साहिबगंज में गंगा का जलस्तर घटा, निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में संकट बरकरार

साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी में आई बाढ़ की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान आंशिक सुधार हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा नदी के जलस्तर में रविवार शाम करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, गंगा अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और निचले तथा दियारा क्षेत्रों में जलजमाव के कारण हजारों लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। साहिबगंज में गंगा का जलस्तर हाल में 28.71 से 28.72 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से करीब 1.46 मीटर अधिक है। यह पिछले चार वर्षों में दर्ज सबसे ऊंचे जलस्तर के आसपास बताया जा रहा है। अब जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। शहरी इलाकों में भी बाढ़ के पानी का असर कम हुआ है। हबीबपुर की मस्जिद रोड और कुलीपाड़ा-हबीबपुर मुख्य सड़क से पानी निकल गया है। हालांकि कमल टोला, बायसी स्थान, भरतिया कॉलोनी और अलीनगर जैसे कुछ निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है। सबसे ज्यादा परेशानी दियारा और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। उधवा प्रखंड के कई गांवों में पानी घटने लगा है, लेकिन कई गांव अब भी टापू बने हुए हैं। बाढ़ के कारण कई घरों के बोरिंग का पानी दूषित हो गया है, जिससे लोगों के सामने पीने के साफ पानी की समस्या खड़ी हो गई है। बरहरवा प्रखंड के कुछ अंदरूनी रास्तों और सड़कों पर भी पानी बह रहा है। जिले के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील कर रही हैं। जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। साहिबगंज पुलिस ने प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक लंगर की व्यवस्था की है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर राजमहल, राधानगर, गंगा नदी और मुफस्सिल थाना परिसर में पका हुआ भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में जोखिम उठाकर आवागमन नहीं करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है।

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