गुजरात में मिलावटी दूध बनाने वाली संदिग्ध इकाई पर मारा छापा, 1,200 लीटर दूध किया नष्ट

जामनगर। जामनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने मंगलवार को बताया कि कलावद में एक रिहायशी मकान पर छापेमारी के दौरान लगभग 1,200 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध बनाने वाला पाउडर नष्ट किया। यह छापेमारी एसओजी कर्मियों को मिली सूचना के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि कलावड़ तालुका के जलसाना गांव में संदिग्ध दूध व्यापारी कांजीभाई उर्फ कानो देपालभाई मलानी के घर पर मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा था। यह परिसर कलावद में कपूरिया की कथा में शीतला माताजी मंदिर क्षेत्र के पास स्थित था। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई राजकोट डिवीजन के पुलिस उप महानिरीक्षक निर्लिप्त राय और जामनगर के पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि मोहन सैनी के निर्देशों के बाद की गई, जिसमें रोजमर्रा की इस्तेमाल की वस्तुओं में मिलावट करने वाले व्यापारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया था। अधिकारियों ने बताया, “एसओजी के कर्मचारी कलावद टाउन और ग्रामीण पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में गश्त कर रहे थे, तभी कर्मियों तोशिफभाई तयानी, रमेशभाई चावड़ा और फिरोजभाई खफी को दूध में संदिग्ध मिलावट की सूचना मिली।” इसके बाद पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसओ ने संदिग्ध दूध के आवश्यक नमूने एकत्र किए, परिसर को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई के लिए नमूनों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने कहा, “खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्ध मिलावटी दूध, वनस्पति घी और दूध बनाने वाले पाउडर के शेष भाग को एक ऐसे स्थान पर और इस तरह से नष्ट कर दिया, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।” पुलिस के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लागू प्रावधानों के तहत दूध के व्यापार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अनाधिकारिक टेस्ट मैच: शतक चूकीं तनीषा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंडिया-ए विमेंस ने पहले दिन बनाए 351 रन

धर्मशाला। इंडिया-ए विमेंस ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जारी अनाधिकारिक टेस्ट मैच के पहले दिन 9 विकेट खोकर 351 रन बनाए। भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में शुभा सतीश, तनीषा सिंह और निकी प्रसाद का अहम योगदान रहा। चार दिवसीय मुकाबले में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी जोड़ी ने मजबूत शुरुआत दिलाई। शुभा ने प्रिया पुनिया के साथ पहले विकेट के लिए 102 रन की साझेदारी की। प्रिया 8 बाउंड्री के साथ 46 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। आलम ये रहा कि 120 के स्कोर तक 4 विकेट गिर गए। इस बीच शुभा 10 चौकों के साथ 59 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। यहां से अनुष्का शर्मा ने तनीषा सिंह के साथ पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। अनुष्का 4 चौकों और 1 छक्के के साथ 44 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद तनीषा ने निकी प्रसाद के साथ छठे विकेट के लिए 111 रन जोड़कर टीम को 300 के पार पहुंचा दिया। टीम ने तनीषा के रूप में छठा विकेट गंवाया, जो 12 चौकों के साथ 92 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद निकी प्रसाद ने मोर्चा संभाला। दिन की समाप्ति तक निकी 11 चौकों और 2 छक्कों के साथ 78 रन बनाकर नाबाद थीं। ऑस्ट्रेलियाई खेमे से लिल्ली मिल्स और चार्ली नॉट 3-3 विकेट अपने नाम कर चुकी हैं, जबकि टेस फ्लिंटॉफ, मिली इलिंगवर्थ और फ्रैंकी निकलिन ने 1-1 विकेट हासिल किया। विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की कप्तानी में भारतीय टीम शुभा सतीश, प्रिया पुनिया, अनुष्का शर्मा, तनीषा सिंह, तेजल हसब्निस, निकी प्रसाद, शुचि उपाध्याय, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघारे और शबनम मोहम्मद शकील के साथ इस मैच में उतरी है। वहीं ऑस्ट्रेलिया-ए की प्लेइंग इलेवन में रेचल ट्रेनामैन (कप्तान), ताहलिया विल्सन (विकेटकीपर), कोर्टनी वेब, चार्ली नॉट, अनिका लिरोइड, निकोल फालटूम, टेस फ्लिंटॉफ, सियाना जिंजर, मिली इलिंगवर्थ, लिल्ली मिल्स और फ्रैंकी निकलिन शामिल हैं।
दिल्ली भाजपा की सह-प्रभारी बनीं दर्शना जरदोश ने संभाला कार्यभार

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा की नवनियुक्त सह-प्रभारी और पूर्व सांसद दर्शना जरदोश ने मंगलवार को दिल्ली भाजपा कार्यालय पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी औपचारिक रूप से संभाली। इस दौरान उन्होंने दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, संगठन महामंत्री पवन राणा, महासचिव विष्णु मित्तल, योगिता सिंह और मोहनलाल गिहारा ने पार्टी कार्यालय में नवनियुक्त सह-प्रभारी दर्शना जरदोश का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यभार संभालने के बाद हुई बैठक में दर्शना जरदोश ने कहा कि पार्टी अब महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के माध्यम से महिलाओं और युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए अधिक केंद्रित और सक्रिय तरीके से काम करेगी। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा महिलाओं एवं युवाओं तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। दर्शना जरदोश गुजरात के सूरत से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। पार्टी के अनुसार, उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में देश में सबसे अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाली महिला उम्मीदवार के रूप में रिकॉर्ड बनाया था। वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2025 में निगम प्रशासन सेवा मे पुनः आने के बाद से भाजपा प्रशासन लगभग 2550 अस्थाई सफाई कर्मियों को नियमित सेवा दे चुका है जबकि 2023-24 एवं 2024-25 में आम आदमी पार्टी शासित नगर निगम ने दो वर्ष में मात्र 500 से कम सफाई कर्मचारी नियमित किए थे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सफाई कर्मियों एवं उनके परिवारों को बेहतर जीवन देने के लिए कटिबद्ध है और इसलिए 2025 विधानसभा चुनाव संकल्प पत्र के वादे को पूरा करते हुए हम अस्थाई सफाई कर्मियों की सेवा को समयबद्ध तरीके से नियमित कर रहे हैं।
बलूचिस्तान में घर पर रॉकेट लॉन्चर से हमला, महिला समेत दो की मौत; 12 वर्षीय बच्चा अगवा

क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा की एक और घटना सामने आई है। केच जिले के बुलेदा इलाके में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने एक घर पर रॉकेट लॉन्चर और गोलीबारी से हमला कर दिया। हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हमलावर जाते समय 12 वर्षीय एक बच्चे को कथित तौर पर अगवा कर ले गए। बच्चे का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ बलूचिस्तान (एचआरसीबी) ने मंगलवार को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि केच के बुलेदा स्थित अलंदूर इलाके में एक घर को निशाना बनाकर यह हमला किया गया। संगठन के अनुसार, हमले में सरदार याह्या और आयशा की मौत हुई है, जबकि शायहक और शाहब घायल हुए हैं। एचआरसीबी के मुताबिक, हमले में घर को भारी नुकसान पहुंचा है। हमलावरों ने कथित तौर पर घर में रखे सामान और वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद जब हथियारबंद लोग वहां से जाने लगे तो वे 12 वर्षीय बच्चे ब्रह्मदाग को अपने साथ ले गए। मानवाधिकार संगठन ने बताया कि ब्रह्मदाग के ठिकाने की जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। बच्चे के परिवार ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। एचआरसीबी ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रह्मदाग को तत्काल और सुरक्षित रूप से उसके परिवार के पास लौटाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि केच में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। विशेष रूप से एक महिला की हत्या और बच्चे के कथित अपहरण ने मानवाधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एचआरसीबी ने कहा कि नागरिकों के घरों पर हमले तथा महिलाओं और बच्चों की हत्या और अपहरण की घटनाओं पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इससे एक दिन पहले सोमवार को बलूच वुमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने दावा किया था कि 25 वर्षीय हानी बलूच और उनकी नाबालिग बेटी आयशा बलूच को 27 सितंबर की रात केच जिले स्थित उनके घर से कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड ने जबरन उठा लिया। संगठन के अनुसार, इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं है। बीडब्ल्यूएफ ने आरोप लगाया कि बलूच महिलाओं और बच्चों के अपहरण की घटनाएं ऐसे माहौल का हिस्सा हैं, जहां जबरन गुमशुदगी, डराने-धमकाने और सामूहिक सजा जैसे तरीकों के जरिए बलूच आबादी पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जबरन लापता किए गए लोगों को कई मामलों में कैमरे के सामने आने या कथित दबाव में बयान देने के लिए मजबूर किया जाता है। बीडब्ल्यूएफ का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों के जरिए जबरन गुमशुदगी की वास्तविकता को छिपाने और सामान्य स्थिति की तस्वीर पेश करने का प्रयास किया जाता है, जबकि प्रभावित परिवार अपने परिजनों की तलाश में लगातार परेशान रहते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों या सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नीरव मोदी से जुड़े पीएनबी घोटाले के आरोपी संदीप मिस्त्री को यूएई से भारत लाया गया

मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े करोड़ों रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संदीप मिस्त्री के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। वह सीबीआई की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (बीएसएफबी), मुंबई द्वारा जांच किए जा रहे एक मामले में वांछित था। उस पर शेल कंपनियों के जरिए कथित तौर पर फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेनदेन में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, मिस्त्री ने इस कथित धोखाधड़ी में शामिल कई कंपनियों और संस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया। वह इन संस्थाओं के रोजमर्रा के कामकाज को संभालता था और जांच एजेंसियों की नजर से बचने तथा सबूत नष्ट करने के लिए गुप्त रूप से ऐसे संचार प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था, जिनमें संदेश अपने आप डिलीट हो जाते थे। सीबीआई का आरोप है कि मिस्त्री ने हीरे, सोने और मोती के आभूषणों के काल्पनिक कारोबार को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार कराने में मदद की। उस पर अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर विदेशी कंपनियों के डमी निदेशकों को डराने-धमकाने का भी आरोप है। जांच के मुताबिक, डमी निदेशकों को गिरफ्तारी की धमकी दी जाती थी, उनका स्थान बदलवाया जाता था और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाते थे। इसके अलावा, उन्हें ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिनमें उन्हें संबंधित कंपनियों का वैध मालिक बताया गया था। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि मिस्त्री ने यूएई में स्थित डमी कंपनियों के बैंक खातों से धन निकालने में भूमिका निभाई। इस मामले में सीबीआई पहले ही सक्षम अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने जुलाई 2026 में मिस्त्री के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। इसके बाद यूएई के अधिकारियों ने उसे तलाश कर गिरफ्तार किया और उसके प्रत्यर्पण/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की। जांच एजेंसी ने बताया कि रेड नोटिस जारी होने के करीब दो महीने के भीतर मिस्त्री को यूएई में तलाशने, गिरफ्तार करने और भारत वापस लाने में सफलता मिली। सीबीआई ने इसे भारतीय और यूएई अधिकारियों के बीच प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बताया है। मिस्त्री 28 सितंबर को मुंबई पहुंचा, जहां आगमन के बाद सीबीआई अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीबीआई भारत की ओर से इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में काम करती है। एजेंसी घरेलू कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भारतपोल के माध्यम से समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग को सुगम बनाती है। सीबीआई के अनुसार, इंटरपोल चैनलों के जरिए समन्वित प्रयासों के माध्यम से हाल के वर्षों में 175 से अधिक वांछित भगोड़ों को भारत वापस लाया जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस: सेंट जेरोम से यूएन तक, क्यों है 30 सितंबर का दिन खास?

नई दिल्ली। 30 सितंबर को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस भाषा पेशेवरों के काम को सम्मान देने का एक अवसर है, जो राष्ट्रों को एक साथ लाने, संवाद, समझ और सहयोग को सुविधाजनक बनाने, विकास में योगदान देने और विश्व शांति और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक साहित्यिक या वैज्ञानिक कृति, जिसमें तकनीकी कार्य भी शामिल है, का एक भाषा से दूसरी भाषा में रूपांतरण, पेशेवर अनुवाद, जिसमें अनुवाद कार्य, इंटरप्रिटेशन और शब्दावली शामिल हैं, अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक विमर्श और पारस्परिक संचार में स्पष्टता, सकारात्मक माहौल और उत्पादकता बनाए रखने के लिए अपरिहार्य है। इस तरह 24 मई 2017 को महासभा ने राष्ट्रों को जोड़ने और शांति, समझ और विकास को बढ़ावा देने में भाषा पेशेवरों की भूमिका पर प्रस्ताव 71/288 अपनाया और 30 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में घोषित किया। 30 सितंबर को बाइबिल के अनुवादक सेंट जेरोम का पर्व मनाया जाता है, जिन्हें अनुवादकों का संरक्षक संत माना जाता है। सेंट जेरोम उत्तर-पूर्वी इटली के एक पादरी थे, जो मुख्य रूप से नए नियम की यूनानी पांडुलिपियों से बाइबिल के अधिकांश भाग का लैटिन में अनुवाद करने के अपने प्रयास के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिब्रू सुसमाचार के कुछ हिस्सों का यूनानी में भी अनुवाद किया था। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वे इलिरियन वंश के थे और उनकी मातृभाषा इलिरियन बोली थी। उन्होंने स्कूल में लैटिन सीखी और वे ग्रीक और हिब्रू में धाराप्रवाह थे, जो उन्होंने अपनी पढ़ाई और यात्राओं के दौरान सीखी थीं। जेरोम की मृत्यु 30 सितंबर 420 को बेथलहम के पास हुई थी। पहचान, संवाद, सामाजिक एकीकरण, शिक्षा और विकास के लिए जटिल निहितार्थों वाली भाषाएं लोगों और इस ग्रह के लिए रणनीतिक महत्व रखती हैं। इस बात को लेकर जागरूकता बढ़ रही है कि भाषाएं विकास में, सांस्कृतिक विविधता और अंतर-सांस्कृतिक संवाद सुनिश्चित करने में, लेकिन साथ ही सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और सहयोग को मजबूत करने में, समावेशी ज्ञान समाजों के निर्माण और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में, और सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लाभों को लागू करने हेतु राजनीतिक इच्छाशक्ति जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लोगों के बीच सामंजस्यपूर्ण संचार में एक अनिवार्य कारक, बहुभाषावाद को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भी संगठन के एक मूल मूल्य के रूप में माना जाता है। सहिष्णुता को बढ़ावा देकर, बहुभाषावाद संगठन के कार्यों में सभी की प्रभावी और बढ़ी हुई भागीदारी के साथ-साथ अधिक प्रभावशीलता, बेहतर प्रदर्शन और बेहतर पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
तिलहन-दलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस, रबी सम्मेलन में टिकाऊ खेती पर हुई चर्चा: मांगी लाल जाट

नई दिल्ली। रबी सीजन की तैयारियों को लेकर आयोजित कृषि सम्मेलन में आत्मनिर्भरता को प्रमुख एजेंडा बनाया गया। सम्मेलन में तिलहन, दलहन और उर्वरक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ टिकाऊ कृषि, डिजिटल कृषि और जलवायु अनुकूल खेती पर विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक मांगी लाल जाट ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्यों के साथ मिलकर आगामी रबी सीजन के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार करना है, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किसानों को समय पर बीज, फसल और उर्वरक संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक मांगी लाल जाट ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दो दिनों तक चले सम्मेलन में सभी राज्यों के अधिकारियों और मंत्रियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि राज्यों की भौगोलिक और कृषि संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह मंथन किया गया कि किस क्षेत्र में कौन सी फसल और कौन सी किस्म किसानों के लिए उपयुक्त होगी। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया कि कोई किसान सरकारी योजनाओं और कृषि संबंधी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रमुख चिंताओं में उर्वरकों की उपलब्धता भी शामिल है। इसके लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके संतुलित उपयोग पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर उर्वरक उपयोग के लिए सिफारिशों को संशोधित किया गया है। किसानों को इन सिफारिशों के आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों की लागत कम करने, मिट्टी की सेहत बनाए रखने और देश के संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी। मांगी लाल जाट ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया संकट के कारण उर्वरक सब्सिडी का बोझ सरकार पर बढ़ा है। ऐसे में उर्वरकों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की आवश्यकता और बढ़ जाती है। उर्वरक का अनावश्यक इस्तेमाल कम होने से सरकार के खर्च में कमी आएगी, मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होगा और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। सम्मेलन में तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर उसके तत्काल क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने को कहा गया है। पंजाब के प्रतिनिधि ने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन में देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की जरूरतों, विशेषकर डीएपी जैसे उर्वरकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए समय पर आवश्यक धनराशि जारी करने की मांग की।
भारत और कोरिया ने रक्षा उद्योग और रसद सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति की बैठक की

नई दिल्ली। नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-कोरिया गणराज्य की 10वीं रक्षा उद्योग और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर संयुक्त समिति बैठक (जेसीएम) हुई। रक्षा मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने रक्षा उद्योगों और लॉजिस्टिक्स में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और रक्षा संबंधों को और मजबूत व विस्तारित करने के उपायों पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चर्चा के दौरान दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने और रक्षा उत्पादन एवं लॉजिस्टिक्स में अधिक जुड़ाव को बढ़ावा देने पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला। बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय में अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने की। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत सियोंग हो ली और रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव जाडे भी दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित थे। दोनों देशों की प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और मेसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) ने चर्चा में भाग लिया। कोरिया गणराज्य की ओर से हानवा एयरोस्पेस, कोरियन एयर, हानवा सिस्टम्स, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (केएआई) और डीएस नेवकोर्स ने प्रतिनिधित्व किया। जेसीएम के दौरान कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा रक्षा उद्योगों और लॉजिस्टिक्स में सहयोग को गहरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। 10वीं जीसीएम ने भारत और कोरिया गणराज्य के बीच घनिष्ठ और बढ़ते रक्षा संबंधों की पुष्टि की और रक्षा उत्पादन व लॉजिस्टिक्स में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। रक्षा मंत्रालय ने कार्यक्रम की तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कोरिया के डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के उपमंत्री किम इल डोंग ने नई दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस बातचीत में भारत और कोरिया गणराज्य के बीच आपसी रक्षा सहयोग को और मजबूत करने और डिफेंस इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स में सहयोग को गहरा करने के साझा वादे को फिर से सुनिश्चित किया गया। आरओके की तरफ से भारत की मेक इन इंडिया पहल के लिए अपना समर्थन दोहराया गया। किम इल डोंग डिफेंस इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं इंडिया-आरओके जॉइंट कमेटी मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारत के एक दिन के ऑफिशियल दौरे पर हैं।
‘संवैधानिक पद पर हमला बंद करे कांग्रेस’, सीईसी को ‘कठपुतली’ कहने पर भड़की भाजपा

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अब कांग्रेस और भाजपा के बीच नई सियासी जंग का केंद्र बन गए हैं। सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘कठपुतली’ वाले बयान से शुरू हुआ विवाद अब सड़क तक पहुंच गया है, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सीईसी के घर के बाहर ‘चोर’ लिखे जाने के आरोप लग रहे हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इसे संवैधानिक पद पर सीधा हमला बताते हुए पलटवार किया और पूछा कि क्या हार के डर से कांग्रेस अब चुनाव आयोग को ही कठघरे में खड़ा करना चाहती है? भारत-अमेरिका संबंधों और आतंकवाद के बारे में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, “आतंकवाद पर भारत सरकार की नीतियां साफ हैं। अच्छा आतंकवाद और बुरा आतंकवाद नहीं हो सकता। जो देश आतंकियों को पालता है, वह खुद आतंकियों से कम नहीं है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा सीडब्ल्यूसी मीटिंग में सीईसी ज्ञानेश कुमार को ‘कठपुतली’ कहने पर अजय आलोक ने कहा कि पूरा देश कांग्रेस का यह ड्रामा देख रहा है। कांग्रेस एक मूर्खता की वजह से खुद को बर्बाद कर रही है। इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा कि आज, उन्हें कोई और नहीं मिला तो उन्होंने एक कॉन्स्टिट्यूशनल पोस्ट पर बैठे व्यक्ति ज्ञानेश कुमार, जो चीफ इलेक्शन कमिश्नर हैं, को टारगेट किया है। वे उनके घर को ढूंढ़ रहे हैं और उनके घर के बाहर अशब्द लिख रहे हैं। तुहिन ए. सिन्हा ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा हिंदुओं को बांटने का काम किया है, और आज रेवंत रेड्डी जो गलत बयान दे रहे हैं, वो भी उसी दिशा में एक और गलत कोशिश लगती है। रेवंत रेड्डी वही शख्स हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले कहा था, ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान है, और मुसलमान का मतलब कांग्रेस है।’ ऐसे में इस शख्स को हिंदुओं की आस्था के बारे में कुछ भी कहने का हक नहीं है। दूसरा, वो कहते हैं कि भाजपा वाले भगवान राम की पूजा करते हैं, जबकि हम भगवान शिव की पूजा करते हैं। शायद वो हमें फॉलो नहीं करते या हमारे बारे में नहीं जानते। हर हिंदू हर देवी-देवता की पूजा करता है।” उन्होंने आगे कहा कि लगता है कांग्रेस पार्टी बहुत कुछ भूल गई है। चार दशक पहले जब बोफोर्स स्कैम हुआ था तो पूरे देश में एक नारा लगा था: ‘हर गली में शोर है; उस समय का प्राइम मिनिस्टर चोर है।’ ऐसे नारे पूरे देश में लगे थे। आज यह कांग्रेस पार्टी, जो 12 साल से सत्ता से बाहर है, ऐसी बुरी हालत में पहुंच गई है, जैसे पानी के बिना मछली।
मास्को: रूस के उप विदेश मंत्री से मिले भारतीय राजदूत, यूक्रेन की स्थिति पर हुई चर्चा

मास्को। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने मंगलवार को रूस के उप-विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के मौजूदा मुद्दों पर बातचीत की और यूक्रेन की स्थिति पर “गहराई से” चर्चा की। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि भारतीय राजनयिक को मौजूदा हालात पर मास्को के नजरिए के बारे में जानकारी दी गई। बयान में कहा गया, “इस बात पर जोर दिया गया कि कीव सरकार और उसके यूरोपीय समर्थकों की नीतियां राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान में बाधा डालती हैं और अजोव-काला सागर क्षेत्र सहित सैन्य तनाव को बढ़ाती हैं। उनकी ये नीति स्वीकार्य नहीं हैं। साथ ही, संकट के मूल कारणों को दूर करके इसके निष्पक्ष और स्थायी समाधान की जरूरत पर मास्को के सैद्धांतिक रुख को भी दोहराया गया। ये मूल कारण मुख्य रूप से पश्चिम की उस मंशा से जुड़े हैं, जिसके तहत वह यूक्रेन को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करके रूस को ‘रणनीतिक हार’ देना चाहता है।” रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि विचारों का यह “जीवंत आदान-प्रदान” दोस्ताना माहौल में हुआ, जो रूस और भारत के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ की खासियत है। पिछले हफ्ते, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की बैठक में भारत और रूस ने अपनी “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त” रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। ‘एक्स’ पोस्ट में, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दोनों ने “कई मौजूदा मुद्दों” पर विचारों का आदान-प्रदान किया और द्विपक्षीय संबंधों तथा ब्रिक्स समूह के भीतर सहयोग की स्थिति की समीक्षा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और रूस रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और बहुपक्षीय समन्वय पर मिलकर काम कर रहे हैं। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बातचीत से नई दिल्ली की उस मंशा का पता चलता है जिसके तहत वह मास्को के साथ बातचीत जारी रखना चाहती है, भले ही यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते समीकरणों के कारण वैश्विक भू-राजनीति में अस्थिरता बनी हुई है। भारत ने विवादों को सुलझाने में संवाद और कूटनीति के महत्व पर लगातार जोर दिया है, साथ ही पश्चिमी साझेदारों और रूस जैसे पारंपरिक सहयोगियों के साथ अपने संबंधों में संतुलन भी बनाए रखा है। विदेश मंत्री जयशंकर और लावरोव ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नियमित रूप से मिलते रहे हैं। उनकी चर्चाओं में अक्सर क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और बहुपक्षीय संस्थाओं में सहयोग जैसे मुद्दे शामिल होते हैं। 17 सितंबर को, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी थी और दोनों देशों के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की थी।