चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों पर अमल करने के लिए भारत के साथ काम करेगा: चीनी राजदूत

नई दिल्ली।भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने शुक्रवार को कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं और चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों पर अमल करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।राजदूत फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा, “चीन और भारत, राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं। कज़ान (रूस) और तियानजिन (चीन) में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे।चीनी राजदूत ने आगे कहा, “चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों पर अमल करने, रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नज़रिए से द्विपक्षीय संबंधों को संभालने, बातचीत बढ़ाने, सहयोग को मज़बूत करने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ काम करेगा।चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार दोपहर घोषणा की कि चीनी राष्ट्रपति शी शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में घोषणा की, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।इससे पहले शुक्रवार को बीजिंग में नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जिया-कुन ने शी जिनपिंग की नई दिल्ली यात्रा के बारे में कोई भी पुष्टि करने से इनकार कर दिया था।जब उनसे पूछा गया कि क्या चीनी राष्ट्रपति इस सप्ताहांत ब्रिक्स नेताओं की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगे, तो गुओ जिया-कुन ने जवाब दिया, “आपके द्वारा उठाए गए सवाल के संबंध में मेरे पास देने के लिए कोई जानकारी नहीं है।यह लगभग सात वर्षों में चीनी राष्ट्रपति की भारत की पहली यात्रा होगी और यह ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश 2020 में गलवान में हुई घातक झड़पों के बाद द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि दोनों देशों के रिश्तों के लगातार विकास और तरक्की के लिए भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना ज़रूरी है।हाल ही में बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई थी। अब उम्मीद है कि इस सप्ताहांत नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान वे विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।

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