US कॉमर्स सेक्रेटरी लटनिक ने G20 में AI और IP के बीच संतुलन बनाने पर ज़ोर दिया

चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना)। कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने G20 देशों से अपील की है कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को फलने-फूलने का मौका देते हुए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) की सुरक्षा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश घरेलू और विदेशी इनोवेटर्स के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहेंगे, वे निवेश और आर्थिक मौके गंवा सकते हैं।नॉर्थ कैरोलिना के चैपल हिल में G20 इनोवेशन मिनिस्टीरियल की शुरुआत करते हुए, लटनिक ने कहा कि सरकारों के सामने जटिल सवाल हैं कि तेज़ी से विकसित हो रहे AI सिस्टम पर मौजूदा पेटेंट और कॉपीराइट नियम कैसे लागू हों।उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे आविष्कार करने के तरीके को बदल देगा। यह हमारे बनाने के तरीके, कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और पूरे उद्योगों के काम करने के तरीके को बदल देगा।लटनिक ने कहा कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की सुरक्षा और AI के विकास को बढ़ावा देने को एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्यों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा, “आप इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की सुरक्षा कर सकते हैं और AI इनोवेशन को बढ़ावा दे सकते हैं, लेकिन यही मुश्किल हिस्सा है। हमें दोनों काम एक साथ करने का तरीका खोजना होगा।तो, ये एक ही इनोवेशन इकोसिस्टम के दो पहलू हैं।उन्होंने कहा कि एक कारगर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सिस्टम इनोवेटर्स और क्रिएटर्स की सुरक्षा कर सकता है, साथ ही AI प्रतिस्पर्धा और कमर्शियलाइज़ेशन के मौके भी बनाए रख सकता है।लटनिक ने कहा, “यह संतुलन मायने रखता है क्योंकि प्राइवेट इन्वेस्टमेंट ही तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाएगा।उन्होंने AI को इंसानी रचनात्मकता को बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली टूल बताया, लेकिन माना कि यह आविष्कार के पारंपरिक तरीकों के बारे में नए सवाल खड़े कर रहा है।उन्होंने कहा कि यह चुनौती पेटेंट और कॉपीराइट, दोनों पर लागू होती है।उन्होंने कहा, “कॉपीराइट लेखकों, कलाकारों, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स की सुरक्षा करते हैं और मौजूदा कानून एक ज़रूरी आधार प्रदान करते हैं जिस पर AI टेक्नोलॉजी का विकास जारी रहेगा।लटनिक ने सरकारों से यह तय करने को कहा कि ‘फेयर यूज़’ और ‘फेयर डीलिंग’ जैसे सिद्धांत AI से जुड़ी गतिविधियों पर कैसे लागू होंगे।उन्होंने कहा कि इसके जवाब अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले तथ्यों और हालात पर निर्भर करेंगे।उन्होंने कहा, “हमें कॉपीराइट और AI के बीच के आपसी संबंध को समझना और पहचानना होगा, और इससे हमारे सभी अधिकार क्षेत्रों में जटिल सवाल खड़े होंगे।कॉमर्स सेक्रेटरी ने ट्रेड सीक्रेट (व्यापारिक गोपनीयता) की सुरक्षा के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि इससे रिसर्च, डेवलपमेंट और प्रतिस्पर्धी बाज़ार को बढ़ावा मिलता है।उन्होंने देशों से अपील की कि वे आपसी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सुरक्षा प्रदान करें और अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी उपाय करें। उन्होंने कहा, “आपको अपने लोगों और हितों की रक्षा करनी होगी। लेकिन अगर आप अपनी रक्षा करना चाहते हैं, तो आपको उन लोगों की भी रक्षा करनी होगी जो आपके बाज़ार में आ रहे हैं। ये दोनों चीज़ें साथ-साथ होनी चाहिए।और अगर आप दोनों काम नहीं करते हैं, तो आपके पास उतने मौके नहीं होंगे जितने हो सकते थे।लटनिक ने कहा कि बड़ी चुनौती इनोवेशन की रक्षा करने और उसे तेज़ी से आगे बढ़ाने के बीच किसी एक को चुनने की नहीं, बल्कि दोनों लक्ष्यों को एक साथ हासिल करने की है।उन्होंने आगे कहा, “हमें ऐसे फ्रेमवर्क की ज़रूरत है जो उन क्रिएटर्स और आविष्कारकों की रक्षा करें जिनकी काबिलियत हमारी अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाती है, लेकिन साथ ही ऐसी रुकावटें भी पैदा न करें जो अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को आगे बढ़ने से रोकें।लटनिक ने कहा, “सही संतुलन बनाने से AI को G20 अर्थव्यवस्थाओं में निवेश, प्रोडक्टिविटी, वैज्ञानिक खोज, मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।उन्होंने कहा कि मंत्री-स्तरीय बैठक में इनोवेशन को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक खोज में तेज़ी लाने, सप्लाई चेन को मज़बूत करने और उभरती टेक्नोलॉजी में भरोसा बढ़ाने वाली नीतियों पर चर्चा होगी।अमेरिका ने इन प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रस्ताव रखे थे, जिनमें प्राइवेट सेक्टर के नेतृत्व वाले स्टैंडर्ड्स, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (बौद्धिक संपदा अधिकार) का समर्थन शामिल है।G20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ़्रीकी संघ शामिल हैं।भारत इस समूह का सदस्य है और 2023 में इसकी अध्यक्षता भारत के पास थी, जब अफ़्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिक्षा