इंग्लैंड की श्रीलंका पर 89 रन की जीत में चमके विल जैक्स, ऑलराउंडर के नाम जुड़े ये रिकॉर्ड चेस्टर ली

स्ट्रीट। इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज में बुरी तरह हारने वाली श्रीलंका के लिए वनडे सीरीज का आगाज भी निराशाजनक रहा है। श्रीलंका को मंगलवार को खेले गए पहले वनडे में इंग्लैंड ने 89 रन से हरा दिया। इंग्लैंड की जीत के हीरो ऑलराउंडर विल जैक्स रहे। प्लेयर ऑफ द मैच रहे जैक्स के नाम इस मैच में कई रिकॉर्ड जुड़े। विल जैक्स ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों पर नाबाद 46 रन की पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी के दौरान भी जैक्स छठे नंबर पर आए और 7 ओवर में 22 रन देकर 5 विकेट लिए। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने इंग्लैंड को जीत दिलाया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार। विल जैक्स के नाम इस मैच के दौरान कई रिकॉर्ड भी जुड़े। जैक्स ने पहली बार वनडे में 5 विकेट लिए हैं। इंग्लैंड की तरफ से किसी स्पिनर का वनडे में किया गया यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पहले स्थान पर विक मार्क्स हैं। मार्क्स ने 1984 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 20 रन देकर 5 विकेट लिए थे। आदिल रशीद अब तीसरे नंबर पर चले गए हैं। रशीद ने 2017 में ब्रिस्टल में आयरलैंड के खिलाफ 27 रन देकर 5 विकेट लिए थे। जैक्स इंग्लैंड के चौथे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने किसी वनडे में 40 से अधिक रन बनाने के साथ ही 5 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। उनसे पहले ग्रिम हिक ने 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में 80 रन बनाने के साथ ही 33 रन देकर 5 विकेट लिए थे। रोनी ईरानी ने 2002 में द ओवल में भारत के खिलाफ 53 रन बनाने के अलावा 26 रन देकर 5 विकेट लिए थे। पॉल कोलिंगवुड ने 2005 में बांग्लादेश के खिलाफ 112 रन बनाने के अलावा 31 रन देकर 6 विकेट लिए थे। विल जैक्स वनडे में श्रीलंका के खिलाफ 5 या उससे अधिक विकेट लेने वाले इंग्लैंड के छठे गेंदबाज हैं। उनसे पहले क्रिस वोक्स, क्रिस जॉर्डन, मार्क एल्हम, विक मार्क्स और सैम करन ये उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। मैच की बात करें तो रिवरसाइड ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और कप्तान हैरी ब्रूक के 67, विल जैक्स के 46 और जो रूट के 44 रनों की मदद 48.1 ओवर में 265 रन बनाए थे। श्रीलंका 37 ओवर में 176 रन पर सिमट गई और 89 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।
मध्य प्रदेश : सागर जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, साथी समेत गिरफ्तार

सागर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में वांछित मनीष लोधी और उसके साथी आशीष साहू को मध्य प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। 30,000 रुपए के इनामी अपराधी लोधी और उसके साथी आशीष साहू घायल हो गए और अभी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उनके पास से दो देसी पिस्तौल, पांच कारतूस और एक बेसबॉल बैट बरामद किया गया। पुलिस ने बुधवार तड़के में एक छोटी सी मुठभेड़ में मनीष लोधी उर्फ यशवंत को पकड़ा, जो बांदा, सागर में कई लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब त्रासदी का मुख्य आरोपी था। सागर पुलिस मनीष लोधी को पकड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही थी। सुबह करीब 3:00 बजे, जहरीली शराब के मामले में तलाशी के दौरान, पुलिस टीम का सामना मालथौन पुलिस स्टेशन इलाके में नोनिया सेसाई रोड घाटी पर उससे हुआ। पुलिस के अनुसार, लोधी और उसके साथी आशीष ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की। पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में चलाई गई गोली लोधी के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा आशीष भी भागते समय घायल हो गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “घटनास्थल पर जरूरी कार्रवाई, हथियार और अन्य सबूत इकट्ठा करना और घायलों की मेडिकल जांच की जा रही है। नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच चल रही है।” यह त्रासदी सितंबर की शुरुआत में सागर जिले के बांदा और शाहगढ़ इलाकों में हुई थी, जब कई लोगों ने कथित तौर पर जहरीली शराब पी ली थी और उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो गई थीं। प्रभावित कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, और इस घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने दो थानों में 33 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और लगभग 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले 11 सितंबर को, जहरीली शराब त्रासदी का मुख्य आरोपी रवि लखेरा, गिरफ्तारी से बचने की कोशिश के दौरान बरायथा जंगल में पुलिस के साथ हुई संक्षिप्त मुठभेड़ में घायल हो गया था। लखेरा के पैर में गोली लगी थी और उसे इलाज के लिए बांदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 20,000 रुपए के इनाम की घोषणा की थी।
चंडीगढ़ में बम की धमकियों पर पुलिस अलर्ट, स्टेकहोल्डर्स के साथ की बड़ी बैठक

चंडीगढ़। शहर में हाल ही में ईमेल के जरिए मिल रही बम की धमकियों को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने मंगलवार को सभी संबंधित विभागों और संस्थानों के साथ एक अहम सलाह-मशविरा बैठक की। बैठक का उद्देश्य ऐसी धमकियों से निपटने के लिए एक पुख्ता और समन्वित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करना था। चंडीगढ़ पुलिस के पीआरओ से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक की अध्यक्षता एसएसपी कंवरदीप कौर ने की। बैठक में एसएसपी ऑपरेशन्स राजेश शर्मा और एसपी सिटी विजय कुमार के अलावा शहर के कई अहम विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, बड़े अस्पतालों, फायर और इमरजेंसी सर्विसेज और इंजीनियरिंग विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। पिछले कुछ महीनों में देश के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं। चंडीगढ़ में भी इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बैठक के दौरान एसएसपी कंवरदीप कौर ने सभी संस्थानों को अपने परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों को अपने यहां डीएफएम सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। इसमें सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाना और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करना शामिल है। इसके साथ ही सभी संस्थानों को हर महीने कम से कम एक बार मॉक ड्रिल करने की सलाह भी दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्र, स्टाफ, मरीज और आम लोग घबराएं नहीं और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ईमेल से मिलने वाली बम की धमकियों को लेकर जो एसओपी तैयार की जा रही है, उसमें स्टेकहोल्डर्स से मिले सुझावों और फीडबैक को भी शामिल किया जाएगा। इसका मकसद एक ऐसा स्पष्ट, व्यावहारिक और समन्वित रिस्पॉन्स सिस्टम बनाना है जिससे किसी भी धमकी की स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके और आम जनता, छात्रों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और ऐसी किसी भी संदिग्ध ईमेल या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड रक्षा समझौते को अंतिम रूप दिया

संयुक्त राष्ट्र। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन ने एक नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत 1951 के समझौते को अपडेट किया गया है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाया गया है। ट्रंप ने इस समझौते को लंबी कोशिशों का नतीजा बताया और कहा कि इससे अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच रिश्ते मजबूत होंगे। ट्रंप ने तीनों देशों के बीच हुए समझौते पर दस्तखत करने के कार्यक्रम में कहा, “हमारे रिश्ते बहुत शानदार और सुरक्षित होंगे, और हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “इस पर काफी समय से काम चल रहा था। कुछ लोग सच में यह समझौता करना चाहते थे लेकिन कभी हो नहीं पाया, पर अब हम इसे पूरा कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा कि यह समझौता ‘यूरोप, अमेरिका और सभी के लिए बहुत बढ़िया’ होगा और ग्रीनलैंड के लिए तो ‘अद्भुत’ साबित होगा। फ्रेडरिकसेन ने इस समझौते को अमेरिका के साथ डेनमार्क के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग में एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, “75 साल पहले, हमने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर एक समझौता किया था। आज, हम उससे भी बड़ा और बेहतर समझौता कर रहे हैं, एक ऐसा समझौता जो हमेशा कायम रहेगा।” डेनमार्क की नेता ने कहा कि इस समझौते से सुरक्षा और प्रतिरोध क्षमता मजबूत होगी और साथ ही विरोधी ताकतों को ग्रीनलैंड में पैर जमाने से रोका जा सकेगा। फ्रेडरिकसेन ने कहा, “हम यह पक्का कर रहे हैं कि उन्हें ग्रीनलैंड पर कोई नियंत्रण या बड़ा असर डालने की इजाजत न मिले। और हम यह भी पक्का कर रहे हैं कि आर्कटिक में एक ही समय में हमारे और सहयोगी देश भी मौजूद रहें।” उन्होंने कहा कि इस समझौते में ग्रीनलैंड और नॉर्थ अटलांटिक संधि वाले इलाके की सुरक्षा में अमेरिका के ऐतिहासिक और जारी योगदान को मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि इसमें डेनमार्क साम्राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और ग्रीनलैंड के आत्म-निर्णय के अधिकार का भी सम्मान किया गया है। फ्रेडरिकसेन ने इस समझौते को भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में नाटो को मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “अगर हम सहयोगी देशों के तौर पर बंट जाते हैं, तो हम अपने दुश्मनों की मदद करते हैं। हम ऐसा होने से रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।” नीलसन ने कहा कि इस समझौते से 1951 का रक्षा समझौता ‘2026 के दौर’ के हिसाब से अपडेट हो गया है और यह पक्का हो गया है कि ग्रीनलैंड के इलाके और वहां के लोगों पर असर डालने वाले फैसलों में ग्रीनलैंड सीधे तौर पर शामिल होगा। उन्होंने कहा, “ग्रीनलैंड के लिए, यह सिर्फ हमारे बारे में समझौता नहीं है, बल्कि यह हमारे साथ किया गया समझौता है। इसमें ग्रीनलैंड के लोगों, हमारे अधिकारों, हमारी आजीविका और हमारे देश के विकास का ध्यान रखा गया है।” नीलसन ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध और शीत युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड ने सुरक्षा के लिहाज से अहम भूमिका निभाई थी और वह अमेरिका की घरेलू सुरक्षा में भी मदद करता रहा है। उन्होंने आर्कटिक में सुरक्षा को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच नाटो और पश्चिमी गठबंधन के प्रति ग्रीनलैंड की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। नीलसन ने कहा, “इस समझौते से आज और भविष्य में इस बात को लेकर कोई शक नहीं रह जाना चाहिए कि ग्रीनलैंड की वफादारी किसके साथ है। हम अमेरिका के पक्के दोस्त रहे हैं और आगे भी रहेंगे, साथ ही पश्चिमी गठबंधन का हिस्सा भी बने रहेंगे।” नीलसन ने इस समझौते को ‘तीनों पक्षों के लिए फायदेमंद’ बताया, जो साझा जिम्मेदारी, आपसी सम्मान और आर्कटिक में शांति बनाए रखने के लक्ष्य पर आधारित है। ट्रंप ने उस पत्रकार के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया जिसने पूछा था कि क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिका के मालिकाना हक की बात अब खत्म हो गई है। जब उनसे पूछा गया कि ग्रीनलैंड के लोगों के लिए उनका क्या संदेश है, तो ट्रंप ने कहा, “मुझे ग्रीनलैंड के लोग बहुत पसंद हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “उनके प्रधानमंत्री उनका बहुत अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व करते हैं।” वॉशिंगटन और कोपेनहेगन के बीच 1951 में हुए रक्षा समझौते ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का आधार तैयार किया था। 2004 में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए एक समझौते के जरिए इसमें बदलाव किए गए थे।
भगवान वामन की जयंती पर नेताओं ने की प्रार्थना : सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और यश की वृद्धि हो

नई दिल्ली। भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन की जयंती पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सुख-समृद्धि के लिए कामना की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट किया, “नमः शांग धनुर्याण पाठये वामनाय च। यज्ञभुव फलदा त्रेच वामनाय नमो नमः। सृष्टि के पालनहार भगवान श्री विष्णु के पंचम अवतार भगवान श्री वामन जी की पावन जयंती की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान श्री वामन की कृपा से आप सभी का जीवन सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, “नमामि देवं विश्वेशं वामनं विष्णुरूपिणम्। बलिदर्पहरं शान्तं शाश्वतं पुरुषोत्तमम्॥ भगवान श्री विष्णु जी के पांचवें अवतार भगवान वामन जी के प्राकट्य दिवस की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भक्ति, धर्म एवं दानशीलता के स्वरूप भगवान वामन जी की कृपा से हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और यश की वृद्धि हो, यही मंगलकामना है।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, “श्री हरि के पंचम अवतार, भगवान श्री वामन की जयंती पर सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान वामन हमें धर्म, मर्यादा, त्याग और लोक-कल्याण के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्रभु की कृपा संपूर्ण सृष्टि पर बनी रहे, यही प्रार्थना है।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, “भगवान श्रीहरि विष्णु के पंचम अवतार भगवान श्री वामन की जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान श्री वामन से प्रार्थना है कि उनकी कृपादृष्टि सदैव सभी पर बनी रहे तथा राजस्थान में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास हो।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पोस्ट में कहा, “समस्त प्रदेशवासियों को भगवान श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान श्री वामन जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान वामन का अवतार धर्म, मर्यादा, सत्य और विनम्रता की शक्ति का संदेश देता है। भगवान श्री वामन जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का संचार हो, यही प्रार्थना है।” उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट किया, “सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के पंचम अवतार, धर्म और मर्यादा के प्रतीक भगवान श्रीवामन जी की जयंती पर समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान श्री वामन जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो तथा सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त हो, यही प्रार्थना है।
कमर दर्द और सर्वाइकल से हैं परेशान? रोज करें अर्धचक्रासन, मिलेगा आराम

नई दिल्ली। आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करना, लगातार मोबाइल या लैपटॉप देखना और गलत पोश्चर में रहने की आदत आम हो गई है। इसका सीधा असर हमारी रीढ़, गर्दन और पीठ पर पड़ सकता है। ऐसे में योग के कुछ आसान शरीर को स्ट्रेच करने और रीढ़ की लचक बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है अर्धचक्रासन। अर्धचक्रासन में शरीर को पीछे की ओर हल्का मोड़ा जाता है। देखने में यह आसन आसान लग सकता है, लेकिन इसे करते समय शरीर का संतुलन और सही तकनीक बेहद जरूरी है। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर यह रीढ़ की लचक को बेहतर करने के साथ पीठ और उससे जुड़ी मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अर्धचक्रासन के अभ्यास का पीठ, कंधे और रीढ़ के आसपास की मांसपेशियों पर असर होता है। इससे इन मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है। शरीर का पोश्चर बेहतर बनाए रखने के लिए भी मजबूत पीठ जरूरी होती है। इसके अलावा यह आसन शरीर में खिंचाव और सक्रियता का एहसास कराता है। अर्धचक्रासन को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइसिस में भी फायदेमंद माना जाता है। नियमित योगाभ्यास के साथ इसे शामिल करने से शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हर योग की तरह इसमें भी कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। अगर आपको चक्कर आते हैं या चलते-फिरते लड़खड़ाने की समस्या है तो इस आसन को करने से बचें। वहीं, हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मरीजों को भी पीछे झुकते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए, धीरे-धीरे और डॉक्टर की सलाह पर ही इसे करें। यदि आप यह आ सर कर भी रहे हैं तो किसी भी तरह की असहजता, दर्द या चक्कर महसूस हो तो तुरंत आसन रोक दें।