‘हां हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं’, उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर हमला बोला

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को केंद्र सरकार पर सत्ता परिवर्तन के प्रयास के आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करना सत्ता परिवर्तन कहलाता है, तो हां, हम सत्ता परिवर्तन लाने की कोशिश कर रहे हैं और हम यहां इसी सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए खड़े हैं।” अखिल भारतीय पत्रकार सम्मेलन द्वारा आयोजित एक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब सत्ताधारी दल नागरिकों को चुनाव के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर रहा है, तो विपक्ष चुप कैसे रह सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को राष्ट्र विरोधी करार देने के लिए हमला किया। ‘सत्ता परिवर्तन’ को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने दिल्ली में अधिवक्ता प्रशांत भूषण की हालिया टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने पूछा, “अगर सत्ताधारी पार्टी दावा करती है कि हम इस व्यवस्था को बदलने का प्रयास कर रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है?” उन्होंने सवाल उठाया कि जब विरोध करने वालों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो सरकार परिवर्तन के लिए खड़े होने में क्या गलत हो सकता है? उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात करने वालों से पूछना चाहता हूं – क्या इन पुलिस अधिकारियों को नवरात्रि में डांडिया खेलने के लिए लाया गया है?” ठाकरे ने आरोप लगाया कि युवा प्रदर्शनकारियों के साथ क्रूरता की जा रही है, उनके सिर फोड़े जा रहे हैं और महिलाओं और युवतियों के साथ हिंसा की जा रही है, जिसमें बाल खींचना और कपड़े फाड़ना शामिल है। इस बात पर जोर देते हुए कि लोकतंत्र की रक्षा किसी एक व्यक्ति या कलम की जिम्मेदारी नहीं है, ठाकरे ने समाज से एकजुट प्रयास का आह्वान किया। भगवान कृष्ण द्वारा सभी ग्रामीणों की सामूहिक सहायता से गोवर्धन पर्वत उठाने की तुलना करते हुए, उन्होंने सभी से लोकतंत्र की रक्षा में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सामूहिक प्रयास नहीं किए गए लोकतंत्र पर मंडरा रहा संकट और गहराता जाएगा, और अंततः सभी को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मीडियाकर्मियों को पूर्ण निष्पक्षता बनाए रखने की सलाह देते हुए ठाकरे ने पत्रकारों से क्रिकेट में अंपायर या फुटबॉल में रेफरी की तरह व्यवहार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक रेफरी फाउल करने वाले खिलाड़ी को, चाहे वह कोई भी हो, पीला या लाल कार्ड दिखाता है, उसी प्रकार पत्रकारों को भी बिना किसी डर या पक्षपात के गलतियों को उजागर करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली या प्रसिद्ध क्यों न हो, पत्रकारों को गलत कामों को उजागर करने का साहस दिखाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला के दो और नगर निगम वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का दिया आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को पंजाब के पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया। वहीं, कोर्ट ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 के लिए भी इसी तरह के निर्देश मांगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि ये दोनों वार्ड फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में शामिल नहीं थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की पीठ जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची शामिल थे ने शुक्रवार को एक आदेश पारित किया। यह आदेश पंजाब के नगर निकायों के कुछ वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने के संबंध में 28 सितंबर को दिए गए पिछले आदेश पर स्पष्टीकरण और निर्देश मांगने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने पिछले आदेश के पैराग्राफ 11 और 12 में संशोधन करते हुए कहा, “नए सिरे से चुनाव कराने के उद्देश्य से पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 को भी इसमें शामिल किया गया है।” आदेश में आगे कहा गया, “परिणामस्वरूप, पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।” हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग वाली एक अलग याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, “नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश जस्टिस निर्मलजीत कौर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को पूरी तरह से स्वीकार करते हुए दिए गए हैं, इसलिए हम धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 को शामिल करने की मांग वाली इस याचिका पर विचार नहीं कर सकते।” पीठ ने आगे कहा, “हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ये वार्ड जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं।” इसके अनुसार, दोनों विविध आवेदनों का निपटारा कर दिया गया। इससे पहले 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के नगर निकायों के 50 वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर के नेतृत्व वाले एक जांच आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया था। आयोग ने नगर निकाय चुनावों के नामांकन-प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर बाधा डालने के आरोपों की जांच की थी। इन आरोपों में नामांकन पत्र छीने जाने, फाड़े जाने या नष्ट किए जाने, और उम्मीदवारों के साथ मारपीट, उन्हें हिरासत में लेने या उन्हें धमकाने जैसी घटनाएं शामिल थीं। आयोग की रिपोर्ट में पाया गया कि 50 वार्डों के चुनाव प्रभावित हुए थे, जिनमें पटियाला जिले के 28 और मोगा जिले के 22 वार्ड शामिल हैं, जिसके चलते वहां फिर से चुनाव कराने की जरूरत थी। आयोग को पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में फर्जी या एक से अधिक बार वोट डालने और लोगों को डराने-धमकाने के गंभीर सबूत भी मिले, जो इन चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने के लिए काफी थे। इन निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चिन्हित वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया। साथ ही, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बार के वरिष्ठ सदस्यों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जाए। इसके अलावा, चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए नामांकन-प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच, चुनाव चिह्नों के आवंटन और मतदान की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया। पूरी चुनाव-प्रक्रिया को छह सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया था।
किरीट सोमैया का कांग्रेस को चुनौती, पूछा-कितने बांग्लादेशी वोटर कटे, लिस्ट दिखाओ

पुणे। एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के हल्ला-बोल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने पलटवार किया। सोमैया ने पूरे विरोध को ‘राजनीतिक नौटंकी’ और अराजकता फैलाने की साजिश बताया। महाराष्ट्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक लाख में से आधे बूथ एजेंट भी नियुक्त नहीं किए और एसआईआर के दौरान मतदाता पंजीकरण में कोई भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने कांग्रेस को सीधे चैलेंज किया कि अगर चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप है तो बताएं कि कितने बांग्लादेशी और फर्जी मुस्लिम वोटरों के नाम कटे हैं, उनकी सूची सार्वजनिक करें। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, “यह सब नाटक है। मैं आपको महाराष्ट्र का उदाहरण देता हूं। महाराष्ट्र में एक लाख बूथ एजेंट नियुक्त किए जाने थे, लेकिन कांग्रेस ने केवल 50,000 नियुक्त किए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जाकर अपना नाम पंजीकृत कराना था। कांग्रेस ने कुछ नहीं किया।” उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस को चैलेंज करता हूं। ये जो भी आरोप आप चुनाव आयोग पर लगाते हो, तो आपके कितने बांग्लादेशी वोटरों के नाम कटे हैं, कितने मुस्लिम नाम कटे हैं, उसकी सूची दो। वास्तव में अब इनके ध्यान में आ चुका है कि बांग्लादेशी और फर्जी मुस्लिम नाम कट गए हैं, उसके कारण 2019 का चुनाव वो जीत नहीं सकते, इसलिए यह आंदोलन है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, “मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि विपक्ष खुद को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इस तरह की गलत जानकारी फैला रहा है।” बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान मामले को लेकर किरीट सोमैया ने कहा, “मैंने इमरान खान का भाषण सुना। आज, मैंने चुनाव आयोग को अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। इमरान खान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और एसआईआर प्रक्रिया में धांधली हो रही है और मैं आपके सामने एक नागरिक के रूप में आया हूं।” उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया, वह पुलिस स्टेशन गए और उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं नागरिकों को सचेत करने के लिए आया हूं। जो अमेरिकी नागरिक इमरान खान है, वह यहां पर किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकता है। इमरान को वापस जाना ही पड़ेगा और ऐसे अन्य इमरान भी होंगे, उनको भी बाहर भेजा जाएगा। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब ऐसा है कि मालेगांव में एक लाख नाम कट गए, उसमें आधे से ज्यादा के नाम मतदाता सूची में थे, लेकिन वो जगह पर थे ही नहीं। इसलिए कांग्रेस और एसआईआर का विरोध करने वालों का चेहरा अब लोगों के सामने आ गया है।
कोलकाता पंडाल भगदड़ में 17 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

कोलकाता। शनिवार को कोलकाता के एक सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा पूजा के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण मची में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है, साथ घायलों और मतृकों के परिजनों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से बताया कि प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोलकाता में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। यह घटना उत्तरी कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। जानकारी के अनुसार, घटना में घायल लोगों को पास के कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पंडाल के निकास द्वार का एक हिस्सा गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, आशंका है कि इस दुर्घटना में घायलों की संख्या बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और भर्ती मरीजों की हालत का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोलकाता पुलिस के जवान, राज्य आपदा प्रबंधन और अग्निशमन विभाग की टीमों के साथ बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। पूजा के आयोजक बिकाश दास ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना कैसे घटी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान बचाव कार्य पर है और हमारा प्राथमिक कार्य घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। पुलिसकर्मी, राज्य अग्निशमन सेवा और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित भीड़ के दबाव में कुचले गए या नहीं।
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसा: खड़गे, राहुल, ममता समेत कई नेताओं ने जताया दुख, घायलों के स्वस्थ होने की कामना

कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में कई लोगों की विपक्षी नेताओं ने गहरा दुख जताया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व सीएम ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के स्वस्थ होने की कामना की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, “कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ से मुझे गहरा आघात लगा है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मैं पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह करता हूं कि वह तुरंत बचाव कार्य और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करे, मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा दे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मामले की गहन जांच कराए। मैं कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे इस कठिन समय में प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की खबर बेहद दुखद है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन से अपील है कि सभी घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिले और इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे राहत कार्य में हरसंभव मदद करें।” पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, “चोर बागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा और बहुत दुख हुआ। मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं और उनके परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले।” एआईटीसी विधायक कुणाल घोष ने कहा, “उत्तरी कोलकाता के चोर बागान पूजा पंडाल में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं को अब मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा है। हमारा साफ रुख यह है कि घटना के कारणों और इसके होने के तरीके का पता बाद में चल जाएगा, लेकिन अभी सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है।” सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा, “कोलकाता में घटा हादसा बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि। घायल लोगों को तत्काल अच्छे से अच्छा उपचार सुनिश्चित किया जाए।
‘दुर्भाग्यशाली घटना’ कोलकाता पंडाल हादसे पर गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ समेत कई नेताओं ने जताया दुख

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 लोग घायल हो गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री अमित शाह और पियूष गोयल समेत कई नेताओं ने इस घटना पर दुख जताया है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की। इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूंगा। मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि पश्चिम बंगाल के चोरबागान स्थित कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण हुई जानमाल की हानि से मैं अत्यंत व्यथित हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। सभी प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुर्घटना से मन अत्यंत व्यथित है। उत्सव के अवसर पर कई परिवारों के जीवन में ऐसा अंधेरा छा जाना अत्यंत पीड़ादायक है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे में लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मां दुर्गा से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोलकाता में हुई त्रासदी में हुई जानमाल की हानि से मैं व्याकुल हूं। दुख की इस घड़ी में, मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। वहीं, भाजपा सांसद तरुण चुघ ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ भीषण हादसा अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र अति शीघ्र स्वस्थ करें।