पीएम मोदी के नेतृत्व में अब दुनिया से आंख मिलाकर बात करता है सुरक्षित भारतः सीएम योगी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष’ का अवलोकन किया। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने पीएम की कर्मभूमि वाराणसी से उनकी जन्मभूमि वडनगर जाने वाली ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को झंडी दिखाकर रवाना किया। 250 बाइकों पर सवार 500 युवा इस यात्रा को पूरा करेंगे। यात्रा शुरू होने पर इन युवाओं पर पुष्पवर्षा की गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने काशी के लोकप्रिय सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने बाबा विश्वनाथ, मां गंगा व मां अन्नपूर्णा से पीएम मोदी के स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की प्रार्थना की। सीएम ने इस वर्ष को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प के 25 वर्ष 7 अक्टूबर 2026 को पूरे होने जा रहे हैं। 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने बिना रुके, झुके, डिगे ‘चरैवेति-चरैवेति’ के मंत्र के साथ इस यात्रा को बढ़ाया। तप, परिश्रम, साधना के साथ प्रधानमंत्री के रूप में उनकी गौरवशाली यात्रा का दर्शन कर देशवासी नए भारत पर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित भारत अब दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करता है। सीएम योगी ने पीएम मोदी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज से दो यात्राएं प्रारंभ हो रही है। 75 वर्ष पहले मोदी जी का जन्म गुजरात के पौराणिक गांव वडनगर में हुआ था। गुजरात की पावन नदियों के जल को लेकर 25-25 बाइक पर वहां से 10 यात्राएं चलेंगी। इसी क्रम में यूपी की 10 पावन नदियों का जल लेकर काशी से 10 यात्राएं विभिन्न मार्गों से होते हुए वडनगर को प्रस्थान करेंगी। ये यात्राएं काशी व वडनगर के महत्व को 10 राज्यों तक पहुंचाएंगी। यूपी की पवित्र नदियों का जल वडनगर में भगवान हाटकेश्वर को अर्पित होगा और गुजरात की नदियों का जल बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के प्रतीक युवा इस यात्रा के सहभागी बने हैं। 20 दिन की बाइक यात्रा में समय देने वाले युवाओं का अभिनंदन करते हुए सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को बढ़ाने वाली इस यात्रा में युवाओं को प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दूरी तय कर चार बड़े कार्यक्रमों से जुड़ना है। रोमांच से भरी इस यात्रा के जरिए युवाओं का अलग-अलग राज्यों में संवाद व सेवा के कार्यक्रमों से भी जुड़ाव होगा। आज से 7 अक्टूबर तक चलने वाली यह यात्रा हमेशा स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि आज से 75 वर्ष पहले वडनगर से भी एक यात्रा प्रारंभ हुई थी। वहां के सामान्य परिवार में जन्म लेकर भारत के प्रधानमंत्री और विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में मोदी की यात्रा देश-दुनियावासी देख रहे हैं। 25 वर्ष पहले सेवा की जो यात्रा पीएम मोदी ने गुजरात से प्रारंभ की थी, उसमें भारत का हर नागरिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहभागी रहा है। सीएम ने प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की शानदार यात्रा में आए बदलाव की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि गांव अपनी बदलती कहानी को सुनाते हुए आत्मनिर्भर हो गए हैं। आजादी के बाद दशकों तक गरीबों को आवास नहीं मिला, लेकिन पीएम मोदी ने 12 वर्ष में 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया। नारी गरिमा का जिक्र करते हुए सीएम ने परिवर्तन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय न होने के कारण नारी को अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था, किंतु आज 12 करोड़ घरों में बने शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के 25 वर्ष के सेवा संकल्प की यह यात्रा बिना किसी सिफारिश, लेनदेन के योग्यतानुसार युवाओं को नौकरी मिलने की कहानी सुनाती है। यह यात्रा 11 करोड़ परिवारों में उज्जवला योजना के तहत हर माता के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी सुना रही है। जिन गांवों ने आजादी के बाद दशकों तक बिजली नहीं देखी, अब वहां हर घर में दूधिया प्रकाश चमकता है। गांव-गांव में इंटरनेट व बैंकिंग सेवा मिल रही है। यह कहानी उस गरीब की भी है, जिसे पीएम मोदी ने अपने विजन से सामान्य परिवार के रूप में स्थापित करने के लिए स्वस्थ माहौल उपलब्ध कराया। इस यात्रा में आयुष्मान भारत के तहत वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर के कारण 60 करोड़ लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी है। सीएम ने स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा कर युवाओं के जीवन में आए परिवर्तन को बताया। उन्होंने कहा कि युवा खुद कहते हैं कि अब नौकरी के पीछे नहीं भागेंगे, बल्कि नौकरी देकर अन्य लोगों को जीवन में परिवर्तन लाएंगे। देश में इकोसिस्टम स्थापित कर करोड़ों नौजवानों के जीवन में परिवर्तन लाया गया है। कारीगरों व हस्तशिल्पियों के माध्यम से परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने में सफलता प्राप्त की है। यह यात्रा स्टैंड-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया के कारण आए परिवर्तन की कहानी को लेकर चलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कोविड काल से लगातार 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन मिल रहा है। सीएम ने इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए रोड, एयर, रेल कनेक्टिविटी, मेट्रो आदि की भी चर्चा की। कहा कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत में अनेक यूनिट स्थापित हुईं, प्रोडक्शन प्रारंभ हुआ। क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई मिशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी, और रोबोटिक्स के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया अब शक की निगाहों से नहीं देखती, बल्कि यहां की अर्थव्यवस्था टॉप-4 इकॉनमी में खड़ी है। नया भारत विरासत का भी सम्मान करता है। पहली बार भारत में विरासत व विकास का अद्भुत समन्वय दिख रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, 500 वर्ष बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का विराजमान होना, विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर, 2019 का कुंभ व 2025 का प्रयागराज महाकुंभ, बद्रीनाथ धाम, केदारपुरी व महाकाल

टाटा संस ने एन. चंद्रशेखरन के चेयरमैन के रूप में अगले 5 साल की पुनः नियुक्ति की पुष्टि की

मुंबई। टाटा संस ने गुरुवार को घोषणा की कि एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से चेयरमैन नियुक्त किया जाएगा। यह फैसला उनके पहले लिए गए उस निर्णय से अलग है, जिसमें उन्होंने अपने मौजूदा कार्यकाल के समाप्त होने के बाद विस्तार नहीं लेने की बात कही थी। पिछले महीने चंद्रशेखरन ने कहा था कि फरवरी में उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। उस समय टाटा संस बोर्ड उनके कार्यकाल के विस्तार पर सहमति नहीं बना पाया था। हालांकि, गुरुवार को जारी बयान में टाटा संस ने कहा कि चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध पर अपने फैसले पर पुनर्विचार किया है और मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। टाटा संस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “बोर्ड को 28 जुलाई, 2025 को टाटा ट्रस्ट्स का सर्वसम्मत प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिसमें 2017 से समूह का नेतृत्व करने के लिए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की सराहना की गई थी। उनके योगदान को देखते हुए टाटा ट्रस्ट्स ने सिफारिश की थी कि मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें पांच वर्षों के लिए फिर से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया जाए।” बयान के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने अपने पहले के फैसले पर पुनर्विचार करने के बोर्ड के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद बोर्ड ने बहुमत से उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए फिर से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया। इस घटनाक्रम के बाद टाटा समूह के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है। इससे पहले गुरुवार को ही टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने, जो टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख शेयरधारक संस्थान का नेतृत्व करते हैं, इस पुनर्नियुक्ति को ‘अवैध’ बताया था। इस घोषणा का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। निवेशकों ने टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी की। चंद्रशेखरन को नया पांच वर्षीय कार्यकाल मिलने और टाटा संस के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बढ़ने के संकेतों के बाद गुरुवार दोपहर टाटा समूह की कई कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया। कुछ टाटा समूह के शेयरों में 14 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।

नेपाल और भारत ने बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण से लेकर व्यापार और कनेक्टिविटी पर की चर्चा, आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली। नेपाल और भारत ने विकास सहयोग को लेकर गुरुवार को व्यापक चर्चा की, जिसमें बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही आर्थिक साझेदारी को और मजबूत एवं व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता जताई। वित्त मंत्रालय ने एक एक्स पोस्ट में बताया कि केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को नई दिल्ली में नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों मंत्रियों ने बाढ़ के असर और नेपाल में पुनर्निर्माण व पुनर्वास से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। पोस्ट में मंत्रालय ने बताया कि वित्त मंत्री सीतारमण ने नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ में हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की और नेपाल के उबरने और पुनर्निर्माण के प्रयासों में भारत के निरंतर समर्थन का भरोसा दिलाया। वहीं, डॉ. वागले ने भारत के समर्थन के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का धन्यवाद किया और भारत द्वारा दी गई मदद की सराहना की, जिसमें राहत सामग्री और बचाव व राहत कार्यों के लिए तकनीकी सहायता शामिल थी। बातचीत में विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी बेहतर करने की पहलों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। बैठक में अन्य उन क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श किया गया, जो दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही आर्थिक साझेदारी को और मजबूत तथा व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नेपाल दूतावास ने भी एक पोस्ट में कहा, “नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आज नई दिल्ली में भारत की वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ आधिकारिक द्विपक्षीय बैठक की।” दूतावास ने आगे कहा कि दोनों मंत्रियों ने विकास सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और आपसी हितों के अन्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि भारत और नेपाल के बीच आर्थिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सके। नेपाल के वित्त मंत्री भारत सरकार के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली आए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नेपाल हाल की प्राकृतिक आपदाओं से हुए आर्थिक नुकसान का आकलन कर रहा है और पुनर्निर्माण की योजनाएं तैयार कर रहा है। यह द्विपक्षीय वार्ता ऐसे समय हुई है जब भारत और नेपाल आर्थिक एवं विकास सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के संबंधों में कनेक्टिविटी, ऊर्जा और व्यापार महत्वपूर्ण स्तंभ बने हुए हैं।

तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज, ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी को आयोग से झटका, 18 सितंबर तक मांगा विकल्प

नई दिल्ली। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) पर दावे को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा अंतरिम फैसला सुनाते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह दोनों को फ्रीज कर दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि न तो ममता बनर्जी गुट और न ही अरूप रॉय गुट फिलहाल ‘एआईटीएमसी’ नाम का अकेले इस्तेमाल कर सकेगा। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों गुटों को पार्टी के मूल नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘फूल-घास’ के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि दोनों गुट अपने-अपने लिए अलग नाम चुन सकते हैं। यदि वे चाहें तो अपने नाम के साथ मूल पार्टी ‘एआईटीएमसी’ से संबंध का उल्लेख भी कर सकते हैं। साथ ही दोनों गुटों को चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित मुक्त चुनाव चिन्हों (फ्री सिंबल्स) की सूची में से अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि दोनों गुट 18 सितंबर की सुबह 11 बजे तक अपने नए नाम और पसंदीदा चुनाव चिन्हों के विकल्प आयोग को उपलब्ध कराएं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने गुरुवार को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात कर अंतिम दौर की सुनवाई की। पार्टी से बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधियों को दोपहर 3 बजे बुलाया गया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की सुनवाई शाम 4 बजे हुई। इससे पहले 12 सितंबर को भी आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी थीं। हालांकि उस समय कोई फैसला नहीं लिया गया था और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए थे। उन्हीं दस्तावेजों और अंतिम दलीलों के आधार पर आयोग ने अब यह अंतरिम निर्णय लिया है। तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर दोनों गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बता रहे हैं और पार्टी के संगठन तथा चुनाव चिन्ह पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब आगामी उपचुनावों में दोनों गुट अलग-अलग नाम और अलग-अलग चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरेंगे। फिलहाल आयोग के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों गुट नए नाम और चुनाव चिन्ह के रूप में क्या विकल्प चुनते हैं?

सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है, जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं: अभिषेक शर्मा

नई दिल्ली। भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच तूफानी शतक लगाया। अभिषेक ने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन कूटे। 26 वर्षीय बल्लेबाज का मानना है कि टॉप ऑर्डर में उनकी जबरदस्त फॉर्म, गेंदबाजों के हिसाब से की गई बारीकी से तैयारी का नतीजा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि एक या दो खराब सीरीज से टीम की आक्रामक बल्लेबाजी शैली में कोई बदलाव नहीं आएगा। अभिषेक ने गुरुवार को 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज टी20 अर्धशतक और ‘फुल मेंबर’ देश के बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है, उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीतने (जिसमें 127 रनों की बड़ी जीत भी शामिल थी) में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ दोनों चुना गया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अभिषेक ने कहा, “सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं। मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूं और कौन-से गेंदबाज होंगे। इसलिए, एक बल्लेबाज के तौर पर मेरे लिए हमेशा प्रक्रिया ही अहम रही है। मैं पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करूंगा, पावरप्ले में मुझे कौन गेंदबाजी करेगा, और फिर सातवें या आठवें ओवर में क्या होगा? ये चीजें मेरे लिए बहुत खास होती हैं।” कभी-कभी मिलने वाली हार या खराब प्रदर्शन की चिंताओं को दरकिनार करते हुए, अभिषेक ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों में विरोधियों पर हावी होने के अपने लंबे समय के लक्ष्य को लेकर एकजुट है। उन्होंने कहा, “हम बीते 2 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। एक या दो खराब सीरीज से बैटिंग यूनिट के तौर पर हमारी पहचान तय नहीं होगी, क्योंकि हम वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल दबदबा बनाए रखना चाहते थे, चाहे हम किसी के भी खिलाफ खेल रहे हों, लेकिन मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज और क्रिकेटर के तौर पर, कभी-कभी उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और हम सब जिस तरह से सोचते हैं, वह मायने रखता है। मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि उस समय हमें एक साथ मिलकर सिर्फ अगले गेम पर ध्यान देना होता है और अपना दबदबा बनाए रखना होता है।” टीम मैनेजमेंट से मिली स्पष्टता और आजादी का श्रेय देते हुए, अभिषेक ने हाई-रिस्क वाले खेल को लगातार जारी रखने के लिए टीम लीडरशिप से साफ बातचीत के महत्व पर उन्होंने कहा, “जब आप किसी खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो यह बहुत जरूरी है कि कप्तान और कोच आपके साथ हों, क्योंकि आपको मैनेजमेंट, कोच और कप्तान से भी भरोसा मिलना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हीं की वजह से हम कई वर्षों से ऐसा कर रहे हैं, और उम्मीद है कि हम इसे आगे भी जारी रखेंगे।” मैदान के हर कोने में रन बनाने की अपनी काबिलियत पर अभिषेक ने कहा, “मेरे लिए, मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी खास एरिया तक सीमित रहना चाहिए। बस गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो। मेरे लिए यह पहले दिन से ही बहुत आसान रहा है। मैं बस जाकर खुलकर खेलना चाहता हूं, और गेंद पर जबरदस्ती शॉट नहीं मारना चाहता। मैं बस गेंद को देखकर उस पर शॉट मारना चाहता हूं, और आने वाले सभी मुकाबलों में भी मेरे लिए यही आसान तरीका रहेगा, लेकिन आप हमेशा यह नहीं कह सकते कि आप बहुत अच्छा ही खेलेंगे। हमारी टीम में जो संस्कृति बन रहा है, उसमें हमें दबदबा बनाना है और पावरप्ले का फायदा उठाना है, इसलिए सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है।

यूजीसी-नेट जून 2026 की फाइनल आंसर-की जारी, एनटीए ने दी जानकारी

नई दिल्ली। यूजीसी-नेट जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है। इन विषयों की पुनर्परीक्षा 9 और 10 सितंबर को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी संबंधित फाइनल आंसर-की जाकर देख सकते हैं। एनटीए ने एक बयान जारी कर बताया कि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई है, जिसे वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को आयोजित की गई थी। इंग्लिश का पेपर पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि कॉमर्स का पेपर दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक हुआ था। वहीं, सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में कई गलतियां होने की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। समिति की सिफारिश के बाद एनटीए ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला किया था। पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया था। साथ ही एनटीए ने स्पष्ट किया था कि इससे सीटों की संख्या पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा कुल 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी में शिकायतें सामने आने के बाद इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया, जबकि अन्य 84 विषयों की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रखी गई। यूजीसी-नेट परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता, पीएचडी में प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करने के उद्देश्य से किया जाता है। अब इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की फाइनल आंसर-की उपलब्ध होने के बाद उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकते हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर और भूटान के राजा ने थिम्पू के ताशिचो द्जोंग में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया

थिम्पू। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ थिम्पू के प्रतिष्ठित ताशिचो जोंग में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ताशिचो जोंग में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की गरिमामयी उपस्थिति में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया गया। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के समर्पित जनसेवा को सम्मान दिया, जिसने दुनियाभर में अनगिनत जिंदगियों पर प्रभाव डाला है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भूटान के विदेश मंत्री डीएन धुंग्येल, भूटान में भारत के मित्र और भारतीय समुदाय के लोग भी शामिल हुए।” इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री तोबगे के साथ अपनी बैठक के दौरान हिमालयी देश को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे। विदेश मंत्री जयशंकर ने पीएम तोबगे को पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं और भूटान की प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मिलकर खुशी हुई। पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हमारी दोस्ती और सहयोग के अनोखे संबंधों के लिए उनकी भावनाओं की गहराई से कद्र करता हूं। भारत भूटान की प्रगति और समृद्धि के लिए मजबूती से प्रतिबद्ध है।” वहीं, भूटान को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन सौंपते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत ई-मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का समर्थन कर रहा है। इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष ल्योनपो डी एन धुंग्येल ने मोंगर में 65 बेड वाले ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण, विशेष मातृ एवं शिशु देखभाल तक पहुंच को मजबूत करेगी।

दुनिया संकट में भी भारत सुरक्षित: मुख्तार अब्बास नकवी

रामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भारतीय जनता पार्टी सेवा दिवस के रूप में मना रही है। इस मौके पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पीएम मोदी के 25 साल के सुशासन के सफर को कांटों का ताज बताया तो वहीं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने अमृतसर में दिव्यांग बच्चों के साथ खास अंदाज में जश्न मनाया, जहां नेत्रहीन बच्चों ने दीये जलाकर पीएम को बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को हम सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने चाहे बाहरी मुश्किलों का सामना किया हो या अंदरूनी चुनौतियों का, उन पर जीत हासिल की है और गवर्नेंस और सबको साथ लेकर चलने वाले एम्पावरमेंट के ग्लोबल ब्रांड के तौर पर उभरे हैं।” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के सुशासन और समावेशी सशक्तिकरण का वैश्विक ब्रांड संयोग से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी पसंद का नतीजा है। ये उनकी तपस्या और परिश्रम का परिणाम भी है। आज पूरी दुनिया संकट और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। युद्ध की विभीषिका को झेल रही है, ऐसे हालात में भी भारत और इसकी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की शक्ति का नतीजा है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 25 साल उनके सुशासन के रहे हैं। उनके सुशासन का सफल सफर फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज रहा है। जितना वो राजनीतिक असहिष्णुता के शिकार रहे हैं, उतना कोई भी नहीं रहा है। इसलिए पीएम मोदी का वैश्विक ब्रांड सुशासन, स्थिरता और बदलाव का बना है। वो देश जो भारत को फूटी आंख भी नहीं देखते थे, वो भी इस बात को कहने लगे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात को साबित कर दिया कि लोकतंत्र सबकुछ कर सकता है। भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा, “आज अमृतसर में नेत्रहीन बच्चों के स्कूल में, दिव्यांग बच्चों ने दीये जलाकर प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी, आपने हमें ‘दिव्यांग’ शब्द दिया, आपने हमें सम्मान दिया। आपने देश का नाम रोशन किया है और देश की तरक्की में मदद की है। ये बच्चे, जो देख नहीं सकते, प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद देने के लिए दीये जला रहे हैं। मैं बहुत भावुक हूं। जो देख नहीं सकते, वे भी दीये जला रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दे रहे हैं।

पासपोर्ट पर नया नियम लागू : 15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट अब 5 साल तक रहेगा वैध

नई दिल्ली। 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी होने वाले साधारण भारतीय पासपोर्ट अब पांच साल या बच्चे के 18 साल का होने तक, जो भी पहले हो, तक वैध रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए नियमों के तहत यह बदलाव किया गया है। पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026, गुरुवार को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जो पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधित करता है। संशोधित नियम 12(1ए) के तहत, 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों वाला साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि तक, या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा। 15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी संशोधन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आवेदन की प्रत्येक श्रेणी के लिए देय शुल्क नियमों की अनुसूची IV में निर्दिष्ट के अनुसार होगा। संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की थी। बढ़ा हुआ शुल्क नए पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण, तत्काल सेवाओं, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नए पासपोर्ट, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) और अन्य पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं पर लागू है। आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के पुनः जारी आवेदनों पर लागू नहीं होगी। वयस्कों के मामले में, 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या नवीनीकरण के लिए सामान्य आवेदन पर शुल्क मौजूदा 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों वाले पासपोर्ट (वयस्क, सामान्य) के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के लिए शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस श्रेणी में 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए शुल्क 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए शुल्क 5,500 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दिया गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट सेवाएं महंगी हो गई हैं। नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दिया। तत्काल श्रेणी में नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 3,000 रुपये से 4,250 रुपये किया गया।

अहमदाबाद में गणेशोत्सव की महाआरती में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह, बची राशि गर्भवती महिलाओं के कल्याण पर होगी खर्च

अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद में आयोजित ‘वस्त्रापुर ना महागणपति’ गणेशोत्सव की महाआरती में हिस्सा लिया। यहां काशी के घाटों की थीम पर बनाए गए पंडाल में भगवान गणेश की आठ फुट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की गई है। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वस्त्रापुर झील के पास बनाए गए पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन किए और नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। दोनों नेताओं ने महाआरती में भी हिस्सा लिया और गणेशोत्सव के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस गणेशोत्सव का आयोजन सरदार पटेल सेवादल की ओर से पिछले 41 वर्षों से वस्त्रापुर झील के पास किया जा रहा है। हर साल यहां अलग-अलग थीम और सजावट के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। बड़ी संख्या में अहमदाबाद के लोग उत्सव में शामिल होते हैं। आयोजकों के अनुसार, गणेशोत्सव के बाद बचने वाली राशि का इस्तेमाल ‘रिद्धि-सिद्धि गर्भवती महिला योजना’ के लिए किया जाता है। इस पहल के तहत अब तक गर्भवती महिलाओं को 15 हजार से अधिक पौष्टिक आहार किट वितरित की जा चुकी हैं। इस सहायता पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह और भूपेंद्र पटेल ने काशी घाट की थीम पर तैयार किए गए पंडाल और उसकी सजावट की सराहना भी की। इस दौरान अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, शहर भाजपा अध्यक्ष प्रेरक शाह, नगर निगम जल समिति के अध्यक्ष धरमशी देसाई समेत अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने मेमनगर के तरुण नगर-2 स्थित गणेश पंडाल में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पंडाल की थीम, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना की। पंडाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके चेहरे की विशेष रंगोली बनाई गई थी। इसके साथ ही दीप जलाकर भी जन्मदिन मनाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी की रंगोली को देखा और इसकी प्रशंसा की। उन्होंने गणेश दर्शन के लिए पहुंचे लोगों का अभिवादन किया और बच्चों से भी बातचीत की। मेमनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, शहर भाजपा अध्यक्ष प्रेरक शाह सहित कई सामाजिक और राजनीतिक नेता भी मौजूद रहे।