वैश्विक संकटों के बीच यूएनजीए में भारत का एजेंडा तय, सुधार और आतंकवाद पर रहेगा फोकस

संयुक्त राष्ट्र। दुनिया के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए जुटे हैं, जहां भारत बहुपक्षीय सुधार, आतंकवाद, शांति स्थापना और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को अपने एजेंडे के केंद्र में रखने वाला है। सालाना आम चर्चा ऐसे समय में शुरू हुई है, जब दुनिया लंबी जंग, मानवीय आपातकाल, आर्थिक अस्थिरता और बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ते मतभेदों से जूझ रही है। इस साल की थीम ‘भरोसा बहाल करना, बदलाव का प्रबंधन: एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे’ है। यह बहस 26 सितंबर तक चलेगी और 28 सितंबर को समाप्त होगी। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नेताओं से संघर्ष, मानवीय संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और आर्थिक लचीलेपन जैसे मुद्दों पर बात करने की उम्मीद है। भारत के औपचारिक बयान में इस बात पर ध्यान दिलाए जाने की उम्मीद है कि संस्थाओं को मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक हकीकत को दिखाना चाहिए। भारत ने बार-बार कहा है कि विकासशील देश उन संस्थाओं में कम प्रतिनिधित्व के साथ नहीं रह सकते, जो अंतरराष्ट्रीय शांति, वित्त, विकास और तकनीक पर फैसले लेती हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस से ठीक पहले सुरक्षा परिषद में भारत के दो बयानों से उन मुद्दों के संकेत मिले हैं, जिन्हें नई दिल्ली इस उच्च-स्तरीय सप्ताह के दौरान प्रमुखता से उठा सकता है। अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई परिषद की बैठक में भारत ने आगाह किया कि ‘अल-कायदा के आतंकवादी तंत्र (इकोसिस्टम) ने अफगानिस्तान की सीमाओं से परे अपनी रणनीतिक गहराई बना ली है।’ भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि 11 सितंबर के हमलों को अंजाम देने वाले कई ‘गुफाओं में छिपे भगोड़े नहीं थे’ और इसके बजाय उन्हें रिहायशी इलाकों या शहरी जगहों पर पकड़ा गया था। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, “वही सहिष्णु माहौल जिसने 9/11 के आर्किटेक्ट को पनाह दी थी, उसने बाद के वर्षों में भी अल-कायदा से जुड़े संगठनों को जगह, समर्थन और दंड से मुक्ति देना जारी रखा।” इन टिप्पणियों ने अफगानिस्तान में आतंकवाद और चरमपंथी संगठनों की निरंतर मौजूदगी को भारत की सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में रखा। बैठक में बताया गया कि अफगानिस्तान में अब भी 20 से अधिक आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि महिलाओं और लड़कियों के साथ भेदभाव, कमजोर आर्थिक वृद्धि और गहराते मानवीय संकट के कारण देश की बहाली कमजोर पड़ रही है। भारत ने शांति अभियानों पर सुरक्षा परिषद की विशेष बहस में संयुक्त राष्ट्र मिशनों के लिए कर्मी उपलब्ध कराने वाले देशों को बड़ी भूमिका देने की मांग की। भारत ने कहा कि जनादेश तय करने या उसकी समीक्षा से पहले सैनिक और पुलिस भेजने वाले देशों को अपनी राय रखने का संस्थागत अवसर मिलना चाहिए। आम बहस के साथ-साथ कई हाई-लेवल बैठकें होंगी, जिनमें भारत से सीधे जुड़े विषय शामिल होंगे। इनमें जलवायु कार्रवाई और न्यायसंगत परिवर्तन, महामारी की रोकथाम और तैयारी, विकास का अधिकार, समुद्र के जलस्तर में वृद्धि और परमाणु हथियारों का उन्मूलन शामिल है।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला स्कीट टीम ने जीता कांस्य पदक

नागोया। परिनाज धालीवाल, रजिया ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की तिकड़ी ने एशियन गेम्स 2026 में भारत को कांस्य पदक दिलाया है। तीनों एथलीटों ने बुधवार को महिला स्कीट टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता। तीन दिनों के क्वालिफिकेशन राउंड के बाद, परिनाज, रजिया और माहेश्वरी ने क्वालिफिकेशन में कुल 331 का स्कोर किया और तीसरा स्थान हासिल किया। चीनी टीम चे यूफेई, जियान यिटिंग और जियांग चाओयू ने 347 के स्कोर के साथ स्वर्ण और कजाकिस्तान की असेम ओरिनबे, जोया पिस्कुन और एडेल सदाकबायेवा ने 336 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। इससे पहले, ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने 579-20x के कुल स्कोर के साथ क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल करके 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि, टीम फाइनल में भारतीय तिकड़ी ईशा, मनु और सुरुचि को निराशा झेलनी पड़ी थी। भारतीय तीसरे स्थान के लिए वियतनाम से पिछड़ गई। इस बीच, जय मीना ने क्वार्टर-फाइनल में शेरविन नुगुइट पर शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक पक्का किया। फाइनल गेम से पहले 3-3 से बराबरी पर चल रहे मीना फाइनल गेम में 3-5 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए अगले चार पॉइंट जीते और आखिर में क्वार्टर-फाइनल 4-3 से जीतकर आखिरी चार में जगह बनाई, जहां उनका सामना जापान के ताकुया कुरोसाका और चीनी ताइपे के यू-सुंग चांग के बीच क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। हारने वाले सेमीफाइनलिस्ट कांस्य पदक जीतेंगे, जबकि जीतने वाले स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। पदक तालिका में भारतीय दल फिलहाल एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक के साथ आठवें स्थान पर है। 2023 एडिशन में, भारत कुल 107 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा। यह भारत का एशियन गेम्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयुर्वेद दिवस पर नेताओं ने दी शुभकामनाएं, पीएम मोदी ने बताया- स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का माध्यम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सुभाषित साझा करते हुए आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने सुभाषित संदेश में कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि आइए, अपनी इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और अधिक मजबूत करें। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक साझा किया – “हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्। मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।।” इस श्लोक का हिंदी भावार्थ बताते हुए उन्होंने लिखा कि जिस शास्त्र में यह बताया गया है कि मनुष्य के लिए कैसी जीवनशैली हितकारी है और कैसी अहितकारी है, सुखमय जीवन क्या है और दुःखमय जीवन क्या है, स्वस्थ जीवन और रोगग्रस्त जीवन में क्या अंतर है तथा दीर्घ और स्वस्थ जीवन के लिए किन बातों को अपनाना चाहिए और किनसे बचना चाहिए, साथ ही आयु के स्वरूप और उसके प्रमाण का भी जहां विस्तृत विवेचन किया गया है, उसे आयुर्वेद कहते हैं। प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्र सरकार के कई मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट कर आयुर्वेद दिवस पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय राज्य आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत की प्राचीन आरोग्य परंपरा को वैश्विक सम्मान मिल रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुर्वेद को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने के संकल्प से आज पूरी दुनिया भारत के इस अनमोल ज्ञान का लोहा मान रही है। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भारतीय आयुर्वेदिक व हर्बल उत्पादों की बढ़ती मांग इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वैश्विक समुदाय ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और समग्र आरोग्य की हमारी सोच पर भरोसा जता रहा है। यह बढ़त ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सामर्थ्य को दर्शाती है।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आयुर्वेद दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा और समृद्ध ज्ञान-विरासत में आयुर्वेद का विशेष स्थान है। समग्र स्वास्थ्य, रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित इसकी पद्धति आज भी प्रासंगिक है। आइए, आयुर्वेद की इस अमूल्य विरासत को अपनाएं और स्वस्थ भारत के संकल्प को सशक्त करें।” केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, आइए, इस शुभ दिन पर हम संकल्प लें कि हम आयुर्वेद को अपनाएंगे, आयुर्वेद को जीवित रखेंगे और आयुर्वेद के लिए जिएंगे। आयुर्वेद भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की वह दिव्य धरोहर है, जो केवल रोगों की औषधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र विद्या है। आइए इस दिवस पर संकल्प लें कि हम आयुर्वेद को अपनी जीवनशैली में अपनाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।” वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देशवासियों को आयुर्वेद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आयुर्वेद हमारी प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ, निरोगी एवं संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
आजमगढ़ में पत्नी, 2 पंडितों और बेटे को मारी गोली, पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में किया ढेर

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक खौफनाक वारदात सामने आई है। थाना अहरौला क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में अरविंद नाम के व्यक्ति ने मंगलवार देर रात अपनी पत्नी, एक बेटा और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने समझाने और सरेंडर करने की कोशिश की तो उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आरोपी को ढेर कर दिया। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि थाना अहरौला क्षेत्रान्तर्गत ग्राम शम्भूपुर में अरविंद द्वारा अपनी पत्नी एवं 2 अन्य व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंची। इस पर आरोपी ने 3 बच्चों के साथ अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। आरोपी अरविंद को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। पुलिस ने बच्चों को बचाने और आरोपी को सरेंडर करने के लिए समझाने का प्रयास किया, इसमें उसके परिजनों का भी सहयोग लिया गया। आरोपी द्वारा परिजनों और बच्चों को गोली मारने की धमकी दी गई। पर्याप्त चेतावनी के बावजूद आरोपी द्वारा अपने एक बच्चे को गोली मार दी गई। एसपी ने बताया कि गोली की आवाज पर पुलिस कमरे के अंदर घुसी तो आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा चेतावनी देने के बावजूद आरोपी ने फायरिंग जारी रखी। बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी अरविंद घायल हो गया। आरोपी एवं घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान आरोपी अरविंद एवं उसके बच्चे की मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा मौके से 2 बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल, एसओजी एवं फॉरेन्सिक टीम मौजूद है। घटनास्थल से साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है। एडीजी नवीन अरोड़ा ने कहा कि पुलिस ने पूरे संयम का परिचय दिया, कमांडो के जरिए रेस्क्यू करने की कोशिश की गई। इसी बीच एसपी आजमगढ़ की टीम जब बातचीत करने अंदर पहुंचे तो आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी। ऐसी स्थिति में पुलिस के पास कोई चारा नहीं था। पुलिस बंधक बच्चों को बचाने का प्रयास कर रही थी। जैसे ही पुलिस बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी, आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने फायर किया, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हुआ, उसे अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अरविंद के घर में पूजा हो रही थी। इस दौरान किसी बात पर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद अरविंद ने पत्नी बबीता समेत दो पुजारियों की गोली मार दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
गोविंदा को-एक्टर रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा दरबार में हुए स्पॉट

मुंबई। अभिनेता गोविंदा अपनी आगामी फिल्म ‘रूपा’ से वापसी करने जा रहे हैं। उन्होंने गणेशोत्सव के दौरान शहर के प्रतिष्ठित लालबागचा राजा दरबार में अपनी सह-अभिनेत्री रानी स्वर्णकार के साथ भगवान गणपति का आशीर्वाद लिया। जहां अभिनेता ने सफेद रंग का पारंपरिक परिधान पहना, वहीं अभिनेत्री ने लाल और सरसों के रंग के शेड्स को चुना। गोविंदा ने प्रार्थना की और अंतिम आरती की। इस यात्रा से गोविंदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। रानी के साथ अभिनेता की मुलाकात पत्नी सुनीता आहूजा द्वारा लगाए गए बेवफाई के आरोपों के बीच हुई है। अभिनेता की पत्नी ने आरोप लगाया था कि गोविंदा रानी के साथ प्रेम संबंध में हैं। सुनीता ने कहा था कि 62 वर्षीय अभिनेता को अपनी बेटी की उम्र की महिला के साथ घूमने पर शर्म आनी चाहिए और उन्होंने रानी के कपड़ों का मजाक भी उड़ाया था। इसके बाद, अभिनेता ने अपनी पत्नी के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। एक वीडियो में अभिनेता ने कहा, “आपके पीछे जो समूह है, जो गिरोह है, उन सबको सब जानते हैं। और मुझे लगता है कि यह जान-पहचान बहुत ज्यादा सामने आएगी। इसलिए यह आपको भी शोभा नहीं देगा। और मुझे लगता है कि भविष्य में भी, किसी न किसी समय आपको मेरी जरूरत पड़ेगी। इसलिए कृपया ऐसे बयान न दें। जो पॉडकास्ट चलाए जा रहे हैं और जो अपमान किए जा रहे हैं, कृपया अपनी सीमा में रहें। यह मेरी आपसे विनती है।” जुलाई में गोविंदा ने रानी को अपनी आगामी फिल्म ‘रूपा’ में नई सह-कलाकार के रूप में मीडिया से मिलवाया था और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मामला गरमा गया। गोविंदा ने रियलिटी स्ट्रीमिंग शो ‘लॉक अप’ में अपनी पत्नी का पूरा समर्थन किया था और शो से बाहर होने के बाद उन्हें रिसीव करने भी गए थे।
ट्रंप और ताकाइची ने मजबूत जापान-अमेरिका गठबंधन की तारीफ की

संयुक्त राष्ट्र। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई एक बैठक में अपने देशों के गठबंधन की मजबूती और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। ट्रंप ने द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत ताकाइची की जमकर तारीफ करते हुए की। उन्होंने ताकाइची को अपना दोस्त बताया और कहा कि उन्हें जापान के प्रमुख प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर याद किया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। मैं उनके आंकड़ों पर हमेशा नजर रखता हूं और जापान का उद्योग बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। देश बहुत अच्छा कर रहा है और इसमें बहुत बड़ा सुधार हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “उनके साथ होना सम्मान की बात है। वह मेरी दोस्त हैं। पिछले कुछ समय में हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानने लगे हैं और वह एक बेहतरीन प्रधानमंत्री साबित होंगी।” ट्रंप ने ताकाइची के साथ आए जापानी अधिकारियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “वे मजबूत और समझदार हैं और आपके साथ होना सम्मान की बात है।” ताकाइची ने एक अनुवादक के जरिए बात करते हुए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दोनों देशों की साझेदारी के लिए मजबूत समर्थन दिया है, खासकर ऐसे समय में जब एशिया में सुरक्षा चुनौतियां और गंभीर होती जा रही हैं। ताकाइची ने कहा, “मैं सबसे पहले जापान-अमेरिका गठबंधन के प्रति डोनाल्ड की बहुत मजबूत प्रतिबद्धता के लिए अपना आभार दोहराना चाहूंगी, खासकर हाल के वर्षों में एशिया सहित सुरक्षा के हालात मुश्किल होने के बावजूद।” जापानी नेता ने कहा कि न्यूयॉर्क में हुई इस बैठक का मकसद दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती के बारे में एक बड़ा संदेश देना था। उन्होंने कहा, “मैं इस मौके का इस्तेमाल करके दुनिया को यह दिखाना चाहूंगी कि हमारा गठबंधन कितना मजबूत है। इसके लिए आज यहां यूएन मुख्यालय में डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक और बैठक हो रही है।” ताकाइची ने ट्रंप को हाल ही में कैबिनेट में हुए फेरबदल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के 18 मंत्रियों में से 10 नए नियुक्त किए गए थे। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विदेश नीति, वित्त, आर्थिक मामलों और रक्षा जैसे अहम विभागों को संभालने वाले अधिकारी अपने पदों पर बने रहे। ताकाइची ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के बने रहने से अमेरिका में अपने समकक्षों के साथ सीधे कामकाजी रिश्ते बनाए रखने और वॉशिंगटन व टोक्यो के बीच तालमेल को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “इसलिए यह कहना सही होगा कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि अधिकारियों के बीच के ये आपसी रिश्ते नीतिगत तालमेल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। और ऐसा करके, मैं दोनों देशों के बीच हमारे गठबंधन को और मजबूत करने की उम्मीद करती हूं।” प्रधानमंत्री ने आर्थिक सुरक्षा को दोनों देशों के रिश्तों का एक और बढ़ता हुआ दायरा बताया। उन्होंने खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) का जिक्र किया। ये ऐसे सेक्टर हैं जो दोनों देशों की रणनीतिक और औद्योगिक नीति के लिए अहम हो गए हैं। ताकाइची ने कहा, “असल में, डोनाल्ड और मेरी अपनी लीडरशिप की वजह से, एआई, सेमीकंडक्टर और ज़रूरी खनिजों जैसे क्षेत्रों में हमारा आपसी आर्थिक सुरक्षा सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने इशारा किया कि पत्रकारों के कमरे से बाहर जाने से पहले निजी बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। अमेरिका और जापान 1960 में हुई आपसी सहयोग और सुरक्षा संधि से जुड़े हुए हैं। वाशिंगटन लंबे समय से इस गठबंधन को एशिया में अपनी सुरक्षा जरूरतों और इंडो-पैसिफिक में स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम मानता रहा है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, जी7, जी20 और एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन फोरम जैसे कई मंचों पर भी साथ मिलकर काम करते हैं। उनकी साझेदारी सुरक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर तालमेल तक फैली हुई है।
‘रामधारी सिंह दिनकर की कविताएं करती हैं शौर्य और आत्मगौरव का संचार’, जयंती पर राष्ट्रकवि को पीएम मोदी ने किया नमन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि नचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के भावों से भरी उनकी ओजस्वी कविताएं आज भी देशवासियों के हृदय में शौर्य, तेज और आत्मगौरव का संचार करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर उन्हें मेरा शत-शत नमन। जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के भावों से भरी उनकी ओजस्वी कविताएं आज भी देशवासियों के हृदय में शौर्य, तेज और आत्मगौरव का संचार करती हैं। उनकी रचनाएं साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ मातृभूमि के प्रति समर्पण को भी प्रेरित करती हैं। उनका विराट व्यक्तित्व और कालजयी कृतित्व युगों-युगों तक भारतवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।” लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर भावपूर्ण नमन। हिंदी साहित्य के आकाश में दिनकर जी का स्थान केवल एक महान कवि के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे साहित्यकार के रूप में है, जिनकी लेखनी ने राष्ट्र की चेतना, जनभावनाओं और सामाजिक सरोकारों को स्वर दिया।” उन्होंने लिखा, “‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘उर्वशी’, ‘रेणुका’ और ‘संस्कृति के चार अध्याय’ जैसी उनकी कालजयी कृतियों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ भारतीय समाज और राष्ट्रचिंतन को भी नई दृष्टि प्रदान की। उनकी रचनाएं आज भी पाठकों को साहस, आत्मसम्मान, कर्तव्यबोध और सामाजिक चेतना का संदेश देती हैं। दिनकर जी तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे और संसद के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनकर जी की अमर साहित्यिक विरासत भारतीय साहित्य और राष्ट्रचिंतन को सदैव प्रेरित करती रहेगी।” केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी रामधारी सिंह दिनकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “श्रेष्ठ कवि और लेखक पद्म भूषण रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।” केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “अपनी ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने वाले महान साहित्यकार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। आप जैसे अनूठे सृजनकर्ता की अमूल्य रचनाएं सर्वदा साहित्य जगत की समृद्धि का सशक्त आधार रहेंगी। हिन्दी के अनन्य सेवक को प्रणाम।
भारत का बड़ी आर्थिक शक्ति बनना ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की मदद में सहायक: विदेश मंत्री जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन देशों को भरोसा दिलाया कि एक बड़ी आर्थिक शक्ति के तौर पर भारत का उभरना, उसे ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की साझा समृद्धि हासिल करने में मदद करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने मंगलवार को यहां ‘कम्युनिटी ऑफ लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन स्टेट्स’ (सीईएलएसी) के विदेश मंत्रियों से कहा, “पिछले दशक में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। हमारी जीडीपी दोगुनी से अधिक हो गई है और विकास दर मजबूत बनी हुई है।” उन्होंने बताया कि “आज भारत के पास बड़ी और तेजी से कुशल हो रही मानव संसाधन क्षमता, बढ़ती हुई क्षमताएं, एक बढ़ता हुआ बाजार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती क्षमताएं मौजूद हैं।” उन्होंने कहा, “इससे वैश्विक विकास और ‘ग्लोबल साउथ’ के साझेदारों के लिए सार्थक योगदान देने की हमारी क्षमता मजबूत हुई है।” उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ भारत का जुड़ाव संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह “हमारी एकजुटता और साझा समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने पिछले साल जमैका में आए हरिकेन मेलिसा और इस साल वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत की मदद, कैरिबियन में विकास कार्यक्रमों के लिए समर्थन और लैटिन अमेरिकी देशों को दवाइयों की सप्लाई का जिक्र किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ 33 सदस्यों वाले सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों की बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने एक्स पर कहा कि मंत्री स्वास्थ्य और फार्मा, खाद्य और कृषि, ऊर्जा और संसाधन, छोटे और मध्यम उद्यमों और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत की अगुवाई वाली पहलों, जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन लाइफ के लिए भी समर्थन दिया।
दिल्ली : मदीना मस्जिद पर अतिक्रमण कार्रवाई के बाद बवाल, इमाम बोले – कुरान तक निकालने नहीं दी

नई दिल्ली। दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मैक्स हॉस्पिटल रोड चौड़ीकरण के तहत देर रात प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान मदीना मस्जिद और उसके आसपास बने कई मकानों सहित सड़क पर मौजूद अवैध कब्जों को हटाया गया। वहीं, मदीना मस्जिद पर हुई कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई देर रात करीब 11:30 बजे शालीमार बाग पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। मदीना मस्जिद के इमाम जरीफुर रहमान ने प्रशासन के दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “इस मस्जिद को गैर-कानूनी बताया जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि शालीमार में लगभग हर घर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के आधार पर बना हुआ है। पूरा इलाका इसी दस्तावेज के सहारे बसा है, फिर भी केवल मस्जिद को ही अवैध करार दिया जा रहा है। यह भेदभावपूर्ण रवैया है।” इमाम ने बताया, “हमने वकील के माध्यम से अदालत में अपना पक्ष रखा और सभी जरूरी जवाब दाखिल किए। इसके बाद कोर्ट ने एमसीडी को नोटिस भेजा। एमसीडी ने हमें सुनवाई के लिए बुलाया, जहां हमने अपना सारा पक्ष और दस्तावेज उनके सामने रखे। लेकिन सुनवाई के अगले ही दिन एमसीडी ने एक नोटिस जारी कर दिया, जिसमें मस्जिद को 15 दिनों के भीतर खुद हटाने या नगर निगम की कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया। इसके बाद हम दोबारा कोर्ट गए, जहां से हमें केवल ग्राउंड फ्लोर पर स्टे मिला, ऊपरी मंजिलों के लिए कोई राहत नहीं मिली।” मदीना मस्जिद के प्रेसिडेंट मोविन खान ने कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “वकील की सलाह पर हमने अदालत में एक नई अर्जी दाखिल की थी, जिसमें हमने एमसीडी से दस्तावेजों की स्पष्ट कॉपी मांगी थी, ताकि हम एक सटीक और सही जवाब तैयार कर सकें। लेकिन इस बीच एमसीडी ने लगातार तीन नोटिस जारी कर दिए, जिसमें कहा गया कि 15 दिनों के अंदर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।” मोविन खान ने आगे बताया, “इसके बाद हमने अपीलेट ट्रिब्यूनल में केस दायर किया। 15 तारीख को हुई पहली सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने कहा कि जिस मंजिल पर बिजली का मीटर लगा है, उसे मान्यता दी गई है, लेकिन बाकी के हिस्से को नया निर्माण माना गया है। हमने अदालत से अनुरोध किया कि वह दीवारों पर लगे प्लास्टर की उम्र की जांच करे। हमने बताया कि हमने यह तीन मंजिलें साल 2001 में ही बनाई थीं और कोर्ट में उस समय का साइट प्लान भी जमा किया था। लेकिन जज ने हमारे नक्शों और दलीलों पर ध्यान नहीं दिया और आदेश दे दिया कि ऊपरी मंजिलों को गिराया जा सकता है।” इस पूरे मामले में एआईएमआईएम ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने कहा, “हमें देर रात करीब 11:30 बजे पार्टी नेता असदुद्दीन ओवैसी का संदेश मिला कि शालीमार बाग में ऐसी घटना हुई है। मैंने तुरंत अपनी लोकल टीम को मौके पर हालात का जायजा लेने के लिए भेजा।” शोएब जमाई ने आरोप लगाया, “पता चला कि शालीमार गांव में, जहां मस्जिद को लेकर कोर्ट में मामला अभी भी विचाराधीन था, वहां देर रात अंधेरे में, इलाके की सारी लाइटें बंद करके बुलडोजर से कार्रवाई की गई। मस्जिद के इमाम और स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें मस्जिद के अंदर से पवित्र कुरान और अन्य धार्मिक किताबों को निकालने तक का समय नहीं दिया गया। यह जुल्म की हद है। देश की राजधानी में बिना किसी को जानकारी दिए अंधेरे में इस तरह की कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है, इसलिए हमने अपनी लोकल टीम और मीडिया को इसकी सूचना दी।” शोएब जमाई ने इस मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी घेरा। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछना चाहता हूं कि यह आपका ही इलाका शालीमार बाग है न? जब यहां हमारे हिंदू भाइयों के घरों पर बुलडोजर चला था, तब भी हमने आवाज उठाई थी। और आज जब मस्जिद पर बुलडोजर चल रहा है, तब भी हम आवाज उठा रहे हैं। हम यहां कोई भेदभाव नहीं करते। लेकिन दिल्ली की मुख्यमंत्री के अपने इलाके में बुलडोजर चल रहा है, और वह भी उनके कहने पर? रात के अंधेरे में उनके इशारे पर बुलडोजर चलाना, यह अहंकार और घमंड बहुत भारी पड़ेगा।” उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर ऐसी क्या इमरजेंसी आ गई थी कि आधी रात को मस्जिद पर बुलडोजर चलाना पड़ा? कुरान या दूसरी धार्मिक किताबों को हटाने का समय तक क्यों नहीं दिया गया? हमें स्थानीय एआईएमआईएम नेताओं से और हमारे नेता ओवैसी से कॉल आया था, उन्होंने स्थिति समझाई, जिसके बाद हमारी पूरी टीम तुरंत यहां इकट्ठा हुई। देश की राजधानी में आधी रात को इस तरह का दमन बिल्कुल मंजूर नहीं है।
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ने बच्चों के लिए वैश्विक प्रौद्योगिकी और शिक्षा गठबंधन का दायरा बढ़ाया

संयुक्त राष्ट्र। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने बच्चों के लिए 57 देशों तक अपने वैश्विक प्रौद्योगिकी और शिक्षा गठबंधन का दायरा बढ़ाया है। उन्होंने छह बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की घोषणा की है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के साथ आयोजित एक सभा के दौरान मेलानिया ट्रंप ने ‘फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर’ के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस, पोलैंड, यूक्रेन, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, पनामा और कनाडा समेत कई देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर संस्कृतियों, भाषाओं, इतिहास और परंपराओं का एक सुंदर संगम हैं। फिर भी, हम एक शाश्वत सत्य के लिए एकजुट हैं। हमारी दुनिया का भविष्य इस बात से तय होगा कि आज हम अपने बच्चों के लिए क्या करते हैं।” ‘फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर’ का उद्देश्य बच्चों की प्रौद्योगिकी और शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना है। साथ ही, उन्हें नए उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल विकसित करने में मदद करना है। अमेरिका की प्रथम महिला ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए केवल प्रौद्योगिकी तक पहुंच ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह भी सीखना चाहिए कि नई टेक्नोलॉजी का जिम्मेदारीपूर्वक और प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने कहा, “हम मानव इतिहास के एक असाधारण दौर में जी रहे हैं। हम एक तकनीकी क्रांति की दहलीज पर एक साथ खड़े हैं।” नए निजी क्षेत्र के साझेदार एडोब, अमेजन, गूगल, इंटेल, स्टारलिंक और जूम हैं। इस कार्यक्रम में एप्पल के टिम कुक और पेपाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनरिक लोरेस भी उपस्थित थे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वीडियो कॉलिंग, मोबाइल कंप्यूटर, स्वचालित वाहन, आभासी वातावरण और बायोमेट्रिक पहचान को उन प्रौद्योगिकियों के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया जो विज्ञान कथाओं से निकलकर रोजमर्रा की जिंदगी में आ चुकी हैं। उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता पूरे व्यावसायिक क्षेत्र को बदल रही है और मानवता के लिए अब तक उपलब्ध जानकारी के सबसे बड़े भंडार तक पहुंच के दायरे को बढ़ा रही है। लेकिन सिर्फ पहुंच ही सशक्तिकरण नहीं है। हमें अपने बच्चों को टूल्स देने होंगे और उन्हें यह सिखाना होगा कि उन टूल्स का समझदारी से इस्तेमाल कैसे किया जाए।” प्रथम महिला ने 2026 के शेष बचे समय के लिए ‘फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर’ के चार कार्यक्रमों की भी घोषणा की। वह दिसंबर में फ्लोरिडा के मियामी में गठबंधन के पहले जी20 कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी। फिलीपींस की प्रथम महिला लिजा अरानेटा मार्कोस मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी। पोलैंड की प्रथम महिला मार्टा नवरोका एक यूरोपीय क्षेत्रीय बैठक का आयोजन करेंगी, जबकि सेंट किट्स और नेविस के डियानी प्रिंस-डू कैरेबियन सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। उन्होंने जीवनसाथियों और अन्य नेताओं से बच्चों को ज्ञान के नए क्षेत्रों का पता लगाने, सोच-समझकर जोखिम उठाने और सामाजिक प्रगति में योगदान देने में मदद करने का आह्वान किया। मेलानिया ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान ‘फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर’ पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य शुरू में सरकारों को एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट करना था। साथ ही, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के जरिए बच्चों को सशक्त बनाना था।