महाराष्ट्र: मुंबई में मेयर कार्यालय और कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी

मुंबई। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय और राजधानी के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मेयर कार्यालय को एक ईमेल मिला है, जिसमें कार्यालय के अलावा 3-4 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह तीसरी बार है, जब मेयर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया। मुंबई पुलिस ने पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत सब जगहों की जांच की, लेकिन वहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और ईमेल भेजने वाले का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले, शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने तलाशी अभियान शुरू किया। अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या आपत्तिजनक सबूत नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, धमकियां पाने वाले स्कूलों में रोहिणी का वेंकटेश्वर पब्लिक स्कूल और मयूर विहार का सालवन पब्लिक स्कूल शामिल हैं। दमकल विभाग को इन दोनों स्कूलों के संबंध में क्रमशः सुबह 9.37 बजे और 9.57 बजे कॉल मिलीं। पुलिस ने बताया कि मयूर विहार स्थित सलवान पब्लिक स्कूल को मिली धमकी में 30 अक्टूबर को बम हमले की बात कही गई थी। अलर्ट मिलने के बाद, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें स्कूलों में पहुंचीं और सुरक्षा जांच शुरू की। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। हालांकि, शुरुआती तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु या सामग्री नहीं मिली।
शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाकर क्यों खुले आसमान के नीचे रखा जाता है, क्या है धार्मिक मान्यता?

नई दिल्ली। आश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा, कौमुदी व्रत या कुमार पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त होकर चमकता है। मान्यता है कि इस रात को चंद्रमा की किरणों से अमृत निकलता है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर की रात को मनाई जाएगी। आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शुरू होगी और अगले दिन 26 अक्टूबर को सुबह 9:41 बजे समाप्त होगी। ऐसे में 25 अक्टूबर की रात को शरद पूर्णिमा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ महारास रचाया था, जिसे भक्ति और प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। इसके अलावा, मान्यता यह भी है कि शरद पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और देखती हैं कि कौन जाग रहा है। जो भी रात में जागते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उन पर माता की विशेष कृपा बरसती है। रात को जागने की वजह से इसे कोजागरी व्रत भी कहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात को कुछ परंपराएं निभाई जाती हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर गाय के दूध और चावल से बनी खीर को रात में खुले आसमान में रखा जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि चंद्रमा की किरणें खीर पर पड़ सकें। अगले दिन सुबह इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर माता लक्ष्मी की स्वर्णमयी मूर्ति की पूजा की जाती है। घी के दीपक जलाकर पूरी रात जागकर मंत्रों का जप किया जाता है। इस रात को भक्त माता लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप करते हैं। इस अवसर पर सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, चांदी के बर्तन और भोजन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्या है एक्यूआई और प्रदूषण स्तर बिगड़ने पर कौन सा मास्क रखेगा आपको सुरक्षित

नई दिल्ली। बदलते मौसम और बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच आजकल एक शब्द सबसे अधिक चर्चा में है, एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स)। अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है कि वे सुबह उठते ही मौसम की जानकारी के साथ अपने शहर का एक्यूआई स्तर भी जांचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्यूआई कैसे निर्धारित किया जाता है और प्रदूषित हवा से बचाव के लिए किस प्रकार का मास्क प्रभावी माना जाता है? सरल शब्दों में कहें तो एक्यूआई एक पैमाना है, जो यह बताता है कि किसी क्षेत्र की हवा कितनी स्वच्छ या प्रदूषित है। इसके आधार पर सरकारी एजेंसियां और संबंधित संस्थान लोगों को वायु गुणवत्ता की स्थिति से अवगत कराते हैं तथा आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। एक्यूआई की गणना हवा में मौजूद मुख्य प्रदूषकों के आधार पर की जाती है, जिनमें पीएम 2.5 (धूल और धुएं के बेहद बारीक कण जो सीधे फेफड़ों में जाते हैं), पीएम 10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2), सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ2), और कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) शामिल हैं। सरल और आसान भाषा में समझें तो एक्यूआई का नंबर जितना अधिक होगा, हवा उतनी ही प्रदूषित होगी और स्वास्थ्य पर उसका उतना ही बुरा असर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय और प्रमुख वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार, एक्यूआई को मुख्य रूप से 6 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें अच्छा (0 से 50), मध्यम (51 से 100), खराब (101 से 150), अस्वास्थ्यकर (151 से 200), गंभीर (201 से 300), खतरनाक (301 से अधिक) शामिल हैं। लोग गंभीर स्तर पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन शुरुआती तीन स्तरों को समझना भी बेहद जरूरी है। अच्छा (0 से 50) : यह सबसे सुरक्षित स्तर है। इस श्रेणी में हवा बिल्कुल स्वच्छ मानी जाती है। प्रदूषण का जोखिम शून्य के बराबर होता है और यह खुली हवा में व्यायाम करने या घूमने के लिए सबसे बेहतरीन समय है। मध्यम (51 से 100) : इस स्तर पर हवा की गुणवत्ता स्वीकार्य होती है। हालांकि, कुछ प्रदूषकों के कारण उन लोगों को हल्की परेशानी हो सकती है जो वायु प्रदूषण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं (जैसे अस्थमा के गंभीर मरीज)। आम लोगों के लिए यह सामान्य है। अस्वास्थ्यकर (151 से 200) : यहां से खतरे की घंटी बजनी शुरू होती है। इस स्तर पर संवेदनशील समूहों, जैसे बच्चों, बुजुर्गों, और सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है। स्वस्थ लोगों को भी लंबे समय तक बाहर भारी मेहनत करने से बचने की सलाह दी जाती है। प्रदूषण से बचने के लिए लोग मास्क तो खरीदते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण गलत मास्क लगा लेते हैं। ऐसे में कौन-सा मास्क कब लगाना है, इस बात की भी जानकारी होना बहुत जरूरी है। आमतौर पर मास्क 4 प्रकार के होते हैं, जिनमें कपड़े का मास्क, सर्जिकल मास्क, एन95 / केएन95 मास्क और एन99 / एन100 मास्क शामिल हैं। कपड़े का मास्क सिर्फ बड़े धूल कणों को रोकता है। वहीं, मुख्यतः डॉक्टर्स द्वारा पहना जाने वाला सर्जिकल मास्क संक्रमण (ड्रॉपलेट्स) रोकने के लिए पहना जाता है। एन95 / केएन95 मास्क की बात करें, तो यह एक रेस्पिरेटर मास्क है, जो हवा में मौजूद 95 प्रतिशत तक बेहद सूक्ष्म कणों (पीएम 2.5 को फिल्टर करने की क्षमता रखता है। जबकि एन99 / एन100 मास्क सबसे उच्च श्रेणी का मास्क है, जो 99 प्रतिशत से अधिक प्रदूषक कणों को रोकने में सक्षम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर मास्क हर समय काम नहीं आता। खास बात यह है कि कपड़े और सर्जिकल मास्क पीएम 2.5 जैसे जहरीले और बारीक कणों को रोकने में पूरी तरह नाकाम होते हैं। आमतौर पर एक्यूआई 0 से 50 (अच्छा) तक किसी भी मास्क की आवश्यकता नहीं होती है। एक्यूआई 51 से 100 (मध्यम) तक आम लोगों को मास्क की जरूरत नहीं होती, लेकिन यदि आपको धूल से एलर्जी या अस्थमा है, तो बाहर निकलते समय सर्जिकल मास्क या साधारण मास्क लगा सकते हैं। एक्यूआई 101 से 150 (अस्वास्थ्यकर) तक पहुंचे तो बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय एन95 या केएन95 मास्क लगाना शुरू कर देना चाहिए। एक्यूआई 151 से 300 (गंभीर से खतरनाक) की स्थिति में हर व्यक्ति को घर से बाहर कदम रखते ही एन95 मास्क अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। यदि आप ट्रैफिक या ज्यादा धुएं वाले इलाके में हैं, तो वाल्व रहित एन95 मास्क का प्रयोग करें। एक्यूआई 301 से ज्यादा (खतरनाक) एक हेल्थ इमरजेंसी जैसी स्थिति है। इसमें बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि जाना बेहद जरूरी हो, तो केवल एन99 या अच्छी फिटिंग वाला एन95 मास्क ही लगाएं, जो चेहरे को चारों तरफ से सील कर दे।
दिल्ली पुलिस ने रेडीमेड कपड़ों की सप्लाई के नाम पर कंपनी से ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक कंपनी से ठगी करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी ने रेडीमेड कपड़ों और सिलाई मशीन के सामान की सप्लाई करने के बहाने एक कपड़ा निर्माता से लगभग 2 लाख रुपए की ठगी की। आरोपी की पहचान दिल्ली के बदरपुर निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है। शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह मामला नीरज कुमार जैन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। नीरज रेडीमेड कपड़ों के निर्माण और उनसे जुड़े सामान के कारोबार से जुड़े हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि 6 जुलाई को आरोपी पवन कुमार ने उनसे संपर्क किया और खुद को रेडीमेड कपड़ों और सिलाई मशीन के सामान का सप्लायर बताया। आरोपी ने उन्हें यह कहकर ऑर्डर देने के लिए राजी कर लिया कि जरूरी सामान डिलीवरी के लिए उपलब्ध है। कंपनी का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने कैटलॉग, इनवॉइस और ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेज शेयर किए। उसने बार-बार यह भरोसा भी दिलाया कि ऑर्डर किया गया सामान समय पर भेज दिया जाएगा और डिलीवर कर दिया जाएगा। इन बातों पर भरोसा करके नीरज कुमार जैन ने कई ट्रांजेक्शन के जरिए लगभग 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, वादा किया गया सामान कभी नहीं पहुंचा और न ही पैसे वापस किए गए, जिसके बाद साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से पुलिस को आरोपी के बदरपुर में होने के सुराग मिले। इसके बाद शाहदरा साइबर पुलिस टीम ने छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद किया। वित्तीय जांच से पता चला है कि साइबर अपराध की छह शिकायतों में आरोपी से जुड़े बैंक खाते सामने आए हैं। इन मामलों में कई पीड़ित शामिल हैं और लाखों रुपए के संदिग्ध धोखाधड़ी वाले लेनदेन हुए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच से संकेत मिलता है कि आरोपी ने कथित तौर पर कॉलर की भूमिका निभाई और वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी के इन मामलों में शामिल था। पैसे के पूरे लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने, अन्य पीड़ितों की पहचान करने और इस कथित धोखाधड़ी के पूरे दायरे को समझने के लिए आगे की जांच जारी है।
जल्द ही खत्म होगी बिजली कर्मचरियों की हड़ताल, यूनियन के नेता बैठक के लिए तैयारः अनिल विज

पंचकूला। हरियाणा सरकार के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार निजी बिजली लाइसेंस जारी करने के फैसले को रद्द करने के लिए धारा 108 का इस्तेमाल कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि हड़ताल को सुलझाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए दोपहर 3 बजे बिजली कर्मचारियों के यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक निर्धारित की गई है। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर अनिल विज ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “यह मामला लगभग सुलझ गया है। मैंने कर्मचारी यूनियन के नेताओं से बात की है। मैं उन्हें पहले दिन से ही कह रहा हूं कि हड़ताल कोई समाधान नहीं है। आइए, बैठकर बातचीत करें। अगर आप कोई और हल सुझाते हैं, तो हम उस पर भी विचार करने को तैयार हैं। कल यूनियन ने मांग की थी कि सरकार आदेश को रद्द करने के लिए धारा 108 का इस्तेमाल करे, जो हम कर सकते हैं।” अनिल विज ने आगे कहा, “मैंने मुख्यमंत्री से भी बात की है और आज सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि हम धारा 108 का इस्तेमाल करेंगे। यूनियन के नेता आज दोपहर 3 बजे पंचकूला रेस्ट हाउस में बैठक के लिए आने को तैयार हो गए हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि कुछ ही घंटों में हड़ताल खत्म हो जाएगी। बिजली अधिनियम की धारा 108 के अनुसार, जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में राज्य आयोग को राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा और कोई मामला जनहित का है या नहीं, इस पर सरकार का निर्णय अंतिम होगा।” अनिल विज ने बिजली कर्मियों से अपील करते हुए कहा कि सरकार आपकी मांग पर विचार कर रही है, इसलिए हड़ताल वापस लें और बिजली आपूर्ति सुचारू करें। राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा, “स्मृति ईरानी को भाजपा हरियाणा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह एक बहुत ही सक्षम और अनुभवी राजनेता हैं। उनके मार्गदर्शन में संगठन मजबूत होगा और सरकार को भी अपने कामकाज में काफी सहयोग मिलेगा।” बता दें कि हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के कथित निजीकरण के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसकी वजह से कई जिलों में बिजली सप्लाई बाधित होने से लोग परेशान हैं।
नोएडा में एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में नोकझोंक

नोएडा। नोएडा में एमएलसी चुनाव के दौरान शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक का मामला सामने आया है। चुनाव के दौरान बस्ता लगाने को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामले को शांत कराया। यह पूरा मामला नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र स्थित पंचशील इंटर कॉलेज का बताया जा रहा है। यहां एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच बस्ता लगाने को लेकर विवाद हुआ। चुनाव के दौरान अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में बस्ता लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया गया। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने सतर्कता बरती। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद को शांत कराया गया। एमएलसी चुनाव के दौरान इस तरह की नोकझोंक के बाद चुनाव केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी मौके पर निगरानी करते रहे।
रेहान वाड्रा प्रदर्शनी विवाद पर राजनीति गलत, बीकानेर हाउस को अपने नियम तय करने का हक : रामचंद्र राव

हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने बीकानेर हाउस में आयोजित कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरों को हटाए जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को पूरी तरह से प्रबंधन के नियमों के अनुरूप और जायज बताया है। साथ ही, उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए निमंत्रण का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। रामचंद्र राव ने कहा कि बीकानेर हाउस में लगाई गई प्रदर्शनी में कुछ ऐसी तस्वीरें लगाई गई थीं, जो सोसाइटी और उसके प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ थीं। प्रबंधन ने जब इन तस्वीरों पर आपत्ति जताई और उन्हें हटाने के लिए कहा, तो यह बिल्कुल सही कदम था। उन्होंने कहा कि हर सोसाइटी और प्रबंधन के अपने नियम और कायदे होते हैं। अगर प्रदर्शनी में उन नियमों के खिलाफ जाकर कोई तस्वीर या सामग्री दिखाई जाती है, तो उसका विरोध होना स्वाभाविक है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले पर राजनीति करना गलत है। प्रबंधन के नियमों और रेगुलेशन के तहत ही कोई भी प्रदर्शनी आयोजित की जा सकती है। जब प्रबंधन खुद आपत्तिजनक तस्वीरों पर ऐतराज जता रहा है, तो उन्हें वहां प्रदर्शित करना उचित नहीं है। बीकानेर प्रबंधन ने नियमों के अनुसार ही कांग्रेस नेताओं से जुड़ी कुछ तस्वीरों पर रोक लगाई थी। यह पूरी तरह से उनके अधिकार क्षेत्र में आता है और इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किए जाने पर रामचंद्र राव ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए सम्मान की बात है कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को अपने देश के स्वतंत्रता दिवस पर आमंत्रित किया है। इजरायल का यह कदम भारत के साथ उसके मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद से लड़ने वाले देशों के साथ खड़ा रहा है। भारत की तरह इजरायल भी आतंकवाद का पीड़ित रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद ने एक नया और खतरनाक रूप ले लिया है, जिससे लड़ने के लिए पूरी दृढ़ता की जरूरत है। आतंकवाद से प्रभावित सभी देशों को एकजुट होकर इस वैश्विक खतरे के खिलाफ लड़ना चाहिए।
‘चिन्मय मिशन सिर्फ एक संस्था नहीं, ये चिन्मय विचार है’, पीएम मोदी ने किया चिन्मय अमृत महोत्सव का उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन केवल एक संस्था नहीं है, ये चिन्मय विचार है, जिसकी स्थापना एक चिन्मय ऋषि ने की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी के सौजन्य से आज मुझे चिन्मय मिशन के अमृत महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला है। ये एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव है। ये हमारे संतों का मेरे प्रति विशेष स्नेह और आशीर्वाद है। इतने दशकों की इसकी यात्रा भी चिन्मय संकल्पों से भरी रही है। और जो चिन्मय है, वो स्वाभाविक ही अमर है, अमृतमय है। इसलिए आज भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव आयोजन का ये नाम भी उतना ही सार्थक है।” सम्मेलन में स्वामी चिन्मयानंद से साल 1993 की बड़ौदा में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “स्वामी चिन्मयानंद के साथ हुई बातचीत, उनका स्नेह और आशीर्वाद आज सब कुछ फिर से आंखों के सामने आ गया है। एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे मैं गुरुदेव के साक्षात सान्निध्य में आ गया हूं। मेरे लिए यह बहुत भावुक करने वाला अनुभव है। इसके लिए मैं चिन्मय मिशन के साथियों को हृदय से धन्यवाद देता हूं और आभार व्यक्त करता हूं।” फरवरी 1993 में मेरी गुरुदेव से मुलाकात हुई थी। मैं उन्हें अमेरिका के शिकागो में ‘विश्व धर्म संसद’ के शताब्दी समारोह में आमंत्रित करने गया था। उसी समय स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 100 वर्ष हो रहे थे। गुरुदेव ने निमंत्रण स्वीकार किया। वे अमेरिका गए और अलग-अलग कार्यक्रमों में उन्होंने ‘विश्व धर्म संसद’ के शताब्दी समारोह के प्रति लोगों को जागरुक किया, लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। ‘विश्व धर्म संसद’ के कुछ सप्ताह पहले तीन अगस्त को अमेरिका में गुरुदेव देह त्याग करके हम सभी को छोड़कर चले गए। 11 सितंबर को जब शिकागो में ‘विश्व धर्म संसद’ थी, मैं वहां उपस्थित था। हम सभी ने गुरुदेव की कमी महसूस की। मेरे मन में गुरुदेव की कही बहुत सी बातें आती हैं। उनसे आखिरी मुलाकात में जो गंभीर विमर्श हुआ था, वो मुझे आज भी याद है। उसका मुख्य भाव था, ‘युवा शक्ति का निर्माण’ और युवा शक्ति के जरिए सशक्त और समर्थ भारत का निर्माण। उनसे मिलने के कुछ वर्षों बाद मुझे गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया। सेवा करने के लिए जनता जनार्दन ने आशीर्वाद दिया। तब से लेकर आज तक पिछले 25 वर्षों से सरकार के मुखिया के रूप में देश की सेवा कर रहा हूं और गुरुजी का आशीर्वाद मेरे साथ है।
निश्चित हमारी जीत होगी’, एमएलसी चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई एनडीए नेताओं का दावा

मुंबई। महाराष्ट्र में हो रहे एमएलसी चुनाव में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मतदान किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “इस चुनाव में भाजपा और जनसंघ को हमेशा जीत मिली है। इस बार भी हमारे उम्मीदवार विजयी होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि हमारी जीत निश्चित होगी और पहले राउंड में ही हम जीत हासिल कर लेंगे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एमएलसी चुनाव को लेकर कहा, “मतदान करके हमने मताधिकार का प्रयोग किया है। पूरे महाराष्ट्र में पांच जगहों पर चुनाव हो रहे हैं। हम आखिरी मतदाता तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं। पीएम मोदी और सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में जनता का हमेशा समर्थन मिला है। मुझे विश्वास है कि इन पांच जगहों पर हम चुनाव जीतेंगे। महाराष्ट्र में तेजी से विकास हो रहा है, इसे लोग देख रहे हैं। हम पांचों जगहों पर चुनाव जीतेंगे।” महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कोल्हापुर में गुलाब देकर मतदाताओं का स्वागत किया और एमएलसी चुनावों में भाजपा की जीत को लेकर भरोसा जताया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “तीन सप्ताह तक बड़े पैमाने पर प्रचार के बाद आज सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ है। मैं पुणे में मतदान करूंगा और समय मिला तो आठों विधानसभा क्षेत्रों में जाऊंगा। मुझे विश्वास है कि भाजपा उम्मीदवारों को भारी मतों से जीत मिलेगी। इस बार शाम 5 बजे से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।” अमरावती निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी और शिवसेना उम्मीदवार, किरण सरनाइक कहते हैं, “मैं वाशिम निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर था, और मैंने देखा कि यहां मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाता पहुंच रहे हैं। वे पूरे उत्साह के साथ वोट डाल रहे हैं, और मुझे पूरा भरोसा है कि 27 अक्टूबर को जब मतपत्र खोले जाएंगे, तो मैं शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले महायुति उम्मीदवार के तौर पर चुना जाऊंगा।” एमएलसी चुनावों को लेकर पुणे ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहीं महा विकास अघाड़ी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने कहा, “हमने बहुत अच्छी तैयारी की है, और आज, मतदान के दिन, हमें पूरा भरोसा है कि सभी मतदाता हमारे साथ खड़े होंगे।
‘सिर्फ प्रोडक्ट ही फेल नहीं, उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल’, सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर जोरदार तंज

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिए गए बयान ‘राहुल गांधी भारतीय राजनीति के फेल प्रोडक्ट’ पर बात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने विदेश दौरों के दौरान संदिग्ध लोगों से मिलते हैं और देश लौटने के बाद भारत विरोधी प्रचार करते हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “सत्ता से बाहर रहते हुए ‘जल बिन तड़पती मछली’ जैसी कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस पार्टी का मूल मंत्र सत्ता में रहते हुए लूट-खसोट करना, समाज में फूट डालना और भारतीय धर्म व संस्कृति के प्रति दिल में घृणा है। इसके ड्राइविंग इंजन दुर्भाग्य से देश में विपक्ष के नेता भी हैं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, शायद देश से कहीं ज्यादा कांग्रेस पार्टी के लिए, क्योंकि वह इस समय देश से चंपत होकर, सूत्रों के अनुसार चंपा में विचरण कर रहे हैं। चंपा वियतनाम का प्राचीन नाम है। वे देश और अपनी खुद की पार्टी, दोनों के लिए एक पहेली बन गए हैं। जहां प्रधानमंत्री मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड उपलब्धियों से भरा है, वहीं राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड कांग्रेस पार्टी के लिए समस्याओं से भरा हुआ है। आज, कांग्रेस पार्टी ने न केवल अपने भविष्य को खतरे में डाला है, बल्कि देश के संवैधानिक ढांचे को भी दांव पर लगा दिया है।” भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “मैं इस दावे के समर्थन में तथ्य और सबूत पेश करूंगा कि वह (राहुल गांधी) एक ‘फेल प्रोडक्ट’ हैं। हमारी पीढ़ी के लोगों को शायद याद हो या बाकी लोगों ने इसके बारे में पढ़ा हो कि उन्हें दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में एक राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज और शूटिंग एथलीट के तौर पर दाखिला मिला था। लेकिन, उसके बाद वह अपने निशाने चूकते रहे और देश ने शूटिंग में उनकी कोई खास उपलब्धि नहीं देखी। यह उनकी पहली विफलता थी। इसके बाद, अपने परिवार की परंपरा का पालन करते हुए, वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए। 1996 से 1999 के बीच उन्होंने ‘मॉनिटर’ नाम की एक ब्रिटिश कंपनी के लिए काम किया, जो बाद में बंद हो गई। इसके बाद वह ‘बैकऑप्स’ नाम की दूसरी ब्रिटिश कंपनी में पार्टनर बने और 2003 से 2009 तक उसके डायरेक्टर रहे, बाद में वह कंपनी भी बंद हो गई। यहां सिर्फ ‘प्रोडक्ट’ ही फेल नहीं हो रहा, बल्कि उससे जुड़ी कंपनियां भी फेल हो रही हैं।” सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “2014 में कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी को अपना अघोषित नेता बना दिया और लोकसभा में पार्टी अपनी अब तक की सबसे निचली संख्या पर आ गई। बचपन में हम सपना देखते थे कि एक दिन भाजपा अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वह सपना सच हो गया। हम यह भी सोचते थे कि क्या कांग्रेस कभी 100 सीटों से नीचे जा सकती है। 2014 में यह 50 सीटों से भी नीचे आ गई। इसके बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस में कई प्रयोग किए। राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस चुनाव को लोकतांत्रिक करने की बात कही थी। इसके बाद पूरे देश ने देखा कि यूथ कांग्रेस में भीड़ तंत्र और एआई समिट में नग्न प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं दिखा। एक प्रयोग किया कि कांग्रेस के अंदर उम्मीदवार चुनाव के जरिए तय होंगे। यह भी प्रयोग पूरी तरह विफल हुआ। कांग्रेस ने राहुल गांधी को यूथ लीडर के रूप में लॉन्च किया, लेकिन पूरी तरह फेल हुए। 2019 में हिंदू दिखाने का प्रयोग भी फेल हुआ। 2024 में सद्दाम हुसैन जैसी दाढ़ी रखकर भारत विरोधियों के स्वर में स्वर मिलाया और पूरा प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस तीन अंकों में सीट जीत नहीं पाई।” सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “जब-जब राहुल गांधी बाहर जाते हैं तो संदिग्ध लोगों से मिलकर आते हैं। यहां आकर भारत विरोधी प्रचार करते हैं। पूरे विश्व में उपद्रवी ही प्रदर्शन करते हैं, लेकिन भारत में ही नेता प्रतिपक्ष सुप्रीम कोर्ट और संसद में प्रदर्शन करते हैं। राहुल गांधी अनाप-शनाप बयान देते हैं। संसद की वह घटना याद कीजिए, जब प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाने के बाद वे (राहुल गांधी) अपनी सीट पर लौटे और अपनी आंखों से एक इशारा किया। क्या आपको लगता है कि यह किसी व्यक्ति से अपेक्षित परिपक्वता, गंभीरता और स्थिरता को दर्शाता है? मैं सबूत दे रहा हूं। उन्होंने आगे कहा, “पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी किताब ‘अ प्रॉमिस्ड लैंड’ में 2010 की अपनी भारत यात्रा के दौरान राहुल गांधी से हुई मुलाकात के बारे में लिखा है। अध्याय 24 में उन्होंने गांधी के बारे में लिखा है कि उनमें ‘एक तरह की घबराहट और अपरिपक्वता थी, वे किसी ऐसे छात्र की तरह लग रहे थे, जिसने अपना कोर्स वर्क तो पूरा कर लिया हो और वह शिक्षकों को प्रभावित करने के लिए उत्सुक हो, लेकिन गहराई में देखें तो उसमें उस विषय में महारत हासिल करने की न तो क्षमता थी और न ही कोई जुनून।