पटना। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ब्रिक्स समिट, आईएमएफ द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की सराहना, जेडीयू का नाम बदलने के प्रस्ताव और लालू परिवार पर आईआरसीटीसी मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर उन्होंने बात की। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत को वैश्विक विकास का मुख्य इंजन बताए जाने पर उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में से एक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जैसे-जैसे इसकी विकास दर बढ़ रही है और वित्तीय प्रबंधन में सुधार हो रहा है, भारत ने वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्थिति बना ली है। दुनिया भर में विभिन्न चुनौतियों के बावजूद, भारत की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है और इसकी विकास दर बढ़ रही है। इसलिए, भारत ने निश्चित रूप से दुनिया में अपनी जगह बना ली है। अगर यह कहा जा रहा है कि सभी देशों को नेतृत्व की भूमिका निभाने में भारत का समर्थन करना चाहिए, तो इसे बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं माना जा सकता। वहीं, ब्रिक्स समिट पर बोलते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सकारात्मक विजन है कि चूंकि कई बड़े देश ब्रिक्स समिट के लिए भारत आ रहे हैं, इसलिए भारत की पवित्र धरती से दुनिया में एक सकारात्मक संदेश जाना चाहिए। इसके लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्णय लिए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री की पहल और विजन सही है। जेडीयू का नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने के विचार पर पूछे गए सवाल पर रामकृपाल यादव ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि जेडीयू की पहचान सम्मानित नेता नीतीश कुमार से जुड़ी है। अगर पार्टी के भीतर कोई चर्चा होती है, तो पार्टी के नेता ही इस पर निर्णय लेंगे। लालू परिवार पर आईआरसीटीसी मामले में चार्ज फ्रेम होने को लेकर उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ जो कोर्ट का निर्णय आया है, कानून अपना काम कर रही है। कानून जैसा समझता है, वह निर्णय लेता है।