दिवाली तक दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों पर लगे रोक, व्यापारिक संगठन सीटीआई ने अमित शाह को लिखा पत्र

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के बीच दिल्ली के व्यापारियों ने राजधानी में होने वाले धरना-प्रदर्शनों और मार्च को लेकर चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिवाली तक दिल्ली में बड़े धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाने और 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित “लहरा दो तिरंगा” मार्च को अनुमति नहीं देने की मांग की है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र में कहा है कि प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, खान मार्केट और लुटियंस दिल्ली समेत राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, जबकि इसके प्रभाव से पूरे शहर का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारिक संगठन ने दावा किया कि हाल में हुए धरना-प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए थे, जिससे बाहर से आने वाले खरीदारों और स्थानीय ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई। पत्र के अनुसार, व्यापारियों को ऐसे प्रदर्शनों के कारण 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सीटीआई ने कहा कि वर्तमान समय में नवरात्रि, रामलीला और दिवाली का प्रमुख खरीदारी सीजन चल रहा है। ऐसे में किसी भी बड़े मार्च या प्रदर्शन से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। संगठन का कहना है कि दिल्ली के बाहर से आने वाले खरीदारों और व्यापारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बन रही है, जिससे त्योहारी कारोबार प्रभावित हो सकता है। पत्र में केंद्र सरकार से दिवाली तक किसी भी प्रकार के बड़े धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की मांग की गई है। साथ ही, संबंधित आयोजनकर्ताओं से भी अपील की गई है कि त्योहारी सीजन के दौरान ऐसे कार्यक्रमों से बचा जाए ताकि व्यापार और बाजार गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। व्यापारिक संगठन का कहना है कि नवरात्रि और दिवाली का समय पूरे वर्ष के कारोबार के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवधि होती है और इस दौरान बाजारों में निर्बाध गतिविधियां सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके मद्देनजर संगठन ने प्रशासन से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है। वहीं, सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इसको लेकर एक वीडियो भी जारी किया है, और त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली में धरने प्रदर्शनों पर लगाने की मांग की है।

पंजाब बंद : परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसानों का प्रदर्शन

अमृतसर। नशे के बढ़ते मामलों और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ बुलाए गए पंजाब बंद के दौरान गुरुवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों और समर्थकों ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी बंद के आह्वान के जवाब में कई किसान यूनियनों, छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को नेशनल हाईवे-44 को जाम करने की योजना की घोषणा की। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुलाए गए बंद के मद्देनजर अमृतसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इस घटना ने व्यापक गुस्सा पैदा कर दिया है, जिसमें किसान संगठन और राजनीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने आईएएनएस से कहा कि किसान मजदूर मोर्चा और उससे जुड़ी यूनियनें लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील करने के लिए सड़कों पर उतरी हैं। सरवन सिंह पंधेर ने कहा, “हमें जो रिपोर्ट मिल रही है, उसके अनुसार पंजाबियों ने नशे के मुद्दे पर कारोबार बंद कर बहुत समर्थन दिखाया है और मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। गोल्डन गेट पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां हमने भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका। हमने मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक आधार पर इस्तीफा दें और डीजीपी पद छोड़ें।” परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक संबंध हो या नशे के कारोबार से लिंक हो। उन्होंने कहा, “केमिस्ट की दुकान के पीछे जो भी है, चाहे वह कोई नेता हो या माफिया से कोई हो, उसकी जांच होनी चाहिए। न्याय होना चाहिए।” राज्य सरकार के नशे के प्रति जीरो टॉलरेंस के दावे पर सवाल उठाते हुए, पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा व्यापक हो गया है। उन्होंने 10 थानों के कर्मियों की जांच के लिए 10 डॉक्टरों की टीम की भी मांग की, और दावा किया कि कुछ अधिकारी नशे में हो सकते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री मान ने बुधवार को परविंदर सिंह झोटा की हत्या में शामिल लोगों के लिए सबसे कड़ी सजा का वादा किया था। झोटा के पिता भीम सिंह ने प्रशासन की आलोचना की और 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया। इस मांग को विपक्षी दलों, किसान संगठनों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का समर्थन मिला। सीएम मान ने दोहराया था कि उनकी सरकार नशा तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है और अवैध व्यापार में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेगी। मुख्यमंत्री ने कहा था, “हमने चिट्टा और अन्य नशों के खिलाफ जंग छेड़ी है। जो भी शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो।” उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की भी अपील की थी और आश्वासन दिया था कि हत्या के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों को सजा मिलेगी।

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर सुनील तटकरे ने पीएम मोदी से की मुलाकात, केंद्र से मांगी मदद

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने रायगढ़ जिले के रोहा रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य के भूमिपूजन समारोह के लिए प्रधानमंत्री से समय देने की अपील भी की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता को आवश्यक सहायता दिलाने और राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में सूखे की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुनील तटकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राज्य की समस्याओं को रखा। उन्होंने केंद्र सरकार से सूखाग्रस्त इलाकों के लिए जरूरी मदद उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिल सके। सूखे की स्थिति में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। तटकरे ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति पर ध्यान देने और जरूरत के अनुसार सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान सुनील तटकरे ने रायगढ़ जिले के रोहा रेलवे स्टेशन के उन्नयन का विषय भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से निधि मंजूर की गई है। तटकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस परियोजना के भूमिपूजन समारोह के लिए समय देने की अपील की। रोहा रेलवे स्टेशन के उन्नयन को जिले के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस परियोजना से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से सहयोग का अनुरोध किया। सुनील तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी में महाराष्ट्र की जनता के हितों और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सूखाग्रस्त क्षेत्रों को सहायता दिलाने के साथ-साथ रायगढ़ जिले में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति देने के अपने प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस मुलाकात में सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्रीय सहायता और रोहा रेलवे स्टेशन के उन्नयन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।

आज आईएमएफ-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में शामिल होंगी वित्त मंत्री सीतारमण, बैंकॉक में कई देशों के वित्त मंत्रियों से करेंगी मुलाकात

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में हिस्सा लेने के लिए पहुंचीं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, वह जी20 और जी7 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठकों में भी भाग लेंगी। इसके अलावा, बैंकॉक में विभिन्न देशों और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर पहुंचने पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। थाईलैंड सरकार के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने भी वित्त मंत्री का स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान वित्त मंत्री वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों से संबंधित कई बहुपक्षीय बैठकों और चर्चाओं में भाग लेंगी। इनमें वर्तमान आर्थिक परिदृश्य और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। इन बैठकों से वैश्विक अर्थव्यवस्था की संभावनाओं, विकास संबंधी प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग पर विभिन्न देशों के साथ विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। निर्मला सीतारमण की थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री एकनिति नितिथानप्रपास के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा वह स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। वित्त मंत्री अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा तथा जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के गवर्नर से भी मुलाकात करेंगी। मंत्रिस्तरीय बैठकों के अलावा सीतारमण वैश्विक नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों से जुड़े कई कार्यक्रमों और चर्चाओं में भी भाग लेंगी। इनमें भारत की विकास संभावनाओं, व्यापारिक मजबूती, वैश्विक पहुंच, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार, भारत-आसियान संबंधों और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषयों पर अटलांटिक काउंसिल द्वारा आयोजित फायरसाइड चैट शामिल है। इसके अलावा, वह जर्मनी द्वारा आयोजित ‘वर्किंग टुगेदर टू मेक सिटीज इन्वेस्टेबल – मोबिलाइजिंग प्राइवेट कैपिटल फॉर अर्बन एंड वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर’ विषयक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। इन बैठकों और कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के आर्थिक प्रदर्शन, सुधार एजेंडा और निवेश अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वैश्विक आर्थिक महत्व के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संवाद और सहयोग को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नोएडा सिटी मॉल में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 240 लीटर घी और 18 किलो मिर्च पाउडर सीज

नोएडा। शारदीय नवरात्रि के मद्देनजर नोएडा खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दादरी की नई बस्ती स्थित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कंपनी कम्युनिटी प्राइवेट लिमिटेड के यहां छापा मारा। जांच के दौरान करीब 240 लीटर घी और 18 किलोग्राम मिर्च पाउडर को सीज किया गया। इसके अलावा, घी समेत छह खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की तैयारी की गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में की गई। विभाग की टीम ने मौके पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लेबलिंग से संबंधित जानकारियों की जांच की। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान घी के पैकेटों पर विटामिन और मिनरल्स मौजूद होने संबंधी भ्रामक जानकारी अंकित मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए टीम ने करीब 240 लीटर घी सीज कर लिया। कार्रवाई के दौरान अवतार ब्रांड के घी और गाय के घी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच की गई। इसके अलावा, पैकिंग तिथि और बैच नंबर दर्ज नहीं होने के कारण करीब 18 किलोग्राम मिर्च पाउडर भी सीज किया गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से नमूने एकत्र किए गए। कार्रवाई के दौरान घी, मिर्च पाउडर, मखाना, सरसों का तेल और कुट्टू के आटे सहित खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कुल छह नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों के कारोबार से जुड़े विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे केवल लाइसेंसधारी या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामान खरीदें और खरीदारी से संबंधित बिल सुरक्षित रखें। साथ ही, खाद्य पदार्थों की खरीद और बिक्री के दौरान निर्माण तिथि, पैकिंग तिथि तथा बैच नंबर की जांच करना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए छापेमारी अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाना है।

16 अक्टूबर का पंचांग: मां कात्यायनी की पूजा करने से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की होती है प्राप्ति, रात 2:39 से 4:27 बजे तक अमृतकाल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 16 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 5:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को सुबह 6:28 बजे सूर्योदय और शाम 5:56 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 11:24 बजे चंद्रोदय और रात 10:01 बजे चंद्रास्त होगा। 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को शारदीय नवरात्र का छठा दिन है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी। महर्षि कात्यायन की तपस्या और उनके यहां पुत्री के रूप में मां के प्रकट होने के कारण ‘कात्यायनी’ नाम पड़ा। देवी सिंह (शेर) पर सवारी करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कात्यायनी मानव शरीर के आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री हैं। इनकी उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। विवाह में आ रही बाधाएं भी इनकी कृपा से दूर होती हैं। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है। सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है। नौकरीपेशा लोगों के काम की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होती है। प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकते हैं। शुक्रवार रात 10:05 बजे तक शोभन योग रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, शोभन योग को 27 नित्य योगों में से 5वां योग माना जाता है। ‘शोभन’ शब्द का अर्थ सुंदर, शुभ, सुहावना या कल्याणकारी होता है। इस योग के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं, जो ज्ञान, समृद्धि और शुभता के कारक माने जाते हैं। इस योग को अधिकांश मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए बहुत श्रेष्ठ माना जाता है। नए वस्त्र धारण करना, आभूषण खरीदना, विवाह, सगाई, सौंदर्य उपचार और विशेष रूप से यात्रा शुरू करने के लिए यह योग अत्यंत मंगलकारी माना गया है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है। आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है। माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है। शुक्रवार को रात 2:39 से 4:27 बजे तक अमृतकाल रहेगा। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है। इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है। यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन राहुकाल रात 10:46 बजे से 12:12 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है। स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है। इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है। शुक्रवार को गुलिक काल सुबह 7:54 से 9:20 बजे तक रहेगा। गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है। यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं। इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है। जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं। बैंक में पैसे जमा करना, दान देना, या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है। इस दिन यमगंड काल दोपहर 3:04 से 4:30 बजे तक रहेगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए। शुक्रवार को सूर्य देव कन्या राशि में स्थित रहेंगे। जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन चंद्रमा सुबह 6:47 धनु राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, जन्म कुंडली या गोचर में जब चंद्रमा धनु राशि में स्थित होता है, तो इसका व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए चंद्रमा पर गुरु का सीधा प्रभाव रहता है। बिना सोचे-समझे आवेग में निर्णय लेना या जल्दबाजी करना इनकी कमजोरी हो सकती है। शुक्रवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है।

विपक्ष को भाजपा नेता का जवाब- ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी’, ओवैसी पर भी निशाना

हैदराबाद। भाजपा की तेलंगाना इकाई के प्रमुख एन. रामचंद्र राव ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। राव ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा देना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए एन. रामचंद्र राव ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सुरक्षा देना और सार्वजनिक व निजी संपत्ति की रक्षा करना सरकार और प्रशासन का कर्तव्य है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की है, इसलिए प्रशासन को कुछ कदम उठाने पड़े। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को याद रखना चाहिए कि उनके कार्यकाल में इमरजेंसी लगाई गई थी और लोगों को बिना किसी कारण के जेल में डाल दिया गया था। यहां तक कि छोटे छात्रों को भी डीआईआर (भारत रक्षा अधिनियम) और ‘मीसा’ (आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम) के तहत जेल में डाल दिया गया था। आज, जब प्रशासन सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए कदम उठा रहा है, तो ये लोग हंगामा कर रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि दिल्ली पुलिस की ओर से उठाए गए कदमों पर कांग्रेस पार्टी या आम आदमी पार्टी को विरोध करने का कोई हक नहीं है।” रामचंद्र राव ने हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। राव ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। मुझे लगता है कि वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि मतदाता सूची से अल्पसंख्यकों के नाम हटाए जा रहे हैं। यह सिर्फ लोगों को भ्रमित करने की कोशिश है। किसी भी अल्पसंख्यक मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है।” उन्होंने कहा, “हर राजनीतिक दल का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर भारतीय नागरिक मतदाता बने। असदुद्दीन ओवैसी, जिन्होंने खुद इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था, अब कांग्रेस पार्टी की तरह ही वोट-बैंक की राजनीति के लिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि मुसलमानों के वोट हटाए जा रहे हैं और इसी आधार पर वे रिव्यू पिटिशन दायर करने की कोशिश कर रहे हैं।” राव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस प्रक्रिया (एसआईआर) पर कई स्पष्टीकरण दे चुका है। इस पर एक बहुत विस्तृत फैसला आया है, लेकिन फिर भी असदुद्दीन ओवैसी इन याचिकाओं को दायर करके केवल अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस भी एसआईआर को हटाने के मुद्दे को केवल इसलिए उठा रही है, ताकि अल्पसंख्यकों के बीच अपना वोट बैंक मजबूत कर सके।

एनएसयूआई कार्यकर्ता अतिरा विजयन पर हमले के मामले में केस दर्ज, केरल पुलिस ने की कार्रवाई

तिरुवनंतपुरम। दिल्ली में एनएसयूआई कार्यकर्ता अतिरा विजयन पर कथित हमले के मामले में केरल पुलिस ने केस दर्ज किया है। तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई अतिरा विजयन की ओर से केरल के राज्य पुलिस प्रमुख को दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। घटना नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में एनएसयूआई के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी। पुलिस के अनुसार, म्यूजियम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 74, 76, 115, 117, 126, 296(b), 351(3) और 3(5) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। जीरो एफआईआर का प्रावधान ऐसे मामलों में किया जाता है, जब शिकायत किसी ऐसे पुलिस थाने में दर्ज कराई जाती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में कथित घटना नहीं हुई हो। इसके बाद मामले को जांच और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने में स्थानांतरित किया जा सकता है। एफआईआर में अतिरा विजयन ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लेने के बाद पुलिस वैन के अंदर और पुलिस स्टेशन में उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क पर घसीटा और बाद में पुलिस स्टेशन ले गईं, जहां पर उन्हें थप्पड़ मारे गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा, उनके गले में पहने हुए शॉल को कसने का भी आरोप है, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। उस समय वहां पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने न तो उसे रोका न ही मेरी सहायता की। अतिरा विजयन ने इस घटना को लेकर केरल के राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत की थी। इसके बाद तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह मामला दिल्ली में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है।

अंकिता भंडारी के पिता ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम, कांग्रेस नेताओं ने कहा-हम न्याय दिलाकर रहेंगे

नई दिल्ली। अंकिता भंडारी के माता-पिता और हिरासत में लिए गए सभी कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। कांग्रेस के अनुसार, अंकिता के माता-पिता एक रिश्तेदार के यहां रहने चले गए हैं। आईएएनएस से बात करते हुए अंकिता भंडारी के पिता ने कहा, “हम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं। देश भर में, हर राज्य में लोग अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आएंगे। हमारी बेटी को अधूरा न्याय मिला है क्योंकि इस मामले में एक वीआईपी का नाम सामने आया था। उस वीआईपी को बचाने के लिए एसआईटी और सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया है। जैसा कि आप देख सकते हैं, जब तक सीबीआई की जांच नहीं होती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर न्याय नहीं मिला तो जनता सड़कों पर उतरेगी।” अंकिता भंडारी मामले पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आईएएनएस से कहा, “जिस पर दुष्कर्म का आरोप है, उसे बचाया जा रहा है। जो दुष्कर्म का शिकार होता है और पीड़िता के समर्थन में खड़ा होता है, उसको थाने भेज दिया जाता है। यह देश की राजधानी दिल्ली की हालत है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है। अंतिम सांस तक हम अंकिता भंडारी को न्याय दिलाकर रहेंगे।” अंकिता भंडारी मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी कल अंकिता भंडारी के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। यह देश की हर बेटी के साथ खड़ी रहेगी, हमेशा खड़ी रहेगी। हमारे सांसद साथ खड़े होंगे। राहुल गांधी खड़े हुए, प्रियंका गांधी खड़ी हुईं। हमें हिरासत में लेकर इस लड़ाई को खत्म नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जेल भेजकर आप क्रांति की आवाज को दबा नहीं सकते।” अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “जो लोग पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे थे, उन्हें न्याय देने के बजाय आरोपी को बचाया जा रहा है। इसके बाद वे पीड़ित माता-पिता के साथ बेहद बेरहमी से पेश आ रहे हैं। कायरों की तरह आकर वे सुबह 6 बजे से पहले ही लड़कियों को यहां से घसीट कर ले जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस की यह कैसी व्यवस्था है?” कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा, “यह मामला अंकिता के माता-पिता और उनकी इच्छा से जुड़ा है। उनकी मांग साफ है कि वे राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। विडंबना यह है कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं, वह भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में कथित तौर पर सीबीआई की जांच के दायरे में है।

नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने देवी की महिमा का भजन किया साझा, स्कंदमाता से की मंगलकामना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गुरुवार को स्कंदमाता को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर माता की स्तुति से जुड़े भजन का यूट्यूब लिंक साझा किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता के पूजन-अर्चन को समर्पित है। ममता और वात्सल्य की देवी मां के आशीर्वाद से हर परिवार में सदैव स्नेह और सौहार्द बना रहे, यही कामना है।” पीएम की ओर से सोशल मीडिया पर बालचंद्र प्रभु द्वारा गाए गए भजन ‘विजया दुर्गा’ को शेयर किया गया। इस भजन में बालचंद्र प्रभु देवी दुर्गा की महिमा का बखान कर रहे हैं। इस भजन में दुष्टों के संहार का देवी दुर्गा की महिमा का गान किया जा रहा है। इससे पहले देवी की स्तुति करते हुए प्रधानमंत्री ने सुभाषित साझा किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने संस्कृत श्लोक, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।” साझा किया था, जिसका हिंदी भावार्थ है कि जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार है। गुरुवार को नवरात्रि का पांचवां दिन है, इस दिन स्कंदमाता की आराधना की जाती है। देवी को भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। मां का वाहन शेर है। देवी स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां की चार भुजाएं हैं। गोद में भगवान स्कंद (बाल रूप में कार्तिकेय) बैठे होते हैं। मां के दो हाथों में कमल का पुष्प है, एक हाथ में वरमुद्रा या अभयमुद्रा है। स्कंदमाता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। भोग में केले का प्रसाद और पीले फूल अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं। स्कंदमाता देवी की आराधना से विशुद्ध चक्र जाग्रत होता है। स्कंदमाता देवी की उपासना करने से सुख, शांति, संतान सुख, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की पत्नी के रूप में देवी ने कार्तिकेय को जन्म दिया था। कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है, इसलिए देवी को स्कंदमाता कहा जाता है।