितना भी बुरा इंसान हो, या कोई उनके बारे में कुछ बुरा कहे, आपने देखा होगा कि वे कभी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते। उनकी सबसे बड़ी ताकत क्या है? संयम। वे इंतजार करते हैं और कभी भी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते। इन कहानियों में ये सब देखने को मिलेगा।” उन्होंने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बारे में बताते हुए पीएम मोदी के माफ करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि एक झटके में बच्चों को क्षमा करना उनका व्यक्तित्व है। असल में उनका पूरा जीवन इसी बात के इर्द-गिर्द बुना हुआ है।
ओडिशा: जादू-टोना के शक में पिता-पुत्र की हत्या मामले में 12 दोषियों को उम्रकैद

भुवनेश्वर। ओडिशा के गजपति जिले में जादू-टोना करने के शक में पिता-पुत्र की हत्या के मामले में परलाखेमुंडी की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अदालत ने गुरुवार को 12 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों की पहचान जोशुआ गामांगो, बेंजामिन गामांगो, संजय गामांगो, अभिमन्यु राइका, कंद्रा गामांगो उर्फ जानस, मिखाइल गामांगो, सेटो राइका, जिरी उर्फ जर्मिया राइका, अब्राहम बदरैता, जुनेश रैता, कुरा रैता और सोमनाथ गामांगो के रूप में हुई है। सभी दोषी अदावा थाना क्षेत्र के मुथागुडा गांव के रहने वाले हैं। मामले के अनुसार, 12 जून 2021 को गजपति जिले के मुथागुडा गांव में आरोपी जोशुआ गामांगो के घर के पास ग्रामीणों की एक बैठक हुई थी। बैठक में आरोप लगाया गया कि लुका दलाबेहरा जादू-टोना करके गांव के लोगों की जान ले रहा है। इसके बाद लुका और उसके बेटे अनुका दलाबेहरा को गांव के बाहरी इलाके में स्थित कुसुमसाही गांव के खेत में ले जाया गया, जहां दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने अनुका की गला काटकर हत्या की थी। घटना के बाद लुका की बेटी लुडिया गामांगो की लिखित शिकायत पर अदावा पुलिस ने 13 जून 2021 को मामला दर्ज किया था। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। गजपति पुलिस के अनुसार, अदालत ने गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच के बाद माना कि पिता-पुत्र दोनों की हत्या की गई थी। अदालत ने आरोपियों की ओर से उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने की दलील को भी खारिज कर दिया। गजपति के पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद सहाय मीणा ने दोहरे हत्याकांड में दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच अधिकारियों, अभियोजन अधिकारी और अदालत के कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में रायगढ़ा जिले की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को पत्नी की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी की पहचान रायगढ़ा जिले के काशीपुर थाना क्षेत्र के भाटीपास गांव निवासी गुरुनाथ गौड़ा के रूप में हुई है। मामले के अनुसार, 5 फरवरी 2024 को पारिवारिक विवाद के दौरान गुरुनाथ गौड़ा ने अपने घर में पत्नी पुष्पा गौड़ा पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल पुष्पा को थुआमुलरामपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।