यूएन में भारत ने उठाया पीओके में बिगड़ते हालात का मुद्दा, कहा- जून से हो रही नागरिकों की मौत, छात्रों की गिरफ्तारी

जिनेवा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बिगड़ते हालात और आम नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया। यूएनएचआरसी में भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से विकास पर ध्यान देने को कहा। क्षितिज त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान का तरीका देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को हल करने में मदद नहीं करेगा। पाकिस्तान दूसरों के इलाके पर कब्जा करने या आतंक फैलाने के बजाय, विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा करेगा, क्योंकि न तो ये, और न ही काउंसिल में उसकी नौटंकी, उसकी अर्थव्यवस्था के लोन चुकाने में मदद करेगी।” त्यागी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बिगड़ती स्थिति की ओर भी इशारा किया, जिसमें जून से नागरिकों की मौत, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी और भोजन व दवाओं पर प्रतिबंध की रिपोर्टों का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा, “अगर इस कमरे में कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस परिषद की जांच के हर मानदंड को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।” उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है, जहां अल्पसंख्यक वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, सुप्रीम कोर्ट में बैठते हैं और संस्थानों का नेतृत्व करते हैं। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान दशकों तक सीमापार आतंकवाद को प्रायोजित करने के बाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, “इस परिषद को पाकिस्तान से स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है। यह 1990 में हुआ था, कश्मीरी पंडितों के साथ, जिन्हें उन आतंकवादियों ने अपने घरों से निकाल दिया था, जिन्हें पाकिस्तान ने हथियार दिए, प्रशिक्षित किया और सीमा पार भेजा। उन आतंकवादियों ने तब से हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, उनमें से कई मुसलमान हैं। जिस देश ने उन्हें प्रायोजित किया, वह अब इस परिषद से जांच की मांग कर रहा है। इस परिषद से यह विडंबना छिपी नहीं रहेगी।” यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान ने परिषद के सत्र में फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाया। भारत ने अपना मुख्य रुख दोहराया, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा।
जॉइंट बेस एंड्रयूज पर दिखी अमेरिका-चीन कूटनीति की झलक, ट्रंप ने शी जिनपिंग का किया भव्य स्वागत

वॉशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन बुधवार शाम स्थानीय समय के मुताबिक 6:01 बजे अपने तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने जॉइंट बेस एंड्रयूज पर रेड कार्पेट, तोपों की सलामी और बॉम्बर विमानों के फ्लाईपास्ट के साथ शी जिनपिंग का स्वागत किया। चीनी राष्ट्रपति के अमेरिका पहुंचने के साथ ही उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई। इनमें व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत, स्टेट डिनर और नेशनल आर्काइव्स का संयुक्त दौरा शामिल है। शी जिनपिंग को लेकर आया एयर चाइना विमान जब मीडिया के लिए बनाए गए मंच के सामने पहुंचा तो कर्मचारियों ने करीब 100 फुट लंबा रेड कार्पेट बिछाया। रेड कार्पेट के आखिर में ट्रंप और शी जिनपिंग साथ-साथ खड़े हुए। उनके दोनों तरफ अमेरिका और चीन के झंडे लगे थे। अमेरिकी वायुसेना के बैंड ने राष्ट्रगान बजाया और इस दौरान तोपों से सलामी दी गई। इसके बाद दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने ऊपर से उड़ान भरी। शी जिनपिंग के काले रंग की कार में बैठने तक ट्रंप वहीं इंतजार करते रहे। इसके बाद ट्रंप अपनी लिमोजिन में बैठे, जिसे ‘द बीस्ट’ के नाम से जाना जाता है। गुरुवार सुबह औपचारिक स्टेट अराइवल सेरेमनी में अमेरिकी सशस्त्र सेनाओं की सभी शाखाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 479 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम व्हाइट हाउस के साउथ लॉन, स्टेट फ्लोर और रोज गार्डन तक फैला होगा। साउथ ड्राइव पर सैन्य सम्मान के लिए जवान मौजूद रहेंगे। दोनों राष्ट्रपति के पहुंचने पर अमेरिकी सेना के ट्रंपेट बजाने वाले सैनिक उनका स्वागत करेंगे। यूएस मरीन बैंड स्टेट फ्लोर पर चीन और अमेरिका के राष्ट्रगान बजाएगा। इसके बाद ट्रंप और शी जिनपिंग के संबोधन का कार्यक्रम है। समारोह में राष्ट्रपति को दी जाने वाली सलामी, सैन्य परेड और सैन्य बैंड और ड्रिल यूनिट के कार्यक्रम भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के आखिर में एक बी-2 स्पिरिट बॉम्बर और चार एफ-22 रैप्टर लड़ाकू विमान फ्लाईपास्ट करेंगे। बाद में मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट जाएंगी। वहां वे ऐसी कलाकृतियां देखेंगी, जो सदियों से अमेरिका और चीन के बीच कला और संस्कृति के आदान-प्रदान को दिखाती हैं। गुरुवार शाम व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर रखा गया है। शुक्रवार को दोनों राष्ट्रपति अपनी पत्नियों के साथ पहले व्हाइट हाउस के रेड रूम में चाय पर मिलेंगे। इसके बाद वे नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां अमेरिका-चीन संबंधों के इतिहास से जुड़े दस्तावेज देखेंगे। वहीं शी जिनपिंग के लिए विदाई कार्यक्रम भी रखा गया है। ट्रंप इससे पहले अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2017 में शी जिनपिंग की मेजबानी फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट में कर चुके हैं। उसी साल ट्रंप चीन की राजधानी बीजिंग भी गए थे। उस दौरान दोनों नेताओं ने बातचीत की थी और फॉरबिडन सिटी का दौरा भी किया था।
बर्थ टूरिज्म पर अमेरिका का एक्शन, वीजा पाबंदी और फ्रॉड रिपोर्ट करने के लिए नया पोर्टल लॉन्च

वाशिंगटन। अमेरिका ने बर्थ टूरिज्म में शामिल लोगों और इसे बढ़ावा देने वाले नेटवर्क पर वीजा पाबंदी लगाने का ऐलान किया है। साथ ही वीजा फ्रॉड की जानकारी देने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जिसमें फर्जी नौकरी के ऑफर और फर्जी शादियों जैसे मामलों की रिपोर्ट की जा सकेगी। कमर्शियल बर्थ टूरिज्म में विदेशी गर्भवती महिलाएं किसी दूसरे देश में केवल इसलिए यात्रा करती हैं ताकि वे वहां अपने बच्चे को जन्म दे सकें। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बच्चे को उस देश की जन्मजात नागरिकता दिलाना होता है। इसमें ‘कमर्शियल’ शब्द इसलिए जुड़ा है, क्योंकि इसके पीछे एक पूरा व्यावसायिक नेटवर्क (जैसे वीजा फिक्सर, मेडिकल प्रोवाइडर और ट्रैवल एजेंट) काम करता है, जो पैसों के बदले महिलाओं को वहां रहने, इलाज और बच्चे के जन्म की सुविधाएं की ट्रेनिंग देते हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह पाबंदी उन लोगों और कमर्शियल नेटवर्क पर लागू होगी जो बच्चे के जन्म के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के मकसद से अमेरिका की यात्रा कराते हैं। कुछ मामलों में उनके परिवार के सदस्य भी इस दायरे में आ सकते हैं। मार्को रुबियो ने कहा, “विदेशी कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत फायदा उठाकर पैसे के लिए अमेरिकी नागरिकता बेची है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेटवर्क विदेशी नागरिकों को वीजा आवेदन में झूठ बोलने की ट्रेनिंग देते हैं और सिर्फ अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए अमेरिकी धरती पर जन्म की व्यवस्था करने के लिए हजारों डॉलर वसूलते हैं। मार्को रुबियो ने कहा कि यह नई नीति इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत लाई जा रही है। जिन लोगों को टारगेट किया जाएगा उनमें कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क के मालिक, संचालक और मैनेजर शामिल हैं, साथ ही वे बिचौलिए भी जो आवेदकों को वीजा फ्रॉड करने की कोचिंग देते हैं। मार्को रुबियो ने कहा कि यह नीति उन लोगों पर लागू होती है जो जानबूझकर बर्थ टूरिज्म में शामिल हैं, पहले शामिल रहे हैं या इसे सुविधाजनक बनाते हैं। उन्होंने किसी व्यक्तिगत मामले का ब्योरा नहीं दिया। विदेश विभाग ने कहा, “कुछ परिवार के सदस्य भी इन पाबंदियों के दायरे में आ सकते हैं,” हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन से रिश्तेदार और किन परिस्थितियों में यह लागू होगा। मार्को रुबियो ने इस कदम को नागरिकता, सार्वजनिक लाभों और करदाताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रयास के रूप में बताया। अलग से विदेश विभाग ने संदिग्ध वीजा फ्रॉड और दुरुपयोग के बारे में जानकारी देने के लिए आम जनता के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की घोषणा की। विभाग ने जाली दस्तावेज और यात्रा योजनाएं, फर्जी शादियों की व्यवस्था करने वाले दलाल, फर्जी कंपनियां और मनगढ़ंत नौकरी के प्रस्तावों को उन योजनाओं में सूचीबद्ध किया है जिनका वह पता लगाना चाहता है। इसकी सूची में बर्थ टूरिज्म में भागीदारी या इसे सुविधाजनक बनाना भी शामिल है। पोर्टल की घोषणा में कहा गया कि कांसुलर अफेयर्स ब्यूरो धोखाधड़ी के जरिए या अवैध उद्देश्यों के लिए अमेरिका की यात्रा के प्रयासों को रोकने के लिए फ्रॉड का पता लगाने और रोकथाम की गतिविधियां चला रहा है। संभावित कार्रवाई में वीजा रद्द करना और आगे की कानून प्रवर्तन जांच के लिए रेफरल शामिल हैं। विभाग ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान वीजा धोखाधड़ी के लिए जिन हजारों लोगों की पहचान की गई और उन्हें जवाबदेह ठहराया गया, उनमें से कई का पता जनता की सूचना से चला। घोषणा में उन मामलों या की गई कार्रवाई का ब्योरा नहीं दिया गया। विभाग ने कहा, “यह नया ऑनलाइन टूल जनता के लिए तुरंत समीक्षा और कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जमा करने का एक सुविधाजनक और भरोसेमंद तरीका प्रदान करता है।
अमेरिका ने जी20 के लिए पुतिन को भेजा न्योता, ट्रंप से मुलाकात की अटकलें तेज

संयुक्त राष्ट्र। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में होने वाले जी20 सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात की संभावना बढ़ गई है, हालांकि रुबियो ने यह भी साफ किया कि दोनों नेताओं के बीच किसी नए शिखर सम्मेलन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। रुबियो ने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के दौरान पत्रकारों से कहा, “हमने राष्ट्रपति पुतिन को जी20 में आमंत्रित किया है।” उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि पुतिन निमंत्रण स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि इस बैठक से उन्हें ट्रंप और दुनिया के अन्य नेताओं से बात करने का मौका मिलेगा। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या अमेरिका एक और ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन चाहता है तो उन्होंने जवाब दिया: इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। रुबियो ने कहा कि अगर पुतिन शामिल होते हैं और बैठक का कोई मकसद होता है, तो दोनों राष्ट्रपति मिल सकते हैं। अन्यथा जी20 में भी उन्हें बात करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन मॉस्को के साथ बातचीत के लिए तैयार रहेगा, क्योंकि वह यूक्रेन में युद्ध को खत्म करना चाहता है। रुबियो ने कहा कि ट्रंप उन नेताओं से मिलने को तैयार थे जिनसे वे असहमत थे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बातचीत से कोई नतीजा निकलना है तो उसके लिए तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता ऐसी बैठक होगी जिसका कोई नतीजा निकले, न कि सिर्फ इसलिए बैठक हो, क्योंकि नेता एक ही जगह पर हैं। रुबियो ने कहा कि ट्रंप के पद संभालने के बाद से दोनों राष्ट्रपतियों ने टेलीफोन पर भी बात की है। उन्होंने अनुमान लगाया कि उन्होंने कम से कम 12 बार बात की है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास सटीक गिनती नहीं है। रुबियो की ये बातें ऐसे समय में सामने आईं, जब अमेरिकी अधिकारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने अनाज और ऊर्जा से जुड़े सीमित युद्धविराम में रुचि दिखाई है, हालांकि इस तक पहुंचना मुश्किल होगा। रुबियो ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस विचार पर चर्चा की थी। मॉस्को में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की बैठक में भी इस पर बात हुई थी। अगर वॉशिंगटन कोई रचनात्मक भूमिका निभा सकता है तो वह ऐसी व्यवस्था लाने में मदद करने को तैयार होगा। रुबियो ने कहा कि सीमित युद्धविराम से युद्ध खत्म नहीं होगा, लेकिन इसके व्यापक प्रभावों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह एक व्यापक समझौते के लिए शुरुआती बिंदु हो सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हर कोई मानता है कि यह युद्ध बातचीत के जरिए हुए समझौते से ही खत्म होगा।” ऊर्जा पर हमले एक बड़ी बाधा हैं। रुबियो ने कहा कि यूक्रेन रूस की तेल और गैस सुविधाओं पर हमला कर रहा है, जिनसे मॉस्को को राजस्व मिलता है। उन्होंने कहा कि रूस सर्दियों के आने पर यूक्रेन के बिजली ग्रिड को निशाना बना रहा है। इसलिए दोनों पक्ष ऊर्जा को अपने युद्ध के लक्ष्यों का हिस्सा मानते हैं। जी20 में अमेरिका, रूस, भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके नेताओं की बैठकों में औपचारिक कार्यक्रम के अलावा बातचीत के मौके भी मिलते हैं। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस युद्ध का असर एनर्जी और फूड मार्केट पर पड़ा है, जिससे इन सेक्टरों पर हमलों को सीमित करने की कोशिशें दोनों देशों से कहीं ज्यादा अहम हो गई हैं।
25 सितंबर का पंचांग: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए करें अनंत चतुर्दशी का व्रत, तड़के 3:23 से 5:00 बजे तक रहेगा अमृतकाल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 25 सितंबर 2026 को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रात 11:07 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। शुक्रवार सुबह 6:20 बजे सूर्योदय और शाम 5:16 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, शाम 5:27 चंद्रोदय और तड़के 5:42 बजे चंद्रास्त होगा। शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है। संकटों से रक्षा के लिए हाथ में अनंत सूत्र (धागा) बांधा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के पालन से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा अंत में साधक को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा। यह आकाश मंडल का 12वां नक्षत्र है। सिंह राशि के 26 डिग्री 40 मिनट से लेकर कन्या राशि के 10 डिग्री 00 मिनट तक फैला हुआ है। इसके स्वामी सूर्य देव हैं। इस नक्षत्र के देवता अर्यमा (देवताओं और पितरों के प्रमुख) हैं। इस नक्षत्र में जन्मे जातक तेजस्वी, महत्वाकांक्षी, परोपकारी और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होते हैं। शुक्रवार दोपहर लगभग 2:49 बजे तक शूल योग रहेगा। ज्योतिष पंचांग के 27 नित्य योगों में से नौवां योग शूल योग है, जिसे सामान्यतः एक अशुभ और संघर्षकारी योग माना जाता है। ‘शूल’ का शाब्दिक अर्थ ‘कांटा’, ‘भाला’ या ‘नुकीला अस्त्र’ होता है। जब सूर्य और चंद्रमा की स्थितियों का योग एक निश्चित अंश (विशेषकर 106 डिग्री 40 मिनट से 120 डिग्री 00 मिनट के बीच) होता है, तब यह नित्य शूल योग बनता है। इस दौरान कोई भी शुभ काम करने से बचना चाहिए। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 से दोपहर 12:42 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ और फलदाई समय माना जाता है। आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है। माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है। शुक्रवार को अमृतकाल तड़के 3:23 से 5:00 बजे तक रहेगा। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) होता है। इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है। नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ, और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन राहुकाल सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। हिन्दू ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है। स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है। इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है। शुक्रवार को गुलिक काल सुबह 7:49 से 9:19 बजे तक रहेगा। गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है। यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं। इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उनको जारी रखा जा सकता है। जो काम बार-बार करना चाहते हैं तो इस काल में किया जा सकता है। बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है। इस दिन यमगंड काल दोपहर 3:17 से 4:47 बजे तक रहेगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए। शुक्रवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा। चंद्रमा का कुंभ राशि में रहना लोगों के आत्मविश्वास, ऊर्जा और कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला रहेगा। इस दौरान सोचे हुए कार्य समय पर पूरे हो सकते हैं और नए अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार में नई रणनीति या योजना बनाने के लिए यह समय अनुकूल है। नए संपर्क से लाभ मिलने के योग हैं। शुक्रवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है।
एशियन गेम्स: सतनाम-सलमान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में जीता ब्रॉन्ज, बलराज एकल में चौथे स्थान पर रहे

गिफू। भारतीय रोवर्स सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स में 6:13.25 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि बलराज पंवार गुरुवार को नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स में पुरुषों की एकल स्कल्स के फाइनल में मेडल से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। सतनाम और सलमान ने 6:13.25 सेकंड का समय लेकर चीन के जुडी यी और यिदे नी के बाद तीसरा स्थान हासिल किया। चीन के जुडी यी और यिदे नी ने 6:09.77 सेकंड के साथ गोल्ड जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक ममातकुलोव ने 6:10.49 सेकंड में सिल्वर मेडल जीता। 1000 मीटर के बाद, यानी आधी दूरी पूरी होने पर, भारतीय जोड़ी उज्बेकिस्तान और चीन के बाद ब्रॉन्ज मेडल की पोजीशन पर थी। फिर वे 500 मीटर बाकी रहते दूसरे नंबर पर आ गए, लेकिन आखिरी चरण में उनसे आगे निकल गए और रेस तीसरे स्थान पर खत्म की। यह एशियन गेम्स में सतनाम का दूसरा मेडल है। 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स क्रू का हिस्सा रहते हुए उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले सलमान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में शामिल किया गया। उन्हें एलीट ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट मिला। एक साल बाद, उन्होंने एशियन रोइंग कप में मेडल जीता। इस कामयाबी के बाद उन्हें इंडियन आर्मी में नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नति भी मिली। इससे पहले, बलराज पंवार पुरुषों के एकल स्कल्स फाइनल में 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पदक जीतने का मौका चूक गए। बलराज चीन के झिवेई डेंग के पीछे सिल्वर मेडल की स्थिति में थे। हालांकि, बलराज और उज्बेकिस्तान के शाखबोज खोलमुरजाएव के बीच का अंतर ज्यादा नहीं था। दुर्भाग्य से, उज्बेक रोवर 500 मीटर बाकी रहते भारतीय रोवर से आगे निकल गए और बलराज पोडियम से बाहर हो गए। चीन के झिवेई डेंग (6:38.98 सेकंड) ने गोल्ड, उज्बेकिस्तान के खोलमुरजाएव (6:41.83 सेकंड) ने सिल्वर और जापान के तात्सुया सकुरामा (6:46.78 सेकंड) ने ब्रॉन्ज जीता।
बर्थडे वीक को यादगार बनाने के लिए निक जोनस ने प्रियंका चोपड़ा को दिया क्रेडिट, शेयर की रोमांटिक तस्वीरें

मुंबई। सिंगर-एक्टर निक जोनास ने फैंस को अपने बेहतरीन बर्थडे वीक की झलक दिखाई है। उन्होंने पत्नी और एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा जोनास और अपनी बेटी मालती मैरी के साथ सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर की हैं। 17 सितंबर को 34 साल के हुए जोनास ने सेलिब्रेशन को खास बनाने का क्रेडिट प्रियंका को दिया। गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर निक ने अपने बर्थडे वीक की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए और कैप्शन में लिखा, “मेरे जन्मदिन का यह सप्ताह परफेक्ट रहा, इसके लिए प्रियंका का धन्यवाद।” पहली तस्वीर में निक और प्रियंका गोल्फ कोर्स पर साथ में समय बिताते हुए दिख रहे हैं। एक और तस्वीर में यह कपल परिवार के साथ गोल्फ कोर्स पर आराम से गोल्फ खेलते हुए दिख रहा है। इस पोस्ट में निक के बर्थडे केक की झलक भी है। शानदार चॉकलेट केक पर लकड़ी के स्टाइल वाला “हैप्पी बर्थडे 34 निक” टॉपर लगा है और इसे चॉकलेट बार, कुकीज और मार्शमैलो से सजाया गया है। निक ने बेटी मालती मैरी की भी एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह रंग-बिरंगे कपड़े पहने कुर्सी पर बैठी है। आखिर में, उन्होंने अपनी और प्रियंका की किस करते हुए एक तस्वीर शेयर की। यह बर्थडे सेलिब्रेशन प्रियंका के निक को जन्मदिन की बधाई देने के कुछ दिनों बाद हुआ है। प्रियंका ने पोस्ट किया था , “उस इंसान को जन्मदिन की बधाई जो हमारे सभी सपनों को सच करता है हर दिन। हम आपसे प्यार करते हैं गागा।” 2018 में डेटिंग शुरू करने के बाद से ही निक और प्रियंका का रिश्ता अक्सर चर्चा में रहा है। इस कपल ने उसी साल दिसंबर में राजस्थान के जोधपुर में कई दिनों तक चले शादी समारोह में शादी की, जिसमें हिंदू और ईसाई दोनों तरह की रस्में शामिल थीं। यह कपल 2022 में अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनास के आने के साथ माता-पिता बना, जिनका जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ था। करियर की बात करें तो प्रियंका एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ भारतीय सिनेमा में वापसी करने वाली हैं, जिसमें उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी होंगे।
रोज सुबह नाश्ते में खाएं भीगे मेवों का मिश्रण, स्वाद के साथ मिलेगी अच्छी सेहत

नई दिल्ली। दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक खानपान से हो तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सुबह की डाइट में मेवों को शामिल करने की सलाह दी है। पोस्ट में बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे मेवे से मिलने वाले कई जरूरी पोषक तत्वों के बारे में भी बताया गया है। सुबह के समय भीगे हुए मेवों का मिश्रण लेना एक आसान और पौष्टिक विकल्प हो सकता है। रात में मेवों को भिगोकर रखने और सुबह खाने का चलन भारतीय घरों में लंबे समय से देखा जाता है लेकिन अगर आप मेवों को भिगोना भूल जाते हैं तो इन्हें सामान्य रूप से भी संतुलित मात्रा में खा सकते हैं। बादाम पोषण से भरपूर मेवों में शामिल है। इसमें विटामिन-ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। विटामिन-ई शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जबकि मैग्नीशियम शरीर की कई सामान्य जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। सुबह के नाश्ते में सीमित मात्रा में बादाम शामिल करना डाइट को पौष्टिक बनाने का एक सरल तरीका हो सकता है। वहीं, अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसे सीधे खाया जा सकता है या फिर ओट्स, दलिया, दही अथवा फलों के साथ भी शामिल किया जा सकता है। किशमिश स्वाद में मीठी होने के साथ पोटैशियम, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भी देती है, हालांकि इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। इसलिए इसे भी संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है। खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या वाले लोगों को अपनी व्यक्तिगत डाइट के अनुसार मात्रा तय करनी चाहिए। भीगे बादाम, अखरोट और किशमिश को मिलाकर लिया जाए तो सुबह के आहार में अलग-अलग पोषक तत्व शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि कोई एक खाद्य पदार्थ संपूर्ण पोषण का विकल्प नहीं है। स्वस्थ रहने के लिए मेवों के साथ फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त पानी को भी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को सुबह 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेवा यात्रा के प्रतिभागियों से बातचीत करेंगे। ये सेवा यात्री दस समूहों में बाइक यात्रा कर रहे हैं, जो वडनगर से वाराणसी तक जाएगी। यह यात्रा महज एक मोटरसाइकिल यात्रा से कहीं अधिक है। 17 सितंबर से शुरू होकर ये टीमें कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही हैं। यह यात्रा सेवा, संपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक लामबंदी सहित जन भागीदारी के कई आयामों को एक साथ ला रही है और उन्हें एक जमीनी स्तर से दूसरे जमीनी स्तर तक ले जा रही है। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक वड़नगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिलों पर ‘सेवा यात्रा’ में भाग ले रहे 500 से अधिक युवा स्वयंसेवक रास्ते में पड़ने वाले स्कूलों, अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों के परिसरों की सफाई और सेवा कर रहे हैं। 20 टीमों द्वारा 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करने के उद्देश्य से चलाई जा रही यह 22 दिवसीय यात्रा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके 25 वर्षों के जनसेवा के उपलक्ष्य में आयोजित अभियान का हिस्सा है। भाजपा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि समुदायों की सेवा करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर, ये 500 युवा गांव-गांव घूम रहे हैं और स्वच्छता अभियान, गौ सेवा, बुजुर्गों की देखभाल और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने जैसी गतिविधियां कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि वे कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रहे हैं। सेवा यात्री केवल समुदायों से गुजर ही नहीं रहे हैं, बल्कि रुक रहे हैं, लोगों से मिल रहे हैं, और स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाली गतिविधियों में सेवा कर रहे हैं—तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान से लेकर लाभार्थियों के साथ बातचीत, युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद और गौ सेवा से लेकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत वृक्षारोपण तक। पीएम श्री स्कूलों में यात्री परिसर की सफाई कर रहे हैं, छात्रों से बातचीत कर रहे हैं, और किताबें व स्टेशनरी बांट रहे हैं। वहीं अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में वे जरूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि विधवाओं को किट वितरित किए जा रहे हैं, आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है, और समुदाय विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के लिए एकजुट हो रहे हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती डबल डेकर बस में लगी भीषण आग, 9 यात्री जिंदा जले ग्रेटर

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। जेवर एयरपोर्ट के पास नोएडा से महोबा जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर टूरिस्ट बस में अचानक भीषण आग लग गई जिसमें 9 यात्रियों के जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बस में 30 से ज्यादा यात्रियों सवार थे। आग लगते ही बस में अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई यात्रियों ने चलती बस से कूदकर जान बचाई, लेकिन बस के ऊपरी हिस्से में बैठे यात्री बाहर नहीं निकल पाए। शुरुआती जानकारी में पुलिस ने कहा था कि किसी जनहानि की सूचना नहीं है और सभी यात्रियों ने समय रहते बस से कूदकर जान बचा ली है लेकिन मौके से आ रही ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में 9 लोगों के जिंदा जलकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही जेवर पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस जलकर खाक हो गई। हादसा ग्रेटर नोएडा से करीब 34 किलोमीटर आगे जेवर एयरपोर्ट के पास हुआ। बस नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते महोबा जा रही थी। बस के ऊपर भारी मात्रा में लगेज रखकर चलने की भी जानकारी सामने आई है, जो आग लगने का एक कारण हो सकता है, हालांकि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित कर दिया है और जली हुई बस को हटाने का काम जारी है। मृतकों की पहचान और घायलों की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और उनसे संवाद कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सीएम योगी ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने हेतु निर्देश दिया है।