आंध्र प्रदेश के रेल इंफ्रा को एक और बड़ी सौगात, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र का जताया आभार

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। केंद्रीय कैबिनेट ने रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी दी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी। रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण 77 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग है जो आंध्र प्रदेश के रेनिगुंटा और तमिलनाडु के अरक्कोणम जंक्शन को जोड़ता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आंध्र प्रदेश के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को यह बड़ी मजबूती देने के लिए धन्यवाद कहा। एन. चंद्रबाबू नायडू ‘एक्स’ में लिखा, “एनडीए की डबल इंजन, बुलेट-ट्रेन सरकार के तहत आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी को एक और बड़ा बढ़ावा। केंद्रीय कैबिनेट ने रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी दी है, जिसमें आंध्र प्रदेश में 46 किलोमीटर का हिस्सा तिरुपति और चित्तूर जिलों को कवर करता है, जिसकी लागत 1,157 करोड़ रुपए है। इससे भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समय पर आवाजाही बेहतर होगी और तिरुपति की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे तीर्थयात्रियों और यात्रियों दोनों को फायदा होगा और माल ढुलाई भी बढ़ेगी।” इससे पहले डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने भी प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को आंध्र प्रदेश को लगातार समर्थन देने और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया था। पवन कल्याण ने पोस्ट में लिखा, “भारतीय रेलवे नेटवर्क में 10,021 करोड़ रुपए की पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के साथ बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लगभग 540 किलोमीटर की नई क्षमता जुड़ेगी। इसका मतलब होगा तेज यात्री आवाजाही, सुचारू संचालन, मजबूत माल ढुलाई कनेक्टिविटी और विकास की नई संभावनाएं। आंध्र प्रदेश के लिए अरक्कोणम-रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह तिरुपति और रायलसीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, भीड़भाड़ को कम करेगी और पर्यटन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास को बड़ा बढ़ावा देगी।” उन्होंने लिखा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में ये परियोजनाएं 17 जिलों, 2,121 गांवों और लगभग 52 लाख लोगों को जोड़ेगी जबकि 47 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बनाएगी। हर नया ट्रैक सिर्फ बुनियादी ढांचा नहीं है। यह लोगों को अवसरों से, व्यवसायों को बाजारों से और समुदायों को एक तेज, मजबूत भविष्य से जोड़ता है। मजबूत रेलवे, मजबूत कनेक्टिविटी, मजबूत भारत।

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