गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में दो और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई

भावनगर। भावनगर जिले में मेथनॉल मिश्रित नकली शराब पीने से दो और लोगों की मौत हो गई है, जिससे गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि तीन से पांच मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। भावनगर जिला कलेक्टर मनीष कुमार बंसल ने बताया कि 36 वर्षीय मुकेश मनीलाल दामोर की शनिवार देर रात मौत हो गई, जबकि 42 वर्षीय भार्गव उपाध्याय को आज सुबह मृत घोषित कर दिया गया। ये मौतें ऐसे समय हुई हैं जब राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) जहरीली शराब के निर्माण और वितरण की जांच जारी रखे हुए है। एसएमसी ने वर्तेज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआरआई) में आरोपी बनाए गए 21 लोगों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया है। एक स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 1 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांचकर्ता उन संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे अवैध शराब बनाने के लिए मध्य प्रदेश से भावनगर आए थे। सूत्रों के अनुसार, 47 वर्षीय नरेंद्रसिंह यादव उर्फ ​​डॉक्टर ने शराब बनाने में मदद की थी। उनकी भी शराब पीने से मौत हो गई। यादव इंदौर के निवासी थे। जांच में संदिग्ध शराब की जब्त की गई बोतल में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, एसएमसी मध्य प्रदेश के अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है और वहां से हिरासत में लिए गए लोगों को गुजरात लाने के लिए ट्रांजिट वारंट जारी करने की मांग कर रही है। आगे और गिरफ्तारियां होने की आशंका है। एसएमसी के महानिरीक्षक गगनदीप गंभीर शनिवार को चल रही जांच के सिलसिले में भावनगर पहुंचे। यह घटना अगस्त के मध्य में घोघा तालुका के खरकड़ी गांव और आसपास के इलाकों में आयोजित समारोहों में शराब पीने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद सामने आई। पुलिस ने बाद में पाया कि शराब ‘रॉयल ​​स्टैग’ ब्रांड से मिलते-जुलते स्टिकर वाली बोतलों में बेची जा रही थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया है कि शराब गुजरात के बाहर से लाई गई थी, उसमें मिलावट की गई थी और एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से वितरित की गई थी। एसएमसी ने नकली शराब की बोतलें, रसायन और रंग जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नकली शराब बनाने में किया जाता था, साथ ही स्टिकर, ढक्कन, स्टिकर रोल, कार्डबोर्ड और अन्य सामग्री भी जब्त की है। एफआईआर में नामजद 21 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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