ड्रग तस्करों के जहाज पर कार्रवाई से पहले होती है कानूनी समीक्षा, तस्‍करी के रास्‍ते बंद करना जरूरी : मार्को रुबियो

वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका संदिग्ध मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े जहाजों पर कार्रवाई करता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर ऐसे अभियान की पहले कानूनी समीक्षा की जाती है और क्षेत्रीय साझेदार देशों के साथ हुए समझौतों के तहत ही कार्रवाई की जाती है। बुधवार को इक्वाडोर की राजधानी क्विटो स्थित अमेरिकी दूतावास में पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि कार्रवाई का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि जहाज किस देश से जुड़ा है, वह कहां मौजूद है और उससे किस तरह का खतरा है। उन्होंने बताया कि हाल के कई अभियान साझेदार देशों के क्षेत्रीय जलक्षेत्रों में संयुक्त रूप से चलाए गए हैं। उन्होंने कहा क‍ि यह जहाज पर निर्भर करता है, उससे पैदा होने वाले खतरे पर निर्भर करता है और इस बात पर भी कि वह कहां स्थित है। अमेरिका जब किसी साझेदार देश के समुद्री क्षेत्र में काम करता है, तो उसे उस देश के कानूनों और प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। उन्होंने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन तस्करी मार्गों को बाधित किया जा रहा है। इन रास्तों को बंद किया जा रहा है।” रुबियो के अनुसार, हर लक्ष्य की कानूनी समीक्षा युद्ध विभाग में की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभियान के संबंध में फैसला अलग-अलग परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। रुबियो ने कहा कि ये संयुक्त अभियान उन एकतरफा कार्रवाइयों से अलग हैं जो पिछले साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में की गई थीं। उनके मुताबिक, संयुक्त अभियानों में अमेरिका और उसके साझेदार देशों के बीच प्रक्रिया और नियमों पर सहमति होती है। जब एक पत्रकार ने दावा किया कि गैलापागोस द्वीपों के पास सीआईए के एक गुप्त कार्यक्रम के तहत तीन जहाजों को नष्ट किया गया था, तो रुबियो ने उस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली नौकाओं के खिलाफ अपना अभियान कभी छिपाया नहीं है। उन्होंने कहा कि अब यह प्रयास क्षेत्र के देशों के सहयोग के साथ और व्यापक हो गया है। उन्होंने कहा, “हम यह काम एक साल से अधिक समय से कर रहे हैं। अब अंतर सिर्फ इतना है कि हम इसे क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर, उनके समुद्री क्षेत्रों में, उनके सहयोग से कर रहे हैं।” जब उनसे मछुआरों को होने वाले खतरे के बारे में पूछा गया, तो रुबियो ने कहा कि इन अभियानों का निशाना मादक पदार्थों के तस्कर, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली नौकाएं और अवैध मछली पकड़ने वाली गतिविधियां हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य मछुआरों को निशाना बनाना नहीं है। हमारा लक्ष्य मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

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