हरियाणा के सीएम नायब सैनी का उमर अब्दुल्ला को जवाब, कश्मीर जा रही बस पर पथराव मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के अपने समकक्ष उमर अब्दुल्ला को जवाब दिया। यह मामला दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक बस पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने की घटना से जुड़ा है। सैनी ने कहा कि इस मामले की तुरंत जांच की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह बातचीत तब शुरू हुई जब अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक रिपोर्ट रीपोस्ट की। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास कश्मीर जा रही एक बस पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिसे एक संभावित ‘हेट क्राइम’ (नफरत से प्रेरित अपराध) बताया गया। अब्दुल्ला की बात का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री सैनी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार के लिए हर नागरिक और हरियाणा आने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सैनी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “हर नागरिक और राज्य में आने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उमर अब्दुल्ला जी, हरियाणा पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की है।” घटना के हालात स्पष्ट करते हुए, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जांच से पता चला है कि यह विवाद दो वाहन चालकों के बीच पार्किंग को लेकर हुआ था। उन्होंने आगे कहा, “पुलिस जांच में सामने आया है कि यह झगड़ा केवल दो वाहन चालकों के बीच पार्किंग को लेकर हुआ था। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।” उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। इससे पहले, अब्दुल्ला ने इस घटना पर चिंता जताई थी और हरियाणा सरकार तथा पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना कभी नहीं होनी चाहिए थी। मुझे उम्मीद है कि नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस दोषियों को पकड़ेगी और ऐसी कार्रवाई करेगी जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” उनके इस पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली-श्रीनगर रूट पर जा रही जम्मू-कश्मीर रजिस्टर्ड एक बस पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पास पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जो एक ‘हेट क्राइम’ हो सकता है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने भी ‘एक्स’ पर इस घटना की निंदा की और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डार ने ‘एक्स’ पर लिखा, “इस हमले में एक बुजुर्ग कश्मीरी व्यक्ति घायल हो गया, जिससे परिवार असहाय और भयभीत हो गए हैं। हम निर्दोष लोगों पर हुए इस जानलेवा हमले की निंदा करते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।” उन्होंने हरियाणा पुलिस से भी अपील की कि वे इस घटना का संज्ञान लें, दोषियों की पहचान करें और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करें।
चोरबागन भगदड़ के बाद एक्शन में बंगाल सरकार, तीन दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस, सुरक्षा में मिलीं खामियांचोरबागन भगदड़ के बाद एक्शन में बंगाल सरकार, तीन दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस, सुरक्षा में मिलीं खामियां

कोलकाता। चोरबागन में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार एक्शन में आ गई है। राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों में जीवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसने कई पंडालों का निरीक्षण कर तीन बड़ी पूजा समितियों को नोटिस जारी किया है। इस उच्च-स्तरीय समिति में तीन वरिष्ठ अधिकारी; राजेश कुमार सिंह, प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग, अनुज शर्मा, महानिदेशक, पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवाएं और जावेद शमीम, महानिदेशक, पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स; शामिल हैं। समिति ने रविवार को कोलकाता के कई पूजा पंडालों का निरीक्षण किया, जिसके दौरान सुरक्षा में कई गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण के बाद दक्षिण कोलकाता डिवीजन के डिविजनल फायर ऑफिसर ने तीन पूजा समितियों को तुरंत कमियां दूर करने का नोटिस जारी किया है। पहला नोटिस बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन को जारी किया गया है। निरीक्षण में पाया गया कि पूजा पंडाल के अंदर रोशनी बहुत कम है, जिससे आपातकालीन स्थिति में दिक्कतें आ सकती हैं। आयोजकों को तुरंत पर्याप्त रोशनी और स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रवेश और निकास द्वारों पर तथा पंडाल के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। आयोजकों को शाम 7 बजे तक स्थानीय फायर स्टेशन को सूचित करना होगा। दूसरा नोटिस चेतला अग्रानी क्लब को दिया गया है। यहां भी पंडाल के अंदर रोशनी अपर्याप्त पाई गई। आयोजकों को पर्याप्त पंखे और एयर-कंडीशनिंग लगाने का निर्देश दिया गया है ताकि दम घुटने जैसी स्थिति न बने। इसके अलावा पंडाल के बगल में दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कई अस्थायी ढांचे बनाए गए थे, जो पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा अधिनियम, 1950 की धारा 23ए का उल्लंघन है। कुछ दुकानों में एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे आग लगने का बड़ा खतरा है। आयोजकों को रात 8 बजे तक ये ढांचे हटाने को कहा गया है। तीसरा नोटिस त्रिधारा सम्मिलनी को जारी किया गया है। यहां पंडाल के अंदर बहुत जल्दी आग पकड़ने वाली सामग्रियों से सजावट की गई थी। इससे आग तेजी से फैलने का खतरा है। आयोजकों को सभी बिजली के उपकरणों और वायरिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है और रात 9 बजे तक स्थानीय फायर स्टेशन को जानकारी देने को कहा गया है।
सस्पेंस थ्रिलर ‘लोहिताक्ष’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू करेंगे सिद्धांत इस्सर, पिता पुनीत इस्सर ने दिया आशीर्वाद

नई दिल्ली। अभिनेता सिद्धांत इस्सर जल्द ही अपनी आने वाली फिल्म ‘लोहिताक्ष’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू करने जा रहे हैं। यह एक सस्पेंस थ्रिलर और मिस्ट्री फिल्म है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान सिद्धांत के पिता और दिग्गज अभिनेता पुनीत इस्सर ने बेटे को आशीर्वाद दिया। पुनीत इस्सर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “एक पिता के तौर पर, मैं बस उसे आशीर्वाद देना चाहता हूं। जीवन में उसका अपना रास्ता और अपनी यात्रा है। यह पहला कदम है, और वह धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहेगा। सिद्धांत पिछले 7-8 सालों से थिएटर कर रहा है। हमारा एक प्ले महाभारत का था। उसमें वो पहले दुर्योधन का पात्र किया करते थे, उसके बाद उन्होंने करीब 150-200 शो कर चुके हैं। वे भगवान कृष्ण का बहुत ही सुंदर पात्र निभाते हैं। मेरा एक प्ले है जय श्रीराम रामायण, उसमें वो प्रभु श्रीराम का पात्र करते हैं।” वहीं, फिल्म को लेकर अभिनेता सिद्धांत इस्सर ने बताया कि ‘लोहिताक्ष’ एक संस्कृत शब्द है। उन्होंने कहा, “लोहिताक्ष एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है जिसके आंख में लहू है। मैं इसमें एक नेगेटिव और पॉजिटिव रोल प्ले कर रहा हूं। मेरा 12 मिनट का एक नॉन स्टॉप सीन है, जिसे पहली बार भारत और दुनिया के स्क्रीन पर किसी ने परफॉर्म किया है।” उन्होंने आगे बताया कि फिल्म में उनके साथ दृश्यम फेम अभिनेता कमलेश तुकाराम सावंत भी हैं। सिद्धांत ने कहा, “मेरे साथ इस फिल्म में कमलेश तुकाराम सावंत हैं, जो दृश्यम की वजह से आजकल बहुत प्रसिद्ध हैं। इसमें भी वो पुलिस वाले बने हैं। मैंने कई सारे टीवी सीरियल किए हैं। एक आईटी अवार्ड भी जीत चुका हूं। थिएटर में भी काफी काम किया है। लेकिन पहली बार किसी फिल्म में आ रहा हूं। यह एक सस्पेंस थ्रिलर और मिस्ट्री फिल्म है। मैं इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा, क्योंकि अगर आप मिस्ट्री फिल्मों के बारे में बहुत ज्यादा बात करते हैं, तो कहानी का खुलासा हो जाता है। इस फिल्म को जरूर देखें।” फिल्म के डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें सिद्धांत में ही अपने हीरो की झलक दिखी। उन्होंने कहा, “मुझे ग्लोबल कहानी मिली, जिसको लेकर मुझे लगा कि यह ओडिशा से बाहर जा सकती है। फोटो देखकर मैंने निर्णय लिया कि मेरे मूवी का हीरो यही होगा। मुझे जो चाहिए था, सिद्धांत में वो सब दिखा। कहानी ऐसी है कि हर जगह पर लगेगा कि ये समझ में आ गया, लेकिन आगे जाकर कहानी घूम जाएगी। हमने बहुत समय तक स्क्रिप्ट पर ध्यान दिया। किसी को थ्रिलर, सस्पेंस और मर्डर मिस्ट्री पसंद है, तो उसे यह मूवी बहुत अच्छी लगेगी।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मुंबई पुलिस ने वीआईपी की सुरक्षा बढ़ाई, मंत्री बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

मुंबई। मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस अलर्ट पर आ गई है। पुलिस ने जुहू इलाके में सभी वीआईपी और मशहूर हस्तियों की सुरक्षा बढ़ा दी है, वहीं रोहित शेट्टी की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ महीने पहले रोहित शेट्टी के घर पर भी गोली चलाई गई थी। इसी को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं। टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और कई टीमें गठित की हैं। इस घटना पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना दिल दहला देने वाली है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से बातचीत के बाद विस्तृत जानकारी मिल गई है। इस मामले में आरोपियों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्हें निश्चित रूप से उचित सजा दी जाएगी।” वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हमला हुआ है। यह घटना चिंताजनक और निंदनीय है; मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मैंने इस मामले में पुलिस आयुक्त और टाइगर श्रॉफ दोनों से बात की है। मुंबई पुलिस आयुक्त ने दोषियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं। गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही ढूंढकर गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें उनकी ही भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करेगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि फायरिंग की इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं। पिछले कुछ महीनों में सलमान खान, सैफ अली खान और रोहित शेट्टी जैसे सितारों को भी निशाना बनाया जा चुका है।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर पवन खेड़ा का राज्य और केंद्र सरकार पर हमला, बोले- जनता ठगा हुआ महसूस कर रही

जालंधर। पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह की नियुक्ति और प्रदेश के मौजूदा हालात को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मान सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में हाल में हुई दुखद घटना ने प्रदेश की ड्रग्स और कानून-व्यवस्था की असली तस्वीर सामने ला दी है, जिससे लोगों में गुस्सा है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पंजाब की मान सरकार को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। यह घटना पंजाब की असली स्थिति, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था के संबंध में असली स्थिति को उजागर करती है। इस घटना से यह सब सामने आ गया है। जैसा कि मैंने आपको बताया, लोगों में गुस्सा है और खुद को ठगा हुआ महसूस करने का भाव है। जब कोई बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आता है और फिर लोगों को धोखा देता है, तो जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।” कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “सचिन पायलट ने नए प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाला है, और वे आज पंजाब में हैं। वे घूमेंगे, लोगों से बात करेंगे और सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस पार्टी एजेंडा नहीं बनाएगी। पंजाब की जनता एजेंडा बनाएगी। हमारे नेता राहुल गांधी का निर्देश स्पष्ट है, जब भी घोषणापत्र बनाया जाए, घर में बैठकर नहीं, बल्कि लोगों से बात करके बनाओ।” परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान नियुक्त किया गया है। इसे लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोगों में अपार खुशी है। कार्यकर्ता बहुत खुश और उत्साहित हैं। परगट सिंह एक खिलाड़ी रहे हैं, तो उस नाते, वह खिलाड़ी भावना है, उनमें सबको साथ लाने की क्षमता है और कांग्रेस को एकजुट करके हम यह चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे और जीतेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर पवन खेड़ा ने कहा, “50 किलोमीटर का सीमा क्षेत्र किसके नियंत्रण में है? वह उनके नियंत्रण में है। तो फिर लापरवाही क्यों हुई? उसकी जिम्मेदारी लीजिए! जहां आप डबल या ट्रिपल-इंजन सरकार होने का दावा करते थे, क्या वहां कुछ असाधारण हुआ? क्या मुंद्रा पोर्ट के जरिए ड्रग्स नहीं आ रहे थे? क्या वे बंद हुए हैं? वहां कई सालों से डबल या ट्रिपल-इंजन सरकार रही है, तो फिर भी ड्रग्स क्यों आ रहे हैं?” दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसे लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह पूरे देश में हो रहा है। इस तरह की सरकार होने की वजह से देश में लोग सड़कों पर हैं। वे ऐसे ही मूर्खतापूर्ण फैसले तभी लेते हैं, जब उन्हें पूरा भरोसा होता है कि वे वोट चोरी कर सकते हैं, चुनाव चोरी कर सकते हैं और जीत सकते हैं।
माता-पिता को घसीटा जाना शर्मनाक युवाओं की नहीं सुनती सरकार: साहिल वाकोडे मामले पर बोले अनीश गवांडे

नई दिल्ली। आईआईटी बॉम्बे परिसर में अपने दिवंगत बेटे साहिल वाकोडे की श्रद्धांजलि सभा कर रहे माता-पिता को पुलिस द्वारा घसीटे जाने की घटना को एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक दिन करार दिया। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर युवाओं और शोकाकुल परिवारों की अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही किरेन रिजिजू के बयान और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विदेशी टूलकिट वाले बयान पर पलटवार करते हुए गवांडे ने कहा कि देश को बांग्लादेश या फ्रांस मॉडल नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के इंडिया मॉडल की जरूरत है। एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि मुंबई पुलिस ने साहिल के माता-पिता को आईआईटी बॉम्बे के परिसर के अंदर सड़कों पर घसीटा, जबकि वे अपने दिवंगत बेटे की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने का प्रयास कर रहे थे। यह सरकार न तो युवाओं की चिंता करती है, न ही दुखी माता-पिता की, इसे किसी की परवाह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में 14,500 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 171 आत्महत्याएं आईआईटी में हुई हैं। क्या आज न्याय मांगने तक की गुंजाइश नहीं बची है? युवाओं को घसीटा गया, शाहू, फुले और आंबेडकर की धरती पर बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर फाड़ी गई। गवांडे ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए यह बेहद शर्मनाक दिन है, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए यह शर्म का दिन है। अब उनके गठबंधन सहयोगियों को जवाब देना होगा कि क्या वे इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं? सत्ता परिवर्तन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि किरेन रिजिजू सही कह रहे हैं। हमें न तो बांग्लादेश मॉडल की जरूरत है और न ही फ्रांस मॉडल की। हमारे पास इंडिया मॉडल है। हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि आप पहले से ही देख रहे हैं कि चंद्रबाबू नायडू भाजपा के समर्थन में कुछ नहीं बोल रहे हैं। नीतीश कुमार भी भाजपा के समर्थन में कुछ नहीं कह रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जल्द ही उनके गठबंधन सहयोगी भी कहेंगे कि सड़कों पर लोगों को पीटने वाली यह हिंसा नहीं चलेगी। आज देश के युवाओं के साथ जो अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनीश गवांडे ने कहा कि आज भारत में सार्वजनिक शिक्षा के खिलाफ एक तरह का युद्ध छेड़ा गया है। सत्यजित रे फिल्म संस्थान में छात्रों को पीटा जा रहा है, तो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) मुंबई में छात्रों को एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने पर जेल भेज दिया गया। जेएनयू में छात्र भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि उनके पास सीपीडब्ल्यूडी द्वारा रहने योग्य और सुरक्षित घोषित छात्रावास तक नहीं है। जामिया में छात्र भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि वहां ऐसी छात्र परिषद नहीं है जिसे छात्र खुद चुन सकें। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विदेशी टूलकिट वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को यह समझना चाहिए कि अगर वे हर बात पर विदेशी टूलकिट का आरोप लगाते रहेंगे, तो लोग नाराज होंगे। जब पुलिस लोगों को पीटती है और उसका वीडियो सामने आता है, तो आप उसे पाकिस्तान की फेक न्यूज बताते हैं।
शबाना आजमी ने ‘फायर’ की स्पेन रिलीज को किया याद, दीपा मेहता और नंदिता दास संग शेयर की तस्वीर

मुंबई। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने पुरानी यादों के पन्ने पलटे और अपनी बहुचर्चित फिल्म ‘फायर’ के स्पेन में रिलीज होने के समय की एक खास याद को ताजा किया। रविवार को शबाना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘फायर’ की निर्देशक दीपा मेहता और अपनी सह-कलाकार नंदिता दास के साथ एक तस्वीर साझा की। इस पुरानी तस्वीर में तीनों महिलाएं काफी खुश नजर आ रही हैं और कैमरे के सामने अपनी प्यारी मुस्कान बिखेर रही हैं। दिग्गज अभिनेत्री ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “दीपा मेहता और नंदिता दास के साथ। स्पेन में फायर की रिलीज के दौरान खूब मस्ती की।” अप्रैल में, शबाना अपनी 1996 की फिल्म की टीम नंदिता और दीपा के साथ फिर से एक साथ नजर आईं। दिग्गज अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक फोटो शेयर की, जिसमें शबाना और दीपा दोनों काले कपड़ों में और एक जैसे दुपट्टे पहने हुए थीं, जबकि नंदिता ने एक सुंदर पीली साड़ी पहनी थी। शबाना और दीपा के बीच खड़ी नंदिता ने दोनों को गले से लगा रखा था। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “दीपा मेहता और मैंने बिल्कुल एक जैसे दुपट्टे पहने हैं, यह तो बस एक इत्तेफाक है। शुक्र है कि नंदिता दास ने पीले रंग के कपड़े पहने हैं।” ‘फायर’ दीपा मेहता की ‘एलिमेंट्स’ ट्रिलॉजी (तीन फिल्मों की श्रृंखला) की पहली फिल्म है। इस ट्रिलॉजी में ‘अर्थ’ (1998) और ‘वॉटर’ (2005) भी शामिल हैं। माना जाता है कि फिल्म की कहानी, इस्मत चुगताई की 1942 की कहानी ‘लिहाफ’ से प्रेरित है। इसे मुख्यधारा की उन शुरुआती हिंदी फिल्मों में से एक माना जाता है, जिसमें लेस्बियन संबंधों के बारे में खुलकर बात की गई है। फिल्म के दर्शकों तक पहुंचने के बाद, इसका काफी विरोध हुआ, जिसके चलते समलैंगिकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर सार्वजनिक चर्चा छिड़ गई। ‘कैलिडोस्कोप एंटरटेनमेंट’ और ‘ट्रायल बाय फायर फिल्म्स’ के बैनर तले बनी इस फिल्म में, ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने संगीत दिया है। फिल्म के सिनेमैटोग्राफर जाइल्स नटजेन्स हैं, जबकि एडिटिंग की कमान बैरी फैरेल ने संभाली है।
राहुल गांधी विदेशी टूलकिट के मोहरे, भारत को बदनाम करने के लिए विदेश जाते हैं: शाजिया इल्मी

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट का मोहरा बताया और कहा कि वे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला कर रहे हैं। शाजिया इल्मी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह साफ है कि राहुल गांधी एक विदेशी टूलकिट के मोहरे हैं। वे बार-बार विदेश जाते हैं ताकि भारत का अपमान कर सकें, देश का मजाक उड़ा सकें और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला कर सकें। जिस तरह से नेहा बोरा जैसे लोग, जिसे उन्होंने आइशा से अपना नेतृत्व करने के लिए उधार लिया है, और वो कह रही हैं कि वे बांग्लादेश से बहुत प्रभावित हैं। साफ जाहिर है कि राहुल गांधी चाहते हैं कि भारत में किसी भी तरह की अमन और शांति नहीं रहे। दुनिया जानती है कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है आज के दौर में, जिसे देखकर राहुल गांधी को अच्छा नहीं लग रहा है कि भारत आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने रिजीम चेंज की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे देश में सरकार आती है और जाती है। जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करके ऐसा करती है। लेकिन रिजीम चेंज यानी तख्तापलट का आइडिया मिस्र, सीरिया और लीबिया से आ रहा है, वो कतई हम अपने देश में होने नहीं देंगे। राहुल गांधी को चाहिए कि वो काम करें। वे घर बैठे-बैठे तख्तापलट करना चाहते हैं, जिससे पूरे देश में आगजनी हो। राहुल गांधी ने नेहा बोरा को आगे रखा है, जिनकी मंशा साफ जाहिर है। वे बांग्लादेश से बहुत प्रेरित हैं।” वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शाजिया इल्मी ने कहा, “कपिल सिब्बल एक वकील हैं। वह जानते हैं कि देश का संविधान क्या कहता है, कानून का शासन क्या है और चुनावी व्यवस्था क्या है। अगर सिर्फ उनकी ख्वाहिश है कि भाजपा चली जाए तो ऐसा सोचने मात्र से कुछ नहीं होने वाला है। अगर सरकार बदलती है, तो वह सिर्फ जनता के जनादेश के आधार पर ही बदलेगी।
पेरिस प्रदर्शनी में सीएम भगवंत मान ने लॉन्च किए मार्कफेड के दो नए ‘सोहना’ उत्पाद, वैश्विक बाजार पर फोकस

पेरिस। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को पेरिस में आयोजित दुनिया की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खाद्य और पेय प्रदर्शनियों में से एक ‘एसआईएएल’ में राज्य सरकार की संस्था ‘मार्कफेड’ के ‘सोहना’ ब्रांड के दो नए उत्पादों ‘चिकपीस इन ब्राइन’ (सफेद छोले) और ‘रेड किडनी बीन्स इन ब्राइन’ (राजमा) को लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने फ्रांस के पेरिस में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए ‘इंडिया पैवेलियन’ का दौरा किया और मार्कफेड के प्रदर्शनी स्टॉल का उद्घाटन किया। इस स्टॉल में पंजाब की कृषि विरासत, खाद्य प्रसंस्करण क्षमताओं और गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-वर्धित खाद्य उत्पादों के वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरने की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री मान ने अपने दौरे में राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ‘मार्कफेड’, ‘मिल्क फेड’ (जो अपने उत्पादों को ‘वेरका’ ब्रांड के तहत बेचता है) और ‘पंजाब एग्रो’ की भूमिका पर जोर दिया। ‘एसआईएएल पेरिस 2026’ में, इन सभी के उत्पादों को ‘पंजाब मार्ट’ के तहत एक साथ प्रदर्शित किया जा रहा है। इस तरह, पंजाब के दो प्रमुख सहकारी संघ और राज्य सरकार का एक उपक्रम एक साझा अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक साथ आए हैं। यह पहल कृषि उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने, फसलों की विविधता को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत करने और किसानों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने की राज्य की कोशिशों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “पंजाब हमेशा से भारत का ‘अन्न भंडार’ रहा है। हमारा विजन इसे गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों, मूल्य-संवर्धित कृषि और आधुनिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक ऐसा केंद्र बनाना है, जिसे पूरी दुनिया में पहचान मिले। हमारे किसानों, उद्यमियों और उद्योगों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने की अपार क्षमता है। ‘एसआईएएल पेरिस’ जैसी पहलों के जरिए, हम पंजाब के उत्पादों के लिए नए रास्ते खोल रहे हैं, वैश्विक व्यापारिक संबंध बना रहे हैं और अपने लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर लेकर आ रहे हैं।” मुख्यमंत्री मान ने कहा, “हमारा विजन राज्य की कृषि उपज और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को दुनिया भर के उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। मूल्य-संवर्धन, आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), बेहतरीन पैकेजिंग और वैश्विक बाजारों के साथ मजबूत संबंधों को बढ़ावा देकर, हमारा लक्ष्य अपने किसानों, सहकारी समितियों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए ज्यादा अवसर पैदा करना है।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का उद्देश्य राज्य की कृषि क्षमताओं और मूल्य-वर्धित खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना, टिकाऊ आर्थिक अवसर पैदा करना, निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार सृजित करना है। इसमें एसआईएएल पेरिस 2026 में दो नए ‘सोहना’ उत्पादों को पेश करना और ‘पंजाब मार्ट’ के तहत उत्पादों का सामूहिक प्रदर्शन शामिल है।
मणिपुर के कुछ पहाड़ी इलाकों में अब भी अशांति, शांति और सुलह के लिए मिलकर काम करें: सीएम खेमचंद सिंह

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को माना कि पहाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में अभी भी अशांति बनी हुई है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने की अपील की, खासकर हिंसा से प्रभावित पहाड़ी इलाकों में। मुख्यमंत्री ने कैथोलिक चर्च के नेताओं, शिक्षकों और छात्रों से लोगों के बीच शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने की अपील की, विशेष रूप से अशांति से प्रभावित पहाड़ी इलाकों में। खेमचंद सिंह ने रविवार को इंफाल के कांचीपुर स्थित कैथोलिक स्कूल में, “एक शांत मणिपुर के लिए एकजुट” (टुगेदर फॉर ए पीसफुल मणिपुर) विषय के तहत कैथोलिक वैली स्कूल्स की खेल और साहित्यिक प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी व्यक्ति के भविष्य की नींव होता है, क्योंकि यह उसके चरित्र, आकांक्षाओं और जीवन के लक्ष्यों को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम का विषय मणिपुर के मौजूदा हालात में बहुत सार्थक और प्रासंगिक है। राज्य की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने माना कि पहाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में अभी भी अशांति बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति बहाल करने और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जातीय संघर्ष के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में छात्र शामिल हैं, क्योंकि उनकी पढ़ाई-लिखाई बाधित हुई है। उन्होंने बताया कि बंद और नाकेबंदी से न केवल छात्रों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है, बल्कि दिहाड़ी मजदूरों और समाज के उन अन्य वर्गों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज की कमाई पर निर्भर हैं। खेमचंद सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बाधाएं युवा पीढ़ी के भविष्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित “विकसित भारत 2047” के विजन का जिक्र करते हुए लोगों से एक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया, जिसमें मणिपुर भी देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दे। लोगों से अतीत की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को पीछे छोड़ने का आग्रह करते हुए, खेमचंद सिंह ने सभी समुदायों से क्षमा, सुलह और आपसी समझ की भावना को अपनाने की अपील की। उन्होंने शांति और सद्भाव के साथ रहने तथा एक शांतिपूर्ण, एकजुट और समृद्ध मणिपुर के निर्माण के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में 13 कैथोलिक वैली स्कूलों ने हिस्सा लिया।