पंजाब में 2.01 करोड़ वोटर्स के साथ फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित : सीईओ अनिंदिता

चंडीगढ़। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के पूरा होने और फाइनल इलेक्टोरल रोल के प्रकाशन की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट छप कर प्रकाशित हो चुकी है और इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों के साथ सीईओ स्तर और जिला स्तर पर यह सूची साझा कर दी गई है। आईएएनएस से बात करते हुए सीईओ अनिंदिता मित्रा ने कहा कि फाइनल इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन हो चुका है। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट रोल 13 अगस्त को प्रकाशित किया गया था, जिसमें करीब 1 करोड़ 94 लाख मतदाता पंजीकृत थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 1,93,94,000 के आसपास थी। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद मतदाताओं से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। इसके लिए लोगों से अपील की गई थी कि अगर किसी का नाम इस सूची में रहने से छूट गया है या किसी को नया वोट बनवाना है तो वह संपर्क कर फॉर्म नंबर 6 भर सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान करीब 8 लाख नए वोटर सूची से जुड़े हैं। इसके बाद फाइनल इलेक्टोरल रोल 2 करोड़ 1 लाख मतदाताओं के साथ प्रकाशित हुआ है। यह ड्राफ्ट लिस्ट से करीब 3.64 प्रतिशत अधिक है। अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर शुरू होने से पहले यानी प्री-एसआईआर के समय पंजाब में 2 करोड़ 14 लाख वोटर रजिस्टर्ड थे। जब घर-घर जाकर सत्यापन किया गया तो 20 लाख 66 हजार मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं आए। इसके पीछे कई कारण थे। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ा कारण मृत्यु है। करीब साढ़े पांच लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए स्वाभाविक रूप से उनका नाम सूची से हटाया जाना था। इसके अलावा 1 लाख 19 हजार ऐसे मामले थे जहां एक ही मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में दो बार दर्ज था। यह क्लेरिकल एरर के कारण हुआ था, इसलिए एक एंट्री को हटाया गया है, किसी की वोट काटी नहीं गई है। इसी तरह करीब 9 लाख लोग ऐसे थे जो परमानेंटली शिफ्ट हो गए थे। आमतौर पर जिन लोगों की ट्रांसफरेबल नौकरी होती है, वे स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाते हैं और वहां उनका नया वोट बन जाता है, लेकिन पुरानी जगह पर भी उनका नाम रह जाता है। कई मामलों में तो पूरी की पूरी कॉलोनी खाली हो गई थी। ऐसे 9 लाख लोगों की गिनती की गई। सीईओ ने बताया कि इन सभी मामलों में मतदाताओं से अनुरोध किया गया था कि अगर किसी का नाम गलती से हटा दिया गया है तो वह दावे और आपत्ति के चरण में आकर फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना नाम फाइनल रोल में जुड़वा सकता है। कुल 8 लाख नए नाम जुड़े हैं, जिनमें से करीब 3 लाख ऐसे युवा हैं जो पहली बार 18 साल के हुए हैं। इसका मतलब है कि करीब 5 लाख ऐसे लोग हैं जिनका पहले वोट नहीं बना था या लिस्ट में नाम न होने के कारण उन्होंने नया फॉर्म भरा था। राजनीतिक दलों की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में अनिंदिता मित्रा ने कहा कि पंजाब में एसआईआर के दौरान सभी राजनीतिक दलों की भूमिका बहुत सकारात्मक रही है। पहले दिन से ही उनसे अनुरोध किया गया था कि वे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें ताकि वे वोटर्स से संपर्क करने में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मदद कर सकें। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा 90 हजार से ज्यादा बीएलए नियुक्त किए गए। पंजाब में कोई भी ऐसा बूथ नहीं था जहां एक भी बीएलए न हो। हर बूथ पर किसी न किसी पार्टी के कम से कम एक या दो बीएलए जरूर मौजूद थे। जब भी किसी वोटर से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाता था तो तुरंत उन सभी नामों को बीएलए के साथ साझा कर दिया जाता था। कई जगहों पर बीएलए ने वोटर्स से संपर्क स्थापित करवाने में मदद की। इसी वजह से जो डिलीशन किए गए हैं, वे पूरी तरह जेनुइन हैं। मृत्यु के मामलों में उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट कलेक्ट किया गया है। जहां डबल वोट का मामला था, वहां दूसरी एंट्री का वोटर आईडी कार्ड तक चेक किया गया है। जो लोग परमानेंटली शिफ्ट हो गए हैं, उनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई है कि वे कहां ट्रांसफर होकर गए हैं, चाहे वह देश के किसी और हिस्से में ही क्यों न गए हों। विभागीय प्रमुखों से भी इसे सर्टिफाई करवाया गया है *पारदर्शिता से संतुष्ट हैं सभी दल, लगेंगे स्पेशल कैंप* अनिंदिता मित्रा ने बताया कि राजनीतिक दलों ने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि वे पंजाब में एसआईआर की प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उन्हें नहीं लगता कि किसी जेनुइन वोटर का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि पूरी सावधानी बरती गई है, लेकिन यह एक बहुत बड़ी एक्सरसाइज है। अगर फिर भी कोई मतदाता छूट गया है तो उसके लिए स्पेशल कैंप का आयोजन किया जाएगा। इन कैंपों की तारीख और समय मीडिया, आम लोगों और राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा। इन कैंपों में सबसे पहले बीएलओ लोगों को वोटर लिस्ट चेक करवाएंगे। हालांकि वोटर लिस्ट ऑनलाइन डाल दी गई है, लेकिन कई लोगों को ऑनलाइन चेक करने में सहूलियत नहीं होती। इसलिए उनकी सुविधा के लिए गांव-गांव में जहां बूथ बने हुए हैं, वहां बीएलओ बैठेंगे और लोगों को लिस्ट चेक करवाएंगे। अगर किसी को लगता है कि तमाम कोशिशों के बावजूद भी उसका नाम रह गया है तो वह वहीं पर फॉर्म नंबर 6 भर सकता है और उसका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
पटना में आईसा के लोक भवन मार्च के दौरान हंगामा, छात्रों ने बैरिकेड तोड़ा

पटना। बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) सहित अन्य संगठनों के लोक भवन मार्च के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों ने जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया और आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, आईसा से जुड़े छात्र मंगलवार को पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर 10 पर एकत्र हुए थे। यहां से उन्हें लोक भवन की ओर मार्च करना था। हालांकि, प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। छात्रों को काफी देर तक आगे बढ़ने से रोका गया। इसके बाद राम गुलाम चौक से जेपी गोलंबर जाने वाली सड़क पर भी आवागमन बंद कर दिया गया और गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर दी गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की रोक के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने बैरिकेड गिरा दिया और डाकबंगला की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला। पूरे घटनाक्रम के दौरान सड़क पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ज्ञानेश कुमार और सरकार के विरोध में नारे लिखे गए थे। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। मार्च को लोक भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। इस बीच, पटना जिला प्रशासन ने प्रदर्शन को लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया था कि धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित स्थल का ही उपयोग किया जाए। प्रशासन के मुताबिक, बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने यह भी कहा था कि ऐसे प्रदर्शनों से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और न्यायालय सहित महत्वपूर्ण संस्थानों के कामकाज पर असर पड़ता है। बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। जिला प्रशासन ने सभी संगठनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने के लिए निर्धारित धरना स्थल का इस्तेमाल करने की अपील की थी। साथ ही, निर्देशों का उल्लंघन कर अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
बिमोल अकोइजम संसद में रहने लायक नहीं’, जेएनयू कांड को लेकर राष्ट्रपति से मिलेंगी भाजपा की महिला सांसद

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से बर्खास्त प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाला है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तथ्यों के आधार पर बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जेएनयू की आंतरिक समिति की जांच के बाद कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यौन दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया और यूनिवर्सिटी ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। लेकिन इस गंभीर मामले पर राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने चुप्पी साध रखी है। बांसुरी स्वराज ने कहा, “ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेतृत्व अकोइजम को बचाने की कोशिश कर रही है क्योंकि वे राहुल गांधी के करीबी हैं।” भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी की शिकायत समिति ने अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दोषी पाया है और कहा है कि उन्होंने 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया था। रेखा शर्मा ने मांग की कि उन्हें संसद से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संसद सदस्य बने रहने के लायक नहीं हैं। भाजपा सांसद महिमा देवी ने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने कल एक रैली भी निकाली थी। उन्होंने कहा कि जेएनयू में कांग्रेस सांसद ने 11 युवतियों का यौन उत्पीड़न किया जो शर्मनाक है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ की बात करते हैं, लेकिन आज वे कहां हैं? वे इस मामले पर चुप क्यों हैं? भाजपा सांसद फांगनोन कोन्याक ने कहा कि वे राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं क्योंकि यह एक ऐसा मुद्दा है जो बहुत गंभीर है। यह उन युवा लड़कियों और छात्राओं से जुड़ा मामला है जिन्होंने सामने आकर आरोप लगाया है कि उनके साथ बदसलूकी हुई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है और इसमें राष्ट्रपति के दखल की भी जरूरत है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा सांसद अलका गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस अपने नारों और बयानों में महिलाओं के सम्मान की बात करती है, जिसमें ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी शामिल है। लेकिन जब जमीनी हकीकत की बात आती है, तो उनकी पार्टी के एक सांसद का ऐसा व्यवहार चिंताजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अकोइजम एक समिति द्वारा दोषी पाए गए हैं और साथ ही एक जन-प्रतिनिधि और शिक्षक भी हैं, इसलिए उनके ऐसे व्यवहार की कड़ी आलोचना होनी चाहिए। वहीं, भाजपा विधायक शिखा राय ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अगर संसद का कोई सदस्य, जो जेएनयू में प्रोफेसर भी रहा हो, युवा लड़कियों से अच्छे नंबरों के बदले यौन संबंध बनाने की मांग करे तो यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामलों में सांसद अकोइजम पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि भाजपा महिला मोर्चा लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रहा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे इतने गंभीर आरोपों पर चुप्पी साधे हुए है।
नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार : सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था। अब ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने नवरात्र के दौरान मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंदिर परिसरों में सुगम दर्शन, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से पर्व के दौरान स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
बिहार : पूर्वी चंपारण में कथित भूमाफिया के ठिकाने पर छापेमारी, 27 लाख नकद और हथियार बरामद

मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने भूमाफिया और आपराधिक गतिविधियों में कथित रूप से संलिप्त राकेश शर्मा के ठिकाने पर सोमवार की देर रात छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी, हथियार, कारतूस, शराब और जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई में करीब 27 लाख रुपये नकद, दो राइफल, दो पिस्टल और लगभग 100 कारतूस जब्त किए गए हैं। मौके से राकेश शर्मा के बेटे साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्वी चंपारण जिले के छतौनी थाना क्षेत्र में की गई। छापेमारी के लिए तीन पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने देर रात राकेश शर्मा के घर पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई आपत्तिजनक सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो राइफल और दो पिस्टल के अलावा करीब 100 कारतूस जब्त किए। इसके साथ ही छह बोतल ब्रांडेड शराब भी बरामद की गई है। पुलिस को तलाशी के दौरान जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित 65 से अधिक दस्तावेज भी मिले हैं। इन दस्तावेजों से जुड़ी जमीन का अनुमानित मूल्य 15 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि जमीन के स्वामित्व, रजिस्ट्री और अन्य संबंधित मामलों की जानकारी जुटाई जा सके। कार्रवाई के दौरान राकेश शर्मा का बेटा साहिल शर्मा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, राकेश शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों और कारतूसों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता था तथा जमीन से जुड़े दस्तावेज किन संपत्तियों से संबंधित हैं। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद नकदी, हथियारों, शराब और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकता है।
2024 से अब तक हुए चुनावों को रद्द करने के साथ ही पीएम मोदी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए: पप्पू यादव

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका और राहुल गांधी द्वारा पर चाय पर विपक्षी नेताओं को बुलाए जाने पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और शिवसेना यूबीटी के संजय राउत ने टिप्पणी की। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “देश में अब चुनाव आयोग का ही मुद्दा नहीं बचा है। 2024 से अब तक जितने चुनाव हुए, उसको रद्द किया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी बिना जनता के वोट के प्रधानमंत्री बने हैं, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। देश की जनता के लिए अब लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था नहीं बची है। खान-पान पर 8 फीसदी महंगाई बढ़ गई है। देश की सारी संस्था कैद हैं, इसलिए हमारे पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट उम्मीद की किरण है। अगर सुप्रीम कोर्ट ही 140 करोड़ की जनता की बात न सुने और कहे कि नियम से अपनी बात रखिए। वहीं, जब चंद्रचूर्ण भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, तब प्रधानमंत्री उनके घर जाते थे। देश की 65 फीसदी जनता की आवाज विपक्ष है।” पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा, “हालात और कल राहुल गांधी की अपील को देखते हुए ‘जेन जी’ के साथ पूरा देश सड़कों पर उतर आया था। मैं कांग्रेस की बात नहीं कर रहा, सड़कों पर ‘जेन जी’ के लोग भरे हुए थे। कांग्रेस कार्यकर्ता शायद ही कहीं दिखे, और जो दिखे भी, वे अकेले-अकेले ही नजर आए। असली कांग्रेसी कार्यकर्ता तो घरों में ही रहे। जो चीज साफ दिखी, वह थी विपक्ष की एकता, लेकिन वहां सिर्फ विपक्ष के नेता ही नहीं थे। आम लोग भी मौजूद थे और यह राहुल गांधी के संघर्ष का ही नतीजा है। कल पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सामने नहीं आए, लेकिन लोग इस मकसद को पूरा करने के लिए आगे आए, यहां तक कि अपने बच्चों और परिवार वालों को भी साथ लेकर आए।” शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “राहुल गांधी ने हम सबको बुलाया है, सबसे पहले बात होगी, चाय पर बुलाया है, आगे की दिशा क्या है, वो तय होगी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर संजय राउत ने कहा, “रात के अंधेरे में हमको जाना पड़ा, इतनी भीड़ थी, पांच घंटे हम सड़क पर थे। उसमें कुछ खामियां होंगी, तो दुरुस्त हो जाएंगी। इसमें भाजपा को इतनी नाचने की जरूरत नहीं है। हम भी याचिकाकर्ता हैं और भी लोग हैं। सुप्रिया सुले, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित बहुत याचिकाकर्ता हैं।
सुप्रीम कोर्ट भर्ती 2026: सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के 65 पदों पर निकली वैकेंसी, 20 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन

नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (एससीआई) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सीधी भर्ती अभियान के तहत सीनियर पर्सनल असिस्टेंट (ग्रुप ‘बी’ नॉन-गजेटेड पद) की कुल 65 संभावित रिक्तियों को भरने के लिए उम्मीदवारों से आवेदन एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आमंत्रित किए हैं। सीनियर पर्सनल असिस्टेंट के 65 पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 20 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इस पोस्ट पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन लिंक सक्रिय होने के बाद से तय अंतिम तिथि की रात 11.55 बजे तक अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से डिग्री के साथ 110 शब्द प्रति मिनट की गति के साथ शॉर्टहैंड (अंग्रेजी) में दक्षता और 40 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग गति के साथ कंप्यूटर चलाने का ज्ञान होना चाहिए। आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 1 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट, शॉर्टहैंड (अंग्रेजी) टेस्ट, कंप्यूटर पर टाइपिंग स्पीड टेस्ट, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 47,600 से 1,51,100 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। वहीं, ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट 7 दिसंबर 2026 को आयोजित होने की संभावना है। आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/अनारक्षित के लिए 1,500 रुपए और बैंक शुल्क एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमी लेयर)/भूतपूर्व सैनिक/दिव्यांग के लिए 750 और बैंक शुल्क तय किया गया है।
राजनाथ सिंह ने की चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री से मुलाकात, रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री कारेल हावलीचेक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। कारेल चेक गणराज्य के उद्योग एवं व्यापार मंत्री भी हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनकी यह महत्वपूर्ण वार्ता मंगलवार को नई दिल्ली में हुई। इस उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में जारी सहयोग की समीक्षा की। समीक्षा के साथ-साथ रक्षा उद्योग में सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई गई है। इस दौरान भारत में रक्षा उपकरणों के निर्माण और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग के सभी प्रमुख पहलुओं पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग और विभिन्न संयुक्त उद्यमों की सफल स्थापना का स्वागत किया है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को नई गति देने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति के माध्यम से भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य भारत में रक्षा उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहित करना और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। बैठक में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता स्वीकार की। उन्होंने कहा कि भारत और चेक गणराज्य के संबंध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ-साथ आपसी विश्वास और सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भी दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने माना कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर प्रयास करना जरूरी है। गौरतलब है कि चेक गणराज्य के प्रथम उपप्रधानमंत्री कारेल हावलीचेक चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान वह विभिन्न मंत्रालयों, व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी यात्रा के कार्यक्रम में बेंगलुरु और मुंबई के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा भी शामिल है। इस यात्रा के दौरान रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति भारत और चेक गणराज्य के बीच औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राहुल गांधी और उनके समर्थकों को विरोध प्रदर्शन के दौरान खाने का अपमान नहीं करना चाहिए : कुलजीत चहल

नई दिल्ली। मंडी हाउस के पास बाराखंबा रोड पर इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शनकारियों द्वारा खाने का कचरा छोड़ने के बाद, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने मंगलवार को सफाई अभियान चलाया। उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और उनके समर्थकों को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए ‘रोटी’ और उसे उगाने वाले किसानों का अपमान नहीं करना चाहिए। सड़क साफ करते हुए एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा, “यह कांग्रेस द्वारा फैलाया गया कचरा है। उन्हें समझना चाहिए कि विरोध प्रदर्शन करते समय सफाई भी करनी चाहिए। उन्होंने नेपाल दूतावास और ईरान दूतावास के बाहर गंदगी फैलाई है।” इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के बाद मंगलवार को नई दिल्ली नगर परिषद के अध्यक्ष ने मंडी हाउस के पास एक सफाई अभियान शुरू किया, जहां उन्हें एनडीएमसी कर्मचारियों के साथ झाडू से सड़क साफ करते और कचरे के ढेर इकट्ठा करते देखा गया। उन्होंने कूड़े में फेंकी हुई रोटी का एक टुकड़ा दिखाते हुए आरोप लगाया, “उन्होंने रोटी के पैकेट फेंक दिए हैं। उन्होंने उन खाद्य पैकेटों का अपमान किया है जिनसे किसी का पेट भर सकता था। इलाके की सफाई करते समय मुझे कूड़े में हजारों रोटियां पड़ी मिलीं। यह अनाज उगाने वाले किसान और रोटी बनाने वाले व्यक्ति दोनों का अपमान है।” उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति इसे बेलता है, दूसरा इसे पकाता है, और तीसरा व्यक्ति गरीबों के खाने के साथ खेलता है। वह तीसरा व्यक्ति राहुल गांधी हैं, जो गरीबों के खाने के साथ खेल रहे हैं।” चहल ने आगे कहा कि बाराखंबा रोड पर आने वाले सभी लोग इस व्यवहार से परेशान थे, जिनमें जगह की सफाई करने वाले लोग, विदेशी प्रतिनिधि और पास के स्कूलों में पढ़ने आने वाले बच्चों के माता-पिता शामिल थे। चहल ने कहा, “आम आदमी पार्टी, राहुल गांधी और मुख्य न्यायाधीश ने नई दिल्ली के लोगों को परेशान करना और असुविधा पैदा करना अपना दैनिक एजेंडा बना लिया है। यह वोट चोरी का मामला नहीं है। जनता ने इन लोगों को नकार दिया है। वे अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “जब वे तमिलनाडु या तेलंगाना में चुनाव जीतते हैं, तो वे एसआईआर का मुद्दा नहीं उठाते हैं।” उन्होंने कहा, “लेकिन जब वे चुनाव हार जाते हैं और जनता उन्हें नकार देती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास एजेंडे और एक विकसित भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करने का विकल्प चुनती है, तो वे सड़कों पर उतर आते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक हथकंडों के कारण सभी लोग परेशान हो रहे हैं।