स्विस राष्ट्रपति को पीएम मोदी ने दिए खास तोहफे, भारत की समृद्ध विरासत और ‘नई पहचान’ की मिली झलक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और नई पहचान को दर्शाते हुए दो बेहद खास तोहफे भेंट किए। इन तोहफों में भारत में बनी अवॉर्ड विनिंग चीज़ और कश्मीर की सदियों पुरानी काष्ठ शिल्प कला की झलक देखने को मिली। स्विट्जरलैंड दुनिया भर में अपनी कई तरह की चीज़ के लिए मशहूर है। ऐसे में पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को भारत की खालिस चीज़ भेंट की। भारत के तीन अलग-अलग इलाकों की मिठास और खटास इनकी पहचान थीं: एक चीज़ कश्मीर के गुलमर्ग का, दूसरा ओडिशा के कोणार्क और तीसरा महाराष्ट्र येऊर का था। ये तोहफा भारत की बढ़ती हुई चीज़ बनाने की परंपरा की एक झलक पेश करता है। गुलमर्ग की फ्रेंच-स्टाइल ब्री चीज़ दिल के आकार की, सॉफ्ट और क्रीमी ब्री चीज़ है जो पाश्चुरीकृत गाय के दूध से बनाई जाती है। इसका बाहरी हिस्सा बर्फ जैसा सफेद होता है। मिट्टी और मशरूम जैसा स्वाद मुंह में घुल जाता है। इसे 2026 में ब्राजील में हुए ‘मुन्जियाल दो केजियो दो ब्राजील’ (वर्ल्ड चीज अवार्ड्स ब्राजील) में सुपर गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। कोणार्क की फ्रेंच टॉमी-स्टाइल चीज़ का भी अंदाज हटके है। यह एक देसी अंदाज की चीज़ है जिसका बाहरी छिलका प्राकृतिक है। यह खाने में मुलायम होती है। स्वाद नमकीन और चटपटा होता है, खासियत ये कि जैसे ही मुंह में घुलती है तो आखिर में हल्का नींबू जैसा स्वाद आता है। इसने 2023 में नॉर्वे में हुए वर्ल्ड चीज़ अवॉर्ड्स में गोल्ड और 2025 में स्विट्जरलैंड में सिल्वर मेडल जीता था। येऊर की माउंटेन-स्टाइल चीज़ भी कमतर नहीं है, जिसकी प्रेरणा स्विस ग्रुयेरे चीज़ है। बड़ी मेहनत से तैयार होती है। इसे लगभग 8 से 9 महीने तक पकाया जाता है, जिससे इसमें नटी, मीठा और हर्बल फ्लेवर आता है। इसके बाहरी हिस्से पर गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ की सजावट इसे एक अलग भारतीय-अल्पाइन लुक देती है। यह फोंड्यू और ग्रिल्ड डिशेज के लिए बेहद शानदार मानी जाती है। चीज़ के अलावा पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को कश्मीरी अखरोट की लकड़ी से बना हाथ से नक्काशी किया हुआ वॉल पैनल भी भेंट किया। यह वॉल पैनल कश्मीर की सदियों पुरानी लकड़ी पर नक्काशी की विरासत को दर्शाता है। इसे प्रीमियम हिमालयी अखरोट की लकड़ी से बनाया गया है और इस पर गहरी नक्काशी की गई है। इस पैनल पर पारंपरिक परिदृश्य, फूल-पत्तियां, इंसानी आकृतियां, घोड़े, बग्घियां और गांव के जीवन को दर्शाया गया है। यह पैनल कश्मीरी कारीगरों के कौशल और शिल्प कौशल का जश्न मनाता है, जो स्वदेशी और मध्य एशियाई प्रभावों से आकार लेने वाली क्षेत्र की विशिष्ट कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है। इसके अलावा पीएम की ओर से राष्ट्रपति कैरोलिन पार्मेलिन को कच्छी शॉल और सादेली बॉक्स भेंट की गई। ये दोनों ही गुजरात की बुनाई और सजावटी कारीगरी की समृद्ध परंपराओं को दर्शाते हैं। सूरत का सादेली बॉक्स अलग-अलग तरह की सामग्रियों को बारीकी से जोड़कर और उनकी परतें बनाकर बनाए गए बारीक ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाना जाता है, जबकि कच्छी शॉल कच्छ का एक रंग-बिरंगा हाथ से बुना हुआ कपड़ा है, जो ज्यामितीय डिजाइनों के लिए पहचाना जाता है।

बंगाल: नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में तृणमूल पंचायत प्रमुख गिरफ्तार

कोलकाता। उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर की चारघाट पंचायत में तृणमूल कांग्रेस की पूर्व पंचायत प्रमुख को नौकरी दिलाने के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके पति, निखिल रंजन बिस्वास को पहले ही इसी आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब कथित तौर पर धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने इस जोड़े के खिलाफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से शिकायत की। पुलिस ने गिरफ्तार महिला की पहचान बसंती बिस्वास के तौर पर की है। राज्य में सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। मुख्य आरोप जबरन वसूली और आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े हैं। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान बसंती और उनके पति निखिल ने स्वरूपनगर के रहने वाले मजार अली समेत कई लोगों से भारी रकम ली थी। इसके बदले में, उन्होंने कथित तौर पर उन सभी को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था। शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने 2023 में कई लाख रुपए दिए थे, लेकिन उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली। बाद में उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो बिस्वास दंपत्ति ने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी। शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा पहले भी उठाया था, लेकिन बसंती पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उस समय उनकी अपनी पार्टी सत्ता में थी। सरकार बदलने के बाद, शिकायतकर्ता मजार अली समेत कई लोग न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मामला सुना और प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निखिल को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। उसकी पत्नी बसंती को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, उसे बशीरहाट सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा। बसंती की गिरफ्तारी के बाद, शिकायतकर्ता मजार अली ने बताया कि वह पहले आईसीडीएस कर्मचारी थीं और बाद में तृणमूल पंचायत प्रधान बनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने करोड़ों रुपए की संपत्ति जमा की और नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसे लिए। अली ने कहा कि उन्हें वही सजा मिलनी चाहिए जिसके वे हकदार हैं। मुख्यमंत्री ने हमारी अपील पर प्रतिक्रिया दी है। इस धोखाधड़ी गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं। उम्मीद है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वृंदाबन सरकार ने कहा कि बसंती विश्वास की गिरफ्तारी ने स्थानीय लोगों के बीच एक स्पष्ट संदेश भेजा है।

आकाश आनंद फिर बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती ने सौंपी संगठन की कमान

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया। पार्टी से उनकी वापसी के बाद अब उन्हें पूर्व में दी गई जिम्मेदारी फिर से सौंपते हुए संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका दिया गया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में काफी सोच-विचार के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी में सब कुछ ठीक और सुचारू ढंग से चलेगा तथा संगठन में बार-बार बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में पिछले कुछ समय में बदलाव देखने को मिला है। पार्टी में वापसी के लिए हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आकाश आनंद की ओर से किया गया पोस्ट भी इसकी पुष्टि करता है, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पूर्व की जिम्मेदारियों के साथ फिर से पार्टी में काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार के साथ-साथ उनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस संबंध में अपनी सहमति जताई है। मायावती ने कहा कि ईशान आनंद ने मिशनरी भावना का परिचय देते हुए कहा कि वह बिना किसी पद के भी मायावती के दिशा-निर्देशन में पार्टी की ओर से सौंपे जाने वाले कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। मायावती ने अपने फैसले को पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की कवायद से जोड़ते हुए कहा कि बहुजन समाज ही उनका विराट परिवार है और उसका हित एवं कल्याण उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन कायम रखने के लिए पिछले दिनों उन्होंने कई सख्त फैसले लिए हैं और उनके अपने भाई-बहन तथा उनके परिवार के लोग भी इन फैसलों से अपवाद नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक रहा है, लेकिन पिछले दिनों उनसे जुड़े कुछ कारणों के चलते संगठन में कई बार जरूरी बदलाव करने पड़े। इसके बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी राजनीति से संन्यास लेना पड़ा। मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग, संघर्ष और आदर्शों से प्रेरणा लेकर बसपा ने देश की राजनीति में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सर्वसमाज को साथ लेकर जोरदार तैयारी कर रही है। आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने को इसी चुनावी तैयारी के बीच पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। मायावती ने कहा कि अब पार्टी और आंदोलन के हित में लिए गए इस निर्णय के साथ उन्हें उम्मीद है कि संगठन आगे सुचारू ढंग से काम करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की स्थिति काफी हद तक आकाश आनंद के आचरण और कार्यशैली पर निर्भर करेगी। बसपा प्रमुख ने आकाश आनंद को उनके राजनीतिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें, उनके छोटे भाई ईशान आनंद और पिता आनंद कुमार को अपना प्यार और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में साथ देने के लिए बहुजन समाज के लोगों और अपने शुभचिंतकों का आभार जताया।

एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी महारैली

नई दिल्ली। देश में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े अभियान का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी। जयराम रमेश ने कहा, “कांग्रेस पार्टी एक महीने का कार्यक्रम चलाएगी। हम घर-घर जाकर हर बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए नामों को फिर से जुड़वाने की कोशिश करेंगे। छह राज्यों की जानकारी बूथ के स्तर पर अभी हमारे पास है। हमारे पास अभी करीब 10 लाख बूथ हैं, करीब 13 से 13.5 करोड़ नाम हैं। एक महीने के अंदर पूरा कांग्रेस संगठन का प्रयास होगा कि वे घर-घर जाकर 13.5 करोड़ नाम जो काटे गए हैं, उन्हें एकत्रित करके और उजागर करके उनका नाम सूची में लाने का काम करेंगे।” उन्होंने बताया, “इस अभियान के तहत 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए गठबंधन की सारी पार्टियों और विपक्षी पार्टियों को निमंत्रण दे रहे हैं। 26 नवंबर को हमेशा संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसलिए 25 और 26 नवंबर को छह अलग-अलग जगहों से दिल्ली चलो यात्रा की शुरुआत होगी। वोट बचाओ, देश बचाओ और सीईसी हटाओ के नारे को लेकर रैलियां होंगी।” इससे पहले जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने आज एक याचिका पर सुनवाई की, जिसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने की मांग भी की गई है।” उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया कामचलाऊ, गैरकानूनी और लापरवाह तरीके से चलाई जा रही है, जिसकी सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा और रिटायर्ड जजों ने भी आलोचना की है। पर्याप्त उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बड़े पैमाने पर अंधाधुंध नाम हटाए जा रहे हैं। जयराम रमेश ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट के पास हमारे लोकतंत्र की बुनियाद के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस संस्था में जनता का भरोसा बहाल करने का एक असाधारण अवसर है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा है, हालांकि कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है।” उन्होंने चुनाव आयोग की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अतीत में ईसीआई और सीईसी पर भरोसा किया है, लेकिन यह भरोसा महान सुकुमार सेन जैसे पहले सीईसी द्वारा स्थापित मर्यादित और सक्षम कामकाज पर आधारित था। उस विरासत से बनी साख का दावा ज्ञानेश कुमार नहीं कर सकते। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में दुर्भावनापूर्ण बदलाव, जिसके बारे में संकेत दिया गया था कि उसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी हासिल है, सीईसी के छलपूर्ण आचरण का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा, “सीईसी ने न सिर्फ झूठ बोला है, बल्कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इशारे पर कानून का उल्लंघन भी किया है और संविधान की भावना और उसके शब्दों के साथ विश्वासघात किया है।” वहीं, कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया, “वोट देने का अधिकार गैरकानूनी तरीके से छीनना देश विरोधी काम है और ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया है। यह देशद्रोह है और इसमें शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आज इंदिरा भवन में कांग्रेस के महासचिवों, राज्य प्रभारियों और राज्य अध्यक्षों के साथ वोट चोरी के मुद्दे पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद थे।

फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने बताया भ्रामक

नई दिल्ली। मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने भ्रामक बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म 6 में ‘अवैध और एकतरफा’ बदलाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे बीजेपी की मदद के लिए पद के दुरुपयोग से भी जोड़ा। राहुल गांधी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने दावे का फैक्ट चेक जारी करते हुए ‘भ्रामक’ बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब यह ‘संदेह से परे स्थापित’ हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 6 को अवैध और एकतरफा तरीके से बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की मदद करने के लिए ज्ञानेश कुमार द्वारा अपने पद के दुरुपयोग का एक और सबूत है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘लोकतंत्र पर आपराधिक हमले’ में शामिल ज्ञानेश कुमार और अन्य सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। राहुल गांधी ने अपने दावे के साथ चुनाव आयोग की प्रेस नोट का एक हिस्सा भी साझा किया था। इसमें फॉर्म 6 और एसआईआर को लेकर कहा गया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 से जुड़ा डिक्लेरेशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है। वहीं, गैर-एसआईआर अवधि के दौरान रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। राहुल गांधी के आरोप के बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने भी एक्स पर जवाब दिया और ‘फैक्ट चेक’ जारी करते हुए उनके बयान को भ्रामक बताया। आयोग ने कहा कि बिहार में एसआईआर के लिए 24 जून 2025 का आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी के साथ जारी हुआ था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा था। दूसरी तरफ, ईसीआई ने कहा कि उसने 26 सितंबर 2026 की प्रेस नोट नं. 120 के पॉइंट 1(iii) में स्पष्ट किया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ संलग्न डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। इस तरह चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज किया कि संबंधित फैसला एकतरफा तरीके से लिया गया था। फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी इससे पहले 1 अक्टूबर को भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में दावा किया था कि ऑनलाइन फॉर्म 6 को अवैध रूप से बदला गया और कहा था कि चुनाव आयोग के अपने कमिश्नर्स ने भी इस मुद्दे को रिकॉर्ड पर रखा है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने टीसीएस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पूछा था कि ईसीआई में किसने टीसीएस को ऑनलाइन फॉर्म 6 में बदलाव करने का आदेश दिया? टीसीएस में किसने इस बदलाव को मंजूरी दी? और क्या बदलाव करने के लिए टीसीएस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था? अब राहुल गांधी ने फॉर्म 6 का मुद्दा दोबारा उठाते हुए सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भ्रामक है। आयोग ने अपने फैक्ट चेक में बिहार एसआईआर के 24 जून 2025 के आदेश को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया बताया है।

लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट ने बीच उड़ान में घोषित की इमरजेंसी; 9,000 फीट तक नीचे उतरा

नई दिल्ली। लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की एक फ्लाइट ने आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दिया। इसके बाद विमान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला 7700 इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया और लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई तक नीचे उतर आया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के अनुसार, ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट बीए295 अटलांटिक महासागर के मार्ग पर थी, जब उसने आपात स्थिति का संकेत भेजा। विमान के अचानक नीचे उतरने और 7700 कोड प्रसारित करने से विमानन विशेषज्ञों और एविएशन पर्यवेक्षकों का ध्यान इस घटना की ओर गया। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान में किस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई थी। विमान द्वारा प्रसारित 7700 कोड एक सामान्य आपात स्थिति को दर्शाता है और इसका उपयोग तब किया जाता है जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तत्काल सहायता की आवश्यकता के बारे में सूचित करना हो। विशेषज्ञों के अनुसार, 7700 कोड यह तो बताता है कि विमान किसी आपात स्थिति का सामना कर रहा है, लेकिन यह उसके कारण की जानकारी नहीं देता। इसके पीछे तकनीकी खराबी, चिकित्सा आपात स्थिति या अन्य परिचालन संबंधी कारण हो सकते हैं। ब्रिटिश एयरवेज ने तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है कि इमरजेंसी घोषित करने की वजह क्या थी। विमान की स्थिति और उसके बाद की उड़ान से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना कुछ दिन पहले हुई एक अन्य चर्चित विमानन आपात स्थिति के बाद सामने आई है, जिसमें फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को दुबई से तेल अवीव जाते समय कॉकपिट में कथित हमले के बाद रास्ता बदलना पड़ा था। उस मामले में विमान ने 7700 के साथ-साथ 7500 कोड भी प्रसारित किया था। 7500 कोड आमतौर पर विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग जैसी स्थिति का संकेत देता है। रिपोर्टों के अनुसार, 30 सितंबर को हुई उस घटना में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। कथित कॉकपिट विवाद के बाद विमान तेजी से नीचे उतरा था। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटिश एयरवेज की बीए295 उड़ान की घटना का फ्लाईदुबई मामले से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल दोनों घटनाओं को अलग-अलग मामलों के रूप में देखा जा रहा है। विमानन अधिकारियों और ब्रिटिश एयरवेज की ओर से विस्तृत जानकारी आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीए295 द्वारा आपात स्थिति घोषित करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था। फिलहाल जांच और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।

विंटर शेड्यूल से पहले नवी मुंबई एयरपोर्ट ने बढ़ाई कनेक्टिविटी, बस, टैक्सी और शटल सेवाओं का किया विस्तार

अहमदाबाद। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा संचालित नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) ने आगामी विंटर शेड्यूल 2026-27 से पहले अपने मल्टीमॉडल परिवहन नेटवर्क का विस्तार किया है। इसका उद्देश्य मुंबई, नवी मुंबई, पुणे और पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाना है। एनएमआईए ने एक बयान में सोमवार को बताया कि 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाले विंटर शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए बसों, टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा, कार रेंटल और एयरपोर्ट शटल सेवाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, इस योजना के तहत महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) 7 अक्टूबर से ई-शिवाई इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करेगा। पहले चरण में ये सेवाएं नवी मुंबई एयरपोर्ट को दादर, बोरीवली और पुणे से जोड़ेंगी। वहीं, किराया पुणे के लिए 450 रुपए, बोरीवली के लिए 210 रुपए और दादर ईस्ट के लिए 170 रुपए तय किया गया है। बयान में कहा गया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं को 50 प्रतिशत किराया छूट भी मिलेगी। दादर-एनएमआईए मार्ग सायन और अटल सेतु के माध्यम से संचालित होगा, जबकि बोरीवली मार्ग सीएसएमआईए टर्मिनल-1, बांद्रा और अटल सेतु से होकर गुजरेगा। पुणे रूट पर प्रतिदिन दो बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा नवंबर के मध्य तक ठाणे और नासिक को भी एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। निजी बस ऑपरेटर चलो बस पहले से ही प्रतिदिन 21 सेवाएं संचालित कर रहा है, जो एयरपोर्ट को मारोल (अंधेरी ईस्ट), बांद्रा, दादर और कोलाबा स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से जोड़ती हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए पीक आवर्स में अतिरिक्त सेवाएं भी जोड़ी जा रही हैं। नवी मुंबई के भीतर नवी मुंबई म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट (एनएमएमटी) एयरपोर्ट के लिए सात विशेष रूट (ए1 से ए7) संचालित कर रहा है। ये सेवाएं टर्मिनल-1 को खारकोपर, तारघर, बेलापुर, नेरुल, पनवेल, खांदेश्वर और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ऑफिस से जोड़ती हैं। बेलापुर और नेरुल के बीच पीक समय में हर 15-20 मिनट पर बसें उपलब्ध हैं। आगे चलकर वाशी और पनवेल की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की भी योजना है। बयान में आगे कहा गया है कि एयरपोर्ट ने अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए टैक्सी और ऑटो सेवाओं का भी विस्तार किया है। उबर गो, उबर प्रीमियर और उबर ऑटो जैसी सेवाएं यात्रियों को ऑन-डिमांड परिवहन सुविधा प्रदान करेंगी। इसके अलावा, प्रीपेड टैक्सी, प्रीपेड ऑटो और कार रेंटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारत टैक्सी 10 अक्टूबर से एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं शुरू करेगी और प्रारंभिक चरण में 40 वाहनों का बेड़ा उपलब्ध कराएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) और छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) के बीच निःशुल्क शटल सेवा भी शुरू की जा रही है। सिटीफ्लो, आर्या और चलो द्वारा संचालित यह सेवा हर घंटे उपलब्ध होगी और मुंबई के दोनों एयरपोर्ट के बीच सीधा ट्रांसफर प्रदान करेगी। कुल मिलाकर एयरपोर्ट की ग्राउंड ट्रांसपोर्ट क्षमता बढ़ाकर 4,689 वाहनों और सेवाओं तक पहुंचाई जा रही है, जिसमें 3,787 ऐप-आधारित टैक्सियां, 184 कार रेंटल वाहन, 171 ऑटो-रिक्शा और 547 बसें शामिल हैं। यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए एयरपोर्ट पर नई साइनज व्यवस्था, उन्नत वे-फाइंडिंग सिस्टम और ऑन-ग्राउंड सहायता सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं। बसों, शटल सेवाओं, आगमन, प्रस्थान और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग समर्पित क्षेत्र भी विकसित किए गए हैं।

मॉस्को फॉर्मेट बातचीत के दौरान भारत ने अफगानिस्तान के लिए अपना समर्थन दोहराया

मॉस्को। भारत ने सोमवार को फिर से कहा कि वह अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत में शामिल भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया। रूस में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल (राजदूत विनय कुमार और जेएस पीएआई डॉ. एम. सुरेश कुमार) ने 5 अक्टूबर 2026 को मॉस्को में रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत में भाग लिया। अफगानिस्तान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती के आधार पर, भारत अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। पिछले महीने, भारत ने अफगानिस्तान को दी जा रही मानवीय सहायता के तहत काबुल में जीवन रक्षक दवाओं और मेडिकल सामान की एक और खेप पहुंचाई। विदेश मंत्रालय ने एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता जारी है। भारत से एक और खेप काबुल पहुंच गई है, जिसमें शहर के सरकारी अस्पताल के लिए जीवन रक्षक दवाएं और मेडिकल सामान शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता का मुख्य हिस्सा है। यह कदम अफगानिस्तान को मानवीय सहायता (जरूरी दवाएं, राहत सामग्री और अन्य मदद शामिल) देने की भारत की लगातार कोशिशों के तहत उठाया गया है। 20 अगस्त को, भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल में दवाएं और मेडिकल का सामान पहुंचाया और अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी स्वास्थ्य साझेदारी को फिर से मजबूत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाना! अफगानिस्तान के दोस्ताना लोगों के साथ अपनी मजबूत स्वास्थ्य साझेदारी को दोहराते हुए भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल में दवाएं और मेडिकल का सामान पहुंचाया। जुलाई में, नूरिस्तान में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने अफगानिस्तान के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को राहत सामग्री पहुंचाई थी।

असम पुलिस ने सीएम की फर्जी तस्वीर फैलाने वालों पर कार्रवाई की, कांग्रेस नेता हिरासत में

गुवाहाटी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को बताया कि असम पुलिस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक फर्जी और मॉर्फ की गई (बदलाव की गई) तस्वीर फैलाने में शामिल कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ ने चेतावनी दी कि मनगढ़ंत कंटेंट बनाने, शेयर करने या उसे आगे बढ़ाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ के अनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की बदली हुई तस्वीर फैलाने में शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ ने कहा कि मनगढ़ंत कंटेंट फैलाने और जनता को गुमराह करने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें यह भी कहा गया कि ऐसे फर्जी कैंपेन बनाने, शेयर करने या उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह घटनाक्रम हिमंत बिस्वा सरमा की कथित तौर पर मॉर्फ की गई तस्वीर को लेकर हुए विवाद के बीच सामने आया है, जिसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया था। इस बीच, असम पुलिस ने तस्वीर फैलाने के मामले में एक कांग्रेस नेता को हिरासत में लिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोलपारा जिला कांग्रेस सोशल मीडिया सेल की उपाध्यक्ष के तौर पर पहचानी गईं क्वीन हजारिका को मॉर्फ की गई तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक महिला के साथ दिखाई दे रहे थे। पुलिस का आरोप है कि इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बदला गया था और फिर ऑनलाइन फैलाया गया। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस नेता को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर नकली तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई से असम में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशहूर हस्तियों को निशाना बनाने के लिए बदली हुई या एआई से बनी सामग्री का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद जानबूझकर नकली सामग्री फैलाने और जनता को गुमराह करने की कोशिशों को रोकना था।

पंजाब में सिस्टम पूरी तरह चरमराया, ड्रग्स-रंगदारी का खुला खेल: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब की कानून व्यवस्था, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग, एसआईआर, चुनाव आयोग, उत्तर प्रदेश के राज्यसभा उम्मीदवारों और राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहद खराब बताते हुए भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। वहीं, चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रुख का हवाला दिया। पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि राज्य में स्थिति बेहद खराब और लगातार बिगड़ती जा रही है। पंजाब में हत्याएं हो रही हैं, ड्रग्स का खुलेआम कारोबार चल रहा है और फिरौती तथा रंगदारी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। लोगों को फोन करके धमकियां दी जाती हैं कि अगर तय रकम शाम तक नहीं भेजी गई तो उनके बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी जाएगी। आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। स्थिति सिर्फ आम लोगों के लिए ही चिंताजनक नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मी भी हथियारबंद अपराधियों के निशाने पर हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से कानून-व्यवस्था पर गंभीरता से काम करने की मांग की। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग की ओर मार्च किए जाने को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, लेकिन विरोध तार्किक आधार पर होना चाहिए। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल निलंबन से इनकार कर दिया। अदालत ने अब मामले में सीईसी को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तारीख और समय दिया है। इसके बावजूद विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और प्रक्रिया पर भरोसा है तो फिर इस तरह के प्रदर्शन की जरूरत क्यों पड़ रही है। भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि अय्यर कांग्रेस के नेता हैं और अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को जवाब देना होगा कि क्या भारत को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने मणिशंकर अय्यर के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता होने की बात कहते हुए बातचीत की मेज पर बैठने की जरूरत बताई थी। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर उसकी नीति क्या है। उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी ने सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए आठ नए चेहरों का चयन किया है। इन उम्मीदवारों से उम्मीद है कि वे राज्यसभा की गरिमा बढ़ाएंगे और उच्च सदन में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उम्मीदवारों का चयन पार्टी के संगठनात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर किया गया है। राहुल गांधी के चुनावी मुद्दों को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी ने ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली थी, लेकिन बाद में तेजस्वी यादव ने भी अपनी अलग यात्रा शुरू की। बिहार की जनता ने इन प्रयासों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाया। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, वहां एसआईआर और चुनाव आयोग की प्रक्रिया ठीक बताई जाती है, जबकि चुनाव हारने के बाद वही प्रक्रिया गलत बताई जाने लगती है। उन्होंने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और झारखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष की सरकार बनने या चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग को लेकर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार के बाद आयोग पर आरोप लगाए जाते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस में कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार काम होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के आदेश से चलने वाली निजी पार्टी नहीं है। ईवीएम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी कई बार इस सवाल को उठा चुका है। ईवीएम को लेकर मामला अदालत तक गया था और अदालत में विपक्ष को राहत नहीं मिली। उन्होंने कांग्रेस के पुराने चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 2004 और 2009 के चुनाव भी इसी ईवीएम व्यवस्था के माध्यम से जीते थे। आरपी सिंह ने आगे कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग सही बताए जाते हैं, जबकि हार के बाद उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना राजनीतिक सुविधा के अनुसार मुद्दा उठाने जैसा है। उन्होंने विपक्ष से चुनावी हार की समीक्षा करने और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच अपने काम और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने की बात कही।