शिव नादर स्कूल, नोएडा के अंडर-11 लड़कों ने शानदार प्रदर्शन के साथ जोनल खिताब जीता, जालंधर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बनाई जगह

नोएडा। शिव नादर स्कूल, नोएडा ने CBSE नॉर्थ ज़ोन-1 अंडर-11 बॉयज़ चेस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला हारे बिना 47 स्कूलों के बीच पहला स्थान हासिल किया।चैंपियन टीम — अगस्त्य अग्रवाल, अवी राज सिंह, धनिश अग्रवाल और अथर्व चंद्रा — ने टूर्नामेंट के अपने सभी छह मुकाबले जीते। टीम ने अधिकतम 12 मैच पॉइंट और 20 गेम पॉइंट हासिल किए और अन्य टीमों से स्पष्ट बढ़त बनाई। शानदार प्रदर्शन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई स्कूलों से शामिल मजबूत क्षेत्रीय प्रतियोगिता में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल वसुंधरा, लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल (नॉलेज पार्क-V) सहित कई स्कूलों ने हिस्सा लिया। शिव नादर स्कूल नोएडा की टीम ने छह में से छह मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने न तो कोई मुकाबला ड्रॉ किया और न ही कोई मैच हारा।एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा और एमिटी इंटरनेशनल स्कूल वसुंधरा-6 ने 5 जीत और 1 हार के साथ 10-10 मैच पॉइंट हासिल किए। इससे पता चलता है कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान शिव नादर स्कूल नोएडा की टीम के प्रदर्शन की बराबरी करना कितना चुनौतीपूर्ण था। जालंधर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता का इंतजार जोनल स्तर पर शानदार रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद अगस्त्य, अवी, धनिश और अथर्व अब CBSE नेशनल चेस चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता पंजाब के जालंधर में आयोजित होगी। यह भारतीय स्कूली शतरंज के प्रमुख मंचों में से एक है, जहां देशभर के जोनल चैंपियन राष्ट्रीय खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। स्कूल के लिए गर्व का क्षण 47 टीमों की जोनल प्रतियोगिता में बिना कोई मुकाबला हारे खिताब जीतना एक बड़ी उपलब्धि है। यह शिव नादर स्कूल नोएडा के लगातार मजबूत होते शतरंज कार्यक्रम को दर्शाता है। अब जब टीम जालंधर के लिए रवाना होगी, पूरा स्कूल समुदाय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी शानदार प्रदर्शन को जारी रखने के लिए शुभकामनाएं देगा।

पार्थ गौतम फाउंडेशन ने बरेली में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दिया मजबूती का आधार, एक वर्ष में 5,200 से अधिक लोगों को लाभ

नई दिल्ली ।पार्थ गौतम फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष के दौरान बरेली में अपने जमीनी सामाजिक कल्याण प्रयासों का विस्तार करते हुए 4,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा तथा 1,200 से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है। यह पहल जरूरतमंद समुदायों तक आवश्यक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।फाउंडेशन के कार्यों के बारे में बात करते हुए डॉ. उमेश गौतम, महापौर, बरेली एवं चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय, ने कहा, शिक्षा और स्वास्थ्य एक मजबूत समाज के निर्माण की बुनियादी जरूरतें हैं। किसी बच्चे की पढ़ाई जारी रहेगी या किसी परिवार को आवश्यक चिकित्सा उपचार मिल पाएगा, यह उसकी आर्थिक स्थिति से तय नहीं होना चाहिए। फाउंडेशन के माध्यम से हमारा प्रयास रहा है कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ा रहा जाए और यह सहायता उन्हें सम्मान के साथ उपलब्ध हो।पार्थ गौतम, संस्थापक, पार्थ गौतम फाउंडेशन एवं प्रो-चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय, ने कहा, हमारा ध्यान हमेशा जमीनी स्तर पर सार्थक प्रभाव पैदा करने पर रहा है। पिछले एक वर्ष में हमने परिवारों के साथ मिलकर यह समझने का प्रयास किया कि वास्तव में किस क्षेत्र में सहायता की आवश्यकता है, विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में। प्रत्येक छात्र का अपनी पढ़ाई जारी रख पाना और प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिलना हमारे इन प्रयासों को और विस्तार देने तथा आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।पार्थ गौतम, संस्थापक, पार्थ गौतम फाउंडेशन एवं प्रो-चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय के नेतृत्व में तथा डॉ. उमेश गौतम, महापौर, बरेली एवं चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय की जनसेवा की सोच से प्रेरित होकर फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।पिछले एक वर्ष के दौरान फाउंडेशन ने 4,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई है, जिससे आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को कम करना तथा उनकी पढ़ाई की निरंतरता और आवश्यक शैक्षणिक जरूरतों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।स्वास्थ्य सेवा फाउंडेशन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में से एक रही है। पिछले एक वर्ष में 1,200 से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता प्रदान की गई, जिससे आवश्यक उपचार प्राप्त करने में आने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिली। बरेली के मिशन अस्पताल के सहयोग से इस पहल के तहत लोगों को उपचार के खर्च की चिंता के बिना चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने में भी सहायता की गई।फाउंडेशन ने ऐसे व्यक्तियों और परिवारों को भी सहायता प्रदान की है, जिन्हें तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि उपचार का खर्च वहन करने में असमर्थता किसी व्यक्ति के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में बाधा न बने।शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी ये पहल बरेली में फाउंडेशन के व्यापक सामुदायिक कल्याण प्रयासों का हिस्सा हैं। पिछले कुछ वर्षों में फाउंडेशन ने समुदाय की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और सामाजिक विकास में लोगों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई जमीनी स्तर के कार्यक्रम संचालित किए हैं।आगे भी पार्थ गौतम फाउंडेशन अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी पहलों को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। इसके तहत बरेली और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों, मरीजों और परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कैलाश विजयवर्गीय ने मुझे गोद में खिलाया, पिता-पुत्री जैसा है रिश्ता: भाजपा पार्षद संध्या यादव

इंदौर। भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। कांग्रेस ने विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की, जबकि भाजपा पार्षद संध्या यादव ने खुद सामने आकर उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं, बल्कि पिता-पुत्री जैसा है और उनकी कही गई बात को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। भाजपा पार्षद संध्या यादव ने पूरे विवाद को कांग्रेस की ओर से मुद्दा बनाए जाने से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस हर चीज को मुद्दा बना लेती है। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में नर्मदा के पानी की टंकी के भूमिपूजन और पूरे वार्ड में नर्मदा लाइन बिछाने के काम का भूमिपूजन किया गया था। इसके साथ ही संजीवन क्लीनिक के लोकार्पण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री और उनकी विधानसभा के विधायक कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए थे। कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने जो भी बातें कही थीं, उनका संदर्भ उनके और विजयवर्गीय के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक रिश्ते से जुड़ा है। विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता पिता-पुत्री का है और इसलिए उनकी बात को किसी दूसरे अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और कैलाश विजयवर्गीय के पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कैलाश विजयवर्गीय पार्षद हुआ करते थे, तब वह खुद बहुत छोटी थीं। उस समय विजयवर्गीय ने उन्हें गोद में खिलाया था। यही वजह है कि दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध है। यादव ने लोगों से अपील की कि इस पूरे मामले को अन्यथा न लिया जाए और इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से बचा जाए। संध्या यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र में बातचीत के दौरान रिश्तों के लिए अलग तरह की स्थानीय भाषा और संबोधन का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने ‘मोटा भाई’ और ‘छोटा भाई’ जैसे संबोधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय बोलचाल में इस तरह के शब्द सामान्य रूप से इस्तेमाल होते हैं। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के लिए वह बेटी समान हैं और उनके लिए विजयवर्गीय पिता तुल्य हैं। इसलिए कार्यक्रम के दौरान कही गई बात को इसी पारिवारिक रिश्ते और स्थानीय बोलचाल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। विवाद के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने भी खेद जताया और कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं।

अगर रोहित-विराट टीम में रहेंगे, तो वर्ल्ड कप जीतने की संभावना 90 प्रतिशत है: सुरेश रैना

नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना मानते हैं कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम का हिस्सा बने रहते हैं, तो इससे वर्ल्ड कप जीतने की संभावना 90 प्रतिशत होगी। आगामी वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर और नवंबर के बीच खेला जाना है। रैना ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए भारत और आईपीएल के लिए बड़े टूर्नामेंट जीतने के उनके रिकॉर्ड का जिक्र किया। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान पत्रकारों से रैना ने कहा, “हमारे पास बेहतरीन मैच-विनर खिलाड़ी हैं। हमारे पास रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बेहतरीन कप्तान हैं जिन्होंने आईपीएल और देश के लिए कई ट्रॉफियां जीती हैं। विराट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह एक अलग तरह के खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि मैंने उनके साथ बहुत सारे मैच खेले हैं। विराट भी ऐसा चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर वे दोनों टीम में रहते हैं, तो वर्ल्ड कप जीतने की संभवना 90 प्रतिशत है।” रैना ने वर्ल्ड कप 2023 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार का जिक्र करते हुए कहा कि जब टीम 2027 के टूर्नामेंट के लिए साउथ अफ्रीका लौटेगी तो उसमें और ज्यादा जोश होगा। रैना ने कहा, “हम साल 2003 में साउथ अफ्रीका में हारे थे, अब उसका बदला भी लेना है।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मुकाबलों की घरेलू वनडे सीरीज के लिए 15-सदस्यीय टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को शामिल किया गया है। यह सीरीज 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी, इसके बाद दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में और तीसरा वनडे 3 अक्टूबर को चंडीगढ़ में खेला जाएगा। वहीं, श्रेयस अय्यर भारत के एशियन गेम्स के अभियान का हिस्सा होंगे। वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में रैना ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें वैसे ही खेलने देना चाहिए जैसे वह खेल रहे हैं। जिस तरह से वह इतने सारे रन बना रहा है, जिस तरह से वह खेलते हैं उनकी सोच बिल्कुल अलग है। मुझे उसे खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है।

नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किया जवाब

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले मे कांग्रेस राज्य सभा सांसद सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट मे जवाब दाखिल किया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली हाई कोर्ट में ईडी की याचिका को ‘कानून के प्रोसेस का गलत इस्तेमाल’ बताते हुए खारिज करने की मांग की। सोनिया और राहुल गांधी ने हाईकोर्ट को बताया कि पीएमएलए में कोई भी प्रावधान ‘प्राइवेट कंप्लेंट’ को ईडी एक्शन के लिए आधार नहीं मानता। राहुल गांधी और सोनिया ने जवाब मे कहा कि डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की 2013 की शिकायत मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने के लिए कानूनी तौर पर आधार नहीं बन सकता है। राहुल गांधी और सोनिया ने कहा कि ईडी की 2014 से 2021 तक की इंटरनल नोटिंग्स, 2015 का एक टेक्निकल सर्कुलर, और एफएटीएफ में उसके अपने सबमिशन, ये सब दिखाते हैं कि ईडी खुद मानता था कि आगे बढ़ने से पहले एफआईआर जरूरी है। जवाब में राहुल गांधी और सोनिया ने टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि ईडी ने ट्रायल कोर्ट के 16 दिसंबर के ऑर्डर के 24 घंटे के अंदर हाई कोर्ट में चुनौती दे दी जबकि ऐसे मामलो मे आम तौर पर इंटरनल अप्रूवल की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीएमएलए के तहत अभियोजन चलाने से विपरीत स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जहां ईडी को किसी सार्थक जांच के अभाव में अनुसूचित अपराध की जांच का अधिकार लेना पड़ेगा, जो “अधिनियम की योजना के बिल्कुल विपरीत” होगा। गांधी परिवार ने यह भी बताया कि ईडी का वर्षों से यही रुख रहा है कि “वह (आधारभूत अपराध) एफआईआर के अभाव में किसी एक कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता,” और “एफआईआर के अभाव में पीएमएलए के तहत संज्ञान नहीं लिया जा सकता।” गांधी परिवार ने कहा कि विभाग को ही ज्ञात कारणों से और स्पष्ट रूप से कानून के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत, इस मामले में इस बात की अनदेखी की गई है। नेशनल हेराल्ड मामले में, ईडी ने आरोप लगाया है कि गांधी परिवार ने कांग्रेस के कुछ अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। एजेएल एक सार्वजनिक गैर-सूचीबद्ध कंपनी है और नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक है।

राजस्थान: भाजपा ने छह डिप्टी मेयर पद जीते, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजस्थान के छह नगर निगमों में डिप्टी मेयर पद हासिल कर लिया है, जहां मंगलवार को चुनाव हुए थे, जबकि कांग्रेस एक भी पद जीतने में नाकाम रही। सबसे बड़ा उलटफेर बीकानेर में हुआ, जहां कांग्रेस के पास मेयर का पद है और 80 सदस्यों वाले कॉर्पोरेशन में उसका सबसे बड़ा ग्रुप था। इसके बावजूद क्रॉस-वोटिंग के आरोपों के बीच भाजपा उम्मीदवार पंकज गहलोत डिप्टी मेयर का चुनाव जीत गए। भाजपा ने अलवर, उदयपुर और दूसरे कॉर्पोरेशन में भी डिप्टी मेयर के पद हासिल किए। अजमेर में मुकाबला टाई पर खत्म हुआ, जिसमें भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों को 40-40 वोट मिले। नतीजा लॉटरी से तय हुआ और भाजपा के हेमंत सांखला को विजेता घोषित किया गया। पाली में डिप्टी मेयर का मुकाबला भी लॉटरी से तय हुआ। वोटिंग प्रोसेस के बिना किसी साफ विजेता के खत्म होने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार महबूब टी विजयी हुए। पाली में मेयर चुनाव में पहले ही बड़ा उलटफेर हो चुका था, जहां कांग्रेस ने 65 वार्ड में से 29 जीते थे, जबकि भाजपा को 21 और निर्दलीय को 15 वार्ड मिले थे। फिर भी भाजपा की नमिता बुबकिया ने पार्टी के पार्षदों की संख्या से ज्यादा समर्थन के साथ मेयर का पद जीता। बीकानेर में भाजपा की जीत ने सबका ध्यान खींचा। 80 सदस्यों वाले कॉर्पोरेशन में अनिल कल्ला ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50-30 से हराया, जिसके बाद कांग्रेस ने मेयर का पद अपने पास रखा। कांग्रेस के पास पार्षदों का सबसे बड़ा ग्रुप भी था, लेकिन भाजपा के पंकज गहलोत ने डिप्टी मेयर का चुनाव जीत लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नतीजा क्रॉस-वोटिंग की वजह से हुआ। सीक्रेट-बैलेट सिस्टम का मतलब है कि अलग-अलग वोटों की पहचान नहीं की जा सकती। चुनाव के दौरान एक टकराव की खबर आई, जब कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत और एडिशनल एसपी चक्रवर्ती सिंह के बीच झड़प हुई, जब पुलिस गहलोत को परिसर से बाहर ले जा रही थी। अलवर में भाजपा के अजय पूनिया 40 वोटों के साथ डिप्टी मेयर चुने गए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ममता सैनी को 24 वोट मिले। एक वोट इनवैलिड घोषित किया गया। इस नतीजे से अलवर नगर निगम पर भाजपा का कंट्रोल और मजबूत हो गया है, क्योंकि 21 सितंबर को सुमनलता अग्रवाल मेयर चुनी गई थीं। उदयपुर में भाजपा के दिनेश भट्ट डिप्टी मेयर चुने गए। 80 काउंसलर में से भट्ट को 56 वोट मिले, जबकि कांग्रेस कैंडिडेट लक्ष्मीनारायण मेघवाल को 24 वोट मिले। भट्ट 32 वोटों के मार्जिन से जीते। भाजपा ने उदयपुर मेयर का चुनाव भी जीता था, जिसमें पारस सिंघवी ने कांग्रेस की पूनम कंवर को हराया था। जोधपुर जिले की मथानिया म्युनिसिपैलिटी में कांग्रेस काउंसलर वाइस-चेयरपर्सन चुनाव में वोट देने के लिए बस से पहुंचे। कांग्रेस की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा सेफ्टी का हवाला देते हुए हेलमेट पहनकर पहुंचीं। यह घटना सोमवार को चेयरपर्सन चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस वर्कर के बीच हुई झड़प के बाद हुई। स्टेट इलेक्शन कमीशन ने सीकर में खाटू श्यामजी म्युनिसिपैलिटी में चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन चुनाव के लिए रिवाइज्ड शेड्यूल जारी किया है। चेयरपर्सन का चुनाव अब 25 सितंबर को होगा, जिसके बाद 26 सितंबर को वाइस-चेयरपर्सन का चुनाव होगा। वार्ड 10 की कांग्रेस काउंसलर लक्ष्मी देवी के वोटिंग के लिए नहीं आने पर पहले का चुनाव टाल दिया गया था, जिससे वोटिंग रिकॉर्ड सील कर दिए गए थे। संबंधित चुनाव पूरे होने के बाद राजस्थान की 304 शहरी लोकल बॉडीज में आदर्श आचार संहिता हटा दी जाएगी। यह जयपुर, जोधपुर, कोटा, सुकेत और खाटू श्यामजी में लागू रहेगी, जहां चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर के चुनाव 25 सितंबर को होने हैं। दूसरी जगहों पर, जालोर म्युनिसिपल काउंसिल में कांग्रेस उम्मीदवार सैय्यद मुमताज अली ने भाजपा के मनीष परमार को 25-15 से हराकर डिप्टी चेयरपर्सन का चुनाव जीता। बाड़मेर में भाजपा पार्षदों को 13 दिन बाद उनके मोबाइल फोन वापस मिल गए, जिन्हें चुनाव के बाद की एक्टिविटी के दौरान सुरक्षित जगह पर ले जाने पर जमा कर दिया गया था। डिप्टी मेयर के नतीजे सोमवार को हुए मेयर चुनावों के बाद आए हैं, जिसमें भाजपा ने सात तय म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मेयर पदों में से छह जीते, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर जीता। भाजपा की जीत अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, पाली और उदयपुर में हुई। जयपुर, जोधपुर और कोटा में बाकी चुनाव 25 सितंबर को होंगे, जिससे राजस्थान के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन लीडरशिप की तस्वीर पूरी हो जाएगी।

अरुणाचल प्रदेश में भी पुरुषों से महिला वोटरों की संख्या ज्यादा, फाइनल वोटर लिस्ट से पता चला

ईटानगर। मणिपुर और मिजोरम के बाद अरुणाचल प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट में भी महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से ज्यादा है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि नॉर्थ-ईस्ट बॉर्डर वाले इस राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया है। फाइनल इलेक्टोरल रोल पब्लिश करते हुए चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) पवन कुमार सैन ने कहा कि 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग तारीख मानते हुए फाइनल रोल से पता चलता है कि अरुणाचल प्रदेश में अब कुल 6,96,026 रजिस्टर्ड वोटर हैं, जिनमें 3,52,315 महिलाएं, 3,43,709 पुरुष और दो थर्ड जेंडर इलेक्टर शामिल हैं। फाइनल इलेक्टोरल रोल में 6,96,026 वोटरों में से प्री-एसआईआर काउंट या ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के पब्लिश होने से पहले वोटरों की कुल संख्या से 1,91,479 वोटर कम हो गए हैं। 21 जुलाई को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के पब्लिश होने से पहले वोटरों की कुल संख्या 8,87,505 थी। अरुणाचल प्रदेश के फाइनल इलेक्टोरल रोल में जेंडर रेश्यो 1,025 है, जबकि ईसाई-बहुल मिजोरम के फाइनल इलेक्टोरल रोल में जेंडर रेश्यो 1,073 और मणिपुर के फाइनल इलेक्टोरल रोल में 1,056 है। मिजोरम और मणिपुर में एसआईआर पूरा होने के बाद फाइनल इलेक्टोरल रोल क्रम से 8 सितंबर और 6 सितंबर को पब्लिश किए गए थे। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम का जेंडर रेश्यो नेशनल एवरेज से काफी ज्यादा है, जो इन नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में महिला वोटर्स का ज्यादा अनुपात दिखाता है। अरुणाचल के सीईओ ने कहा कि 21 जुलाई 2026 को पब्लिश हुए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से कुल 8,803 वोटर शामिल किए गए हैं, जबकि 1,924 वोटर हटा दिए गए हैं। सीईओ सैन ने कहा कि जिन वोटरों के एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं मिले, उनकी लिस्ट भी पब्लिश की गई, जिसमें संभावित कारण बताए गए: एब्सेंट/अनट्रेसेबल (54,678), शिफ्टेड (78,980), डेथ (25,573), डुप्लीकेट (4,947), और दूसरे (5,281)। उन्होंने कहा कि 14 मई को चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद अरुणाचल प्रदेश में इलेक्टोरल रोल की एसआईआर प्रक्रिया 5 जून से शुरू हुई और ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 21 जुलाई को पब्लिश किए गए, जिसमें कुल 7,18,046 वोटर थे, जिनमें 3,64,079 महिला वोटर थीं।

एशियन गेम्स: जुगराज का ‘चौका’, अभिषेक की ‘हैट्रिक’, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने श्रीलंका को 16-1 से रौंदा

काकामिगाहारा। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने ‘पूल-ए’ के मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ 16-1 से शानदार जीत दर्ज की। यह मुकाबला मंगलवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेला गया। इससे पहले, भारत ने शुरुआती मैच में इंडोनेशिया पर 13-1 से जीत हासिल की थी। मंगलवार को भारत की तरफ से जुगराज सिंह ने चार गोल दागे, जबकि अभिषेक ने हैट्रिक पूरी की। भारत ने लगभग तुरंत ही खेल पर नियंत्रण बना लिया और 5वें मिनट में खाता खोला। जरमनप्रीत सिंह ने सर्कल में एक खतरनाक गेंद भेजी, जिसे मनदीप सिंह तक पहुंचाया गया और उन्होंने नेट में डाल दिया। इसके बाद, जुगराज ने 10वें मिनट में एक शक्तिशाली स्ट्राइक के साथ पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर बढ़त दोगुनी कर दी। एक मिनट बाद अभिषेक ने स्कोर 3-0 कर दिया। इससे पहले जरमन ने बेसलाइन पर हरमनप्रीत सिंह की लंबी गेंद को पकड़ा और गोल किया। हरमनप्रीत ने 15वें मिनट में शुरुआती पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोरिंग में अपना योगदान दिया, और दो मिनट बाद अभिषेक ने फिर से गोल दागकर भारत को पांच गोल की बढ़त दिला दी। जुगराज ने 22वें मिनट में एक और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल दागा। सुखजीत सिंह ने 29वें मिनट में स्कोरिंग की गति को फिर से बढ़ाया; हरमनप्रीत के ड्रैग-फ्लिक के डिफ्लेक्ट होने और हार्दिक सिंह द्वारा गेंद को वापस डेंजर एरिया में लाने के बाद उन्होंने खाली नेट में गेंद को टैप किया। इसके बाद दूसरे क्वार्टर के खत्म होने से पहले दिलप्रीत सिंह ने स्कोर 8-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में गोलों की झड़ी लग गई। मनप्रीत सिंह ने 31वें मिनट में एक शक्तिशाली ड्रैग-फ्लिक से गोल किया, और पांच मिनट बाद विवेक प्रसाद ने बैकहैंड शॉट से गोल दागा। सुखजीत के साथ तालमेल बिठाते हुए दिलप्रीत ने 38वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया, जबकि जुगराज ने 42वें मिनट में पेनाल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की। भारत को लगातार तीसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिलने के बाद हरमनप्रीत ने 44वें मिनट में फिर से गोल किया, जिससे तीसरे क्वार्टर के आखिर में स्कोर 13-0 हो गया। आखिरी क्वार्टर की शुरुआत में ही अभिषेक ने अपनी हैट्रिक पूरी की और 49वें मिनट में भारत का 14वां गोल किया। कुछ देर बाद श्रीलंका को आखिरकार एकमात्र सफलता मिली। सुरेश रत्नायके ने शानदार ‘टोमाहॉक’ शॉट से स्कोर 14-1 कर दिया। भारत ने तुरंत जवाब दिया। जुगराज ने 53वें मिनट में एक और पेनाल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अपने चार गोल पूरे किए; इसके दो मिनट बाद मनदीप के शानदार स्टिक-वर्क की मदद से दिलप्रीत ने अपना तीसरा गोल किया। भारत ने बिना किसी और परेशानी के आखिरी मिनट निकाले और पूल-ए में लगातार दूसरी जीत दर्ज की।

अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत कड़े शब्दों में निंदा करता है : रणधीर जायसवाल

नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान के पक्तिका और कुनार पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में भारत का पक्ष रखा। रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, “पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उस हिंसा में कई आम लोगों की जान गई, हमारी उनके साथ संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं, जो घायल हैं उनके लिए कामना है कि वो जल्द ठीक हो जाए। ऐसी आक्रामकता क्षेत्र की अखंडता और शांति व्यवस्था के खिलाफ है। हम अफगानिस्तान के साथ हैं। पाकिस्तान को अपने कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। इससे पहले की दुनिया उससे इसे लेकर सवाल पूछे।” सोमवार (21 सितंबर) को अफगान‍िस्‍तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाक‍िस्‍तानी हवाई हमले किए थे। जिसमें तालिबान सरकार के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई थी। एयर स्ट्राइक की निंदा करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी थी क‍ि इन हमलों का ‘उचित जवाब’ दिया जाएगा। मुजाहिद के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। जहां पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए थे। वहीं, पक्तिका हवाई हमले में एक स्थानीय दुकान और एक घर को निशाना बनाया गया। मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अपने देश के अंदर सुरक्षा से जुड़ी नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान में हमले कर रहा है। मुजाहिद ने ‘एक्‍स’ पोस्ट में कहा, “हम इस हमले की निंदा करते हैं और इसे पहले किए गए अपराधों की एक और कड़ी मानते हैं। पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अपने देश की अंदरूनी सुरक्षा नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। अफगान इस हमले का उचित जवाब देगा।” ये ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं, जब पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई बार गोलीबारी हो चुकी है और आम नागरिकों के हताहत होने को लेकर चिंता भी बढ़ी है। पाकिस्तान बार-बार तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह हथियारबंद समूहों, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगान जमीन से गतिविधियां चलाने से रोकने में नाकाम रहा है। हालांकि, अफगान अधिकारी इस आरोप को खारिज करते रहे हैं। ‘संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान’ (यूनामा) ने 28 जुलाई को कहा था कि 1 अप्रैल से 30 जून के बीच अफगानिस्तान में सीमा पार से हुई हथियारबंद हिंसा में 57 लोगों की मौत हुई और 342 अन्य घायल हुए। अपनी रिपोर्ट में यूनामा ने कहा कि हवाई हमले और जमीन पर हुई लड़ाई आम नागरिकों के हताहत होने की मुख्य वजह थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान सीमा पार से हुई हिंसा में दर्ज सभी नागरिक हताहतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया।

भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में सहयोग के नए रास्ते खोलती है: डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत अनुसंधान जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोल रही है। यह बयान यूरोपीय संसद की उद्योग, अनुसंधान एवं ऊर्जा समिति (आईटीआरई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान आया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑस्ट्रिया की एंजेलिका विनजिग और यूरोपीय संसद सदस्य राफेले स्टांकानेली ने किया। बैठक में प्रस्तावित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के कार्यान्वयन, वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करने और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस दौरान, मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी पारस्परिक हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं रखती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार दोनों पक्षों के संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित एफटीए पर शीघ्र हस्ताक्षर और उसका प्रभावी क्रियान्वयन दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यवसायों, उपभोक्ताओं और कुशल पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा करेगा तथा भारत-ईयू संबंधों को नई गति देगा। यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से एंजेलिका विनजिग ने भारत को यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत की औद्योगिक और प्रौद्योगिकी नीतियों को बेहतर तरीके से समझना तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है। उन्होंने औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने और हरित तथा डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। भारत के नवाचार एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के केंद्र में हैं। उन्होंने बताया कि भारत अब उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान, तकनीक के व्यावसायीकरण और उद्योग की अधिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। मंत्री ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) और प्रस्तावित 10 अरब यूरो के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम और उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा डीप-टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देना है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने यूरोपीय संघ को एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत सामग्री, बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों, विशेषकर 6जी, में सहयोग बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि क्वांटम प्रौद्योगिकी संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास और तकनीकी इकोसिस्टम निर्माण के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है। वहीं एआई के क्षेत्र में सहयोग विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में केंद्रित हो सकता है, जहां जिम्मेदार और विश्वसनीय उपयोग सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है।