दिल्ली सीईओ कार्यालय पर 7 अक्टूबर को विपक्षी दलों का प्रदर्शन, सौरभ भारद्वाज ने किया आह्वान

नई दिल्ली। वोट चोरी के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) समेत विपक्षी दलों ने दिल्ली में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। आम आदमी पार्टी बुधवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रदर्शन के लिए दोपहर एक बजे कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के बाहर जुटने का आह्वान किया गया है। सौरभ भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं के अधिकार और मत की पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, बुधवार को लेफ्ट पार्टियों और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी को कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सड़क पर होने वाले किसी भी प्रदर्शन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। इसी नीति के तहत बुधवार को होने वाले प्रदर्शन में भी पार्टी पूरी ताकत के साथ शामिल होगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एक साथ नजर आएंगे। विपक्षी दलों की ओर से वोट चोरी के मुद्दे को लेकर सरकार और चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आप प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में लोग कश्मीरी गेट पहुंचें और प्रदर्शन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी का कैडर पहले भी सड़क पर होने वाले आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल होता रहा है और आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति से की मुलाकात, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारत और स्विट्जरलैंड ने निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपने सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को नई दिल्ली में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच भारत और स्विट्जरलैंड के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में विशेष रूप से द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर जारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। दोनों देशों का मानना है कि इस समझौते से निवेश प्रवाह बढ़ेगा और आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। इससे पहले, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन के बीच भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों पक्षों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लंबे समय से जारी सहयोग को अधिक संरचित और दीर्घकालिक स्वरूप देने पर सहमति जताई। बैठक में उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संस्थागत सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से अंतरविषयक और मिशन मोड दृष्टिकोण अपना रहा है। उन्होंने बताया कि कई राष्ट्रीय कार्यक्रम विभिन्न मंत्रालयों और विषयों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भारत एक अलग विषय के रूप में नहीं, बल्कि ऐसी तकनीक के रूप में देख रहा है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनेक क्षेत्रों में बदलाव ला सकती है। इसके अलावा उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, वैक्सीन विकास, जीनोम सीक्वेंसिंग, क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान और गहरे समुद्री अनुसंधान में भारत की प्रगति की जानकारी भी साझा की। बैठक के दौरान ब्लू इकोनॉमी और बायो-इकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने इंडो-स्विस रिसर्च फ्रेमवर्क (आईएसआरएफ) और इंडो-स्विस जॉइंट साइंटिफिक बोर्ड की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को रणनीतिक एवं दीर्घकालिक आधार मिलेगा। वहीं, स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन ने कहा कि स्विट्जरलैंड भारत को तेजी से उभरती हुई वैश्विक अनुसंधान एवं विकास शक्ति के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि उनका देश शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में भारत का दीर्घकालिक साझेदार बनना चाहता है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड ने इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए 45 मिलियन स्विस फ्रैंक (सीएचएफ) की अतिरिक्त राशि निर्धारित की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी इसी प्रकार की प्रतिबद्धता दिखाएगा, जिससे दोनों देशों के संयुक्त अनुसंधान ढांचे को और मजबूती मिल सकेगी।
पंजाब सीएम के कैंप ऑफिस पर सीबीआई रेड को केजरीवाल ने भाजपा की बौखलाहट बताया

नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर सीबीआई की छापेमारी के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की चुनावी साजिश बताया है तो वहीं सीबीआई ने हाईकोर्ट के निर्देश पर एफआईआर और तलाशी की पुष्टि की। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई की रेड भाजपा की बौखलाहट का नतीजा है। जब से सेंटर में भाजपा की सरकार आई है उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धोखा किया है, चाहे किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो या पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो और अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धोखा कर रही है।” उन्होंने कहा, “भाजपा चुनाव लड़कर पंजाब में जीत नहीं सकती तो ईडी-सीबीआई के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और भाजपा के सीबीआई रेड का जवाब आने वाले चुनाव में भगवंत मान को 100 से अधिक सीटों से जिताकर देंगे।” इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, “भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर सीबीआई का छापा पड़ा। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए पंजाब में ईडी और सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया जाएगा। लोगों से मुझे मिल रहे प्यार से भाजपा घबरा गई है।” दूसरी ओर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई पर आधिकारिक जानकारी दी है। सीबीआई सूचना विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों और ईडी से मिली रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की है। आरोपों में पैसे के बदले अधिकारियों (आईएएस और आईपीएस सहित) की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीति बनाने, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति के विवाद और राजस्व व जमीन से जुड़े मामलों में हेरफेर और प्रभाव डालना शामिल है। आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने सरकारी आदेश और नीतियां जारी होने से पहले ही उनके ड्राफ्ट निजी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे।
राजनीतिक मकसद से सीबीआई की छापेमारी, भाजपा पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही: सीएम मान

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से की गई थी और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस, घराचों गांव में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन का घर और मोहाली में घुमन के एक करीबी रिश्तेदार का घर शामिल है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उसके अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स ‘ पर एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उनके कैंप ऑफिस में सीबीआई की कार्रवाई को उसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों से उनकी सरकार को मिल रहे समर्थन से भाजपा परेशान है। मान ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य सरकार और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने के मकसद से किया जा रहा है। ये आरोप पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आए, जिसमें कोर्ट ने सीबीआई को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में केस दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इससे पहले ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को तीन पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी एजेंसी ने आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक तबादलों, पोस्टिंग और सरकारी टेंडरों में दखल दे रहे थे, और एजेंसी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जब पंजाब पुलिस ने ईडी की सूचनाओं के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके सीबीआई जांच की मांग की। याचिका में सराफ ने तर्क दिया कि ईडी के पत्रों में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने पंजाब पुलिस और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। याचिकाकर्ता ने कथित मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन) की जांच और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की भी मांग की। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और जांच एजेंसियों या अदालत ने अभी तक कोई नतीजा नहीं निकाला है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लिए जनता से योगदान का आह्वान किया

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के विजन में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास पथ में मणिपुर की सक्रिय भागीदारी के लिए शांति, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। खेमचंद सिंह इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में बोल रहे थे। नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की उनकी 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री का संदर्भ देश के पूर्व में चौथे स्थान पर पहुंचने से था। 3 मई, 2023 को शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनका जिक्र करते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि जनता और सरकार दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जातीय हिंसा ने राज्य के जीएसटी राजस्व को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप 1,200 करोड़ रुपए से अधिक की गिरावट आई है। मुख्यमंत्री ने बंद और नाकाबंदी के कारण दिहाड़ी मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों को होने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक दिन के बंद से लगभग 20-25 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव आम जनता और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है। लोगों और नागरिक समाज संगठनों से अपील करते हुए खेमचंद सिंह ने सभी संबंधित पक्षों से बंद का सहारा न लेने का आग्रह किया और कहा कि इस तरह की बाधाएं आम लोगों की आजीविका और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। विकसित भारत 2047 के विजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में योगदान देना चाहिए और इससे लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर के विकास के लिए शांति आवश्यक है और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समुदायों के बीच आपसी समझ, विश्वास और सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया ताकि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सरकारी अधिकारियों को भी सलाह दी कि वे जनता के कल्याण के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के दायरे में सभी आवश्यक उपाय करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएं और सेवाएं लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्थापित 30 से अधिक सेवा स्टॉल और काउंटर खोले गए, जिससे लोगों को सरकारी सेवाओं, सूचनाओं और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच प्राप्त हुई। कार्यक्रम में पटसोई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सपाम कुंजकेश्वर (केबा) सिंह, उपायुक्त (इम्फाल पश्चिम) मयांगलांबम राजकुमार सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि और निर्वाचन क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
देशव्यापी आंदोलन को ‘आप’ का समर्थन, केजरीवाल बोले- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केजरीवाल ने मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है और अब उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के माध्यम से वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए। उनके मुताबिक, इसी प्रक्रिया के जरिए चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर विषय है और इससे देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठ रही है, उससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में लोग इस मुद्दे को लेकर एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण होता है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतंत्र की बुनियाद को प्रभावित कर सकती है। केजरीवाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मोदी सरकार ने एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि असली मतदाताओं के वोट काटना और फर्जी वोट जोड़ना लोकतंत्र के खिलाफ है। देश में पिछले कुछ वर्षों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। केजरीवाल के मुताबिक, यदि मतदाताओं के अधिकारों और वोट की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देने की बात कह रही है। केजरीवाल ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।
उत्तराखंड में भूकंप से दहशत, दिल्ली-एनसीआर में भी हिली धरती

देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई। सबसे ज्यादा असर चमोली जिले में रहा, जहां रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई जिलों में लोगों ने इसे महसूस किया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकंड पर आया। इसका केंद्र अक्षांश 30.103 और देशांतर 79.561 पर था, जो जोशीमठ से लगभग 50 किलोमीटर दक्षिण में चमोली जिले में स्थित है। भूकंप की गहराई जमीन से 13 किलोमीटर नीचे थी। पौड़ी गढ़वाल में भूकंप के झटके रात 10 बजकर 26 मिनट पर महसूस किए गए। यहां अनुमानित तीव्रता 4.4 बताई जा रही है। जनपद के कोटद्वार सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटका महसूस होते ही लोग घरों से निकल आए और कुछ देर तक खुले में रहे। उधम सिंह नगर जिले में रात 10 बजकर 24 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं कुमाऊं के नैनीताल जिले में भी 10:23 बजे धरती हिली। हरिद्वार जिले में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी है। लगातार अलग-अलग जिलों से भूकंप की सूचनाएं सामने आईं। अभी तक किसी भी जिले से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। प्रशासन ने सभी तहसीलों से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से जोन-4 और जोन-5 में आता है, जो अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। चमोली और जोशीमठ क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव को लेकर संवेदनशील रहा है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 13 किलोमीटर की गहराई पर आया यह भूकंप मध्यम श्रेणी का है, जिसके कारण इसका असर बड़े क्षेत्रों में महसूस किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस करने के बाद लोग घरों से निकल आए। भूकंप करीब 10: 25 बजे आया।
जम्मू में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च का ऐलान, सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक करेगी रैली

जम्मू। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नारे के साथ शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च बुधवार को गिरधारी लाल डोगरा चौक से अंबेडकर चौक तक आयोजित किया जाएगा। मार्च में नेता लोगों से चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध में शामिल होने की अपील करेंगे। इस संबंध में कांग्रेस नेता ने कहा, “आज गठबंधन की जम्मू ग्रामीण और शहरी लीडरशिप एक साथ बैठी और यह फैसला किया कि बुधवार को सभी वरिष्ठ नेता, कांग्रेस और लाइक माइंडेड पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ एक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। यह मार्च बुधवार को गुरुद्वारा चौक से लेकर बाबा भीमराव अंबेडकर चौक तक जाएगा। जिस तरह से वोट के अधिकार की चोरी की जा रही है, उसके खिलाफ हम भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेंगे और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।” उन्होंने कहा कि आरजेडी, कांग्रेस और गठबंधन से जुड़े सहयोगी दलों ने एक सप्ताह का कार्यक्रम तय किया था, जो 2 से 8 अक्टूबर तक चलना था। उसी क्रम में एक कार्यक्रम यह भी था किगठबंधन के सभी सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर कूच करेंगे। अगर उन्हें इस दौरान गिरफ्तार किया गया, तो यह बेहद गलत है। ऐसा लगता है जैसे यहां लोकतंत्र नाम की कोई चीज ही नहीं बची है। यहां तानाशाही चल रही है। लेकिन हम फिर भी डरने वाले नहीं हैं, चाहे जितने केस दर्ज कर लें, चाहे जेल में डाल दें, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। एक अन्य नेता ने कहा, “आज इंडिया ब्लॉक की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी भी साथ हैं। हमारा सिर्फ एक मुद्दा है कि आज देश में वोट को लेकर आम आदमी का विश्वास खत्म होता जा रहा है, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। अगर वोट से ही विश्वास उठ जाएगा तो बताइए लोकतंत्र कहां बचेगा? अगर लोकतंत्र है तभी तो पार्टियां हैं, अगर लोकतंत्र ही नहीं रहेगा तो राजनीतिक पार्टियों का क्या मतलब।” कांग्रेस नेता ने कहा कि इसलिए आज हम सब एकजुट हुए हैं। ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के कहने पर जो वोट की चोरी की है, उसके खिलाफ हम एकजुट होकर बुधवार सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सभी राजनीतिक दल शामिल होंगे। मैं सभी समान विचारधारा वाले लोगों से अपील करूंगा कि कल 11 बजे एकजुट हों और एक साथ आगे बढ़ें, ताकि इस विरोध प्रदर्शन के जरिए देश-दुनिया को पता चल सके कि बीजेपी ने जो वोट की चोरी की है, उसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम देश बचाने निकले हैं, हमारा साथ दो।
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20-वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान, मंधाना संभालेंगी कमान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। इसमें स्मृति मंधाना पहली बार महिला टीम की फुल-टाइम कप्तान के तौर पर टीम की कमान संभालेंगी। हरमनप्रीत कौर के सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने के बाद, बीसीसीआई ने मंगलवार को ही मंधाना को कप्तान बनाने का ऐलान किया। मंधाना पहले भी 18 टी20 और 4 वनडे मुकाबलों में भारत की कमान संभाल चुकी हैं, लेकिन अब जिम्बाब्वे सीरीज से अपना फुल-टाइम कार्यकाल शुरू करेंगी। बाएं हाथ की ओपनर 2013 से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रही हैं और उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2024 और 2026 में विमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जिताया है। ओपनर शेफाली वर्मा को तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा वनडे फॉर्मेट में मंधाना की डिप्टी होंगी। हरमनप्रीत दोनों टीमों का हिस्सा बनी रहेंगी। टी20 टीम में निक्की प्रसाद और जिंतिमानि कलिता को पहली बार मौका मिला है, जबकि अनुष्का शर्मा, मिन्नू मणि और प्रेमा रावत की टीम में वापसी हुई है। निक्की भारत-ए टीम का हिस्सा रही हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं जिंतिमानि भी भारत-ए के लिए खेल चुकी हैं। दोनों उस भारत-ए टीम का हिस्सा थीं जिसने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड-ए का सामना किया था। लेग-स्पिनर प्रेमा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और इस साल की शुरुआत में चोट के कारण श्रेयंका पाटिल के बाहर होने के बाद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया था। एशियन गेम्स 2026 में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम की तुलना में इसमें पांच बदलाव किए गए हैं। निकी, अनुष्का, जिंतिमानि, प्रेमा और मिन्नू को टीम में शामिल किया गया है, जबकि भारती फुलमाली, प्रतिका रावल, रेणुका ठाकुर, राधा यादव और श्रेयांका पाटिल को बाहर किया गया है। वनडे सीरीज के लिए तेजल हसबनीस और सायली सतघरे को वापस बुलाया गया है। ये दोनों खिलाड़ी उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड का दौरा किया था। हसबनीस ने इंग्लैंड-ए के खिलाफ एक वनडे मैच में नाबाद 57 रन बनाए थे। भारत-जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को तीन टी20 मैच खेले जाएंगे, जिसके बाद वडोदरा में 23, 25 और 28 अक्टूबर को तीन वनडे मैच खेले जाने हैं। भारत की टी20 टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा (उपकप्तान), निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कामलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतिमानि कलिता, मिन्नू मणि। भारत की वनडे टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनीस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सायली सतघरे, रेणुका ठाकुर।
वाजिद खान: जिनकी धुनों ने बॉलीवुड को दिए कई यादगार गीत, सलमान की फिल्म से मिली थी पहचान

मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर वाजिद खान उन चुनिंदा कलाकारों में से एक थे, जिनके गाने न सिर्फ समाज के हर वर्ग में पसंद किए जाते हैं, बल्कि वे सदाबहार बन गए। वाजिद खान का जन्म 7 अक्टूबर 1977 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ऐसे कला प्रेमी परिवार में हुआ था, जहां उनके पिता उस्ताद शराफत अली खान एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। उनके मामा उस्ताद फैज अहमद खान एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। परिवार में शुरू से ही संगीतनुमा माहौल होने के कारण वाजिद को शुरू से ही गायकी में रुचि होने के साथ गहरी समझ थी। उन्हें गिटार बजाना काफी पसंद था। उनके बड़े भाई का नाम साजिद खान हैं। वाजिद मशहूर संगीतकार जोड़ी ‘साजिद-वाजिद’ में से एक थे। दोनों भाईयों ने मिलकर बॉलीवुड में संगीत निर्देशक जोड़ी ‘साजिद-वाजिद’ के रूप में काम किया। वाजिद खान ने बतौर संगीतकार अपने करियर की शुरुआत 1988 में सलमान खान की फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से की। इसके बाद ‘साजिद-वाजिद’ की जोड़ी ने बॉलीवुड के कई सुपरहिट फिल्मों में गाने दिए। उन्होंने ‘दबंग’, ‘पार्टनर’, ‘वीर’ और ‘एक था टाइगर’ जैसी कई फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया। उन्होंने ‘तेरे नाम’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘वांटेड’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया। वाजिद खान एक बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर होने के साथ-साथ लाजवाब प्लेबैक सिंगर भी थे। उन्होंने कई हिट फिल्मों में अपनी दमदार आवाज में लोकप्रिय गाने गाए, जिनमें ‘हुड हुड दबंग’, ‘मेरा ही जलवा’, ‘सोनी दे नखरे’, ‘फेविकोल से’, ‘तुझे अक्सा बीच घुमा दूं’, ‘पांडे जी सीटी’, ‘हमका पीनी है’, आदि शामिल हैं। वाजिद खान ने 2003 में कमलरुख खान से शादी की थी। इस जोड़े की दो बेटियां हैं। 1 जून 2020 को मुंबई के एक अस्पताल में 42 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था, हालांकि कला के क्षेत्र में अपने योगदान और सदाबहार गानों के लिए वे सदा याद किए जाएंगे।