किशाऊ बांध से यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी: हरियाणा सीएम

नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर छह राज्यों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर एक अहम कदम है, जिससे राज्य को यमुना नदी में पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता का सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इस प्रोजेक्ट पर हुई बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान, इन छह राज्यों की अहम बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय कोशिशों से इस मुद्दे पर राज्यों के बीच आम सहमति बनाने का रास्ता साफ हो गया है, जो सालों से लंबित था।” मुख्यमंत्री सैनी ने इस अहम पहल के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह का खास तौर पर आभार जताया। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का भी धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने संबंधित राज्यों और विभागों के साथ तालमेल बिठाकर किशाऊ प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यमुना के पानी में हरियाणा का हिस्सा 48 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, “एमओयू पर हस्ताक्षर होना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, इसलिए यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ने से हरियाणा को सीधा फायदा होगा। किशाऊ प्रोजेक्ट के साथ-साथ रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट भी हरियाणा के लिए अहम हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है, और अब किशाऊ प्रोजेक्ट पर भी जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।” मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि तीनों प्रोजेक्ट, रेणुका-जी, लखवार और किशाऊ, से हरियाणा का हिस्सा लगभग 1,143 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) होगा। तीनों प्रोजेक्ट मिलकर पानी की उपलब्धता में 2,676 क्यूसेक की बढ़ोतरी करेंगे, जिसमें से 1,280 क्यूसेक हरियाणा का हिस्सा होगा।

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