लड़कियों का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा’, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं बृजभूषण सिंह

गोंडा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। बृजभूषण ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम 8 मेडल आएंगे, लेकिन महिला पहलवानों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। बृजभूषण शरण सिंह ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “देखिए, इस बात कुश्ती में जो हमारा अनुमान था वो नहीं हुआ। लड़कियों का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। मेरा मानना था कि कुल 8 मेडल आएंगे, जिसमें 3 गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल होंगे, लेकिन आए छह मेडल। इसके बाद भी साल 1966 के बाद यह पहली बार इतना शानदार नतीजा है। कह सकते हैं कि एशियन गेम्स 2023 के बराबर ही हमारे मेडल आए, लेकिन इस बार गोल्ड मेडल की संख्या ज्यादा रही।” उन्होंने आगे कहा, “अभी कुश्ती पर काम करने की जरूरत है, क्योंकि पिछले दो से तीन साल कुश्ती में उथल-पुथल रही जिससे बहुत अच्छे खिलाड़ी अपना प्रदर्शन नहीं दोहरा सके। इस समय सरकार, खेल संघ और खिलाड़ियों की सामंजस्य बनी हुई है। यह जो 6 मेडल एशियन गेम्स में आए हैं, हमारा प्रयास रहेगा कि यही छह मेडल ओलंपिक में भी आएं।” अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया कि वह वर्ष 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अगले संसदीय चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि समय आने पर फैसला किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभी संसदीय चुनाव लड़ने को लेकर कोई बयान नहीं दिया जा सकता है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष और महिला पहलवानों ने मिलकर कुल छह मेडल जीते। अमन सहरावत 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे। वहीं, सुजीत कलकल ने पुरुषों की 65 किलोग्राम की फ्रीस्टाइल रेसलिंग में स्वर्ण पदक जीता। नितेश सिवाच ग्रीको-रोमन के 97 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे। महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने 53 किलोग्राम की फ्रीस्टाइल रेसलिंग में सिल्वर मेडल जीता, तो दीपक पूनिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। ग्रीको-रोमन रेसलिंग के 87 किलोग्राम वर्ग में पुरुष पहलवान सुनील कुमार भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे।

दक्षिण कोरिया में मछली पकड़ने वाली नाव पलटी, 9 लोग बचाए गए और दो लापता

सोल। दक्षिण कोरिया के लोकप्रिय पर्यटन द्वीप जेजू के पास सोमवार तड़के मछली पकड़ने वाली एक नाव पलट गई। नाव में सवार 11 लोगों में से नौ को आसपास मौजूद मछली पकड़ने वाली नौकाओं की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि नाव के कप्तान और इंडोनेशिया के एक चालक दल सदस्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है। योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि जेजू कोस्ट गार्ड के मुताबिक, 29 टन की तटीय लॉन्गलाइन मछली पकड़ने वाली नाव चाग्वी द्वीप से करीब 65 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र में तड़के करीब 3 बजकर 4 मिनट पर पलट गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद तटरक्षक बल ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के समय आसपास मछली पकड़ रही नौकाएं सबसे पहले मदद के लिए पहुंचीं। उन्होंने नाव पर मौजूद नौ विदेशी चालक दल सदस्यों को बाहर निकाला। बचाए गए लोगों में आठ इंडोनेशियाई और एक वियतनामी नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी नौ लोगों की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, नाव के कप्तान और एक इंडोनेशियाई चालक दल सदस्य अब भी लापता हैं। दोनों की तलाश के लिए दक्षिण कोरियाई तटरक्षक बल ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। हेलीकॉप्टरों और गश्ती नौकाओं को घटनास्थल पर भेजा गया है। एक नौसैनिक पोत और कई नागरिक मछली पकड़ने वाली नौकाएं भी तलाश अभियान में शामिल की गई हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय समुद्र की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण थी। घटनास्थल के आसपास उत्तर-पश्चिमी हवाएं 12 से 14 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चल रही थीं और समुद्र में करीब दो मीटर ऊंची लहरें उठ रही थीं। ऐसे मौसम में लापता लोगों की तलाश के साथ बचाव दल की सुरक्षा भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि नाव पर वास्तव में कितने लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव ने रवाना होते समय आठ लोगों के सवार होने की सूचना दी थी, लेकिन हादसे के बाद अधिकारियों को पता चला कि नाव पर कुल 11 लोग मौजूद थे। दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक ने अधिकारियों को उपलब्ध सभी संसाधनों और कर्मचारियों को बचाव अभियान में लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने लापता लोगों की सही संख्या और पहचान की पुष्टि करने के साथ-साथ राहत एवं बचाव दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। दक्षिण कोरियाई समुद्री अधिकारियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती समुद्र में लापता दोनों लोगों का जल्द से जल्द पता लगाना है। खराब समुद्री परिस्थितियों के बीच तटरक्षक बल और अन्य बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।