भगवान श्री गणेश सभी के जीवन में सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार करें: राष्ट्रपति मुर्मु

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने भी देशवासियों के विघ्न दूर करने की कामना भगवान गणेश से की है। राष्ट्रपति ने जारी संदेश में कहा, “गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मैं देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। भगवान श्री गणेश बुद्धि, विवेक, समृद्धि और शुभारंभ के प्रतीक हैं। गणेश चतुर्थी का उत्सव हमारे जीवन में ऊर्जा, ज्ञान और सकारात्मकता का संचार करता है। यह पावन पर्व हमें जीवन में नए संकल्पों के साथ प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करता है।” राष्ट्रपति ने आगे कहा, “मैं मंगलकामना करती हूं कि भगवान श्री गणेश सभी के जीवन में सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार करें। हम सब राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।” उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पोस्ट में कहा, “गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान गणेश, जो विघ्नहर्ता और ज्ञान के प्रतीक हैं, सभी को शांति, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दें और हमें विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ हर बाधा को पार करने की प्रेरणा दें।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश जी की आराधना के पावन पर्व गणेश चतुर्थी की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान गणेश जी ज्ञान, विवेक, समृद्धि और शुभारंभ के प्रतीक हैं। यह पावन पर्व हमें अपनी सनातन संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा समाज में एकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। विघ्नहर्ता श्री गणेश जी से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन से विघ्नों को दूर करें और देश को सुख, शांति, समृद्धि एवं प्रगति का आशीर्वाद प्रदान करें। गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!” लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट किया, “विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश जी की आराधना के पावन पर्व गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री गणेश जी से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन से विघ्न-बाधाएं दूर कर सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करें। उनका आशीर्वाद राष्ट्र की प्रगति और जनकल्याण के हमारे संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करे। आइए, इस पावन अवसर पर हम ज्ञान, विवेक और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लें। प्रथम पूज्य गजानन से विश्व बंधुत्व के भाव से सभी के शुभ-लाभ की कामना गणपति बप्पा मोरया!

जो हमारे देश के खिलाफ काम कर रहा है, उससे हम ट्रॉफी नहीं ले सकते : बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया

दुबई। भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिला एशिया कप 2026 के खिताब को अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत एंड कंपनी ने श्रीलंका को 72 रनों से रौंदा। हालांकि, एक बार फिर टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से साफतौर पर इनकार कर दिया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में बताया कि पुरुष टीम की तरह ही महिला टीम ने भी मोहसिन से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “एशिया कप में ट्रॉफी एक विवादित मुद्दा है। हमारी पुरुष टीम ने एशिया कप जीता था। हालांकि, अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। इसके बाद देश के नागरिकों का हम पर दबाव था कि हमें पड़ोसी देश के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए और न ही उनके साथ क्रिकेट खेलना चाहिए। मगर हमारी सरकार की नीति है कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हमें हर देश के खिलाफ खेलना ही होगा। इसी पॉलिसी को फॉलो करते हुए हम मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हर टीम के खिलाफ खेल रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इसी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई हर मल्टीनेशनल टूर्नामेंट के लिए अपनी टीम भेज रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हम सारी कंडिशंस मान लेंगे। जिस देश के साथ हमारे रिश्ते पहले से खराब हैं और अप्रैल 2025 से और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं, इसके साथ ही जिस देश के साथ अभी भी हमारा ऑपरेशन चालू है उस देश के मुख्य लीडर में से एक, जो हमारे देश के खिलाफ काम कर रहा है, उससे हम ट्रॉफी नहीं ले सकते हैं। डेढ़ साल पहले भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप का खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। इसी को जारी रखते हुए हमारी महिला टीम ने भी मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला किया।” बीसीसीआई सचिव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त खेल दिखाया और सभी मैच एकतरफा अंदाज में जीते। देवजीत सैकिया ने कहा कि उन्हें टीम के प्रदर्शन पर गर्व है और देश में महिला क्रिकेट काफी तेजी से उभर रहा है। फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन स्कोरबोर्ड पर लगाए। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन बनाकर ऑलआउट हुई।

गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को बंद रहेंगे शेयर बाजार, मंगलवार को फिर शुरू होगा कारोबार

मुंबई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आज सोमवार, 14 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई और एनएसई, दोनों पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। इसके बाद बाजार मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को फिर से खुलेगा। शेयर बाजार अवकाश सूची के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी पर्व के चलते बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी। इस दौरान इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, एनडीएस-आरएसटी और ट्राई-पार्टी रेपो से जुड़े लेनदेन भी स्थगित रहेंगे। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (ईजीआर) सेगमेंट में आंशिक कारोबार होगा। इन बाजारों में सुबह का सत्र बंद रहेगा और शाम 5:00 बजे के बाद ट्रेडिंग फिर शुरू होगी। यानी कमोडिटी बाजार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। सितंबर 2026 में शेयर बाजार के लिए केवल एक ही अवकाश निर्धारित है और वह 14 सितंबर (सोमवार) को गणेश चतुर्थी का अवकाश है। गणेश चतुर्थी के बाद वर्ष 2026 में शेयर बाजार निम्नलिखित अवसरों पर बंद रहेंगे। इनमें 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – महात्मा गांधी जयंती, 20 अक्टूबर (मंगलवार) – दशहरा, 10 नवंबर (मंगलवार) – दिवाली बलिप्रतिपदा, 24 नवंबर (मंगलवार) – प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव और 25 दिसंबर (शुक्रवार) – क्रिसमस शामिल है। अवकाश से पहले समाप्त हुए सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 में 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज हुई और यह 23,398 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स करीब 2.27 प्रतिशत फिसलकर 74,781 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बाजार पर दबाव के प्रमुख कारण रहे। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इसी समय गणेश स्थापना और पूजा को सबसे शुभ माना जाता है। इस प्रकार निवेशकों को अब अगले कारोबारी सत्र के लिए 15 सितंबर (मंगलवार) तक इंतजार करना होगा, जबकि कमोडिटी बाजार में शाम के सत्र में सीमित कारोबार जारी रहेगा।

राजस्थान निकाय चुनाव : अलवर समेत कई शहरों में नतीजे जारी, कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर

जयपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव 2026 की मतगणना के दौरान अलग-अलग नगर परिषद और नगर पालिकाओं से लगातार नतीजे सामने आ रहे हैं। अलवर नगर निगम से लेकर सीकर, जैसलमेर, पोखरण, चौमूं, टोंक, जोधपुर और खाजूवाला तक कई वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। कई सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है जबकि कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। अलवर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से सुमन अजय अग्रवाल ने जीत दर्ज की है। उनके समर्थकों में जीत के बाद उत्साह का माहौल है। वहीं वार्ड नंबर 9 से निर्दलीय प्रत्याशी लव कुमार विजयी हुए हैं। वार्ड नंबर 5 से कांग्रेस प्रत्याशी केशव कुमार सारवान ने चुनाव जीता है जबकि वार्ड नंबर 10 से भाजपा की कविता कुमारी विजयी हुई हैं। वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश कुमार सारवान ने जीत दर्ज की है। वार्ड नंबर 8 से निर्दलीय प्रत्याशी गणेश कुमार ने भी बाजी मारी है। वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस प्रत्याशी नारायण साहिवाल लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। वार्ड नंबर 14 को लेकर भी परिणाम सामने आया है, जहां भाजपा प्रत्याशी रामानुज ने जीत दर्ज की है। इससे पहले इसी वार्ड से भारत कुमार जांगिड़ के आगे चलने की जानकारी सामने आई थी। कुछ वार्डों में अभी मुकाबला जारी है। वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय प्रत्याशी मधु सोनी, वार्ड नंबर 16 से भाजपा प्रत्याशी गोविंद कुकरेजा, वार्ड नंबर 15 से पुष्पा कुमारी, वार्ड नंबर 1 से भाजपा के पंकज शर्मा, वार्ड नंबर 3 से मदन राठौड़ और वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति के आगे चलने की जानकारी है। अलवर में वार्ड नंबर 7 से विजयी सुमन अजय अग्रवाल को अगली महापौर के संभावित चेहरे के तौर पर भी बताया जा रहा है। हालांकि महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी। बीकानेर जिले की खाजूवाला नगरपालिका से भी भाजपा के पक्ष में बढ़त की खबर है। अब तक भाजपा ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के खाते में 8 सीटें आई हैं। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। मतगणना आगे बढ़ने के साथ खाजूवाला में राजनीतिक तस्वीर लगातार साफ होती जा रही है और फिलहाल भाजपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।

ब्रिक्स की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी की सराहना की

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पोस्ट में कहा, “मुझे खुशी है कि भारत ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की और दुनिया की कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को ऐसे समय में एक साथ लाया जब दुनिया में बड़े बदलाव हो रहे हैं। नई दिल्ली घोषणापत्र में मजबूत बहुपक्षीय संस्थाओं, मजबूत सप्लाई चेन, इनोवेशन, टिकाऊ विकास और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर सहयोग पर जो जोर दिया गया है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। ये ऐसे मुद्दे हैं जो आने वाले दशकों में वैश्विक विकास और समृद्धि की दिशा तय करेंगे।” सीएम नायडू ने कहा, “आज भारत एक भरोसेमंद मंच के तौर पर उभरा है, जहां अलग-अलग नजरिए वाले देश एक साथ आ सकते हैं, रचनात्मक बातचीत कर सकते हैं और आम सहमति बना सकते हैं। विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाते हुए आम सहमति बनाने की यह क्षमता, वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और रुतबे को दर्शाती है। इस ऐतिहासिक आयोजन में नेतृत्व के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करता हूं। आज, दुनिया भर में भारत की आवाज पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास और सम्मान के साथ सुनी जा रही है!” वहीं, एक दिन पहले रविवार को उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स पर जारी बयान में कहा, “भारत के लिए गर्व का ब्रिक्स 2026। नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल समापन भारत के लिए बेहद गर्व का क्षण है। ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग 50 फीसदी आबादी और 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने में इस समूह की महत्वपूर्ण भूमिका है।” पवन कल्याण ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” की थीम के तहत ब्रिक्स की अध्यक्षता का सफलतापूर्वक संचालन किया है। मैं प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, हमारे राजनयिकों, अधिकारियों और उस हर टीम को हार्दिक बधाई देता हूं, जिनकी समर्पित कोशिशों से यह शिखर सम्मेलन सफल हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “इस शिखर सम्मेलन ने आर्थिक और वित्तीय सहयोग, व्यापार, निवेश, मजबूत सप्लाई चेन और विकास वित्त के एजेंडे को मजबूत किया। साथ ही, एआई, नवाचार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में सहयोग को भी आगे बढ़ाया। इसने शांति और सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने, जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूत आवाज के लिए सामूहिक प्रयासों को भी बल दिया।” पवन कल्याण ने कहा, “ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाना इन साझा प्राथमिकताओं को सार्थक सहयोग और कार्रवाई में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर हमारे देश के बढ़ते आत्मविश्वास और रचनात्मक नेतृत्व को प्रदर्शित किया है। ब्रिक्स मजबूत साझेदारियां बनाता रहे, साझा अवसर पैदा करे और एक अधिक लचीली, समावेशी और समृद्ध दुनिया के निर्माण में योगदान दे।