कांग्रेस के खिलाफ जनता का गुस्सा एमएलसी चुनावों में एनडीए की जीत सुनिश्चित करेगा: प्रह्लाद जोशी

हुबली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि एनडीए उम्मीदवार कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सहित विधान परिषद की सभी चार सीटों पर जीत हासिल करेंगे। उन्होंने राज्य में कांग्रेस सरकार के प्रति जनता में बढ़ते असंतोष का भी आरोप लगाया। हुबली-धारवाड़ में भाजपा उम्मीदवार संकानूर के लिए प्रचार करने के बाद जोशी पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली, बिजली की कमी, सूखे के प्रबंधन, बढ़ती कीमतों और स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद को लेकर सरकार की आलोचना की। जोशी ने कहा कि कर्नाटक, जो पहले काफी मात्रा में बिजली पैदा करने में सक्षम था, अब वहां बिजली कटौती हो रही है, जिससे किसान और ग्रामीण इलाकों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह बिजली की सही खरीद और प्रबंधन के जरिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार के सूखा राहत उपायों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार सूखे से प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने में नाकाम रही है। उन्होंने बताया कि पिछली भाजपा सरकार ने भारी बारिश के दौरान 8,000 रुपए प्रति हेक्टेयर, सूखी जमीन पर खेती के लिए 13,000 रुपए और सिंचित भूमि के लिए 25,000 रुपए का मुआवजा दिया था। इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने प्रति किसान परिवार केवल 2,500 रुपए देने की घोषणा की है, जो कि नाकाफी है। कर्नाटक में राजनीतिक बहस छेड़ देने वाले स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर जोशी ने सच्चाई का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए एक व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “जांच से यह सामने आना चाहिए कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में किसने गलत काम किया है। सच्चाई सामने आनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को या तो एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना चाहिए या फिर अदालत की निगरानी में जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका राजनीतिक संबंध कुछ भी हो। जोशी ने कहा कि इस विवाद को लेकर हो रही बहस में, आरोपों की जांच करने के बजाय इस बात पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है कि स्टिंग ऑपरेशन किसने रिकॉर्ड किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के साथ उनके कई मतभेद हैं, लेकिन फिर भी तथ्यों का पता लगाने के लिए एक निष्पक्ष जांच जरूरी है। केंद्रीय मंत्री और जेडी (एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी की सेहत को लेकर गृह मंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि किसी की सेहत के बारे में बात करते समय राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रख देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति की सेहत के बारे में बात करते समय सभी को बुनियादी शिष्टाचार और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस सरकार पर बढ़ती कीमतों के जरिए लोगों पर बोझ डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान दूध, डीजल, परिवहन सेवाओं और विभिन्न प्रमाणपत्रों की लागत में वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार वित्तीय सहायता के रूप में जो लाभ देने का दावा करती है, उसकी भरपाई वह कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए लोगों से ही कर रही है।” उन्होंने राज्य परिवहन निगम की बसों के रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की कमी पर भी चिंता जताई और सरकार से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस के घटते राजनीतिक प्रभाव के लिए क्षेत्रीय पार्टियां जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में कांग्रेस का आधार कमजोर हुआ है, जिसके बाद उसने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भाजपा राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रही है और पूरे देश में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत कर रही है। गन्ना किसानों की समस्याओं पर जोशी ने कहा कि प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो गन्ने की कीमतों, वजन में विसंगतियों, रिकवरी दरों और अन्य संबंधित मुद्दों की जांच करेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समिति की जांच प्रक्रिया के दौरान सहयोग करें। जोशी ने कहा कि केंद्र की इथेनॉल-ब्लेंडिंग नीति से गन्ना किसानों के लिए भुगतान की व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में इथेनॉल की खरीद में काफी वृद्धि हुई है और इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के उत्पादों का उपयोग करने से किसानों और चीनी उद्योग दोनों को फायदा हुआ है। उन्होंने कर्नाटक सरकार से आग्रह किया कि वह गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए, जिसमें गन्ने के लिए ‘स्टेट एडवाइज्ड प्राइस’ (एसएपी) तय करना और किसानों की अन्य मांगों को पूरा करना शामिल है। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों की जांच के लिए अधिकारियों को काम सौंप दिया गया है और उम्मीद जताई कि समिति जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेगी। भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर अपना भरोसा जताते हुए जोशी ने कहा कि कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार संकानूर आसानी से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को स्नातकों और अन्य मतदाताओं से काफी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद के चुनाव भविष्य के चुनावों की राजनीतिक दिशा का संकेत देंगे।
छत्तीसगढ़: सरगुजा में शुरू होगी नीट-जेईई की ऑनलाइन कोचिंग, सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा लाभ

अंबिकापुर/सरगुजा। आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला सरकारी स्कूलों में नीट और जेईई अभ्यर्थियों के लिए लाइव ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने वाला राज्य का पहला जिला बनने जा रहा है। यह पहल, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड के माध्यम से शुरू किया जा रहा है, जिलेभर के 35 सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी और निजी कोचिंग संस्थानों की भारी फीस, डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले प्रतिभाशाली छात्रों की राह में बाधा न बने। इस पहल के तहत चयनित स्कूलों में एक साथ लाइव ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इससे छात्रों को बड़े शहरों में जाए बिना या निजी कोचिंग पर भारी खर्च किए बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक ब्लॉक से पांच सरकारी स्कूलों को चुना गया है। इसे गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तक पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में, खासकर सरगुजा के आदिवासी और दूरदराज के इलाकों के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल की औपचारिक शुरुआत 17 अक्टूबर को पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा की जाएगी। इसके लिए अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सरगुजा में आदिवासी आबादी काफी अधिक है और यहां शैक्षणिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, हालांकि पर्याप्त संसाधनों और विशेष कोचिंग तक पहुंच न होने के कारण कई होनहार छात्र अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई छात्रों के लिए, निजी कोचिंग की बहुत अधिक फीस और बड़े शैक्षिक केंद्रों तक जाने के खर्च के कारण नीट और जेईई की तैयारी करना एक बड़ी चुनौती रही है। जिला प्रशासन की यह पहल सरकारी स्कूलों में ही व्यवस्थित कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस कमी को दूर करने का प्रयास है। सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत का मानना है कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर काफी बढ़ा सकता है। इससे उन्हें उन उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, जिनकी पहुंच महंगी कोचिंग सुविधाओं तक है। उन्होंने बताया कि 35 स्कूलों से चुने गए छात्रों के एक समूह को कोचिंग के लिए रायपुर भेजा जाएगा। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह पहल छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लिए एक मॉडल बन सकती है, खासकर उन जिलों के लिए जहां आदिवासी और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की आबादी अधिक है।
पुणे में गणेश विसर्जन के दौरान चेन और मंगलसूत्र चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 13 मामले सुलझे

पुणे। पुणे में गणेश विसर्जन के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र चोरी करने वाले उत्तर प्रदेश के एक अंतरराज्यीय गिरोह का फरासखाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले विजयपाल कंवर सैन (34) को हिरासत में लिया है। उसके कब्जे से 139.720 ग्राम सोने के गहने, एक मोबाइल फोन, धारदार चाकू और लोहे का कटर समेत कुल 21.21 लाख रुपए से अधिक का सामान बरामद किया गया है। पुलिस कार्रवाई में चेन और मंगलसूत्र चोरी के कुल 13 मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की रात सागर प्रकाश कोमटी अपने मित्र के साथ पुणे के बुधवार चौक स्थित बेलबाग चौक के पास गणेश विसर्जन की शोभायात्रा देख रहे थे। इसी दौरान छह लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया, मारपीट की और चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद लोहे के कटर की मदद से उनके गले में पहनी सोने की चेन काटकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत 1.46 लाख रुपये से अधिक बताई गई। मामले की जांच के दौरान फरासखाना पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि वारदात में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के छह लोग शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने विजयपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल सुरवसे के नेतृत्व में हुई जांच में आरोपी ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस टीम ने आगे की कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर आरोपी के कब्जे से चोरी के सोने के गहने, शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, एक धारदार चाकू और लोहे का कटर बरामद किया। जांच के दौरान चेन और मंगलसूत्र चोरी के 12 अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शामली जिले के इस्लामपुर घसौली गांव के निवासी हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक आयोजनों तथा मेलों में लोगों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य श्रद्धालुओं को चारों ओर से घेरकर कटर की मदद से उनके गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र काट लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे।
बिहार के आजीविका मॉडल पर राष्ट्रीय मंथन, गरीबी उन्मूलन की रणनीति को मिलेगी नई दिशा

पटना। बिहार में अत्यंत गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के अनुभवों और प्रभावों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण विकास की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। शुक्रवार को जे-पाल साउथ एशिया और जीविका के संयुक्त प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में योजना के क्रियान्वयन, मूल्यांकन, पिछले एक दशक की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल, बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विकास विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी समेत केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और विकास क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत जे-पाल साउथ एशिया की कार्यकारी निदेशक शोभिनी मुखर्जी के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने योजना के मूल्यांकन, उससे प्राप्त साक्ष्यों और अनुभवों को नीतिगत निर्णयों में इस्तेमाल करने के महत्व पर प्रकाश डाला। जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्या सिंह ने योजना के मॉडल, कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान योजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने ग्रामीण विकास में योजना की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं, योजना के मूल्यांकन पर आयोजित सत्र में डॉ. एमआर शरण, डॉ. ज्योति मुखोपाध्याय और डॉ. शगुन सबरवाल ने इसके प्रभावों और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर योजना को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया। योजना के दीर्घकालिक प्रभाव, विस्तार और निरंतर सुधार में नीतिगत विकल्पों तथा संस्थागत नेतृत्व की भूमिका पर भी विमर्श हुआ। इस सत्र में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव बालामुरुगन डी., एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार और जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में योजना की पिछले एक दशक की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों और विभिन्न संस्थाओं के योगदान पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, समावेशी आजीविका योजना के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की उप सचिव डॉ. मोनिका ने संबोधन दिया। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर, जे-पाल की सह-संस्थापक और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित एस्थर डुफ्लो ने अत्यधिक गरीबी उन्मूलन में ग्रेजुएशन अप्रोच की भूमिका पर वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने ग्रामीण विकास में नवाचार और प्रभावी समाधान तैयार करने के लिए साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम का मुख्य संदेश ‘बिहार से भारत तक’ सतत जीविकोपार्जन योजना के अनुभवों और साक्ष्यों को व्यापक ग्रामीण विकास की नीतियों से जोड़ना रहा। बिहार में पिछले एक दशक के दौरान विकसित इस मॉडल के क्रियान्वयन, मूल्यांकन और उससे मिली सीख पर चर्चा करते हुए यह समझने का प्रयास किया गया कि अत्यंत गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपनाए गए प्रभावी तरीकों को राष्ट्रीय स्तर पर किस तरह उपयोगी बनाया जा सकता है। जे-पाल साउथ एशिया, जीविका, केंद्र और बिहार सरकार के अधिकारियों तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी वाले इस विमर्श में साक्ष्य आधारित नीतियों, संस्थागत सहयोग और निरंतर नवाचार के जरिए ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों को अधिक प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर अनन्या सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गौतमबुद्धनगर में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बैठक, 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैंप

गौतमबुद्धनगर। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। एनआईसी सभागार में हुई इस बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए मतदाताओं के पंजीकरण और विशेष अभियान की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को पंजीकरण का अवसर देने के लिए 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर 2026 को विशेष अभियान चलाया जाएगा। दोनों दिन जनपद के सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां नागरिकों को आवेदन भरने और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने में सहायता मिलेगी। बीएलओ के पास फॉर्म-6 सहित आवश्यक प्रपत्र, निर्वाचक नामावली और उसकी पूरक सूचियां भी उपलब्ध रहेंगी। पात्र नागरिक इन विशेष कैंपों में पहुंचकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, मतदेय स्थलों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप निर्वाचक नामावलियों का प्रकाशन किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। सभी निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन होगा। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कर 18 अक्टूबर तक प्रारूप सूची तैयार करके जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करानी है। इसके बाद 19 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रारूप सूची पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान प्रतिनिधियों से सुझाव और आपत्तियां भी प्राप्त की जाएंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और बीएलओ को निर्देश दिए कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी जनपद के अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए सभी आरडब्ल्यूए और एओए सोसाइटियों के अध्यक्षों तथा प्रबंधन का सहयोग लेने को कहा गया। आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले पात्र नागरिकों, विशेषकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों को पंजीकरण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराना प्रत्येक पात्र नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए अभियान की तिथियों, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। संबंधित अधिकारी, बीएलओ, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और सोसाइटी प्रबंधन आपसी समन्वय से काम करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने के अवसर से वंचित न रहे। उन्होंने निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता और उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह उपस्थित रहे। राजनीतिक दलों की ओर से भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री धर्मेंद्र कोरी, जिला उपाध्यक्ष महेश अवाना और नोएडा उपाध्यक्ष युद्धवीर चौहान शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से प्रतिनिधि सचिव रवि बरगोति और सौम्या वत्स, बहुजन समाज पार्टी की ओर से जिला अध्यक्ष लखमी सिंह, कोषाध्यक्ष इन्साद अली और विधानसभा प्रभारी ओमप्रकाश सिंह मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश सचिव गजेंद्र सिंह यादव तथा कांग्रेस की ओर से उपाध्यक्ष नीरज लोहिया ने बैठक में भाग लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और आवासीय सोसाइटियों से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। प्रशासन का उद्देश्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार मतदाता सूची को अद्यतन करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिले।
दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आरोप लगाया

देवास। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कर्मियों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आरोप लगाया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला कांस्टेबल ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की एक महिला कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार किया। देवास दौरे के दौरान, दिग्विजय सिंह ने पुलिस की कथित कार्रवाई की निंदा। उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए महिला कांस्टेबल के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के आरोपी सभी अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि घोर अन्याय और अत्याचार हो रहे हैं। जिस तरह से दिल्ली पुलिस लाठियों का इस्तेमाल कर रही है और जिस तरह से एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने हमारी एनएसयूआई छात्रा के साथ दुर्व्यवहार किया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और प्रदर्शनकारियों पर हमला करने में कथित तौर पर शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस घटना से संबंधित आरोप सिंह ने लगाए कि कथित झड़प और पुलिस की प्रतिक्रिया के बारे में अधिक जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं थी। कांग्रेस नेता ने इस विरोध प्रदर्शन को पार्टी के चुनावी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान से जोड़ा और इसे विपक्षी दल द्वारा ‘वोट चोरी’ और ‘नोट चोरी’ कहे जाने वाले कृत्यों के खिलाफ लड़ाई बताया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह मार्च मूल रूप से वोट चोरी और नोट चोरी के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के माध्यम से वोटों में हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने धार्मिक चढ़ावों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई और तर्क दिया कि इस अभियान का उद्देश्य चुनावी निष्पक्षता, वित्तीय गड़बड़ी और लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित करना है। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का बार-बार आरोप लगाया है और ईवीएम के उपयोग के पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने चुनावी हेराफेरी के आरोपों को खारिज कर दिया है। सिंह की ये टिप्पणियां कांग्रेस द्वारा मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों को उजागर करने और चुनाव संचालन में अधिक जवाबदेही की मांग करने के प्रयासों के बीच आई हैं। इसके अलावा, सिंह 20 अक्टूबर को उज्जैन से अपनी प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने वाले हैं। धार्मिक थीम पर आधारित यह पदयात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए लगभग 930 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और अयोध्या में समाप्त होगी। पदयात्रा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होने की योजना है। सिंह ने पहले कहा था कि यह यात्रा सनातन धर्म से जुड़े मूल्यों पर केंद्रित होगी और इस धर्म के मूल सिद्धांतों को उजागर करने का प्रयास करेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्योहारों के दौरान शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने का निर्देश दिया

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को त्योहारों के मौसम में शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और व्यवस्थित रखने के लिए गंभीरता और तत्परता से काम करने का निर्देश दिया है। दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान राजधानी के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा-करकट, कचरे का ढेर, अव्यवस्था या अपर्याप्त रोशनी नहीं होनी चाहिए। अधिकारी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रमुखों को स्वयं जमीनी निरीक्षण करने, कमियों को तुरंत दूर करने और दिवाली से पहले स्वच्छता और रोशनी के काम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दैनिक सफाई अभियान चलाने और सड़कों पर धूल की समस्या से निपटने के उपाय करने का भी आह्वान किया ताकि निवासी त्योहारों के मौसम में स्वच्छ और सुंदर वातावरण का आनंद ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार खुशी, उत्साह और आपसी सद्भाव का प्रतीक हैं। इस दौरान दिल्ली का हर हिस्सा स्वच्छ, सुव्यवस्थित और रोशनी से भरपूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि लोगों को उनके घरों, बाजारों से लेकर सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों तक हर जगह स्वच्छता और बेहतर सुविधाएं मिलें। सभी विभागों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए और किसी भी कमी को तुरंत दूर करना चाहिए। त्योहारों के मौसम में दिल्लीवासियों को कूड़े, अंधेरे या अव्यवस्था का सामना नहीं करना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और विद्यालयों को दिवाली से पहले विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बयान में कहा गया है कि उन्होंने पार्कों और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने और उनकी उचित देखरेख सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंधेरे स्थानों की पहचान करें, इन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करें, और कमियों को तुरंत दूर करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी दिल्ली को चमकाने के काम में बाधा नहीं बननी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे काम के लिए आवश्यक कर्मचारियों की किसी भी कमी को बिना देरी किए दूर करें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक संपत्ति पर अनाधिकृत पोस्टर और बैनरों पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन्हें सड़कों, चौराहों, फ्लाईओवरों, स्तंभों, सरकारी भवनों और बाजारों से तुरंत हटा दें। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2007 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए और लागू नियमों के अनुसार एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
अभिजीत दिपके और नेहा बोरा की हिरासत पर संगठनों ने उठाए सवाल, तत्काल रिहाई की मांग

नई दिल्ली। कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सीजेपी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट में दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि अभिजीत दिपके को कहां ले जाया गया है। सीजेपी ने लिखा, “दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है। हमारा उनसे संपर्क टूट गया है। उन्हें वकीलों से बात नहीं करने दी जा रही है।” सीजेपी ने आगे सवाल उठाया कि सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों कर रही है। सीजेपी ने कहा कि युवा भी भारत के समान नागरिक हैं और उन्हें संविधान के तहत सभी सुरक्षा और अधिकार मिलने चाहिए। पोस्ट में पार्टी ने दावा किया कि अभिजीत दिपके अपने हाथ में तिरंगा लेकर घर से निकले थे। सीजेपी ने सवाल किया, “तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?” पार्टी ने दिल्ली पुलिस से उनके ठिकाने के बारे में जवाब मांगा। इसी बीच, आइसा ने भी एक्स पर पोस्ट कर अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में रखे जाने को लेकर चिंता जताई। संगठन ने दावा किया कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले हिरासत में रखा गया है। आइसा के अनुसार, रात करीब आठ बजे तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था। संगठन ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा के सहयोगियों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है और सादे कपड़ों में मौजूद सात से आठ लोग उन्हें बाहर रोके हुए हैं। आइसा ने अपनी पोस्ट में नेहा बोरा की स्थिति और उनके ठिकाने को लेकर सवाल उठाए। इसके साथ ही, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि अभिजीत दिपके कहां हैं और नेहा बोरा कहां हैं। स्टालिन ने आरोप लगाया कि दोनों को उनके ठिकाने की जानकारी दिए बिना हिरासत में रखना गैरकानूनी और अमानवीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से दोनों को तत्काल रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश बंद करने की मांग की। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शाम पांच बजे प्रस्तावित ‘तिरंगा सभा’ में शामिल होने जा रहे थे। इस सभा का आह्वान उन्होंने पार्टी के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में किया था। दिपके की हिरासत के कुछ मिनट बाद ही आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें मंडी हाउस के पास उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह आइसा और अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं। दिल्ली पुलिस ने दिपके को पहले ही दो नोटिस जारी कर सेंट्रल पार्क में सभा आयोजित नहीं करने की हिदायत दी थी। नोटिस में कहा गया था कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है और आयोजन स्थल पर निषेधाज्ञा लागू है। पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
नोएडा में 31 अक्टूबर तक सड़कों की रिसर्फेसिंग के निर्देश, त्योहारों पर सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था होगी

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने 15 अक्टूबर को प्राधिकरण के विभिन्न विभागों के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों, प्रमुख परियोजनाओं, सड़कों की मरम्मत, सार्वजनिक शौचालयों, अवैध वेंडरों, वायु प्रदूषण नियंत्रण, ईवी चार्जिंग स्टेशनों, पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के भूखंडों और न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर चर्चा की गई। सीईओ ने अधिकारियों को आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और प्राधिकरण के बकाये की वसूली में लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह, महिमा, इंदुप्रकाश सिंह, एनके सिंह और संतोष कुमार सहित महाप्रबंधक सिविल ए.के. अरोड़ा, एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिकी आर.पी. सिंह, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव और उद्यान निदेशक आनंद मोहन सिंह मौजूद रहे। विभिन्न वर्क सर्किलों, जल खंडों और विद्युत एवं यांत्रिकी खंडों के वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। सीईओ ने आगामी त्योहारों को देखते हुए सभी प्रमुख स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। सड़कों की मरम्मत और लाइटिंग की व्यवस्था समय से पूरी करने के साथ मूर्ति विसर्जन और अर्घ्य के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर कृत्रिम तालाब तैयार करने को कहा गया। सफाई कार्यों में लगे ठेकेदारों के साथ बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत करने के लिए गांवों में अतिरिक्त वाहन खरीदकर तैनात किए जाएंगे। कचरा उठाने वाले वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर 70 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन और 30 प्रतिशत सीएनजी वाहनों में बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए तैयार किया गया आकलन परीक्षण के लिए आईआईटी को भेजा जा चुका है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी वर्क सर्किलों के अवर अभियंता सुबह आठ बजे तक और प्रबंधक सुबह नौ बजे तक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मचारियों को अपनी लाइव लोकेशन साझा करनी होगी। शहर में अव्यवस्थित रूप से फैले कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें हटाने के निर्देश भी दिए गए। आगामी महीनों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने की संभावना को देखते हुए वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अभी से कदम उठाने को कहा गया। सीईओ ने 31 अक्टूबर तक सभी सड़कों की रिसर्फेसिंग का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इमारतों में रूफटॉप स्प्रिंकलर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे लोगों को प्रदूषण की स्थिति की जानकारी मिल सके। नोएडा में 88 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं और इनके लिए कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 77 अन्य स्थानों पर भी ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थल चिह्नित किए जाएंगे। बैठक में भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क, नाली, पुलिया और सेंट्रल वर्ज से संबंधित निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के अंतिम छोर पर भविष्य में जाम की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से योजना बनाकर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। चिल्ला से यमुना पुस्ता तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृत हो चुकी है और सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है। प्राधिकरण के अनुसार, एक से दो सप्ताह के भीतर परियोजना के लिए निविदाएं आमंत्रित किए जाने की संभावना है। यमुना के समानांतर पुस्ता मार्ग के निर्माण को लेकर भी समीक्षा हुई। इस मार्ग का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जाना है। इसके लिए विभाग से आवश्यक पत्राचार कर आगे की कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। पुस्ता मार्ग के अतिरिक्त हिस्से में हरित विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराने पर भी जोर दिया गया। शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल के रखरखाव एवं संचालन की समीक्षा करते हुए सीईओ ने संबंधित वरिष्ठ प्रबंधकों को प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रमाणपत्र में यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यक्षेत्र में सभी शौचालय और यूरिनल ठीक से अनुरक्षित हैं तथा संचालित हो रहे हैं। विज्ञापन एजेंसियों को केवल शौचालयों और यूरिनल के ऊपर ही विज्ञापन लगाने की अनुमति सुनिश्चित करने को कहा गया। अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ जब्त की गई ठेलियों, खोखों और कार्ट को रखने के लिए प्रत्येक वर्क सर्किल में एक-एक स्टोर की व्यवस्था की जाएगी। उद्यान विभाग को पार्कों में स्थापित ओपन जिम का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने और इनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त शहर में कुछ स्थान चिह्नित कर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बच्चों के लिए गेम और स्पोर्ट्स जोन विकसित किए जाएंगे। अभियांत्रिकी विभागों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्वीकृत आकलनों के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सीईओ ने निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। जिन परियोजनाओं में सिविल कार्य के साथ विद्युत, जलापूर्ति या सीवर से संबंधित कार्य भी शामिल हैं, उनके लिए एकीकृत आकलन तैयार कर स्वीकृति लेने को कहा गया। संबंधित परियोजनाओं की निगरानी के लिए उपयुक्त संवर्ग के अभियंता की तैनाती भी की जाएगी। प्राधिकरण की विभिन्न परिसंपत्तियों के बकायेदारों की समीक्षा करते हुए सीईओ ने निर्देश दिया कि एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया रखने वाले ऐसे आवंटियों से एक नवंबर तक वसूली पूरी की जाए, जिनके मामले किसी न्यायालय में लंबित नहीं हैं। निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं होने पर संबंधित बकायेदारों के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने, विधिक कार्रवाई करने और रिकवरी आदेश जारी कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऐसे मामलों को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी भेजा जाएगा। सेक्टर-145 में पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के तहत आवंटित भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया दीपावली से शुरू करने के निर्देश दिए गए। इससे संबंधित आवंटियों को आगे की कार्रवाई में राहत मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण क्षेत्र में अधिसूचित और अधिग्रहित भूमि पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ भी
उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने महानवमी के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि आगामी ‘महानवमी’ को पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष महानवमी 19 अक्टूबर को है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के निर्देश के बाद, राज्य भर में सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में अवकाश रहेगा। यह निर्णय जनता को राहत प्रदान करने और उत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के छठे दिन की शुभकामनाएं दीं और आदि शक्ति की छठी रूप मां जगदंबा मां कात्यायनी की पूजा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आदि शक्ति के छठे रूप मां जगदंबा के चरणों में अनगिनत प्रणाम। हम धर्म की रक्षा का संदेशवाहक मां कात्यायनी से प्रार्थना करते हैं कि उनकी कृपा से सभी भक्तों को अपने संकल्पों को पूरा करने का साहस और शक्ति प्राप्त हो। जय मां कात्यायनी। इस बीच, शुक्रवार से उत्तर प्रदेश के कई दुर्गा पूजा मंदिरों में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े संदेश को फैलाने के उद्देश्य से ‘दुर्गा सप्तशती’ के पाठ और ‘शक्ति’ (दिव्य नारी शक्ति) की पूजा से गूंज रहे हैं। ‘मिशन शक्ति’ पहल के तहत, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शारदीय नवरात्रि के सातवें (सप्तमी) से नौवें (नवमी) दिन तक चुनिंदा मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। दुर्गा पूजा के अंतिम तीन दिनों में इन कार्यक्रमों में देवी को समर्पित पारंपरिक भक्ति गीतों के गायन के साथ-साथ ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से, ‘शक्ति’ की पूजा की परंपरा को कायम रखते हुए महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इस पहल के बारे में बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्रि आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का त्योहार है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा प्रयास है कि ये धार्मिक आयोजन सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करें और महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।